<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/railing/tag-16551" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>railing - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/16551/rss</link>
                <description>railing RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अंधेरी नदी की पुलिया बनी खतरे की डगर, नीचे 40 फीट गहरी नदी</title>
                                    <description><![CDATA[सड़क किनारे खुले गड्ढों से नीचे सीधे नदी में गिरने का खतरा बना हुआ है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/andheri-river-bridge-becomes-a-dangerous-path--40-foot-deep-river-below/article-131813"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/ews-(1)17.png" alt=""></a><br /><p>कवाई। कवाई कस्बे से होकर गुजरने वाले स्टेट हाईवे पर स्थित अंधेरी नदी की पुलिया इन दिनों लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। लगभग 200 फीट लंबी यह सीसी पुलिया अब पूरी तरह जर्जर स्थिति में पहुंच चुकी है। पुलिया की ऊपरी परत उखड़ चुकी है, जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं और लोहे की सरिए भी बाहर निकल आए है।  जानकारी अनुसार पुलिया का निर्माण कई वर्ष पहले सीसी स्ट्रक्चर के रूप में किया गया था, लेकिन उस पर बार-बार डामर से पैचवर्क किया जाता रहा। इन अस्थायी मरम्मतों से कुछ समय के लिए राहत तो मिली, लेकिन हर बार कुछ महीनों में सतह फिर से खराब हो गई। अब पुलिया की सड़क पूरी तरह टूटी-फूटी और असमान हो चुकी है।</p>
<p><strong>डिवाइडर और रेलिंग कई जगह गायब : </strong>पुलिया के दोनों ओर लगी पाइपनुमा लोहे की रेलिंग और सीमेंटेड डिवाइडर अब खतरे का कारण बन गए हैं। कई हिस्सों में रेलिंग टूटकर नदी में गिर चुकी है, जबकि कुछ पाइप गिरने की कगार पर हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पुलिया पर अब सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं बची है। सड़क किनारे खुले गड्ढे हैं, जिनसे नीचे सीधे नदी में गिरने का खतरा बना हुआ है।</p>
<p><strong>बरसात में बढ़ जाता है खतरा </strong><br />नीचे बहने वाली अंधेरी नदी लगभग 30 से 40 फीट गहरी है। बरसात में जलस्तर बढ़ जाने से यह खतरा और बढ़ जाता है। पुलिया के किनारों पर रेलिंग नहीं होना किसी भी समय बड़ा हादसा करा सकता है।</p>
<p><strong> जनता की मांग : स्थायी मरम्मत और सुरक्षा रेलिंग जरूरी </strong><br />ग्रामीणों का कहना है कि अब केवल डामर पैचवर्क से काम नहीं चलेगा। पुलिया की सतह को दोबारा मजबूत करना और दोनों ओर नई पाइप रेलिंग व डिवाइडर लगाना आवश्यक है। साथ ही पुलिया पर सड़क लाइट और चेतावनी संकेत भी लगाए जाएं ताकि रात के समय दुर्घटनाओं से बचाव हो सके।</p>
<p><strong>बाल-बाल बची बाइक सवार की जान </strong><br />कुछ दिन पहले तेज बारिश में कस्बे का एक युवक बाइक सहित पुलिया से फिसलकर नदी में गिर गया था। सौभाग्य से वह तैरना जानता था, जिसने किसी तरह किनारे लगकर अपनी जान बचाई। ग्रामीणों ने समय रहते उसे बाहर निकाल लिया। यदि वह तैरना नहीं जानता, तो बड़ा हादसा हो सकता था।</p>
<p><strong>लोगों में रोष, रोजमर्रा की परेशानी </strong><br />रोजाना इस पुलिया से स्कूली बसें, ट्रक, ट्रैक्टर, कार, आॅटो और सैकड़ों ग्रामीण वाहन गुजरते हैं। गहरे गड्ढों और टूटी सतह के कारण वाहन चालकों को जोखिम उठाना पड़ता है। रात में पर्याप्त रोशनी नहीं होने से यह खतरा और बढ़ जाता है। कवाई निवासी मुरारी सुमन, सत्यनारायण सेन, महेंद्र सुमन और उमर थाना क्षेत्र के भूरालाल मेघवाल ने बताया कि इस पुलिया से प्रतिदिन भारी वाहन, बसें और बच्चों की बाल वाहिनियां गुजरती हैं। नीचे गहरी नदी और ऊपर टूटी हुई सतह से दुर्घटना का खतरा बना रहता है। कई बार डामर से मरम्मत हुई, लेकिन हर बार कुछ दिन में फिर उखड़ गई। यदि शीघ्र स्थायी मरम्मत नहीं हुई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />पुलिया की हालत इतनी खराब हो गई है कि रोजाना सफर करने में डर लगता है। ट्रक या बस लेकर निकलते वक्त लगता है। कहीं पहिया किनारे से फिसल न जाए। नीचे गहरी नदी है और रेलिंग भी टूटी पड़ी है। सरकार को जल्द स्थायी मरम्मत करवानी चाहिए।<br /><strong>- सत्यनारायण सेन, कवाई निवासी। </strong></p>
<p>बरसात के दौरान पुलिया पर पानी भर जाता है और फिसलन बढ़ जाती है। कुछ समय पहले एक युवक बाइक सहित गिर गया था, उसकी जान बाल-बाल बची। अगर जल्दी कार्य नहीं हुआ तो कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है।<br /><strong>- महेंद्र सुमन, कवाई निवासी।</strong></p>
<p>हम लोग रोज इसी पुलिया से गुजरते हैं। छोटे बच्चे और स्कूली बसें भी यहीं से निकलती हैं। पुलिया पर सुरक्षा रेलिंग नहीं है और रात में रोशनी की व्यवस्था भी नहीं। प्रशासन को इसे गंभीरता से लेना चाहिए। <br /><strong>- भूरालाल मेघवाल, उमर थाना निवासी।</strong></p>
<p>अंधेरी नदी की पुलिया अब पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। ऊपर की परत उखड़ी है, डिवाइडर टूटे हैं और रेलिंग गायब है। नीचे गहरी नदी है, जिससे हर वक्त हादसे का डर बना रहता है। कई बार मरम्मत हुई, लेकिन कुछ दिन बाद फिर खराब हो गई। रात में रोशनी नहीं रहती, जिससे खतरा और बढ़ जाता है। प्रशासन को स्थायी मरम्मत और नई रेलिंग लगवाने की तुरंत जरूरत है। <br /><strong>-  मुरारी सुमन, कवाई निवासी। </strong></p>
<p>अंधेरी नदी पुलिया का बजट स्वीकृत हो चुका है। फिलहाल आचार संहिता लागू होने के कारण कार्य प्रारंभ नहीं हो सका है। जैसे ही आचार संहिता समाप्त होगी, कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।<br /><strong>- नरेंद्र चौधरी, अधिशासी अभियंता, स्टेट हाईवे छबड़ा। </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/andheri-river-bridge-becomes-a-dangerous-path--40-foot-deep-river-below/article-131813</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/andheri-river-bridge-becomes-a-dangerous-path--40-foot-deep-river-below/article-131813</guid>
                <pubDate>Sat, 08 Nov 2025 16:56:39 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-11/ews-%281%2917.png"                         length="554481"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खबर का असर.... आखिरकार डेढ़ माह बाद सुध ली टूटी रैलिंग की </title>
                                    <description><![CDATA[इस बारे में दैनिक नवज्योति में 3 अप्रैल के अंक में समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें टूटी रैलिंग से हादसों के खतरे को उजागर किया था। समाचार प्रकाशित होते ही न्यास अधिकारी हरकत में आए और उस पुलिया की टूटी रैलिंग को ठीक करने का काम शुरू कर दिया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/finally-after-a-month-and-a-half--the-broken-railing-was-taken-care-of/article-7410"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/construction-new.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । नयापुरा क्षेत्र स्थित चम्बल नदी पर बनी बड़ी पुलिया की टूटी रैलिंग की आखिरकार डेढ़ माह बाद न्यास अधिकारियों ने सुध ली और उसे ठीक कराया। चम्बल नदी  पर बनी बड़ी व पुरानी पुलिया की रैलिंग का एक हिस्सा करीब डेढ़ माह पहले फरवरी में ट्रक हादसे में क्षतिग्रस्त हो गया था। बंूदी की तरफ से आ रहा ट्रक अनियंत्रित होकर पुलिया के फुटपाथ पर चढ़ता हुआ रैलिंग से टकरा गया था।  जिससे रैलिंग को तोड़ता हुआ  ट्रक नीचे लटक गया था। हालांकि उस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ था लेकिन पुलिया की रैलिंग क्षतिग्रस्त हो गई थी। उसके बाद पुलिस ने उस जगह पर लोहे के बेरिकेडिंग तो लगा दिए थे, लेकिन नगर विकास न्यास के अधिकारियों ने उसे ठीक करवाना उचित नहीं समझा था। <br /><br />इस बारे में दैनिक नवज्योति में 3 अप्रैल के अंक में समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें टूटी रैलिंग से हादसों के खतरे को उजागर किया था। समाचार प्रकाशित होते ही न्यास अधिकारी हरकत में आए और उस पुलिया की टूटी रैलिंग को ठीक करने का काम शुरू कर दिया। जिससे वहां टूटी रैलिंग के कारण होने वाले खतरों को टाला जा सकेगा। हालांकि अभी भी वहां लोहे की रैलिंग लगाई हुई है। <br /><br />इस संबंध में  न्यास के सहायक अभियंता का कहना है कि पुलिया  पर दो जगह से रैलिंग क्षतिग्रस्त हुई थी। एक जगह की रैलिंग को तो पहले ही ठीक करवा दिया था। दूसरी जगह की रैलिंग को भी ठीक करने की प्रक्रिया चल रही थी। अब उसे ठीक किया जा रहा है। <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/finally-after-a-month-and-a-half--the-broken-railing-was-taken-care-of/article-7410</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/finally-after-a-month-and-a-half--the-broken-railing-was-taken-care-of/article-7410</guid>
                <pubDate>Tue, 05 Apr 2022 16:01:11 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-04/construction-new.jpg"                         length="68431"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डेढ़ माह बाद भी नहीं सुधरी चंबल पुलिया की रेलिंग</title>
                                    <description><![CDATA[नयापुरा थाना क्षेत्र में चंबल नदी पर बने बड़े पुल की रेलिंग डेढ़ माह बाद भी नहीं सुधरी है । ट्रक हादसे में रेलिंग क्षतिग्रस्त हुई थी जो आज भी उसी स्थिति में है जिससे हादसों का खतरा बना हुआ है । ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/railing-of-chambal-culvert-did-not-improve-even-after-one-and-a-half-months/article-7223"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/8_new-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । नयापुरा थाना क्षेत्र में चंबल नदी पर बने बड़े पुल की रेलिंग डेढ़ माह बाद भी नहीं सुधरी है । ट्रक हादसे में रेलिंग क्षतिग्रस्त हुई थी जो आज भी उसी स्थिति में है जिससे हादसों का खतरा बना हुआ है । <br />नगर विकास न्यास कि इस चंबल पुलिया पर करीब डेढ़ माह पहले एक ट्रक अनियंत्रित होकर पुलिया की रेलिंग से टकराते हुए नीचे गिर गया था।  जिससे वह पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था । उस समय क्षतिग्रस्त पुलिया के रेलिंग के पास बैरिकेडिंग लगा दी गई थी । जिससे किसी तरह का कोई हादसा ना हो लेकिन हालत यह है कि उस घटना को डेढ़ माह का समय हो चुका है अभी तक भी पुलिया की रेलिंग को सही नहीं किया गया पुलिया की स्थिति पहले जैसी ही है । ऐसे में चंबल पुलिया से रोजाना गुजरने वाले हजारों वाहनों में से कभी भी हादसा होने का खतरा बना हुआ है । साथ ही फुटपाथ के पास बनी होने से वहां से पैदल भी कई लोग रोजाना गुजरते हैं । वहां से गुजरने वाले क्षतिग्रस्त पुलिया को देखकर नीचे झाकते रहते हैं जिससे कभी भी किसी के गिरने और रात के समय अन्य वाहनों के क्षतिग्रस्त होने का खतरा बना हुआ है । हालांकि इससे कुछ ही दूरी पर एक और ट्रक हादसे में पुलिया की रेलिंग क्षतिग्रस्त हुई थी।  जिसे नगर विकास न्यास द्वारा ठीक करवा दिया गया है।  हालांकि वहां अभी रेलिंग के पास बैरिकेडिंग लगी हुई है । गौरतलब है कि चंबल की एक पुलिया के नीचे अंडरपास का काम चलने से वह पूरी तरह से बंद है।  जबकि एक इसी पुलिया पर दोनों तरफ का ट्रैफिक चल रहा है । नयापुरा से बूंदी रोड और बूंदी रोड से नयापुरा की तरफ आने वाला ट्रैफिक चंबल की पुलिया से होकर गुजर रहा है जिससे हादसों का खतरा और भी अधिक बना हुआ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/railing-of-chambal-culvert-did-not-improve-even-after-one-and-a-half-months/article-7223</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/railing-of-chambal-culvert-did-not-improve-even-after-one-and-a-half-months/article-7223</guid>
                <pubDate>Sat, 02 Apr 2022 17:47:26 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-04/8_new-copy.jpg"                         length="85061"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        