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                <title>सीएचसी में मदर लैब शुरू नहीं होने से मरीज परेशान, नहीं मिल रहा उन्नत जांच सुविधाओं का लाभ </title>
                                    <description><![CDATA[मदर लैब के लिए मशीनें सीएचसी पहुंची लेकिन भवन अधूरा होने से  स्थापित नहीं की गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/patients-inconvenienced-as--mother-lab--fails-to-launch-at-chc--denied-access-to-advanced-diagnostic-facilities/article-150420"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)-(16).png" alt=""></a><br /><p>कैथून। कैथून सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वीकृत बीपीएचयू भवन का निर्माण तय समय पर पूरा नहीं होने से मदर लैब शुरू नहीं हो सकी है, जिससे मरीजों को मुफ्त जांच सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जानकारी के अनुसार कैथून सीएचसी में बीपीएचयू यूनिट वर्ष 2023 में स्वीकृत हुई थी, जिसके लिए 75 लाख रुपए मंजूर किए गए थे। योजना के अनुसार वर्ष 2024 तक भवन निर्माण पूरा कर हैंडओवर होना था, लेकिन अब तक निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। इसके चलते मदर लैब शुरू नहीं हो सकी और क्षेत्र के हजारों मरीज उन्नत जांच सुविधाओं से वंचित हैं। कैथून सीएचसी में आसपास के गांवों से सैकड़ों मरीज रोजाना उपचार के लिए आते हैं। भवन तैयार नहीं होने से कैंसर मार्कर, बायोप्सी और हार्मोनल टेस्ट सहित 145 प्रकार की जटिल जांचें शुरू नहीं हो पा रही हैं।</p>
<p><strong>मशीनें पहुंचीं, लेकिन स्थापना रुकी</strong><br />जानकारी के अनुसार मदर लैब के लिए ऑटोमैटिक बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर, कोबास C-801 और इलेक्ट्रोलाइट एनालाइजर जैसी मशीनें सीएचसी पहुंच चुकी हैं, लेकिन भवन अधूरा होने के कारण इन्हें स्थापित नहीं किया जा सका। योजना के तहत पीएचसी और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों से सैंपल लेकर मदर लैब भेजे जाने थे और रिपोर्ट ऑनलाइन मरीजों को उपलब्ध कराई जानी थी।</p>
<p><strong>विधायक से लगाई गुहार</strong><br />भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष हरिओम पुरी और देवेंद्र शर्मा ने मदर लैब शुरू कराने को लेकर विधायक कल्पना देवी से चर्चा की। इस पर विधायक ने संबंधित अधिकारियों को जल्द निर्माण कार्य पूरा कर लैब शुरू कराने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p><strong>शिफ्टिंग की चर्चा से बढ़ी चिंता</strong><br />स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी है कि मदर लैब को कैथून के बजाय कोटा में कहीं अन्य स्थान पर शिफ्ट किया जा सकता है। इस पर हरिओम पुरी ने लैब को कैथून में ही संचालित रखने और मशीनों को अन्यत्र नहीं भेजने की मांग की है। साथ ही लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि लैब को कहीं और स्थानांतरित किया गया तो इसका विरोध किया जाएगा।</p>
<p>ठेकेदार द्वारा समय पर कार्य पूरा नहीं करने से परियोजना रुकी हुई है। ठेकेदार को कई बार मौखिक रूप से निर्देश दिए गए हैं और उच्च अधिकारियों को पत्र भी भेजे गए हैं। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिला कलक्टर को भी इस स्थिति से अवगत कराया जा चुका है।<br /><strong>-डॉ. राजेश सामर, चिकित्सा अधिकारी प्रभारी, सीएचसी, कैथून</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Apr 2026 17:43:52 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - खानपुर सीएचसी को मिले डॉक्टर, मिलेगी बेहतर चिकित्सा सुविधा</title>
                                    <description><![CDATA[ दैनिक नवज्योति ने इस मुद्दे को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया था। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/impact-of-news--khanpur-chc-receives-doctors--better-medical-facilities-now-available/article-146362"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)16.png" alt=""></a><br /><p>खानपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खानपुर में चिकित्सकों की कमी के कारण मरीजों को हो रही परेशानियों को लेकर 'दैनिक नवज्योति' द्वारा प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने त्वरित संज्ञान लिया है। विभाग ने जनहित में कदम उठाते हुए रिक्त पदों की पूर्ति के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की है। खानपुर सीएचसी में कार्यरत एक चिकित्सक का पीजी कोर्स के लिए चयन हो गया है। उच्च शिक्षा के लिए उनके कार्यमुक्त होने से अस्पताल में चिकित्सकों की भारी कमी हो गई थी, जिससे ओपीडी और आपातकालीन सेवाएं प्रभावित हो रही थीं। </p>
<p>दैनिक नवज्योति ने इस मुद्दे को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया था। तत्काल नियुक्ति के आदेश समाचार के असर के चलते, विभाग ने सीएचसी असनवार में कार्यरत संविदा चिकित्सक डॉ. भूपेश पहाड़िया को अग्रिम आदेशों तक तत्काल प्रभाव से सीएचसी खानपुर में नियुक्त कर दिया है। कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, डॉ. पहाड़िया को दोपहर ही असनवार कार्यालय से कार्यमुक्त कर दिया गया है। उन्हें निर्देशित किया है कि वे बिना किसी विलंब के सीएचसी खानपुर में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें ताकि स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से संचालित हो सकें। क्षेत्र के ग्रामीणों ने 'दैनिक नवज्योति' का आभार जताते हुए कहा कि खबर के माध्यम से उनकी समस्या शासन तक पहुँची, जिससे अब मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Mar 2026 14:41:57 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title> मोड़क स्टेशन सीएचसी की जर्जर इमारत का कमरा ढहा, घटना के समय कोई मौजूद नहीं होने से टला बड़ा हादसा </title>
                                    <description><![CDATA[ छह दशक पुराना अस्पताल भवन जर्जर हो चुका है बारिश के दौरान टूट चुकी हैं पट्टियां  । ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/a-room-in-the-dilapidated-modak-station-chc-building-collapsed--a-major-tragedy-was-averted-as-no-one-was-present-at-the-time/article-142895"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(12200-x-600-px)-(4)7.png" alt=""></a><br /><p>मोड़क स्टेशन। क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मंगलवार को एक बड़ा हादसा होते-होते रह गया। अस्पताल की करीब 60 वर्ष पुरानी जर्जर इमारत का एक कमरा अचानक भरभरा कर गिर गया। राहत की बात यह रही कि घटना के समय वहां कोई मौजूद नहीं था, अन्यथा बड़ी जनहानि हो सकती थी। घटना के बाद अस्पताल भवन की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हादसे की सूचना मिलते ही पंचायत समिति सदस्य नईमुद्दीन कुरैशी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल की बदहाल स्थिति पर गहरी चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री और चिकित्सा मंत्री को पत्र लिखकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। कुरेशी ने पत्र में उल्लेख किया है कि मोड़क स्टेशन का यह अस्पताल लगभग छह दशक पुराना है और अब पूरी तरह जर्जर हो चुका है। भवन की हालत ऐसी है कि यहां आने वाले मरीजों और कार्यरत कर्मचारियों की जान हर समय जोखिम में बनी रहती है।</p>
<p><strong>पूर्व में हुए हादसों से नहीं लिया सबक</strong><br />जानकारी के अनुसार तीन माह पूर्व बारिश के दौरान इस सीएचसी के एक कमरे की पट्टियां टूट गई थीं। इसके अलावा एक अन्य घटना में कमरे की छत पर लगे पंखे के कड़े टूट जाने से पंखा नीचे गिर गया था। इन घटनाओं के बावजूद भवन की मरम्मतं या पुनर्निर्माण की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए।</p>
<p><strong>दो करोड़ रुपए की स्वीकृति की मांग</strong><br />पंचायत समिति सदस्य कुरैशी ने सरकार से मांग की है कि पुरानी जर्जर इमारत को तत्काल हटाकर नए भवन का निर्माण कराया जाए। उन्होंने अस्पताल के पुनर्निर्माण के लिए दो करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत करने की पुरजोर मांग की है। ताकि क्षेत्रवासियों को सुरक्षित और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।</p>
<p>मोड़क स्टेशन सीएचसी की हालत बेहद चिंताजनक है। रोजाना सैकड़ों मरीज यहां इलाज के लिए आते हैं। लेकिन भवन की जर्जर दीवारें किसी भी समय गिर सकती हैं। स्वास्थ्य केंद्र में सुरक्षा की व्यवस्था मजबूत की जाए और जब तक मरम्मत नहीं होती, तब तक अस्थायी सुरक्षित व्यवस्था की जाए।<br /><strong>- दीपक आहूजा, समाजसेवी</strong></p>
<p>मोडक स्टेशन सीएचसी भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है। दीवारों से प्लास्टर गिर रहा है और कई जगहों पर दीवारें अपने आप ढहने की स्थिति में हैं। यह आमजन और मरीजों की जान के साथ सीधा खिलवाड़ है। प्रशासन से मांग की है कि तत्काल भवन का निरीक्षण कर मरम्मत या नए भवन का निर्माण कराया जाए ताकि किसी बड़ी दुर्घटना से पहले समाधान निकाला जा सके।<br /><strong>- अब्दुल सत्तार, कांग्रेस जिला अल्पसंख्यक उपाध्यक्ष</strong></p>
<p>पंचायत समिति की ओर से इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया जाएगा। संबंधित विभाग को ज्ञापन देकर जल्द कार्रवाई की मांग की जाएगी। यदि समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो आंदोलन का रास्ता भी अपनाया जाएगा।<br /><strong>- नईमुद्दीन कुरैशी, पंचायत समिति सदस्य</strong></p>
<p>सीएचसी भवन की जर्जर स्थिति से उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। विभाग को लिखित सूचना भेजी जा चुकी है और जल्द ही समाधान की उम्मीद है।<br /><strong>- डॉ. पंकज राठौर, वरिष्ठ चिकित्सक, सीएचसी, मोड़क स्टेशन</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Feb 2026 14:50:53 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>बांसी सीएचसी पर डॉक्टर नदारद, कैसे मिलेगा मरीजों को उपचार?</title>
                                    <description><![CDATA[ संबंधित विभागीय उच्चाधिकारी भी अनजान होकर बैठे है। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/--doctor-absent-at-bansi-chc---how-will-the-patients-get-treatment/article-90685"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/630400-size-(13).png" alt=""></a><br /><p>भण्डेड़ा। क्षेत्र में बांसी कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर शनिवार को एक भी चिकित्सक केन्द्र पर नहीं आए तो रोगी व तीमारदार मेल नर्स से उपचार के लिए कतारबद्ध नजर आए है। इस दरमियान परेशानियों का सामना कर रहे रोगियों का कहना था कि चिकित्सक नही होने से मेल नर्स के पास काफी भीड़ थी। गंभीर रोगियों को कतार में परेशान होना पड़ा तो जी घबराने पर एक तरफ बैठकर अपनी बारी का इंतजार करने को मजबूर होना पड़ा। ओपीडी डेढ़ सौ से दो सौ पार फिर भी जिम्मेदारों की बेपरवाही से रोगियों व तीमारदारों की परेशानी बढ़ा रही है। संबंधित विभागीय उच्चाधिकारी भी अनजान होकर बैठे है। </p>
<p>जानकारी के अनुसार बांसी में देई रोड पर स्थित सीएचसी पर शनिवार को एक भी चिकित्सक नही होने से यहां पर आए रोगियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा है। रोगियों के साथ आए तीमारदारों ने बताया कि उचित उपचार के लिए यहां पर आए है। मगर यहां पर एक भी चिकित्सक नही मिलने पर रोगी व तीमारदारों को उपचार लेने के लिए मेल नर्स को दिखाने के लिए लंबी कतार में लगना पडा है। गंभीर रोगियों को लाइन में जी घबराहट की स्थिति में कतार से एक तरफ बैठना पड़ा है। संबंधित विभाग ने क्षेत्र के रोगियों को समय पर उचित उपचार के लिए तीन चिकित्सक लगा रखे है। जिनमें से एक को दुगारी लगा रखा है। दो चिकित्सक यहां पर कार्यरत है। शनिवार को दोनों में से एक भी नही होने से यहां पर धीरे-धीरे काफी संख्या में रोगी व तीमारदार पहुंच गए थे। जो चिकित्सक के नही मिलने पर उचित उपचार के लिए कुछ तो अन्यत्र जाते हुए देखे गए हैं। फिर भी केन्द्र पर मेल नर्स को दिखाने के लिए कतार में काफी भीड़ नजर आई है। भीड़ को देख कुछ रोगी व तीमारदार अपनी खडे रहने की हालत नही होने पर इधर-उधर बैठे हुए कतार में भीड़ कम होने का इंतजार करते हुए नजर आए है। गौरतलब है कि मौसमी बीमारियां फैलने से घर-घर में लोग वायरल, बुखार, सर्दी,खांसी का शिकार हो रहे है। लेकिन बांसी सीएचसी में ऐसी स्थिति में मरीजों की भीड़ बढ़ने पर डॉक्टर का उपलब्ध न होना ग्रामीणों को काफी अखर रहा है। </p>
<p><strong>लगभग 24 गांवों के लोग पहुंचते है इलाज कराने</strong><br />बांसी सीएचसी पर डोड़ी, उंरासी, मानपुरा, बीजन्ता, फतेहपुरा, भामर, मरां, मुण्डली, कल्याणपुरा, सादेड़ा, कालानला, माधोराजपुरा, फलास्थुनी, गुजरियाखेड़ा, निमोद, खोड़ी, भजनेरी, डोकून, रामगंज, भण्डेड़ा, बांसी सहित 24 गांवों से भी रोगी उचित उपचार की मंशा लिए पहुंचते है, पर रोगियों के भर्ती वार्ड में बेड भी कम पड़ते नजर आते है।</p>
<p><strong>उपचार के लिए आए रोगियों का कहना </strong><br />उचित उपचार के लिए यहां पर आए है, पर यहां पर आए तो चिकित्सालय में एक भी चिकित्सक नही मिला। मजबूरन मेल नर्स से उपचार के लिए पहुंचे, तो काफी भीड़ थी। कतार में लगना पडा बहुत समय बाद रजिस्ट्रेशन की नंबर की बारी आई। फिर जाकर मेल नर्स से उपचार मिला है। <br /><strong>- लक्ष्मण गुर्जर, निवासी गुजरियाखेड़ा</strong></p>
<p>उपचार के लिए आई हूँ। कतार में खडेÞ नही रहा जा रहा है जी घबराता है। लंबे समय से परेशान हो रही हूं फिर भी उपचार के लिए दीवार का सहारा लेकर बैठना पड़ रहा है।<br /><strong>- देव बाई, निवासी भामर का झोपडा </strong></p>
<p>मुझे आठ रोज हो गया केंद्र पर आते हुए। मगर चिकित्सक नही मिलते है। उचित उपचार के लिए आते है पर उपचार कंपाउंडर से ही लेना पड़ता है। संबंधित विभागीय जिम्मेदारों का ध्यान नही है। यहां पर इस समय काफी संख्या में रोगी पहुंच रहे है। पर उचित उपचार नही मिल रहा है वह भी लंबे समय तक अपनी बारी आने के लिए या तो कतार में लगो या फिर इधर उधर बैठकर समय गुजारना पड़ता है। तब भी उचित उपचार नही मिल रहा है। <br /><strong>- उच्छबलाल, निवासी बांसी </strong></p>
<p>उचित उपचार के लिए नाले की राह को खतरे से निकल कर आए है। यहां आए तो पता चला की देखने वाले ही नही है। फिर इधर-उधर भटकते हुए कंपाउंडर के पास लगी भीड में लगना पड़ा है। जो उनसे उपचार लिया है। <br /><strong>- भैरवलाल गुर्जर, निवासी रामगंज </strong></p>
<p>केन्द्र पर उचित उपचार की आस लगाकर आई थी। यहां पर चिकित्सक नही है। जो दवाइयां कंपाउंडर से लिखवानी पडी है। <br /><strong>- मुमताज बैगम, निवासी मंरा स्वास्थ्य अधिकारी का कहना है </strong></p>
<p>इस समय बांसी केंद्र पर दो हैं, क्यों नहीं आए हैं। ब्लॉक सीएमएचओ से इसकी जानकारी करते हैं। <br /><strong>- डॉ. आॅपी सामर, सीएमएचओ, बूंदी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Sep 2024 17:30:42 +0530</pubDate>
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                <title>बांसी सीएचसी की छत खस्ताहाल, खतरे में जिंदगियां </title>
                                    <description><![CDATA[चिकित्सा विभाग की अनदेखी पड़ न जाए भारी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/the-roof-of-bansi-chc-is-in-a-dilapidated-condition--lives-are-in-danger/article-87638"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/4111u1rer-(2)21.png" alt=""></a><br /><p>भण्डेड़ा। क्षेत्र के बांसी कस्बे में सीएचसी भवन लंबे समय से ही जर्जर में संचालित हो रहा है। यहां कक्षों की छत से प्लास्तर गिर रहा। सीएचसी कक्षों की दीवार में भी नमी आने लगी है। रोगियों, तीमारदारों को सहित कर्मचारियों को भी खतरा बना हुआ है। इस केंद्र पर बड़ी संख्या में ग्रामीण अंचलों से लोग उपचार के लिए आते है। यहां जिंदगियां खतरे के साए में है। अस्पताल की लेब और प्रसूता के कक्ष में भी हालत बहुत खराब है। जानकारी के अनुसार बांसी में देई रोड़ पर स्थित सीएचसी पुराने भवन में चल रहा है। जिसमें रोगी भर्ती वार्ड में कक्ष की छत का प्लास्तर छुटकर कभी भी नीचे गिर जाता है। इस समय भी एक जगह से उखडे प्लास्तर के बाद छत का आरसीसी सरिया नजर आ रहा है। उसी जगह पर कुछ प्लास्तर छत से तो छुटता नजर आ रहा है। पर छत पर लगे पंखे की फीटिंग में कुछ हिस्सा दबा हुआ होने से वह छत से जगह देकर अटका हुआ है। लेब कक्ष में देखे तो एक जगह से छत से छुटा प्लास्तर के बाद छत के सरिया में भी पपडी उतरती नजर आ रही है। </p>
<p>पीएनसी वार्ड में व अन्य कक्षों की दीवारों में नमी आ रही है। चिकित्सक के कक्ष में फर्स में लगी टाइले भी खिसकी हुई है। जो आवाजाही वाले रोगी तीमारदार व कर्मचारियों का पैर रखते ही टाइल नीचे दब जाती है। पैर हटाते ही ऊपर आ जाती है। यहां पर इस हाल के भवन में यह केंद्र संचालित हो रहा है। जो इस समय मौसम परिवर्तन के साथ ही मौसमी बीमारियों के रोगियों व तीमारदार की संख्या में दिनोंदिन बढ़ोतरी हो रही है। इस केन्द्र की जर्जर हालत होने से यहां पर कार्यरत कर्मचारी सहित सभी को खतरा हो रहा है। गनीमत है कि अभी तक किसी के साथ कोई अनहोनी घटना नहीं हुई है। मौसम परिवर्तन के साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर रोजमर्रा ही ओपीडी मरीजों की संख्या 170 से 200 तक पहुंच जाती है, तो इनके साथ तीमारदार भी पहुंचने पर केन्द्र पर ठहराव करने वालों की संख्या और भी अधिक रहती है। जो इस समय भवन के यह हाल से सभी को खतरा बना हुआ है। इस समय बरसाती दिनों में भवन की स्थिति से लोगों को खतरा बना हुआ है। केन्द्र पर इंवेटर भी कभी खराब तो कभी सही जैसे हाल बने हुए रहते है। इंवेटर भी कम क्षमता का होने से बिजली बंद रहने के समय यहां पर कुछ जगहों पर इंवेटर सुविधा उपलब्ध रहती है। कुछ कक्षों में सप्लाई बंद रहती है, जो मौके पर रोगी व तीमारदारों सहित मौके पर रहने वाले कर्मचारियों को भी बहुत परेशानी होती रहती है। पर मजबूरन जिम्मेदारों की उदासीनता को झेल रहे है।</p>
<p><strong>ओहदा बढ़ा पर अस्पताल को मरहम की ही दरकार</strong><br />सरकार द्वारा यहां केन्द्र का दर्जा बढा दिया पर कर्मचारियों सहित सुविधाओं की बहुत-सी कमियों  को खुद ही झेल रहा है। जिससे क्षेत्र के आने वाले रोगियों को भी नाम के अनुरूप जैसी सुविधाएं उपलब्ध नही हो रही है। उचित उपचार के लिए जिला मुख्यालय सहित अन्य बड़े शहरों की ओर रुख करते है।इस समय चल रहे मौसम परिवर्तन के साथ ही रोगियों की तादाद भी बढती जा रही है। जो भर्ती वार्ड में रोगियों को जगह नही मिलने पर केन्द्र के परिसर में बैठकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। बरसात आने पर चिकित्सा के कक्ष के सामने टेबलों पर बैठकर इंतजार करते नजर आते है। सोमवार को भी उपचार के लिए केन्द्र पर आए रोगी व तीमारदारों की भीड़ देखने को मिली है। भर्ती वार्ड में अभी बैड खाली नही है, रोगियों को अपनी बारी का इंतजार करना पडेगा।</p>
<p><strong>ग्रामीणों का दर्द</strong><br />बांसी निवासी निरुशंकर शर्मा का कहना है कि सीएचसी के वार्डों में मरीजों के ऊपर कभी भी जर्जर छतों से प्लास्तर उखड़ कर गिर सकता है। ऐसे में वार्ड में मरीज दहशत में है। </p>
<p>बांसी निवासी पदम कुमार जैन ने बताया कि सीएचसी की लैब और प्रसूता कक्ष में भी स्थिति खराब है। यहां पर सीलन इतनी अधिक है कि कभी भी यहां आने वाली प्रसुताओं और मरीजों पर प्लास्तर गिरने से जख्मी हो सकते है। </p>
<p>वहां पर चिकित्सक इस तरह के मरम्मत कार्य को क्यों नही करवाते है। इस समय तो चिरंजीवी भी शुरू है। कल सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर पहुंचकर निरीक्षण करेगें। मौके पर कमी नजर आएगी, तो उसका समाधान करवाया जाएगा। <br /><strong>- संजय मीणा, ब्लॉक सीएमएचओ नैनवां </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 13 Aug 2024 18:50:48 +0530</pubDate>
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                <title>सीएचसी भवन में लाग लगने से लाखों का नुकसान</title>
                                    <description><![CDATA[आगजनी में मेडिसिन स्टोर की सभी दवायें जलकर खाक होने के साथ अस्पताल के कई दरवाजे भी जलकर राख हो गये।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/sawai-madhopur/loss-worth-lakhs-due-to-fire-in-chc-building/article-76603"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/fire1.png" alt=""></a><br /><p>सवाई माधोपुर । राजस्थान के सवाई माधोपुर में मित्रपुरा तहसील मुख्यालय पर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी) भवन में गुरुवार तड़के भीषण आग लग जाने से लाखों रुपये का नुकसान हो गया है।मेडिसिन स्टोर में रखे फ्रिज में शॉर्ट सर्किट से ब्लास्टिंग होने के बाद पूरे मेडिसिन स्टोर में भीषण आग लग गयी जिसने पूरे अस्पताल को अपनी जद में ले लिया। करीब तीन घण्टे बाद सवाई माधोपुर से पहुंची दमकल ने दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।</p>
<p>बताया गया कि मित्रपुरा तहसील मुख्यालय पर दमकल की व्यवस्था नहीं होने की वजह से पहले वैकल्पिक संसाधनों से ही आग बुझाने के प्रयास शुरू किये गये। टैंकर मंगवाकर पानी की मोटर चलाई और आग बुझाने की कोशिश की गयी, लेकिन सफलता नहीं मिली। आगजनी में मेडिसिन स्टोर की सभी दवायें जलकर खाक होने के साथ अस्पताल के कई दरवाजे भी जलकर राख हो गये।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>सवाई माधोपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 May 2024 17:03:51 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>हाल-ए- कुन्हाड़ी सीएचसी: एक्सरे मशीन बंद, वार्ड की बिजली गुल</title>
                                    <description><![CDATA[ अस्पताल में आधे भाग में तो बिजली सुचारू हो गई है लेकिन आधे हिस्से में बिजली की केबल जलने से फाल्ट का पता नहीं चल पा रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/hall-e--kunhadi-chc--x-ray-machine-closed--ward-s-power-failure/article-47086"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-05/haal-e-kunhadi-ch-xray-machine-band,-ward-ki-bijali-gul...kota-news-29-05-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। एक माह पूर्व  कुन्हाड़ी सीएचसी में दवाइयां, रिकॉर्ड और केबल जलने के हालात अभी तक नहीं सुधर पाए। अस्पताल  का आधा ब्लॉक अभी भी अंधेरे में  है। अस्पताल  में  जनरल वार्ड में बिजली नहीं होने से मरीजों को गर्मी में परेशान होना पड़ रहा है। वहीं एक्स-रे मशीन की  केबल जलने से 1 माह से मरीजों को बाहर से एक्सरे कराना पड़ रहा है। अस्पताल में 60 से 70 मरीज रोज अस्थि रोग के आ रहे हैं। ऐसे में मरीजों को बाहर से एक्सरे  करवाना पड़ रहा है। अस्पताल प्रशासन की ओर से केडीएल को बिजली की केबल ठीक करने के लिए कई बार अवगत कराया जिसके बाद आधे ब्लॉक में तो बिजली चालू हो चुकी हैं लेकिन लिफ्ट और वार्ड और एक्स-रे मशीन की  केवल अभी भी ठीक नहीं होने से मरीजों परेशान होना पड़ रहा है । गौरतलब है कि कुन्हाड़ी स्थित शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में एक माह पूर्व सुबह अचानक आग लग गई। आग लगने से काफी सामान और दवा जल गई थी। समय रहते आस-पड़ौस के लोगों ने आग को पानी डालकर बुझाया था जिससे बड़ा हादसा टल गया था। प्रभारी डॉ. अल्का मित्तल ने बताया कि आग लगने से आवश्यक दवाइयां, कम्प्यूटर, डाटा केबल, सीपीयू, टेबल, दो लिविंग चेयर स्टूल, एससी, पंखा, ट्यूबलाइट सहित कई तरह की पर्चियां, रिकॉर्ड व अन्य दस्तावेज जल गए थे । तभी से अस्पताल आधे भाग में बिजली बंद चल रही है ।</p>
<p><strong>सिंगल फेज से नहीं चल पा रही पानी की मोटर</strong><br />नर्सिंग आॅफिसर गुल मोहम्मद अंसारी ने बताया कि अस्पताल में आधे भाग में तो बिजली सुचारू हो गई है लेकिन आधे हिस्से में बिजली की केबल जलने से फाल्ट का पता नहीं चल पा रहा है। जिसके कारण आधे हिस्से में सिंगल फेस बिजली ही चल रही है जिससे ना तो पानी की मोटर कर पा रही है। नहीं एक्सरे हो पा रहे हैं ऐसे में मरीजों को पानी तक के लिए परेशान होना पड़ रहा है।</p>
<p><strong>वार्ड में मरीज नहीं हो पा रहे भर्ती</strong><br />अस्पताल में इलाज कराने आए मरीज विजय वर्मा ने बताया कि अस्पताल में बिजली गुल होने से वार्ड में मरीजों को भर्ती करने में परेशानी हो रही है। दुर्घटना में घायल हुए मरीजों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ता है लेकिन वार्ड में बिजली की केबल कटी होने के कारण पंखे व कूलर नहीं चल पा रहे है। </p>
<p><strong>एक माह से बंद पड़ी लिफ्ट </strong><br />अस्पताल की केवल जलने से एक माह से लिफ्ट बंद करने से मरीजों को सैकंड फ्लोर में जाने में परेशानी हो रही है सेकंड फ्लोर पर प्रसूता व बच्चों का वार्ड है। प्रसूताओं को सीढ़ियां चढ़कर ऊपर जाना पड़ता है। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />बिजली सुचारू करने के लिए केडीएल को अवगत कराया था उनके कर्मचारी आकर अवलोकन भी कर गए लेकिन अस्पताल में लाइन में किस जगह फाल्ट आया यह पता नहीं चलने से आधे हिस्से में बिजली बंद है लिफ्ट व एक्स-रे मशीन नहीं चल पा रही है।<br /><strong>- डॉ अलका मित्तल , कुन्हाड़ी सीएचसी प्रभारी।  </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 May 2023 14:50:39 +0530</pubDate>
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                <title>मर्ज से पहले मरीज दे रहे दर्द की परीक्षा</title>
                                    <description><![CDATA[काउंटर से पर्ची कटवाने में मारामारी मची हुई है। पर्ची कटवाना हो या डॉक्टर को दिखाना मरीजों के लिए चुनौती बनी हुई है।  विज्ञान नगर सीएचसी में बदइंतजामी के ऐसे ही हालात बने हुए हैं। इन दिनों मौसमी बीमारियों के कारण आउटडोर 400 पार कर गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/patients-giving-pain-test-before-merge/article-43057"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/marj-se-pehle-marij-de-rahe-dard-ki-pariksha...kota-news..17.4.2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए मरीजों को हर रोज अग्निपरीक्षा देनी पड़ रही है। डॉक्टर को दिखाने से पहले मरीज को पर्ची कटवाने की जंग जीतनी पड़ती है। सुरज आग बरसा रहा और मरीज कतारों में दर्द से कराह रहे। आलम यह है, जब तक पर्ची कटती है तब तक मरीज निढाल हो चुका होता है। घंटों लाइन में खड़ा रहने के बाद किसी तरह पर्ची हाथ में आ भी जाए तो डॉक्टर तक पहुंचने में फिर से कतारों की चुनौतियों से जूझना पड़ता है। नम्बर आने तक शरीर की बचीखुची ताकत भी  जवाब दे जाती है। इलाज मिलने से पहले ही मरीज बेहाल हो जाता है। दरअसल, विज्ञान नगर सीएचसी में बदइंतजामी के ऐसे ही हालात बने हुए हैं। इन दिनों मौसमी बीमारियों के कारण आउटडोर 400 पार कर गया। सबसे ज्यादा मरीज वायरल बुखार के आ रहे हैं। तीन साल से यहां पर्ची काउंटर पर एक ही आॅपरेटर कार्यरत हैं। जबकि, मरीजों की संख्या देखते हुए यहां कम से कम दो आॅपरेटर की आवश्यकता है। ऐसे में मरीज इलाज से पहले ही बेढ़ाल हो रहे हैं।  </p>
<p><strong>आउटडोर 400 पार, पर्ची के लिए मारामारी  </strong><br />विज्ञान नगर सीएचसी क्षेत्र का सबसे बड़ा अस्पताल है। यहां प्रतिदिन 400 से ज्यादा आउटडोर पहुंच रहा है। सबसे ज्यादा मरीज वायरल बुखार, खर्दी-खांसी, जुकाम के आ रहे हैं। बदइंतजामी के कारण मरीजों की पीढ़ा कम होने के बजाए और बढ़ रही है। काउंटर से पर्ची कटवाने में मारामारी मची हुई है। पर्ची कटवाना हो या डॉक्टर को दिखाना मरीजों के लिए चुनौती बनी हुई है। उन्हें घंटों कतारों में खड़ा रहना पड़ता है। यहां भारी भीड़ के बीच मरीज को पर्ची कटवाने में एडी से चोटी तक का जोर लगाना पड़ रहा है। पर्ची हाथ में आने के बाद डॉक्टर तक पहुंचने व दवा लेने तक सीएचसी की अव्यवस्था से जूझना पड़ रहा है। </p>
<p><strong>तीन साल से पर्ची काउंटर पर एक ही आॅपरेटर</strong><br />सामुदायिक स्वास्थ्य अस्पताल में तीन साल से पर्ची काउंटर पर एक ही आॅपरेटर कार्यरत है। जबकि, प्रतिदिन 400 से 500 के बीच मरीज इलाज को आ रहे हैं। काउंटर पर पर्ची के लिए लंबी कतारें लग रही हैं। यहां महिला-पुरूष की अलग-अलग काउंटर है। लेकिन, बुजुर्गों के लिए अलग से कोई व्यवस्था नहीं है। उन्हें भी 41 डिग्री टेम्प्रेचर में कड़ी धूप में खड़ा रहना पड़ता है। कई बार आॅपरेटर को मरीजों के गुस्से का शिकार होना पड़ता है। घंटों तक लाइनों में खड़े रहने के बावजूद समय पर पर्ची नहीं मिलती। सबसे ज्यादा परेशानी तब आती है जब कोई इमरजेंसी मरीज आ जाए। उसकी पर्ची बनाने के दौरान अन्य मरीज आॅपरेटर से उलझ पड़ते हैं और हाथापाई की नौबत तक आ जाती है।  </p>
<p><strong>गश खाकर जमीन पर गिर जाते हैं मरीज  </strong><br />संजय नगर निवासी जावेद खान व प्रहलाद मीणा ने बताया कि तीन दिन से तेज बुखार से पीड़ित हैं। पिछले गुरूवार को अस्पताल आए थे लेकिन भीड़ अधिक होने के कारण वापस चले गए थे। शनिवार को फिर से आए हैं। हालांकि, इस बार भीड़ कम थी लेकिन सवा घंटे लाइन में  खड़े रहने के बाद नम्बर आया। विज्ञान नगर विस्तार योजना निवासी अनुज वर्मा व अक्षय कुमावत ने बताया कि पिछले मंगलवार को इतनी भीड़ अधिक थी। पर्ची के इंतजार में एक वृ़द्धा गश खाकर गिर गई थी। यहां पर्ची काउंटर पर दो आॅपरेटर लगाना चाहिए ताकि मरीजों को जल्द इलाज मिल सके।  </p>
<p><strong>सीएचसी प्रभारी नहीं दे रही ध्यान</strong><br />अस्पताल कर्मचारियों ने बताया कि पंर्ची काउंटर पर आॅपरेटर की कमी सबसे बड़ी समस्या है। इसको लेकर पूर्व में सीएचसी प्रभारी डॉ. सविता शर्मा को लिखित में शिकायत देकर एक और आॅपरेटर लगाने की गुहार लगाई थी। लेकिन, सुनवाई नहीं हुई। चिकित्सा अधिकारियों की लापरवाही से स्वास्थ्य कर्मी मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पर्ची के दौरान सॉफटवेयर में  मरीज का नाम, पता, उम्र और कम्प्यूटराइज्ड पर्ची काटकर देने में समय लगता है। ऐसे में पीछे मरीजों की कतार और अधिक बढ़ जाती है। कई बार तो मरीज लाइन में ही गश खाकर गिर जाते हैं।  </p>
<p><strong>बढ़ रहे मौसमी बीमारी के रोगी </strong><br />अस्पताल में मौसम के बदलाव और बढ़ी गर्मी के कारण मौसमी बीमारी के रोगी लगातार बढ़ रहे हैं। वर्तमान में 300 से 400 के पार आउटडोर पहुंच रहा है। इन दिनों खांसी, जुकाम, वायरल बुखार, शरीर में दर्द, जी घबराना, ब्लड प्रेशर के रोगियों की भीड़ लग रही है। इन दिनों वायरल फीवर चल रहा है।  <br /><strong>- डॉ. समर्थ उपाध्याय, चिकित्सक सीएचसी, विज्ञान नगर</strong></p>
<p> सीएचसी की पर्ची काउंटर पर एक ही आॅपरेटर होने से मरीजों के साथ आॅपरेटर भी परेशानी से जूझ रहा है। लंबे समय से यह समस्या बनी हुई है। हमने आॅपरेटर लगाने की मांग को लेकर सीएमएचओ को पत्र भेज रखा है। लेकिन, सुनवाई ही नहीं होती। हालांकि, मरीजों की सुविधा के लिए लगातार हम व्यवस्थाओं में सुधार कर रहे हैं। <br /><strong>- डॉ. सविता शर्मा, प्रभारी, विज्ञान नगर सीएचसी </strong></p>
<p>विज्ञान नगर सीएचसी प्रभारी के पास वर्तमान में तीन आॅपरेटर हैं। वे, अपने स्तर पर व्यवस्था कर इनमें से किसी को भी काउंटर पर लगा सकती हैं। मैडम प्रभारी हैं, उन्हें व्यवस्थाओं में सुधार करने का अधिकार है। यदि, फिर भी आॅपरेटर की जरूरत है तो वे ओपीडी की संख्या देखते हुए एप्लीकेशन दें, कि हम काउंटर बढ़ाना चाहते हैं। हम उस पत्र को जयपुर संबंधित उच्चाधिकारियों को भेजकर स्टाफ की मांग करेंगे। लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिले, इसके लिए शहर में 12 जगहों पर जनता क्लिनिक खोला है। <br /><strong>- डॉ. जगदीश सिंह, सीएमएचओ</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Apr 2023 15:33:29 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - देई सीएचसी में अस्थाई चिकित्सक देखेंगे मरीजों को, दिए निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[दैनिक नवज्योति में  24 फरवरी को , परेशानी- देई सीएचसी एक डॉक्टर के भरोसे ... शीर्षक से खबर का प्रकाशन किया था। जिस पर सीएमएचओ ने पांच चिकित्सकों को व्यवस्था में लगाया।  सीएमएचओ ओपी सामर ने चिकित्सालय का निरीक्षण किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/effect-of-news---temporary-doctors-will-see-patients-in-dei-chc--instructions-given/article-38297"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-02/asar-khaber-ka--dei-chc-mei-asthai-chikitsak-dekhege-marijo-ko.-diye-nirdesh..kota-news..25.2.2023.jpg" alt=""></a><br /><p>देई। सीएचसी देई में शुक्रवार को बूंदी सीएमएचओ ओपी सामर ने निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल में चिकित्सकों की कमी को देखते हुए अस्थाई तौर पर अलग-अलग दिनों के लिए पांच चिकित्सकों की व्यवस्था की गई। उल्लेखनीय है कि दैनिक नवज्योति में  24 फरवरी को परेशानी:देई सीएचसी एक डॉक्टर के भरोसे ... शीर्षक से खबर का प्रकाशन किया था। जिस पर चिकित्सा विभाग चेता और सीएमएचओ ने पांच चिकित्सकों को तुरंत देई सीएचसी में लगाया।  बूंदी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ओपी सामर ने बताया कि एक दिन ओपीडी तथा आॅन कॉल इमरजेन्सी सेवाओं के लिए सोमवार को पीएचसी बांसी से डॉ.भीमसिह,मंगलवार को पीएचसी दुगारी से डॉ.कन्हैयालाल मीना,बुधवार को उपजिला चिकित्सालय नैनवां से डॉ.मुरारीलाल मीना,गुरूवार को डॉ. शाहिद,शुक्रवार को डॉ. देवकीनन्दन देई चिकित्सालय मे मरीजों को देखेंगे। </p>
<p> दैनिक नवज्योति में  24 फरवरी को , परेशानी- देई सीएचसी एक डॉक्टर के भरोसे ... शीर्षक से खबर का प्रकाशन किया था। जिस पर सीएमएचओ ने पांच चिकित्सकों को व्यवस्था में लगाया।  सीएमएचओ ओपी सामर ने चिकित्सालय का निरीक्षण किया। जिसमें सुधार हेतु आवश्यक निर्देश दिए गये। जिला कलक्टर के  बेहतरीन बूंदी के तहत संचालित मिशन कायाकल्प में सीएचसी में रंग रोगन,मरीजों को निर्धारित अवधी के अनुसार बेड सीट बदलने,नकारा सामानों का निस्तारण किया जाने के निर्देश दिए। राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध सुविधाऐं मरीजों को मिले। निरीक्षण के दौरान ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी एलपी नागर,केन्द्र प्रभारी चिकित्सा अधिकारी योगेश पंवार, डॉ, पीसी मीना सहित चिकित्साकर्मी मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 Feb 2023 15:31:01 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>भुसावर सीएचसी पर जेब तराशी और बाइक चोरी</title>
                                    <description><![CDATA[भुसावर। कस्बा स्थित स्वास्थ्य केंद्र जो क्षेत्र के लिए उपचार का एक मात्र केंद्र है, लेकिन इन दिनों स्थानीय पुलिस की लापरवाही और मनमानी के चलते अब सिर्फ  जेब तराशी और बाइक चोरी का अड्डा बन  गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bharatpur/pocket-carving-and-bike-theft-at-bhusawar-chc/article-11789"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/pic-3.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>भुसावर।</strong> कस्बा स्थित स्वास्थ्य केंद्र जो क्षेत्र के लिए उपचार का एक मात्र केंद्र है, लेकिन इन दिनों स्थानीय पुलिस की लापरवाही और मनमानी के चलते अब सिर्फ  जेब तराशी और बाइक चोरी का अड्डा बन  गया है। जिससे इन दिनों यहां आने वाले रोगी वा परिजन दहशत में रहने लगे है, लेकिन पुलिस रोज की वारदात होने के बावजूद एक भी जेब तराशे को गिरफ्तार नहीं कर पाई है, जिससे ऐसे शातिरों के हौसले बुलंद है।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि 2 जून को भी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर उपचार कराने आए कस्बा निवासी भगवत प्रसाद की जेब से 2100 रुपए एवं कटारियापुरा निवासी विक्रम सिंह की जेब से 4500 रुपए निकालने की वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई। 5 जून को  अपनी पत्नी को संस्थागत प्रवस के लिए लेकर आए एक व्यक्ति की बाइक को अज्ञात चोर उठाकर ले गए। गुरुवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर रोगी पर्ची कटाने पहुंचे सीनियर सिटीजन शिक्षाविद् विश्म्वरदयाल पाण्डेय की 9500 रुपए  की जेब तराशी हो गई। हॉस्पिटल में लगे सीसीटीवी में बारदात को अंजाम देने वाला एवं उसके तीन सहयोगी साफ नजर आ रहे हैं।</p>
<p>चिकित्सक कुछ समझ पाते उससे पूर्व जेबकतरे अपने कार्य को अंजाम देकर फरार हो गए। चिकित्सालय प्रभारी डॉ. बलराम मीना ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, जिसमें लगभग सभी वारदातें कैद होती है। पूर्व में घटित घटनाओं को लेकर भुसावर थानाधिकारी को पत्र लिखा गया था, लेकिन आज तक उन्होंने एक भी सादा वर्दीधारी को ओपीडी के समय चिकित्सालय नहीं भेजा। रोगी संख्या अधिक होने के कारण हमारा ध्यान हमेशा कैमरों की स्कीन पर नहीं रह पाता। इसके उपरांत भी संदिग्धता होने पर मौके पर ही दिखाया जाता है। आज की घटना में तीन युवाओं को एक ही स्थान पर बैठा हुआ देखने पर सहायक कर्मचारी को भेजा गया। तब तक वे जा चुके थे।</p>
<p>चिकित्सा प्रभारी ने कहा कि आज पुन: उपखंड अधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक एवं थानाधिकारी भुसावर को पत्र लिखकर सुरक्षा हेतु अवगत कराया गया है , वही अन्य स्थानों के साथ रोगी पर्ची खिडकी एवं नि:शुल्क दवा वितरण खिड़की के लिए स्पेशल सीसीटीवी कैमरे लगवाये जा रहे हैं। भुसावर थाना प्रभारी मदनलाल मीना का कहना है कि स्थानीय चिकित्सालय में रोजाना ओपीडी के समय दो पुलिसकर्मी सदावर्दी में भेजे जा रहे है, लेकिन आज सलेमपुर खुर्द गांव में अविश्वास प्रस्ताव को लेकर मतदान हुआ था, इसलिए जाप्ता वहा भेजने की बजय से कम पड़ गया। इसलिए नहीं भेजा जा सका, कल से नियमित दो पुलिस कर्मी तैनात रहेगे !<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भरतपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jun 2022 12:56:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> इंद्रगढ़ सीएचसी में अव्यवस्थाएं  मरीजों को दे रही दर्द </title>
                                    <description><![CDATA[ इंद्रगढ़ तहसील क्षेत्र का एकमात्र बड़ा सामुदायिक चिकित्सालय होने के बावजूद भी यहां मरीजों को सुविधाएं नहीं मिल रही। इंद्रगढ़ सामुदायिक चिकित्सालय में चिकित्सकों का आने और जाने का कोई समय तय नहीं है। मरीज सुबह से ही बैठे-बैठे इंतजार करते रहते हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/disorders-in-indragarh-chc-are-giving-pain-to-patients/article-11090"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/indragarh-chc-awaywasth.jpg" alt=""></a><br /><p>इंद्रगढ़। इंद्रगढ़ तहसील क्षेत्र का एकमात्र बड़ा सामुदायिक चिकित्सालय होने के बावजूद भी यहां मरीजों को सुविधाएं नहीं मिल रही। इंद्रगढ़ सामुदायिक चिकित्सालय में चिकित्सकों का आने और जाने का कोई समय तय नहीं है। मरीज सुबह से ही बैठे-बैठे इंतजार करते रहते हैं। इंद्रगढ़ सामुदायिक चिकित्सालय कई सालों से भगवान भरोसे चल रहा है लेकिन मरीजों व क्षेत्रवासियों की सुनने वाला कोई फर्क नजर नहीं आता। जबकि इंद्रगढ़ सामुदायिक चिकित्सालय का इंद्रगढ़ तहसीलदार ,लाखेरी एसडीएम, बूंदी जिला कलेक्टर बूंदी,एडीएम, बूंदी सीएमएचओ ने कई बार सामुदायिक चिकित्सालय का निरीक्षण कर लिया लेकिन व्यवस्थाओं में आज तक भी सुधार नहीं हो पाया है। निरीक्षण के बाद कुछ दिन व्यवस्थाएं ठीक चलती है लेकिन एक-दो दिन बाद चिकित्सालय में अव्यवस्थाओं का अंबार लग जाता है। <br /><br /><strong>एक चिकित्सक के भरोसे चलता सामुदायिक चिकित्सालय</strong><br />इंद्रगढ़ सामुदायिक चिकित्सालय में चिकित्सक होने के बावजूद भी समय पर चिकित्सक नहीं मिलते। इंद्रगढ़ चिकित्सालय में केवल एक ही चिकित्सक मिलता है दूसरा चिकित्सक आने के बाद चिकित्सालय में मौजूद चिकित्सक निकल जाता है। चिकित्सकों की लेटलतीफी यह शिकायत है कहीं बार लोगों ने आला अधिकारियों से कर दी लेकिन चिकित्सकों के कान में जूं तक नहीं रेंग रही।<br /><br /><strong> आपातकाल में नहीं मिलते चिकित्सक</strong><br />इंद्रगढ़ सामुदायिक चिकित्सालय में आपातकाल में एक भी चिकित्सक नहीं मिलते जबकि चिकित्सालय में तीन सामान्य चिकित्सक, एक महिला चिकित्सक का पद होने के बावजूद भी आपातकालीन में चिकित्सक समय पर नहीं मिलते। वर्तमान में इस अस्पताल में चिकित्सकों के पांच पद स्वीकृत है लेकिन एक चिकित्सक का पद रिक्त चल रहा है। इससे मरीजों को 80 किमी दूर कोटा और 45 किमी दूर माधोपुर जाने को मजबूर होना पड़ता है। सामुदायिक चिकित्सालय की सुविधाएं मरीजों को नहीं मिल पाती। दुर्घटना में ग्रसित लोगों को समय पर प्राथमिक उपचार नहीं मिल पाता है। जबकि आपातकाल में चिकित्सक नहीं मिलने पर कहीं लोग अपनी जान गवां चुके लेकिन व्यवस्था में सुधार नहीं हो पाया।<br /><br />चिकित्सकों को समय पर आना चाहिए सरकार उनको वेतन दे रही है।  इन्द्रगढ़ सामुदायिक चिकित्सालय चिकित्सक समय पर नहीं मिलने की शिकायत मिली। अगर ऐसी बात है तो जिला कलेक्टर व बूंदी सीएमएचओ से बात करूंगी। यह दुर्भाग्य की बात है कि चिकित्सालय में समय पर नहीं आते और आपातकालीन में भी चिकित्सक समय पर नहीं मिलते।<br /><strong>चंद्रकांता मेघवाल, विधायक केशोरायपाटन</strong><br /><br />सामुदायिक चिकित्सालय का कहीं बार औचक निरीक्षण किया है चिकित्सालय कहीं चिकित्सक व कर्मचारी नदारद मिले इसकी सूचना इंद्रगढ़ तहसीलदार, लाखेरी एसडीएम, बूंदी जिला कलेक्टर बूंदी सीएमएचओ सभी को अवगत कराया लेकिन चिकित्सालय की व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हो पाया बूंदी जिला कलेक्टर चिकित्सालय का निरीक्षण करने को भी कहा था आपातकाल में भी चिकित्सक समय पर नहीं मिलते है।<br /><strong>बाबूलाल बैरवा, चेयरमैन नगर पालिका, इंद्रगढ़</strong><br /><br /> सामुदायिक चिकित्सालय में चिकित्सकों की लेटलतीफी की शिकायत व अव्यवस्थाओं को लेकर चिकित्सालय का कहीं बार निरीक्षण कर लिया। निरीक्षण के दौरान कहीं चिकित्सक व कर्मचारी नदारद मिले। जिसकी सूचना इंद्रगढ़ तहसीलदार से लेकर बूंदी जिला कलेक्टर को दे दी। लेकिन व्यवस्थाओं में सुधार आज तक भी नहीं हो पाया है। आपातकाल के समय में भी चिकित्सक नहीं मिलने पर गर्भवती महिलाओं को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। जबकि इंद्रगढ़ सामुदायिक चिकित्सालय तहसील क्षैत्र का  एक बड़ा चिकित्सालय है।<br /><strong>नारायण सिंह हाडा, वाइस चेयरमैन, नगर पालिका इंद्रगढ़</strong><br /><br />चिकित्सालय की व्यवस्था सही चल रही है। एक चिकित्सक अवकाश पर चल रहा है। बाकि सभी चिकित्सक चिकित्सालय में मौजूद रहते है। चिकित्सालय में दवाई उपलब्ध नहीं होने पर ही बाहर की दवाईयां लिखी जाती है। आपातकालीन ड्यूटी में डे वाइज सभी चिकित्सकों की ड्यूटी लगा रखी है। <br /><strong>डॉ. दिनेश शर्मा,चिकित्सा प्रभारी, सीएचसी इंद्रगढ़</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jun 2022 15:42:52 +0530</pubDate>
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                            </item>
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                <title>सोनोलॉजिस्ट के अभाव में सोनोग्राफी कक्ष में लगा ताला</title>
                                    <description><![CDATA[ सुल्तानपुर नगर के अस्पताल में करीब ढाई माह पूर्व लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा 16 लाख रुपए लागत की सोनोग्राफी मशीन लगवा दी गई थी। लेकिन आज भी महिलाओं को उपचार कराने के लिए 40 किलोमीटर दूर कोटा शहर जाना पड़ रहा है।  सोनोलॉजिस्ट के अभाव में सोनोग्राफी कक्ष पर ताला लगा हुआ है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/sonography-room-locked-due-to-not-having-a-sonologist/article-7156"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/sonogra.jpg" alt=""></a><br /><p>सुल्तानपुर। सुल्तानपुर नगर के अस्पताल में करीब ढाई माह पूर्व लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा 16 लाख रुपए लागत की सोनोग्राफी मशीन लगवा दी गई थी। लेकिन आज भी महिलाओं को उपचार कराने के लिए 40 किलोमीटर दूर कोटा शहर जाना पड़ रहा है। ब्लॉक क्षेत्र के सबसे बड़े अस्पताल मेडिकल कॉलेज कोटा के अधीन आने वाली सीएचसी सोनोग्राफी मशीन को लगाए हुए ढाई माह से अधिक समय हो गया है। लेकिन आम जनता को अभी तक सोनोग्राफी की सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाई है। सोनोलॉजिस्ट के अभाव में सोनोग्राफी कक्ष पर ताला लगा हुआ है। अस्पताल में प्रतिदिन करीब दो दर्जन मरीज ऐसे आते हैं, जिन्हें सोनोग्राफी की आवश्यकता होती है। उन्हें कोटा या फिर निजी अस्पतालों में जा कर के अपना उपचार कराना पड़ता है। चिकित्सालय प्रशासन द्वारा इस मामले में कई बार उच्चाधिकारियों को सोनोलॉजिस्ट लगवाने के लिए अवगत करा दिया गया है। लेकिन इस ओर किसी का ध्यान नहीं है। गंभीर हालत में प्रसव के लिए भर्ती होने वाली महिलाओं को भी बिना सोनोग्राफी जांच के ही 40 किलोमीटर दूर कोटा जाना मजबूरी बन गया है।<br /><br /><strong>लंबे संघर्ष के बाद मिली थी सोनोग्राफी मशीन</strong><br />सोनोग्राफी मशीन की सुविधा को लेकर युवा शक्ति द्वारा आंदोलन चलाया गया था। जिसमें युवाओं के साथ ही कस्बे वासियों एवं महिलाओं ने भी आंदोलन को सफल बनाने के लिए योगदान दिया था। जिसके फलस्वरूप लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के द्वारा ग्रामीणों की मांग पर एवं नगर के लोगों की मांग पर सोनोग्राफी मशीन की घोषणा कर सीएचसी में मशीन उपलब्ध करवाई थी। लेकिन ढाई माह बाद भी इसे नियमित रूप से शुरू नहीं कराया जा सका है। <br /><br /><strong>धूल खा रही 16 लाख से अधिक की मशीन</strong><br />स्थिति यह है कि 16 लाख से अधिक राशि की यह मशीन धूल खा रही है। संबंधित अधिकारियों का कहना है कि विभाग के पास सोनोलॉजिस्ट नहीं है। लेकिन सोनोलॉजिस्ट लगाने के लिए जनप्रतिनिधियों का भी कोई ध्यान नहीं है। जबकि सीएचसी मेडिकल कॉलेज कोटा के अधीन आता है जहां प्रशासन और जनप्रतिनिधि चाहे तो प्रतिनियुक्ति पर ही सोनोलॉजिस्ट लगा कर के नगर वासियों एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को राहत पहुंचा सकते हैं। <br /><br /><strong>रात्रि में नहीं मिलती महिला चिकित्सक</strong><br />तहसील क्षेत्र की सबसे बड़ी सीएचसी में स्थानीय चिकित्सकों द्वारा मरीजों को बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। जहां चिकित्सा प्रभारी डॉक्टर आॅपी सामर के आने के बाद चिकित्सालय में सुविधा विस्तार भी हुआ है तो वहीं यहां कार्यरत डॉ मोहम्मद परवेज डॉ श्याम मालव डॉ दिनेश मीणा आदि द्वारा चिकित्सालय में बेहतरीन उपचार भी दिया जा रहा है। लेकिन सबसे बड़ी कमी यह है कि यहां महिला रोगियों को चिकित्सालय में रात्रि के समय कोई महिला चिकित्सक नहीं मिलती। दिन में भी कभी-कभी ही महिला चिकित्सक का उपचार मिल पाता है। ऐसे में क्षेत्र के बाशिंदों की पीड़ा यह है कि यदि कोई महिला गंभीर बीमार हो जाए तो उपचार तक के लिए यहां आस-पास कोई डॉक्टर तक नहीं मिलता। ऐसे में कोटा जाना महिलाओं की मजबूरी बन गई है। <br /><br /><strong>इनका कहना है</strong><br />सोनोलॉजिस्ट की समस्या का शीघ्र ही समाधान किया जाएगा। साथ ही महिला चिकित्सक रात्रि में नहीं रुकने की शिकायत के लिए भी संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर समाधान कराया जाएगा।<br />-रामनारायण मीणा, विधायक <br /><br />सुल्तानपुर चिकित्सालय में मरीजों को हरसंभव चिकित्सा सुविधा दी जा रही है। साथ ही मरीजों को निशुल्क दवाइयां देकर के उपचार किया जा रहा है। सोनोलॉजिस्ट के लिए उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया हुआ है। साथ ही महिला चिकित्सक के लिए भी संबंधित अधिकारियों को पत्र लिख दिया है।<br />-डॉक्टर ओपी शर्मा, सीएचसी प्रभारी  <br /><br />सीएचसी में महिला चिकित्सक नहीं होने की शिकायतें मिली हैं। सीएचसी प्रभारी को कार्यवाही करनी चाहिए। सोनोग्राफी मशीन चलाने के लिए भी पत्र लिखा हुआ है।<br />-डॉ गिरिराज मीणा, बीसीएमओ</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 Apr 2022 16:31:21 +0530</pubDate>
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