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                <title>Indian Air Force - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>राफेल के बाद एसयू-57; चीनी जे-35 के खिलाफ बड़ी तैयारी-अमेरिकी एफ-35 नहीं, जानिए आखिर कैसे रूसी जेट भारत के लिए साबित होगा गेमचेंजर? </title>
                                    <description><![CDATA[भारत अपनी वायु शक्ति को बढ़ाने के लिए रूस से 60 पांचवीं पीढ़ी के Su-57 स्टील्थ लड़ाकू विमान खरीदने की तैयारी में है। अमेरिकी F-35 की तुलना में Su-57 अपनी रफ्तार, 3D थ्रस्ट वेक्टरिंग और स्वदेशी हथियारों के साथ आसान एकीकरण के कारण भारत के लिए बेहतर है। इसका संयुक्त उत्पादन भारत में ही होने की संभावना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/after-rafale-su-57-is-a-big-preparation-against-chinese-j-35/article-144797"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/rafel.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत रूसी एसयू-57 लड़ाकू खरीदने की तरफ बढ़ रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत करीब 60 रूसी पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान एसयू-57 खरीद सकता है। एसयू-57 की खरीददारी, 114 राफेल के सौदे से अलग होगी जिसके लिए फिलहाल भारत और फ्रांस में बातचीत चल रही है। भारत खुद का भी पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट बना रहा है लेकिन इसमें करीब एक दशक का वक्त और लगेगा। तब तक के लिए भारत को एक पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट की जरूरत है। भारत के सामने दो विकल्प थे। अमेरिकी एफ-35 और एसयू 57 लड़ाकू विमान। जिसमें भारत रूसी विमान की तरफ बढ़ रहा है।</p>
<p><strong>भारत के लिए क्यों ज्यादा सही है एसयू-57?</strong></p>
<p>मिलिट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि भारत के लिए एफ-35 स्टील्थ फाइटर जेट ज्यादा बेहतर विकल्प है। भारतीय वायुसेना के पूर्व जगुआर पायलट विजयेन्द्र के ठाकुर ने कहा था कि एसयू-57 बगैर शर्तों के साथ आएगा, जबकि एफ-35 भारी भरकम शर्तों के साथ आएगा। एक तो सबसे पहली बात ये है कि अगर भारत एफ-35 खरीदने की कोशिश करता है तो तमाम चीजें भारत के अनुकूल हों फिर भी भारत को विमान मिलने में 7-8 सालों से ज्यादा वक्त लगेगा। तब तक खुद स्वदेशी एमसीए बनने के करीब होगा। रूसी विमानों के साथ सबसे बड़ी बात ये है कि इसमें भारत के स्वदेशी मिसाइलों और हथियारों को काफी आसानी से इंटीग्रेट किया जा सकता है। रूसी एयरोस्पेस के अधिकारियों ने भारत में एसयू-57ई के ज्वाइंट प्रोडक्शन की संभावना तलाशने पर बातचीत की पुष्टि की है। यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉपोर्रेशन के सीईओ वादिम बडेखा ने बातचीत को एडवांस्ड स्टेज पर बताया है, जिसमें भारत के मौजूदा एसयू-30एमकेआई बनाने वाली फैक्ट्री में ही प्रोडक्शन शुरू करने की बात कही है।</p>
<p><strong>एसयू-57 बनाम एफ-35 विमान में तुलना</strong></p>
<p>हवा में वर्चस्व बनाने की क्षमता- एसयू-57 लड़ाकू विमान में 3डी थ्रस्ट वेक्टरिंग इंजन हैं। इस वजह से विमान को हवा में कलाबाजियां करने की क्षमता मिलती है। इसके अलावा यह अमेरिकी एफ-35 की तुलना में काफी तेज है। इसकी स्पीड मैक 2.0 है। जबकि एफ-35 एक स्ट्राइक फाइटर विमान है। इसे छिपकर हमला करने के लिए बनाया गया है। डॉगफाइट (हवाई लड़ाई) में इसकी फुर्ती एसयू-57 के मुकाबले कम मानी जाती है।</p>
<p>मल्टी स्पेक्ट्रल रडार सिस्टम- एसयू-57 का रडार सिस्टम स्टील्थ विमानों को खोजने के लिए डिजाइन किया गया है। इसके अलावा इसे एसईएडी और डीईएडी मिशनों को अंजाम देने के लिए डिजाइन किया गया है। यानि एसयू 57 को दुश्मनों के रडार सिस्टम को चॉक करने और जरूरत पड़ने पर उसे ध्वस्त करने के लिए डिजाइन किया गया है। एसयू-57 में सिर्फ नाक पर ही नहीं, बल्कि विमान के किनारों पर भी रडार लगे हैं (एल-बैंड रडार)। यह दुश्मन के स्टील्थ विमानों (जैसे एफ-35) को ट्रैक करने की क्षमता देता है। अब चूंकी भारत के दुश्मनों के पास पांचवीं पीढ़ी के विमान हैं इसलिए एसयू 57 भारत के लिए काफी जरूरी है।</p>
<p>हथियारों को ले जाने की क्षमता- एसयू-57 लड़ाकू विमानों के पास भारी भरकम हथियार ले जाने की क्षमता है। इसके अंदर हथियार रखने के लिए जो जगह बनाए गए हैं वो काफी बड़े हैं। ये फाइटर जेट लंबी दूरी की भारी मिसाइलें ले जा सकता है जो भारत की लंबी सीमाओं की सुरक्षा के लिए जरूरी हैं।</p>
<p>हालांकि, लॉकहीड मार्टिन का एफ-35 लाइटनिंग 11 एक फिफ्थ-जेनरेशन मल्टीरोल फाइटर है जिसे एयर सुपीरियरिटी, स्ट्राइक मिशन, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और इंटेलिजेंस आॅपरेशन के लिए डिजाइन किया गया है। यह तीन वेरिएंट में आता है। </p>
<p>1- कन्वेंशनल एफ-35ए, <br />2- शॉर्ट-टेक ऑफ/वर्टिकल-लैंडिंग एफ-35बी<br />3- कैरियर-बेस्ड एफ-35सी। लेकिन इन विमानों का मेंटिनेंस काफी ज्यादा है और चूंकी भारत के अपने फाइटर जेट प्रोजेक्ट भी हैं इसलिए भारत के लिए रूसी एसयू-57 सबसे बेहतर विमान है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Feb 2026 12:36:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>MI-17 हेलीकॉप्टरों के हवाई प्रदर्शन, वीरता पुरस्कार विजेताओं के साथ 77वें गणतंत्र दिवस का आगाज</title>
                                    <description><![CDATA[77वें गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर ‘ध्वज’ हवाई फॉर्मेशन का शानदार प्रदर्शन हुआ। एमआई-17 हेलीकॉप्टरों ने तिरंगा और तीनों सेनाओं के ध्वज लहराए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/77th-republic-day-begins-with-gallantry-award-winners-in-aerial/article-140886"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/air.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राजधानी में कर्तव्य पथ पर 77वें गणतंत्र दिवस समारोह का भव्य आगाज 'ध्वज' फॉर्मेशन के शानदार हवाई प्रदर्शन के साथ हुआ। 129 हेलीकॉप्टर यूनिट के चार एमआई-17 वी4 हेलीकॉप्टरों ने उल्टे 'वाई' के आकार में उड़ान भरते हुए आकाश में तिरंगा और तीनों सेनाओं के ध्वज लहराए।</p>
<p>इस विशेष फॉर्मेशन का नेतृत्व ग्रुप कैप्टन आलोक अहलावत ने किया, जो राष्ट्रीय ध्वज लेकर चल रहे थे। उनके साथ डिप्टी फॉर्मेशन लीडर विंग कमांडर आशुतोष खंडूरी ने भारतीय सेना का ध्वज, विंग कमांडर अभिषेक मल्होत्रा ने भारतीय नौसेना और विंग कमांडर अभिषेक शुक्ला ने भारतीय वायु सेना का ध्वज थाम रखा था।</p>
<p>गणतंत्र दिवस परेड का नेतृत्व परेड कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल भवनीश कुमार, जनरल ऑफिसर कमांडिंग (दिल्ली क्षेत्र) ने संभाली। उनके साथ डिप्टी परेड कमांडर मेजर जनरल नवराज ढिल्लों, चीफ ऑफ स्टाफ (दिल्ली क्षेत्र मुख्यालय) मौजूद थे। परेड की परंपरा के अनुसार, परेड कमांडर के पीछे देश के सर्वोच्च वीरता पुरस्कार विजेता चल रहे थे। इनमें परमवीर चक्र और अशोक चक्र से सम्मानित सैन्य अधिकारी और जवान शामिल थे।</p>
<p>परमवीर चक्र विजेताओं में सूबेदार मेजर (मानद कप्तान) योगेंद्र सिंह यादव पीवीसी और सूबेदार मेजर संजय कुमार पीवीसी ने गौरव के साथ उपस्थिति दर्ज कराई। वहीं अशोक चक्र विजेताओं में मेजर जनरल सी.ए. पीठावालिया और कर्नल डी. श्रीराम कुमार शामिल थे, जिनका राष्ट्र ने तालियों की गडग़ड़ाहट के साथ स्वागत किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 26 Jan 2026 14:22:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>राष्ट्रपति मुर्मू ने किया ग्रुप कैप्टन शुक्ला शांतिकाल के सर्वोच्च वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित, अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन जाकर रचा था इतिहास</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली में 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अंतरिक्ष और रक्षा क्षेत्र में भारत का नाम रोशन करने वाले वायु सेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को शांतिकाल के सर्वोच्च वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/president-murmu-honored-group-captain-shukla-with-ashok-chakra-the/article-140864"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/atmanirbhar.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर जाने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री और वायु सेना के जांबाज पायलट ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर सोमवार को शांतिकाल के सर्वोच्च वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया। </p>
<p>ग्रुप कैप्टन शुक्ला के साथ गगनयान मिशन के लिए चुने गये वायु सेना के पायलट ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन नायर को भी कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है। ग्रुप कैप्टन शुक्ला ने पहले भारतीय के रूप में 26 जून को अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन जाकर इतिहास रचा था। इससे पहले वायु सेना के विंग कमांडर राकेश शर्मा सोवियत संघ के मिशन में अंतरिक्ष गये थे।</p>
<p>ग्रुप कैप्टन शुक्ला को चार सदस्यों वाले भारत के महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष मिशन गगनयान के लिए भी चुना गया है। उन्होंने 18 दिन की अंतरिक्ष स्टेशन की यात्रा के दौरान विभिन्न शोध कार्यो में योगदान दिया था। उन्हें लड़ाकू विमानों सहित विभिन्न विमानों को उडाने का दो हजार घंटे से भी अधिक का अनुभव है।</p>
<p>अशोक चक्र भारत का सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार है जो सैनिकों और नागरिकों को असाधारण बहादुरी, साहस या सर्वोच्च बलिदान के लिए दिया जाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 26 Jan 2026 11:47:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>'ऑपरेशन सागर बंधु' के तहत भारतीय वायुसेना ने चक्रवात प्रभावित 355 भारतीय नागरिकों को श्रीलंका से सुरक्षित निकाला, बचाव कार्य जारी</title>
                                    <description><![CDATA[बाढ़ और भूस्खलन से तबाह श्रीलंका में फँसे भारतीय नागरिकों की मदद के लिए भारतीय वायुसेना ने ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ को तेज़ कर दिया है। गंभीर प्रभावित कोटमाले क्षेत्र में सड़क संपर्क टूटने के बीच वायुसेना ने बड़े पैमाने पर राहत अभियान चलाते हुए 335 भारतीयों को सुरक्षित भारत पहुंचाया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/under-operation-sagar-bandhu-indian-air-force-safely-evacuated-355/article-134265"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/opreaton-sagar-bandh.png" alt=""></a><br /><p>तिरुवनंतपुरम। भारतीय वायुसेना (आईएएफ़) ने बाढ़-प्रभावित श्रीलंका से भारतीयों को निकालने के लिये चलाये जा रहे 'ऑपरेशन सागर बंधु' के तहत मानवीय सहायता और आपदा राहत प्रयासों को तेज करते हुए 335 नागरिकों को सुरक्षित निकाला है। भारतीय वायुसेना ने श्रीलंकाई प्राधिकारियों के साथ समन्वय में काम करते हुए भूस्खलन प्रभावित कोटमाले क्षेत्र में बड़े बचाव और निकासी अभियान चलाए हैं, यह क्षेत्र सड़क संपर्क टूटने के कारण पूरी तरह से अलग-थलग पड़ा हुआ है। </p>
<p>भारतीय वायुसेना ने रविवार रात श्रीलंका से 335 भारतीय नागरिकों को हवाई मार्ग से तिरुवनंतपुरम पहुंचाया और आपदा प्रभावित क्षेत्रों से उनकी सुरक्षित निकासी सुनिश्चित की। भारतीय वायुसेना ने फंसे हुए नागरिकों को निकालने के साथ-साथ श्रीलंका की आपातकालीन प्रतिक्रिया को मजबूत करने के लिए विशेष चिकित्सा दल, बचावकर्मी और आवश्यक राहत सामग्री भी तैनात की है। </p>
<p>दक्षिणी वायु कमान के नेतृत्व में अंजाम दिये गये इन अभियानों में एमआई-17वी5 मध्यम-लिफ्ट हेलीकॉप्टर और गरुड़ विशेष बलों के जवान शामिल थे। इन्हें स्थानीय एजेंसियों की सहायता के लिए कोलंबो में तैनात किया गया था। श्रीलंकाई अधिकारियों के साथ मिलकर अभियान को अंजाम देते हुए भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने अलग-थलग, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कई उड़ानें भरीं। इस दौरान वायुसेना ने घायल और फंसे हुए नागरिकों को बचाया, आपातकालीन राहत सामग्री पहुंचाई और आपदा-प्रतिक्रिया टीमों को महत्वपूर्ण स्थानों पर पहुंचाया। </p>
<p>भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने कई उच्च जोखिम वाले मिशनों में 57 श्रीलंकाई सेना के जवानों को दियातलावा आर्मी कैंप और कोलंबो से मध्य प्रांत के कोटमाले पहुंचाया जो भूस्खलन के कारण सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में से एक है। पूरे दिन भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने 45 फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकाला, जिनमें छह गंभीर रूप से घायल और चार शिशु शामिल थे। बचाये गये लोगों में 12 भारतीय नागरिक, कई देशों के विदेशी नागरिकों का एक बड़ा समूह और श्रीलंकाई नागरिक भी शामिल थे।</p>
<p>वायुसेना ने जमीन पर राहत कार्यों को तेज करने के लिए चल रहे बचाव और निकासी प्रयासों में सहायता के लिए 57 श्रीलंकाई सेना के कर्मियों को भी प्रभावित क्षेत्र में पहुंचाया। आईएएफ़ ने भीष्म कैप्सूल और मेडिकल टीम को भी राहत कार्यों में शामिल किया और रात आठ बजे तक 400 से ज्यादा भारतीय नागरिकों को हवाई मार्ग से सुरक्षित भारत वापस लाया गया और सेना की अभी और उड़ानें भरने की योजना बनायी गयी है।</p>
<p>इस अभियान में एक हाइब्रिड बचाव प्रयास भी शामिल था। इस प्रयास के तहत बाढ़-प्रभावित क्षेत्रों में फंसे हुए नागरिकों तक पहुंचने के लिए गरुड़ कमांडो को दुर्गम क्षेत्रों में हवाई मार्ग से भेजा गया। फिर उन्हें हेलीकॉप्टर से निकालने के लिए निर्दिष्ट लैंडिंग बिंदुओं पर ले जाया गया। भारतीय वायुसेना ने श्रीलंकाई, भारतीय और विदेशी नागरिकों सहित 55 नागरिकों को सफलतापूर्वक निकाला और उन्हें सुरक्षित कोलंबो पहुंचाया। एक दुखद घटनाक्रम में, इस अभियान में छह मृत व्यक्तियों के शव भी निकाले गये। इनमें चार बच्चे शामिल थे। </p>
<p>फिलहाल, दो भारतीय हेलीकॉप्टर चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं और अब तक 10 से ज्यादा बचाव उड़ानें भर चुके हैं। भारतीय वायुसेना ने पुष्टि की है कि राहत और बचाव कार्य मंगलवार को भी जारी रहेंगे। मौसम और हालात के आधार पर अतिरिक्त अभियानों की योजना बनायी गयी है। </p>
<p>श्रीलंका में फंसे भारतीय नागरिक कोलंबो के भंडारनायके अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भारतीय उच्चायोग द्वारा स्थापित आपातकालीन सहायता डेस्क से संपर्क कर सकते हैं। व्हाट्सएप और कॉलिंग के लिए 94 773727832 पर भी सहायता उपलब्ध है। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Dec 2025 13:27:44 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>भारतीय वायुसेना का एयर शो लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[ शो के पैमाने और उत्सुक दर्शकों की संख्या के मामले में चेन्नई का शो सबसे बड़ा है। कुल 72 विमानों ने युद्धाभ्यास किया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/indian-air-forces-air-show-included-in-limca-book-of/article-92473"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/630400-size-(6)4.png" alt=""></a><br /><p>चेन्नई। भारतीय वायुसेना की 92वीं वर्षगांठ पर चेन्नई के मरीना बीच पर हुए शानदार एयर शो ने रविवार को लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज करा लिया। यह सबसे बड़े एयर शो में से एक होने और इसके भव्य प्रदर्शन के लिए रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो गया है। शो को 15 लाख लोगों ने देखा, जो 21 साल के अंतराल के बाद मरीना में आयोजित एयर शो में देखी गई सबसे अधिक भीड़ है।</p>
<p>पिछली बार जब यह कार्यक्रम 2003 में यहां आयोजित किया गया था और उस समय 13 लाख लोगों ने इसे देखा था। रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है, चेन्नई के लोगों ने भारतीय वायुसेना द्वारा अपनी 92वीं वर्षगांठ पर एक शानदार एयर शो देखा, जिसने इस शो को लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में शामिल करा दिया।</p>
<p><strong>एयर शो के दौरान तीन की मौत, 200 से ज्यादा हीट स्ट्रोक के चलते बेहोश </strong><br />चेन्नई में एयर शो के दौरान भारी भीड़ और गर्मी के चलते तीन लोगों की मौत हो गई जबकि 200 से ज्यादा लोग बेहोश हो गए। शो सुबह 11 बजे शुरू हुआ जो 2 घंटे चला। हालांकि लोग सुबह 8 बजे ही मरीना बीच पर जुटने लग गए थे। इस दौरान तापमान 36 डिग्री तक पहुंच गया था जिसके चलते हीट स्ट्रोक से 200 लोग बीमार हो गए। </p>
<p><strong>72 विमानों ने युद्धाभ्यास किया</strong><br />शो के पैमाने और उत्सुक दर्शकों की संख्या के मामले में चेन्नई का शो सबसे बड़ा है। कुल 72 विमानों ने युद्धाभ्यास किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के तौर पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन उपस्थित थे। इसके अलावा उनके साथ उनके मंत्रिमंडल के सहयोगी भी एयर शो को देखने पहुंचे थे। एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने इस मेगा इवेंट की अध्यक्षता की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 07 Oct 2024 11:58:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>तरंग शक्ति से गरज रहा भारत का आसमान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भारत की निरंतर बढ़ती रक्षा क्षमताओं को वैश्विक स्तर पर उजागर करने तथा विविध भागीदारी अंतरराष्ट्रीय रक्षा संबंधों को मजबूत करने में अभ्यास के महत्व को रेखांकित करने के लिए इन दिनों जोधपुर में बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास तरंग शक्ति का आयोजन चल रहा है, जो भारत की रक्षा कूटनीति और सैन्य सहयोग में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 12 सितंबर को तरंग शक्ति में वायुसेना के युद्धाभ्यास कार्यक्रम में शामिल हुए और जोधपुर स्थित वायुसेना स्टेशन पर शुरू होने वाली डिफेंस एक्सपो का भी उद्घाटन किया, जिसमें भारत में निर्मित हथियार, हेलीकॉप्टर सहित अन्य</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/indias-sky-thundering-with-tarang-shakti/article-90385"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/630400-size-(1)3.png" alt=""></a><br /><p>भारत की निरंतर बढ़ती रक्षा क्षमताओं को वैश्विक स्तर पर उजागर करने तथा विविध भागीदारी अंतरराष्ट्रीय रक्षा संबंधों को मजबूत करने में अभ्यास के महत्व को रेखांकित करने के लिए इन दिनों जोधपुर में बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास तरंग शक्ति का आयोजन चल रहा है, जो भारत की रक्षा कूटनीति और सैन्य सहयोग में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 12 सितंबर को तरंग शक्ति में वायुसेना के युद्धाभ्यास कार्यक्रम में शामिल हुए और जोधपुर स्थित वायुसेना स्टेशन पर शुरू होने वाली डिफेंस एक्सपो का भी उद्घाटन किया, जिसमें भारत में निर्मित हथियार, हेलीकॉप्टर सहित अन्य रक्षा सामग्री प्रदर्शित की गई थी। इस दौरान सभी मित्र देशों के एयर चीफ भी भारत पहुंचें।  सभी एयर चीफ एक-दूसरे देश के एयरक्राफ्ट उड़ाएं।</p>
<p>भारतीय वायुसेना की मेजबानी में जोधपुर में शुरू हुए सबसे बड़े बहुपक्षीय वायु अभ्यास तरंग शक्ति का दूसरा चरण 14 सितंबर तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें भारत के अलावा सात देशों के विमान एक साथ युद्धाभ्यास में हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें अमेरिका, श्रीलंका, ऑस्ट्रेलिया, जापान, सिंगापुर, ग्रीस और यूएई की वायुसेना टीम शामिल हैं। तरंग शक्ति वायु अभ्सास का उद्देश्य विभिन्न देशों की वायु सेनाओं के बीच अंतर-संचालन क्षमता में सुधार करना, आधुनिक युद्ध में सामूहिक सुरक्षा और परिचालन प्रभावशीलता को बढ़ाना है। इस वॉर एक्सरसाइज में भारतीय वायुसेना और विदेशी विमान आसमान में अपना कौशल दिखाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर रहे हैं। जोधपुर के आसमान में जब भारत की सूर्य किरण टीम ने 9 हॉक्स विमानों के जरिये जोधपुर के आसमान में तिरंगा बनाते हुए विलक्षण करतब दिखाए तो हर कोई दांतों तले उंगली दबाए उसे निहारता ही रह गया। तरंग शक्ति के दौरान 9 सितंबर को तो जोधपुर में भारत की तीनों सेनाओं ने उस समय इतिहास रच दिया, जब पहली बार जल, थल और वायु सेना के उप-प्रमुखों ने स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस में उड़ान भरी। यह पहला अवसर था, जब आर्मी के वाइस चीफ  लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि, एयरफोर्स के वाइस चीफ  एयर मार्शल एपी सिंह और नौसेना के वाइस चीफ  कृष्णा स्वामीनाथन ने तेजस में उड़ान भरी और भारत के तीनों वाइस चीफ  की ये उड़ान भारत के लिए रणनीतिक तौर पर अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। तरंग शक्ति में भारतीय वायुसेना के राफेल, सुखोई, मिराज, जगुआर और तेजस विमान पूरी दुनिया को अपना जलवा दिखा रहे हैं, वहीं अमेरिका के ए-10 थंडरबोल्ट, ग्रीक के एफ16 फाइटिंग फाल्कन,ऑस्ट्रेलिया के एफ ए-18 हॉरनेट,जापान के मित्सुबिशी एफ 2 सहित अन्य देशों की एफ 16 विमान के साथ आई टीमें साथ मिलकर एयर-टू-एयर तथा एयर-टू-ग्राउंड ऑपरेशन में अपनी-अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन कर रहे हैं। तरंग शक्ति के पहले और दूसरे चरण में कुल 800 सैनिक शामिल हो रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया की रायल ऑस्ट्रेलियन एयरफोर्स ने भारतीय वायुसेना के तरंग शक्ति अभ्यास के दूसरे चरण में हिस्सा के लेने के लिए पहली बार अपने लड़ाकू विमानों को भारत भेजा है। 12 सितंबर से तरंग शक्ति में डिफेंस एक्सपो शुरू होगा,जिसमें स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस, लड़ाकू हेलीकॉप्टर प्रचंड और लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर ध्रुव शामिल है, साथ ही अन्य हथियारों का भी प्रदर्शन किया जाएगा।</p>
<p>तरंग शक्ति का आयोजन पहले 2023 के अंत में करने की योजना थी, लेकिन कुछ कारणों से उसे उस समय टाल दिया गया था और अब आयोजित किए जा रहे इस बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास में स्वदेशी वायु रक्षा क्षमताओं का प्रदर्शन किया जा रहा है, जिसमें विशेष रूप से भारत की रक्षा उत्पादन क्षमताओं को दर्शाया जा रहा है। इस वायु अभ्यास में भारतीय वायुसेना अपने हल्के लड़ाकू विमान, उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर तथा हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर जैसे स्वदेशी प्लेटफार्मों का प्रदर्शन कर रही है। इस बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास का उद्देश्य इसमें हिस्सा लेने वाले सभी देशों की वायु सेनाओं के बीच अंतर-संचालनीयता को बढ़ावा देना, उन्हें सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने और परिचालन समन्वय में सुधार करने में सक्षम बनाना है। तरंग शक्ति में उड़ान और जमीनी प्रशिक्षण के अलावा रक्षा प्रदर्शनियां तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं और वायु अभ्यास में हिस्सा ले रहे देशों के रक्षाकर्मी भारतीय प्रौद्योगिकी कंपनियों का दौरा भी करेंगे।</p>
<p>तरंग शक्ति भारत में आयोजित हो रहा अभी तक का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय वायु अभ्यास है, जो अपने यथार्थवादी युद्ध परिदृश्यों और व्यापक अंतरराष्ट्रीय भागीदारी के लिए जाने जाते रहे। करीब तीन महीने पहले 4 से 14 जून 2024 तक अलास्का में अयोजित हवाई अभ्यास रेड फ्लैग 2024 के दूसरे संस्करण में भारतीय वायुसेना ने भी हिस्सा लिया था। सिंगापुर तथा अमेरिकी विमानों के साथ भारतीय राफेल भी उस संयुक्त अभ्यास में शामिल हुआ था। इन आयोजित मिशनों में आक्रामक काउंटर एयर और एयर डिफेंस भूमिकाओं में लार्ज फोर्स एंगेजमेंट के एक भाग के रूप में बियॉन्ड विजुअल रेंज युद्ध अभ्यास शामिल थे। </p>
<p><strong>-योगेश कुमार गोयल</strong><br /><strong>(यह लेखक के अपने विचार हैं) </strong></p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Sep 2024 12:20:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वायुसेवा का मिग-29 क्रैश, पायलट सुरक्षित</title>
                                    <description><![CDATA[ घटना की जानकारी मिलने के बाद बाड़मेर कलक्टर निशांत जैन, एसपी नरेंद्र सिंह मीणा सहित जिले के प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/indian-air-forces-mig-29-crash-pilot-safe/article-89444"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/1rtrer-(15).png" alt=""></a><br /><p>जोधपुर। बाड़मेर में उत्तरलाई एयरबेस के निकट तकनीकी खराबी के चलते नियमित कॉलिंग प्रशिक्षण पर निकला एक मिग-29 फाइटर प्लेन क्रैश हो गया। हादसा होने से पहले पायलट ने प्लेन को इंजेक्ट करा दिया,  जिससे जनहानि होने से बच गई। हादसा बाड़मेर उतरलाई एयरबेस के पास हुआ।</p>
<p>बताया जा रहा है कि तेज धमाके के साथ मिग में आग लग गई।  यहीं नहीं पायलट क्रैश होने से पहले इंजेक्ट कर मिग से बाहर निकल गया। पायलट ने सूझबूझ दिखाते फाइटर प्लेन को रहवासी ढाणी से दूर लेकर गया, जहां वह क्रैश हो गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद बाड़मेर कलक्टर निशांत जैन, एसपी नरेंद्र सिंह मीणा सहित जिले के प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। एयरफोर्स में इसकी पुष्टि करते हुए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दिए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जोधपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Sep 2024 11:25:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Loksabha Elections 2024 के दौरान वायु सेना के विमानों और हेलीकॉप्टरों ने भरी 1700 से अधिक उड़ान</title>
                                    <description><![CDATA[दुर्गम क्षेत्रों में इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन और अन्य मशीनों तथा चुनावी सामग्री को पहुंचाने के लिए किया गया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/air-force-planes-and-helicopters-flew-more-than-1700-sorties/article-81304"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/indian-air-force-mi17.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। वायु सेना के विमान और हेलीकॉप्टर युद्ध में विभिन्न अभियान चलाने के साथ साथ शांतिकाल में भी राष्ट्र निर्माण की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण अभियानों को अंजाम देते हैं और इसी कड़ी में हाल ही में संपन्न लोकसभा चुनावों में इन विमानों ने एक हजार घंटे के दौरान 1750 से अधिक उड़ान भरी। </p>
<p>वायु सेना ने बताया कि उसके एमआई-17 वेरिएंट, हल्के उपयोगी हेलीकॉप्टर (चेतक) और स्वदेशी उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर ध्रुव तथा मालवाहक विमानों ने चुनावकर्मियों से लेकर चुनावी सामग्री को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने के लिए एक हजार घंटे तक 1750 से अधिक उड़ान भरी। </p>
<p>इन हेलीकाप्टरों तथा विमानों का इस्तेमाल विशेष रूप से दूर दराज के दुर्गम क्षेत्रों में इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन और अन्य मशीनों तथा चुनावी सामग्री को पहुंचाने के लिए किया गया। </p>
<p>वायु सेना का यह अभियान इसलिए भी महत्वपूर्ण था क्योंकि मतदान अधिकारियों को चुनाव की तारीख से दो दिन पहले प्रत्येक दूरस्थ मतदान केंद्र पर सुरक्षित पहुंचाना था और फिर वहां से वापस लाना था। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Jun 2024 16:23:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वायु, जमीन और जल में जवानों का शौर्य प्रदर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[भारत-पाकिस्तान सीमावर्ती थार के रेगिस्तान में चल रहे संयुक्त युद्धाभ्यास त्रिशक्ति प्रहार के दौरान सैकड़ों जाबाजों ने वायु सेना के मालवाहक विमान से हथियारों से लैस जांबाजों ने आसमान से छलांग लगाई और धरती पर आते ही दुश्मन को मार गिराया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaisalmer/bravery-displayed-by-soldiers-in-air-land-and-water/article-62284"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-11/jaisalmer.png" alt=""></a><br /><p>जैसलमेर। भारत-पाकिस्तान सीमावर्ती थार के रेगिस्तान में चल रहे संयुक्त युद्धाभ्यास त्रिशक्ति प्रहार के दौरान सैकड़ों जाबाजों ने वायु सेना के मालवाहक विमान से हथियारों से लैस जांबाजों ने आसमान से छलांग लगाई और धरती पर आते ही दुश्मन को मार गिराया।<br /> आधुनिक हथियारों से लैस भारतीय जांबाजों ने पलक झपकते ही दुश्मन को खत्म कर दिया। इस दौरान थल सेनाध्यक्ष मनोज पांडे ने सभी जवानों की हौसला अफजाई की।  युद्धाभ्यास में आर्मी, एयरफोर्स और नेवी अपना दमखम दिखा रही है। इसमें तीनों सेनाओं के करीब 30 हजार सैनिक हिस्सा ले रहे हैं। मॉडर्न टेक्नोलोजी से लैस ड्रोन से युद्धाभ्यास की निगरानी रखी जा रही है। जवान जब दुश्मन की ओर कदम बढ़ाते हैं, तब ड्रोन के जरिए आॅपरेशन की निगरानी की जाती है। </p>
<p><strong>यह युद्धाभ्यास महत्वपूर्ण </strong><br />अभ्यास के दौरान खुफिया व अन्य जानकारी रखने, टोही विमान से लंबी दूरी के हमले, सटीक हमलों से दुश्मन को नेस्तनाबूद करने का अभ्यास किया जा रहा है। चीन सीमा पर विवाद के चलते यह युद्धाभ्यास महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्य रूप से भारतीय वायु सेना की दक्षिणी पश्चिमी कमान की आॅपरेशनल कैपेबिलिटी और रेडिनेस का प्रदर्शन भी शामिल है। मानव रहित हवाई वाहन, सटीक-निर्देशित मिसाइल, लोइटर युद्ध सामग्री, काउंटर-ड्रोन सिस्टम, संचार प्रणाली और आॅटोमेटिक स्पेक्ट्रम मॉनिटरिंग सिस्टम जैसी स्पेशल टेक्नोलॉजी की टेस्टिंग की जा रही है।</p>
<p><strong>विश्वयुद्ध जैसी स्थिति देखते हुए अभ्यास</strong><br />विश्व में युद्ध जैसी स्थिति को देखते हुए नई रणनीति के तहत अभ्यास किया जा रहा हैं। जिसमें नए हथियारों की टेस्टिंग भी की जाएगी। आर्मी के टी-90 एस और अर्जुन टैंक, हॉवित्जर, हेलिकॉप्टर और अन्य हथियार शामिल हैं। लड़ाकू विमान, अटैक हेलिकॉप्टर अपाचे, हैवी-लिफ्ट हेलिकॉप्टर और नेवी के विभिन्न विमान भी हिस्सा ले रहे हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जैसलमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Nov 2023 09:59:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>ऐतिहासिक बड़ी झील के चारों ओर जुटा जनसैलाब, वायुसेना के अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टर ने दिखाया करतब</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय वायुसेना के अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टर के आसमान में हैरतअंगेज करतब देखने के लिए ऐतिहासिक बड़ी और छोटी झील के आसपास हजारों लोगों का समूह उमड़ पड़ा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/crowd-gathered-around-the-historic-badi-lake-air-forces-state-of-the-art/article-58439"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/airforce.png" alt=""></a><br /><p>भोपाल। भारतीय वायुसेना के अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टर के आसमान में हैरतअंगेज करतब देखने के लिए ऐतिहासिक बड़ी और छोटी झील के आसपास हजारों लोगों का समूह उमड़ पड़ा।</p>
<p>बड़ी झील के आसपास वीआईपी रोड, कमला पार्क, वोट क्लब, रवींद्र भवन और अन्य इलाकों में सुबह से ही हजारों लोगों की भीड़ जुट गयी है। इन इलाकों में भीड़ के मद्देनजर वाहनों का प्रवेश सुबह आठ बजे से बंद कर दिया गया है। दर्शक केवल पैदल चलकर ही निर्धारित स्थान पर पहुंच रहे हैं। वहीं पार्किंग की व्यवस्था भी आसपास के क्षेत्रों में की गयी है।</p>
<p>इसके अलावा शहर के पुराने हिस्से को जोडऩे वाली छोटी झील के आसपास भी हजारों लोगों का समूह जुट चुका है। रोमांचित नागरिक भारतीय वायुसेना के जांबाज पायलटों के आसमान में हैरतअंगेज करतब देखने के लिए बेताब नजर आए। आज के कार्यक्रम की वजह से शहर में अनेक स्थानों पर मार्ग परिवर्तित किया गया है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 Sep 2023 19:20:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>इंडियन एयरफोर्स ने अग्निनवीर भर्ती के लिए जारी किया नोटिफिकेशन</title>
                                    <description><![CDATA[उम्मीदवारों को 250 रुपये का शुल्क देना होगा। भुगतान पेमेंट गेटवे के माध्यम से डेबिट कार्ड/क्रेडिट कार्ड/इंटरनेट बैंकिंग का उपयोग करके किया जा सकता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world-of-education/indian-air-force-released-notification-for-agniveer-recruitment/article-51838"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/black-futuristic-roadmap-your-story-(1)1.png" alt=""></a><br /><p>इंडियन एयरफोर्स में भर्ती की सोच रहे युवाओं के लिए खुशखबरी,इंडियन एयर फोर्स ने अग्निवीरवायु की भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है,जो भी उम्मीदवार इस भर्ती में भाग लेना चाहते हैं। वे आधिकारिक वेबसाइट से अग्निवीरवायु भर्ती नोटिफिकेशन को चेक कर सकते हैं,अग्निवीरवायु भर्ती के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 27 जुलाई को शुरू होगी। इच्छुक उम्मीदवार इंडियन एयर फोर्स में भर्ती के लिए आवेदन फॉर्म 17 अगस्त तक भर सकेंगे।<br /><br /><strong>कौन कर सकता है अप्लाई :</strong> भारतीय वायु सेना अग्निवीरवायु के लिए अविवाहित भारतीय पुरुष और महिला उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं।मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं कर चुके युवा इसके लिए अप्लाई कर सकते हैं। इसके लिए अधिकतम आयु सीमा 21 वर्ष होनी चाहिए।<br /><br />कब होगी परीक्षा : अग्निवीरवायु की भर्ती के लिए 13 अक्टूबर को परीक्षा होगी। भारतीय वायु सेना अग्निवीरवायु चयन प्रक्रिया में तीन चरण होंगे पहले चरण में उम्मीदवारों को ऑनलाइन परीक्षा देनी होगी। दूसरे चरण में ऑनलाइन परीक्षा, शारीरिक स्वास्थ्य परीक्षण और अनुकूलन परीक्षण 1 और 2 और तीसरे चरण में उम्मीदवारों को मेडिकल परीक्षा देनी होगी। अग्निवीरवयु में नामांकन के लिए अंतिम रूप से बुलाए गए उम्मीदवारों की सूची फरवरी में जारी होगी।<br /><br />परीक्षा शुल्क : उम्मीदवारों को 250 रुपये का शुल्क देना होगा। भुगतान पेमेंट गेटवे के माध्यम से डेबिट कार्ड/क्रेडिट कार्ड/इंटरनेट बैंकिंग का उपयोग करके किया जा सकता है। <br /><br />आवेदन की अंतिम तिथि:  17 अगस्त तक</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 15 Jul 2023 12:00:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>IAF चीफ आरकेएस भदौरिया बोले- बदलाव के दौर से गुजर रही वायसेना, देश में ही बनेगा 5वीं पीढ़ी का एयरक्राफ्ट</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय वायुसेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया ने कहा कि तेजी से बदल रही सुरक्षा चुनौतियों और पड़ोस एवं अन्य क्षेत्रों में बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के मद्देनजर भारतीय वायुसेना प्रौद्योगिकियों को तेजी से शामिल करके परिवर्तन के महत्वपूर्ण दौर से गुजर रही है। हमारे अभियानों के हर पहलू में प्रौद्योगिकियों और लड़ाकू शक्ति का जितनी तेजी से समावेश अब हो रहा है, उतना पहले कभी नहीं हुआ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/iaf-%E0%A4%9A%E0%A5%80%E0%A4%AB-%E0%A4%86%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%8F%E0%A4%B8-%E0%A4%AD%E0%A4%A6%E0%A5%8C%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A5%8B%E0%A4%B2%E0%A5%87--%E0%A4%AC%E0%A4%A6%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%B5-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%A6%E0%A5%8C%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%97%E0%A5%81%E0%A4%9C%E0%A4%B0-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%80-%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%B8%E0%A5%87%E0%A4%A8%E0%A4%BE--%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B9%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%97%E0%A4%BE-5%E0%A4%B5%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%A2%E0%A4%BC%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%8F%E0%A4%AF%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AB%E0%A5%8D%E0%A4%9F/article-806"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-06/e4odklsxwaarfdq.png" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद। तेलंगाना में शनिवार को डुंडीगल वायु सेना अकादमी में आयोजित कंबाइंड ग्रेजुएशन परेड (सीजीपी) में भारतीय वायु सेना में फ्लाइंग और ग्राउंड ड्यूटी शाखाओं के 161 फ्लाइट कैडेट कमीशन अधिकारी बने। वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने पासिंग आउट परेड का निरीक्षण किया। उन्होंने उड़ान और दिशासूचक (नेविगेशन) प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले कैडेटों को विंग और ब्रेवेट भी भेंट किए। उन्होंने भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल के अधिकारियों को विंग भी भेंट किए।<br /> <br /> भारतीय वायुसेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया ने संयुक्त स्नातक परेड को संबोधित करते हुए कहा कि तेजी से बदल रही सुरक्षा चुनौतियों और पड़ोस एवं अन्य क्षेत्रों में बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के मद्देनजर भारतीय वायुसेना प्रौद्योगिकियों को तेजी से शामिल करके परिवर्तन के महत्वपूर्ण दौर से गुजर रही है। हमारे अभियानों के हर पहलू में प्रौद्योगिकियों और लड़ाकू शक्ति का जितनी तेजी से समावेश अब हो रहा है, उतना पहले कभी नहीं हुआ। मेरा हमेशा से मानना रहा है कि आप जिस पीढ़ी से हैं, वह तकनीकी रूप से अनुकूल है और डिजिटल स्पेस का उपयोग करने में अच्छी तरह से वाकिफ है। अब आपके लिए इसे साबित करने का समय है। आप जिस माहौल में कदम रखेंगे, वह न केवल चुनौती देगा बल्कि आपकी क्षमताओं को भी बढ़ाएगा।<br /> <br /> उन्होंने भारत-चीन सीमा पर तनाव के मुद्दे पर कहा कि एक साल पहले जब ये हुआ था हमने तैनाती की थी। उसके बाद एक साल में हमारी ताकत को कम करने का तो सवाल ही पैदा नहीं है। इस एक साल में हमने भी कदम उठाए हैं और काम किया है। हमारी क्षमता जो एक साल पहले थी आज उससे कहीं ज्यादा है। उन्होंने आगे कहा कि इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड पर चर्चा चल रही है। क्षमता बढ़ाने के लिहाज से राफेल और एलसीए के बाद हमने दो-तीन बड़े कदम उठाए हैं, उसमें एएमसीए का सबसे बड़ा है। पांचवीं पीढ़ी का एयरक्राफ्ट जो देश में बनेगा उसका निर्णय ले लिया गया है। इसे डीआरडीओ तैयार करेगा। हॉक, किरण, पिलाटस विमान और चेतक हेलीकॉप्टरों द्वारा रोमांचक फ्लाई पास्ट परेड का मुख्य आकर्षण केन्द्र थे। पासिंग आउट परेड देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे, जिनमें स्नातक कैडेटों के माता-पिता एवं अभिभावक और रिश्तेदार शामिल थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 19 Jun 2021 16:40:12 +0530</pubDate>
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