<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/arunachal-news/tag-16342" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>arunachal news - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/16342/rss</link>
                <description>arunachal news RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>देश की एक ऐसी जनजाति, जिसके सूर्य-चंद्रमा ही सर्वोच्च देवता, यही लोग तय करते हैं अरुणाचल प्रदेश कि सत्ता का रास्ता </title>
                                    <description><![CDATA[न्यिशी जनजाति अरुणाचल प्रदेश की प्रमुख जनजातियों में से एक है। यह जनजाति मुख्य रूप से पापुम पारे, लोअर सुबनसिरी, कुरुंग कुमे, क्रा डाड़ी, ईस्ट कामेंग और कामले जिलों में निवास करती है। इनकी आबादी 5 लाख के करीब है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/a-tribe-of-the-country-whose-sun-and-moon-are/article-95805"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-11/6630400-sizee-(8)4.png" alt=""></a><br /><p>ईटानगर। वैसे तो हर समाज ऒर वर्ग के लोगों की अलग अलग देवी देवताओं में आस्था रहती है, लेकिन अरुणाचल प्रदेश में न्यिशी जनजाति एक ऐसी है, जिसके सूर्य-चंद्रमा ही सर्वोच्च देवता है, इन लोगो का मानना है कि मृत्यु के बाद आत्मा पूर्वजों के गाँव चली जाती है। ईटानगर स्थित जवाहरलाल नेहरू म्यूजियम में इस जाति के बारे में विस्तार से बताया गया है। इस जनजाति का अरुणाचल प्रदेश में भारी वर्चस्व है। न्यिशी  लोगों की कलात्मक क्षमता उनके उत्कृष्ट शिल्पों में स्पष्ट है, जिसमें बांस और बेंत का काम, मिट्टी के बर्तन और हाथ से बुने हुए वस्त्र शामिल हैं। पीढ़ियों से चली आ रही ये सदियों पुरानी तकनीकें जनजाति की सरलता और रचनात्मकता को दर्शाती हैं, जो पारंपरिक शिल्प कौशल में उनकी महारत को दर्शाती हैं।</p>
<p>न्यिशी जनजाति अरुणाचल प्रदेश की प्रमुख जनजातियों में से एक है। यह जनजाति मुख्य रूप से पापुम पारे, लोअर सुबनसिरी, कुरुंग कुमे, क्रा डाड़ी, ईस्ट कामेंग और कामले जिलों में निवास करती है। इनकी आबादी 5 लाख के करीब है।</p>
<p>अबोतानी" का वंशज मानते है। न्यिशी जनजाति खुद को पौराणिक पूर्वज "अबोतानी" का वंशज मानती है। इनके समाज में बहुपत्नी प्रथा आम है और संयुक्त परिवार प्रणाली प्रचलित है। इनकी पारंपरिक लकड़ी के घरों को 'पाइल हाउस' कहा जाता है, जिनमें प्रत्येक पत्नी के लिए अलग-अलग कमरे होते हैं।</p>
<p><strong>कृषि और आहार</strong><br />न्यिशी जनजाति का मुख्य व्यवसाय कृषि है। वे स्थायी और स्थानांतरित खेती दोनों करते हैं। धान इनका मुख्य खाद्य पदार्थ है। इनकी प्रमुख त्योहारों में न्योकुम यूलो और लॉंगटे शामिल हैं, जो फरवरी महीने में मनाए जाते हैं।</p>
<p><strong>कला और पहनावा</strong><br />रिक्हम पाड़ा इस जनजाति का लोकप्रिय लोकनृत्य है। न्यिशी पुरुष अपने लंबे बालों को माथे के ऊपर बाँधते हैं और इसे धातु की पिन या कांटे से सजाते हैं। पुरुष और महिलाएँ दोनों मोतियों के हार पहनना पसंद करते हैं। न्यिशी जनजाति अपनी अनूठी परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर के लिए जानी जाती है, जो उनकी पहचान को अद्वितीय बनाती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/a-tribe-of-the-country-whose-sun-and-moon-are/article-95805</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/a-tribe-of-the-country-whose-sun-and-moon-are/article-95805</guid>
                <pubDate>Mon, 25 Nov 2024 11:24:41 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-11/6630400-sizee-%288%294.png"                         length="399397"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अरुणाचल प्रदेश में भूस्खलन में 3 लोगों की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन में  एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गये। पुलिस ने यह जानकारी दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/3-peoples-killed-in-landslide-in-arunachal/article-9882"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/46546546546512.jpg" alt=""></a><br /><p>ईटानगर। अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन में  एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गये। पुलिस ने यह जानकारी दी। उसे बताया कि डी-सेक्टर में पंजाबी ढाबे के पीछे स्थित एक कच्चे मकान पर चट्टान का बड़ा हिस्सा गिर गया, जिससे तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। ईटानगर थाना प्रभारी फसांग सिमी ने कहा कि भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन में चट्टान का एक बड़ा हिस्सा एक कच्चे मकान के ऊपर आ गिरा। इसमें 3 लोगों की मौत हो गई और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।</p>
<p>बचाव दल में अग्निशमन और आपातकालीन सेवा कर्मी, स्थानीय पुलिस तथा राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) के कर्मी शामिल थे। स्थानीय लोगों और मशीनरी की मदद से दो शव बरामद किए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/3-peoples-killed-in-landslide-in-arunachal/article-9882</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/3-peoples-killed-in-landslide-in-arunachal/article-9882</guid>
                <pubDate>Mon, 16 May 2022 17:18:40 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-05/46546546546512.jpg"                         length="232649"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अरुणाचल प्रदेश में आए भूकंप के झटके</title>
                                    <description><![CDATA[अरुणाचल प्रदेश में पांगिन क्षेत्र के उत्तर में भूकंप के मध्यम झटके आए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) ने यह जानकारी दी। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 5.3 मापी गयी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/earthquake-tremors-in-arunachal/article-7940"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/earthquake--copy.jpg" alt=""></a><br /><p>ईटानगर। अरुणाचल प्रदेश में पांगिन क्षेत्र के उत्तर में भूकंप के मध्यम झटके आए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) ने यह जानकारी दी। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 5.3 मापी गयी।</p>
<p>केंद्र ने बताया कि भूकंप का केन्द्र पांगिन शहर से करीब 1,176 किमी उत्तर में 30 किमी की गहराई में स्थित था। भूकंप से किसी के जान-माल के नुकसान की कोई रिपोर्ट नहीं है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/earthquake-tremors-in-arunachal/article-7940</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/earthquake-tremors-in-arunachal/article-7940</guid>
                <pubDate>Fri, 15 Apr 2022 12:35:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-04/earthquake--copy.jpg"                         length="140472"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अरुणाचल और नागालैंड के कुछ जिले 6 माह के लिए अशांत क्षेत्र घोषित</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पूर्वोत्तर प्रदेशों नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश के कुछ जिलों के क्षेत्रों को सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम अफस्पा के तहत 6 माह के लिए अशांत क्षेत्र घोषित किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पूर्वोत्तर प्रदेशों नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश के कुछ जिलों के क्षेत्रों को सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम अफस्पा के तहत 6 माह के लिए अशांत क्षेत्र घोषित किया है। गृह मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी कर कहा कि अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड के कुछ जिलों में सुरक्षा की स्थिति की समीक्षा के बाद इन्हें सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम 1958 की धारा 3 के तहत अगले 6 महीने के लिए अशांत क्षेत्र घोषित किया गया है।</p>
<p>अधिसूचना के अनुसार नागालैंड में दीमापुर, न्यूलैंड, चूमुकेदिमा, मोन, किफिर, नोकलाक, फेक, पेरेन, जुन्हेबोटो जिलों और कोहिमा जिले के खुजामा, कोहिमा उत्तर, कोहिमा दक्षिण जुबाजा और केजोचो क्षेत्रों को 6 माह के लिए अशांत क्षेत्र घोषित किया गया है। इसी तरह अरुणाचल प्रदेश के तिरप, चांगलांग, लांगडिंग  तथा असम से लगते नामसाई जिले के कुछ क्षेत्रों को अशांत क्षेत्र घोषित किया गया है। केंद्र सरकार ने घोषणा की थी कि नागालैंड, असम और मणिपुर के कुछ क्षेत्रों में अफस्पा के तहत अशांत क्षेत्रों के दायरों में कमी करने का निर्णय लिया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/arunachal-declared-unquiet-area-under-afspa/article-7129</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/arunachal-declared-unquiet-area-under-afspa/article-7129</guid>
                <pubDate>Fri, 01 Apr 2022 11:45:17 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        