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                <title>Rainy Season - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Rainy Season RSS Feed</description>
                
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                <title>असर खबर का - नाले पर सुरक्षा दीवार निर्माण शुरू, क्षेत्रीय जनता में खुशी</title>
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                        <![CDATA[हादसे पर लगेगा विराम, लगभग एक साल बाद विभाग चेता ।
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/impact-of-news---construction-of-safety-wall-over-drain-begins--local-residents-rejoice/article-146679"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)-(1)21.png" alt=""></a><br /><p>नमाना रोड। स्टेट हाईवे-29 पर स्थित खतरनाक नाले पर सुरक्षा दीवार निर्माण की मांग को लेकर प्रकाशित खबर का प्रभाव देखने को मिला है। 26 अप्रेल 2025 के अंक में पेज 14 पर प्रकाशित समाचार प्रकाशित होने के बाद संबंधित विभाग हरकत में आया और नाले के किनारे सुरक्षा दीवार का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। इससे क्षेत्रीय वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। जानकारी के अनुसार इस मार्ग पर लंबे समय से सुरक्षा दीवार नहीं होने के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ था। बरसात के दिनों में नाले में गहरी खाई में पानी भर जाता था और पहाड़ों से आने वाला तेज बहाव सड़क के ऊपर दो से तीन फीट तक बहता था। ऐसे में वाहन चालकों को नाले की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता था और हादसों की आशंका बनी रहती थी।</p>
<p>समाचार प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। विभागीय अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और तत्काल प्रभाव से सुरक्षा दीवार निर्माण के निर्देश दिए। इसके बाद अब निर्माण कार्य तेजी से शुरू कर दिया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुरक्षा दीवार बनने से इस मार्ग पर होने वाले संभावित हादसों पर रोक लगेगी और यातायात अधिक सुरक्षित हो सकेगा। क्षेत्रीय निवासियों और वाहन चालकों ने समस्या को प्रमुखता से उठाने के लिए समाचार पत्र का आभार जताया है और विभाग द्वारा शीघ्र कार्रवाई करते हुए निर्माण कार्य शुरू कराने पर संतोष व्यक्त किया है।</p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Mar 2026 14:51:40 +0530</pubDate>
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                <title>Weather Update : प्रदेश में फिर बारिश के आसार, धीरे-धीरे कम होगा सर्दी का असर  </title>
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                        <![CDATA[मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि राजस्थान में अगले सप्ताह एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिससे हल्की बारिश की संभावना है। पिछले 24 घंटे में सभी जिलों में बादल छाए और ठंडी हवा चली। 15 फरवरी के बाद सर्दी का असर कम होगा।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/weather-update-there-are-chances-of-rain-again-in-the/article-143041"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(12200-x-600-px)-(4)9.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में एक बार फिर मौसम में बदलाव हो सकता है। ऐसे में फिर से बारिश हो सकती है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक राज्य में अगले सप्ताह एक पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव हो सकता है। इससे हल्की बारिश होने की संभावना है।</p>
<p><strong>बादल छाए, ठंडी हवा चली : </strong></p>
<p>पिछले 24 घंटे में सभी जिलों में आसमान में हल्के बादल छाए। मौसम विशेषज्ञों ने बताया- एक वेस्टर्न डिर्स्टबेंस के असर से ये बादल छाए, लेकिन सिस्टम कमजोर होने और ह्यूमिडिटी का असर होने से बारिश नहीं हो रही है।<br />मौसम केन्द्र जयपुर ने राज्य में अगले दो सप्ताह का पूर्वानुमान जारी किया है। इसमें अगले सप्ताह यानी 18 फरवरी बाद प्रदेश के मौसम में बदलाव होने की संभावना जताई है। इस दौरान एक वेस्टर्न डिर्स्टबेंस के असर से राज्य में कहीं-कहीं बादल छाने के साथ हल्की बारिश होने की संभावना जताई है। वहीं सर्दी का पूर्वानुमान जारी करते हुए 15 फरवरी के बाद प्रदेश में सर्दी का असर और कम होने और अधिकतम-न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज होने की संभावना है।</p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Feb 2026 19:00:44 +0530</pubDate>
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                <title>सातलखेड़ी में खुले नाले बने हादसों की वजह, जानें पूरा मामला </title>
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                        <![CDATA[ बरसात  में नाले पानी से भर जाते हैं जिससे जोखिम और बढ़ जाता है।
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/open-drains-in-satalkhedi-become-a-cause-of-accidents/article-142476"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(1200-x-600-px)-(2)19.png" alt=""></a><br /><p>सातलखेड़ी। कस्बे में करीब एक वर्ष पूर्व बनाई गई सड़क अब आमजन के लिए सुविधा कम और परेशानी का कारण अधिक बनती जा रही है। सड़क निर्माण के दौरान पानी निकासी के लिए किनारे नालों का निर्माण तो किया गया। लेकिन उन पर आज तक ढक्कन नहीं लगाए गए। खुले नालों के कारण आए दिन हादसों की आशंका बनी रहती है, जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।</p>
<p>ग्रामीणों का कहना है कि नालों के खुले होने से राहगीरों, बच्चों एवं मवेशियों को हमेशा दुर्घटना का खतरा बना रहता है। बरसात के मौसम में नाले पानी से भर जाते हैं और दिखाई नहीं देते, जिससे जोखिम और बढ़ जाता है। इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभाग एवं प्रशासन को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। इसी लापरवाही का परिणाम शुक्रवार को उस समय सामने आया, जब एक सांड अचानक खुले नाले में गिर गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। </p>
<p><strong>सांड को निकाला सुरक्षित बाहर</strong><br />सूचना मिलते ही युवा शक्ति गौ सेवा समिति के कार्यकर्ता एवं ग्रामीण मौके पर पहुंचे और सांड को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। नाला गहरा होने और ढक्कन नहीं होने के कारण रेस्क्यू में काफी मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन सामूहिक प्रयास से सांड को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।</p>
<p><strong> ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ नाराजगी</strong><br />घटना के बाद ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते नालों पर ढक्कन लगाए जाते तो इस तरह की घटनाएं नहीं होतीं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही नालों को ढकने एवं सड़क किनारे सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए तो बड़ा हादसा हो सकता है।</p>
<p>सड़क पर कई स्थानों पर नाले खुले पड़े हैं, जिनमें मवेशी गिरते रहते हैं और उन्हें निकालने में काफी परेशानी होती है। प्रशासन से नालों को पूरी का तरह ढकने की मांग की है।<br /><strong>- अजय वाडिया, गौसेवक</strong></p>
<p>समस्या को गंभीरता से लेते हुए नालों पर ढक्कन लगवाने की कार्रवाई की जाएगी।<br /><strong>-आकांक्षा बैरवा,एईएन,पीडब्लूडी। </strong></p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Feb 2026 16:33:56 +0530</pubDate>
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                <title>ईसाटोरी गांव आज भी पक्की सड़क से वंचित, इस रास्ते से जुड़े  हैं दर्जनों गांव </title>
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                        <![CDATA[ग्रामीणों ने दी चुनाव बहिष्कार की चेतावनी, गांव में नहीं पहुंच रही एम्बुलेंस।]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/isatori-village-still-lacks-a-paved-road--dozens-of-villages-are-connected-by-this-route/article-141449"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/85641.png" alt=""></a><br /><p>समरानियां। ग्राम पंचायत हाटरी के अंतर्गत आने वाले ग्राम ईसाटोरी सड़क बनी है और न ही ऐसा कोई वैकल्पिक मार्ग है, जिससे बरसात के समस्या से आक्रोशित मौसम में बीमार लोगों को अस्पताल तक सुरक्षित पहुंचाया जा सके। इस ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि इस बार भी समाधान नहीं हुआ तो वे आगामी चुनाव का बहिष्कार करेंगे। ग्रामीणों ने बताया कि हर साल चुनाव के समय नेता गांव में आते हैं, बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही सब वादे हवा हो जाते हैं और गांव की हालत जस की तस बनी रहती है। ग्रामीणों ने बताया कि ईसाटोरी गांव से होकर दर्जनों  गांवों का आवागमन होता है। यह रास्ता रोजमर्रा की जरूरतों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन सड़क खराब होने से लोगों का समय भी अधिक लगता है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है।</p>
<p><strong>बारिश में हालात बद से बदतर</strong><br />बरसात के मौसम में स्थिति और ज्यादा गंभीर हो जाती है। यदि किसी व्यक्ति की तबीयत खराब हो जाए तो एम्बुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती। मजबूरी में ग्रामीणों को मरीजों को मध्यप्रदेश के अस्पतालों में ले जाना पड़ता है। ग्राम पंचायत ने गांव के अंदर तक सीसी रोड नहीं बनवाई है। कच्चे रास्तों पर कीचड़ भर जाने से बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।</p>
<p><strong>हर चुनाव में वादे, लेकिन जमीन पर काम शून्य</strong><br />ग्रामीणों का कहना है कि हर चुनाव से पहले जनप्रतिनिधि गांव में पहुंचते हैं और सड़क निर्माण के बड़े-बड़े वादे करते लेकिन चुनाव समाप्त होते ही कोई सुध लेने नहीं आता। वर्षों से ग्रामीण कच्चे, कीचड़ भरे रास्तों पर चलने को मजबूर हैं ।</p>
<p><strong>ग्रामीणों की मांग: जल्द मिले स्थायी समाधान</strong><br />ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि फॉरेस्ट विभाग से समन्वय कर जल्द एनओसी दिलवाई जाए और सड़क निर्माण कार्य तुरंत शुरू किया जाए। उनका कहना है कि सड़क केवल सुविधा नहीं बल्कि जीवन और मृत्यु का सवाल बन चुकी है।</p>
<p>इस रास्ते से दर्जनों गांव जुड़े हुए हैं और रोजाना लोग इसी मार्ग से आवागमन करते हैं, लेकिन सड़क न होने के कारण समय भी ज्यादा लगता है और परेशानी भी होती है।<br /><strong>-सुनील शिवहरे, ग्रामीण</strong></p>
<p>बरसात के दिनों में यदि कोई बीमार हो जाए, तो गांव से अस्पताल ले जाना बेहद मुश्किल हो जाता है। मजबूरी में कई बार लोगों को इलाज के लिए मध्यप्रदेश की ओर जाना पड़ता है।<br /><strong>- करण सहरिया, ग्रामीण</strong></p>
<p>ग्राम पंचायत द्वारा गांव के अंदर तक सीसी रोड तक नहीं बनवाई गई है, जिससे आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।<br /><strong>- मुरारी प्रजापति, ग्रामीण</strong></p>
<p>सहरिया बस्ती के रोड का कार्य जल्द ही शुरू किया जाएगा।<br /><strong>- सियाराम, वीडीओ</strong></p>
<p>सड़क निर्माण की स्वीकृति जारी हो चुकी है, लेकिन फॉरेस्ट विभाग की एनओसी अभी तक नहीं मिलने के कारण कार्य शुरू नहीं किया जा सका है।<br /><strong>-बसंत गुप्ता, एएक्सईएन, पीडब्ल्यूडी</strong></p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 31 Jan 2026 17:02:08 +0530</pubDate>
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                <title>आजादी के बाद भी डडवाड़ा गांव पक्की सड़क से वंचित, बरसात में कट जाता है संपर्क</title>
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                        <![CDATA[चारपाई पर मरीज को कीचड़ भरे रास्ते से ले जाना पड़ता है।
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/even-after-independence--dadwara-village-remains-without-a-paved-road--connectivity-is-cut-off-during-the-rainy-season/article-140115"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(1200-x-600-px)-(2)31.png" alt=""></a><br /><p>देईखेड़ा। खरायता पंचायत के डडवाड़ा गांव में आजादी के सात दशक बीत जाने के बाद भी ग्रामीणों को पक्की सड़क नसीब नहीं हो सकी है। गांव तक पहुंचने वाला रास्ता आज भी कच्चा है, जो बरसात के मौसम में कीचड़ में तब्दील हो जाता है। ऐसे में गांव का संपर्क न केवल आसपास के गांवों से, बल्कि पंचायत मुख्यालय से भी लगभग कट जाता है।</p>
<p>ग्रामीण विनोद मीणा ने बताया कि डडवाड़ा गांव में करीब 60 से अधिक घरों की आबादी निवास करती है। यह बस्ती मुख्य सड़क से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित है, लेकिन आज तक यहां पक्की सड़क का निर्माण नहीं हो पाया। बरसात के दिनों में हालात इतने खराब हो जाते हैं कि बीमारों को अस्पताल ले जाना तक मुश्किल हो जाता है। कई बार चारपाई पर मरीज को कीचड़ भरे रास्ते से ले जाना पड़ता है। ग्रामीण राधेश्याम, अखिलेश मीणा, हरिप्रसाद, गोबरीलाल, गजानंद सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि स्कूली छात्र-छात्राओं को भी रोजाना इसी कच्चे रास्ते से गुजरकर स्कूल जाना पड़ता है। बारिश में फिसलन और कीचड़ के कारण बच्चों के गिरने का खतरा बना रहता है।</p>
<p>ग्रामीणों का कहना है कि वार्ड पंच, सरपंच, प्रधान, विधायक, सांसद और प्रशासनिक अधिकारियों से कई बार पक्की सड़क निर्माण की मांग की गई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिले। चुनाव के समय वादे जरूर किए जाते हैं, पर बाद में समस्या जस की तस बनी रहती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र पक्की सड़क निर्माण की मांग की है, ताकि वर्षों पुरानी इस समस्या से निजात मिल सके।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />ग्राम सभा में  डामरीकरण अथवा सी सी सड़क के निर्माण के लिये कई बार प्रस्ताव लेकर सक्षम अधिकारियों समेत जनप्रतिनिधियों को भिजवा चुके है परन्तु अब तक स्वीकृति नही मिली है सड़क पर आवश्यकतानुसार ग्रेवल करवाया जा चुका है परन्तु बरसात में परेशानी आती है। <br /><strong>- बद्रीलाल मीणा सरपंच खरायता</strong></p>
<p>जिला परिषद की बैठकों में कई बार इस इस मामले उठा गया है परन्तु विभाग के अधिकारियों ने इस सड़क के पस्तावो को प्राथमिकता नही लेने से समस्या बनी हुई है सड़क निर्माण के प्रयास जारी है <br /><strong>- के.सी. वर्मा, जिला परिषद सदस्य। </strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 19 Jan 2026 17:48:04 +0530</pubDate>
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                <title>अंधेरी नदी की जर्जर पुलिया बनी मौत का खतरा, हर गुजरता कदम जोखिम भरा </title>
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                        <![CDATA[लोहे की सरिया बाहर निकल रही है  इससे वाहनों के फिसलने का खतरा बना रहता है।
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/the-dilapidated-bridge-over-the-andheri-river-has-become-a-death-trap--every-step-across-it-is-risky/article-137892"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px)-(1200-x-600-px)-(1)17.png" alt=""></a><br /><p>कवाई। स्टेट हाईवे पर स्थित अंधेरी नदी की पुलिया अब आमजन के लिए सुविधा नहीं, बल्कि डर का दूसरा नाम बन चुकी है। वर्षों पुरानी यह पुलिया इतनी जर्जर अवस्था में पहुंच गई है कि गुजरना हर वाहन चालक और पैदल यात्री के लिए जान जोखिम डालने जैसा हो गया है। करीबन 200 फीट लंबी सीसी पुलिया की ऊपरी सतह पूरी तरह जवाब दे चुकी है। सड़क की परत उखड़ चुकी है, जगह-जगह गहरे गड्ढे बन चुके हैं और कई हिस्सों में लोहे की सरिया बाहर निकल आई है। इससे दोपहिया और चारपहिया वाहनों के फिसलने का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पुलिया निर्माण के बाद कई बार केवल डामर डालकर अस्थायी मरम्मत की गई, लेकिन कुछ ही समय में हालात फिर से वही हो जाते है। बरसात में मौसम में स्थिति और भी जानलेवा हो जाती है।</p>
<p><strong>हजारों वाहन, बच्चों की बसें और मवेशियों का खतरा</strong><br />यह पुलिया कवाई सहित आसपास के दर्जनों गांवों को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है। प्रतिदिन यहां से भारी वाहन, ट्रैक्टर-ट्रॉली, स्कूल बसें, यात्री वाहन और मवेशी गुजरते हैं। रात में रोशनी की कमी, सर्दी में कोहरा और बरसात में फिसलन के कारण खतरा कई गुना बढ़ जाता है।</p>
<p><strong>बरसात में हादसा, लेकिन सबक नहीं</strong><br />कुछ दिन पहले बारिश के दौरान एक व्यक्ति बाइक सहित पुलिया से फिसलकर नदी में जा गिरा। सौभाग्य से व्यक्ति तैरना जानता था और ग्रामीणों की तत्तपरता से उसकी जान बच गई। इसके बावजूद प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है।</p>
<p><strong>टूटी रेलिंग, गायब डिवाइडर, सुरक्षा पूरी खत्म</strong><br />पुलिया के दोनों ओर लगी सुरक्षा रेलिंग और डिवाइडर अब सिर्फ नाम मात्र के रह गए हैं। कई हिस्से टूट कर नदी में गिर चुके हैं। जहा सुरक्षा अवरोधक होना चाहिए, वहां खुला किनारा है। जरा-सी चूक वाहन की सीधे 30-40 फीट गहरी अंधेरी नदी में गिरा सकती है।  बरसात में तेज बहाव हालात  को और भयावह बना देता है। इसके बावजूद  पुलिया पर न पुख्ता सुरक्षा इंतजाम हैं और न ही पर्याप्त चेतावनी संकेत।</p>
<p><strong>अब लोगों की एक ही मांग</strong><br />स्थानीय लोग स्पष्ट मांग है कि अब अस्थायी मरम्मत नहीं, बल्कि पूरी पुलिया का मजबूत निर्माण किया जाए। दोनों ओर नई सुरक्षा रेलिंग, डिवाइडर, सड़क सुधार और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं। समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो अगली खबर किसी बड़े हादसे की हो सकती है।</p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />रोज इस पुलिया से गुजरना जैसे मौत को दावत देना जैसा है। बच्चे, बुजुर्ग सभी खतरे में हैं। प्रशासन अब तक केवल पैचवर्क कर अपनी जिम्मेदारी से बचाता रहा है, जबकि अब स्थायी समाधान जरूरी है।<br /><strong>- हरिओम सुमन,ग्रामीण</strong></p>
<p>पुुलिया टूट-फूट से भरी है, रेलिंग और डिवाइडर नाम मात्र के हैं। बरसात में यह किसी भी समय बड़े  हादसा का कारण बन सकती है। <br /><strong>-धनराज सुमन, पूर्व जिला संयोजक बजरंगदल </strong></p>
<p>रोज सैंकड़ों छोटे-बड़े वाहन, स्कूल बसें और मवेशी इसी पुलिया से निकलेते है। न चेतावनी बोर्ड नहीं। समय रहते सुधार नहीं हुआ,तो बड़ा हादसा तय है।<br /><strong>देवकीनंदन सुमन, गो भक्त</strong></p>
<p>बारिश में फिसलन और टूटी रेलिंग के कारण पुलिया से गुजरना बेहद डरावना हो गया है। प्रशासन को अब तत्काल स्थायी समाधान करना चाहिए।<br /><strong>-हंसराज गुर्जर,निवासी  फुलबड़ौदा</strong></p>
<p>निर्माण कंपनी के संवेदक हंसराज नागर ने बताया कि उक्त कार्य का टेंडर उनकी फर्म को मिल चुका है और शीघ्र ही मौके पर कार्य प्रारंभ किया जाएगा।,,<br /><strong>-हंसराज नागर,संवेदक,निर्माण कंपनी </strong></p>
<p>नदी की पुलिया के निर्माण का आॅर्डर जारी हो चुका है,सभी प्रक्रियाएं पूर्ण कर ली गई है,और  जल्द ही कार्य प्रारंभ कराया जाएगा।<br /><strong> -नरेंद्र चौधरी,अधिशासी अभियंता,स्टेट हाईवे छबड़ा</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 31 Dec 2025 14:40:06 +0530</pubDate>
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                <title>डडवाड़ा गांव को अब भी पक्की सड़क का इंतजार, बीमारों व विद्यार्थियों को होती भारी परेशानी</title>
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                        <![CDATA[अब तक सरपंच, प्रधान, विधायक और सांसद तक कई बार गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन केवल आश्वासन ही मिले हैं, राहत नहीं।
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/dadwara-village-still-awaits-a-paved-road--sick-people-and-students-face-immense-difficulties/article-131066"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/_4500-px)-(2)7.png" alt=""></a><br /><p>देईखेड़ा। खरायता पंचायत के अंतर्गत आने वाले डडवाड़ा गांव के लोगों को आजादी के सात दशक बाद भी पक्की सड़क नसीब नहीं हुई है। गांव की आबादी करीब 60 से अधिक घरों की है, जो मुख्य सड़क से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित है। बरसात के मौसम में कच्ची सड़क कीचड़ में तब्दील हो जाती है, जिससे ग्रामीणों का संपर्क अन्य गांवों और पंचायत मुख्यालय से पूरी तरह कट जाता है।</p>
<p>ग्रामीण विनोद मीणा, राधेश्याम, अखिलेश, हरिप्रसाद, गोबरलाल और गजानंद ने बताया कि बरसात के दिनों में बीमारों को अस्पताल ले जाना और स्कूली बच्चों का आना-जाना बेहद मुश्किल हो जाता है। अब तक सरपंच, प्रधान, विधायक और सांसद तक कई बार गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन केवल आश्वासन ही मिले हैं, राहत नहीं।</p>
<p><strong>सरपंच बोले: कई बार भेजे गए प्रस्ताव</strong><br />ग्रामसभा में सड़क डामरीकरण या सीसी सड़क निर्माण के प्रस्ताव कई बार सक्षम अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को भेजे गए, लेकिन अब तक स्वीकृति नहीं मिली। आवश्यकतानुसार ग्रेवल करवाया गया है, पर बरसात में स्थिति बिगड़ जाती है।<br />-<strong> बद्रीलाल मीणा, सरपंच। </strong></p>
<p><strong>जिला परिषद सदस्य का कहा:  प्रयास जारी</strong><br />इस मुद्दे को कई बैठकों में उठाया गया है, लेकिन विभागीय स्तर पर प्रस्तावों को प्राथमिकता नहीं दी जा रही। सड़क निर्माण के प्रयास जारी हैं।       <br /><strong>- के.सी. वर्मा, जिला परिषद सदस्य। </strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Oct 2025 15:43:22 +0530</pubDate>
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                <title>सादेड़ा विद्यालय की जर्जर छत से विद्यार्थियों का शिक्षण प्रभावित,  बरसात में टपकती छत</title>
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                        <![CDATA[दीवारों और फर्श में सीलन की समस्या गंभीर हो गई है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/the-dilapidated-roof-of-sadeda-school-is-affecting-students--education--with-the-roof-leaking-during-the-rainy-season/article-129017"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/copy-of-news-(1)19.png" alt=""></a><br /><p>भण्डेड़ा। सादेड़ा के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय का भवन जर्जर हालत में होने के कारण बरसात में कक्षाओं की छत से पानी टपकने लगा है। इससे विद्यार्थियों का शिक्षण प्रभावित हो रहा है और शिक्षक जोखिम भरे हालात में शिक्षा दे रहे हैं। रविवार रात की बारिश के बाद सोमवार को भी सात कक्षाओं की छत से पानी टपकता रहा, जबकि केवल एक कक्ष सुरक्षित है। लेकिन संबंधित विभाग के जिम्मेदार भवन की सुध नहीं ले रहा है। विद्यालय में कुल 12 कक्षाएं संचालित हैं, जिनमें 300 छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। 7 कक्षा कक्ष की छत से पानी टपकने के कारण कई छात्र बरामदे में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। कुछ कक्षाओं की दीवारों में दरारें हैं और आरसीसी की छत के प्लास्तर टूटकर टेबल पर गिर रहा है। कई जगहों पर आरसीसी सरिया साफ दिखाई देने लगा है। बरसात के समय प्रार्थना स्थल भी उपयोग के योग्य नहीं रहता। छात्र-छात्राएं और शिक्षक टपकती छत के नीचे पढ़ाई और शिक्षण कर रहे हैं। दीवारों और फर्श में सीलन की समस्या गंभीर हो गई है। निरीक्षण टीम और संबंधित विभाग अब तक इस जर्जर स्थिति का कोई समाधान नहीं कर पाए हैं। ग्रामीण और विद्यालय परिवार चिंतित हैं कि जिम्मेदार हादसे का इंतजार कर रहे हैं। शालाओं में सुरक्षा की दृष्टि से तत्काल मरम्मत आवश्यक है। स्थानीय लोगों ने उच्चाधिकारियों से आग्रह किया है कि शीघ्र निरीक्षण कर आवश्यक सुधार किया जाए, ताकि विद्यार्थी और शिक्षक सुरक्षित वातावरण में शिक्षा ग्रहण कर सकें।</p>
<p><strong>इधर निरीक्षण पर भी सवाल</strong><br />पंचायत समिति नैनवां से निरीक्षण पर आए संबंधित अधिकारियों के निरीक्षण पर भी सवाल उठ रहे है। आखिर निरीक्षण में असुरक्षित भवन को गंभीरता से क्यों नहीं देखा है। भवन के चौतरफा कक्षाकक्षों की सुरक्षा को लेकर साफ-सफाई के निर्देश क्यों नहीं दिए है। मौके पर आकर निरीक्षण नहीं किया या औपचारिकता पूर्ण की यह भी सवाल खड़े हो रहे है। ऐसे में शाला परिसर के खतरे के साएं में शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर किया जा रहा है।</p>
<p><strong>शाला में देखरेख का अभाव</strong><br />शाला में जिम्मेंदार अधिकारी जागरूक नहीं होने से शाला में कक्षा-कक्षों के पिछली दीवारों में बड़े-बडेÞ पेड़-पौधों हो चूके है,जो कक्षाकक्षो की दीवारो को भी खतरा बढता जा रहा है। ऐसे लगाता है कि यह विद्यालय भवन नहीं जंगल में पेड़ पनपे हुए है।</p>
<p><strong>शाला स्तर पर दो बार ब्लॉक शिक्षाधिकारी को लिखित में अवगत</strong><br />शाला ने दो बार शाला के भवन को लेकर लिखित-पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया है। लेकिन समस्या अभी भी बनी हुई है। मरम्मत करवाने के नाम पर रेती व सीमेंट बिछा दी जाती है। दीवारो में सीलन आना जारी है। पट्टियों पर वजन बढ़ने से पट्टियों के टूटने का भी खतरा बढ़ रहा है। लेकिन सक्षम अधिकारी ने बारिश के समय मौके पर आकर स्थिति को नहीं जान रहे है। शाला के परिसर के मुख्य गेट पर बरसाती पानी जमा होने से कीचड़ की समस्या रहती है जिसको लेकर सादेड़ा ग्राम पंचायत को भी लिखित पत्र देकर समस्या से अवगत कराया जा चूका है। मगर समस्या का समाधान अभी तक नहीं हुआ है। सोमवार को बारिश के पानी व कीचड़ भरी डगर से छात्र-छात्राएं गुजरते हुए नजर आए है। </p>
<p><strong>यह कहा वाइस प्रिंसिपल ने</strong><br />मैं सादेड़ा विद्यालय में नया आया हूँ। पहले क्या हुआ इसका मुझे पता नहीं है। इस समय बारिश चल रही है, जो एक कक्ष के अलावा सभी कक्ष की छत टपक रही है। छात्र-छात्राओं को बारिश से बचाने के लिए सामूहिक में कक्षाए रखनी पड़ती है। बारिश होते ही समस्या बढ जाती है, सभी कक्षाओं को एडजस्ट करना मुश्किल हो रहा है। <br /><strong>-हरनन्दा मीणा, वाइस प्रिंसिपल, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सादेड़ा। </strong></p>
<p> सादेड़ा विद्यालय का निरीक्षण किया गया था। पहले मरम्मत की राशि आई थी, मार्च में जिस विद्यालय में राशि आई, वहां संबंधित ग्राम पंचायत ने मरम्मत की थी। जिसमें पिचेहतर प्रतिशत मरम्मत वाले विद्यालयों में छत टपकने की समस्या आ रही है। शाला का जल्द ही मौके पर आकर उच्च निरीक्षण करेंगे, मौके पर कमियां नजर आएंगी, तो उन्हें दुरूस्त करवाया जाएगा।<br /><strong>-अनिल जैन, सीबीईओ, नैनवां। </strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Oct 2025 16:15:18 +0530</pubDate>
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                <title>कोटा उत्तर वार्ड 51: सफाई व्यवस्था और पार्कों की नहीं हो रही देखरेख, नालियों में गंदगी; टूटे झूले और जाम चैंबर से परेशान वार्डवासी</title>
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                        <![CDATA[स्थानीय लोगों को उम्मीद जल्द ही  असुविधाओं से निजात मिलेगी।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-north-ward-51---residents-are-troubled-by-the-lack-of-sanitation-and-park-maintenance--filth-in-drains--broken-swings--and-clogged-chambers/article-128040"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/copy-of-news-(1)35.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। वार्ड में अब तक कई विकास कार्य हुए हैं, लेकिन इसके बावजूद स्थानीय रहवासी कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। वार्ड की सड़कों पर लगी रोड़ लाइटें लंबे समय से बंद पड़ी हैं, जिससे रात में अंधेरा और असुरक्षा का माहौल बना रहता है। आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या से लोग हर रोज परेशान हैं। वहीं, बने हुए पार्कों की उचित देखरेख न होने से उनकी स्थिति बिगड़ती जा रही है। वहीं वर्षों से जाम हो रहे चेम्बर समय पर साफ नहीं होने से लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।  वार्डवासी का कहना है की कई बार नगर निगम अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो पा रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर नगर निगम ने समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया तो आने वाले दिनों में स्थिति और बिगड़ सकती है। वार्डवासी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि उनकी आवाज जल्द ही सुनी जाएगी और क्षेत्र को गंदगी और असुविधाओं से निजात मिलेगी।</p>
<p><strong>चैंबर हो रहे जाम</strong><br />अंबेडकर कॉलोनी में बने चैंबरों की स्थिति सही नही है। वार्डवासियों का कहना है कि इन चैंबरों की बनावट ही सही तरीके से नहीं की गई। परिणामस्वरूप बरसात के समय ये चैंबर जाम हो जाते हैं और उनका गंदा पानी सड़क पर फैलकर पूरे क्षेत्र को दुर्गंधयुक्त बना देता है। </p>
<p><strong>वार्ड का एरिया</strong><br />सम्पूर्ण थर्मल कॉलोनी, कुन्हाडी थाना, संत तुकाराम सामुदायिक भवन, अम्बेडकर कॉलोनी, हनुमानगढी का क्षेत्र शामिल है।</p>
<p>नालियों की समय पर सफाई नहीं होती, जिसके कारण उनमें गंदगी जमा रहती है। गंदा पानी भरने से मच्छर व अन्य कीड़ पनपते हैं और बीमारी फैलने का खतरा बढ़ जाता है। बरसात के दिनों में तो स्थिति और भी खराब हो जाती है जब गंदा पानी घरों के पास तक भर जाता है।<br /><strong>- राजेश वैष्णव, वार्डवासी</strong></p>
<p>वार्ड के अंदर मौजूद पार्कों की स्थिति भी नाराजगी का कारण बनी हुई है। पार्कों में लगाए गए झूले लंबे समय से टूटे पड़े हैं और उनकी मरम्मत नहीं की गई है। यही नहीं, पार्कों में बड़ी-बड़ी जंगली घास फैली हुई है जिससे बच्चों के खेलने की जगह पूरी तरह असुरक्षित हो गई है। <br /><strong>- कमलेश, वार्डवासी</strong></p>
<p>आवारा कुत्तों की समस्या भी लगातार बढ़ रही है।रात के समय कुत्तों का भय इतना ज्यादा होता है कि लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। कई बार कुत्तों के झुंड हमला भी कर देते हैं। <br /><strong>- महावीर शर्मा, वार्डवासी</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />मेरे द्वारा वार्ड में कई विकास कार्य करवाए गए है। सफाई व्यवस्था भी काफी सही है। लेकिन वार्ड में जो समस्याएं है इन सभी समस्याओं को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। नगर निगम केवल कागजों में सफाई और विकास कार्यों का दावा करता है, जबकि वास्तविक स्थिति बिल्कुल अलग है। सरकार बदलतें ही अधिकारियों का रवैया भी बदल गया र्है। जिसका खामियाजा वार्डवासीयों को भुगतना पड़ रहा है।<br /><strong>- अनिल सुवालका, पार्षद</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Sep 2025 14:30:30 +0530</pubDate>
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                <title>कोटा उत्तर वार्ड 33 : आखिर कब सुनेगी छोटी सरकार, नालियां जाम, रात में घूमते हैं असामाजिक तत्व</title>
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                        <![CDATA[गलियों में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-north-ward-33---when-will-the-small-government-finally-listen/article-127423"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/_4500-px)-(2)15.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा नगर निगम क्षेत्र के वार्ड नंबर 33 की स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है। वार्ड में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा चुकी है। नियमित सफाई नहीं होने से गलियों और मुख्य सड़कों पर गंदगी का अंबार लगा हुआ है। नालियां लंबे समय से जाम पड़ी हैं, जिनमें गंदा पानी और कचरा भरा रहता है। इससे मच्छरों और बदबू की समस्या लगातार बढ़ रही है। बरसात के दिनों में यह समस्या और विकराल हो जाती है जब पानी गलियों में भरकर घरों तक पहुंच जाता है।  रहवासी सवाल उठा रहे हैं कि आखिर उनकी समस्याओं पर ध्यान क्यों नहीं दिया जा रहा। उनका कहना है कि चुनाव के समय नेताओं और पार्षदों द्वारा वादे तो बहुत किए जाते हैं, लेकिन हकीकत में काम नजर नहीं आता।</p>
<p><strong>असामाजिक तत्वों का जमावड़ा</strong><br />स्थानीय लोगों का कहना है कि वार्ड की गलियों में रात के समय असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। शराब और नशे का सेवन खुलेआम किया जाता है, जिससे माहौल खराब हो रहा है। महिलाएं और बच्चे देर शाम के बाद बाहर निकलने से डरते हैं। </p>
<p><strong>तंग गलियां और परेशान रहवासी</strong><br />वार्ड की गलियां तंग और कचरे से अटी पड़ी हैं। रहवासी रोजाना इनसे गुजरने को मजबूर हैं। वाहन तक ठीक से नहीं निकल पाते। गलियों की गंदगी और बदबू से लोगों का जीना दूभर हो गया है। बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है।</p>
<p><strong>वार्ड का एरिया </strong><br />इमली चौक, शुजाउद्दीन चौक, मांगीलाल बीडी वाले का मकान, गोरी हाजी गली, भिस्तियों की मस्जिद, अजीज जुते वाले का मकान, पुरानी हरिजन बस्ती, गुले गुलजार, कुरेशियों की मस्जिद।</p>
<p><strong>बिजली के झूलते तार बन रहे खतरा</strong><br />स्थिति और भी भयावह तब हो जाती है जब बिजली के खंभों से लटकते तार घरों के सहारे झूलते नजर आते हैं। कई जगह तार खुले पड़े हुए हैं, जो कभी भी हादसे का कारण बन सकते हैं। बारिश के दिनों में इनसे करंट दौड़ने का खतरा और बढ़ जाता है।<br /><strong>-  जाबेदा, वार्डवासी</strong></p>
<p><strong>रहवासियों में आक्रोश</strong><br />उन्होंने कई बार नगर निगम और पार्षद को इस समस्या से अवगत कराया है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उनका कहना है कि यदि जल्द ही सफाई व्यवस्था सुधारी नहीं गई और असामाजिक तत्वों पर लगाम नहीं कसी गई तो वे सामूहिक रूप से विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।<br /><strong>- राजा वार्डवासी</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है,</strong><br />अभी मैं कोटा से बाहर हूं बाद में बात करती हूं, फिर नवज्योति टीम ने बात करने का प्रयास किया लेकिन फोन नहीं उठाया।<br /><strong>- शबनम कुरैशी, पार्षद</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Sep 2025 15:49:05 +0530</pubDate>
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                <title>कोटा दक्षिण वार्ड 39- नालियों के टूटे ढकान, डिवाइडर से परेशान रहवासी</title>
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                        <![CDATA[सीसी रोड निर्माण के दौरान हुई गलियों की ढकान भी बरसात में मोहल्लेवासियों की परेशानी बढ़ा रही है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south-ward-39---residents-troubled-by-broken-drain-covers-and-dividers/article-126528"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/11-(1)6.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम दक्षिण क्षेत्र के वार्ड 39 में पार्षद की ओर से समय-समय पर विकास कार्य तो कराए गए, लेकिन बारिश ने यहां की सड़कों और गलियों की हालत बिगाड़ दी है। जगह-जगह गड्ढे बन जाने से राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं सीसी रोड निर्माण के दौरान हुई गलियों की ढकान भी बरसात में मोहल्लेवासियों की परेशानी बढ़ा रही है। हालांकि वार्डवासी साफ-सफाई व्यवस्था और कचरा गाड़ी की नियमित आवाजाही से संतुष्ट नजर आते हैं। वहीं वार्डवासियों ने बताया कि प्रतिदिन नालियों की सफाई होती व कचरा गाड़ी भी प्रतिदिन आती है व पार्षद द्वारा समय-समय पर वार्ड का निरीक्षण किया जाता है। </p>
<p><strong>सीसी के मनमर्जी के डिवाइडर बने परेशानी :</strong> वार्ड के अंदर स्थित पीडब्ल्यूडी कॉलोनी के प्रवेश द्वारा बना सीसी का डिवाइडर काफी ऊंचा होने से राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ। इसके पास स्थित विद्युत पोल से गुजरती विद्युत लाइन आस-पास रहने वालो कें परेशानी का कारण बनी वहीं बारिश से कभी भी इनसे बड़ा हादसा हो सकता है। </p>
<p><strong>तंग गलियों में पार्किंग की समस्या:</strong> वार्ड  निवासी धनराज, दिनेश व राजेश ने बताया कि वार्ड वासी घरों के सामने ही फोर व्हीलर गाड़ी खड़ी करते है। जिससे वार्ड का 20 फीट का रोड संकड़ा हो गया, जिससे कभी दो  कारे एक साथ आमने-सामने आ जाए तो परेशानी का सामना करना पड़ता है।  वार्ड के अंतर्गत विज्ञान नगर आंशिक  सेक्टर 3, सेक्टर 4, सम्पूर्ण  पी एंड टी व पीडब्ल्यूडी कॉलोनी इत्यादी आते है। </p>
<p><strong>नालियों के टूटे ढकान परेशानी का सबब </strong><br />वार्ड के मेन रोड पर स्थित नालियों के टूटे ढकान बारिश मे वार्ड राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बना जाते है। कभी यदि नालियों में कचरा जाम हो जाता है तो इनकी बदबू से परेशानी होती है।  वही वार्ड के मुख्य रोड पर स्थित नाली का टूटे ढकान से रात्रि के समय पर कभी हादसा हो सकता है। </p>
<p>वार्ड में नालियों की सफाई प्रतिदिन होती है व कचरा गाड़ी भी आती। पार्षद द्वारा सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया जाता है। <br /><strong>- कल्याण कुमार </strong></p>
<p>वार्ड में सफाई प्रतिदिन होती है और कचरा गाड़ी भी आती है। बारिश के समय पर कभी कभार नालियां ओवरफ्लो हो जातीं है जिससे परेशानी होती है। <br /><strong>- सेजल कुमार </strong></p>
<p>रोड का बजट पास हो गया वर्कआर्डर जारी होने के बाद मरम्मत की जाएगी व बिजली के तारों को सही कराने  के लिए संबंधित अधिकारियों को लिखित में प्रार्थना दे रखा है। <br /><strong>- मनोज गुप्ता, पार्षद 39 </strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Sep 2025 14:20:31 +0530</pubDate>
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                <title>कोटा दक्षिण वार्ड 11- पार्क बदहाली का शिकार, सीवरेज चैंबर बने परेशानी</title>
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                        <![CDATA[घरों के पास से गुजरती विद्युत लाइन बनी परेशानी]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south-ward-11--park-in-bad-condition--sewerage-chamber-becomes-a-problem/article-126019"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/untitled-design3.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के नगर निगम दक्षिण के वार्ड 11 में पार्षद द्वारा बीते सालों में विकास के कार्य तो समय -समय पर हुए है लेकिन वार्ड में पिछले दिनों डाली गई सीवरेज लाइन अब बारिश के समय पर लोगों के लिए अब परेशानी का कारण बनी हुई हैं। वार्डवासी जावेद  खान, नासिर हुसैन, अमन कुमार सहित अन्य ने बताया कि वार्ड की गोविंद नगर में पिछले दिनों सीसी रोड पर कट लगाकर सीवरेज लाइन तो डाल दी गई, लेकिन तक सीवरेज के चैंबर व रोड का लेवल सही नहीं होने से राहगीर व वाहन चालक चोटिल हो रहे है। वहीं रोड की मरम्मत नहीं होने से तथा लगातार हो रही बारिश के कारण आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वार्ड में स्थित सामुदायिक भवन के दरवाजे भी क्षतिग्रस्त हो रहे व नल की टोटियां भी गायब हो गई। वार्डवासियों ने बताया कि वार्ड में प्रतिदिन सफाई होती है और कचरा गाड़ी नियमित समय से आती हैं। वार्ड में स्थित सब्जीमंडी का शैड भी उपयोग में नहीं आने व उचित रखरखाव नहीं होने के कारण जगह -जगह से क्षतिग्रस्त हो रहा है। </p>
<p><strong>पार्क दुर्दशा का शिकार</strong><br />वार्ड में स्थित वीरांगन झलकारी बाई उद्यान गोविंद नगर के पार्क के झूले टूटे हुए है। पार्क में आने वाले बच्चों को निराशा होकर जाना पड़ता है। दूसरी तरफ पार्क में घास भी बड़ी -बड़ी हो रही है। यहां जहरीले जीवों का खतरा भी बना रहता है। पार्क में स्थित वार्ड कूलर भी खराब हो रहा जिससे पार्क में घूमने वाले घर से ही पानी की बोतल लेकर आते है।  </p>
<p><strong>घरों के पास से गुजर रही विद्युत लाइन</strong><br />बारिश के समय पर वार्ड की गलियों के मकानों के पास से गुजर ही विद्युत लाइन भी हादसे का सबब बनी हुई है। वार्डवासियों ने बताया कि इस बारें में अनेक बार संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया पर समस्या जस की तस बनी हुई है। </p>
<p><strong>सीवरज के चैंबर व रोड का लेवल सही नहीं</strong><br />मुख्य सड़क पर पिछले दिनों डाली गई सीवरेज लाइन के चैंबर सही नहीं लगाने के कारण रोड से ऊपर निकल रहे है जो राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बने हुए। दूसरी तरफ वार्ड की गलियों में मनमर्जी के ऊंचे -ऊंचे सीसी के डिवाइडर बने हुए जो कि आने जाने वालों के लिए परेशानी का कारण बना हुए है।  03 डीएच </p>
<p><strong>वार्ड का एरिया</strong><br />प्रेमनगर प्रथम, सब्जीमंडी , बजरंग नगर, सूर्यनगर, बंगाली कॉलोनी, गोविंद नगर की मैन रोड वाली गली आदि क्षेत्र। </p>
<p>डामर की सड़क होने की वजह से सीवरेज के चैंबर ऊपर आ रहे है। उनको सही करने के लिए गोविंद नगर चौराहे से एसएसएफ चौराहे तक सीसी रोड का निर्माण किया जाएगा।  वीरांगन झलकारी बाई उद्यान का जीर्णोद्धारों किया जाएगा, उसके लिए वार्क आॅर्डर हो चुके हैं। साथ ही वार्ड की गलियों में सीसी रोड बनाया जाएगा। <br /><strong>- गिरिराज महावर, पार्षद, वार्ड 11 </strong></p>
<p>वार्ड में सफाई नियमित होती है पर रोड लाइट बारिश में बंद हो जाती है जिससे परेशानी का सामना करना पड़ता हैं। <br /><strong>- महेंद्र कुमार वार्डवासी </strong></p>
<p>पिछले दिनों सीवरेज लाइन की खुदाई की गई पर रोड की सही मरम्मत नहीं होने से परेशानी का कारण बना हुआ है। <br /><strong>- जावेद खान, वार्डवासी</strong></p>
<p>कचरा गाड़ी आती है पर पर तय समय नहीं होने से परेशानी का सामना करना पड़ता हैं। वार्ड में रात्रि के समय पर कुत्ते राहगीरों की बाइक  के पीछे दौड़ते है जिससे कभी भी दुर्घटना हो सकती है। <br /><strong>- शंकर कुमार, वार्डवासी</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Sep 2025 16:01:26 +0530</pubDate>
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