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                <title>monetary policy - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>monetary policy RSS Feed</description>
                
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                <title>अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने रेपो रेट में नहीं की कोई कमी: तेल की कीमतों और मिडिल ईस्ट तनाव ने बढ़ाई चिंता, शेयर बाजार हुए लाल</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने महंगाई और पश्चिम एशिया संकट के बीच रेपो दरों को 3.5% से 3.75% पर स्थिर रखने का निर्णय लिया है। जेरोम पॉवेल ने स्पष्ट किया कि मुद्रास्फीति अब भी लक्ष्य से ऊपर है। इस फैसले से बाजार की कटौती की उम्मीदें टूट गईं, जिससे अमेरिकी शेयर बाजार 1.5% तक लुढ़क गए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/us-federal-reserve-did-not-reduce-repo-rate-oil-prices/article-147000"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/repo-rate.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। पश्चिम एशिया संकट से उपजी वैश्विक अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में आये भारी उछाल के बीच अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने बाजार की उम्मीद के विपरीत रेपो दरों में कोई कटौती नहीं की है। फेड की दो दिन चली बैठक के बाद बुधवार को जारी बयान में कहा गया है कि अर्थव्यवस्था की वृद्धि मजबूत बनी हुई है, लेकिन हाल के महीनों में नये रोजगार की रफ्तार सुस्त रही है और मुद्रास्फीति बढ़ी हुई है। साथ ही पश्चिम एशिया के घटनाक्रम के अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर प्रभाव में भी अनिश्चितता है।</p>
<p>अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने बताया कि समिति ने दरों को 3.5 से 3.75 प्रतिशत के बीच स्थिर रखने का फैसला किया है। समिति के 12 में से 11 सदस्यों ने फैसले के पक्ष में वोट दिया जबकि स्टिफन माइरन एक-चौथाई प्रतिशत की कटौती के पक्ष में थे। बयान में कहा गया है कि फेड का लक्ष्य रोजगार को अधिकतम करना और महंगाई दर को दो प्रतिशत पर रखना है।</p>
<p>संवाददाताओं से बात करते हुए फेड के अध्यक्ष जेरोम पॉवेल ने कहा कि इस समय बेरोजगारी दर दीर्घावधि औसत के आसपास है और मुद्रास्फीति उससे एक प्रतिशत ऊपर है। उन्होंने कहा मुद्रास्फीति में जितनी कमी का अनुमान था उतनी देखने को नहीं मिली है। अनिश्चितताओं के बावजूद फेड के भविष्य के अनुमानों में इस साल चौथाई प्रतिशत कटौती की संभावना जतायी गयी है। हालांकि, महंगाई का अनुमान पहले की तुलना में बढ़ा दिया गया है।</p>
<p>रेपो दरों को स्थिर रखने का अमेरिकी केंद्रीय बैंक का फैसला शेयर बाजारों को रास नहीं आया। बाजार दरों में कटौती की उम्मीद लगाये बैठा था। फेड के फैसले के बाद अमेरिकी शेयर बाजार लगभग डेढ़ प्रतिशत टूट गये।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 11:14:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>डिजिटल फ्रॉड वालों की अब खैर नहीं: कर्ज वसूली एजेंटों पर लगाम की तैयारी, धोखाधड़ी वाले ट्रांजेक्शन पर लगेगा 25 हजार तक का हर्जाना </title>
                                    <description><![CDATA[आरबीआई ने कर्ज वसूली एजेंटों पर लगाम और धोखाधड़ी वाले लेनदेन में 25,000 रुपये तक हर्जाने का प्रावधान घोषित किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/digital-fraudsters-are-no-longer-in-trouble-preparations-to-rein/article-142163"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(7)3.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को ग्राहकों के हितों की रक्षा के लिए कई उपायों की घोषणा की जिनके तहत कर्ज वसूली एजेंटों पर लगाम लगाने के लिए दिशा-निर्देश जारी करने और धोखाधड़ी वाले ट्रांजेक्शन के मामले में 25,000 रुपये तक का हर्जाना देने का प्रावधान शामिल है। </p>
<p>आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को मौद्रिक नीति समिति की बैठक के बाद जारी बयान में इन उपायों की घोषणा की। उन्होंने बताया कि कम मूल्य के धोखाधड़ी वाले ट्रांजेक्शन के मामलों में 25,000 रुपये तक का हर्जाना देने के लिए एक फ्रेमवर्क लाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा ऋण वसूली के लिए रिकवरी एजेंटों के इस्तेमाल से संबंधित एक प्रारूप दिशा-निर्देश जारी किया जायेगा। </p>
<p>बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) द्वारा उनके काउंटर पर तीसरे पक्ष के उत्पादों के विज्ञापन, विपणन और बिक्री के नियमन के लिए भी एक दिशा-निर्देश जारी किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजेक्शन में धोखाधड़ी रोकने के लिए विलंबित भुगतान और बुजुर्गों तथा अन्य विशेष श्रेणी के ग्राहकों के लिए अतिरिक्त ऑथेंटिकेशन की व्यवस्था की जा सकती है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Feb 2026 14:58:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>रिकॉर्ड स्‍तर पर पहुंचा देश का विदेशी मुद्रा भंडार, 14.4 अरब डॉलर की बड़ी बढ़त 723.8 अरब डॉलर पर पहुंचा</title>
                                    <description><![CDATA[भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 14.4 अरब डॉलर बढ़कर 723.8 अरब डॉलर पहुंचा। आरबीआई ने इसे 11 महीने के आयात के लिए पर्याप्त बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/the-countrys-foreign-exchange-reserves-reached-a-record-level-a/article-142129"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)5.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। देश का विदेशी मुद्रा भंडार 30 जनवरी को समाप्त सप्ताह में 14.4 अरब डॉलर की बड़ी बढ़त के साथ 723.8 अरब डॉलर के रिकार्ड स्तर पर पहुंच गया। </p>
<p>रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को मौद्रिक नीति समिति की बैठक के बाद जारी एक बयान में कहा कि विदेशी मुद्रा भंडार 30 जनवरी को 723.8 अरब डॉलर पर रहा जो 11 महीने के वस्तु आयात के लिए पर्याप्त है। </p>
<p>इससे पहले 23 जनवरी को समाप्त सप्ताह के दौरान विदेशी मुद्रा भंडार में 8.05 अरब डॉलर की वृद्धि हुई थी और यह 709.41 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर रहा था। मल्होत्रा ने कहा कि बाह्य सेक्टर के मोर्चे पर भारत मजबूत स्थिति में है और हम बाहरी वित्तीय जरूरतों को आसानी से पूरा करने को लेकर आश्वस्त हैं। </p>
<p>विदेशी मुद्रा भंडार में चार कारक हैं-विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति, स्वर्ण भंडार, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के पास आरक्षित निधि और विशेष आहरण अधिकार। विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति 23 जनवरी को समाप्त सप्ताह में करीब 563 अरब डॉलर पर और स्वर्ण भंडार 123 अरब डॉलर पर था। विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति में डॉलर के अलावा यूरो, ब्रितानी पाउंड और जापानी येन शामिल होता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Fri, 06 Feb 2026 11:49:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रिजर्व बैंक का आम ​आदमी को तोहफा : रेपो रेट में की कमी, ब्याज दरों में होगी कटौती</title>
                                    <description><![CDATA[आरबीआई ने उम्मीदों के मुताबिक रेपो रेट 0.25% घटाकर 5.25% कर दिया, जो तुरंत लागू हो गया। गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि कम मुद्रास्फीति और मजबूत GDP वृद्धि से दरें घटाने का अवसर मिला। चालू वित्त वर्ष 2025–26 के लिए विकास अनुमान 7.3% और मुद्रास्फीति पूर्वानुमान 2% किया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/reserve-banks-gift-to-the-common-man-reduction-in-repo/article-134803"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/rbi1.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बाजार की उम्मीद के मुताबिक रेपो दरों में 0.25 प्रतिशत की कटौती की है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की तीन दिवसीय बैठक के बाद शुक्रवार को नीतिगत दरों की घोषणा करते हुए कहा कि समिति ने सर्वसम्मति से रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती कर इसे 5.25 प्रतिशत करने का फैसला किया है जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। </p>
<p>उन्होंने बताया कि मुद्रास्फीति निम्नतम स्तर पर बनी हुई है और सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर ऊंची बनी हुई है। इससे केंद्रीय बैंक के पास नीतिगत ब्याज दरों में कटौती का मौका है। आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष 2025-26 के लिए विकास दर अनुमान 6.8 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.3 प्रतिशत कर दिया है। साथ ही मुद्रास्फीति का अनुमान घटाकर दो प्रतिशत कर दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Dec 2025 12:07:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>RBI MPC Meeting: नीतिगत दरें 9वीं बार यथावत, मजबूत विकास के बावजूद महंगाई पर नजर</title>
                                    <description><![CDATA[ रेपो दर के साथ ही सभी प्रमुख नीतिगत दरें यथावत हैं और उदार मौद्रिक नीति के रूख को वापस लेने का निर्णय लिया गया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/policy-rates-remain-unchanged-for-the-9th-time-despite-strong/article-87204"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/rbi2.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक ने आर्थिक गतिविधियों में जारी तेजी एवं आगे महंगाई बढऩे के जोखिम का हवाला देते हुये गुरूवार को लगातार 9वीं बार नीतिगत दरों को यथावत रखने का फैसला किया है जिससे ब्याज दरों में कमी की उम्मीद लगाये आम लोगों को निराशा हाथ लगी है। मई 2022 से 250 आधार अंकों तक लगातार छह बार की वृद्धि के बाद पिछले वर्ष अप्रैल में दर वृद्धि चक्र को रोक दिया गया और यह अभी भी इसी स्तर पर है।</p>
<p>आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने मौद्रिक नीति समिति की तीन दिवसीय बैठक के बाद चालू वित्त वर्ष की तीसरी द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए कहा कि मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने मौद्रिक नीति को यथावत बनाए रखने का फैसला किया है। समिति के छह में से चार सदस्यों ने इस निर्णय का समर्थन किया है। इसके मद्देनजर रेपो दर के साथ ही सभी प्रमुख नीतिगत दरें यथावत हैं और उदार मौद्रिक नीति के रूख को वापस लेने का निर्णय लिया गया है। </p>
<p>समिति के इस निर्णय के बाद फिलहाल नीतिगत दरों में बढोतरी नहीं होगी। रेपो दर 6.5 प्रतिशत, स्टैंडर्ड जमा सुविधा दर (एसडीएफआर) 6.25 प्रतिशत, मार्जिनल स्टैंड़िंग सुविधा दर (एमएसएफआर) 6.75 प्रतिशत, बैंक दर 6.75 प्रतिशत, फिक्स्ड रिजर्व रेपो दर 3.35 प्रतिशत, नकद आरक्षित अनुपात 4.50 प्रतिशत, वैधानिक तरलता अनुपात 18 प्रतिशत पर यथावत है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि सभी कारकों को ध्यान में रखते हुए 2024-25 के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है, जिसमें पहली तिमाही 7.1 प्रतिशत, दूसरी तिमाही 7.2 प्रतिशत, तीसरी तिमाही 7.3 प्रतिशत और चौथी तिमाही 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है। वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही के लिए वास्तविक जीडीवी वृद्धि का अनुमान है 7.2 प्रतिशत है। जोखिम समान रूप से संतुलित हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 08 Aug 2024 17:40:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>आरबीआई की मौद्रिक नीति की बैठक, जानिए आज से आर्थिक नीतियों में क्या होगा बदलाव</title>
                                    <description><![CDATA[रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने आज नीतिगत दरों को यथावत बनाये रखने का निर्णय लिया, जिससे आम लोगों के घर, कार और अन्य प्रकार के ऋणों की किस्तों में बढोतरी नहीं होगी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/rbis-monetary-policy-meeting-know-what-will-be-the-change/article-48170"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/rbi.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। अलनीनो के प्रभाव से मानूसन के प्रभावित होने के जोखिम पर नजर लगाते हुये महंगाई को लक्षित दायरे में रखने के उद्देश्य से रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने आज नीतिगत दरों को यथावत बनाये रखने का निर्णय लिया, जिससे आम लोगों के घर, कार और अन्य प्रकार के ऋणों की किस्तों में बढोतरी नहीं होगी। </p>
<p>समिति ने रेपो दर को 6.5 प्रतिशत पर यथावत रखने का निर्णय लिया है। चालू वित्त वर्ष में समिति की पहली तीन दिवसीय बैठक के बाद आज जारी बयान में यह घोषणा की गयी है। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने यह घोषणा करते हुये कहा कि पिछले वर्ष मई से अब तक रेपो दर में 2.50 प्रतिशत की बढोतरी की जा चुकी है। फिलहाल इसमें कोई बढोतरी नहीं की जा रही है लेकिन नीतिगत दरों को यथावत बनाये रखने के बीच समिति ने समयोजन वाले रूख से पीछे हटने का निर्णय लिया है। </p>
<p><strong>भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की तीन दिवसीय बैठक में लिए गये निर्णयों की मुख्य बातें इस प्रकार है: </strong></p>
<p>1. रेपो दर 6.50 प्रतिशत पर यथावत</p>
<p>2. स्टैंडर्ड जमा सुविधा दर (एसडीएफआर) 6.25 प्रतिशत पर स्थिर</p>
<p>3. मार्जिनल स्टैंडिेंग सुविधा दर (एमएसएफआर) 6.75 प्रतिशत पर यथावत</p>
<p>4. बैंक दर 6.75 प्रतिशत स्थिर</p>
<p>5. फिक्स्ड रिजर्व रेपो दर 3.35 प्रतिशत बरकरार</p>
<p>6. नकद आरक्षित अनुपात 4.50 प्रतिशत पर </p>
<p>7. वैधानिक तरलता अनुपात 18 प्रतिशत पर यथावत</p>
<p>8. चालू वित्त वर्ष में विकास अनुमान बढ़ाकर 6.5 प्रतिशत किया गया</p>
<p>9. पहली तिमाही में जीडीपी 8 प्रतिशत रह सकता है</p>
<p>10. दूसरी तिमाही में 6.5 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 6.0 प्रतिशत और चौथी तिमाही में यह 5.7 प्रतिशत रह सकती</p>
<p>11. मार्च 2023 में समाप्त वित्त वर्ष में आर्थिक विकास दर 7.2 प्रतिशत रही </p>
<p>12. चालू वित्त वर्ष में खुदरा महंगाई 5.1 प्रतिशत रहने का अनुमान </p>
<p>13. पहली तिमाही में खुदरा महंगाई 4.6 प्रतिशत पर </p>
<p>14. दूसरी तिमाही में खुदरा महंगाई 5.2 प्रतिशत पर</p>
<p>15. तीसरी तिमाही में खुदरा महंगाई 5.4 प्रतिशत पर </p>
<p>16. चौथी तिमाही में खुदरा महंगाई 5.2 प्रतिशत रह सकती </p>
<p>17. मौद्रिक नीति समिति की अगली बैठक 8 से 10 अगस्त 2023 को होगी</p>
<p>उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक पूरा ध्यान महंगाई को चार प्रतिशत के लक्षित दायरे में लाने का है। हालांकि चालू वित्त वर्ष में 5.1 प्रतिशत रह सकती है। पहली तिमाही में यह 4.6 प्रतिशत, दूसरी तिमाही में 5.2 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 5.4 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 5.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 08 Jun 2023 14:28:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>RBI की मौद्रिक नीति समीक्षा से पहले शेयर बाजार धराशायी, सेंसेक्स 567.98 अंक लुढ़का, निफ्टी 153.20 अंक टूटा</title>
                                    <description><![CDATA[मुंबई। विदेशी बाजारों के मिलेजुले रुख के बीच स्थानीय स्तर पर रिजर्व बैंक (RBI) की द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में नीतिगत दरों को लेकर निवेशकों की सतर्कता बरतते हुए की गई बिकवाली से मंगलवार को शेयर बाजार धराशायी हो गया। बीएसई का तीस शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 567.98 अंक लुढ़ककर 55,107.34 अंक और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 153.20 अंक टूटकर  16,416.35  अंक पर आ गया। बीएसई का मिडकैप 0.77 प्रतिशत गिरकर 22,564.47 अंक और स्मॉलकैप 0.67 प्रतिशत उतरकर 26,065.30 अंक पर रहा।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/ahead-of-rbis-monetary-policy-review-the-stock-market-collapsed/article-11568"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/ssansex.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। विदेशी बाजारों के मिलेजुले रुख के बीच स्थानीय स्तर पर रिजर्व बैंक (RBI) की द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में नीतिगत दरों को लेकर निवेशकों की सतर्कता बरतते हुए की गई बिकवाली से मंगलवार को शेयर बाजार धराशायी हो गया। बीएसई का तीस शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 567.98 अंक लुढ़ककर 55,107.34 अंक और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 153.20 अंक टूटकर  16,416.35  अंक पर आ गया। बीएसई का मिडकैप 0.77 प्रतिशत गिरकर 22,564.47 अंक और स्मॉलकैप 0.67 प्रतिशत उतरकर 26,065.30 अंक पर रहा।<br /><br />इस दौरान बीएसई में कुल 3418 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ, जिनमें से 2011 में गिरावट जबकि 1286 में तेजी रही वहीं 121 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसी तरह एनएसई में 36 कंपनियों में बिकवाली वहीं शेष 14 में लिवाली हुई। बीएसई के 13 समूहों पर बिकवाली का दबाव रहा वहीं शेष छह में तेजी रही। इस दौरान कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 2.71, बेसिक मैटेरियल्स 1.17, सीडीजीएस 1.15, एफएमसीजी 1.42, वित्त 0.93, हेल्थकेयर 0.94, इंडस्ट्रियल्स 0.86, आईटी 1.42, बैंङ्क्षकग 0.85, कैपिटल गुड्स 1.53, धातु 0.83, टेक 1.32 और रियल्टी समूह के शेयर 1.57 प्रतिशत गिर गए।<br /><br />अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मिलाजुला रुख रहा। ब्रिटेन का एफटीएसई 0.13, जर्मनी का डैक्स 1.00 और हांगकांग का हैंगसेंग 0.56 प्रतिशत उतर गया जबकि जापान का निक्केई 0.10 और चीन के शंघाई कंपोजिट में 0.17 प्रतिशत की बढ़त रही। विश्लेषकों के अनुसार, आरबीआई की चालू वित्त वर्ष की दूसरी द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा रिपोर्ट कल जारी होने वाली है। बाजार ने रेपो दर और नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) में 50 आधार अंक तक की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया है लेकिन बढ़ती महंगाई के कारण तरलता को सोखने के लिए और सख्त उपायों का बाजार पर असर पड़ेगा। मौद्रिक उपायों के अलावा विकास और मुद्रास्फीति के पूर्वानुमान पर आरबीआई का रुख भी बाजार की दिशा निर्धारित करेगा। इन सब कारकों को ध्यान में रखते हुए निवेशकों ने सतर्कता बरती और उनकी बिकवाली से सेंसेक्स और निफ्टी दबाव में रहे।<br /><br />कारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स 302 अंक की बड़ी गिरावट लेकर 55,373.18 अंक पर खुला लेकिन थोड़ी देर मामूली लिवाली के बल पर 55,387.77 अंक के उच्चतम स्तर पर पहुंचा। बिकवाली के दबाव में यह दोपहर से पहले 54,882.41 अंक के निचले स्तर तक लुढ़क गया। अंत में पिछले दिवस के 55,675.32 अंक के मुकाबले 1.02 प्रतिशत गिरकर 55,107.34 अंक पर रहा। इसी तरह निफ्टी की शुरुआत भी कमजोर रही और यह 100 अंक उतरकर 16,469.60 अंक पर खुला। कारोबारी सत्र के दौरान यह 16,487.25 अंक के उच्चतम जबकि 16,347.10 अंक के निचले स्तर पर रहा। अंत में पिछले सत्र के 16,569.55 अंक की तुलना में 0.92 प्रतिशत टूटकर 16,416.35 अंक पर आ गया। इस दौरान सेंसेक्स की 25 कंपनियों ने नुकसान उठाया वहीं पांच कंपनियों में बढ़त रही। टाइटन के शेयर सबसे अधिक 4.48 प्रतिशत गिरे जबकि एनटीपीसी सर्वाधिक 1.35 प्रतिशत की तेजी में रही। गिरावट पर रहने वाली अन्य प्रमुख कंपनियों में एलटी 3.00, टीसीएस 1.99, आईसीआईसीआई बैंक 1.56, इंफोसिस 1.51, एचसीएल टेक 1.39, टेक मङ्क्षहद्रा 1.28, विप्रो 1.19, टाटा स्टील 0.90 और एसबीआई 0.04 प्रतिशत शामिल है।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Jun 2022 19:51:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शेयर बाजार पर आरबीआई की मौद्रिक नीति का रहेगा असर </title>
                                    <description><![CDATA[रूस-यूक्रेन तनाव में नरमी, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लिवाली और औद्योगिक उत्पादन में तेजी की बदौलत पिछले सप्ताह तीन प्रतिशत से अधिक की तेजी में रहे शेयर बाजार पर अगले सप्ताह रिजर्व बैंक (आरबीआई) की द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा का असर रहेगा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/monetary-policy-of-rbi-will-have-an-effect-on-share-market/article-7245"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/4654654654653.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। रूस-यूक्रेन तनाव में नरमी, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लिवाली और औद्योगिक उत्पादन में तेजी की बदौलत पिछले सप्ताह तीन प्रतिशत से अधिक की तेजी में रहे शेयर बाजार पर अगले सप्ताह रिजर्व बैंक (आरबीआई) की द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा का असर रहेगा। समीक्षाधीन अवधि में दिग्गज कंपनियों की तरह बीएसई की छोटी और मझौली कंपनियों में भी लिवाली का बल रहा। सप्ताहांत पर मिडकैप 653.68 अंक की तेजी के साथ 24443.59 अंक और स्मॉलकैप 898.81 अंक की मजबूती के साथ 28699.41 अंक पर पहुंच गया।</p>
<p>विश्लेषकों के अनुसार कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, रूस-यूक्रेन के मोर्चे पर कुछ सकारात्मक खबरें, एफआईआई की लिवाली, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) का निरंतर समर्थन और औद्योगिक गतिविधियों में तेजी के कारण शेयर बाजार ने वित्त वर्ष में मजबूत शुरुआत की। वैश्विक बाजार स्थिर हैं लेकिन भू-राजनीतिक स्थिति के बारे में अभी भी कोई स्पष्टता नहीं है। उच्च मुद्रास्फीति और मंदी दोनों की स्थिति चिंताजनक है। <br />अगले सप्ताह घरेलू शेयर बाजार की दिशा निर्धारित करने में आरबीआई मौद्रिक नीति की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। अधिकांश केंद्रीय बैंक पहले ही ब्याज दरों में वृद्धि कर चुके हैं जबकि आरबीआई यथास्थिति बनाए हुए है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 03 Apr 2022 11:44:41 +0530</pubDate>
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