<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/rainy-season/tag-1661" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>Rainy Season - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/1661/rss</link>
                <description>Rainy Season RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>असर खबर का : अटल सरोवर के सामने जलभराव की समस्या से क्षेत्रवासियों को मिली राहत</title>
                                    <description><![CDATA[पालिका ने विशेष सफाई अभियान चलाकर सड़क से कीचड़ व गंदगी हटाई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/impact-of-the-report--residents-get-relief-from-waterlogging-issues-in-front-of-atal-sarovar/article-159338"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/1200-x-600-px)-(4)8.png" alt=""></a><br /><p>कापरेन। अटल सरोवर के सामने बारिश के बाद सड़क पर जलभराव, कीचड़ और गंदगी की समस्या को लेकर दैनिक नवज्योति में 8 जुलाई के अंक में समाचार प्रकाशित होने के बाद नगर पालिका प्रशासन हरकत में आ गया। बुधवार सुबह पालिका की सफाई टीम मौके पर पहुंची और विशेष सफाई अभियान चलाकर सड़क पर फैले कीचड़ व गंदगी को हटाया।  साथ ही निर्माण कार्य के दौरान बंद किए गए नाले को खुलवाकर जल निकासी व्यवस्था सुचारु कर दी, जिससे क्षेत्रवासियों को राहत मिली।</p>
<p>गौरतलब है कि शक्ति चौराहा पर चल रहे नाला निर्माण कार्य के दौरान शिवनगर की ओर से आने वाले नाले का रास्ता बंद कर दिया गया था। मंगलवार को हुई बारिश के बाद पानी की निकासी नहीं होने से अटल सरोवर के सामने मुख्य सड़क पर जलभराव हो गया। पानी उतरने के बाद सड़क पर कीचड़ फैल गया और आसपास दुर्गंध की स्थिति बन गई थी। स्थानीय लोगों ने इस समस्या से प्रशासन को पूर्व में भी अवगत कराया था। समाचार प्रकाशित होने के बाद नगर पालिका प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सफाई अभियान चलाया तथा बंद नाले को खुलवाकर जल निकासी व्यवस्था बहाल कर दी। स्थानीय नागरिकों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में निर्माण कार्य के दौरान ऐसी लापरवाही नहीं बरती जाएगी, ताकि बारिश के समय आमजन को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।पालिका ने विशेष सफाई अभियान चलाकर सड़क से कीचड़ व गंदगी हटाई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/impact-of-the-report--residents-get-relief-from-waterlogging-issues-in-front-of-atal-sarovar/article-159338</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/impact-of-the-report--residents-get-relief-from-waterlogging-issues-in-front-of-atal-sarovar/article-159338</guid>
                <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 14:41:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-07/1200-x-600-px%29-%284%298.png"                         length="1946811"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बारिश बनी एमबीएस अस्पताल की सबसे बड़ी परीक्षा : बदहाल ड्रेनेज व्यवस्था बनी मरीजों की मुसीबत</title>
                                    <description><![CDATA[ नई बिल्डिंग, सेंट्रल लैब और अधीक्षक कार्यालय तक जाने वाले रास्तों पर भरता है पानी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/rain-poses-the-biggest-challenge-for-mbs-hospital--poor-drainage-system-causes-trouble-for-patients/article-159324"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/1200-x-600-px)-(1)20.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। संभाग के सबसे बड़े एमबीएस अस्पताल में मानसून की पहली बारिश के साथ ही वर्षों पुरानी जलभराव की समस्या फिर सामने आने लगती है। अस्पताल की नई बिल्डिंग के बाहर, सेंट्रल लैब, अधीक्षक कार्यालय तक जाने वाले मार्ग सहित कई स्थानों पर थोड़ी सी बारिश के बाद ही पानी भर जाता है। मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल स्टाफ को पानी से होकर गुजरना पड़ता है। कई बार स्ट्रेचर और व्हीलचेयर निकालने तक में परेशानी होती है, जिससे गंभीर मरीजों को समय पर उपचार तक पहुंचाने में दिक्कत आती है।</p>
<p>अस्पताल प्रशासन ने पिछले कुछ समय में पुरानी बिल्डिंग से पर्ची काउंटर, जांच काउंटर और इमरजेंसी ओपीडी जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं को नई बिल्डिंग में स्थानांतरित कर दिया है। इससे मरीजों को आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिला है और एक ही स्थान पर अधिकांश सेवाएं उपलब्ध होने लगी हैं। लेकिन बारिश के दौरान नई बिल्डिंग के बाहर जलभराव होने से मरीजों को इन सुविधाओं तक पहुंचने में परेशानी उठानी पड़ती है। हालांकि पुरानी बिल्डिंग में अब मुख्य रूप से भर्ती मरीजों को रखा जाता है, लेकिन बारिश के मौसम में वहां भी सीलन, पानी टपकने और आसपास जलभराव जैसी समस्याएं सामने आती हैं।</p>
<p><strong>मोर्चरी तक पहुंचने वाला रास्ता बना सबसे बड़ी चिंता</strong><br />एमबीएस अस्पताल से मोर्चरी की ओर जाने वाला मार्ग लंबे समय से जर्जर हालत में है। सड़क जगह-जगह से उखड़ चुकी है और बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं। बारिश के दौरान इन गड्ढों में पानी भर जाता है, जिससे उनकी गहराई का अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में एंबुलेंस, शव वाहन, अस्पताल के अन्य वाहन और पैदल आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। हालात इतने खराब हो जाते हैं कि कई बार मोर्चरी तक पहुंचना भी चुनौती बन जाता है। शव लेकर आने वाले परिजनों को भी कीचड़ और जलभराव के बीच से गुजरना पड़ता है। अस्पताल परिसर का यह मार्ग वर्षों से मरम्मत का इंतजार कर रहा है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है।</p>
<p>डॉक्टरों की सेवाएं और चिकित्सा सुविधाएं बेहतर हैं, लेकिन बारिश के मौसम में अस्पताल परिसर की स्थिति चिंता बढ़ा देती है।<br /><strong>-सुशिला बाई, मरीज</strong></p>
<p>- नई बिल्डिंग बनने से सुविधाएं तो बढ़ी हैं, लेकिन बारिश के समय बाहर पानी भर जाता है। बुजुर्ग और गंभीर मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने में काफी परेशानी होती है।<br /><strong>सुरज सिंह, मरीज</strong></p>
<p>सेंट्रल लैब और जांच काउंटर तक जाने में पानी और कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है। प्रशासन को ड्रेनेज व्यवस्था स्थायी रूप से सुधारनी चाहिए। मोर्चरी की सड़क इतनी खराब है कि बारिश में गड्ढे दिखाई ही नहीं देते। एंबुलेंस तक हिचकोले खाती हुई गुजरती है। अस्पताल परिसर की सड़कें जल्द से जल्द बनाई जानी चाहिए।<br /><strong>- श्वेता गुर्जर, मरीज</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />मानसून को देखते हुए अस्पताल परिसर की सभी प्रमुख नालियों की सफाई करवाई जा रही है ताकि पानी की निकासी बाधित न हो। संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं और लगातार निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि स्थायी समाधान के लिए केडीए को ड्रेनेज निर्माण का कार्य सौंप दिया गया है। फिलहाल वर्क ऑर्डर जारी होने की प्रक्रिया चल रही है। जैसे ही कार्यादेश मिलेगा, सबसे पहले अस्पताल परिसर में आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जाएगा। इसके बाद क्षतिग्रस्त और जर्जर सड़कों का पुनर्निर्माण कराया जाएगा, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को राहत मिल सके।<br /><strong>- डॉ. आर.के. सिंह, अधीक्षक एमबीएस अस्पताल</strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/rain-poses-the-biggest-challenge-for-mbs-hospital--poor-drainage-system-causes-trouble-for-patients/article-159324</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/rain-poses-the-biggest-challenge-for-mbs-hospital--poor-drainage-system-causes-trouble-for-patients/article-159324</guid>
                <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 14:36:30 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-07/1200-x-600-px%29-%281%2920.png"                         length="1312122"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गड्ढे और मवेशी = बरसात में खतरा </title>
                                    <description><![CDATA[गड्ढों में हिचकोले व मवेशियों  से दुर्घटना की संभावना
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/potholes-and-cattle---danger-during-the-rainy-season/article-159244"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/1200-x-600-px)23.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । बरसात का सीजन शुरु हो गया है। ऐसे में सड़कों पर हो रहे गड्ढ़े और मवेशियों का जमघट खतरा बने हुए हैं।मानसून ने तो दस्तक दे दी है। लेकिन अभी तक तेज बरसात नहीं हुई है। उससे पहले ही शहर की सड़कों पर बीच में बड़े-बड़े गड्ढ़े हो गए हैं। अभी तो ये गड्ढ़े नजर भी आ रहे हैं। लेकिन बरसात के समय में इनमें पानी भरने पर एक ओर जहां इनकी गहराई नजर नहीं आएगी। वहीं दूसरी तरफ बरसाती पानी भरने से ये गड्ढ़े और बड़ा रूप लेकर लोगों के लिए हादसों का खतरा बन जाएंगे। वहीं रात के समय अंधेरा होने पर तो ये नजर भी नहीं आएंगे। जिससे दुर्घटनाओं की संभावना अधिक हो जाएगी।</p>
<p>सीएडी से दादाबाड़ी के बीच नए बने एलबीएस मार्ग पर बीच सड़क काफी बड़े गड्ढ़े हो रहे हैं। बरसाती पानी भरने से इनका आकार बढ़ता जा रहा है। आने वाले समय में ये और भी बड़े हो सकते हैं। इसी तरह से दादाबाड़ी छोटा चौराहे के पास मेन रोड पर बड़ा गड्ढ़ा है। जिस पर से दो पहिया ही नहीं चार पहिया वाहन तक हिचकलो खाते हुए निकल रहे हैं। इसी तरह सरोवर टॉकीज के सामने स्थित मंदिर के पीछे व तालाब के किनारे की सड़क का काद्दफी हिस्सा खस्ताहाल हो रहा है। जिससे वहां से चार पहिया वाहन तक निकलते समय असंतुलित हो रहे हैं। जिससे अभी हादसों का खतरा बना हुआ है। जबकि बरसात में यहां हालत अधिक खराब होने से लोगों के लिए जान जोखिम में डालने वाले साबित हो जाएंगे।<br />चम्बल की बड़ी पुलिया पर महाराणा प्रताप सर्किल के पास भी कई जगह पर बड़े-बड़े गड्ढ़े हो रहे हैं। शहर में ऐसी कई और भी जगह हहैं जहां मेन रोड की हालत ही खराब हो रही है। जबकि गली मौहल्लों की सड़कों की हालत तो बदतर स्थिति में है।</p>
<p><strong>बरसात में बढ़ा मवेशियों का जमघट</strong><br />शहर को कैटल फ्री बनाने की दिशा में किया गया प्रयास अभी तक साकार नहीं हो पाया है। हालत यह है कि अभी भी मुख्य मार्गों पर निराक्षित मवेशियों के जमघट लगे हुए देखे जा सकते हैं। किशोरपुरा थाने के सामने का क्षेत्र हो या दादाबाड़ी का। डीसीएम रोड पर नई धानमंडी मेन रोड का क्षेत्र हो या नयापुरा में एमबीएस रोड। हर जगह पर दिन हो या रात बीच राह में मवेशियों का जमघट लगा रहता है। ऐसे में बरसात के समय में ये हादसों का कारण बन सकते हैं। तेजी से आते वाहनों की चकाचौंथ रोशनी में बरसाती पानी के कारण ये मवेशी दूर से नजर नहीं आने पर दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं। हालांकि कुछ समय से मवेशी कम नजर आ रहे थे। लेकिन बरसाती सीजन शुरु होने के साथ ही ये बीच राह सड़कों पर फिर से नजर आने लगे हैं।</p>
<p><strong>बरसात से पहले सही करवाएंगे गड्ढ़े</strong><br />कोटा विकास प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि समय-समय पर सड़कों के गड्ढ़ों को पेचवर्क के माध्यम से सही कराया गया है। अभी भी जहां गड्ढ़े अधिक खतरनाक होंगे उन्हें बरसात शुरु होने से पहले सही करवा दिया जाएगा।</p>
<p>वहीं निगम अधिकारियों का कहना है कि सड़कों से मवेशियों को लगातार पकड़ा जा रहा है। बरसात में लोग इन्हें पशु पालक खुला छोड़ देते हैं। जिससे ये सड़कों पर अधिक नजर आते हैं। फिर भी जहां अधिक मवेशी होंगे और हादसों का खतरा रहेगा उन्हें भी पकड़ा जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/potholes-and-cattle---danger-during-the-rainy-season/article-159244</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/potholes-and-cattle---danger-during-the-rainy-season/article-159244</guid>
                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 16:48:15 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-07/1200-x-600-px%2923.png"                         length="2069281"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दो वर्ष में उखड़ी सड़क, निर्माण गुणवत्ता पर ग्रामीणों का सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[निमोद-बड़गांव जर्जर सड़क: गड्ढों और बबूल की झाड़यों से बढ़ा हादसों का खतरा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/road-surface-disintegrated-within-two-years--villagers-question-construction-quality/article-158843"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/1200-x-600-px)2.png" alt=""></a><br /><p>सांवतगढ़। निमोद से बड़गांव को जोड़ने वाली मुख्य सड़क बदहाल स्थिति के कारण क्षेत्रवासियों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे होने से वाहन चालकों, राहगीरों और किसानों को प्रतिदिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। <br />सबसे अधिक परेशानी दोपहिया वाहन चालकों, स्कूली विद्यार्थियों, महिलाओं और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है। बारिश के दौरान गड्डों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है।</p>
<p>ग्रामीणों ने बताया कि यह सड़क निमोद, बड़गांव सहित आसपास के कई गांवों का प्रमुख संपर्क मार्ग है। इसी रास्ते से किसान कृषि उपज मंडी तक पहुंचाते हैं तथा विद्यार्थी स्कूल-कॉलेज आते-जाते हैं। सड़क की जर्जर स्थिति के कारण आवागमन जोखिमभरा हो गया है। <br />उपसरपंच लटूरलाल बेरवा एवं आशाराम मीपणा ने बताया कि सड़क किनारे बबूल की घनी झाड़ियां उग आने से मार्ग संकरा दिखाई देता है।</p>
<p>कई स्थानों पर शाखाएं सड़क तक फैल चुकी हैं, जिससे सामने से आने वाले वाहन दिखाई नहीं देते और दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। निर्माण के दो वर्ष पूरे होने से पहले ही डामर उखड़ गया और सड़क गड्डों में तब्दील हो गई। ग्रामीणों ने सड़क की तत्काल क्षतिग्रस्त हिस्सों के मरम्मत, पुनर्निर्माण तथा सड़क किनारे उगी झाड़ियों की शीघ्र कटाई कराने की मांग की है।</p>
<p><strong>यह कहा अधिकारी ने</strong><br />मैं स्वयं मौके का निरीक्षण करूंगा। जहां-जहां सड़क की मरम्मत की आवश्यकता होगी, वहां शीघ्र मरम्मत करवाई जाएगी। साथ ही सड़क के दोनों ओर उगे बबूल के पेड़ों एवं झाड़ियों की कटाई भी जल्द करवाई जाएगी, जिससे आवागमन सुरक्षित हो सके।<br /><strong>- सोनू नागर, एईएन सार्वजनिक निर्माण विभाग</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/road-surface-disintegrated-within-two-years--villagers-question-construction-quality/article-158843</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/road-surface-disintegrated-within-two-years--villagers-question-construction-quality/article-158843</guid>
                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 14:32:08 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-07/1200-x-600-px%292.png"                         length="1513820"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्कूल भवन के बरामदे की छत भर-भराकर गिरी, शिक्षा विभाग की कार्य शैली पर सवाल </title>
                                    <description><![CDATA[राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में गुरुवार सुबह बड़ा हादसा होते होते टल गया। विद्यालय के बरामदे की छत की पट्टियां अचानक भरभराकर नीचे गिर गईं। गनीमत रही कि उस समय बच्चे खुले में पढ़ रहे थे, जिससे 75 बच्चों की जान बच गई।  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/dungarpur/the-roof-of-the-verandah-of-the-school-building-collapsed/article-158725"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/12200-x-600-px)-(2)7.png" alt=""></a><br /><p>श्रीडूंगरगढ़। क्षेत्र के गांव धनेरू की बुरलाई तलाई स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में गुरुवार सुबह बड़ा हादसा होते होते टल गया। विद्यालय के बरामदे की छत की पट्टियां अचानक भरभराकर नीचे गिर गईं। गनीमत रही कि उस समय बच्चे खुले में पढ़ रहे थे, जिससे 75 बच्चों की जान बच गई। विद्यालय प्रधानाध्यापिका सोनू मीणा ने बताया कि भवन की जर्जर हालत को देखते हुए बच्चों की कक्षाएं पहले से ही खुले में संचालित की जा रही थीं। </p>
<p> उन्होंने बताया कि 19 जून को पीडब्ल्यूडी की टीम ने विद्यालय का निरीक्षण कर दो कमरों और बरामदे को जर्जर घोषित किया था। इसके बाद उन्होंने कई बार शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर भवन की स्थिति से अवगत कराया, लेकिन अब तक न तो किसी अधिकारी ने विद्यालय का दौरा किया और न ही भवन की मरम्मत या वैकल्पिक व्यवस्था की गई। </p>
<p><strong>बड़ा सवाल</strong><br />स्कूल भवन को 14 दिन पूर्व जर्जर घोषित किए जाने के बाद भी न मरम्मत हुई और न वैकल्पिक व्यवस्था की गई। घटना सीधे शिक्षा विभाग की कार्य शैली पर सवाल खड़ा कर रही है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>डूंगरपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/dungarpur/the-roof-of-the-verandah-of-the-school-building-collapsed/article-158725</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/dungarpur/the-roof-of-the-verandah-of-the-school-building-collapsed/article-158725</guid>
                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 10:21:02 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-07/12200-x-600-px%29-%282%297.png"                         length="1173125"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नाला निर्माण में लापरवाही, नई छत पर पड़ी दरारें</title>
                                    <description><![CDATA[स्कूली बच्चों सहित आमजन की प्रतिदिन आवागमन में बढ़ी परेशानी ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/negligence-in-drain-construction--cracks-appear-on-the-new-roof-slab/article-158669"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/05.gif" alt=""></a><br /><p>कापरेन। कस्बे के शक्ति चौराहा स्थित निर्माणाधीन नाले के कार्य में लापरवाही सामने आने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है। निर्माणाधीन व नाले की एक ओर छत डालने के बाद समय पर और निर्धारित मानकों के से अनुरूप तराई (क्योरिंग) नहीं किए  जाने से नई छत पर शुरुआती दरारें  दिखाई देने लगी हैं। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर को भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों कार का कहना है कि निर्माण स्थल परं ने कर्मचारी पानी लेकर तो पहुंचते हैं,  लेकिन छत पर पानी रोकने की  समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण  पानी तुरंत बह जाता है। ऐसे में कंक्रीट  की आवश्यक तराई नहीं हो पा रही है, तथा जिससे निर्माण की मजबूती प्रभावित  होने की आशंका जताई जा रही है।</p>
<p>करीब 45 दिनों से चल रहा निर्माण कार्य अब तक अधूरा है। इस बीच विद्यालय खुल जाने से स्कूली बच्चों सहित आमजन को प्रतिदिन आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बच्चे जोखिम उठाकर निर्माण स्थल से गुजरने को विवश हैं। वहीं मानसून की शुरुआत के साथ अधूरे निर्माण को लेकर लोगों की चिंता और बढ़ गई है। कस्बेवासी गजेन्द्र जांगिड़, नर्सिंग राठौर, सुरेश कुमार जैन, सुनील गोयल और मनोज शर्मा ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराने तथा कार्य में शीघ्रता लाने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते निर्माण पूरा होने से आमजन और स्कूली विद्यार्थियों को राहत मिलेगी तथा बरसात के दौरान संभावित परेशानियों से भी बचाव हो सकेगा।</p>
<p><strong>यह कहा अधिकारी ने</strong><br />ठेकेदार को छत की सही तरीके से तराई कराने के निर्देश दे दिए गए हैं। निर्माण कार्य में तेजी लाई जा रही है और इसी महीने नाले से आवागमन शुरू करा दिया जाएगा।<br /><strong>- चिराग, एईएन, पीडब्ल्यूडी </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/negligence-in-drain-construction--cracks-appear-on-the-new-roof-slab/article-158669</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/negligence-in-drain-construction--cracks-appear-on-the-new-roof-slab/article-158669</guid>
                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 15:11:45 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-07/05.gif"                         length="613152"                         type="image/gif"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बन्धया बालाजी क्षेत्र में नाली जाम : सड़क क्षतिग्रस्त, आवागमन हो रहा प्रभावित</title>
                                    <description><![CDATA[पेयजल योजना के लिए खोदी गई गौरव पथ सीसी सड़क खराब मरम्मत के कारण फिर उखड़ गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/drainage-clogged-and-road-damaged-in-the-bandhya-balaji-area--traffic-movement-affected/article-157576"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)-(7)8.png" alt=""></a><br /><p>अरनेठा। कस्बे के बंधया बालाजी मंदिर के पास नाली जाम होने और पुराना बाजार मार्ग पर गौरव पथ सीसी सड़क की खराब हालत को लेकर ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए शीघ्र समाधान की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर के समीप नाली में कचरा और गंदगी जमा होने से पानी की निकासी पूरी तरह बाधित हो गई है। इससे आसपास दुर्गंध फैल रही है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की आशंका बनी हुई है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो गई है, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।</p>
<p>इसी प्रकार पुराना बाजार मार्ग पर पेयजल योजना के तहत खोदी गई गौरव पथ सीसी सड़क की मरम्मत ठीक से नहीं होने से सड़क फिर से उखड़ गई है। जगह-जगह गड्ढे और उबड़-खाबड़ स्थिति के कारण राहगीरों व वाहन चालकों को आवागमन में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के दौरान दुर्घटना की संभावना भी बनी हुई है। ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन से मांग की है कि बंधया बालाजी क्षेत्र में नाली की तत्काल सफाई करवाई जाए तथा पुराना बाजार मार्ग की क्षतिग्रस्त सड़क का मरम्मत कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके और आवागमन सुचारू हो सके।</p>
<p><strong>प्रशासक की जुबानी</strong><br /> मामला मेरी जानकारी में आ कार्य करवा दिया जाएगा। गया हैं। अगले दो दिन के अंदर सफाई<br /><strong>- बजरंग लाल मेघवाल, प्रशासक, अरनेठा </strong></p>
<p><strong>यह कहा अधिकारी ने</strong><br /> मैं पुराने बाजार गौरव पथ का निरीक्षण कर लेती हूं। धरातल की स्थिति से उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया जाएगा।<br /><strong>- खुशबू मीणा, जेईएन केशोराय पाटन</strong></p>
<p> पुराने बाजार सीसी सड़क की जानकारी मंगवा लेते हैं। उसके बाद जो भी आवश्यक होगा उचित प्रयास किया जाएगा। आमजन एवं राहगीरों की किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने देंगे।<br /><strong>- अजय गहलोत, एईएन, पीएचडी विभाग, केशोराय पाटन</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/drainage-clogged-and-road-damaged-in-the-bandhya-balaji-area--traffic-movement-affected/article-157576</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/drainage-clogged-and-road-damaged-in-the-bandhya-balaji-area--traffic-movement-affected/article-157576</guid>
                <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 15:03:28 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/111200-x-600-px%29-%287%298.png"                         length="1809229"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हरिपुरा स्कूल में जलभराव समस्या पर शिक्षा विभाग सख्त, जानें पूरा मामला </title>
                                    <description><![CDATA[जलभराव से बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा दोनों प्रभावित होती हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/education-department-takes-a-firm-stand-on-the-waterlogging-issue-at-haripura-school/article-157569"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)-(6)9.png" alt=""></a><br /><p>नमाना रोड। दैनिक नवज्योति समाचार पत्र में 17-18 जून के अंक में प्रकाशित खबर के बाद राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय हरिपुरा में जलभराव की गंभीर समस्या को लेकर शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है। मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (CBEO), समग्र शिक्षा ब्लॉक बूंदी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की है। बूंदी-खटकड़ रोड पर स्थित इस विद्यालय में वर्तमान में लगभग 120 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। </p>
<p>बारिश के दिनों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने से बच्चों की पढ़ाई एवं सुरक्षा पर गंभीर संकट खड़ा हो जाता है। इसी को देखते हुए विभाग ने मानसून से पहले स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाए हैं। मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी प्रीति शर्मा ने राजस्थान राज्य सड़क विकास निगम (RSRDC) के सहायक अभियंता, सुरेन्द्र सिंह गुर्जर, बूंदी को आधिकारिक पत्र भेजकर समस्या के शीघ्र समाधान की मांग की गई है। </p>
<p>पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि मानसून शुरू होने से पूर्व जलभराव की समस्या का स्थायी निस्तारण किया जाए। विभाग ने सड़क विकास एजेंसी से आग्रह किया है कि बच्चों की सुरक्षा एवं शिक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए प्राथमिकता के आधार पर कार्यवाही की जाए, ताकि आगामी बारिश के मौसम में विद्यार्थियों और विद्यालय स्टाफ को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। शिक्षा विभाग की इस पहल को बच्चों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/education-department-takes-a-firm-stand-on-the-waterlogging-issue-at-haripura-school/article-157569</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/education-department-takes-a-firm-stand-on-the-waterlogging-issue-at-haripura-school/article-157569</guid>
                <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 15:00:38 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/111200-x-600-px%29-%286%299.png"                         length="1916404"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बरसात से पहले ही सड़कों का हुआ बुरा हाल, पानी भरने पर रहेगा हादसों का खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[कहीं गड्ढे हैं तो कहीं सड़कें खुदी पड़ी हैं, वहीं सीवरेज कार्य के बाद कई सड़कों की मरम्मत भी अधूरी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/roads-in-poor-condition-even-before-the-monsoon/article-157558"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)-(8)4.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। <strong>दृश्य एक:</strong> जयपुर गोल्डन से ज्वाला तोप की तरफ जाने वाले रास्ते पर सरोवर टॉकीज के सामने मंदिर के पीछे तालाब के सहारे की सड़क पर इतने अधिक गड्ढ़े हो रहे हैं कि वहां से निकलने वाले वाहन हिचकोले खा रहे हैं। विशेष रूप से दो पहिया वाहनों का यहां संतुलन बिगड़ रहा है। जिससे रोजाना कई वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं।</p>
<p><strong>दृश्य दो:</strong> एरोड्राम सर्किल पर अंरडपास के ऊपर की सड़क जो झालावाड़ हाइवे रोड है। यहां से दिनभर बड़ी संख्या में और तेजी से वाहन निकल रहे हैं। वह सड़क बीच से बदहाल हो रही है। जिससे वहां से गुजरने वाले वाहनों के गड्ढ़ों से बचकर निकलने के कारण कई बार वाहन आपस में टकरा रहे हैं। ऐसे में हादसे का खतरा बना हुआ है।</p>
<p><strong>दृश्य तीन:</strong> डीसीएम रोड स्थित इंद्रप्रस्थ औद्योगिक क्षेत्र में एक सड़क का बीच से काफी बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो रहा है। ऐसे में वहां से दो पहिया वाहन ही नहीं चार पहिया वाहनों तक को निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वाहन चालकों को इन गड्ढ़ों से बचकर निकलना पड़ रहा है।</p>
<p>ये तो उदाहरण मात्र हैं शहर की सड़कों के बदहाली को बताने के लिए। ऐसी कई अन्य सड़कें व मुख्य मार्ग हैं जहां बरसात से पहले ही सड़कों की हालत खराब हो रही है। कहीं गड्ढ़े हो रहे हैं तो कहीं सड़कें खुदी पड़ी है। कहीं सीवरेज के लिए खोदी गई सड़कों को सही ढंग से नहीं भरा गया। जिससे सड़कें बीच से धंस गई है। ऐसे में अभी ही उनसे हादसों का खतरा बना हुआ है। जबकि कुछ समय बाद बरसात शुरु होने वाली है। ऐसे में इन गड्ढों व टूटी सड़कों पर पानी भरने से उनका अंदाजा वाहन चालकों को नहीं होने पर इनसे गुजरने वाले वाहनों का संतुलन बिगडऩे पर हादसों का खतरा अधिक होने की संभावना है।</p>
<p><strong>हमेशा होती मरम्मत, फिर भी हालत खराब</strong><br />सरोवर टॉकीज के सामने मंदिर के पीछे वाली सड़क का छोटा सा हिस्सा पिछले कई सालों से बार-बार खराब हो रहा है। संबंधित विभाग द्वारा इसे हर बार सही भी कराया जाता है। लेकिन यह अधिक समय तक नहीं टिक पाता। कुछ समय बाद फिर से वही पुरानी हालत हो जाती है। गत वर्ष भी बरसात में यहां की सड़क खराब होने से इसमें पानी भरने पर वाहनों का संतुलन बिगड़ रहा था। लोगों की परेशानी को देखते हुए इसे सही भी करवा दिया था। लेकिन वर्तमान में फिर वही पुरानी जैसी हालत हो गई है। शुक्रवार को भी इस जगह पर कई वाहनों का संतुलन बिगड़ा। जिससे पीछे से आने वाले अन्य वाहनों को गति धीमी करनी पड़ी। वरना बड़ा हादसा हो सकता था। बरसात में यहां हादसों की संभावना अधिक है।</p>
<p><strong>सीवरेज के लिए खोदी सड़कों की हालत अधिक खराब</strong><br />शहर में डामर सड़क हो या सीसी अधिकतर की हालत खराब है। लेकिन विशेष रूप से सीवरेज के लिए बीच से खोदी गई सीसी सड़कों की हालत अधिक खराब है। हर सड़क बीच से खुदी हुई है। लाइन डालने के बाद उनकी मरम्मत तो की गई लेकिन सही ढ़ंग से नहीं होने से अधिकतर सड़कों की हालत खराब है। जिससे बरसात में पानी भरने पर वहां गड्ढ़े होने से हादसों का खतरा अधिक है। यह स्थिति किसी एक या दो जगह की नहीं वरन् पूरे शहर की है। फिर चाहे वह छावनी का क्षेत्र हो या धानमंडी का। नयापुरा का क्षेत्र हो या विज्ञान नगर का। विज्ञान नगर मुक्तिधाम से पीएफ ऑफिस के सामने से कॉमर्स कॉलेज तक की सड़क और विज्ञान नगर मुख्य मार्ग की सड़क, नयापुरा मुक्तिमार्ग की सड़क सभी जगह पर ऐसी स्थिति है कि दो पहिया वाहनों का चलना दूभर हो रहा है।</p>
<p><strong>नाले को व्यू कटर से ढका, सड़क बदहाल</strong><br />औद्योगिक क्षेत्र स्थित इंद्रा गांधी नगर में एसएफएस चौराहे से प्रेम नगर की तरफ जाने वाले रास्ते में नाले पर पुलिया बनी हुई है। हाल ही में नगर निगम की ओर से उस पुलिया पर दोनों तरफ दीवार खड़ी कर व्यू कटर लगा दिए। जिससे नाले की गंदगी नजर नहीं आए। लेकिन उस सड़क को सही नहीं किया गया। निगम सूत्रों का कहना है कि यह सड़क केडीए के अधीन है। ऐसे में उस सड़क पर इतने अधिक व बड़े-बड़े गड्ढ़ें हैं कि वहां जरा सी बरसात में ही पानी भर गया। जिससे वाहनों व पैदल ही लोगों को निकलने पर संतुलन बिगडऩे से हादसों का खतरा बना हुआ है। </p>
<p><strong>संबंधित विभाग सुधारे सड़कें</strong><br />छावनी निवासी ऐश्वर्य श्रृंगी का कहना है कि नगर निगम हो या केडीए। सड़कों को सही करना इनकी जिम्मेदारी है। कई सड़कें तो सीवरेज लाइनों के कारण खराब हुई है। जिन विभाग के अधीन जो सड़क आती है उसे सही करवानी चाहिए। वरना बरसात में ये सही होंगी नहीं। जिससे लोगों को महीनों तक परेशानी व हादसों का दंश झेलने को मजबूर होना पड़ेगा।</p>
<p>प्रेम नगर निवासी मुकेश जोनवाल का कहना है कि इंद्रा गांधी नगर के इस नाले की पुलिया से रोजाना बड़ी संख्या में लोग गुजरते हैं। यहां से कई निजी व सरकारी स्कूलों के ऑटो व वैन भीबच्चों को लेकर जाती है। अभी गर्मी की छुट्टी है जिससे बच्चों के वाहन तो नहीं आ-जा रहे। लेकिन स्थानीय लोग तो निकल ही रहे हैं। अभी से यह हालत है तो बरसात में हालत अधिक खराब होने से हादसों का खतरा बना हुआ है। नगर निगम या केडीए जिस भी विभाग के अधीन सड़क आती है उन्हें बरसात से पहले सही करवाना चाहिए।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />समय-समय पर सड़कों की मरम्मत करवाई जाती है। सीवरेज लाइन डालने के बाद उस सड़क को सही करने की जिम्मेदारी संबंधित संवेदक फर्म की रहती है। फिर भी यदि कहीं सड़कों पर गड्ढ़े हैं तो उनका पता करवाकर सही करवाया जाएगा।<br /><strong>- मुकेश कुमार चौधरी, सचिव कोटा विकास प्राधिकरण </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/roads-in-poor-condition-even-before-the-monsoon/article-157558</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/roads-in-poor-condition-even-before-the-monsoon/article-157558</guid>
                <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 14:59:02 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/111200-x-600-px%29-%288%294.png"                         length="1245615"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बरसात में बाधक बनेगा नाले में पत्थरों का पहाड़, स्थानीय लोगों की बढ़ी चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[दादाबाड़ी से जवाहर नगर तक कई इलाकों में भरेगा बरसाती पानी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/a-mountain-of-stones-in-the-drain-will-become-an-obstacle-during-the-rainy-season/article-154046"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(3)35.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम की ओर से बरसात में नाले से पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था के लिए बनाई जा रही चैनल ही परेशानी का कारण बन सकती है। चैनल के लिए नाले में खोदे गए पत्थरों का इतना अधिक पहाड़ जमा हो गया है कि वह बरसात में नाले के पानी की निकासी में बाधक बन सकता है। नगर निगम कोटा दक्षिण की ओर से तत्कालीन बोर्ड के समय में ही बसंत विहार से ज्योति मंदिर होते हुए धोकड़े वाले हनुमानजी मंदिर के पीछे दादाबाड़ी तक नाले में ड्राई वैदर चैनल बनाने का काम शुरु किया गया था। हालांकि यह काम काफी लम्बा हो गया है। </p>
<p>बसंत विहार से ज्योति मंदिर तक नाले में चैनल तो बना दी गई है। साथ ही नाले में आरसीसी की बैड भी बनाई जा रही है। यह बैड कुछ ही हिस्से में बन सकी। उसके आगे नाले की खुदाई कर पत्थरों को निकाला जा रहा था। लेकिन पत्थर इतनी अधिक मात्रा में एकत्र हो गए कि उन्हें हटाए बिना न तो काम आगे बढ़ पा रहा है और न ही काम पूरा हो पा रहा ह। अधरझूल में काम अटकने से जिस मकसद से यह काम शुरु किया गया था वह भी पूरा होता नहीं दिख रहा है। वरन् बरसात आने पर जब नाले में पानी का बहाव आएगा तो उसे निकलने की जगह ही नहीं मिलेगी। पत्थरों का पहाड़ इसमें बाधक बनेगा। जिससे वह पानी बसंत विहार,ई दादाबाड़ी, बालाकुंड, केशवपुरा व जवाहर नगर समेत आस-पास के क्षेत्रों में पानी भरने की संभावना है। जिससे स्थानीय लोगों व व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। वहीं केशवपुरा से दादाबाड़ी के बीच के मुख्य मार्ग पर भी भरने की संभावना है। जिससे यातायात भी बाधित हो सकता है।</p>
<p><strong>यह था मकसद</strong><br />नगर निगम कोटा दक्षिण के तत्कालीन महापौर राजीव अग्रवाल के समय में इस बरसाती नाले का काम शुरु किया गया था। उस समय प्रयास था कि बरसात के समय तो नाले में पूरे बहाव के साथ पानी निकल सके। साथ ही सालभर इस चैनल के माध्यम से पानी बहता रहे। वहीं बरसात के बाद इस नाले में की गई सीसी बैड का उपयोग पार्किंग, वेंडिग जोन, प्ले जोन व वॉकिंग के रूप में किया जा सके।लेकिन हालत यह है कि बोर्ड का कार्यकाल समाप्त हुए 6 माह का समय हो चुका है। न तो यह काम पूरा हुआ और न ही अभी तक मसकद पूरा होता दिख रहा है।</p>
<p><strong>स्थानीय लोगों की बढ़ी चिंता</strong><br />दादाबाड़ी नाले में करीब 6 माह से लगे पलतथरों के पहाड़ को देखकर दादाबाड़ी व जवाहर नगर समेत कई क्षेत्रों के लोगों को चिंताएं बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि नगर निगम इन पत्थरों को हटाने के लिए अभी तक कुछ नहीं कर पाया है। इससे तो पहले वाला नाला ही सही था। जानकारों के अनुसार स्थानीय लोगों ने गत दिनों लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर इस पर चिंता जातते हुए इन पत्थरों को हटवाकर नाले की सफाई करवाने की गुहार भी लगाई थी। लोगों को चिंता है कि यदि ये पत्थर नहीं हटे इस क्षेत्र में आने वाला पानी उनके क्षेत्र में भरकर परेशानी पैदा कर सकता है।</p>
<p><strong>अधिकारियों को करना चाहिए प्रयास</strong><br />पूर्व महापौर राजीव अग्रवाल का कहना है कि नाले का काम तो काफी समय से चल रहा था। लेकिन नाले के पत्थर खुदाई का काम नवम्बर में शुरु किया गया था। कुछ समय बाद ही बोर्ड का कार्यकाल समाप्त हो गया। जब तक बोर्ड था तब तक तो इसकी मॉनिटरिंग होती रही। लेकिन उसके बाद अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। जबकि पत्थर खुदाई के बाद उसे वहां से हटवाना निगम का काम था। उन्होंने बताया कि निगम अधिकारी बरसात से पहले इन पत्थरों को यहां से हटवाकर अन्य स्थान पर डलवाकर वहां से इनकी नीलामी करवा सकते हैं। लेकिन इसी जगह पर पड़े पत्थरों की नीलामी करने में माइनिंग समेत अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जिससे बरसात का समय आने तक यदि पत्थरों को नहीं हटाया गया तो सुविधा के लिए किया जा रहा काम लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।</p>
<p><strong>ऑनलाइन नीलामी प्रक्रिया शुरु</strong><br />नगर निगम के अधिशाषी अभियंता ए.क्यू कुरैशी का कहना है कि पत्थरों की नीलामी के प्रयास तो काफी समय से किए जा रहे हैं। लेकिन कई कारणों से नीलामी नहीं हो सकी थी। मॉइनिंग विभाग द्वारा पत्थरों की नालामी से रॉयल्टी की डिमांड को मान लिया गया है। साथ ही ऑनलाइन नीलामी की प्रक्रिया शुरु हो गई है। दो दिन में इसके लिए आवेदन करना है। उसके बाद नीलामी की जाए$गी। अधिक बोली दाता को कार्यादेश देकर शीघ्र ही इन पत्थरों को हटाने के लिए कहा जाएगा। इस माह के अंत तक यह काम पूरा होने की संभावना है। जिससे बरसात से पहले नाले की सफाई की जा सकेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/a-mountain-of-stones-in-the-drain-will-become-an-obstacle-during-the-rainy-season/article-154046</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/a-mountain-of-stones-in-the-drain-will-become-an-obstacle-during-the-rainy-season/article-154046</guid>
                <pubDate>Sat, 16 May 2026 15:02:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/1111200-x-600-px%29-%283%2935.png"                         length="2048388"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - नाले पर सुरक्षा दीवार निर्माण शुरू, क्षेत्रीय जनता में खुशी</title>
                                    <description><![CDATA[हादसे पर लगेगा विराम, लगभग एक साल बाद विभाग चेता ।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/impact-of-news---construction-of-safety-wall-over-drain-begins--local-residents-rejoice/article-146679"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)-(1)21.png" alt=""></a><br /><p>नमाना रोड। स्टेट हाईवे-29 पर स्थित खतरनाक नाले पर सुरक्षा दीवार निर्माण की मांग को लेकर प्रकाशित खबर का प्रभाव देखने को मिला है। 26 अप्रेल 2025 के अंक में पेज 14 पर प्रकाशित समाचार प्रकाशित होने के बाद संबंधित विभाग हरकत में आया और नाले के किनारे सुरक्षा दीवार का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। इससे क्षेत्रीय वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। जानकारी के अनुसार इस मार्ग पर लंबे समय से सुरक्षा दीवार नहीं होने के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ था। बरसात के दिनों में नाले में गहरी खाई में पानी भर जाता था और पहाड़ों से आने वाला तेज बहाव सड़क के ऊपर दो से तीन फीट तक बहता था। ऐसे में वाहन चालकों को नाले की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता था और हादसों की आशंका बनी रहती थी।</p>
<p>समाचार प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। विभागीय अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और तत्काल प्रभाव से सुरक्षा दीवार निर्माण के निर्देश दिए। इसके बाद अब निर्माण कार्य तेजी से शुरू कर दिया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुरक्षा दीवार बनने से इस मार्ग पर होने वाले संभावित हादसों पर रोक लगेगी और यातायात अधिक सुरक्षित हो सकेगा। क्षेत्रीय निवासियों और वाहन चालकों ने समस्या को प्रमुखता से उठाने के लिए समाचार पत्र का आभार जताया है और विभाग द्वारा शीघ्र कार्रवाई करते हुए निर्माण कार्य शुरू कराने पर संतोष व्यक्त किया है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/impact-of-news---construction-of-safety-wall-over-drain-begins--local-residents-rejoice/article-146679</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/impact-of-news---construction-of-safety-wall-over-drain-begins--local-residents-rejoice/article-146679</guid>
                <pubDate>Mon, 16 Mar 2026 14:51:40 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/1200-x-60-px%29-%281%2921.png"                         length="1325780"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Weather Update : प्रदेश में फिर बारिश के आसार, धीरे-धीरे कम होगा सर्दी का असर  </title>
                                    <description><![CDATA[मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि राजस्थान में अगले सप्ताह एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिससे हल्की बारिश की संभावना है। पिछले 24 घंटे में सभी जिलों में बादल छाए और ठंडी हवा चली। 15 फरवरी के बाद सर्दी का असर कम होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/weather-update-there-are-chances-of-rain-again-in-the/article-143041"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(12200-x-600-px)-(4)9.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में एक बार फिर मौसम में बदलाव हो सकता है। ऐसे में फिर से बारिश हो सकती है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक राज्य में अगले सप्ताह एक पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव हो सकता है। इससे हल्की बारिश होने की संभावना है।</p>
<p><strong>बादल छाए, ठंडी हवा चली : </strong></p>
<p>पिछले 24 घंटे में सभी जिलों में आसमान में हल्के बादल छाए। मौसम विशेषज्ञों ने बताया- एक वेस्टर्न डिर्स्टबेंस के असर से ये बादल छाए, लेकिन सिस्टम कमजोर होने और ह्यूमिडिटी का असर होने से बारिश नहीं हो रही है।<br />मौसम केन्द्र जयपुर ने राज्य में अगले दो सप्ताह का पूर्वानुमान जारी किया है। इसमें अगले सप्ताह यानी 18 फरवरी बाद प्रदेश के मौसम में बदलाव होने की संभावना जताई है। इस दौरान एक वेस्टर्न डिर्स्टबेंस के असर से राज्य में कहीं-कहीं बादल छाने के साथ हल्की बारिश होने की संभावना जताई है। वहीं सर्दी का पूर्वानुमान जारी करते हुए 15 फरवरी के बाद प्रदेश में सर्दी का असर और कम होने और अधिकतम-न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज होने की संभावना है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/weather-update-there-are-chances-of-rain-again-in-the/article-143041</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/weather-update-there-are-chances-of-rain-again-in-the/article-143041</guid>
                <pubDate>Fri, 13 Feb 2026 19:00:44 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/%2812200-x-600-px%29-%284%299.png"                         length="457044"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        