<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/badminton-hall/tag-16358" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>badminton hall - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/16358/rss</link>
                <description>badminton hall RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बजट की कमी से जूझ रहा कोटा का शाला क्रीड़ा संगम, खिलाड़ियों से शुल्क वसूली पर उठे सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[बैडमिंटन हॉल में 800 रुपये शुल्क को लेकर पारदर्शिता पर सवाल।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota%E2%80%99s-shala-krida-sangam--school-sports-centre--grapples-with-budget-crunch--fee-collection-from-players-sparks-debate/article-162178"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/budget-ki.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। खेल प्रतिभाओं के लिए पहचाने जाने वाले शहर का शाला क्रीड़ा संगम महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय (मल्टीपरपज), गुमानपुरा इन दिनों संसाधनों की कमी से जूझ रहा है। शिक्षा विभाग के अधीन संचालित इस खेल केंद्र में दस खेलों के लिए 18 प्रशिक्षक कार्यरत हैं और सुबह-शाम करीब 330 खिलाड़ी नियमित अभ्यास करने पहुंचते हैं। मैदान हैं, कोच हैं और खिलाड़ियों का जुनून भी है, लेकिन पर्याप्त बजट के अभाव में खेल व्यवस्था लगातार कमजोर होती जा रही है।</p>
<p><strong>बिजली, रखरखाव और सुरक्षा... दो लाख में आखिर कैसे चलेगा काम</strong><br />शाला क्रीड़ा संगम के प्रभारी एवं विद्यालय के उपप्रधानाचार्य का कहना है कि पूरे वर्ष के लिए मात्र दो लाख रुपये का बजट मिलता है। इसी राशि से बिजली बिल, मैदानों का रखरखाव, भवनों की मरम्मत, सफाई, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य खर्च पूरे करने पड़ते हैं। उनका कहना है कि इतनी कम राशि में गुणवत्तापूर्ण खेल सुविधाएं उपलब्ध कराना बेहद कठिन है। कई बार बजट समय पर नहीं मिलने से आवश्यक कार्य भी अटक जाते हैं। उनका कहना है कि खेल गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन बजट वर्षों से लगभग नाममात्र का ही है। ऐसे में खिलाड़ियों को बेहतर माहौल उपलब्ध कराना चुनौती बन गया है।</p>
<p><strong>बैडमिंटन हॉल पर विरोधाभासी दावे, शुल्क वसूली पर उठ रहे सवाल</strong><br />विद्यालय के प्राचार्य आशुतोष मथुरिया का कहना है कि खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार विकास कार्य किए जा रहे हैं। फुटबॉल मैदान का विकास किया जा रहा है, एथलेटिक्स ट्रैक बनाया जा रहा है तथा हॉकी और बैडमिंटन के लिए इंडोर हॉल भी तैयार किए गए हैं। दूसरी ओर प्रभारी का कहना है कि बैडमिंटन के लिए प्रशिक्षक उपलब्ध नहीं होने के कारण हॉल बंद है।</p>
<p>हालांकि स्थानीय निवासियों का दावा इससे बिल्कुल अलग है। उनका कहना है कि बैडमिंटन हॉल नियमित रूप से संचालित हो रहा है और इसकी व्यवस्था प्रभारी सुनील गुप्ता संभालते हैं। खिलाड़ियों से प्रति सदस्य 800 रुपये शुल्क लिया जाता है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि यदि शुल्क लिया जा रहा है तो वह राशि किस मद में खर्च हो रही है। जब बजट की कमी का हवाला दिया जा रहा है तो खिलाड़ियों से मिलने वाली इस आय का उपयोग कहां हो रहा है, इसे लेकर पारदर्शिता की मांग उठने लगी है।</p>
<p><strong>800 रुपये देकर खेलते हैं', खिलाड़ियों ने सुनाई अपनी बात</strong><br />बैडमिंटन खिलाड़ी रुद्रांश और निश्चित ने बताया कि वे नियमित रूप से यहां अभ्यास करने आते हैं। उनके अनुसार प्रत्येक सदस्य से 800 रुपये लिए जाते हैं और प्रतिदिन करीब एक घंटे का समय खेलने के लिए दिया जाता है। खिलाड़ियों का कहना है कि यदि शुल्क लिया जा रहा है तो उसके अनुरूप सुविधाएं भी मिलनी चाहिए। वहीं कई खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों का कहना है कि विद्यालय प्रशासन यदि खेल परिसरों की देखरेख पर थोड़ा और ध्यान दे तो सीमित संसाधनों में भी काफी सुधार संभव है। उनका मानना है कि सबसे पहले सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए, ताकि खिलाड़ी बिना किसी डर और असुविधा के अभ्यास कर सकें।</p>
<p><strong>तीन साल से जंगल बना कबड्डी मैदान, खिलाड़ी बोले—ऐसे कैसे बनेंगे चैंपियन</strong><br />कबड्डी खिलाड़ियों की पीड़ा भी कम नहीं है। एक खिलाड़ी ने बताया कि पिछले तीन वर्षों से कबड्डी का मैदान उपेक्षा का शिकार है। मैदान में झाड़ियां और घास उग चुकी हैं, जिससे वहां नियमित अभ्यास करना मुश्किल हो गया है। खिलाड़ियों का कहना है कि प्रशिक्षक मैदान ठीक कराने की बात कहते हैं, जबकि प्रभारी बजट की कमी का हवाला देते हैं। इस खींचतान का सबसे ज्यादा नुकसान खिलाड़ियों को उठाना पड़ रहा है।</p>
<p>स्थानीय खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों का कहना है कि शहर से अच्छे खिलाड़ी निकलें, यह हर किसी की इच्छा है। लेकिन इसके लिए केवल बड़े दावे पर्याप्त नहीं हैं। खेल मैदानों का रखरखाव, पर्याप्त बजट, मजबूत सुरक्षा व्यवस्था, प्रशिक्षकों की उपलब्धता और पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था भी उतनी ही जरूरी है। यदि समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो खेल प्रतिभाएं सुविधाओं के अभाव में दम तोड़ती रहेंगी। वहीं यदि प्रशासन गंभीरता से पहल करे तो यही शाला क्रीड़ा संगम भविष्य में हाड़ौती के खेल मानचित्र पर नई पहचान बना सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota%E2%80%99s-shala-krida-sangam--school-sports-centre--grapples-with-budget-crunch--fee-collection-from-players-sparks-debate/article-162178</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota%E2%80%99s-shala-krida-sangam--school-sports-centre--grapples-with-budget-crunch--fee-collection-from-players-sparks-debate/article-162178</guid>
                <pubDate>Thu, 06 Aug 2026 14:57:55 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-08/budget-ki.png"                         length="1228176"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नए पर करोड़ों खर्च, पुराने की हो रही दुर्दशा</title>
                                    <description><![CDATA[ निगम अधिकािरयों की अनदेखी के चलते यह धीरे-धीरे दुर्दशा का शिकार हो गया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/crores-spent-on-new--old-ones-are-in-bad-shape/article-69223"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-02/photo-(8).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। केन्द्र व रा’य सरकार द्वारा एक तरफ तो खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के लिए नए-नए स्टेडियम और खेल संकुल का निर्माण कराया जा रहा है। वहीं  खेलने के पुराने स्थानों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। जिससे वे दुर्दशा का शिकार हो रहे हैं। ऐसी ही हालत है दादाबाड़ी के बैडमिंटन हॉल की। नगर निगम व नगर विकास न्यास के माध्यम से जहां नयापुरा और गुमानपुरा में खेल संकुल व इनडोर स्टेडियम बनाने पर करोड़ों रुपए खर्च किए हैं। वहीं दूसरी तरफ निगम के पुराने बने हुए बैडमिंटन हॉल पर किसी का ध्यान नहीं है। नगर निगम कोटा दक्षिण के वार्ड 61 में स्थित है नगर निगम का बैडमिंटन हॉल। निगम के पुस्तकालयन भवन के दूसरी तरफ बने इस बैडमंटन हॉल की इतनी अधिक दुर्दशा हो रही है कि यह धीरे-धीरे जर्जर होता जा रहा है। वार्ड का यह बैडमिंटन हॉल न केवल वार्ड वासियों के लिए वरन पूरे क्षेत्र के लोगों के खेलने का स्थान था। लेकिन कोरोना काल के समय इसे बंद किया गा। उसके बाद से इसे चालू ही नहीं किया गया। जिससे निगम अधिकािरयों की अनदेखी के चलते यह धीरे-धीरे दुर्दशा का शिकार हो गया। </p>
<p><strong>चोरी होने लगा सामान</strong><br />स्थानीय निवासी आशा जैन समेत अन्य महिलाओं  ने बताया कि निगम अधिकारियों की देखरेख के अभाव में यहां से धीरे-धीरे सामान तक चोरी हो रहा है। जिससे यह पूरी तरह से दुर्दशा का शिकार व बदहाल हो गया है। </p>
<p><strong>छत से लेकर दरवाजे तक बदहाल</strong><br />बैडमिंशन हाल की वर्तमान में हालत इतनी अधिक खराब हो रही है कि इसकी छत से लेकर दरवाजे तक सभी खराब हो गए हैं। पूरे हॉल में गंदगी छायी हुई है। शौचालय से लेकर पूरा परिसर गंदगी से अटा पड़ा है। </p>
<p><strong>नशेड़ियों का अड्डा</strong><br />स्थीनीय निवासी रमेश शर्मा समेत अन्य लोगों ने बताया कि पूरे बैडमिंटन हॉल परिसर में झाड झंकार उगे हुए हैं। जिससे यहां अंधेरा भी रहने लगा है। ऐसे में रात के समय ही नहीं दिन में भी अक्सर नशेड़ी व स्मैकची बैठेी रहते हैं। जिससे यह उनका अड्डा बना हुआ है। नशेड़ियों के कारण रात के समय चोरियां होने का खतरा भी बना हुआ है। </p>
<p><strong>बच्चे व युवा खेलने से वंचित</strong><br />स्थानीय लोगों का कहना है कि यह बैडमिंटन हॉल वार्ड के बच्चों व युवाओं के खेलने का अच्छा स्थान था। शाम के समय लोग यहां बैडुमनशन का अभ्यास करते थे। लेकिन पिछले तीन साल से अधिक समय से यह बंद पड़ा है। </p>
<p><strong>छत खराब होने से खर्चा अधिक</strong><br />नगर निगम कोटा दक्षिण वार्ड 61 के पार्षद रामबाबू सोनी ने बताया कि इस बैडमिंटन हॉल को कोरोना काल में बंद किया गया था। उसके बाद से यह चालू नहीं हुआ। तत्कालीन आयुक्त कीर्ति राठौड़ के समय में इसे सही करवाने के लिए दिखाया भी था। लेकिन उस समय इसकी छत से लेकर काफी हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। इसकी मरम्मत पर काफी खर्चा होने कोे देखते हुए इसी सही नहीं कराया गया है। पार्षद सोनी ने बताया कि उन्हें वार्ड में कामों के लिए जो बजट मिला था उससे सीसी रोड, नाली और अन्य काम ही पूरे नहीं हो सके। ऐसे में यदि बैडमिंटन हॉल पर खर्चा किया जाता तो पूरा बजट उसमें ही खर्च हो जाता। अब बोर्ड बैठक में फिर से इसकी मरम्मत करवाने का मुद्दा उठाएंगे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/crores-spent-on-new--old-ones-are-in-bad-shape/article-69223</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/crores-spent-on-new--old-ones-are-in-bad-shape/article-69223</guid>
                <pubDate>Mon, 05 Feb 2024 18:23:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-02/photo-%288%29.png"                         length="469752"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> रामनवमी के दिन मुख्यमंत्री गहलोत देंगे खिलाड़ियों को बड़ी सौगात</title>
                                    <description><![CDATA[गहलोत युवा खिलाड़ियों से करेंगे सीधा संवाद]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur--chief-minister-gehlot-will-give-a-big-gift-to-the-players-on-the-day-of-ram-navami--badminton-hall--residential-school--astroturf-and-rehabilitation-center-will-be-inaugurated/article-7134"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/sports-.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत संभवत: 10 अप्रैल को रामनवमी के दिन प्रदेश के खिलाड़ियों को बड़ी सौगात दे सकते हैं। मुख्यमंत्री इस दिन सवाई मानसिंह स्टेडियम में नवनिर्मित बैडमिंटन हॉल, राजस्थान हाई परफारमेंस स्पोर्ट्स ट्रेनिंग एण्ड रिहेबिलिटेशन सेंटर, प्रदेश के पहले आवासीय स्कूल और रिनोवेशन के बाद तैयार हुए हॉकी एस्ट्रोटर्फ का लोकापर्ण करेंगे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य के पिछले बजट में जयपुर में आवासीय स्कूल की स्थापना की घोषणा की। यह स्कूल एसएमएस स्टेडियम में शुरू हो चुका है। वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर का नया बैडमिंटन हॉल भी बनकर तैयार हो चुका है। परीक्षण के तौर पर नये कोर्ट्स पर डॉक्टर्स का बैडमिंटन टूर्नामेंट भी खेला गया। हॉकी एस्ट्रोटर्फ के रिनोवेशन का कार्य पिछले कई वर्ष से रुका था, जो अब पूरा हो गया है। मुख्यमंत्री की घोषणा के मुताबिक ही इंडोर स्टेडियम में ही राजस्थान हाई परफारमेंस स्पोर्ट्स ट्रेनिंग एण्ड रिहेबिलिटेशन सेंटर स्थापित किया गया है। प्रदेश के खिलाड़ियों को अब खेल के दौरान लगी चोटों के इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। खिलाड़ी इस सेंटर में ही रिहेबिलिटेशन कर सकेंगे।<br /><br /><strong>युवा खिलाड़ियों से करेंगे सीधा संवाद</strong><br />यही नहीं मुख्यमंत्री इस दिन प्रदेश के युवा खिलाड़ियों से सीधे संवाद भी करेंगे। इस संवाद में प्रदेश के पदक विजेता खिलाड़ी, जिन्हें हाल ही आउट ऑफ टर्न आधार पर और दो प्रतिशत आरक्षण के अन्तर्गत सरकारी नौकरी मिली है तथा अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ी शामिल होंगे।<br /><br /><strong>तैयारी के लिए बनीं समितियां</strong><br />हालांकि 10 अप्रैल की तिथि की अभी परिषद की ओर से पुष्टि नहीं की गई है लेकिन परिषद ने कार्यक्रम की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए विभिन्न समितियों का भी गठन किया गया है। परिषद के सचिव राजू लाल की अध्यक्षता में गठित मुख्य आयोजन समिति में वित्तीय सलाहकार जिज्ञासा गौड, मुख्य खेल अधिकारी वीरेन्द्र पूनिया और जनसंपर्क अधिकारी तेजराज सिंह भी शामिल हैं, वहीं रिहेबिलिटेशन सेंटर की समिति में खेल प्रबंधक रणविजय सिंह, बैडमिंटन हॉल की समिति में सहायक अभियन्ता विनोद कुमार वर्मा, हॉकी एस्ट्रोटर्फ की समिति में करण सिंह शेखावत, आवासीय स्कूल की समिति में खेल अधिकारी श्यामवीर सिंह तथा इंडोर स्टेडियम में होने वाले खेल संवाद समिति में खेल अधिकारी सुब्रत सैन को प्रभारी बनाया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur--chief-minister-gehlot-will-give-a-big-gift-to-the-players-on-the-day-of-ram-navami--badminton-hall--residential-school--astroturf-and-rehabilitation-center-will-be-inaugurated/article-7134</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur--chief-minister-gehlot-will-give-a-big-gift-to-the-players-on-the-day-of-ram-navami--badminton-hall--residential-school--astroturf-and-rehabilitation-center-will-be-inaugurated/article-7134</guid>
                <pubDate>Fri, 01 Apr 2022 12:24:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-04/sports-.jpg"                         length="46499"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        