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                <title>gamach - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title> आठ वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म का प्रयास, आरोपी 4 घंटे में गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[बूंदी जिले के केशवरायपाटन थाना क्षेत्र के एक गांव में 8 वर्षीय मासूम बच्ची से दुष्कर्म का प्रयास करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को महज 4 घंटे में ही गिरफ्तार कर लिया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/attempt-to-rape-eight-year-old-girl-accused-arrested-in-4-hours/article-11325"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/patan-police.jpg" alt=""></a><br /><p>गामछ। बूंदी जिले के केशवरायपाटन थाना क्षेत्र के एक गांव में 8 वर्षीय मासूम बच्ची से दुष्कर्म का प्रयास करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को महज 4 घंटे में ही गिरफ्तार कर लिया। केशवरायपाटन थानाधिकारी सीआई लोकेंद्र पालीवाल ने बताया कि आरोपी प्रहलाद प्रजापति संगावदा गांव का होना बताया है। आरोपी उस गांव में एक व्यक्ति के यहां पर गाय चराने का कार्य करता था। आरोपी ने 8 वर्षीय मासूम बच्ची को अकेले होने का फ ायदा उठाकर दुष्कर्म करने का प्रयास किया। परिजनों को पता लगते ही केशवरायपाटन थाने में मुकदमा दर्ज करवाया गया। केशवरायपाटन पुलिस ने आरोपी प्रहलाद प्रजापति को महज 4 घंटे के अंतराल में दुष्कर्म के प्रयास और पोक्सो एक्ट में गिरफ्तार कर लिया। आरोपी का बच्ची के घर पर आना जाना था जिस पर बच्ची को अकेली देखकर दुष्कर्म का प्रयास किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Jun 2022 16:32:21 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[बूंदी जिले के कोटा - लालसोट मेगा हाईवे भवानीपुरा के समीप शनिवार दोपहर अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत हो गई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/bike-rider-dies-due-to-collision-with-unknown-vehicle/article-10682"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/zz.jpg" alt=""></a><br /><p>गामछ । बूंदी जिले के कोटा - लालसोट मेगा हाईवे भवानीपुरा के समीप शनिवार दोपहर अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत हो गई। केशवरायपाटन पुलिस थाने के एसआई कानाराम ने बताया कि नोताडा धरावन जगदीश मीणा 32 पुत्र धन्ना लाल मीणा की अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत हो गई। कोटा - लालसोट मेगा हाईवे के यहां पर भवानीपुरा के समीप एक्सीडेंट होने की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर मय जाप्ता पहुंचे। एंबुलेंस की सहायता से कोटा एमबीएस हॉस्पिटल की मोर्चरी में शव रखवाया गया। मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया। मृतक कोटा से अपने गांव नोताड़ा धरावन जा रहा था कि अचानक अज्ञात वाहन की टक्कर से गंभीर घायल हो गया और मौके पर ही मौत हो गई। अगर मृतक ने हेलमेट पहना होता तो शायद उसकी जान बच जाती। मिली जानकारी के अनुसार समय पर एंबुलेंस  नहीं पहुंच पाई थी। लोग हादसे के दौरान तमाशबीन बने रहे व मोाबाइल से फोटो और वीडियो बनाते रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 May 2022 17:12:19 +0530</pubDate>
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                <title>जर्जर नहरों के सीपेज के पानी से फसल हो रही बर्बाद</title>
                                    <description><![CDATA[सुरक्षा दीवार के अभाव में किसानों और राहगीरों की अनहोनी घटना हो जाती है और नहर पक्की ना होने के कारण पानी के सीपेज से सैंकड़ों बीघा जमीन की फ सल बर्बाद हो जाती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/crop-getting-ruined-due-to-seepage-water-of-dilapidated-canals/article-9752"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/nahar-suraksh-adiwar.jpg" alt=""></a><br /><p>गामछ। बैराज से निकल रही बड़ी नहर लंबे समय से मेहराना तीरथ के ग्रामीण किसान सुरक्षा दीवार और नहर पक्की करवाने की मांग कर रहे हैं। सुरक्षा दीवार के अभाव में किसानों और राहगीरों की अनहोनी घटना हो जाती है और नहर पक्की ना होने के कारण पानी के सीपेज से सैंकड़ों बीघा जमीन की फ सल बर्बाद हो जाती है। सिंचाई नहर कोटा से सींता तक पक्की और सुरक्षा दीवार है। मेहराना चैन 220 से 270 व तीरथ चेन 270 से 320 तक नहर कच्ची व सुरक्षा दीवार नहीं है।<br /><br />चैन नंबर 320 नाले की दिवार क्षतिग्रस्त है। इस नहर से कापरेन व केशरायपाटन क्षेत्र में जल प्रवाह व सिंचाई होती है। इस कारण मेहराना चैन नंबर 220 से 270 तीरथ  चैन नंबर 270 से 320 पर सिंचाई के समय पानी का दबाव बना रहता है। प्रशासन ने ध्यान नहीं देने पर ग्रामीण किसान आक्रोश में है। जल्द कार्य शुरू नहीं हुआ तो मेगा हाईवे पर जाम करके उग्र आंदोलन के लिए तैयार हो जाएंगे। मेहराना गांव से राजू सुमन, महावीर सुमन,हेमराज मीणा, प्रेम शंकर,लोकेश मीणा, इरफ ानए व तीरथ गांव से वार्ड पंच हरिप्रसाद प्रजापत,धनराज मीणा, रामदेव मीणा, कवरलाल, राजू मेहरा, लोकेश,घीसीबाई, राजीबाई, मनभर बाई, धापू बाई,संजू बाईंए, छोटी बाई, मंजू,राम कवरि, शांति, सुगना, कांति, कस्तूरी,कंचन,निर्मला, राजेश,  रामकन्या, कौशल्या, सोनिया, संतोष, इंदिरा, कंचन बाई,बसंती बाई,ममता बाई, छोटीबाई, रुक्मणी बाई, गीताबाई, कमलेश बाई, विद्या बाई, पुष्पा बाई,माया बाई, निर्मला, निहाल, आनंदीबाई, लाड़बाई, गीताबाई,द्रोपती, भैरी बाई,ललिता बाई, कलावती बाई, भूली बाई,नंदकवरी बाई, प्रभुली बाई, महिलाओं में आक्रोश व्याप्त है।<br /> <br />टेंडर के अभाव में यह कार्य रुका हुआ है। टेंडर खुलेंगे तो कार्य चालू हो जाएगा। <br /> -<strong>रविंद्र जैन, नहर जेईन</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 14 May 2022 18:54:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बोर्ड परीक्षा के समय घंटों बिजली गुल, मोबाइल टॉर्च से पढ़ने को मजबूर हुए छात्र</title>
                                    <description><![CDATA[बोर्ड की परीक्षा की तैयारी के लिए बच्चे जी जान से मेहनत कर रहे हैं। लेकिन ग्रामीण इलाकों में बिजली गुल होने से बच्चे मोबाइल की टॉर्च के उजाले में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/during-the-board-exam--there-was-power-failure-for-hours--students-were-forced-to-study-with-mobile-torch/article-9042"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/power-cut-mobile-torch-study-gamach-bundi-.jpg" alt=""></a><br /><p>गामछ। बोर्ड की परीक्षा की तैयारी के लिए बच्चे जी जान से मेहनत कर रहे हैं। लेकिन ग्रामीण इलाकों में बिजली गुल होने से बच्चे मोबाइल की टॉर्च के उजाले में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। रात के वक्त बिजली न आने की वजह से बच्चों को बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।<br /><br /><strong>मोबाइल की टॉर्च के उजाले में क्यों कर रहे हैं पढ़ाई?</strong><br />दरअसल  जिले के ज्यादातर ग्रामीण इलाकों में दिन और रात के समय बिजली गुल रहती है। बच्चे दिन के समय तो जैसे-तैसे पढ़ाई कर लेते हैं। मगर रात के समय बिजली नहीं आने से अंधेरा रहता है। इसलिए अपने मोबाइल की टॉर्च जलाकर जितना हो सकता है, परीक्षा की तैयारी में जुट जाते हैं। हालांकि एक तरफ तो बिजली गुल रहने से अंधेरा रहता है, वहीं दूसरी तरफ कूलर-पंखा नहीं चलने से गर्मी से भी जूझना पड़ता है।<br /><br /><strong>बिजली समस्या को लेकर यह बोले स्टूडेंस्ट्स</strong><br />स्टूडेंट्स का कहना है कि हमारी बोर्ड परीक्षा चल रही है लेकिन हम पढ़ाई कैसे करें क्योंकि बिजली गुल रहती है। अंधेरा होने की वजह से पढ़ाई करने के लिए हमें मोबाइल की टॉर्च का सहारा लेना पड़ रहा है। बच्चों ने कहा कि एक तरफ तो अंधेरा और दूसरी तरफ हमें गर्मी से जूझना पड़ रहा है। यदि इसी तरह से बिजली गुल रहेगी तो हम पढ़ाई नहीं कर पाएंगे और हमारा भविष्य खराब हो जाएगा।<br /><br /><strong>ग्रामीण क्षेत्रों में घंटों गुल रहती है बिजली</strong><br />इन दिनों बोर्ड की परीक्षाएं चल रही हैं किन्तु बच्चे फोन टॉर्च की लाइट में पढ़ने पर मजबूर है। क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में घंटों लाइट गुल रहती है। साथ ही भीषण गर्मी का प्रकोप भी बच्चों को झेलना पड़ रहा है। बच्चों के घरवालों का कहना है कि प्रशासन से कई बार अपील की जा चुकी है कि परीक्षा के समय इस प्रकार का खतरा बच्चों के सामने ना खड़ा हो। मगर इस गंभीर दिक्कत पर अब तक किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया है। वहीं, फोन की बैटरी डिस्चार्ज होने के बाद यह दिक्कत बहुत बढ़ जाती है। क्योंकि लाइट ना होने के चलते वक़्त पर फोन चार्ज नहीं हो पाता है। इसका सीधा प्रभाव बच्चों की तैयारियों पर पड़ता है। इसलिए हम चाहते हैं कि जब तक बच्चों की बोर्ड परीक्षा चल रही हैं तब तक बिजली सप्लाई नियमित की जाए। बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे बच्चों के लिए बिजली आपूर्ति करने की सरकार को क्या जरा भी चिंता नहीं है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 02 May 2022 17:25:53 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>पशु चिकित्सालय में पशुओं की दवाओं का टोटा, 8 किमी दूर जाने की मजबूरी</title>
                                    <description><![CDATA[गामछ में संचालित पशु चिकित्सालय के पास अपना भवन भी होने से पंचायत के एक कमरे में ही अस्थाई रूप से पशु चिकित्सालय चल रहा है। लगभग डेढ़ माह से पशुओं के लिए भी दवाइयां नहीं मिल रही थी जिससे पशु पालकों को 8 किलोमीटर दूर से केशवरायपाटन जाकर जरूरी दवाइयां लाने को मजबूर होना पड़ रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/animal-medicine-shortage-in-veterinary-hospital--compulsion-to-go-8-km-away/article-8887"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/654654654652.jpg" alt=""></a><br /><p>गामछ ।  गामछ में संचालित पशु चिकित्सालय के पास अपना भवन भी होने से पंचायत के एक कमरे में ही अस्थाई रूप से पशु चिकित्सालय चल रहा है। लगभग डेढ़ माह से पशुओं के लिए भी दवाइयां नहीं मिल रही थी जिससे पशु पालकों को 8 किलोमीटर दूर से केशवरायपाटन जाकर जरूरी दवाइयां लाने को मजबूर होना पड़ रहा है। जिससे बाहर बाजार से महंगी दवाइया खरीदने पर जेब पर भी भार पड़ता है। समय और पैसों की बर्बादी हो रही हैं। बीमार पशुओं की दवाइयां नही मिलने से पशु पालकों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। <br /><br />डेढ़ माह से दवाइयां खत्म हो गई थी जो हमारे पास आई है। एक दो दिन में गामछ पशु चिकित्सालय में दवाइया पहुंच जाएगी।  गामछ में पशु चिकित्सालय पंचायत के एक कमरे में चल रहा है। पशु चिकित्सालय के लिए आगे अधिकारियों को अवगत करवाया है। बजट आने के बाद ही पशु चिकित्सालय बन सकेगा। <br /><strong> -विजयश्री राव, नोडल अधिकारी तालेड़ा उपखंड</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 Apr 2022 16:13:38 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>नवरात्रि स्पेशल: 12 गांवों की आराध्य देवी होने से नाम पड़ा बारहखेड़ा माताजी</title>
                                    <description><![CDATA[गामछ नॉर्दन बाइपास के पास स्थित गामछ - भवानीपुरा प्राचीन शक्तिपीठ श्री बारहखेड़ा माताजी के मंदिर परिक्षेत्र में पेड़ काटना सख्त मना होने से आसपास सघन वन व हरियाली बनी हुई है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/barakheda-mataji-got-its-name-because-of-being-aaradhya-devi-of-12-villages/article-7213"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/5.jpg_new.jpg" alt=""></a><br /><p>गामछ। गामछ नॉर्दन बाइपास के पास स्थित गामछ - भवानीपुरा प्राचीन शक्तिपीठ श्री बारहखेड़ा माताजी के मंदिर परिक्षेत्र में पेड़ काटना सख्त मना होने से आसपास सघन वन व हरियाली बनी हुई है। मंदिर के पुजारी दुर्गालाल पाराशर का कहना है कि रियायत काल से ही मान्यता है कि मंदिर क्षेत्र में पेड़ काटने वालों का अनिष्ट हो जाता है। इस मान्यता को अभी तक कायम रखा हुआ है। पेड़ सूखने व टहनियां टूटने के बावजूद को घरेलू काम लेने के बजाए धार्मिक यज्ञ व संतों के धूणे, प्रसाद बनाने में काम ली जाती है। खेड़ा माता मंदिर क्षेत्र की 70 बीघा भूमि पर लगे पेड़ों की टहनी तक नहीं तोड़ सकते हैं। इसे मान्यता से कहीं पेड़ तो सैंकड़ों बस पुराने हैं। पेड़ पौधे देखकर श्रद्धालु प्रफुल्लित हो जाते हैं। 28 बीघा भूमि गौशाला व धार्मिक आयोजन के लिए विकसित कर ली गई है। क्षेत्र में सबसे अधिक चुरेल के पेड़ हैं। ऐसी मान्यता है कि इन पेड़ों पर माताजी की पाती चढ़ी है। इस वजह से इन्हें काटा नही  जाता है। शक्तिपीठ खेड़ा माताजी के दर्शनों के लिए देशभर से दर्शनार्थी आते है। गामछ,भवानीपुरा, गुडली, गुडला,,पटोलिया,विजयनगर, गावड़ी,नयागांव, तीरथ, देहित, सेदरी, चानदनहेली, शुभ कार्य का श्री गणेश इस देवी मंदिर से करते है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/barakheda-mataji-got-its-name-because-of-being-aaradhya-devi-of-12-villages/article-7213</link>
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                <pubDate>Sat, 02 Apr 2022 16:00:11 +0530</pubDate>
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