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                <title>लीबिया में बिजली और रोटी मांग रही जनता, हिंसक भीड़ ने संसद में लगाई आग</title>
                                    <description><![CDATA[त्रिपोली। लीबिया के लिए संयुक्त राष्ट्र के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को देश के पूर्व में स्थित संसद के मुख्यालय पर प्रदर्शनकारियों के हमले की निंदा की। राजनीतिक वर्ग और बिगड़ती आर्थिक स्थिति के खिलाफ पिछले दिनों कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए हैं। सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने शुक्रवार को राजधानी त्रिपोली और लीबिया के अन्य शहरों की सड़कों पर जुलूस निकाला, जिसमें कई लोगों ने पूर्वी शहर टोब्रुक में प्रतिनिधि सभा (संसद) सहित सरकारी इमारतों पर हमला किया और आग लगा दी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/people-demanding-electricity-and-bread-in-libya--violent-mob-set-fire-to-parliament/article-13561"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/v-1.jpg" alt=""></a><br /><p>त्रिपोली। लीबिया के लिए संयुक्त राष्ट्र के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को देश के पूर्व में स्थित संसद के मुख्यालय पर प्रदर्शनकारियों के हमले की निंदा की। राजनीतिक वर्ग और बिगड़ती आर्थिक स्थिति के खिलाफ पिछले दिनों कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए हैं। सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने शुक्रवार को राजधानी त्रिपोली और लीबिया के अन्य शहरों की सड़कों पर जुलूस निकाला, जिसमें कई लोगों ने पूर्वी शहर टोब्रुक में प्रतिनिधि सभा (संसद) सहित सरकारी इमारतों पर हमला किया और आग लगा दी। लीबिया पर संयुक्त राष्ट्र की विशेष सलाहकार स्टेफनी विलियम्स ने ट्विटर पर कहा कि शांतिपूर्वक विरोध करने के लोगों के अधिकार का सम्मान और संरक्षण किया जाना चाहिए, लेकिन दंगों और तोड़फोड़ के कृत्यों मसलन कल देर रात टोब्रुक में प्रतिनिधि सभा मुख्यालय पर हमला करना, यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने एक जुलाई को लीबिया के त्रिपोली, टोब्रुक और बेनगाजी सहित कई शहरों में हुए प्रदर्शनों को लेकर चिंता जताई।<br /><br /><strong>यूएन ने की हमले की निंदा’</strong><br /><strong>यूएन ने किया संयम बरतने का आह्वान</strong><br />शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार को स्वीकार करते हुए उन्होंने सभी प्रदर्शनकारियों से हिंसा के कृत्यों से बचने और सुरक्षा बलों से अत्यधिक संयम बरतने का आह्वान किया। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने सभी प्रदर्शनकारियों से हिंसा से बचने और सुरक्षा बलों से अत्यधिक संयम बरतने का आह्वान किया।<br /><br /><strong>देश की अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर</strong> <br />दुजारिक ने कहा कि महासचिव ने लीबिया के सभी लोगों से निरंतर राजनीतिक गतिरोध को दूर करने के लिए एक साथ आने का आग्रह किया, जिससे विभाजन गहरा रहा है और देश की अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। अल-वासत के मुताबिक शुक्रवार को देश के अन्य शहरों में भी प्रदर्शन हुए। राजधानी त्रिपोली में सैकड़ों लोग मुख्य चौराहे पर इकट्ठा हुए और सशस्त्र मिलिशिया के खिलाफ प्रदर्शन किया और बेहतर बिजली सप्लाई और रोटी की कम कीमतों की मांग की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 Jul 2022 12:57:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>अग्निपथ का विरोध, युवाओं का हिंसक प्रदर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[देश की तीनों सेनाओं में भर्ती के लिए लाई गई केंद्र सरकार की ‘अग्निपथ योजना’ विवादों में घिरने के बाद इसके विरोध में युवाओं ने कोटपूतली में जमकर उपद्रव किया। सड़कों पर उतरे युवाओं ने करीब डेढ़ दर्जन निजी व सरकारी वाहनों व अन्य वाहनों में जमकर तोड़फोड़ की तो जगह-जगह हाईवे जाम कर प्रदर्शन भी किया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/agneepath-protest--violent-demonstration-of-youth/article-12544"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/bus4.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कोटपूतली।</strong> देश की तीनों सेनाओं में भर्ती के लिए लाई गई केंद्र सरकार की ‘अग्निपथ योजना’ विवादों में घिरने के बाद इसके विरोध में युवाओं ने कोटपूतली में जमकर उपद्रव किया। सड़कों पर उतरे युवाओं ने करीब डेढ़ दर्जन निजी व सरकारी वाहनों व अन्य वाहनों में जमकर तोड़फोड़ की तो जगह-जगह हाईवे जाम कर प्रदर्शन भी किया। चेहरे पर नकाब बांधे युवाओं ने हिंसक रुप अपना लिया था। हाथों में डंडे लेकर वाहनों पर न केवल जमकर तोड़फोड़ की, बल्कि पत्थर भी बरसाए। जिससे शाहपुरा थानाधिकारी विजेन्द्र सिंह समेत कुछ पुलिसकर्मियों व सवारियों के चोटें आई। उपद्रियों ने पुलिस जीप को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। करीब तीन घंटे तक जयपुर-दिल्ली नेशनल हाईवे युद्धभूमि की तरह नजर आया। कई जगह पुलिस ने डंडे भी बरसाए, लेकिन उपद्रियों के हौंसलों कोई असर नहीं हुआ। पुलिस ने कुल 46 लोगों को विभिन्न स्थानों से दबोचा है, जिनमें से 34 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। प्रकरण में पुलिस ने मुकदमा भी दर्ज किया है। सुबह से शुरु हुआ उपद्रव दोपहर बाद तक जारी रहा और इलाके में शाम तक तनाव की स्थिति बनी रही। हाईवे सहित क्षेत्र के प्रमुख स्थानों पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।</p>
<p><br /><strong>इधर मीटिंग तो उधर बसों में तोड़फोड़</strong></p>
<p>योजना के विरोध में सुबह ही भारी संख्या में युवक नगर परिषद् पार्क में एकत्र हो गए थे। आरएलपी के पदाधिकारियों सहित युवाओं ने योजना के विरोध में भाषणबाजी शुरु कर दी। रालोपा के प्रदेश महामंत्री व पूर्व संसदीय सचिव रामस्वरुप कसाना ने योजना का विरोध करते हुए कहा कि इससे युवाओं का भविष्य चौपट हो जाएगा। उन्होंने योजना को निरस्त कर पूर्व की भांति पूर्णकालिक भर्ती प्रक्रिया चालू करने की मांग की और इस संबंध में एएसपी व तहसीलदार को एक ज्ञापन भी सौंपा। कुछ देर तक चली सभा के दौरान मौके पर एएसपी विद्या प्रकाश, डीएसपी डा.संध्या यादव, तहसीलदार सूर्यकांत शर्मा, थानाधिकारी सवाई सिंह समेत पुलिस बल तैनात हो गया। इसी दौरान पार्क के बाहर खड़े कुछ युवाओं ने पुलिस पर पथराव कर दिया तो पुलिस ने भी डंडे बरसाने शुरु कर दिए और कुछ युवाओं को हिरासत में लेकर थाने भिजवा दिया। आखिरकार, समझाईस के बाद मामला शांत हुआ ही था कि खबर मिली कि बीडीएम अस्पताल के सामने बड़ी संख्या में युवाओं ने हाईवे जाम कर रोड़वेज बसों में तोड़फोड़ कर दी। इत्तला पर पहुंचे पुलिस बल को देख आंदोलनकारी भाग छूटे। यहां तीन रोड़वेज बसों सहित एक ट्रक में तोड़फोड़ की गई थी। जाम खुलवाकर आवागमन सुचारु कराने के बाद पुलिस वापस पार्क पहुंच गई।</p>
<p><br /><strong>बेअसर रही एएसपी की चेतावनी</strong></p>
<p>शुरुआती उपद्रव के बाद भरी सभा में एएसपी विद्या प्रकाश ने युवाओं को कानून अपने हाथ में नहीं लेने का आव्हान करते हुए कहा कि यह योजना केन्द्र सरकार की है। राज्य सरकार का कोई मामला नहीं है। हाईवे जाम कर वाहनों में तोड़फोड़ करना तथा बिना अनुमति के सभा आयोजित करना गैर कानूनी है। इस पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। हिरासत में लिए गए कुछ लोगों को छोड़ने की मांग पर एएसपी ने कहा कि निर्दोष के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं होगी। इसके बाद समझाईस कर युवाओं को पार्क से बाहर निकाल दिया गया तो युवा वर्ग हाईवे पर पहुंचते-पहुंचते अलग-अलग झुंड में बंट गया। पुलिस भी उनके पीछे-पीछे गई, लेकिन इसे पुलिस की नाकामी कहें या फिर कुछ और कि युवाओं को उपद्रव करने का पूरा मौका मिल गया।</p>
<p><br /><strong>तोड़फोड़ से मची चीख-पुकार</strong></p>
<p>उपद्रियों ने हाईवे पर पहुंचते ही रौद्र रुप धारण कर लिया। योजना के विरोध में बीडीएम अस्पताल के सामने सहित श्याम मंदिर के सामने, पूतली मोड़, आरजे 32 रेस्ट्रो के सामने, 220 पावर हाउस के सामने हाईवे जाम कर एक के बाद एक वाहनों में तोड़फोड़ शुरु कर दी। अधिकांश उपद्रियों के हाथों में डंडे थे। उन्होंने पत्थर बरसाते हुए डंडों से तोड़फोड़ की। अचानक हुए इन घटनाक्रमों के बीच सवारियों में चीख-पुकार मच गई तो निजी वाहन चालकों ने अपना रास्ता बदल लिया। हर कोई अपनी जान बचाने में जुट गया। चोटिल हुई कई सवारियां तो रोने-बिलखने लगी। ट्रकों के पहिए जहां थे वहीं थम गए। हाईवे पर लंबा जाम लग गया। पुलिस एक स्थान पर पहुंचती तो दूसरी जगह से तोड़फोड़ की सूचना मिल जाती। पूरा हाईवे युद्धभूमि सा नजर आने लगा। पुलिस ने उपद्रियों को दबोचने के भरसक प्रयास किए, लेकिन अलग-अलग टुकड़ों में बंटे उपद्रवी भागने में कामयाब होते रहे। रोड़वेज आगार के मुख्य प्रबंधक पवन कुमार सैनी ने बताया कि उपद्रव में राजस्थान रोड़वेज की कुल 8 बसें, हरियाणा की 2, जम्मू-कश्मीर की 1 बस क्षतिग्रस्त हुई है। इसके अलावा 1 पुलिस जीप, 2 ट्रक व 3 निजी बसों को भी क्षति पहुंचाई गई है।</p>
<p>  <br /><strong>जाब्ता पहुंचा तो एक्शन में आई पुलिस</strong></p>
<p>मामला बढ़ता देख पुलिस अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। सूचना पर पनियाला, सरुंड, प्रागपुरा, विराटनगर, शाहपुरा, मनोहरपुर सहित अन्य थानों सहित जयपुर से अतिरिक्त पुलिस बल व अलवर से क्यूआरटी की टीम कोटपूतली पहुंच गई। इसके बाद पुलिस एक्शन में दिखी। यातायात एएसपी सुमित गुप्ता, एडीएम जगदीश आर्य, एसडीएम षव मंडल, नगर परिषद् आयुक्त फतेहसिंह मीणा सहित थानाधिकारी सोहनलाल विराटनगर, विजेन्द्र सिंह शाहपुरा, मनीष कुमार मनोहरपुर, किरण प्रागपुरा, हितेश शर्मा पनियाला, इन्द्राज सिंह सरुंड समेत जयपुर से अन्य अधिकारी तैनात हो गए। जगह-जगह एम्बूलेंस व फायर ब्रिगेड खड़े कर दिए गए। इसके बाद उपद्रियों का पीछा शुरु किया गया तो एक-एक करके कुल 46 लोगों को दबोचने में कामयाबी मिली। इलाके में तनाव की स्थिति देख शाम तक पुलिस गश्त करती रही।</p>
<p><br /><strong>पुलिस की दूरदृष्टि दिखी कमजोर</strong></p>
<p>पूरे मामले में कहीं न कहीं पुलिस की दूरदृष्टि कमजोर नजर आई। योजना के विरोध में देश भर में जगह-जगह हिंसक प्रदर्शन की खबरों के बीच एकाएक सैंकड़ों की संख्या में युवक पार्क में एकत्र हो गए, किन्तु भीड़ को नियंत्रित करने के लिए माकूल पुलिस बल की व्यवस्था नहीं थी। सभा के दौरान ही पथराव होने के बावजूद पुलिस सुस्त नजर आई। मजे की बात तो यह है कि स्वयं पुलिस ने ही पार्क से युवाओं का रुख हाईवे की तरफ किया और हाईवे पर पहुंचते ही उपद्रव शुरु हो गया। जबकि पुलिस को हालातों को भांपते ही पहले ही हाईवे पर जाब्ता तैनात कर देना चाहिए था और इसके लिए पुलिस के पास पर्याप्त समय भी था।</p>
<p><br /><strong>ये हुए गिरफ्तार</strong></p>
<p>धरपकड़ के दौरान कुल हिरासत में लिए गए 46 लोगों में से कुल 34 लोगों को फिलहाल शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, राजवीर गुर्जर निवासी नांगल पंडितपुरा, अनूप जाट निवासी शेखूपुर, अनिल कुमार आर्य निवासी खड़ब, मोंटू मीणा निवासी नागाजी की गौर कोटपूतली, हेमंत कुमार राठी निवासी भांकरी, सरजीत कुमार स्वामी व दिनेश जाट निवासी पावटा, ख्यालीराम गुर्जर व रोहिताश गुर्जर निवासी टटेरा, जयराम गुर्जर निवासी बेरीबांध, दिनेश गुर्जर निवासी नई ढ़ाणी नांगड़ीवास, विकास स्वामी निवासी होलावास, दिलीप गुर्जर निवासी जैनपुरवास, शिवम शर्मा व सचिन स्वामी निवासी टोरडा, हेमराज यादव निवासी कायमपुराबास, राहुल राजपूत निवासी भौनावास, भोजराज गुर्जर निवासी पवाला राजपूत, दयाराम गुर्जर निवासी पहाड़ी, राहुल मेघवाल निवासी लक्ष्मी नगर कोटपूतली, संजय गुर्जर निवासी रामावाली बानसूर, योगेश गुर्जर निवासी बनेठी, बंटी कुम्हार निवासी पहाड़ी, राकेश यादव व जितेन्द्र कुमार यादव निवासी भैंसलाना, राजेश राजपूत व करतार सिंह निवासी भौनावास, सुरेन्द्र यादव निवासी बागावास अहिरान, अनिल मीणा निवासी पंडितपुरा, प्रकाश जाट निवासी प्रागपुरा, जितेन्द्र गुर्जर निवासी कराना, हेमराज गुर्जर व महराम गुर्जर निवासी रतनपुरा, धर्मपाल गुर्जर निवासी चानचकी को गिरफ्तार किया गया है।</p>
<p><br /><strong>इनका कहना है</strong><br />प्रकरण में मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। उपद्रियों को किसी भी सूरत में बक्शा नहीं जाएगा। सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात है। फरार हुए उपद्रियों की तलाश जारी है। - <strong>विद्या प्रकाश, एएसपी, कोटपूतली</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Jun 2022 16:02:23 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>चित्तौड़गढ़ में अग्निपथ योजना के विरोध में उग्र प्रदर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[ चित्तौड़गढ़। केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के विरोध में शुक्रवार को चित्तौड़गढ़ में भी उग्र विरोध प्रदर्शन हुआ। युवाओं ने पथराव कर निजी वाहनों के साथ ही रेलवे सम्पति को भी नुकसान पहुंचाया। पुलिस ने मामले में कुछ युवकों को हिरासत में लिया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/chittorgarh/violent-protest-against-agneepath-scheme-in-chittorgarh/article-12493"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/qq7.jpg" alt=""></a><br /><p>नवज्योति, चित्तौड़गढ़। केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के विरोध में शुक्रवार को चित्तौड़गढ़ में भी उग्र विरोध प्रदर्शन हुआ। युवाओं ने पथराव कर निजी वाहनों के साथ ही रेलवे सम्पति को भी नुकसान पहुंचाया। पुलिस ने मामले में कुछ युवकों को हिरासत में लिया है।</p>
<p><br />शुक्रवार को कुछ युवा अचानक कलक्ट्रेट पर एकत्रित हुए जिन्होंने केन्द्र सरकार की अग्निपथ योजना का विरोध में नारेबाजी की और टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कुछ युवाओं ने कलक्ट्रेट के बाहर पुशअप लगाकर भी विरोध जताया। बाद में कार्यकर्ता अचानक मुख्य डाकघर के समीप से पटरियों पर होते हुए रेलवे स्टेशन पहुंच गए एवं पथराव करना शुरू कर दिया। पुलिस के पहुंचने पर पथराव करना शुरू कर दिया। कई युवाओं ने चेहरा ढक रखा था। अचानक हुए इस पथराव से अफरा-तफरी मच गई एवं मुख्य डाकघर के आसपास सेतु मार्ग पर कई दुकानें बंद हो गई। युवाओं ने रेलवे स्टेशन पर खड़ी गाड़ी पर भी पथराव किया  जिससे दो रेलवे इंजन के कांच फूट गए। उन्होंने  पुलिस अधीक्षक निवास के समीप भी पथराव किया गया। पुलिस ने  करीब 15 से 20 युवाओं को हिरासत में लेकर पुलिस कोतवाली पहुंची। रेलवे पुलिस ने भी रेलवे सम्पति को नुकसान पहुंचाने का मामला दर्ज किया गया।  इससे पूर्व गुरुवार को राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के बैनर तले कई युवाओं ने कलक्ट्रेट पर अग्निपथ योजना को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ  प्रदर्शन किया था।<br /> <br /><br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>चित्तौड़गढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Jun 2022 13:03:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[udaipur]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>हिंसक उपद्रव</title>
                                    <description><![CDATA[एक टीवी डिबेट में पैगम्बर मोहम्मद के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर शुक्रवार को जुम्मे की नमाज के बाद देश के अलग-अलग शहरों में  जिस स्तर पर  हिंसक विरोध-प्रदर्शन हुए हैं उन्हें लेकर सभी समुदायों में चिंता पैदा होनी चाहिए। टीवी डिबेट के दौरान बयानों से जो गलत फहमियां फैल गई हैं उन्हें तो अब तक शांत हो जाना चाहिए था, क्योंकि भारत सरकार ने साफ कर दिया है कि उन बयानों से उसका कोई लेना-देना नही है और किसी से विवादित बयान दिए हैं, तो संबंधित संस्थाओं ने उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई कर दी है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/violent-riots/article-11986"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/upadrav.jpg" alt=""></a><br /><p>एक टीवी डिबेट में पैगम्बर मोहम्मद के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर शुक्रवार को जुम्मे की नमाज के बाद देश के अलग-अलग शहरों में  जिस स्तर पर  हिंसक विरोध-प्रदर्शन हुए हैं उन्हें लेकर सभी समुदायों में चिंता पैदा होनी चाहिए। टीवी डिबेट के दौरान बयानों से जो गलत फहमियां फैल गई हैं उन्हें तो अब तक शांत हो जाना चाहिए था, क्योंकि भारत सरकार ने साफ कर दिया है कि उन बयानों से उसका कोई लेना-देना नही है और किसी से विवादित बयान दिए हैं, तो संबंधित संस्थाओं ने उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई कर दी है। फिर भी समुदाय विशेष के लोगों ने उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, गुजरात, बिहार, झारखण्ड और महाराष्ट्र के अलावा जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में विरोध प्रदर्शन हुए हैं। विरोध प्रदर्शन लोकतांत्रिक तरीके से शांतिपूर्ण होते तो कोई बात नहीं होती, लेकिन विरोध प्रदर्शन के दौरान पत्थरबाजी और आगजनी जैसी हिंसक कार्रवाई की जाती है तो यह देश के कानून के राज को एक तरह की खुली चुनौती है, जिसे कोई भी सभ्य समाज स्वीकार और बर्दाश्त नहीं कर सकता। नि:संदेह कानून एवं व्यवस्था राज्यों का विषय है, लेकिन बीते दो दिनों घटनाओं ने आंतरिक सुरक्षा के समक्ष गंभीर किस्म के नए खतरे पैदा करने के साथ जिस तरह देश की छवि को भी प्रभावित किया है, उसे देखते हुए केन्द्र सरकार को भी सजगता और सख्ती का परिचय देना होगा। इसमें संदेह नहीं कि बीते दिनों की घटनाएं और उसके पहले कानपुर में जो कुछ हुआ, उससे पता चलता है कि इन हिंसक उपद्रवों के पीछे कोई सुनियोजित साजिश हैं। मस्जिदों में हजारों लोगों के लिए नमाज पढ़ने की जगह नहीं है, तो फिर नमाजों के बाद हजारों लोगों की अचानक भीड़ कैसे जुट गई? उनके पास पत्थर कहां से आए? साजिश में शामिल देश विरोधी तत्वों की जल्द से जल्द धरपकड़ कर एक तय अवधि में उन्हें कठोर सजा दी जानी चाहिए। कुछ राज्यों की सरकारें अपने राजनीतिक स्वार्थों के लिए शायद अपराधी तत्वों के साथ नरमी बरते, तो केन्द्र को सख्ती से हस्तक्षेप करना चाहिए। अपनी साजिशपूर्ण हरकतों से सामाजिक सद्भाव में दरार डालने की कोशिश करने वाले असामाजिक तत्वों के साथ नरमी बरतना एक प्रकार से कानून एवं व्यवस्था को जान बूझकर खतरे में डालने का काम होगा। लोगों को विरोध प्रदर्शन का अधिकार है, लेकिन आतंक मचाने व उत्पात मचाने का अधिकार नहीं है। ऐसी घटनाओं पर सख्त अंकुश बनाए रखने की जरूरत है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Jun 2022 12:39:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>  हिंसक श्वानों से आखिर कब होगा शहर मुक्त</title>
                                    <description><![CDATA[ नगर विकास न्यास द्वारा एक तरफ तो शहर को कैटल फ्री बनाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ नगर निगम द्वारा श्वानों की समस्या का अभी तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है। शहर में श्वानों का आतंक इतना अधिक है कि कोई गली, मौहल्ला या सड़क ऐसी नहीं हैं जहां श्वानों के झुंड नहीं हो। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/when-will-the-city-finally-be-free-from-violent-dogs/article-10105"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/dogs-city-free-kota-news-20.5.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । नगर विकास न्यास द्वारा एक तरफ तो शहर को कैटल फ्री बनाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ नगर निगम द्वारा श्वानों की समस्या का अभी तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है। वरन् चलती व्यवस्था में व्यवधान हो गया है। जबकि श्वानों की समस्या से शहर वासियों को अभी तक भी निजात नहीं मिली है। शहर में श्वानों का आतंक इतना अधिक है कि कोई गली, मौहल्ला या सड़क ऐसी नहीं हैं जहां श्वानों के झुंड नहीं हो। ये झुंड इतने खतरनाक हैं कि कभी भी राह चलते लोगों पर हमला कर सकते हैं। ऐसा पहले कई बार हो भी चुका है और लोगों के साथ आए दिन हो रहा है। हालत यह है कि कुछ समय से श्वानों का आतंक इतना अधिक हो गया है कि बच्चे ही नहीं लोग भी अब इनसे डरने लगे हैं। शहर में श्वान कई लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं। <br /><br />जिस तरह से शहर की सड़कों पर घूमने वाले आवारा मवेयिशों के कारण आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही थी। उनमें कई लोग अकाल मौत का शिकार हो चुके हैं और कई लोग गम्भीर घायल हो चुके हैं। अब उन्हें शहर से दूर करने के लिए देव नारायण आवासीय योजना तैयार हो गई है। जिनमें दो दिन बाद पशुओं को शिफ्ट किया जाएगा। इसी तरह से नगर निगम द्वारा बंधा धर्मपुरा में करीब 50 लाख रुपए की लागत से श्वान शाला तैयार की। उसमें श्वानों को रखने के लिए 33 कैनल भी बनाए। दो आॅपरेशन थियेटर, डॉक्टर कक्ष समेत कई सुविधाएं बनाई। साथ ही एनिमल वेलफेयर सोसायटी को श्वानों को पकड़कर लाने व उनका बधियाकरण व टीकाकरण करने का टेंडर दिया। सोसायटी ने काम भी शुरू कर दिया था। लेकिन कुछ कथित श्वान प्रेमी लोगों के विरोध के चलते नगर निगम व एनिमल वेलफेयर सोसायटी ने श्वानों को पकड़ने व उनके बधियाकरण करने का काम बंद कर दिया है। करीब 3 माह से एक भी श्वान को नहीं पकड़ा गया है। इस बारे में शहर वासियों का कहना है कि नगर निगम द्वारा श्वानों की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। वरन् श्वानों को पकड़ना ही बंद कर दिया। जिससे अच्छी भली चलती व्यवस्था में कुछ लोगों के विरोध के कारण व्यवधान उतपन्न हो गया है। लोगों का कहना है कि श्वानों को पकड़ने का विरोध करने वालों को चाहिए कि वे ही उन श्वानों को अपने घर में पाल लें। जिससे दूसरे लोगों को तो परेशानी नहीं हो। <br /><br /><strong>विरोध की गूंज दिल्ली तक, अधिकारी हुए परेशान</strong><br />शहर में निगम द्वारा  सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के अनुसार श्वानों को पकड़कर उनका बयियकरण किया जा रहा था। लेकिन कुछ लोगों ने निगम की इस कार्रवाई का विरोध किया। विरोध करने वालों की तुलना में श्वानों से परेशान लोग अधिक हैं। लेकिन गिनती के लोग अधिक लोगों पर भारी पड़ गए। लोगों ने इस कार्रवाई का इतना विरोध किया कि उसकी गूंज दिल्ली तक सुनाई दी। पूर्व केन्द्रीय मंत्री मेनका गांधी तक मामला पहुंचने पर उन्होंने निगम व प्रशासनिक अधिकारियों तक फोन पर फटकार लगाई। साथ ही कई संस्थाओं ने निगम अधिकारियों को कोर्ट में घसीटने तक की चेतावनी दी। जिसका नतीता रहा है कि निगम ने श्वानों को पकड़ने की कार्रवाई को ही फिलहाल रोक दिया है। <br /><br /><strong>5 माह में 890 का बधियाकरण</strong><br />नगर निगम द्वारा एनिमल वेलफेयर सोसायटी के माध्यम से अक्टूबर 2021 से फरवरी 2022 तक श्वानों को पकड़ने व उनके बधियाकण का काम किया गया। इस पांच माह के अवधि में करीब 890 श्वानों का बधियाकरण व टीकाकरण किया जा चुका है। जबकि कोटा शहर में करीब 10 हजार से अधिक श्वान बताए जा रहे हैं। <br /><br />निगम ने श्वानों को पकड़ने का काम बंद नहीं किया है। उसे फिलहाल रोक दिया है। एनिमल वेलफेयर बोर्ड ने डॉग लवर्स के साथ बैठक कर  श्वानशाला में सुविधाओं का विस्तार करने के निर्देश दिए थे। अप्रैल में डॉग लवर्स के साथ बैठक की गई थी। उसके बाद श्वानशाला में कोटा उत्तर निगम द्वारा विस्तार किया जा रहा है। 125 नई कैनल, 2 ओटी समेत अन्य सुविधाएं बनकर तैयार हो जाएंगी। उसके बाद फिर से श्वानों को पकड़कर बधियाकरण व टीकाकरण किया जा सकेगा। अभी तक 850 से अधिक श्वानों का बधियाकरण किया जा चुका है। <br /><strong>-राजपाल सिंह, आयुक्त नगर निगम कोटा दक्षिण</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 May 2022 14:42:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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                <title>श्रीलंका में बढ़ती महंगाई के खिलाफ राष्ट्रपति आवास तक लोगों का हिंसक प्रदर्शन, कोलंबो में कर्फ्यू</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदर्शनकारियों ने  पुलिस बस और जीप के साथ-साथ दो मोटरसाइकिलों और एक ट्रक को आग लगा दी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/-violent-demonstration-of-people-till-president-s-residence-against-rising-inflation-in-sri-lanka--curfew-in-colombo/article-7165"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/sri-lanka.jpg" alt=""></a><br /><p>कोलंबो। श्रीलंका में भारी आर्थिक संकट के बीच बढ़ती मंहगाई से परेशान लोग गुरुवार देर रात राजधानी कोलंबो में सड़कों पर उतर आये और सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए उनका गुस्सा हिंसक प्रदर्शनों में बदल गया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प के बाद 45 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। प्रदर्शनकारियों ने  पुलिस बस और जीप के साथ-साथ दो मोटरसाइकिलों और एक ट्रक को आग लगा दी। इसके बाद पुलिस के साथ उनकी झड़प हुई और अंतत: राजधानी कोलंबो में   कर्फ्यू  लगा दिया गया।<br /><br />प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और दूसरे वाहनों को किया आग के हवाले<br />पुलिस ने भी इस बात की पुष्टि की कि गुस्साये प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और दूसरे वाहनों को आग के हवाले कर दिया। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर  करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले और तेज पानी की बौछार का इस्तेमाल किया।<br />श्रीलंका में पिछले कई सप्ताह से खाने-पीने के सामान की किल्लत तथा गैस और तेल की बढ़ती कीमतों से तो लोग परेशान थे ही, इसी बीच बिजली की आपूर्ति भी बुरी तरह प्रभावित हुई, जिसने आग में घी का काम किया । इसके बाद लोग सरकार विरोधी नारे लगाते हुए राजधानी में सड़कों पर उतर आये।  लोगों का यह गुस्सा कल रात ङ्क्षहसक प्रदर्शनों के रूप में सड़कों पर नजर आया।<br /><br />पांच हजार लोग सड़कों पर<br />राजधानी में करीब पांच हजार लोग सड़कों पर उतरे। हाथों में सरकार विरोधी तख्तियां लिये लोग राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे के विरोध में नारेबाजी कर रहे थे। राष्ट्रपति भवन के पास एकत्र प्रदर्शनकारी '' गोटाबाया वापस जाओ'' के नारे लगा रहे थे और मांग कर रहे थे कि देश की अर्थव्यवस्था को संभालने में नाकामयाब रही इस सरकार को सत्ता से बाहर हो जाना चाहिए  । हिंसक प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ झड़प भी हुई, इस प्रदर्शन पर काबू पाने के लिए अद्र्धसैन्य पुलिस बल और विशेष कार्यबल को लगाया गया।<br /><br />राष्ट्रपति आवास के बाहर जुटे हजारों प्रदर्शनकारी<br />श्रीलंका में गहराते आर्थिक संकट और काफी लंबे समय तक बिजली उपलब्ध न रहने के चलते लोगों का गुस्सा फुट पड़ा। गुरुवार देर रात को राजधानी में राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के निजी आवास के बाहर हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी जमा हुए। आक्रोशित लोगों की भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आंसू गैस छोडऩे पड़े और पानी की तेज बहाव का छिड़काव करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान हाथों में तख्तियां लेकर 'गोटा घर वापस जाओ' सहित सरकार विरोधी कई नारे लगाए और सरकार से इस्तीफे की मांग की क्योंकि उनके द्वारा देश की अर्थव्यवस्था को सही से नहीं संभाला जा सका है।<br /><br />कर्ज चुकाने के लिए श्रीलंका के पास पर्याप्त मात्रा में डॉलर भी नहीं<br />उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ हफ्तों से श्रीलंका में आर्थिक सकंट इतना गहरा गया है कि यहां खाद्य पदार्थों, ईंधन और रसोई गैस की भारी किल्लत हो गई है। आसमान छूती महंगाई से लोगों का गुस्सा फुट पड़ा है। श्रीलंका के पास विदेशी मुद्रा की कमी हो गई है, जिस कारण यह पुराने कर्जों को नहीं चुका पा रहा है। कर्ज चुकाने के लिए श्रीलंका के पास पर्याप्त मात्रा में डॉलर भी नहीं है। श्रीलंका में यह आर्थिक संकट इस साल की शुरुआत से गहराया है, जिससे यहां के लोग काफी प्रभावित हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 Apr 2022 15:13:47 +0530</pubDate>
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