<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/ghat/tag-16538" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>ghat - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/16538/rss</link>
                <description>ghat RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सिंह करेंगे पहरेदारी, साहित्य घाट पर खुलेंगी मन की किताबें</title>
                                    <description><![CDATA[चम्बल नदी के दोनों किनारों पर निर्माणाधीन चम्बर रिवर फ्रंट का लुक नजर आने लगा है। कोटा बैराज से नयापुरा स्थित रियासतकालीन पुलिया तक करीब 6 किमी. एरिया में बनाए जा रहे चम्बल रिवर फ्रंट पर कुल 12 घाट होंगे। 12 घाट में से एक है सिंह घाट। इस घाट पर बांसवाड़ा मार्बल की करीब 15 फीट ऊंचाई वाली शेर की 9 मूर्तियां लगाई जाएंगी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/singh-will-guard--books-of-the-mind-will-open-at-sahitya-ghat/article-9544"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/chambal-river-front-kota.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । चम्बल नदी के दोनों किनारों पर निर्माणाधीन चम्बर रिवर फ्रंट का लुक नजर आने लगा है। इसके पहले फेज का काम वैसे तो मार्च में पूरा होना था लेकिन अब इसके दीपावली तक पूरा होने की संभावना है। कोटा बैराज से नयापुरा स्थित रियासतकालीन पुलिया तक करीब 6 किमी. एरिया में बनाए जा रहे चम्बल रिवर फ्रंट पर कुल 12 घाट होंगे। जिनका काम तेजी से चल रहा है। अधिकतर घाटों का काम अंतिम दौर में पहुंच चुका है। जबकि कई घाटों को अभी तैयार होने में समय लगेगा। नगर विकास न्यास द्वारा  करीब 800 करोड़ रुपए की लागत से पहले फेज में रिवर फ्रंट का काम किया जा रहा है। यहां निर्माणाधीन 12 घाट में से एक है सिंह घाट। इस घाट पर बांसवाड़ा मार्बल की करीब 15 फीट ऊंचाई वाली शेर की 9 मूर्तियां लगाई जाएंगी।  जमीन से दो मीटर ऊंची पैडस्टल पर बैठे इन शेरों को दूर से ही देखकर पहचाना जा सकेगा कि यह सिंह घाट है। अभी तक यहां 7 शेर लग चुके हैं। ये शेर चम्बल नदी की तरफ मुंह किए हुए हैं। हर शेर के बीच 25 मीटर की दूरी है। <br /><br /><strong>साहित्य घाट पर लगेगी 5 साहित्यकारों की आदमकद मूर्तियां</strong><br />रिवर फ्रंट के 12 घाट में से एक घाट साहित्य घाट भी है। जहां जगह को बांसवाड़ा मार्बल से सीढ़ेी नुमा बनाकर किताब के पन्नों का आकार दिया गया है। जिसे देखकर लगेगा जैसे खुली  किताब रखी है। उस किताब के बीच और दोनों पन्नों पर कुल 5 साह्त्यिकारों की आदमकद मूर्तियां लगाई जाएंगी। जिनमें मुंशी प्रेमचंद, मिर्जा गालिब, रविन्द्र नाथ टैगोर व कवि कालिदास शामिल हैं। एक अन्य साहित्यकार भी होंगे लेकिन अभी तक उनका नाम उजागर नहीं हुआ है। ये मूर्तियां जयपुर में तराशी गई हैं। चार मूर्तियां तो  रिवर फ्रंट पर पहुंच भी गई हैं। जिन्हें कुछ समय बाद साहित्य घाट पर स्थापित कर दिया जाएगा। इस घाट पर पुस्तक के सामने की जगह खाली रखी गई है। जहां साहित्यिक कार्य किए जा सकेंगे। <br /><br /><strong>फव्वारे और झरने का दिखेगा अद्भुत नजारा</strong> <br />रिवर फ्रंट पर एक घाट फाउंटेन घाट बन रहा है। इस घाट पर दो तरफ तो तिकोने आकार पर फव्वारे लगाए जाएंगे। साथ ही दोनों के बीच में दीवार के सहारे एक अलग फव्वारा होगा। जिससे वह झरने की तरह गिरेगा। इसका काम भी तेजी से चल रहा है। <br /><br /><strong>ये घाट हो रहे तैयार</strong><br />रिवर फ्रंट पर कोटा बैराज से जोडिल्य घाट, प्राइवेट घाट ,वर्ल्ड हैरीटेज घाट,हाड़ौती घाट, रामपुरा श्मशान घाट, किड्स जोन, म्यूजिकल घाट व नयापुरा घाट बन रहे हैं। <br /><br /><strong>इनका कहना है</strong><br />चम्बल रिवर फ्रंट का काम तेजी से चल रहा है। यहां बनने वाले हर घाट की अलग पहचान  होगी। अधिकतर का काम पूरा होने वाला है। यह तैयार होने के बाद पर्यटकों के लिए आकर्षण का केन्द्र होगा। इसके पहले फेज का काम दीपावली तक पूरा होने की संभावना है। पहले फेज का काम पूरा होने के बाद दूसरे फेज का काम शुरू होगा।  <br /><strong>- राजेश जोशी, सचिव नगर विकास न्यास</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/singh-will-guard--books-of-the-mind-will-open-at-sahitya-ghat/article-9544</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/singh-will-guard--books-of-the-mind-will-open-at-sahitya-ghat/article-9544</guid>
                <pubDate>Wed, 11 May 2022 15:50:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-05/chambal-river-front-kota.jpg"                         length="47715"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>घट स्थापना के साथ नवरात्र शुरू, माता के मंदिरों में उमड़ा भक्तों का सैलाब</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर के राजपरिवार से आई जरी की पोशाक माता को धारण कराकर आरती उतारी गई। यह परम्परा पिछले 500 सालों से चली आ रही है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur--navratri-begins-with-the-establishment-of-ghat--the-influx-of-devotees-in-the-temples-of-mata/article-7218"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/matarani.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, शनिवार को वासंतिक नवरात्र घट स्थापना के साथ शुरू हुए। माँ दुर्गा घोड़े पर सवार होकर हमारे घर आएंगी और नौ दिन बाद भैंसे पर सवार होकर जाएंगी। हमारे दुख संकट और रोगों को अपने साथ ले जाएंगी। मां दुर्गा और मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान श्रीराम की नौ दिनों तक आराधना की जाएगी। छोटीकाशी के दुर्गा और श्रीराम मंदिरों में नौ दिन तक धार्मिक अनुष्ठान होंगे।</p>
<p>आमेर स्थित शिलामाता मंदिर के महंत बनवारी लाल शास्त्री के सानिध्य में सुबह 8.05 मंत्रोच्चारण पूजा-अर्चना के साथ घट स्थापना की गई। माता को नवीन पोशाक धारण कराकर ऋतु पुष्पों से शृंगार किया गया। जयपुर के राजपरिवार से आई जरी की पोशाक माता को धारण कराकर आरती उतारी गई। यह परम्परा पिछले 500 सालों से चली आ रही है। सुबह 9 बजे से भक्तों ने माता के दर्शन किए।<br /><br />मुख्य रूप से आमेर के शिला माता, मनसा माता, दुर्गापुरा के दुर्गा मंदिर, पुरानी बस्ती के रूद्रघंटेश्वरी, घाटगेट के काली माता मंदिर, राजापार्क के वैष्णो देवी मंदिर और झालाना के देवी मंदिर में भक्तों ने मां के दर्शन कर सुख समृद्धि की कामना की। सुबह 6 बजे से ही मंदिरों की कतारों में जाकर लग गए थे और जय माता की जयकारे से देवी की आराधना के इस नौ दिनों के विशेष पर्व का आरंभ किया।<br />अब सभी देवी मंंदिरों में प्रतिदिन दुर्गा शप्तशती, चंडी पाठ और हवन होगा। वहीं, श्रीराम मंदिरों में रामचरितमानस और वाल्मीकि रामायण के पाठ होंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur--navratri-begins-with-the-establishment-of-ghat--the-influx-of-devotees-in-the-temples-of-mata/article-7218</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur--navratri-begins-with-the-establishment-of-ghat--the-influx-of-devotees-in-the-temples-of-mata/article-7218</guid>
                <pubDate>Sat, 02 Apr 2022 15:48:48 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-04/matarani.jpg"                         length="41420"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        