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                <title>partnership - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>partnership RSS Feed</description>
                
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                <title>वन्यजीव संरक्षण को मिलेगा CSR का संबल: सवाई माधोपुर में होगा राज्य स्तरीय कॉन्क्लेव ; वन विभाग और कॉर्पोरेट जगत मिलकर तलाशेंगे संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और समुदाय विकास के नए रास्ते</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान वन विभाग द्वारा 22-23 जून को सवाई माधोपुर में राज्य स्तरीय CSR कॉन्क्लेव का आयोजन किया जाएगा। इसका उद्देश्य रणथम्भौर और सरिस्का जैसे संरक्षित क्षेत्रों में वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और स्थानीय समुदायों के विकास के लिए कॉर्पोरेट जगत और वन विभाग के बीच सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) को मजबूत करना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/sawai-madhopur/wildlife-conservation-will-get-the-support-of-csr-state-level/article-157638"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/image1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान वन विभाग की पहल पर सवाई माधोपुर में 22 और 23 जून को राज्य स्तरीय CSR कॉन्क्लेव का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के माध्यम से वन एवं वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और स्थानीय समुदायों के सतत विकास को बढ़ावा देना है। कॉन्क्लेव में विभिन्न कॉर्पोरेट संस्थानों, सार्वजनिक उपक्रमों, उद्योग समूहों, गैर-सरकारी संगठनों, संरक्षण विशेषज्ञों और वन अधिकारियों की भागीदारी रहेगी।</p>
<p>डीसीएफ मानस सिंह ने बताया कि कार्यक्रम में रणथम्भौर, सरिस्का, केवलादेव, मुकुंदरा सहित प्रदेश के प्रमुख संरक्षित क्षेत्रों में CSR के जरिए किए जा सकने वाले कार्यों और नवाचारों पर विस्तृत चर्चा होगी। साथ ही सफल परियोजनाओं के अनुभव साझा किए जाएंगे तथा वन विभाग और कॉर्पोरेट क्षेत्र के बीच सहयोग के नए अवसर तलाशे जाएंगे। यह पहल प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा और स्थानीय समुदायों के सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>सवाई माधोपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Jun 2026 12:24:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>सर्जियो गोर का भारत दौरा: अमित शाह से की मुलाकात, आतंकवाद के खिलाफ सहयोग पर चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की मुलाकात के बाद अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने अमित शाह से नई दिल्ली में मुलाकात की। दोनों नेताओं ने आतंकवाद, नशीले पदार्थों की तस्करी से निपटने और सीमा सुरक्षा मजबूत करने पर विस्तार से रणनीतिक चर्चा की। भारत व्यापक वैश्विक साझेदारी के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/sergiy-gore-visits-india-meets-amit-shah-discusses-tackling-terrorism/article-157371"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/amit-shah.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। फ्रांस में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मुलाकात के बाद भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने गुरुवार को यहां केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और दोनों नेताओं ने विशेष रूप से आतंकवाद तथा नशील पदार्थों की तस्करी से निपटने के मुद्दों पर बात की। गोर ट्रंप और मोदी की मुलाकात के दौरान बुधवार रात फ्रांस के शहर एवियन में ही थे और वहा से सीधे यहां आये हैं।</p>
<p>अमित शाह ने गोर के साथ मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में मुलाकात की जानकारी दी। दोनों ने विशेष रूप से सुरक्षा के क्षेत्र में, खासकर आतंकवाद और नशीले पदार्थों की तस्करी से निपटने के लिए दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा हुई। गृह मंत्री ने कहा, "आज नयी दिल्ली में भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर से मुलाकात की। सुरक्षा के क्षेत्र में, खासकर आतंकवाद और नशीले पदार्थों की तस्करी से निपटने के लिए, भारत और अमेरिका के बीच सहयोग को और मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में, भारत 'भारत- अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी' को आगे बढ़ाने और यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है कि दोनों देशों के लोगों को इस द्विपक्षीय रिश्ते का लाभ मिले।</p>
<p>गोर ने भी सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट में कहा, "गृह मंत्री अमित शाह के साथ बहुत अच्छी बैठक हुई। हमने आतंकवाद से निपटने, अपने लोगों को नशीले पदार्थों और अवैध ड्रग्स से बचाने, अपनी सीमाओं को सुरक्षित करने और दोनों देशों में अपराधियों को सज़ा दिलाने के लिए सहयोग बढ़ाने पर सार्थक चर्चा की।" अमेरिका और भारत के अधिकारी नियमित रूप से सीमाओं को सुरक्षित करने, अपराधियों को सजा दिलाने और युवाओं को नशीली दवाओं से बचाने के लिए रणनीतिक बैठकें करते रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 16:02:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>G-7 शिखर सम्मेलन के बाद पेरिस पहुंचे पीएम मोदी: भारतीय समुदाय ने किया गर्मजोशी से स्वागत, राष्ट्रपति मैक्रों के साथ 'वीवानेट' में होंगे शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[जी-7 सम्मेलन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देर रात पेरिस पहुंचे, जहां प्रवासी भारतीयों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। पीएम मोदी आज फ्रांस के बिजनेस लीडर्स से मुलाकात करेंगे और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ 'वीवानेट' कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। उन्होंने भारत-फ्रांस साझेदारी को वैश्विक प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-arrives-in-paris-after-attending-the-g-7-summit/article-157308"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)-(10)1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद बुधवार देर रात फ्रांस के शहर एवियन से राजधानी पेरिस पहुंचे। पेरिस में पीएम मोदी का भारतीय प्रवासी समुदाय ने गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। प्रधानमंत्री ने बुधवार रात सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा,"कुछ ही समय पहले पेरिस पहुँचा और वहाँ भारतीय प्रवासी समुदाय ने मेरा गर्मजोशी से स्वागत किया। भारत और फ्रांस को और निकट लाने में उनके प्रयासों पर मुझे गर्व है। भारत-फ्रांस साझेदारी हमारे ग्रह की प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।"</p>
<p>पीएम मोदी का आज पेरिस में बिजनेस लीडर्स से मुलाकात का कार्यक्रम है। बाद में वह राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ 'वीवानेट' कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे और लोगों को संबोधित करेंगे। वहीं, देर शाम स्वदेश रवाना होने से पहले वह भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करेंगे। पीएम मोदी 13 जून को फ्रांस और स्लोवाकिया की छह दिन की यात्रा पर रवाना हुए थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 11:36:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पीएम मोदी का स्लोवाकिया दौरा: ब्रातिस्लावा में हुआ पारंपरिक स्वागत, अलग अंदाज में सुनाया वंदे मातरम</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी ऐतिहासिक यात्रा पर स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा पहुंचे, जहां ब्रेड और नमक भेंट कर उनका पारंपरिक स्वागत किया गया। पीएम मोदी यहां राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी और पीएम रॉबर्ट फिको के साथ व्यापार, निवेश और रक्षा सहयोग मजबूत करने के लिए उच्च स्तरीय बैठकें करेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modis-visit-to-slovakia-prime-minister-fico-welcomed-him/article-157034"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/modi.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को स्लोवाकिया की यात्रा पर पहुंचने पर कहा कि इस यात्रा से दोनों देशों के बीच सहयोग के नए रास्ते खुलेंगे और बढ़ती साझेदारी और गहरी होगी। पीएम मोदी ने स्लोवाकिया की राजधानी में उतरने के तुरंत बाद कहा कि यह यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ होने वाली बैठकों को लेकर भी उत्सुकता जताई।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "ब्रातिस्लावा पहुंच गया हूं। यह यात्रा भारत-स्लोवाकिया संबंधों को गहरा करने और सहयोग के नए रास्ते तलाशने का अवसर देती है। राष्ट्रपति पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री फिको के साथ फलदायी बैठकों की उम्मीद है।" वहां पहुंचने पर प्रधानमंत्री का औपचारिक स्वागत किया गया, जिसमें स्लोवाकिया की सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार उन्हें ब्रेड और नमक भेंट किया गया। यह अनूठी परंपरा मेहमाननवाजी, सद्भावना और दोस्ती का प्रतीक मानी जाती है।</p>
<p>पीएम मोदी ने इस स्वागत के लिए आभार जताया और कहा, "ब्रातिस्लावा में स्वागत के दौरान ब्रेड और नमक भेंट करने की पारंपरिक प्रथा देखने को मिली। यह स्लोवाकिया की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और वहाँ के लोगों की सद्भावना व दोस्ती की भावना को दर्शाता है।" इस यात्रा के दौरान स्लोवाकिया की लोक परंपराओं को प्रदर्शित करने वाला एक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। प्रधानमंत्री ने मियावा क्षेत्र के लोक दल 'कोपानिसियारिक' की एक मनमोहक प्रस्तुति देखी। उन्होंने किसी देश के इतिहास और पहचान को बचाए रखने में पारंपरिक कलाओं की भूमिका की सराहना की।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा, "स्लोवाकिया के मियावा क्षेत्र के कोपानिसियारिक दल की एक बेहतरीन प्रस्तुति देखी। इस तरह की लोक परंपराएं अपनी संस्कृति और इतिहास को संजोकर रखने में मदद करती हैं।" ब्रातिस्लावा में पीएम मोदी का स्वागत करने के लिए भारतीय समुदाय के लोग भी बड़ी संख्या में जुटे, जो दोनों देशों के बीच मजबूत होते आपसी रिश्तों को दर्शाता है। उन्होंने इस गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए प्रवासी भारतीयों का आभार व्यक्त किया और कहा कि समुदाय का यह स्नेह भारत और स्लोवाकिया को जोड़ने वाले मजबूत रिश्तों को उजागर करता है।</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा, "मैं भारतीय समुदाय के लोगों के इस स्नेह और गर्मजोशी के लिए उनका आभारी हूँ। ऐसे भाव हमारे लोगों को जोड़ने वाले मजबूत रिश्तों को दर्शाते हैं और भारत-स्लोवाकिया की दोस्ती को और मजबूत करते हैं।" प्रधानमंत्री की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत बदलते वैश्विक और आर्थिक हालातों के बीच मध्य और पूर्वी यूरोपीय देशों के साथ अपने संबंधों को बढ़ाना चाहता है। यूरोपीय संघ और नाटो का सदस्य स्लोवाकिया, व्यापार, निवेश, विनिर्माण, रक्षा सहयोग, नवाचार, सूचना प्रौद्योगिकी और आवाजाही जैसे क्षेत्रों में भारत का एक महत्वपूर्ण भागीदार बनकर उभरा है।</p>
<p>राष्ट्रपति पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री फिको के साथ पीएम मोदी की बैठकों में आर्थिक सहयोग बढ़ाने, औद्योगिक साझेदारी को मजबूत करने, तकनीकी सहयोग में सुधार लाने और सांस्कृतिक व शैक्षणिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित होने की उम्मीद है। इसके साथ ही, दोनों देशों के बीच आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है। भारत और स्लोवाकिया के बीच दशकों से दोस्ताना राजनयिक संबंध रहे हैं और हाल के वर्षों में दोनों देशों के द्विपक्षीय रिश्तों में लगातार बढ़ोत्तरी हुई है। दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ा है, जबकि भारतीय कंपनियों ने स्लोवाकिया में अपनी उपस्थिति मजबूत की है, खासकर ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में। वहीं स्लोवाकिया की कंपनियों ने भी भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था और विनिर्माण क्षेत्र में रुचि दिखाई है।</p>
<p>ब्रातिस्लावा की यह यात्रा पीएम मोदी के व्यापक यूरोपीय राजनयिक संपर्क का हिस्सा है। उम्मीद है कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच राजनीतिक बातचीत, आर्थिक सहयोग और जनसंपर्क को मजबूत करके भारत-स्लोवाकिया संबंधों को एक नई गति देगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 15:12:01 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>यूपीईएस ने जयपुर में पेश किया ‘यूनिवर्सिटी ऑफ टुमॉरो’ का विज़न, एआई-फर्स्ट शिक्षा मॉडल पर जोर</title>
                                    <description><![CDATA[शोध-आधारित यूपीईएस (UPES) विश्वविद्यालय ने खुद को 'एआई-फर्स्ट' संस्थान के रूप में विकसित करने की घोषणा की है। ओपनएआई से साझेदारी के तहत 19,100 से अधिक छात्रों को उन्नत एआई टूल्स और पर्सनल एआई ट्यूटर मिलेंगे। क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग 2026 में यूपीईएस देश के निजी विश्वविद्यालयों में पहले स्थान पर है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/upes-presented-the-vision-of-%E2%80%98university-of-tomorrow%E2%80%99-in-jaipur/article-156596"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/1200-x-600-px.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भारत के अग्रणी बहुविषयक एवं शोध-आधारित विश्वविद्यालयों में से एक यूपीईएस (UPES) ने जयपुर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान खुद को ‘एआई-फर्स्ट’ विश्वविद्यालय के रूप में विकसित करने की अपनी महत्वाकांक्षी पहल को विस्तार से प्रस्तुत किया। विश्वविद्यालय ने ‘यूनिवर्सिटी ऑफ टुमॉरो’ के अपने विज़न को साझा करते हुए बताया कि भविष्य की शिक्षा अब केवल पारंपरिक पाठ्यक्रमों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), उद्योग सहभागिता, शोध उत्कृष्टता और बेहतर करियर परिणामों पर आधारित होगी।</p>
<p>कार्यक्रम में बताया गया कि दुनिया तेजी से एआई, ऑटोमेशन और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के दौर से गुजर रही है, जिससे उद्योगों की कार्यप्रणाली और रोजगार की प्रकृति में बड़े बदलाव आ रहे हैं। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की ‘फ्यूचर ऑफ जॉब्स रिपोर्ट 2025’ के अनुसार वर्ष 2030 तक वैश्विक स्तर पर लगभग 17 करोड़ नई नौकरियां पैदा होने की संभावना है। ऐसे में उच्च शिक्षा संस्थानों की जिम्मेदारी है कि वे छात्रों को केवल विषयगत ज्ञान ही नहीं, बल्कि एआई दक्षता, विश्लेषणात्मक सोच, अनुकूलनशीलता और समस्या समाधान जैसे कौशलों से भी लैस करें।</p>
<p>इसी दिशा में यूपीईएस ने हाल ही में ओपनएआई के साथ साझेदारी की है। इस सहयोग के तहत विश्वविद्यालय के 19,100 से अधिक छात्रों और 1,500 फैकल्टी सदस्यों को उन्नत एआई टूल्स तक निःशुल्क और नियंत्रित पहुंच प्रदान की जा रही है। विश्वविद्यालय अपने सभी शैक्षणिक कार्यक्रमों में 33 प्रतिशत तक एआई का एकीकरण कर रहा है। साथ ही प्रत्येक छात्र को एक उन्नत एआई ट्यूटर उपलब्ध कराया जा रहा है, जो पाठ्यक्रम आधारित अध्ययन, अवधारणाओं की स्पष्टता, अभ्यास सहायता और बहुभाषी शिक्षण में मदद करेगा।</p>
<p>कार्यक्रम में राजस्थान के संदर्भ को भी विशेष रूप से रेखांकित किया गया। वक्ताओं ने बताया कि राजस्थान आज देश के तेजी से उभरते नवाचार और स्टार्टअप केंद्रों में शामिल हो चुका है। राज्य में 5,200 से अधिक डीपीआईआईटी-पंजीकृत स्टार्टअप और 6,000 से अधिक आई-स्टार्ट पंजीकृत स्टार्टअप सक्रिय हैं। ऐसे परिदृश्य में उद्योगों को ऐसे युवाओं की आवश्यकता है जो डिजिटल कौशल, उद्यमशीलता और तकनीकी दक्षता के साथ रोजगार बाजार में प्रवेश कर सकें।</p>
<p>यूपीईएस के प्रो-वाइस चांसलर (स्टूडेंट सक्सेस) डॉ. अभिषेक सिन्हा ने कहा कि भविष्य की शिक्षा केवल पाठ्यक्रमों को अपडेट करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह छात्रों के सीखने, सोचने और तकनीक के साथ जुड़ने के तरीके को बदलने का समय है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का एआई-फर्स्ट दृष्टिकोण तकनीक, उद्योग और अंतर्विषयक शिक्षा को जोड़कर छात्रों को भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार कर रहा है।</p>
<p>यूपीईएस ने कार्यक्रम के दौरान अपने मजबूत उद्योग सहयोग नेटवर्क की भी जानकारी दी। विश्वविद्यालय वर्षों से आईबीएम, इन्फोसिस, बजाज ऑटो, एचपी, बॉश, एचसीएल टेक, मर्क, सिस्को, ज़ेबिया, टाटा पावर और एलएंडटी जैसी कंपनियों के साथ साझेदारी कर रहा है। इन सहयोगों के माध्यम से छात्रों को वास्तविक परियोजनाओं, उद्योग विशेषज्ञों के मार्गदर्शन और व्यावहारिक अनुभव का अवसर मिलता है।</p>
<p>अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी यूपीईएस ने कई प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ साझेदारी स्थापित की है। इनमें यूसी बर्कले, यूनिवर्सिटी ऑफ ग्लासगो, यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबर्ग और यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स जैसे संस्थान शामिल हैं। इन साझेदारियों के माध्यम से छात्रों को वैश्विक शिक्षा, छात्र विनिमय कार्यक्रम और अंतरराष्ट्रीय करियर अवसरों का लाभ मिलता है।</p>
<p>विश्वविद्यालय ने छात्रों के समग्र विकास के लिए भी कई अभिनव पहल शुरू की हैं। ‘स्कूल फॉर लाइफ’ कार्यक्रम छात्रों को नेतृत्व क्षमता, जीवन कौशल और करियर तैयारी में सहायता प्रदान करता है। वहीं ‘डिज़ाइन योर ओन डिग्री’ पहल के तहत छात्र 50 से अधिक अनूठे संयोजनों के माध्यम से अपनी रुचि और करियर लक्ष्यों के अनुरूप शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। यूपीईएस रनवे के जरिए अब तक 250 से अधिक स्टार्टअप्स को सहयोग दिया जा चुका है।</p>
<p>विधि शिक्षा के क्षेत्र में यूपीईएस स्कूल ऑफ लॉ ने एआई एंड लॉ, ब्लॉकचेन, डेटा एनालिटिक्स, आर्बिट्रेशन और कॉर्पोरेट लॉ जैसे आधुनिक विषयों को अपने पाठ्यक्रम में शामिल किया है। वहीं यूपीईएस स्कूल ऑफ बिजनेस छात्रों को एआई, फिनटेक, डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल बिजनेस जैसे उभरते क्षेत्रों में प्रशिक्षित कर रहा है।</p>
<p>क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 के अनुसार यूपीईएस ने शैक्षणिक प्रतिष्ठा के आधार पर भारत के निजी विश्वविद्यालयों में पहला स्थान हासिल किया है। एनआईआरएफ 2025 में विश्वविद्यालय को यूनिवर्सिटी श्रेणी में 45वां स्थान प्राप्त हुआ है। इसके अलावा, 50 से अधिक फैकल्टी सदस्य स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की सूची के अनुसार दुनिया के शीर्ष 2 प्रतिशत शोधकर्ताओं में शामिल हैं। विश्वविद्यालय ने वर्ष 2025-26 में लगभग 800 रिक्रूटर्स की भागीदारी के साथ मजबूत प्लेसमेंट रिकॉर्ड भी दर्ज किया है, जहां उच्चतम पैकेज 54 लाख रुपये प्रतिवर्ष रहा।</p>
<p>यूपीईएस का मानना है कि एआई, उद्योग और नवाचार आधारित यह नया शिक्षा मॉडल छात्रों को न केवल वर्तमान बल्कि भविष्य की नौकरियों और वैश्विक अवसरों के लिए भी तैयार करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 18:24:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>औद्योगिक कनेक्टिविटी को मिलेगी मजबूती: रीको और पीडब्ल्यूडी मिलकर करेंगे सड़कों का निर्माण</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान में औद्योगिक कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए रीको और PWD मिलकर 50-50% वित्तीय साझेदारी से 38 एप्रोच सड़कों का विकास करेंगे। PWD ने ₹290.82 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर दी है, जिससे 16 जिलों के औद्योगिक क्षेत्रों की लगभग 205 किलोमीटर लंबी सड़कों का सुदृढ़ीकरण और चौड़ीकरण होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/industrial-connectivity-will-be-strengthened-rico-and-pwd-will-jointly/article-155896"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/ricco.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। रीको द्वारा राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों की बेहतर कनेक्टिविटी एवं आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। राज्य के कई रीको औद्योगिक क्षेत्र राज्य राजमार्गों से जुड़े हुए हैं, जहां उद्योगों के कच्चे माल और तैयार उत्पादों के सुगम परिवहन हेतु सड़कों का निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण आवश्यक है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए रीको एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा 38 सड़कों का विकास कोस्ट शेयरिंग मॉडल पर किया जायेगा। इसके अंतर्गत कुल व्यय का 50 प्रतिशत भाग रीको द्वारा वहन किया जायेगा। रीको के 38 औद्योगिक क्षेत्रों की एप्रोच सड़कों की पहचान की गई है, जो सार्वजनिक निर्माण विभाग से संबंधित हैं।</p>
<p>इन सड़कों की कुल लंबाई लगभग 205 किलोमीटर है, जिनके सुदृढ़ीकरण एवं चौड़ीकरण पर लगभग 290 करोड़ रुपये का व्यय होगा। ये सड़कें आबूरोड, अजमेर, बालोतरा, बांसवाड़ा, भरतपुर, भीलवाड़ा, चुरू, दौसा, जयपुर, जालौर, झालावाड़, कोटा, नीमराना, सवाई माधोपुर, श्रीगंगानगर और उदयपुर के औद्योगिक क्षेत्रों को लाभान्वित करेंगी। इन सड़कों के निर्माण, चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य सार्वजनिक निर्माण विभाग, राजस्थान सरकार के माध्यम से किया जायेगा, जिसमें रीको और पीडब्ल्यूडी की 50-50 प्रतिशत वित्तीय साझेदारी होगी। सार्वजानिक निर्माण विभाग (PWD) ने 205 किमी लंबी 38 सड़को के निर्माण के लिए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति राशि रुपये 290.82 करोड़ दिनांक 06.05.2026 को जारी कर दी गयी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 18:32:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जनहित में बड़ा कदम: EHCC हॉस्पिटल से हुआ MoU, जरूरतमंदों को मिलेगा बेहतर उपचार</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर में विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं द्वारा निःशुल्क हृदय एवं मस्तिष्क रोग परिचर्चा शिविर आयोजित किया गया। पूर्व राज्यमंत्री राजीव अरोड़ा के निर्देशन में EHCC हॉस्पिटल के साथ जनहित में एमओयू किया गया। विशेषज्ञों ने बदलती जीवनशैली में गंभीर बीमारियों से बचाव और समय पर जांच के महत्व की जानकारी दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/big-step-in-public-interest-needy-will-get-better-treatment/article-155636"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/jaipur.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। समाजसेवी संस्थान यूनिराज एल्युमिनी फेडरेशन, सद्भावना के सिपाही संगठन, एस टी टी फाउंडेशन और साईनाथ चैरिटेबल ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में एक स्वास्थ्य परिचर्चा शिविर का सफल आयोजन किया गया। जनहित को समर्पित इस शिविर का उद्देश्य आमजन को हृदय एवं मस्तिष्क संबंधी रोगों के प्रति जागरूक करना था। शिविर में प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अतुल कासलीवाल और मस्तिष्क रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुराग सिहाग ने व्याख्यान दिए। दोनों विशेषज्ञों ने बदलती जीवनशैली में बढ़ते रोगों के कारण, बचाव और समय पर जांच के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही उपस्थित लोगों को निःशुल्क परामर्श भी प्रदान किया गया। </p>
<p>संस्थाओं के मार्गदर्शक संरक्षक एवं पूर्व राज्यमंत्री राजीव अरोड़ा के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि भी जुड़ी। संस्थाओं के प्रतिनिधि नितिन शारदा भगेरिया, के. विक्रम रस्तोगी, कैलाश शर्मा और अक्षय जैन मोदी ने EHCC हॉस्पिटल के साथ जनहित में MoU पर हस्ताक्षर किए, जिससे भविष्य में जरूरतमंदों को बेहतर उपचार सुलभ होगा। इस अवसर पर राजीव अरोड़ा ने पूर्ववर्ती गहलोत सरकार द्वारा स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभ उपलब्धता सरकार की प्राथमिकता रही है। ऐसे शिविर समाज और संस्थाओं के सहयोग से स्वस्थ राजस्थान की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/big-step-in-public-interest-needy-will-get-better-treatment/article-155636</link>
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                <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 17:30:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जापान और फिलीपींस ने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाया: प्रधानमंत्री ताकाइची सनाए</title>
                                    <description><![CDATA[जापान की प्रधानमंत्री ताकाइची सनाए और फिलीपींस के राष्ट्रपति मार्कोस जूनियर ने संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने का फैसला किया है। दोनों देश गोपनीय सैन्य सूचना सुरक्षा और गश्ती पोतों के हस्तांतरण पर सहमत हुए हैं। इसके साथ ही एआई, अंतरिक्ष और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने पर सहयोग बढ़ेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/japan-and-philippines-elevate-their-relations-to-the-level-of/article-155339"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/takaichi.png" alt=""></a><br /><p>टोक्यो। जापान और फिलीपींस ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने पर सहमति जताई है। यह जानकारी जापान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने दी। प्रधानमंत्री कार्यालय ने गुरुवार को एक बयान में कहा, "28 मई को जापान की प्रधानमंत्री ताकाइची सनाए ने फिलीपींस गणराज्य के राष्ट्रपति फर्डिनेंड रोमुआल्डेज़ मार्कोस जूनियर से शिखर सम्मेलन किया, जो राजकीय अतिथि के रूप में जापान की यात्रा पर हैं। दोनों नेताओं ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने का निर्णय लिया, जो फिलीपींस के लिए अपनी तरह की पहली साझेदारी है। यह द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के प्रति उनके दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।"</p>
<p>बयान में यह भी कहा गया है कि दोनों पक्ष गोपनीय सैन्य सूचनाओं की सुरक्षा के लिए एक समझौते पर औपचारिक बातचीत शुरू करने पर सहमत हुए हैं। इसमें यह भी जोड़ा गया है कि जापान और फिलीपींस गश्ती पोतों सहित उपकरणों के हस्तांतरण पर सहयोग में तेजी लाने का इरादा रखते हैं। इसके अतिरिक्त, जापान और फिलीपींस ने कथित तौर पर एशिया में आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने सहित आर्थिक सहयोग को और गहरा करने तथा कृषि, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अंतरिक्ष, ऊर्जा और मानव संसाधन विकास में सहयोग विकसित करने पर सहमति व्यक्त की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/japan-and-philippines-elevate-their-relations-to-the-level-of/article-155339</link>
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                <pubDate>Fri, 29 May 2026 17:16:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>दिल्ली में क्वाड देशों की बैठक जारी, जयशंकर ने कहा-हिन्द प्रशांत क्षेत्र के मुद्दों के समाधान के लिए विश्वसनीय और पारदर्शी साझेदारी जरूरी</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने नई दिल्ली में क्वाड देशों (अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया) के विदेश मंत्रियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि एक स्वतंत्र, खुला और सुरक्षित हिंद-प्रशांत क्षेत्र सुनिश्चित करना सभी की साझा जिम्मेदारी है। बैठक में समुद्री सुरक्षा, मजबूत आपूर्ति श्रृंखला और रणनीतिक विश्वास बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/meeting-of-quad-countries-continues-in-delhi-jaishankar-said/article-155007"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/s-jaishankar.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि स्वतंत्र और खुला हिंद-प्रशांत क्षेत्र सुनिश्चित करना क्वाड देशों की साझा जिम्मेदारी है और विश्वसनीय तथा पारदर्शी साझेदारियों के बल पर ही इसे बेहतर ढंग से किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर आपूर्ति शृंखला की सुदृढ़ता, संपर्क मार्गों के अवरोध बिंदु, विनिर्माण एवं संसाधन तथा महत्त्वपूर्ण अवसंरचना में कमी जैसे मुद्दों पर भी क्वाड देशों को ध्यान देना होगा।</p>
<p>जयशंकर ने मंगलवार को यहां भारत की मेजबानी में हो रही क्वाड देशों की बैठक में वहां के विदेश मंत्रियों, आस्ट्रेलिया की पेनी वोंग , जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी और अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो का स्वागत करते हुए यह बात कही। विदेश मंत्री ने अपनी प्रारंभिक टिप्पणी में कहा कि बैठक में हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर विशेष फोकस रहेगा इसके अलावा वैश्विक स्तर पर आपूर्ति शृंखला की सुदृढ़ता, संपर्क मार्गों के अवरोध बिंदु, विनिर्माण एवं संसाधनों को बढाने तथा महत्त्वपूर्ण अवसंरचना में कमियों जैसे मुद्दों का समाधान भी महत्वपूर्ण है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र की अपनी विशिष्ट चिंताएँ भी हैं। इसके लिए रणनीतिक विश्वास को बढ़ाना, समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करना, आर्थिक विकल्पों को प्रोत्साहित करना तथा गहरे सहयोगात्मक दृष्टिकोण को विकसित करना आवश्यक होगा। उन्होंंने कहा कि यह कार्य विश्वसनीय तथा पारदर्शी साझेदारियों को बढ़ावा देकर सबसे बेहतर ढंग से किया जा सकता है। जयशंकर ने कहा कि बीते समय में हमारे अधिकारियों ने समुद्री सुरक्षा, महत्त्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों, आर्थिक सुदृढ़ता तथा मानवीय सहायता एवं आपदा राहत जैसे प्रमुख प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा,"हमने अनेक पहलों में उत्साहजनक प्रगति देखी है। समुद्री लोकतंत्रों, बहुलतावादी समाजों और बाज़ार आधारित अर्थव्यवस्थाओं के रूप में, एक स्वतंत्र और खुला हिंद-प्रशांत सुनिश्चित करने की साझा जिम्मेदारी हमारी है। यह क्षेत्र वैश्विक विकास और स्थिरता का प्रेरक बना रहना चाहिए। हमें विश्वास है कि आज हमारी विचार-विमर्श प्रक्रिया इस बात को रेखांकित करेगी और उपयोगी एवं फलदायी सिद्ध होगी।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 26 May 2026 13:23:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>स्कैपिया ने जनरल कैटलिस्ट के नेतृत्व में जुटाए 63 मिलियन डॉलर, पीक एक्सवी पार्टनर्स और ज़ेड-47 ने भी दोहराया भरोसा</title>
                                    <description><![CDATA[ट्रैवल-फिनटेक प्लेटफॉर्म स्कैपिया ने जनरल कैटलिस्ट, पीक एक्सवी और ज़ेड-47 से $63 मिलियन का निवेश हासिल किया है। इस पूंजी का उपयोग भारत भर में ग्राहक आधार बढ़ाने और एआई-फर्स्ट उत्पाद विकास के लिए किया जाएगा। स्कैपिया फेडरल बैंक और बीओबी कार्ड के साथ मिलकर डुअल-नेटवर्क क्रेडिट कार्ड और 'स्कैपिया पे' जैसी सुविधाएं दे रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/scapia-raised-63-million-led-by-general-catalyst-peak-xv/article-154982"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1200-x-600-px5.png" alt=""></a><br /><p>चंडीगढ़। भारत की अग्रणी ट्रैवल-फिनटेक कंपनियों में से एक, स्कैपिया ने जनरल कैटलिस्ट के नेतृत्व में 63 मिलियन डॉलर की नई फंडिंग हासिल की है। इस निवेश दौर में मौजूदा निवेशकों पीक एक्सवी पार्टनर्स और ज़ेड—47 ने भी अपनी निरंतर भागीदारी बनाए रखी। इस पूंजी के जरिए स्कैपिया देशभर में अपने ग्राहक आधार का विस्तार करेगी और उत्पाद विकास व टीम निर्माण के अपने एआई-फर्स्ट दृष्टिकोण को और मजबूत बनाएगी।</p>
<p>स्कैपिया के फ़ाउंडर और सीईओ, अनिल गोटेटी, ने कहा, “हम जनरल कैटलिस्ट का भागीदार के रूप में स्वागत करते हुए बेहद उत्साहित हैं। साथ ही, पीक एक्सवी और ज़ेड—47 का लगातार समर्थन हमारे विज़न, उत्पाद और अब तक की यात्रा में उनके मजबूत विश्वास को दर्शाता है। आज स्कैपिया केवल एक वित्तीय उत्पाद नहीं, बल्कि एक व्यापक ट्रैवल इकोसिस्टम के रूप में विकसित हो चुका है, जिसे उस नई भारतीय पीढ़ी की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है, जो यात्रा को अपनी जीवनशैली का अहम हिस्सा मानती है। यह निवेश हमें अपने उत्पाद पोर्टफोलियो को और मजबूत बनाने, ग्राहकों को बेहतर अनुभव और अधिक मूल्य देने, ब्रांड की पहुँच बढ़ाने और बेहतरीन प्रतिभाओं को साथ जोड़ने में मदद करेगा। साथ ही, हम एक मजबूत एआई-फर्स्ट संस्कृति और उत्पाद सोच विकसित करने पर लगातार ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। हमारा उद्देश्य ऐसे उत्पाद तैयार करना है, जो लोगों को अधिक यात्रा करने और बेहतर जीवन अनुभव जीने के लिए प्रेरित करें।”</p>
<p>स्कैपिया ने युवा और यात्रा पसंद करने वाले भारतीय उपभोक्ताओं की बदलती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक ऐसा वित्तीय प्लेटफॉर्म विकसित किया है, जो यात्रा की खोज, योजना, बुकिंग और पूरे अनुभव को अधिक सहज, सरल और एकीकृत बनाता है। कंपनी उन दो प्रमुख रुझानों के केंद्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही है, जिनमें युवाओं के बीच तेजी से बढ़ता यात्रा उत्साह और डिजिटल वित्तीय सेवाओं को बढ़ता अपनाव शामिल है। पिछले वर्ष की तुलना में प्लेटफॉर्म पर फ्लाइट बुकिंग में 5 से 6 गुना और स्टे बुकिंग में 8 गुना वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि टियर-2 और टियर-3 शहरों से आने वाली बुकिंग में भी लगातार उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई है।</p>
<p>इस फंडिंग का एक बड़ा हिस्सा पूरे भारत में स्कैपिया ब्रांड को मजबूत बनाने और एक विश्वस्तरीय एआई-आधारित संगठन तैयार करने में निवेश किया जाएगा। भारत दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी वाले देशों में शामिल है, जो स्वाभाविक रूप से एआई तकनीक के साथ सहज और तेजी से जुड़ने वाली पीढ़ी मानी जाती है। यही कारण है कि आज भारतीय उपभोक्ता अधिक स्मार्ट, व्यक्तिगत और सहज अनुभव देने वाले उत्पादों की अपेक्षा कर रहे हैं। साथ ही, देश का प्रतिभाशाली कार्यबल भी ऐसे नवाचारपूर्ण समाधान विकसित करने की मजबूत क्षमता रखता है। यह निवेश स्कैपिया को इंजीनियरिंग, उत्पाद, डेटा साइंस और डिज़ाइन जैसे क्षेत्रों में शीर्ष एआई प्रतिभाओं को आकर्षित करने, विकसित करने और लंबे समय तक अपने साथ बनाए रखने में मदद करेगा।</p>
<p>जनरल कैटलिस्ट के इंडिया और एमईएनए सीईओ, नीरज अरोड़ा, ने कहा, भारत की अगली बड़ी उपभोक्ता कंपनियाँ केवल पारंपरिक मॉडलों के डिजिटल रूपांतरण से नहीं, बल्कि बदलती जीवनशैली और नए उपभोक्ता व्यवहारों की गहरी समझ के आधार पर उभरेंगी। स्कैपिया ने बहुत शुरुआती चरण में ही यह पहचान लिया था कि नई भारतीय पीढ़ी के लिए यात्रा अब सिर्फ एक आकांक्षा नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जीवनशैली का अहम हिस्सा बन चुकी है। पिछले एक वर्ष में ग्राहकों की संख्या में सात गुना वृद्धि और ट्रैवल इकोसिस्टम में कंपनी की मजबूत पकड़ उसके विज़न और क्रियान्वयन क्षमता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। हम स्कैपिया की इस विकास यात्रा का हिस्सा बनकर बेहद उत्साहित हैं।”</p>
<p>पीक एक्सवी पार्टनर्स साक्षी चोपड़ा ने कहा, “जैसे-जैसे यात्रा युवा भारतीयों की जीवनशैली और खर्च करने की आदतों का अहम हिस्सा बनती जा रही है, वैसे-वैसे उपभोक्ता ऐसे वित्तीय उत्पादों की तलाश कर रहे हैं जो उनकी जरूरतों और व्यवहार के अनुरूप हों। स्कैपिया ने भुगतान, रिवॉर्ड्स, जीरो फॉरेक्स मार्कअप और यात्रा लाभों को जोड़ते हुए एक सहज ट्रैवल-फिनटेक अनुभव तैयार किया है, जो उपभोक्ताओं के साथ गहराई से जुड़ता है। टीम ने मजबूत उत्पाद सोच को उत्कृष्ट क्रियान्वयन के साथ जोड़ा है और हम उनके अगले विकास चरण में भी उनके साथ बने रहने को लेकर उत्साहित हैं।”</p>
<p>ज़ेड47 के मैनेजिंग डायरेक्टर, विक्रम वैद्यनाथन, ने कहा,  “हमने स्कैपिया को उसके शुरुआती निवेश दौर से समर्थन दिया है और हर अगले चरण ने हमारे भरोसे को और मजबूत किया है। डुअल-नेटवर्क कार्ड से लेकर स्कैपिया पे और एयरपोर्ट प्रिविलेज जैसी पेशकशों तक, भारतीय फिनटेक क्षेत्र में बहुत कम टीमें इतनी तेजी और अनुशासन के साथ नवाचार कर रही हैं। जैसे-जैसे उपभोक्ता अनुभव एआई-नेटिव होते जा रहे हैं, हमें विश्वास है कि स्कैपिया आधुनिक भारतीय यात्रियों के बीच एक अग्रणी ब्रांड के रूप में उभरेगा।”</p>
<p>स्कैपिया, फेडरल बैंक और बीओबी कार्ड के साथ साझेदारी में सह-ब्रांडेड क्रेडिट कार्ड प्रदान करती है और भारत की पहली कंपनी बनी, जिसने वीज़ा और रुपे दोनों नेटवर्क पर आधारित डुअल-नेटवर्क सह-ब्रांडेड क्रेडिट कार्ड पेश किया। अंतरराष्ट्रीय खर्चों पर जीरो फॉरेक्स मार्कअप की सुविधा के लिए पहचान बना चुकी स्कैपिया ने ‘एयरपोर्ट प्रिविलेज’ की भी शुरुआत की, जो केवल पारंपरिक लाउंज एक्सेस तक सीमित नहीं है, बल्कि डाइनिंग, रिटेल और ड्यूटी-फ्री अनुभवों को भी शामिल करता है। आज स्कैपिया के हर तीन में से एक उपयोगकर्ता पारंपरिक लाउंज एक्सेस की तुलना में शॉपिंग और डाइनिंग अनुभवों को अधिक प्राथमिकता देता है। कंपनी ने ‘एयरपोर्ट प्रिविलेज’ सुविधा को इसी बदलती उपभोक्ता पसंद और आधुनिक यात्रियों की नई अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए विकसित किया है।</p>
<p>पिछले छह महीनों में स्कैपिया ने अपने प्लेटफॉर्म पर कई नई सुविधाएँ और उत्पाद जोड़े हैं। इनमें रिवॉर्ड्स-फर्स्ट यूपीआई अनुभव ‘स्कैपिया पे’, एड-ऑन क्रेडिट कार्ड, बीबीपीएस के जरिए सभी बैंकों के क्रेडिट कार्ड बिल भुगतान, स्कैपिया स्टोर और स्कैपिया एक्सपीरियंस जैसी पेशकशें शामिल हैं। कंपनी अपने उपयोगकर्ताओं को ‘स्कैपिया कॉइन्स’ के रूप में रिवॉर्ड्स देती है, जिन्हें रोजमर्रा के खर्चों पर कमाया जा सकता है और बाद में उड़ानों, ट्रेनों, बसों, होटल बुकिंग, वीज़ा सेवाओं और अन्य यात्रा अनुभवों पर इस्तेमाल किया जा सकता है। इन सभी सेवाओं के जरिए स्कैपिया ने एक ऐसा संपूर्ण ट्रैवल इकोसिस्टम तैयार किया है, जहाँ यात्रा और वित्तीय सेवाएँ एक ही प्लेटफॉर्म पर सहज तरीके से उपलब्ध होती हैं। नए निवेश के साथ कंपनी अब इस इकोसिस्टम को और बड़े स्तर पर विस्तार देने की तैयारी में है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 May 2026 15:26:33 +0530</pubDate>
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                <title>अमेरिका के साथ जटिल समय में हो रही बातचीत के सार्थक रहने की उम्मीद: विदेश मंत्री जयशंकर </title>
                                    <description><![CDATA[विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने अमेरिकी समकक्ष मार्को रूबियो के साथ द्विपक्षीय बैठक की। उन्होंने कहा कि जटिल समय में दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी बेहद मजबूत है और यह दुनिया को प्रभावित करने की क्षमता रखती है। रूबियो नई दिल्ली में आयोजित क्वॉड विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/foreign-minister-jaishankar-is-hopeful-that-the-talks-with-america/article-154849"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-11/s.-jaishankar.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने अमेरिका के साथ रणनीतिक साझेदारी को बेहद मजबूत बताते हुए उम्मीद जताई है कि इस जटिल समय में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के साथ उनकी बातचीत काफी सार्थक रहेगी। जयशंकर ने रूबियो के साथ रविवार को यहां विपक्षीय वार्ता से पहले अपनी प्रारंभिक टिप्पणी में कहा कि दोनों देशों के बीच गहरे और व्यापक संबंध है जो दुनिया को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस जटिल समय में हो रही दोनों नेताओं की बातचीत काफी सार्थक होगी।</p>
<p>विदेश मंत्री ने कहा, "हमारी एक व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी है और मेरा मानना है कि इसका सरल भाषा में अर्थ यह है कि हमारे बीच बहुत गहरा, बहुत व्यापक सहयोग और ऐसा संबंध है, जो अन्य क्षेत्रों और दुनिया को प्रभावित करने की क्षमता रखता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि अनेक मुद्दों पर और दुनिया के कई हिस्सों में हमारे हित एक-दूसरे से मेल खाते हैं। मैं आज हमारी बातचीत की प्रतीक्षा कर रहा हूँ। ये समय जटिल हैं, लेकिन मज़बूत साझेदारों के रूप में मुझे पूरा विश्वास है कि हमारी चर्चाएँ बहुत खुली और परिणामदायक होंगी"</p>
<p>उल्लेखनीय है कि रूबियो क्वॉड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने के लिए यहां आए हुए हैं। मंगलवार को होने वाली इस बैठक से पहले दोनों विदेश मंत्रियों ने द्विपक्षीय वार्ता की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
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                <pubDate>Sun, 24 May 2026 17:07:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>नई दिल्ली में क्वाड देशों की महाबैठक: 26 मई को जुटेंगे 4 देशों के विदेश मंत्री, हिंद-प्रशांत सुरक्षा पर होगी चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[भारत की मेजबानी में 26 मई को नई दिल्ली में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक होगी। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के निमंत्रण पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो, ऑस्ट्रेलिया की पेनी वोंग और जापान के तोशिमित्सु मोतेगी भारत आएंगे। बैठक में मुक्त हिंद-प्रशांत क्षेत्र और मजबूत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर रणनीतिक चर्चा होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/important-meeting-of-quad-will-be-held-on-26th-may/article-154642"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/quad.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बहुप्रतीक्षित बैठक आगामी 26 मई को यहां होगी, जिसमें शामिल होने के लिए अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी भारत की आधिकारिक यात्रा पर आ रहे हैं। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि बैठक में मुक्त और खुले हिन्द-प्रशांत क्षेत्र और अन्य पारस्परिक महत्व के अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर हाल के घटनाक्रमों पर विचार करेंगे।</p>
<p>वक्तव्य में कहा गया है कि विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के निमंत्रण पर पेनी वोंग, मोतेगी तथा रुबियो क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए नयी दिल्ली की आधिकारिक यात्रा करेंगे। मंत्रालय ने कहा है कि सभी सदस्य देश मुक्त और खुले हिन्द-प्रशांत के लिए क्वाड की परिकल्पना के अनुरूप पिछले वर्ष एक जुलाई को वॉशिंगटन में हुई चर्चाओं को आगे बढ़ाएंगे। वे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में क्वाड सहयोग को आगे बढ़ाने पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।</p>
<p>इसके अलावा सदस्य मौजूदा क्वाड पहलों की प्रगति की समीक्षा करेंगे, तथा हिन्द-प्रशांत क्षेत्र और अन्य पारस्परिक महत्व के अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर हाल के घटनाक्रमों पर विचार करेंगे। यात्रा के दौरान, ऑस्ट्रेलिया और जापान के विदेश मंत्रियों तथा अमेरिका के विदेश मंत्री के विदेश मंत्री डॉ जयशंकर के साथ द्विपक्षीय बैठकें करने तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भेंट करने की भी संभावना है। इस बीच, भारत में अमेरिका के दूतावास ने कहां है कि अमेरिका स्वतंत्र और खुले हिंद प्रशांत क्षेत्र के लिए एकजुटता के साथ खड़ा है। दूतावास ने कहा है कि रबियो की भारत यात्रा क्षेत्रीय सुरक्षा से लेकर महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता लाने में महत्वपूर्ण साबित होगी।</p>
<p>दूतावास ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत के लिए साथ खड़े हैं। क्षेत्रीय सुरक्षा को समर्थन देने से लेकर महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता लाने तक विदेश मंत्री मार्को रूबियो की भारत की आगामी यात्रा क्वाड साझेदारी के महत्व को रेखांकित करती है।" उल्लेखनीय है कि क्वॉड की बैठक पिछले काफी समय से टलती आ रही थी। मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों में इस बैठक का महत्व और भी अधिक बढ़ गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 May 2026 14:27:42 +0530</pubDate>
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