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                <title>कांग्रेस का केंद्र पर तीखा हमला: जयराम ने लगाया ग्रामीण मजदूरी के आंकड़ों में हेराफेरी की राजनीति का आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने आरोप लगाया है कि सरकार ने सैंपलिंग ढांचे में बदलाव कर ग्रामीण मजदूरी में कृत्रिम वृद्धि दिखाई है। उन्होंने दावा किया कि वास्तविक मजदूरी वृद्धि दर 4.3% के साथ चार साल के निचले स्तर पर है। इस आंकड़ों की बाजीगरी से उपभोग घटा है और निजी निवेश बुरी तरह प्रभावित हुआ है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/congresss-sharp-attack-on-the-centre-alleging-politics-of-manipulation/article-157731"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/ajiram-ramesh-17.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने कहा है कि केंद्र सरकार ग्रामीण मजदूरी के आंकड़ों में हेराफेरी से कृत्रिम वृद्धि का भ्रम पैदा कर रही है, जबकि वास्तविक मजदूरी वृद्धि पिछले चार वर्षों में सबसे कमजोर स्तर पर है। कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने सोमवार को सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि कांग्रेस ने 2024 में ही आगाह कर दिया था कि सरकार ने रिजर्व बैंक के माध्यम से रोजगार की परिभाषा बदलकर वित्त वर्ष 2018 के बाद 16.8 करोड़ नई नौकरियां सृजित होने का दावा किया था। अब सरकार ग्रामीण मजदूरी के आंकड़ों के साथ भी वैसा ही खेल कर रही है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था की सुस्ती का मूल कारण वास्तविक मजदूरी का ठहराव है, जिससे उपभोग वृद्धि घटी है और निजी निवेश प्रभावित हुआ है। इसका असर देश के श्रमिक वर्ग पर भी पड़ा है। रमेश ने आरोप लगाया कि जून 2025 से मार्च 2026 के बीच ग्रामीण मजदूरी वृद्धि दर में दिखाई गई तेज बढ़ोतरी कार्यप्रणाली में बदलाव का परिणाम है। उनका यह भी कहना है कि श्रम ब्यूरो ने बिना किसी सार्वजनिक सूचना के नया सैंपलिंग ढांचा अपनाया जिसके तहत पूर्वोत्तर के कई राज्यों, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली और गोवा के श्रमिकों को नमूने में शामिल किया गया। </p>
<p>उनके अनुसार इन क्षेत्रों की औसत मजदूरी पुराने नमूने की तुलना में 50 से 55 प्रतिशत अधिक है, जिससे आंकड़ों में कृत्रिम उछाल दिखाई दे रहा है। उन्होंने दावा किया कि वास्तविक मजदूरी वृद्धि दर लगभग 4.3 प्रतिशत है, जो पिछले चार वर्षों में सबसे कमजोर वृद्धि है और यह पूरा मामला "आंकड़ों में हेराफेरी की राजनीति" को दर्शाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 17:33:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पश्चिम बंगाल: वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता सोमवार को पेश करेंगे &quot;डबल इंजन सरकार&quot; में पहला बजट, नई सरकार के भविष्य का रोडमैप तैयार</title>
                                    <description><![CDATA[वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता आज विधानसभा में नई सरकार का पहला बजट पेश करेंगे। यह बजट वित्तीय संकट और ₹7.8 लाख करोड़ के कर्ज के बीच 'मार्शल प्लान' के तहत बुनियादी ढांचे, औद्योगिक निवेश और केंद्रीय सहयोग पर केंद्रित होगा। कर्मचारियों के डीए और लक्ष्मी भंडार जैसी कल्याणकारी योजनाओं पर भी बड़ी घोषणाएं संभावित हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/west-bengal-finance-minister-swapan-dasgupta-will-present-the-first/article-157694"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/015.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता सोमवार दोपहर 12 बजे विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार राज्य में अपना पहला बजट पेश करेंगे। इस बजट पर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं। उम्मीद की जा रही है कि इसमें नयी सरकार के भविष्य का रोडमैप तैयार होगा। इस बजट से नयी 'डबल-इंजन' सरकार के विकास का खाका सामने आने और यह संकेत मिलने की उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में राज्य किस दिशा में आगे बढ़ेगा।</p>
<p>मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपनी सरकार के पहले बजट को "काफी महत्वपूर्ण और ध्यान देने योग्य" करार देते हुए कहा था कि इसमें राज्य के हर क्षेत्र के विकास के लिए विशेष योजनाएं शामिल होंगी। वित्त मंत्री दासगुप्ता के सामने एक बड़ी चुनौती होगी, क्योंकि उनके अनुसार, पिछली सरकार के गैर-जिम्मेदाराना खर्चों और कम राजस्व संग्रह के कारण राज्य की अर्थव्यवस्था के कई पैमाने लड़खड़ायी हुई है। पिछले प्रशासन की आलोचना करते हुए दासगुप्ता ने पहले टिप्पणी की थी कि सरकार 'ट्रेडमिल पर खड़े होकर' बजट तैयार नहीं करेगी। उन्होंने यह भी कहा था कि बजट बनाने की प्रक्रिया बड़ी जिम्मेदारी है।</p>
<p>नयी सरकार लगातार यह कहती रही है कि उसे भारी वित्तीय दबाव विरासत में मिला है और पिछला प्रशासन राज्य पर 7.8 लाख करोड़ रुपये का ऋण छोड़ गया है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान राज्य को कर्ज चुकाने के लिए 82,000 करोड़ रुपये का भुगतान करना पड़ा था, जिसमें अकेले ब्याज के रूप में दिया गया 49,000 करोड़ रुपया शामिल है। पिछले बजट में राज्य का प्रस्तावित खुद का राजस्व 1,12,543 करोड़ रुपये था, जिसका लगभग 75 फीसदी हिस्सा कथित तौर पर कर्ज चुकाने में ही खर्च हो गया था। केंद्रीय करों और अनुदानों में राज्य की हिस्सेदारी को मिलाकर कुल अनुमानित आय 2.6 लाख करोड़ रुपये थी। ऐसी उम्मीदें काफी ज्यादा हैं कि नया बजट उच्च राजस्व वृद्धि का अनुमान लगायेगा, क्योंकि राज्य की आय बढ़ाना वित्त मंत्री की घोषित प्राथमिकताओं में से एक है।</p>
<p>बजट से पहले दासगुप्ता ने दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक लाहिड़ी के साथ बैठकें की थीं। उम्मीद है कि इन चर्चाओं का असर सरकार की वित्तीय योजना और आर्थिक रणनीति पर दिखेगा। दासगुप्ता ने पश्चिम बंगाल के लिए एक 'मार्शल प्लान' की आवश्यकता के बारे में भी बात की है, जिसका तात्पर्य दूसरे विश्व युद्ध के बाद यूरोप की तरह बड़े पैमाने पर पुनर्निर्माण और आर्थिक पुनर्गठन के प्रयासों से है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन टिप्पणियों से संकेत मिलता है कि सरकार का मुख्य ध्यान बड़े पैमाने पर केंद्रीय निवेश के सहयोग से बुनियादी ढांचे के विकास पर हो सकता है।</p>
<p>बजट में सरकारी कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते को लेकर भी घोषणाएं होने की उम्मीद है। उद्योग और व्यापारिक समूहों को एक नयी भूमि नीति, औद्योगिक निवेश के लिए प्रोत्साहन और स्टांप व पंजीकरण शुल्क में राहत जैसे उपायों की उम्मीद है। इसके साथ ही सरकार के सामने कर्ज का बोझ बढ़ाये बिना कल्याणकारी खर्चों और आर्थिक पुनर्निर्माण के बीच संतुलन बनाने की चुनौती है। भाजपा सरकार पहले ही लक्ष्मी भंडार के तहत मिलने वाले लाभों को दोगुना कर चुकी है और अन्नपूर्णा योजना शुरू कर चुकी है, जबकि उसने यह भी स्पष्ट किया है कि पिछली सरकारों की शुरू की गयी सामाजिक कल्याण योजनाएं जारी रहेंगी। श्री दासगुप्ता ने साफ किया है कि यह बजट चालू वित्तीय वर्ष के केवल बचे आठ महीनों के लिए ही है और शायद इसमें सरकार का दीर्घकालिक खाका पूरी तरह सामने न आये। उम्मीद है कि आज का यह बजट बंगाल की नयी सरकार की प्राथमिकताओं और नीतिगत दिशा का पहला स्पष्ट संकेत देगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 12:52:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>हरे निशान में खुले शेयर बाजार: सेंसेक्स 400 अंक से ज्यादा चढ़ा, इन स्टॉक्स में दिखेगा एक्शन</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान-अमेरिका शांति वार्ता में सकारात्मक प्रगति से उत्साहित निवेशकों की लिवाली के चलते शेयर बाजार हरे निशान पर खुला। सेंसेक्स 446 अंक और निफ्टी 118 अंक तक उछला। बाजार में चौतरफा खरीदारी के बीच आईटी, ऑयल एंड गैस और फार्मा में जबरदस्त तेजी रही, जबकि रिलायंस का शेयर करीब 2.5% चढ़ा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/stock-market-opens-in-green-sensex-rises-more-than-400/article-157688"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/share-market.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौते में प्रगति से उत्साहित निवेशकों की लिवाली से घरेलू शेयर बाजारों में सोमवार को शुरुआती कारोबार में तेजी देखी गयी और बीएसई का सेंसेक्स 400 अंक से अधिक चढ़ गया। सेंसेक्स 357.77 अंक की बढ़त के साथ 77,160.67 अंक पर खुला। कुछ ही देर बाद यह 446 अंक चढ़ गया। खबर लिखे जाते समय यह 368.99 अंक (0.48 प्रतिशत) ऊपर 77,171.89 अंक पर रहा। ईरान ने कहा है कि अंतिम शांति समझौते की दिशा में वार्ता में सकारात्मक प्रगति हुई है। इससे बाजार में निवेश धारणा को मजबूती मिली है।</p>
<p>नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 118.05 अंक चढ़कर 24,131.15 अंक पर खुला। खबर लिखे जाते समय यह 105.15 अंक यानी 0.44 प्रतिशत की मजबूती के साथ 24,118.25 अंक पर रहा। वृहत बाजार में इस समय लिवाली देखी जा रही है। सभी सेक्टरों के सूचकांक हरे निशान में हैं। पिछले कारोबारी दिवस की बड़ी गिरावट के बाद आईटी सेक्टर में आज सबसे अधिक तेजी है। तेल एवं गैस, मीडिया, फार्मा और वित्त सेक्टरों में भी अच्छी लिवाली चल रही है।</p>
<p>सेंसेक्स की कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर करीब ढाई फीसदी ऊपर है। टेक महिंद्रा और इंफोसिस भी एक फीसदी से अधिक की बढ़त में हैं। बजाज फाइनेंस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और एचडीएफसी बैंक के शेयर भी अच्छी मजबूती बनाये हुए हैं। इंडिगो, टाइटन और अडानी पोर्ट्स फिलहाल गिरावट में हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 11:10:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>&quot;पीएम‑किसान&quot; के तहत देशभर के 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में पहुंचेंगे लगभग 18,880 करोड़ : शिवराज</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 जून को पश्चिम बंगाल से पीएम-किसान योजना की 23वीं किस्त जारी करेंगे। इसके तहत 9.44 करोड़ किसानों के खातों में राशि भेजी जाएगी। साथ ही, वे डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन, ग्रामीण सड़कों और मत्स्य बंदरगाह सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण करेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/under-pm-kisan-approximately-rs-18880-crore-will-reach-the-accounts/article-157383"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/shivraj-singh-chouhan.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आगामी 20 जून को पश्चिम बंगाल के हुगली ज़िले से कृषि, ग्रामीण विकास, मत्स्य पालन और रेलवे सहित विभिन्न क्षेत्रों की अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण, राष्ट्र को समर्पण एवं शिलान्यास करेंगे। इस दौरान वे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम‑किसान) की 23वीं किस्त जारी करने के साथ‑साथ प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना, डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के तहत एग्रीटेक, राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन तथा प्रधानमंत्री धन‑धान्य कृषि योजना जैसी महत्वपूर्ण पहलों की शुरुआत करेंगे।</p>
<p>केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के मुख्य आतिथ्य में पश्चिम बंगाल में होने वाला यह राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम किसानों, ग्रामीण समुदाय और युवाओं के लिए एक ऐतिहासिक अवसर साबित होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार का संकल्प है कि पूर्वी भारत को कृषि, बुनियादी संरचना और औद्योगिक विकास का मजबूत केंद्र बनाया जाए और 20 जून का कार्यक्रम इसी विज़न को ज़मीन पर उतारने की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव है।</p>
<p>चौहान ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री श्री मोदी हुगली ज़िले के तारकेश्वर से "पीएम‑किसान" की 23वीं किस्त जारी करेंगे। इसके अंतर्गत देशभर के 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में लगभग 18,880 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की जाएगी, जिससे छोटे एवं सीमांत किसानों की आय सुरक्षा और मज़बूत होगी। उन्होंने बताया कि केवल पश्चिम बंगाल में ही 45.35 लाख से अधिक लाभार्थी किसानों को लगभग 907 करोड़ रु. की किश्त प्राप्त होगी। इसके साथ ही राज्य में पीएम‑किसान योजना के अंतर्गत अब तक वितरित कुल राशि 15,055 करोड़ रु. से अधिक हो जाएगी, जबकि 2019 में योजना की शुरुआत से लेकर पूरे देश में कुल वितरण 4.46 लाख करोड़ रु. से ऊपर पहुंच जाएगा।</p>
<p>कृषि मंत्री ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना का भी शुभारंभ करेंगे, जिनकी संयुक्त लागत लगभग 12,200 करोड़ रु. है। वित्त वर्ष 2026‑27 के दौरान इन योजनाओं के माध्यम से लगभग 1.10 करोड़ किसानों को 30 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि पर फसल बीमा सुरक्षा प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके तहत लगभग 28,140 करोड़ रु. मूल्य की फसलें बीमा संरक्षण के दायरे में आएंगी।</p>
<p>उन्होंने बताया कि डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के अंतर्गत प्रधानमंत्री मोदी एग्रीटेक प्लेटफॉर्म की शुरुआत करेंगे, जो उर्वरक वितरण, किसान क्रेडिट कार्ड, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण और न्यूनतम समर्थन मूल्य आधारित सरकारी खरीद जैसी सेवाओं के लिए एकीकृत डिजिटल मंच उपलब्ध कराएगा। इससे किसानों को समय पर सूचनाएं, पारदर्शी सेवाएं और बेहतर बाज़ार अवसर मिलेंगे। चौहान ने बताया कि प्रधानमंत्री, राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन का भी शुभारंभ करेंगे, जिसके तहत अनुमोदित कार्ययोजना के अनुसार वित्त वर्ष 2026‑27 में राज्य के 17,300 हेक्टेयर क्षेत्र में 346 प्राकृतिक कृषि क्लस्टर स्थापित किए जाएंगे। इन क्लस्टरों से 43,250 किसानों को जैव‑आधारित इनपुट, प्रशिक्षण और बाजार तक बेहतर पहुंच का लाभ मिलेगा, साथ ही जैव‑आधारित संसाधन केंद्रों और कृषि सखियों के माध्यम से प्राकृतिक खेती की दिशा में बड़े पैमाने पर परिवर्तन को प्रोत्साहन मिलेगा।</p>
<p>इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी धन‑धान्य कृषि योजना की भी शुरुआत करेंगे, जो पुरुलिया, दार्जिलिंग, अलीपुरद्वार और झारग्राम ज़िलों में लागू होगी। इस योजना का उद्देश्य कृषि उत्पादकता बढ़ाने, फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने, भंडारण एवं प्रसंस्करण जैसी फसलोत्तर अवसंरचना को सुदृढ़ करने तथा विभिन्न ग्रामीण विकास योजनाओं के समन्वित क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना है, जिससे किसानों और ग्रामीण युवाओं के लिए नए रोज़गार और उद्यमिता के अवसर पैदा होंगे।</p>
<p>ग्रामीण विकास से संबंधित पहलों की जानकारी देते हुए चौहान ने कहा कि मोदी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (तीन) के अंतर्गत 213 करोड़ रु. से अधिक लागत वाली 49 सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। 315 किलोमीटर से अधिक लंबाई वाली ये सड़कें राज्य के विभिन्न ग्रामीण इलाकों को कस्बों और शहरों से बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी, जिससे किसानों के कृषि उत्पाद समय पर बाजार तक पहुंच सकेंगे और ग्रामीण छात्रों तथा मरीजों की शिक्षा एवं स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंच भी आसान होगी।</p>
<p>मत्स्य पालन क्षेत्र में विकास को पर उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री दक्षिण 24 परगना ज़िले के फ्रेजरगंज में आधुनिकीकरण एवं विस्तार के बाद तैयार मत्स्य बंदरगाह और बीरभूम ज़िले में निर्मित आधुनिक मत्स्य बाज़ार का उद्घाटन करेंगे। इन परियोजनाओं से मत्स्य अवसंरचना मजबूत होगी, मछुआरों को बेहतर भंडारण एवं विपणन सुविधाएं मिलेंगी और निर्यात क्षमता में वृद्धि के साथ स्थानीय स्तर पर रोज़गार के नए अवसर तैयार होंगे।</p>
<p>पशुपालन एवं डेयरी क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण पहल के तहत प्रधानमंत्री नादिया ज़िले के हरिणघाटा में 6 करोड़ रु. से अधिक लागत से स्थापित रीजनल सीमन प्रोडक्शन लैबोरेटरी एवं बकरी सीमन बैंक का उद्घाटन करेंगे। राष्ट्रीय पशुधन मिशन के अंतर्गत स्थापित यह पूर्वी भारत की अपनी तरह की पहली सुविधा है, जो वैज्ञानिक पशु प्रजनन, आनुवंशिक सुधार और पशुधन उत्पादकता वृद्धि में निर्णायक भूमिका निभाएगी तथा बकरी पालन से जुड़े किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने में सहायक होगी।</p>
<p>चौहान ने कहा कि मत्स्य, पशुपालन और ग्रामीण बुनियादी ढांचे से जुड़ी ये सभी योजनाएं मिलकर पश्चिम बंगाल में समावेशी और टिकाऊ ग्रामीण विकास का मज़बूत आधार तैयार करेंगी। इनके माध्यम से आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था, बेहतर आजीविका अवसर और 'वोकल फॉर लोकल' की भावना को ठोस बल मिलेगा। प्रधानमंत्री मोदी पश्चिम बंगाल में लगभग 591 करोड़ रु. की लागत वाली महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी करेंगे। ये परियोजनाएं रेल ढांचा को सुदृढ़ करने, यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने, सुरक्षा बढ़ाने और राज्य व पूर्वी भारत के संपर्क को और मज़बूत बनाने की दिशा में अहम योगदान देंगी। प्रधानमंत्री हावड़ा में 99 करोड़ रु. की लागत से बनने वाले 300 बिस्तरों वाले नए मंडलीय रेलवे अस्पताल का शिलान्यास करेंगे, जो आधुनिक स्वास्थ्य अवसंरचना, उन्नत जांच सुविधाओं, विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं और आपातकालीन उपचार से सुसज्जित होगा। यह अस्पताल न केवल रेलवे कर्मचारियों और उनके परिजनों, बल्कि आसपास के नागरिकों को भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएगा।</p>
<p>इसी तरह, पूर्व मेदिनीपुर ज़िले में हाउर और राधामोहनपुर के बीच 71 करोड़ रु. की लागत से बनने वाले रोड ओवर ब्रिज का शिलान्यास किया जाएगा, जो रेल और सड़क दोनों उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा बढ़ाने के साथ‑साथ निर्बाध यातायात सुनिश्चित करेगा। इसके अतिरिक्त, हावड़ा ज़िले में 421 करोड़ रु. की लागत से विकसित सांकराइल‑सांतरागाछी थर्ड लाइन प्रोजेक्ट को राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा, जिससे देश के सबसे व्यस्त रेल सेक्शनों में से एक पर रैकिंग में कमी, परिचालन क्षमता में वृद्धि और यात्री तथा मालगाड़ियों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित होगी। ये सभी रेल परियोजनाएं माल एवं यात्री परिवहन को तेज और सुरक्षित बनाने के साथ‑साथ औद्योगिक निवेश, पर्यटन और लॉजिस्टिक क्षेत्र के विकास को नयी गति देंगी। इससे पूर्वी भारत, विशेषकर पश्चिम बंगाल के लिए 'गति‑शक्ति' की भावना और मज़बूत होगी तथा रोजगार के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष अवसरों में वृद्धि होगी।त्र</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 18:10:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पीएम मोदी का स्लोवाकिया दौरा: ब्रातिस्लावा में हुआ पारंपरिक स्वागत, अलग अंदाज में सुनाया वंदे मातरम</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी ऐतिहासिक यात्रा पर स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा पहुंचे, जहां ब्रेड और नमक भेंट कर उनका पारंपरिक स्वागत किया गया। पीएम मोदी यहां राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी और पीएम रॉबर्ट फिको के साथ व्यापार, निवेश और रक्षा सहयोग मजबूत करने के लिए उच्च स्तरीय बैठकें करेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modis-visit-to-slovakia-prime-minister-fico-welcomed-him/article-157034"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/modi.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को स्लोवाकिया की यात्रा पर पहुंचने पर कहा कि इस यात्रा से दोनों देशों के बीच सहयोग के नए रास्ते खुलेंगे और बढ़ती साझेदारी और गहरी होगी। पीएम मोदी ने स्लोवाकिया की राजधानी में उतरने के तुरंत बाद कहा कि यह यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ होने वाली बैठकों को लेकर भी उत्सुकता जताई।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "ब्रातिस्लावा पहुंच गया हूं। यह यात्रा भारत-स्लोवाकिया संबंधों को गहरा करने और सहयोग के नए रास्ते तलाशने का अवसर देती है। राष्ट्रपति पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री फिको के साथ फलदायी बैठकों की उम्मीद है।" वहां पहुंचने पर प्रधानमंत्री का औपचारिक स्वागत किया गया, जिसमें स्लोवाकिया की सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार उन्हें ब्रेड और नमक भेंट किया गया। यह अनूठी परंपरा मेहमाननवाजी, सद्भावना और दोस्ती का प्रतीक मानी जाती है।</p>
<p>पीएम मोदी ने इस स्वागत के लिए आभार जताया और कहा, "ब्रातिस्लावा में स्वागत के दौरान ब्रेड और नमक भेंट करने की पारंपरिक प्रथा देखने को मिली। यह स्लोवाकिया की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और वहाँ के लोगों की सद्भावना व दोस्ती की भावना को दर्शाता है।" इस यात्रा के दौरान स्लोवाकिया की लोक परंपराओं को प्रदर्शित करने वाला एक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। प्रधानमंत्री ने मियावा क्षेत्र के लोक दल 'कोपानिसियारिक' की एक मनमोहक प्रस्तुति देखी। उन्होंने किसी देश के इतिहास और पहचान को बचाए रखने में पारंपरिक कलाओं की भूमिका की सराहना की।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा, "स्लोवाकिया के मियावा क्षेत्र के कोपानिसियारिक दल की एक बेहतरीन प्रस्तुति देखी। इस तरह की लोक परंपराएं अपनी संस्कृति और इतिहास को संजोकर रखने में मदद करती हैं।" ब्रातिस्लावा में पीएम मोदी का स्वागत करने के लिए भारतीय समुदाय के लोग भी बड़ी संख्या में जुटे, जो दोनों देशों के बीच मजबूत होते आपसी रिश्तों को दर्शाता है। उन्होंने इस गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए प्रवासी भारतीयों का आभार व्यक्त किया और कहा कि समुदाय का यह स्नेह भारत और स्लोवाकिया को जोड़ने वाले मजबूत रिश्तों को उजागर करता है।</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा, "मैं भारतीय समुदाय के लोगों के इस स्नेह और गर्मजोशी के लिए उनका आभारी हूँ। ऐसे भाव हमारे लोगों को जोड़ने वाले मजबूत रिश्तों को दर्शाते हैं और भारत-स्लोवाकिया की दोस्ती को और मजबूत करते हैं।" प्रधानमंत्री की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत बदलते वैश्विक और आर्थिक हालातों के बीच मध्य और पूर्वी यूरोपीय देशों के साथ अपने संबंधों को बढ़ाना चाहता है। यूरोपीय संघ और नाटो का सदस्य स्लोवाकिया, व्यापार, निवेश, विनिर्माण, रक्षा सहयोग, नवाचार, सूचना प्रौद्योगिकी और आवाजाही जैसे क्षेत्रों में भारत का एक महत्वपूर्ण भागीदार बनकर उभरा है।</p>
<p>राष्ट्रपति पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री फिको के साथ पीएम मोदी की बैठकों में आर्थिक सहयोग बढ़ाने, औद्योगिक साझेदारी को मजबूत करने, तकनीकी सहयोग में सुधार लाने और सांस्कृतिक व शैक्षणिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित होने की उम्मीद है। इसके साथ ही, दोनों देशों के बीच आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है। भारत और स्लोवाकिया के बीच दशकों से दोस्ताना राजनयिक संबंध रहे हैं और हाल के वर्षों में दोनों देशों के द्विपक्षीय रिश्तों में लगातार बढ़ोत्तरी हुई है। दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ा है, जबकि भारतीय कंपनियों ने स्लोवाकिया में अपनी उपस्थिति मजबूत की है, खासकर ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में। वहीं स्लोवाकिया की कंपनियों ने भी भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था और विनिर्माण क्षेत्र में रुचि दिखाई है।</p>
<p>ब्रातिस्लावा की यह यात्रा पीएम मोदी के व्यापक यूरोपीय राजनयिक संपर्क का हिस्सा है। उम्मीद है कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच राजनीतिक बातचीत, आर्थिक सहयोग और जनसंपर्क को मजबूत करके भारत-स्लोवाकिया संबंधों को एक नई गति देगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 15:12:01 +0530</pubDate>
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                <title>जे.डी. वेंस का बड़ा बयान, बोले- ईरान न तो परमाणु हथियार बनाने की कोशिश करेगा और न ही खरीदने की, अमेरिका रखेगा सख्त नजर</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने कहा कि अमेरिका-ईरान समझौता यह सुनिश्चित करता है कि ईरान कभी परमाणु हथियार हासिल नहीं करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान की प्रतिबद्धताओं पर कड़ी नजर रखी जाएगी। यदि समझौता सफल रहता है, तो अगले 50 वर्षों में पश्चिम एशिया निवेश का बड़ा केंद्र बनेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/jds-big-statement-said-iran-will-neither-try-to/article-156991"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/jd-vance.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने कहा है कि अमेरिका-ईरान समझौता यह पक्का करता है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं कर पाएगा। वेंस ने कहा, "इसका मतलब है कि ईरान के पास कभी परमाणु हथियार नहीं होगा। वह न तो परमाणु हथियार बनाने की कोशिश करेगा और न ही उन्हें खरीदने या हासिल करने की कोशिश करेगा। यह बात इस समझौते में शामिल है।"</p>
<p>अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका इस बात पर नज़र रखेगा कि ईरान समझौते का पालन कर रहा है या नहीं, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि इसके बदले ईरान को क्या मिलेगा। वेंस ने कहा, "यहां एक ऐसा तरीका अपनाया जा रहा है, जिसमें हम जांच-पड़ताल करते रहेंगे और जब ईरान अपनी ज़िम्मेदारियां पूरी करेगा, तो उसे वास्तविक फ़ायदे भी मिलेंगे।"</p>
<p>उन्होंने कहा कि अगर ईरान समझौते का पालन करता है, तो अगले पचास सालों में पश्चिम एशिया में बुनियादी बदलाव आएगा और यह इलाका निवेश के लिए ज़्यादा अनुकूल बन जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 14:07:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>राजस्थान रिफाइनरी से इसी माह शुरू होगा डीजल उत्पादन, निवेश और रोजगार के खुलेंगे नए अवसर </title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान की महत्वाकांक्षी एचपीसीएल रिफाइनरी में इसी महीने डीजल उत्पादन शुरू होने जा रहा है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने बताया कि उत्पादित ईंधन का अधिकतम उपयोग प्रदेश में ही होगा। इससे ईंधन वितरण नेटवर्क मजबूत होगा, रोजगार बढ़ेंगे और अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/diesel-production-will-start-from-rajasthan-refinery-this-month-new/article-156587"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/v.-srinivass.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर।राजस्थान की महत्वाकांक्षी एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी में इसी माह डीजल उत्पादन शुरू होने जा रहा है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि रिफाइनरी से उत्पादित डीजल, एलपीजी और पेट्रोल का अधिकतम उपयोग प्रदेश में ही सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे निवेश, रोजगार और राजस्व के नए अवसर विकसित होंगे। सचिवालय में आयोजित बैठक को वर्चुअली संबोधित करते हुए मुख्य सचिव ने बताया कि राजस्थान सरकार की इस परियोजना में 26 प्रतिशत हिस्सेदारी है। रिफाइनरी पूरी क्षमता से संचालित होने पर प्रतिवर्ष 40 लाख टन डीजल, 10 लाख टन पेट्रोल तथा पॉलीप्रोपलिन सहित अन्य पेट्रोकेमिकल उत्पादों का उत्पादन करेगी।</p>
<p>रिफाइनरी उत्पादों के विपणन और समन्वय के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव अपर्णा अरोरा की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी। बैठक में राज्य के विभिन्न विभागों में डीजल और पेट्रोल की आपूर्ति तथा नए आउटलेट स्थापित करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। अपर्णा अरोरा ने बताया कि हिन्दुस्तान पेट्रोलियम द्वारा प्रदेश में करीब 300 नए पीओएल आउटलेट खोलने की योजना है। इससे ईंधन वितरण नेटवर्क मजबूत होगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि रिफाइनरी के संचालन से राजस्थान की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और औद्योगिक विकास के नए द्वार खुलेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 17:39:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बिहार में उद्योग लगाने की प्रक्रिया हुई आसान, 30 दिन में स्वीकृति नहीं मिलने पर मिलेगा'डीम्ड क्लीयरेंस': सम्राट चौधरी</title>
                                    <description><![CDATA[बिहार सरकार ने राज्य में औद्योगिक विकास और निवेश बढ़ाने के लिए स्वीकृति प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया है। अब उद्योगों से जुड़े सभी क्लियरेंस के लिए 30 दिनों की बाध्यकारी समय-सीमा तय की गई है। समय पर फैसला न होने पर निवेशकों को सीधे 'डीम्ड क्लीयरेंस' मिल जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/process-of-setting-up-industry-in-bihar-becomes-easier-if/article-156454"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/samrat-choudhary.png" alt=""></a><br /><p>पटना। बिहार सरकार ने राज्य में निवेश और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए उद्योगों से संबंधित स्वीकृतियों की प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध बनाने का निर्णय लिया है, इसके तहत उद्योगों से जुड़े सभी स्वीकृतियों के लिए 30 दिनों की बाध्यकारी समय-सीमा तय की गई है। मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने कहा कि बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन अधिनियम, 2016 के अंतर्गत राज्य निवेश प्रोत्साहन पर्षद (एसआईपीबी) सचिवालय को एकल नोडल एजेंसी के रूप में प्राधिकृत करते हुए उसे व्यापक प्रशासनिक एवं विधिक शक्तियाँ प्रदान करने की स्वीकृति दी गई। राज्य सरकार निवेशकों के लिए उद्योग स्थापना की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि एसआईपीबी सचिवालय द्वारा किसी आवेदन की तकनीकी जांच और अनुशंसा किए जाने के बाद संबंधित सक्षम प्राधिकार को 30 दिनों के भीतर अथवा निर्धारित समय-सीमा में स्वीकृति देना अनिवार्य होगा। यह व्यवस्था विधिक रूप से बाध्यकारी होगी।उन्होंने कहा कि यदि कोई विभाग या सक्षम प्राधिकार निर्धारित समय-सीमा के भीतर निर्णय लेने में विफल रहता है तो एसआईपीबी सचिवालय निवेशकों के हितों की रक्षा करते हुए 'डीम्ड क्लीयरेंस' जारी करेगा। यह स्वीकृति संबंधित विभाग के लिए बाध्यकारी होगी।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने बताया कि नई व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न तकनीकी एवं विनियामक विभागों के सक्षम अधिकारियों को एसआईपीबी सचिवालय में प्रतिनियुक्त किया जाएगा। ये अधिकारी औद्योगिक विकास आयुक्त के प्रत्यक्ष प्रशासनिक नियंत्रण एवं पर्यवेक्षण में कार्य करेंगे, जिससे सभी निर्णय एक ही मंच पर त्वरित रूप से लिए जा सकेंगे।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों की स्थापना, संचालन एवं विस्तार से संबंधित सभी अनुमतियों के लिए व्यापक मानक संचालन प्रक्रियाएं (एसओपी) भी निर्धारित करेगी। इससे स्वीकृति प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता सुनिश्चित होगी।</p>
<p>मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने कहा कि औद्योगिक विकास राज्य की आर्थिक समृद्धि, रोजगार सृजन और समग्र विकास का आधार है। बिहार को देश और दुनिया के निवेशकों के लिए भरोसेमंद और पसंदीदा निवेश गंतव्य बनाना राज्य सरकार का संकल्प है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 18:05:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पीएम मोदी से मिलीं सिटी बैंक की अध्यक्ष एवं सीईओ: भारत के विकास की प्राथमिकताओं, सहयोग के अवसरों पर हुई चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सिटी बैंक की सीईओ जेन फ्रेज़र ने मुलाकात की। उन्होंने भारत के 'विकसित भारत 2047' लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता जताई। बैठक में वैश्विक पूंजी निवेश, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा हुई। सिटी बैंक भारत में अपने परिचालन के 125 वर्ष पूरे करने जा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/citibank-chairman-and-ceo-met-pm-modi-discussed-indias-development/article-156012"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/city-bank.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। वैश्विक स्तर पर काम करने वाले अमेरिका के प्रसिद्ध बैंकिंग संस्थान सिटी बैंक के संचालक मंडल की प्रमुख और मुख्य अधिशासी अधिकारी (सीईओ) जेन फ्रेज़र ने यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और भारत के आर्थिक विकास में सहयोग देने की अपनी कंपनी की प्रतिबद्धता को दोहराया। सिटी अगले वर्ष भारत में अपने परिचालन के 125 साल पूरे करने जा रहा है। सिटी बैंक की ओर से गुरुवार को हुई इस मुलाकात पर जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि प्रधानमंत्री के साथ सिटी की सीईओ की कल हुई बातचीत में देश में वैश्विक निवेश आकर्षित करने, विदेशों में भारतीय कंपनियों को बढ़ावा देने और वैकल्पिक ऊर्जा तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्रों में अवसरों की तलाश करने जैसे विषय शामिल थे।</p>
<p>बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी ने 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए विकास की गति को तेज़ करने और आर्थिक रफ़्तार को बढ़ाने के अपने दृष्टिकोण को साझा किया। चर्चा में कई विषयों को शामिल किया गया, जिनमें भारत में निवेश और पूंजी प्रवाह, विदेशों में भारत के कॉर्पोरेट क्षेत्र के लिए अवसर, वैकल्पिक ऊर्जा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शामिल थे। उन्होंने इस बात पर विचार-विमर्श किया कि सिटी किस प्रकार भारत के आर्थिक एजेंडे को और अधिक समर्थन दे सकती है, देश में वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने में मदद कर सकती है, और दुनिया भर में नए बाज़ारों में विस्तार कर रही भारतीय कंपनियों को बढ़ावा दे सकती है।</p>
<p>इसके अतिरिक्त, उन्होंने देश के लिए वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के विकास से संबंधित अवसरों पर भी चर्चा की, जिसमें सौर ऊर्जा और हरित हाइड्रोजन जैसे हरित ऊर्जा स्रोत शामिल हैं। बातचीत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का विषय भी शामिल था, जिसमें इसके विनियमन की भूमिका और उन क्षेत्रों पर चर्चा हुई जहाँ आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए इस तकनीक का उपयोग किया जा सकता है। इस बैठक में फ्रेज़र के साथ सिटी के भारत में कारोबार के प्रभारी सीईओ, बैंकिंग प्रमुख और भारतीय उपमहाद्वीप के सब-क्लस्टर प्रमुख के. बालासुब्रमण्यम भी मौजूद थे। दोनों ने देश में सिटी की हालिया प्रगति पर चर्चा की और देश तथा अपने ग्राहकों को समर्थन देने की कंपनी की मज़बूत प्रतिबद्धता को दोहराया।</p>
<p>सिटी की ओर से कहा गया है कि यह बैठक प्रधानमंत्री मोदी के सुधार के एजेंडे में वैश्विक वित्तीय संस्थानों के विश्वास को दर्शाता है। पीएम की ऐतिहासिक पहलों ने भारत के बैंकिंग परिदृश्य को पूरी तरह बदल दिया है और वित्तीय समावेशन की प्रक्रिया को तेज़ किया है। देश के अग्रणी अंतरराष्ट्रीय बैंक के तौर पर सिटी ने 3-5 जून तक मुंबई में सीटी इंडिया कांफ्रेंस आयोजित किया है जिसमें में 1,500 से ज़्यादा ग्राहक और निवेशक आमंत्रित किये गये हैं। इस सम्मेलन का इस प्लेटफॉर्म का मकसद भारत से जुड़ी चर्चाओं को आगे बढ़ाना और वैश्विक पूंजी के लिए निवेश के अवसरों को उजागर करना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 18:29:57 +0530</pubDate>
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                <title>अशोक गहलोत का भाजपा सरकार पर हमला, बोले- जनता पर डबल मार कर रही डबल इंजन सरकार </title>
                                    <description><![CDATA[पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने परियोजनाओं में देरी को लेकर भाजपा सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन राज में देश के 1981 और राजस्थान के 53 प्रोजेक्ट्स लेट चल रहे हैं। बाड़मेर रिफाइनरी की लागत 84% बढ़कर 79,459 करोड़ पहुंच चुकी है, जिससे जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/ashok-gehlots-attack-on-bjp-government-said-double-engine/article-155609"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/ashok-ggehlot.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर: कई प्रोजेक्ट्स में देरी से लागत बढ़ने से आर्थिक भार पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा सरकारों पर हमला बोला है। गहलोत ने कहा है कि डबल इंजन के राज में डबल इंतज़ारशास्त्र  चल रहा है। इंतज़ारशास्त्र के माध्यम से हमने राज्य सरकार को जगाने का प्रयास किया कि किस प्रकार योजनाओं और प्रोजेक्ट्स में देरी न सिर्फ सरकार बल्कि आमजन की जेब और उसको मिलने वाले लाभ पर भारी पड़ता है। मीडिया में आई  खबर दिखाती है कि इंतज़ारशास्त्र सिर्फ राजस्थान में ही नहीं बल्कि पूरे देश में चल रहा है। </p>
<p>केंद्र सरकार द्वारा चलाये जा रहे 1981 प्रोजेक्ट्स में से अधिकतर इंतज़ारशास्त्र का शिकार हैं जिसके कारण उनकी लागत 5.65 लाख करोड़ रुपए बढ़ चुकी है। प्रदेश में 81 प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं, जिनमें से 53 प्रोजेक्ट्स लेट हैं और 10 का बजट बढ़ चुका है। राजस्थान रिफाइनरी जो 2022 में पूरी होनी थी, वह अब 2026 तक खींच दी गई है और उसकी लागत 84.23 प्रतिशत बढ़कर 79,459 करोड़ रुपए पहुंच चुकी है। यदि ये प्रोजेक्ट्स समय पर प्रारम्भ किए जाते या समय पर पूर्ण किए जाते तो 5.65 लाख करोड़ रुपए देश और प्रदेश की जनता की भलाई के काम आते। पीएम जिस डबल इंजन की बात करते हैं वो डबल इंजन जनता पर डबल मार लाता है महंगाई की, डबल भ्रष्टाचार और विकास कार्यों के डबल इंजतार की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 14:10:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जयपुर सर्राफा बाजार में गिरावट: सोने और चांदी की कीमतों में आई भारी कमी, जानिए आज के नए भाव</title>
                                    <description><![CDATA[वायदा बाजार की नरमी के चलते जयपुर में कीमती धातुओं के दाम गिर गए हैं। चांदी ₹700 टूटकर ₹2,70,300 प्रति किलोग्राम पर आ गई। वहीं, शुद्ध सोना ₹300 की गिरावट के साथ ₹1,59,700 प्रति दस ग्राम पर बंद हुआ। बाजार में खरीदारी सामान्य रूप से जारी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/silver-is-cheaper-by-seven-hundred-rupees-and-gold-by/article-155610"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/gold.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। वायदा बाजार की नरमी के असर से जयपुर सर्राफा बाजार में सोमवार को दोनों कीमती धातुओं में गिरावट आई। चांदी सात सौ रुपए कम होकर 2,70,300 रुपए प्रति दस ग्राम रहा। शुद्ध सोना 300 रुपए गिरकर 1,59,700 रुपए प्रति दस ग्राम रहा। जेवराती सोना 300 रुपए टूटकर 1,47,700 रुपए प्रति दस ग्राम रहा। हाजिर बाजार में खरीदारी की रफ्तार सामान्य रूप से चल रही है।</p>
<p><strong>जयपुर सर्राफा बाजार में अनुमानित भाव </strong></p>
<p>चांदी 2,70,300<br />शुद्ध सोना 1,59,700<br />जेवराती सोना 1,47,700<br />18कैरेट 1,24,600<br />14कैरेट 99,100</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 12:28:17 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ा तनाव: डोनाल्ड ट्रंप ने दी ओमान को उड़ाने की धमकी, ओमान के समर्थन में उतरा तेहरान  </title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ओमान को 'उड़ा देने' की धमकी के बाद ईरान खुलकर मस्कट के समर्थन में आ गया है। ईरान ने स्पष्ट किया कि दुनिया के पांचवें हिस्से के तेल मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य का प्रबंधन तेहरान और मस्कट का आंतरिक मामला है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने इसे दुनिया का सबसे बड़ा ऊर्जा संकट बताया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/tension-increased-over-the-strait-of-hormuz-donald-trump-threatened/article-155296"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/trump2.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ओमान को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के बाद ईरान ओमान के समर्थन में उतर आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने चेतावनी दी थी कि होर्मुज जलडमरूमध्य में यदि ओमान ईरान के साथ मिलकर व्यापारिक जहाजों से टोल वसूलने या जलमार्ग को नियंत्रित करने की कोशिश करेगा, तो अमेरिका ओमान को 'उड़ा' देगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एस्माईल बाकेई ने ईरान और दूसरे क्षेत्रीय देशों के लिए अमेरिकी अधिकारियों की 'धमकी भरी बातों' की निंदा की और 'दोस्ताना और भाईचारे वाले देश ओमान' के लिए समर्थन जताया।</p>
<p>बाकेई ने ईरान के बंदर अब्बास पर हाल ही में अमेरिकी हमलों की भी निंदा की और उन्हें 'ईरान की क्षेत्रीय अखंडता और राष्ट्रीय संप्रभुता के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई' कहा। एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि हमले सोचे-समझे, पूरी तरह से बचाव के लिए थे और उनका मकसद युद्धविराम बनाए रखना था। ट्रंप ने बुधवार को कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य 'सबके लिए खुला रहेगा' और ओमान को सीधे चेतावनी दी, 'ओमान भी बाकी सबकी तरह ही बर्ताव करेगा वरना हमें उन्हें उड़ा देना होगा।'</p>
<p>ईरान ने अमेरिका को जवाब देते हुए कहा कि वॉटरवे का प्रबंधन, जिससे दुनिया का लगभग पांचवां हिस्सा तेल गुजरता है, तेहरान और मस्कट का मामला है वॉशिंगटन का नहीं। ईरान की सरकारी मीडिया ने बताया कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने बंदर अब्बास हमले के बाद इलाके में एक अनजान अमेरिकी सैन्य अड्डा पर जवाबी हमले किए। इस बीच अमेरिका ने ईरान की नयी बनी फारस की खाड़ी जलडमरूमध्य प्राधिकरण पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। प्राधिकरण को विशेष रूप से चिह्नित नागरिक (एसडीएन) लिस्ट में रखा गया है, जो आम तौर पर अमेरिकी लोगों को इससे समझौता करने से रोकती है। फारस की खाड़ी जलडमरूमध्य को होर्मुज जलडमरूमध्य और उसके आस-पास एक नई समुद्री व्यवस्था से तालमेल करने का काम सौंपा गया है। यह उन लेन को तय करने के लिए जिम्मेदार है जिनसे जहाजों को गुजरने की इजाजत है।</p>
<p>बढ़ती सुरक्षा चिंताओं के बीच अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) के कार्यकारी निदेशक फातिह बिरोल ने कहा कि ईरान के साथ अमेरिका-इजराइल युद्ध ने देशों को ईंधन आपूर्ति के रास्तों में विविधता लाने और घरेलू ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता बढ़ाने के लिए प्रेरित किया है। बिरोल ने नवीनतम विश्व ऊर्जा निवेश रिपोर्ट में कहा, "हम दुनिया के अब तक के सबसे बड़े ऊर्जा सुरक्षा संकट के बीच में हैं और मेरा मानना है कि यह दुनियाभर में निवेश की रणनीतियों को नया आकार देगा, जो 1970 के दशक के तेल के झटकों के बाद ऊर्जा की दुनिया में देखे गए बड़े बदलावों के समान होगा।"</p>
<p>आईईए के अनुसार वर्ष 2026 में लगातार तीसरे साल वैश्विक तेल निवेश में गिरावट आने की उम्मीद है, जो कच्चे तेल की अधिक कीमतों के बावजूद 500 बिलियन डॉलर से नीचे आ जाएगा। एजेंसी ने कहा कि 2026 में कुल वैश्विक ऊर्जा निवेश 3.4 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, जो पिछले साल की तुलना में थोड़ा अधिक है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 May 2026 18:32:21 +0530</pubDate>
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