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                <title>आतंकवादी संगठनों का समर्थक है अमेरिका : लावरोव</title>
                                    <description><![CDATA[लावरोव ने कहा कि उनका (अमेरिका) लक्ष्य स्पष्ट कि अफगानिस्तान में शांति नहीं होने देना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/america-is-supporter-of-the-terrorist--says-lavrov/article-47924"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/sergey.png" alt=""></a><br /><p>दुशान्बे। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि अफगानिस्तान में अमेरिका शांति का समर्थन नहीं करता है और आतंकवादी समूहों का समर्थक है। ताजिकिस्तान की यात्रा पर यहां आये लावरोव ने अपने बयान में कहा कि अमेरिका सक्रिय रूप से अफगानिस्तान में आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट, (आईएस) और अल-कायदा (रूस में प्रतिबंधित) और उनसे जुड़े अन्य आतंकवादी संगठनों का समर्थक है। लावरोव ने कहा कि उनका (अमेरिका) लक्ष्य स्पष्ट कि अफगानिस्तान में शांति नहीं होने देना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 06 Jun 2023 14:59:06 +0530</pubDate>
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                <title>अब युद्ध बंद करें</title>
                                    <description><![CDATA[रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध चल रहा है, लेकिन उसका नतीजा कुछ नहीं निकला है।  दिल्ली में रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ कहा कि अब युद्ध तुरंत ही खत्म किया जाना चाहिए और शांति प्रयासों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/now-stop-the-war/article-7288"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/modi-copy1.jpg" alt=""></a><br /><p>रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध चल रहा है, लेकिन उसका नतीजा कुछ नहीं निकला है। दिल्ली में रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ कहा कि अब युद्ध तुरंत ही खत्म किया जाना चाहिए और शांति प्रयासों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। युद्ध को लेकर भारत ने अपने रवैये को दुनिया के सामने स्पष्ट कर दिया है। मोदी ने कहा कि रूस शांति प्रयासों में जो भी मदद चाहेगा, भारत उसमें अपना योगदान देगा। रूसी विदेश मंत्री युद्ध के बीच एक ऐसे मौके पर भारत आए हैं जब यूक्रेन पर रूस के हमले जारी हैं और युद्ध रोकने के लिए तुर्की में शांतिवार्ता के दौर भी चल रहे हैं। लावरोव की भारत यात्रा ज्यादा महत्वपूर्ण इसलिए भी मानी जा रही है कि गुरुवार को अमेरिका के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार दलीप सिंह और ब्रिटेन की विदेश मंत्री एलिजाबेथ ने भी  नई दिल्ली पहुंचकर विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की थी और भारत पर रूस के खिलाफ कड़ा रूख रखने का दबाव बनाया था। गौरतलब है कि रूस-यूक्रेन युद्ध के मुद्दे पर भारत ने अब तक तटस्थता की नीति अपनाई है। इस मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भी रूस के खिलाफ प्रस्तावों पर मतदान में भारत ने हिस्सा नहीं लिया।</p>
<p>भारत और रूस दोनों देश अपने पुराने रिश्तों को लेकर आश्वस्त हैं। अमेरिका व पश्चिम देश भारत पर लगातार दबाव बना रहे हैं कि वह उनके पक्ष में रहे। भारत पर रूस से कच्चा तेल न खरीदने व हथियारों के सौदे न करने को कहा जा रहा है। अब तो अमेरिका ने यहां तक धमकी दी है कि वह रूस पर प्रतिबंध लगाने के बाद उन देशों पर भी प्रतिबंध लगा सकता है जो रूस का साथ दे रहे हैं। भारत पर दबाव बनाने के लिए ही पिछले दिनों जापान के प्रधानमंत्री को भी भारत भेजा गया था। उसके बाद आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री ने नरेन्द्र मोदी  से वीसी के जरिए शिखर बैठक की। लेकिन भारत पहले भी कई बार कह चुका है कि वह किसी के दबाव में आने वाला देश नहीं है। उसके लिए अपने राष्ट्रहित विशेष महत्व रखते हैं। भारत ने अमेरिकी दबाव के बावजूद रूस से एस-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली खरीदी थी। यह रक्षा प्रणाली उसके राष्ट्रीय हितों से जुड़ी थी। इसमें कोई संदेह नहीं कि पिछले कुछ सालों से वैश्विक राजनीति में भारत का लगातार कद बढ़ रहा है। रूस हो चाहे अमेरिका दोनों यह अच्छी तरह समझते हैं कि भारत को दबाया नहीं जा सकता। फिर सवाल यह भी है कि भारत को आखिर किसी के दबाव में क्यों आना चाहिए। उसे जरूरत है तो वह तेल भी खदीदेगा और हथियार आदि भी। भारत संप्रभु और स्वतंत्र राष्ट्र है और स्वतंत्र नीति को अपना उसका अधिकार है। अब रूस ने भारत की क्षमताओं को देखते हुए उसे युद्ध में मध्यस्थता का न्यौता दिया है तो भारत ने रूस को तुरंत युद्ध बंद करने की सलाह दे दी है। युद्ध को रोके बिना किसी तरह की मध्यस्थता संभव नहीं है।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 Apr 2022 10:32:06 +0530</pubDate>
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                <title>रूस-यूक्रेन में मध्यस्थता कर सकता है भारत</title>
                                    <description><![CDATA[भारत एक महत्वपूर्ण देश: लावरोव]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/india-may-mediate-between-russia-ukraine--russian-foreign-minister-s-visit-to-india-amid-war--india-an-important-country--lavrov/article-7189"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/russia-ukraine-.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। यूक्रेन जंग के बीच भारत दौरे पर पहुंचे रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने शुक्रवार को नई दिल्ली में विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की। मुलाकात के बाद उन्होंने मीडिया से कहा भारत एक महत्वपूर्ण देश है। वो रूस-यूक्रेन विवाद में मध्यस्थता कर सकता है। अगर भारत ऐसी भूमिका निभा सकता है जिसमें वो तार्किक रहते हुए अंतरराष्टÑीय मसलों को सुलझाने के सुझाव दे सके तो हमें भारत की यह भूमिका मंजूर होगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हमारे राष्टÑपति व्लादिमिर पुतिन ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को थैंक्यू कहा है।</p>
<p><br />लावरोव ने यूक्रेन मुद्दे पर भारत की तारीफ करते हुए कहा कि भारत बिना किसी दबाव में आए सूझबूझ के साथ आगे बढ़ रहा है। मेरा मानना है कि भारतीय विदेश नीति की खासियत बिना किसी दबाव में आए अपने राष्टÑीय हितों पर ध्यान केंद्रित करना है। रूसी संघ में इसी तरह की नीति है, यह हमें बड़ा देश बनाती है और यही हमें अच्छा और वफादार दोस्त और भागीदार बनाती है।<br /><br /><strong>हम विश्व व्यवस्था में संतुलन बनाए रखना चाहते हैं</strong><br />रूसी विदेश मंत्री ने आगे कहा कि भारत हमसे जो भी सामान खरीदना चाहता है हम उसे देने के लिए तैयार हैं। भारत और रूस लंबे वक्त से डिफेंस पार्टनरशिप डेवलप करते रहे हैं। हम दोनों ही विश्व व्यवस्था में संतुलन बनाए रखना चाहते हैं।</p>
<p><br /><strong>यूक्रेन में एक स्पेशल ऑपरेशन</strong> <br />यूक्रेन युद्ध को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि आप इसे युद्ध कह रहे हैं जो कि सच नहीं है। यह एक स्पेशल आॅपरेशन है, जिसमें यूक्रेनी आर्मी के इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया जा रहा है। हमारा सिर्फ इतना मकसद है कि आने वाले वक्त में कीव की सरकार रूस के लिए कोई खतरा न बन पाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 Apr 2022 11:34:42 +0530</pubDate>
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