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                <title>partnership - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>partnership RSS Feed</description>
                
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                <title>भारत और मलेशिया के बीच रणनीतिक साझेदारी होगी मजबूत : सहयोग को नए क्षेत्रों में फैलाना लक्ष्य, मोदी ने कहा- लोगों से मिलने के लिए हूं उत्सुक</title>
                                    <description><![CDATA[यात्रा पर रवाना होने से पहले अपने वक्तव्य में कहा कि दोनों देशों का लक्ष्य रक्षा और सुरक्षा संबंधों को गहरा करना,  आर्थिक और नवाचार साझेदारी को बढ़ाना तथा सहयोग को नए क्षेत्रों में फैलाना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/there-will-be-a-strategic-partnership-between-india-and-malaysia/article-142225"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/modi-ji.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">नई<span>  </span>दिल्ली।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उम्मीद जताई है कि उनकी मलेशिया यात्रा से दोनों देशों के बीच<span>  </span>व्यापक रणनीतिक साझेदारी और मजबूत होगी। मोदी ने मलेशिया की 2 दिन की यात्रा पर रवाना होने से पहले अपने वक्तव्य में कहा कि दोनों देशों का लक्ष्य रक्षा और सुरक्षा संबंधों को गहरा करना,<span>  </span>आर्थिक और नवाचार साझेदारी को बढ़ाना तथा सहयोग को नए क्षेत्रों में फैलाना है। <span> </span></span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">उन्होंने कहा कि भारत और मलेशिया के बीच ऐतिहासिक संबंधों में हाल के सालों में लगातार प्रगति हुई है। अपनी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की उम्मीद करता हूँ। हमारा लक्ष्य अपने रक्षा और सुरक्षा संबंधों को गहरा करना, अपनी आर्थिक और इनोवेशन साझेदारी को बढ़ाना और अपने सहयोग को नए क्षेत्रों में फैलाना होगा। मोदी ने कहा कि वह मलेशिया में भारतीय समुदाय के लोगों से मिलने के लिए भी उत्सुक हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">उन्होंने कहा कि मैं मलेशिया में भारतीय समुदाय से मिलने के लिए भी उत्सुक हूँ। उनकी संख्या लगभग तीन मिलियन है, और वे दुनिया के सबसे बड़े भारतीय डायस्पोरा में से एक हैं। मलेशिया की प्रगति में उनका बहुत बड़ा योगदान और हमारे दोनों देशों के बीच एक जीवित पुल के रूप में उनकी भूमिका हमारी ऐतिहासिक दोस्ती को एक मजबूत आधार प्रदान करती है। </span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 Feb 2026 14:56:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिकी सांसदों ने अमेरिका-भारत साझेदारी पर द्विदलीय प्रस्ताव किया पेश : साझा लोकतांत्रिक प्राथमिकताओं को बढ़ावा देने में भूमिका की पुष्टि की, मिला समर्थन</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी सांसद एमी बेरा और जो विल्सन ने अमेरिका-भारत दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी की पुष्टि वाला द्विदलीय प्रस्ताव पेश किया। 24 सांसदों के समर्थन वाले इस प्रस्ताव में रक्षा, तकनीक, व्यापार, आतंकवाद-रोधी सहयोग और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की भूमिका को रेखांकित किया गया। प्रस्ताव दोनों देशों के लगातार मजबूत होते संबंधों, क्वाड सहयोग और भारतीय-अमेरिकी समुदाय के योगदान को भी महत्व देता है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/us-lawmakers-present-bipartisan-resolution-on-us-india-partnership-reaffirms-role/article-132828"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/american-senate-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन। अमेरिकी संसद में सबसे लंबे समय तक सदस्य एमी बेरा और जो विल्सन ने एक द्विदलीय प्रस्ताव पेश किया है, जिसमें अमेरिका और भारत के बीच दीर्घकालिक साझेदारी के रणनीतिक महत्व, स्थिरता और साझा लोकतांत्रिक प्राथमिकताओं को बढ़ावा देने में इसकी भूमिका की पुष्टि की गई है। इस प्रस्ताव को मजबूत द्विदलीय समर्थन प्राप्त हुआ है, जिसमें सिडनी कामलागर-डोव, रिच मैककॉर्मिक, डेबोरा रॉस, रॉब विटमैन, सुहास सुब्रमण्यम और जे ओबरनोल्टे सहित 24 मूल सह-प्रायोजक शामिल हैं।</p>
<p>यह प्रस्ताव विश्व के दो सबसे बड़े लोकतंत्रों के बीच रक्षा, प्रौद्योगिकी, व्यापार, आतंकवाद-रोधी, शिक्षा एवं ऊर्जा सहित महत्वपूर्ण क्षेत्रों में दशकों से बढ़ते सहयोग पर बल देता है। यह क्षेत्रीय स्थिरता, आर्थिक विकास और एक स्वतंत्र एवं खुले ङ्क्षहद-प्रशांत क्षेत्र को बढ़ावा देने में भारत की भूमिका का भी उल्लेख  करता है।</p>
<p>अमेरिकी सांसदों ने इस बात पर बल दिया कि भारत के साथ संबंधों को मजबूत करने के लिए समर्थन पार्टी एवं राष्ट्रपति बदलने के बावजूद निरंतर रहा है। प्रस्ताव में कहा गया है- तीन दशकों से अधिक समय से, अमेरिकी राष्ट्रपति क्लिंटन, बुश, ओबामा, ट्रम्प और बाइडेन के नेतृत्व में अमेरिका ने भारत के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत किया है तथा क्षेत्रीय स्थिरता, लोकतांत्रिक शासन एवं  साझा वैश्विक प्राथमिकताओं के लिए इसके महत्व की पहचान की है।</p>
<p>यह उपाय आतंकवाद से निपटने एवं साइबर खतरों से लेकर उभरती प्रौद्योगिकियों तक 21वीं सदी की चुनौतियों का सामना करने के लिए निरंतर सहयोग का आह्वान करता है तथा भारतीय अमेरिकी प्रवासियों द्वारा मजबूत किए गए लोगों से लोगों के बीच स्थायी संबंधों को स्वीकार करता है। इसमें भारत की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं को भी मान्यता दी गई है तथा अमेरिकी ऊर्जा संसाधनों की खरीद बढ़ाने, पारस्परिक ऊर्जा सुरक्षा एवं आर्थिक समृद्धि बढ़ाने के लिए भारत की सराहना की गई है।</p>
<p>प्रस्ताव में इस बात पर बल दिया गया है कि अमेरिका-भारत साझेदारी में दोनों देशों के नागरिकों को लाभ पहुंचाने तथा 21वीं सदी की वैश्विक चुनौतियों से निपटने में महत्वपूर्ण योगदान देने की क्षमता है। यह प्रस्ताव अमेरिका-भारत साझेदारी को वॉशिंगटन की हिंद-प्रशांत रणनीति के केंद्र के रूप में उजागर करता है और क्वाड के महत्व को रेखांकित करता है जिसमें भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं।  यह प्रस्ताव अमेरिका और भारत को क्वाड के माध्यम से एक स्वतंत्र, खुले एवं लचीले हिंद-प्रशांत के लिए सहयोग जारी रखने और विस्तार करने के लिए प्रोत्साहित करता है और द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय मंचों के माध्यम से आर्थिक पहलों में भारत की भागीदारी, क्वाड में इसकी भागीदारी एवं सहयोग का स्वागत करता है।</p>
<p>यह प्रस्ताव पांच कांग्रेस सदस्यों द्वारा राष्ट्रपति ट्रम्प को लिखे गए पत्र के कुछ सप्ताह बाद आया है, जिसमें भारत-अमेरिका संबंधों पर इसके संभावित नकारात्मक प्रभावों के कारण एच-1बी वीजा पर 19 सितंबर की घोषणा पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया गया था।</p>
<p>प्रस्ताव में अमेरिका-भारत साझेदारी में कई महत्वपूर्ण तथ्यों पर भी प्रकाश डाला गया, जिसमें 2004 में रणनीतिक साझेदारी में अगले कदम पर हस्ताक्षर शामिल हैं, जिसने नागरिक परमाणु ऊर्जा, रक्षा और प्रौद्योगिकी में सहयोग का विस्तार किया, इसके बाद 2005-2008 में नागरिक परमाणु सहयोग समझौता, जिनकी समाप्ति अमेरिका-भारत 123 समझौते के रूप में हुई।</p>
<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Nov 2025 15:25:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सशक्त कानून व्यवस्था के लिए समाज और पुलिस के बीच साझेदारी जरूरी : उत्तरदायी नागरिक के रूप में जिम्मेदारी का निर्वहन करे समाज, राजनाथ सिंह ने कहा-  सेना और पुलिस देश की सुरक्षा के मजबूत स्तंभ </title>
                                    <description><![CDATA[  भारत के नागरिकों की सुरक्षा में, अपने प्राणों को आहूत कर देने वाले सुरक्षा बलों को, श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/partnership-between-society-and-police-is-necessary-for-strong-law/article-130195"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-03/rajnath-singh1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने समाज और पुलिस को एक दूसरे पर निर्भर बताते हुए शांति और प्रगति के लिए इनके बीच साझेदारी में संतुलन  पर बल दिया है और कहा है कि जहां पुलिस  को संरक्षक की भूमिका निभानी चाहिए। वहीं समाज को उत्तरदायी नागरिक के रूप में अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करना चाहिए, ताकि सुरक्षा व्यवस्था और मुस्तैद हो सके। उन्होंने कहा कि सशक्त राष्ट्र के लिए सशक्त समाज के साथ साथ सशक्त पुलिस भी बहुत अधिक जरूरी है। सिंह ने पुलिस स्मृति दिवस पर मंगलवार को यहां राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर आयोजित कार्यक्रम में कृतज्ञ  राष्ट्र की ओर से  शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धा सुमन अर्पित किये और भव्य परेड की सलामी ली। उन्होंने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस देश की सुरक्षा में अपने आप को समर्पित कर देने वाले हमारे पुलिस, और सभी अर्दद्धसैनिक बलों के जवानों के त्याग का दिन है। मैं  भारत के नागरिकों की सुरक्षा में, अपने प्राणों को आहूत कर देने वाले सुरक्षा बलों को, श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।</p>
<p>पुलिस और समाज के बीच परस्पर समझ और जिम्मेदारी की भावना पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि इससे सुरक्षा और न्याय तथा विश्वास की भावना दृढ होती है। उन्होंने कहा कि समाज और पुलिस, ये दोनों एक-दूसरे पर समान रूप से निर्भर हैं। कोई भी समाज तभी शांति और प्रगति की ओर बढ़ सकता है, जब उसके भीतर सुरक्षा, न्याय और विश्वास की भावना सुदृढ़ हो। पुलिस व्यवस्था तभी प्रभावी रूप से काम कर सकती है, जब समाज के नागरिक पुलिस के सहयोगी के रूप में काम करते हैं, और कानून का सम्मान करते हैं। जब समाज और पुलिस के बीच संबंध परस्पर समझ और जिम्मेदारी पर आधारित होते हैं, तब समाज, और पुलिस बल, दोनों समृद्ध होते हैं। पुलिस और समाज के बीच साझेदारी में संतुलन पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि प्रभावी पुलिस व्यवस्था के लिए यह जरूरी है। इसलिए यह बहुत जरूरी है, कि दोनों के बीच एक संतुलित साझेदारी बनी रहे, जहाँ पुलिस संरक्षक की भूमिका निभाए, और समाज उत्तरदायी नागरिक के रूप में अपनी भूमिका निभाए, ताकि सुरक्षा व्यवस्था और मुस्तैद हो सके।</p>
<p>रक्षा मंत्री ने सेना और पुलिस को देश की सुरक्षा के मजबूत स्तंभ बताते हुए कहा कि इनका साझा मिशन देश की रक्षा करना है। उन्होंने कहा,Þ सेना हो या पुलिस, ये दोनों ही देश की सुरक्षा के अलग-अलग स्तंभ हैं। अगर सेना, देश की रक्षा करती है, तो पुलिस समाज की रक्षा करती है। सेना भारत की भौगोलिक अखंडता की रक्षा करती है, तो पुलिस भारत की सामाजिक अखंडता की रक्षा करती है।  इसलिए मेरा ऐसा मानना है, कि दुश्मन कोई भी हो, चाहे सीमा पार से आए, या हमारे बीच छिपा हो, जो भी व्यक्ति भारत की सुरक्षा के लिए खड़ा है, वह एक ही आत्मा का प्रतिनिधि है। सेना और पुलिस में बस मंच अलग है, लेकिन इनका मिशन एक ही है, राष्ट्र की रक्षा।</p>
<p>सिंह ने पुलिस की चुनौतियों और उसकी उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज पुलिस को सिफऱ् अपराध से नहीं, बल्कि धारणा  से भी लडऩा पड़ रहा है। एक तरफ अपराध रोकना कानून  की मांग है, वहीं दूसरी तरफ समाज में विश्वास बनाए रखना एक नैतिक कर्तव्य है। यह बड़ी अच्छी बात है, कि हमारी पुलिस अपनी अधिकारिक ड्यूटी के साथ-साथ अपना नैतिक कर्तव्य भी बहुत अच्छे से निभा रही है। अगर लोग रात को चैन से सो पाते हैं, तो इसलिए कि उन्हें विश्वास होता है कि सीमा पर सेना है, और गली-मोहल्ले में पुलिस मुस्तैद है। यह विश्वास ही सुरक्षा की सबसे बड़ी परिभाषा है।<br />नक्सलवाद की समस्या का उललेख करते हुए उन्होंने कहा कि आगामी मार्च तक यह समस्या इतिहास बन जायेगी और सुरक्षाकर्मियों की यह बहुत बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि कभी आतंक के लिए जाने जाने वाले क्षेत्रों में अब विकास हो रहा है। उन्होंने कहा, Þ  पिछले कई वर्षों के हमारे सम्मिलित प्रयास, फलीभूत हो रहे हैं। पूरे देश को अब यह भरोसा हो गया है, कि अगले वर्ष तक इस समस्या का नामोनिशान नहीं रहेगा। आपकी जानकारी के लिए बता दूँ, कि इस वर्ष भी कई शीर्ष नक्सलियों का खात्मा किया जा चुका है। नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या भी अब बहुत कम बची रह गई है, और वह भी अगले वर्ष मार्च तक खत्म हो जाएगी, जो क्षेत्र पहले नक्सलियों के आतंक से काँपते थे, आज वहां  सड़क , अस्पताल, स्कूल और कॉलेज पहुंच चुके हैं। जो क्षेत्र कभी नक्सल हब हुआ करते थे, आज वो शिक्षा के गढ बन रहे है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में बच्चे मोबाइल चला रहे हैं, कंप्यूटर चला रहे हैं, बड़े सपने देख रहे हैं। भारत के जो क्षेत्र'रेड कॉरिडोर के नाम से कुख्यात थे, वह अब'ग्रोथ कॉरिडोर में बदल चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार जो इतने परिवर्तन कर पाई है, इसमें बहुत बड़ा योगदान हमारे पुलिस बलों का और सुरक्षा बलों का है। रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार ने सिर्फ देश की सुरक्षा पर ही नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा में लगे हुए अपने पुलिस बलों पर भी ध्यान दिया है।  सरकार ने, पुलिस के साथियों की स्मृति को जीवंत रखने के लिए, उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए, 2018 में राष्ट्रीय पुलिस स्मारक की भी स्थापना की। इसके अलावा  पुलिस को अत्याधुनिक हथियारों के साथ-साथ बेहतर सुविधाएं भी दी गयी हैं। पुलिस बलों के आधुनिकीकरण के लिए राज्यों को भी पर्याप्त संसाधन दिए जा रहे हैं। </p>
<p>उन्होंने कहा कि एक राष्ट्र के रूप में हमारे पास चुनौतियां बहुत ज्यादा है, लेकिन उन चुनौतियों से निपटने के लिए, हमारे पास संसाधन सीमित मात्रा में हैं। इसलिए उन संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने पर भी ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा , Þ और यह काम तब हो सकता है, जब हम सुरक्षा एजेन्सियों के साथ तालमेल के साथ काम करें। सशक्त पुलिस ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकती है, और यही हमारा ध्येय होना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Tue, 21 Oct 2025 11:54:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>विकास साझेदारी के कई समझौतों पर भारत-नेपाल के हस्ताक्षर</title>
                                    <description><![CDATA[ दोनों प्रधानमंत्रियों ने जयनगर से कुर्था (नेपाल) के बीच रेलवे लाइन का उद्घाटन किया और यात्री ट्रेन को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/india-nepal-signed-several-agreements-on-development-partnership-today--india-nepal-to-increase-partnership-in-energy-sector/article-7232"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/modi.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत एवं नेपाल ने पनबिजली क्षेत्र सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के संकल्प के साथ विकास साझेदारी के कई समझौतों पर आज हस्ताक्षर किये।  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा के बीच शनिवार को यहां प्रतिनिधिमंडल स्तर की द्विपक्षीय बैठक में ये फैसले लिये गये। दोनों प्रधानमंत्रियों ने जयनगर से कुर्था (नेपाल) के बीच रेलवे लाइन का उद्घाटन किया और यात्री ट्रेन को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। दोनों नेताओं ने नेपाल में रूपे कार्ड के प्रचलन की शुरुआत की और 132 किलोवाट क्षमता की सोलू कॉरीडोर विद्युत पारेषण लाइन एवं सबस्टेशन का उद्घाटन किया। नेपाल ने अंतरराष्ट्रीय सौर गठजोड़ (आईएसए) में औपचारिक रूप से प्रवेश के दस्तावेज पर हस्ताक्षर किये।<br /><br />इस मौके पर मोदी ने कहा कि भारत और नेपाल की दोस्ती, हमारे लोगों के आपसी सम्बन्ध, ऐसी मिसाल विश्व में कहीं और देखने को नहीं मिलती। हमारी सभ्यता, हमारी संस्कृति, हमारे आदान-प्रदान के धागे, प्राचीन काल से जुड़े हुए हैं। अनादिकाल से हम एक-दूसरे के सुख-दु:ख के साथी रहे हैं।<br /><br /> मोदी ने कहा कि भारत एवं नेपाल ने ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ाने का फैसला किया है। ऊर्जा सहयोग पर हमारा संयुक्त ²ष्टिपत्र भविष्य में सहयोग का ब्लूप्रिंट साबित होगा। हमने पंचेश्वर परियोजना में तेज गति से आगे बढऩे के महत्व पर जोर दिया। यह परियोजना इस क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि हमने भारतीय कंपनियों द्वारा नेपाल के पनबिजली विकास योजनाओं में और अधिक भागीदारी के विषय पर भी सहमति व्यक्त की। यह प्रसन्नता का विषय है कि नेपाल अपनी सरप्लस बिजली भारत को निर्यात कर रहा है। इसका नेपाल की आर्थिक प्रगति में अच्छा योगदान रहेगा। भारत बिजली के आयात को बढ़ाने के बारे में बात कर रहा है।<br /><br />प्रधानमंत्री ने नेपाल द्वारा आईएसए का सदस्य बनने पर विशेष प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि इससे हमारे क्षेत्र में सतत, किफायती एवं स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेग। उन्होंने कहा कि देउबा जी और मैंने व्यापार और सभी प्रकार से सीमा पार कनेक्टिविटी को प्राथमिकता देने पर भी सहमति जताई है। जयनगर-कुर्था रेल लाइन की शुरुआत इसी का एक भाग है। दोनों देशों के लोगों के बीच सुगम, बाधारहित आदान-प्रदान के लिए ऐसी योजनायें बेहतरीन योगदान देंगी।<br /><br /> मोदी ने कहा कि नेपाल में रूपे कार्ड की शुरुआत हमारी वित्तीय कनेक्टिविटी में एक नया अध्याय जोड़ेगी। इसके अलावा अन्य परियोजनाएं जैसे नेपाल पुलिस अकादमी, नेपालगंज में एकीकृत जांच चौकी, रामायण सर्किट आदि भी दोनों देशों को और करीब लाएंगे। <br /><br /> देउबा ने अपने संबोधन में कोविड काल में नेपाल को महामारी से निपटने के लिए दवाएं, वैक्सीन एवं लॉजिस्टिक सहायता देने के लिए भारत का आभार व्यक्त किया। उन्होंने प्रधानमंत्री से भैरवा में आईसीपी का निर्माण जल्द कराने, नेपालगंज से जनकपुर तक रेलङ्क्षलक बनाने और पश्चिमी नेपाल में खाद की आपूर्ति में सहयोग का आग्रह किया। उन्होंने काशी विश्वनाथ कॉरीडोर के लिए मोदी की सराहना की और बातचीत के माध्यम से सीमा संबंधी विवाद का जल्द से जल्द स्थायी समाधान करने का भी अनुरोध किया।<br /><br /> देउबा के साथ प्रतिनिधिमंडल नेपाल के विदेश मंत्री नारायण खडका, ऊर्जा, जलसंसाधन एवं सिंचाई मंत्री  पुष्पा भुसाल, स्वास्थ्य एवं जनसंख्या मंत्री बिरोध खातीवाडा और कृषि एवं मवेशी विकास मंत्री महेन्द्र राय यादव भी थे।<br /><br /> देउबा उनकी पत्नी  आरजू राणा देउबा एवं प्रतिनिधिमंडल सदस्यों के साथ शुक्रवार को तीन दिन की भारत यात्रा पर यहां पहुंचे। वह रविवार को वाराणसी जाएंगे और काशी विश्वनाथ मंदिर, काल भैरव मंदिर और पशुपतिनाथ मंदिरों के दर्शन एवं पूजन करेंगे। वह ललिता घाट पर एक वृद्धाश्रम का शिलान्यास भी करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 Apr 2022 18:39:21 +0530</pubDate>
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