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                <title>  केकड़ी में नींबू के आकार के ओले गिरे</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिमी विक्षोभ के चलते सोमवार को तेज हवाओं व अंधड़ के बीच मूसलाधार बारिश हुई वहीं करीब 10-15 मिनट तक नींबू के आकार के ओले गिरे। ओलों की बौछार से कालेड़ा कृष्णगोपाल आयुर्वेदिक भवन में व्यापक नुकसान पहुंचा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/ajmer-news--lemon-sized-hail-fell-on-the-kekri/article-10320"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/a4.jpg" alt=""></a><br /><p>  केकड़ी। पश्चिमी विक्षोभ के चलते सोमवार को तेज हवाओं व अंधड़ के बीच मूसलाधार बारिश हुई वहीं करीब 10-15 मिनट तक नींबू के आकार के ओले गिरे। ओलों की बौछार से कालेड़ा कृष्णगोपाल आयुर्वेदिक भवन में व्यापक नुकसान पहुंचा। वहीं उपखंड क्षेत्र में मूंग, ज्वार व रजके की फसल आडी पड़ने से किसानों को व्यापक नुकसान पहुंचा। </p>
<p>सुबह से आसमान में बादल छाए हुए थे और दिन भर सूरज की बादलों से लुकाछिपी चल रही थी, जिससे तापमान थोड़ा कम था। इसी बीच दोपहर करीब 3.30 बजे बाद मौसम का मिजाज बदलने लगा और तेज हवाओं का दौर शुरू हो गया। देखते ही देखते तेज हवाएं अंधड़ में बदलने लगी और लोगों के घरों व दुकानों पर लगे टीन टप्पर व होल्डिंग आदि उड़ने लगे। शाम 4 बजे एकाएश बारिश का दौर शुरू हो गया। जो हवाओं के वेग के साथ लगातार बढ़ता रहा। इस दौरान ज्यों ज्यों हवाएं तेज होती रही, बारिश का दौर भी तेज होने लगा और कुछ ही देर में तेज हवाओं बारिश के बीच आसमान से ओले गिरने लगे। ओले भी बेर के आकार से बड़े थे। बारिश के साथ ओले गिरने से कौतूहल वश लोग घरों से निकलकर ओले एकत्रित करने लगे। ओलावृष्टि का क्रम भी लगातार 15 मिनट तक चलता रहा। बारिश का वेग तेज होने से शहर की सड़कों पर पानी भर गया। जिससे लोगों को आवागमन में परेशानियां हुई। </p>
<p><strong>कालेड़ा कृष्णगोपाल आयुर्वेद भवन में टिनशेड क्षतिग्रस्त</strong></p>
<p>बारिश के दौरान केकड़ी क्षेत्र के कई गांवों से ओलावृष्टि के समाचार मिले हैं। नाईखेड़ा, मोलकिया, बोगला, कालेड़ा, धुंधरी सहित अन्य कई गांव में 100 से 150 ग्राम वजन तक के ओले गिरे। इतने भारी वजन के ओले देखकर ग्रामीण भी आश्चर्यचकित रह गए। कालेड़ा कृष्ण गोपाल गांव में भारी भरकम ओले गिरने से आयुर्वेद भवन में लगे टीन शेड में छेद हो गए तथा कई टीन शेड क्षतिग्रस्त हो गए। कई गांव में तो ओलों की चादर तक बिछ गई। उधर,धुंधरी गांव की गौशाला में लगे चद्दर उड़ कर क्षतिग्रस्त हो गए। जिससे गौशाला में काफी नुकसान हुआ। गनीमत रही कि इस दौरान कोई जन व पशु हानि नहीं हुई। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 May 2022 13:07:39 +0530</pubDate>
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                <title>नींबू-मिर्च को भी लगी महंगाई की नजर, गरीबों का हमदर्द आलू भी रुलाने को तैयार </title>
                                    <description><![CDATA[आसामान छूती महंगाई की नजर इस बार नींबू-मिर्च को भी लग गई है। एक माह पहले आसानी से 70 से 80 रुपये प्रति किलो के हिसाब से मिलने वाला नींबू का भाव अब 160 से 180 रुपए  प्रति किलो तक पहुंच गया है। यही हाल मिर्च के भावों का है। मिर्च के भाव एक माह पहले 40 से 50 रुपये से बढ़कर अब 100 से 120 रुपए  प्रति किलो तक पहुंच गया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/-lemon-and-chilli-got-the-eye-of-inflation--even-potato-sympathizers-of-the-poor-are-ready-to-make-them-cry/article-7172"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/mirchi.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । दुकान से लेकर घर के सामने बुरी नजर से बचाने के लिए नींबू-मिर्च लटकाने की प्रथा लंबे समय से चली आ रही है। लेकिन आसामान छूती महंगाई की नजर इस बार नींबू-मिर्च को भी लग गई है। दरअसल, एक माह पहले आसानी से 70 से 80 रुपये प्रति किलो के हिसाब से मिलने वाला नींबू का भाव अब 160 से 180 रुपए  प्रति किलो तक पहुंच गया है। यही हाल मिर्च के भावों का है। मिर्च के भाव एक माह पहले 40 से 50 रुपये से बढ़कर अब 100 से 120 रुपए  प्रति किलो तक पहुंच गया है। तो ऐसे में कहना लाजिमी है कि नींबू-मिर्च को भी इस महंगाई की नजर लग गई हैं। <br /><br />कोरोना से लोगों को राहत मिलते ही डीजल पेट्रोल के साथ ही सब्जियों के दाम आसमान छूने लगे है। बीते कुछ दिनों से गर्मी के कारण सब्जियां महंगी हो गई है वहीं कुछ सब्जियों के अलावा अधिकांश के भाव बढ़ गये है। सलाद में उपयोग किए जाने वाले खीरा, गाजर व चुकंदर के भाव भी शतक लगाने ही वाले है। शादी ब्याह का दौर शुरू होने को है इस महंगाई में गरीबों को शादी ब्याह करने में महंगाई की समस्या के कारण परेशानी हो सकती है। हरी मिर्च के दाम तीखे पर तीखे होते जा रहे है। रसोई की हरी मिर्च धीरे-धीरे किचन से गायब होते जा रही है। इधर नींबू के दाम वर्तमान में सभी सब्जिायों से अधिक है ।<br /><br />वर्तमान में नींबू की महंगाई की चर्चा बाजार में खूब हो रही है। आवक कम होने के कारण मंडी में नींबू की थोक बिक्री 150 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुकी है। वहीं फुटकर में 10 रुपये की एक नीबू दुकान दार बेंच रहे है। सीजन की सब्जियों में भी मंहगाई की मार है। करेला, भिण्डी, बरबटी, लौकी व अन्य सब्जियों के रेट अधिक होने के कारण मार्केट में आवक कम हो गई है। गर्मी के कारण गांव से निकलने वाली सब्जी के मार्केट में न आने से बाहर से आने वाली सब्जियों के रेट अधिक होते है। जिसके कारण लोगों को महंगाई का दंश झेलना पड़ता है। लोगों का कहना है कि गर्मी के दिनों में सलाद वगैरह की अधिक जरूरत होती है और इसी समय सब्जियों के रेट में इजाफा हो जाता है।<br /><br />शादी में महंगाई की वजह से होगी परेशानी<br />कुछ ही दिनों बाद शादी का सीजन शुरू होने को है सब्जियों की महंगाई के कारण मध्यम वर्गीय परिवार के लिए परेशानीयां बढ़ सकती है। डीजल व पेट्रोल के दाम बढऩे से ट्रांसर्पोटिंग के रेट बढ़ जाने कारण सामग्रियों व सब्जियों के दाम बढ़े हुए है। मध्यम वर्गीय परिवार को इसका सीधा असर पड़ रहा है।<br /><br />आलू के लिए चुकानी पड़ सकती है अधिक कीमत<br />गरीबों का हमदर्द आलू भी इस बार रुलाने को तैयार है। दरअसल, सरकार द्वारा जारी की गई बागवानी प्रोडक्शन अनुमान से जो जानकारी मिली है उसके अनुसार,  हॉर्टिकल्चर (बागवानी) प्रोडक्शन 2020-21 के 334.6 मिलियन टन से घटकर इस साल 333.3 मिलियन टन रहने का अनुमान है। यह हालत तब है जब इस साल 2020-21 की तुलना में फलों का उत्पादन अधिक होने का अनुमान लगाया जा रहा है। यह गिरावट 2014-15 के बाद सात सालों की सबसे बड़ी गिरावट है। पिछले साल की तुलना में आलू के प्रोडक्शन में करीब 4.6 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। जानकारों का कहना है कि अभी आलू का सीजन है। इसलिए यह बाजार में सस्ते दाम पर मिल रहा है, लेकिन आने वाले दिनों में आलू के भाव तेजी से ऊपर जा सकते हैं।<br /><br />सब्जियों के मंडी भाव<br />सब्जी  थोक फुटकर<br />मिर्च 80     -120<br />नींबू 120 -160<br />करेला 40-60<br />भिण्डी 40-60<br />बरबटी 90- 120<br />लौकी 25- 40<br />अदरक 40 -60<br />लहसुन 40 -60<br />चकुंदर 50- 80<br />खीरा 20- 30<br />गाजर 40 -50<br />आलू 12-17<br />प्याज 12-20</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 Apr 2022 17:10:04 +0530</pubDate>
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