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                <title>Rainy Season - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Rainy Season RSS Feed</description>
                
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                <title>बन्धया बालाजी क्षेत्र में नाली जाम : सड़क क्षतिग्रस्त, आवागमन हो रहा प्रभावित</title>
                                    <description><![CDATA[पेयजल योजना के लिए खोदी गई गौरव पथ सीसी सड़क खराब मरम्मत के कारण फिर उखड़ गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/drainage-clogged-and-road-damaged-in-the-bandhya-balaji-area--traffic-movement-affected/article-157576"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)-(7)8.png" alt=""></a><br /><p>अरनेठा। कस्बे के बंधया बालाजी मंदिर के पास नाली जाम होने और पुराना बाजार मार्ग पर गौरव पथ सीसी सड़क की खराब हालत को लेकर ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए शीघ्र समाधान की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर के समीप नाली में कचरा और गंदगी जमा होने से पानी की निकासी पूरी तरह बाधित हो गई है। इससे आसपास दुर्गंध फैल रही है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की आशंका बनी हुई है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो गई है, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।</p>
<p>इसी प्रकार पुराना बाजार मार्ग पर पेयजल योजना के तहत खोदी गई गौरव पथ सीसी सड़क की मरम्मत ठीक से नहीं होने से सड़क फिर से उखड़ गई है। जगह-जगह गड्ढे और उबड़-खाबड़ स्थिति के कारण राहगीरों व वाहन चालकों को आवागमन में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के दौरान दुर्घटना की संभावना भी बनी हुई है। ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन से मांग की है कि बंधया बालाजी क्षेत्र में नाली की तत्काल सफाई करवाई जाए तथा पुराना बाजार मार्ग की क्षतिग्रस्त सड़क का मरम्मत कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके और आवागमन सुचारू हो सके।</p>
<p><strong>प्रशासक की जुबानी</strong><br /> मामला मेरी जानकारी में आ कार्य करवा दिया जाएगा। गया हैं। अगले दो दिन के अंदर सफाई<br /><strong>- बजरंग लाल मेघवाल, प्रशासक, अरनेठा </strong></p>
<p><strong>यह कहा अधिकारी ने</strong><br /> मैं पुराने बाजार गौरव पथ का निरीक्षण कर लेती हूं। धरातल की स्थिति से उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया जाएगा।<br /><strong>- खुशबू मीणा, जेईएन केशोराय पाटन</strong></p>
<p> पुराने बाजार सीसी सड़क की जानकारी मंगवा लेते हैं। उसके बाद जो भी आवश्यक होगा उचित प्रयास किया जाएगा। आमजन एवं राहगीरों की किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने देंगे।<br /><strong>- अजय गहलोत, एईएन, पीएचडी विभाग, केशोराय पाटन</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 15:03:28 +0530</pubDate>
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                <title>हरिपुरा स्कूल में जलभराव समस्या पर शिक्षा विभाग सख्त, जानें पूरा मामला </title>
                                    <description><![CDATA[जलभराव से बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा दोनों प्रभावित होती हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/education-department-takes-a-firm-stand-on-the-waterlogging-issue-at-haripura-school/article-157569"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)-(6)9.png" alt=""></a><br /><p>नमाना रोड। दैनिक नवज्योति समाचार पत्र में 17-18 जून के अंक में प्रकाशित खबर के बाद राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय हरिपुरा में जलभराव की गंभीर समस्या को लेकर शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है। मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (CBEO), समग्र शिक्षा ब्लॉक बूंदी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की है। बूंदी-खटकड़ रोड पर स्थित इस विद्यालय में वर्तमान में लगभग 120 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। </p>
<p>बारिश के दिनों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने से बच्चों की पढ़ाई एवं सुरक्षा पर गंभीर संकट खड़ा हो जाता है। इसी को देखते हुए विभाग ने मानसून से पहले स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाए हैं। मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी प्रीति शर्मा ने राजस्थान राज्य सड़क विकास निगम (RSRDC) के सहायक अभियंता, सुरेन्द्र सिंह गुर्जर, बूंदी को आधिकारिक पत्र भेजकर समस्या के शीघ्र समाधान की मांग की गई है। </p>
<p>पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि मानसून शुरू होने से पूर्व जलभराव की समस्या का स्थायी निस्तारण किया जाए। विभाग ने सड़क विकास एजेंसी से आग्रह किया है कि बच्चों की सुरक्षा एवं शिक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए प्राथमिकता के आधार पर कार्यवाही की जाए, ताकि आगामी बारिश के मौसम में विद्यार्थियों और विद्यालय स्टाफ को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। शिक्षा विभाग की इस पहल को बच्चों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 15:00:38 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>बरसात से पहले ही सड़कों का हुआ बुरा हाल, पानी भरने पर रहेगा हादसों का खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[कहीं गड्ढे हैं तो कहीं सड़कें खुदी पड़ी हैं, वहीं सीवरेज कार्य के बाद कई सड़कों की मरम्मत भी अधूरी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/roads-in-poor-condition-even-before-the-monsoon/article-157558"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)-(8)4.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। <strong>दृश्य एक:</strong> जयपुर गोल्डन से ज्वाला तोप की तरफ जाने वाले रास्ते पर सरोवर टॉकीज के सामने मंदिर के पीछे तालाब के सहारे की सड़क पर इतने अधिक गड्ढ़े हो रहे हैं कि वहां से निकलने वाले वाहन हिचकोले खा रहे हैं। विशेष रूप से दो पहिया वाहनों का यहां संतुलन बिगड़ रहा है। जिससे रोजाना कई वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं।</p>
<p><strong>दृश्य दो:</strong> एरोड्राम सर्किल पर अंरडपास के ऊपर की सड़क जो झालावाड़ हाइवे रोड है। यहां से दिनभर बड़ी संख्या में और तेजी से वाहन निकल रहे हैं। वह सड़क बीच से बदहाल हो रही है। जिससे वहां से गुजरने वाले वाहनों के गड्ढ़ों से बचकर निकलने के कारण कई बार वाहन आपस में टकरा रहे हैं। ऐसे में हादसे का खतरा बना हुआ है।</p>
<p><strong>दृश्य तीन:</strong> डीसीएम रोड स्थित इंद्रप्रस्थ औद्योगिक क्षेत्र में एक सड़क का बीच से काफी बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो रहा है। ऐसे में वहां से दो पहिया वाहन ही नहीं चार पहिया वाहनों तक को निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वाहन चालकों को इन गड्ढ़ों से बचकर निकलना पड़ रहा है।</p>
<p>ये तो उदाहरण मात्र हैं शहर की सड़कों के बदहाली को बताने के लिए। ऐसी कई अन्य सड़कें व मुख्य मार्ग हैं जहां बरसात से पहले ही सड़कों की हालत खराब हो रही है। कहीं गड्ढ़े हो रहे हैं तो कहीं सड़कें खुदी पड़ी है। कहीं सीवरेज के लिए खोदी गई सड़कों को सही ढंग से नहीं भरा गया। जिससे सड़कें बीच से धंस गई है। ऐसे में अभी ही उनसे हादसों का खतरा बना हुआ है। जबकि कुछ समय बाद बरसात शुरु होने वाली है। ऐसे में इन गड्ढों व टूटी सड़कों पर पानी भरने से उनका अंदाजा वाहन चालकों को नहीं होने पर इनसे गुजरने वाले वाहनों का संतुलन बिगडऩे पर हादसों का खतरा अधिक होने की संभावना है।</p>
<p><strong>हमेशा होती मरम्मत, फिर भी हालत खराब</strong><br />सरोवर टॉकीज के सामने मंदिर के पीछे वाली सड़क का छोटा सा हिस्सा पिछले कई सालों से बार-बार खराब हो रहा है। संबंधित विभाग द्वारा इसे हर बार सही भी कराया जाता है। लेकिन यह अधिक समय तक नहीं टिक पाता। कुछ समय बाद फिर से वही पुरानी हालत हो जाती है। गत वर्ष भी बरसात में यहां की सड़क खराब होने से इसमें पानी भरने पर वाहनों का संतुलन बिगड़ रहा था। लोगों की परेशानी को देखते हुए इसे सही भी करवा दिया था। लेकिन वर्तमान में फिर वही पुरानी जैसी हालत हो गई है। शुक्रवार को भी इस जगह पर कई वाहनों का संतुलन बिगड़ा। जिससे पीछे से आने वाले अन्य वाहनों को गति धीमी करनी पड़ी। वरना बड़ा हादसा हो सकता था। बरसात में यहां हादसों की संभावना अधिक है।</p>
<p><strong>सीवरेज के लिए खोदी सड़कों की हालत अधिक खराब</strong><br />शहर में डामर सड़क हो या सीसी अधिकतर की हालत खराब है। लेकिन विशेष रूप से सीवरेज के लिए बीच से खोदी गई सीसी सड़कों की हालत अधिक खराब है। हर सड़क बीच से खुदी हुई है। लाइन डालने के बाद उनकी मरम्मत तो की गई लेकिन सही ढ़ंग से नहीं होने से अधिकतर सड़कों की हालत खराब है। जिससे बरसात में पानी भरने पर वहां गड्ढ़े होने से हादसों का खतरा अधिक है। यह स्थिति किसी एक या दो जगह की नहीं वरन् पूरे शहर की है। फिर चाहे वह छावनी का क्षेत्र हो या धानमंडी का। नयापुरा का क्षेत्र हो या विज्ञान नगर का। विज्ञान नगर मुक्तिधाम से पीएफ ऑफिस के सामने से कॉमर्स कॉलेज तक की सड़क और विज्ञान नगर मुख्य मार्ग की सड़क, नयापुरा मुक्तिमार्ग की सड़क सभी जगह पर ऐसी स्थिति है कि दो पहिया वाहनों का चलना दूभर हो रहा है।</p>
<p><strong>नाले को व्यू कटर से ढका, सड़क बदहाल</strong><br />औद्योगिक क्षेत्र स्थित इंद्रा गांधी नगर में एसएफएस चौराहे से प्रेम नगर की तरफ जाने वाले रास्ते में नाले पर पुलिया बनी हुई है। हाल ही में नगर निगम की ओर से उस पुलिया पर दोनों तरफ दीवार खड़ी कर व्यू कटर लगा दिए। जिससे नाले की गंदगी नजर नहीं आए। लेकिन उस सड़क को सही नहीं किया गया। निगम सूत्रों का कहना है कि यह सड़क केडीए के अधीन है। ऐसे में उस सड़क पर इतने अधिक व बड़े-बड़े गड्ढ़ें हैं कि वहां जरा सी बरसात में ही पानी भर गया। जिससे वाहनों व पैदल ही लोगों को निकलने पर संतुलन बिगडऩे से हादसों का खतरा बना हुआ है। </p>
<p><strong>संबंधित विभाग सुधारे सड़कें</strong><br />छावनी निवासी ऐश्वर्य श्रृंगी का कहना है कि नगर निगम हो या केडीए। सड़कों को सही करना इनकी जिम्मेदारी है। कई सड़कें तो सीवरेज लाइनों के कारण खराब हुई है। जिन विभाग के अधीन जो सड़क आती है उसे सही करवानी चाहिए। वरना बरसात में ये सही होंगी नहीं। जिससे लोगों को महीनों तक परेशानी व हादसों का दंश झेलने को मजबूर होना पड़ेगा।</p>
<p>प्रेम नगर निवासी मुकेश जोनवाल का कहना है कि इंद्रा गांधी नगर के इस नाले की पुलिया से रोजाना बड़ी संख्या में लोग गुजरते हैं। यहां से कई निजी व सरकारी स्कूलों के ऑटो व वैन भीबच्चों को लेकर जाती है। अभी गर्मी की छुट्टी है जिससे बच्चों के वाहन तो नहीं आ-जा रहे। लेकिन स्थानीय लोग तो निकल ही रहे हैं। अभी से यह हालत है तो बरसात में हालत अधिक खराब होने से हादसों का खतरा बना हुआ है। नगर निगम या केडीए जिस भी विभाग के अधीन सड़क आती है उन्हें बरसात से पहले सही करवाना चाहिए।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />समय-समय पर सड़कों की मरम्मत करवाई जाती है। सीवरेज लाइन डालने के बाद उस सड़क को सही करने की जिम्मेदारी संबंधित संवेदक फर्म की रहती है। फिर भी यदि कहीं सड़कों पर गड्ढ़े हैं तो उनका पता करवाकर सही करवाया जाएगा।<br /><strong>- मुकेश कुमार चौधरी, सचिव कोटा विकास प्राधिकरण </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 14:59:02 +0530</pubDate>
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                <title>बरसात में बाधक बनेगा नाले में पत्थरों का पहाड़, स्थानीय लोगों की बढ़ी चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[दादाबाड़ी से जवाहर नगर तक कई इलाकों में भरेगा बरसाती पानी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/a-mountain-of-stones-in-the-drain-will-become-an-obstacle-during-the-rainy-season/article-154046"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(3)35.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम की ओर से बरसात में नाले से पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था के लिए बनाई जा रही चैनल ही परेशानी का कारण बन सकती है। चैनल के लिए नाले में खोदे गए पत्थरों का इतना अधिक पहाड़ जमा हो गया है कि वह बरसात में नाले के पानी की निकासी में बाधक बन सकता है। नगर निगम कोटा दक्षिण की ओर से तत्कालीन बोर्ड के समय में ही बसंत विहार से ज्योति मंदिर होते हुए धोकड़े वाले हनुमानजी मंदिर के पीछे दादाबाड़ी तक नाले में ड्राई वैदर चैनल बनाने का काम शुरु किया गया था। हालांकि यह काम काफी लम्बा हो गया है। </p>
<p>बसंत विहार से ज्योति मंदिर तक नाले में चैनल तो बना दी गई है। साथ ही नाले में आरसीसी की बैड भी बनाई जा रही है। यह बैड कुछ ही हिस्से में बन सकी। उसके आगे नाले की खुदाई कर पत्थरों को निकाला जा रहा था। लेकिन पत्थर इतनी अधिक मात्रा में एकत्र हो गए कि उन्हें हटाए बिना न तो काम आगे बढ़ पा रहा है और न ही काम पूरा हो पा रहा ह। अधरझूल में काम अटकने से जिस मकसद से यह काम शुरु किया गया था वह भी पूरा होता नहीं दिख रहा है। वरन् बरसात आने पर जब नाले में पानी का बहाव आएगा तो उसे निकलने की जगह ही नहीं मिलेगी। पत्थरों का पहाड़ इसमें बाधक बनेगा। जिससे वह पानी बसंत विहार,ई दादाबाड़ी, बालाकुंड, केशवपुरा व जवाहर नगर समेत आस-पास के क्षेत्रों में पानी भरने की संभावना है। जिससे स्थानीय लोगों व व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। वहीं केशवपुरा से दादाबाड़ी के बीच के मुख्य मार्ग पर भी भरने की संभावना है। जिससे यातायात भी बाधित हो सकता है।</p>
<p><strong>यह था मकसद</strong><br />नगर निगम कोटा दक्षिण के तत्कालीन महापौर राजीव अग्रवाल के समय में इस बरसाती नाले का काम शुरु किया गया था। उस समय प्रयास था कि बरसात के समय तो नाले में पूरे बहाव के साथ पानी निकल सके। साथ ही सालभर इस चैनल के माध्यम से पानी बहता रहे। वहीं बरसात के बाद इस नाले में की गई सीसी बैड का उपयोग पार्किंग, वेंडिग जोन, प्ले जोन व वॉकिंग के रूप में किया जा सके।लेकिन हालत यह है कि बोर्ड का कार्यकाल समाप्त हुए 6 माह का समय हो चुका है। न तो यह काम पूरा हुआ और न ही अभी तक मसकद पूरा होता दिख रहा है।</p>
<p><strong>स्थानीय लोगों की बढ़ी चिंता</strong><br />दादाबाड़ी नाले में करीब 6 माह से लगे पलतथरों के पहाड़ को देखकर दादाबाड़ी व जवाहर नगर समेत कई क्षेत्रों के लोगों को चिंताएं बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि नगर निगम इन पत्थरों को हटाने के लिए अभी तक कुछ नहीं कर पाया है। इससे तो पहले वाला नाला ही सही था। जानकारों के अनुसार स्थानीय लोगों ने गत दिनों लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर इस पर चिंता जातते हुए इन पत्थरों को हटवाकर नाले की सफाई करवाने की गुहार भी लगाई थी। लोगों को चिंता है कि यदि ये पत्थर नहीं हटे इस क्षेत्र में आने वाला पानी उनके क्षेत्र में भरकर परेशानी पैदा कर सकता है।</p>
<p><strong>अधिकारियों को करना चाहिए प्रयास</strong><br />पूर्व महापौर राजीव अग्रवाल का कहना है कि नाले का काम तो काफी समय से चल रहा था। लेकिन नाले के पत्थर खुदाई का काम नवम्बर में शुरु किया गया था। कुछ समय बाद ही बोर्ड का कार्यकाल समाप्त हो गया। जब तक बोर्ड था तब तक तो इसकी मॉनिटरिंग होती रही। लेकिन उसके बाद अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। जबकि पत्थर खुदाई के बाद उसे वहां से हटवाना निगम का काम था। उन्होंने बताया कि निगम अधिकारी बरसात से पहले इन पत्थरों को यहां से हटवाकर अन्य स्थान पर डलवाकर वहां से इनकी नीलामी करवा सकते हैं। लेकिन इसी जगह पर पड़े पत्थरों की नीलामी करने में माइनिंग समेत अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जिससे बरसात का समय आने तक यदि पत्थरों को नहीं हटाया गया तो सुविधा के लिए किया जा रहा काम लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।</p>
<p><strong>ऑनलाइन नीलामी प्रक्रिया शुरु</strong><br />नगर निगम के अधिशाषी अभियंता ए.क्यू कुरैशी का कहना है कि पत्थरों की नीलामी के प्रयास तो काफी समय से किए जा रहे हैं। लेकिन कई कारणों से नीलामी नहीं हो सकी थी। मॉइनिंग विभाग द्वारा पत्थरों की नालामी से रॉयल्टी की डिमांड को मान लिया गया है। साथ ही ऑनलाइन नीलामी की प्रक्रिया शुरु हो गई है। दो दिन में इसके लिए आवेदन करना है। उसके बाद नीलामी की जाए$गी। अधिक बोली दाता को कार्यादेश देकर शीघ्र ही इन पत्थरों को हटाने के लिए कहा जाएगा। इस माह के अंत तक यह काम पूरा होने की संभावना है। जिससे बरसात से पहले नाले की सफाई की जा सकेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 May 2026 15:02:14 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - नाले पर सुरक्षा दीवार निर्माण शुरू, क्षेत्रीय जनता में खुशी</title>
                                    <description><![CDATA[हादसे पर लगेगा विराम, लगभग एक साल बाद विभाग चेता ।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/impact-of-news---construction-of-safety-wall-over-drain-begins--local-residents-rejoice/article-146679"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)-(1)21.png" alt=""></a><br /><p>नमाना रोड। स्टेट हाईवे-29 पर स्थित खतरनाक नाले पर सुरक्षा दीवार निर्माण की मांग को लेकर प्रकाशित खबर का प्रभाव देखने को मिला है। 26 अप्रेल 2025 के अंक में पेज 14 पर प्रकाशित समाचार प्रकाशित होने के बाद संबंधित विभाग हरकत में आया और नाले के किनारे सुरक्षा दीवार का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। इससे क्षेत्रीय वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। जानकारी के अनुसार इस मार्ग पर लंबे समय से सुरक्षा दीवार नहीं होने के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ था। बरसात के दिनों में नाले में गहरी खाई में पानी भर जाता था और पहाड़ों से आने वाला तेज बहाव सड़क के ऊपर दो से तीन फीट तक बहता था। ऐसे में वाहन चालकों को नाले की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता था और हादसों की आशंका बनी रहती थी।</p>
<p>समाचार प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। विभागीय अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और तत्काल प्रभाव से सुरक्षा दीवार निर्माण के निर्देश दिए। इसके बाद अब निर्माण कार्य तेजी से शुरू कर दिया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुरक्षा दीवार बनने से इस मार्ग पर होने वाले संभावित हादसों पर रोक लगेगी और यातायात अधिक सुरक्षित हो सकेगा। क्षेत्रीय निवासियों और वाहन चालकों ने समस्या को प्रमुखता से उठाने के लिए समाचार पत्र का आभार जताया है और विभाग द्वारा शीघ्र कार्रवाई करते हुए निर्माण कार्य शुरू कराने पर संतोष व्यक्त किया है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Mar 2026 14:51:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Weather Update : प्रदेश में फिर बारिश के आसार, धीरे-धीरे कम होगा सर्दी का असर  </title>
                                    <description><![CDATA[मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि राजस्थान में अगले सप्ताह एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिससे हल्की बारिश की संभावना है। पिछले 24 घंटे में सभी जिलों में बादल छाए और ठंडी हवा चली। 15 फरवरी के बाद सर्दी का असर कम होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/weather-update-there-are-chances-of-rain-again-in-the/article-143041"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(12200-x-600-px)-(4)9.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में एक बार फिर मौसम में बदलाव हो सकता है। ऐसे में फिर से बारिश हो सकती है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक राज्य में अगले सप्ताह एक पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव हो सकता है। इससे हल्की बारिश होने की संभावना है।</p>
<p><strong>बादल छाए, ठंडी हवा चली : </strong></p>
<p>पिछले 24 घंटे में सभी जिलों में आसमान में हल्के बादल छाए। मौसम विशेषज्ञों ने बताया- एक वेस्टर्न डिर्स्टबेंस के असर से ये बादल छाए, लेकिन सिस्टम कमजोर होने और ह्यूमिडिटी का असर होने से बारिश नहीं हो रही है।<br />मौसम केन्द्र जयपुर ने राज्य में अगले दो सप्ताह का पूर्वानुमान जारी किया है। इसमें अगले सप्ताह यानी 18 फरवरी बाद प्रदेश के मौसम में बदलाव होने की संभावना जताई है। इस दौरान एक वेस्टर्न डिर्स्टबेंस के असर से राज्य में कहीं-कहीं बादल छाने के साथ हल्की बारिश होने की संभावना जताई है। वहीं सर्दी का पूर्वानुमान जारी करते हुए 15 फरवरी के बाद प्रदेश में सर्दी का असर और कम होने और अधिकतम-न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज होने की संभावना है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Feb 2026 19:00:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सातलखेड़ी में खुले नाले बने हादसों की वजह, जानें पूरा मामला </title>
                                    <description><![CDATA[ बरसात  में नाले पानी से भर जाते हैं जिससे जोखिम और बढ़ जाता है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/open-drains-in-satalkhedi-become-a-cause-of-accidents/article-142476"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(1200-x-600-px)-(2)19.png" alt=""></a><br /><p>सातलखेड़ी। कस्बे में करीब एक वर्ष पूर्व बनाई गई सड़क अब आमजन के लिए सुविधा कम और परेशानी का कारण अधिक बनती जा रही है। सड़क निर्माण के दौरान पानी निकासी के लिए किनारे नालों का निर्माण तो किया गया। लेकिन उन पर आज तक ढक्कन नहीं लगाए गए। खुले नालों के कारण आए दिन हादसों की आशंका बनी रहती है, जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।</p>
<p>ग्रामीणों का कहना है कि नालों के खुले होने से राहगीरों, बच्चों एवं मवेशियों को हमेशा दुर्घटना का खतरा बना रहता है। बरसात के मौसम में नाले पानी से भर जाते हैं और दिखाई नहीं देते, जिससे जोखिम और बढ़ जाता है। इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभाग एवं प्रशासन को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। इसी लापरवाही का परिणाम शुक्रवार को उस समय सामने आया, जब एक सांड अचानक खुले नाले में गिर गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। </p>
<p><strong>सांड को निकाला सुरक्षित बाहर</strong><br />सूचना मिलते ही युवा शक्ति गौ सेवा समिति के कार्यकर्ता एवं ग्रामीण मौके पर पहुंचे और सांड को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। नाला गहरा होने और ढक्कन नहीं होने के कारण रेस्क्यू में काफी मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन सामूहिक प्रयास से सांड को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।</p>
<p><strong> ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ नाराजगी</strong><br />घटना के बाद ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते नालों पर ढक्कन लगाए जाते तो इस तरह की घटनाएं नहीं होतीं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही नालों को ढकने एवं सड़क किनारे सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए तो बड़ा हादसा हो सकता है।</p>
<p>सड़क पर कई स्थानों पर नाले खुले पड़े हैं, जिनमें मवेशी गिरते रहते हैं और उन्हें निकालने में काफी परेशानी होती है। प्रशासन से नालों को पूरी का तरह ढकने की मांग की है।<br /><strong>- अजय वाडिया, गौसेवक</strong></p>
<p>समस्या को गंभीरता से लेते हुए नालों पर ढक्कन लगवाने की कार्रवाई की जाएगी।<br /><strong>-आकांक्षा बैरवा,एईएन,पीडब्लूडी। </strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Feb 2026 16:33:56 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>ईसाटोरी गांव आज भी पक्की सड़क से वंचित, इस रास्ते से जुड़े  हैं दर्जनों गांव </title>
                                    <description><![CDATA[ग्रामीणों ने दी चुनाव बहिष्कार की चेतावनी, गांव में नहीं पहुंच रही एम्बुलेंस।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/isatori-village-still-lacks-a-paved-road--dozens-of-villages-are-connected-by-this-route/article-141449"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/85641.png" alt=""></a><br /><p>समरानियां। ग्राम पंचायत हाटरी के अंतर्गत आने वाले ग्राम ईसाटोरी सड़क बनी है और न ही ऐसा कोई वैकल्पिक मार्ग है, जिससे बरसात के समस्या से आक्रोशित मौसम में बीमार लोगों को अस्पताल तक सुरक्षित पहुंचाया जा सके। इस ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि इस बार भी समाधान नहीं हुआ तो वे आगामी चुनाव का बहिष्कार करेंगे। ग्रामीणों ने बताया कि हर साल चुनाव के समय नेता गांव में आते हैं, बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही सब वादे हवा हो जाते हैं और गांव की हालत जस की तस बनी रहती है। ग्रामीणों ने बताया कि ईसाटोरी गांव से होकर दर्जनों  गांवों का आवागमन होता है। यह रास्ता रोजमर्रा की जरूरतों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन सड़क खराब होने से लोगों का समय भी अधिक लगता है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है।</p>
<p><strong>बारिश में हालात बद से बदतर</strong><br />बरसात के मौसम में स्थिति और ज्यादा गंभीर हो जाती है। यदि किसी व्यक्ति की तबीयत खराब हो जाए तो एम्बुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती। मजबूरी में ग्रामीणों को मरीजों को मध्यप्रदेश के अस्पतालों में ले जाना पड़ता है। ग्राम पंचायत ने गांव के अंदर तक सीसी रोड नहीं बनवाई है। कच्चे रास्तों पर कीचड़ भर जाने से बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।</p>
<p><strong>हर चुनाव में वादे, लेकिन जमीन पर काम शून्य</strong><br />ग्रामीणों का कहना है कि हर चुनाव से पहले जनप्रतिनिधि गांव में पहुंचते हैं और सड़क निर्माण के बड़े-बड़े वादे करते लेकिन चुनाव समाप्त होते ही कोई सुध लेने नहीं आता। वर्षों से ग्रामीण कच्चे, कीचड़ भरे रास्तों पर चलने को मजबूर हैं ।</p>
<p><strong>ग्रामीणों की मांग: जल्द मिले स्थायी समाधान</strong><br />ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि फॉरेस्ट विभाग से समन्वय कर जल्द एनओसी दिलवाई जाए और सड़क निर्माण कार्य तुरंत शुरू किया जाए। उनका कहना है कि सड़क केवल सुविधा नहीं बल्कि जीवन और मृत्यु का सवाल बन चुकी है।</p>
<p>इस रास्ते से दर्जनों गांव जुड़े हुए हैं और रोजाना लोग इसी मार्ग से आवागमन करते हैं, लेकिन सड़क न होने के कारण समय भी ज्यादा लगता है और परेशानी भी होती है।<br /><strong>-सुनील शिवहरे, ग्रामीण</strong></p>
<p>बरसात के दिनों में यदि कोई बीमार हो जाए, तो गांव से अस्पताल ले जाना बेहद मुश्किल हो जाता है। मजबूरी में कई बार लोगों को इलाज के लिए मध्यप्रदेश की ओर जाना पड़ता है।<br /><strong>- करण सहरिया, ग्रामीण</strong></p>
<p>ग्राम पंचायत द्वारा गांव के अंदर तक सीसी रोड तक नहीं बनवाई गई है, जिससे आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।<br /><strong>- मुरारी प्रजापति, ग्रामीण</strong></p>
<p>सहरिया बस्ती के रोड का कार्य जल्द ही शुरू किया जाएगा।<br /><strong>- सियाराम, वीडीओ</strong></p>
<p>सड़क निर्माण की स्वीकृति जारी हो चुकी है, लेकिन फॉरेस्ट विभाग की एनओसी अभी तक नहीं मिलने के कारण कार्य शुरू नहीं किया जा सका है।<br /><strong>-बसंत गुप्ता, एएक्सईएन, पीडब्ल्यूडी</strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 31 Jan 2026 17:02:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आजादी के बाद भी डडवाड़ा गांव पक्की सड़क से वंचित, बरसात में कट जाता है संपर्क</title>
                                    <description><![CDATA[चारपाई पर मरीज को कीचड़ भरे रास्ते से ले जाना पड़ता है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/even-after-independence--dadwara-village-remains-without-a-paved-road--connectivity-is-cut-off-during-the-rainy-season/article-140115"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(1200-x-600-px)-(2)31.png" alt=""></a><br /><p>देईखेड़ा। खरायता पंचायत के डडवाड़ा गांव में आजादी के सात दशक बीत जाने के बाद भी ग्रामीणों को पक्की सड़क नसीब नहीं हो सकी है। गांव तक पहुंचने वाला रास्ता आज भी कच्चा है, जो बरसात के मौसम में कीचड़ में तब्दील हो जाता है। ऐसे में गांव का संपर्क न केवल आसपास के गांवों से, बल्कि पंचायत मुख्यालय से भी लगभग कट जाता है।</p>
<p>ग्रामीण विनोद मीणा ने बताया कि डडवाड़ा गांव में करीब 60 से अधिक घरों की आबादी निवास करती है। यह बस्ती मुख्य सड़क से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित है, लेकिन आज तक यहां पक्की सड़क का निर्माण नहीं हो पाया। बरसात के दिनों में हालात इतने खराब हो जाते हैं कि बीमारों को अस्पताल ले जाना तक मुश्किल हो जाता है। कई बार चारपाई पर मरीज को कीचड़ भरे रास्ते से ले जाना पड़ता है। ग्रामीण राधेश्याम, अखिलेश मीणा, हरिप्रसाद, गोबरीलाल, गजानंद सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि स्कूली छात्र-छात्राओं को भी रोजाना इसी कच्चे रास्ते से गुजरकर स्कूल जाना पड़ता है। बारिश में फिसलन और कीचड़ के कारण बच्चों के गिरने का खतरा बना रहता है।</p>
<p>ग्रामीणों का कहना है कि वार्ड पंच, सरपंच, प्रधान, विधायक, सांसद और प्रशासनिक अधिकारियों से कई बार पक्की सड़क निर्माण की मांग की गई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिले। चुनाव के समय वादे जरूर किए जाते हैं, पर बाद में समस्या जस की तस बनी रहती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र पक्की सड़क निर्माण की मांग की है, ताकि वर्षों पुरानी इस समस्या से निजात मिल सके।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />ग्राम सभा में  डामरीकरण अथवा सी सी सड़क के निर्माण के लिये कई बार प्रस्ताव लेकर सक्षम अधिकारियों समेत जनप्रतिनिधियों को भिजवा चुके है परन्तु अब तक स्वीकृति नही मिली है सड़क पर आवश्यकतानुसार ग्रेवल करवाया जा चुका है परन्तु बरसात में परेशानी आती है। <br /><strong>- बद्रीलाल मीणा सरपंच खरायता</strong></p>
<p>जिला परिषद की बैठकों में कई बार इस इस मामले उठा गया है परन्तु विभाग के अधिकारियों ने इस सड़क के पस्तावो को प्राथमिकता नही लेने से समस्या बनी हुई है सड़क निर्माण के प्रयास जारी है <br /><strong>- के.सी. वर्मा, जिला परिषद सदस्य। </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 19 Jan 2026 17:48:04 +0530</pubDate>
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                <title>अंधेरी नदी की जर्जर पुलिया बनी मौत का खतरा, हर गुजरता कदम जोखिम भरा </title>
                                    <description><![CDATA[लोहे की सरिया बाहर निकल रही है  इससे वाहनों के फिसलने का खतरा बना रहता है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/the-dilapidated-bridge-over-the-andheri-river-has-become-a-death-trap--every-step-across-it-is-risky/article-137892"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px)-(1200-x-600-px)-(1)17.png" alt=""></a><br /><p>कवाई। स्टेट हाईवे पर स्थित अंधेरी नदी की पुलिया अब आमजन के लिए सुविधा नहीं, बल्कि डर का दूसरा नाम बन चुकी है। वर्षों पुरानी यह पुलिया इतनी जर्जर अवस्था में पहुंच गई है कि गुजरना हर वाहन चालक और पैदल यात्री के लिए जान जोखिम डालने जैसा हो गया है। करीबन 200 फीट लंबी सीसी पुलिया की ऊपरी सतह पूरी तरह जवाब दे चुकी है। सड़क की परत उखड़ चुकी है, जगह-जगह गहरे गड्ढे बन चुके हैं और कई हिस्सों में लोहे की सरिया बाहर निकल आई है। इससे दोपहिया और चारपहिया वाहनों के फिसलने का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पुलिया निर्माण के बाद कई बार केवल डामर डालकर अस्थायी मरम्मत की गई, लेकिन कुछ ही समय में हालात फिर से वही हो जाते है। बरसात में मौसम में स्थिति और भी जानलेवा हो जाती है।</p>
<p><strong>हजारों वाहन, बच्चों की बसें और मवेशियों का खतरा</strong><br />यह पुलिया कवाई सहित आसपास के दर्जनों गांवों को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है। प्रतिदिन यहां से भारी वाहन, ट्रैक्टर-ट्रॉली, स्कूल बसें, यात्री वाहन और मवेशी गुजरते हैं। रात में रोशनी की कमी, सर्दी में कोहरा और बरसात में फिसलन के कारण खतरा कई गुना बढ़ जाता है।</p>
<p><strong>बरसात में हादसा, लेकिन सबक नहीं</strong><br />कुछ दिन पहले बारिश के दौरान एक व्यक्ति बाइक सहित पुलिया से फिसलकर नदी में जा गिरा। सौभाग्य से व्यक्ति तैरना जानता था और ग्रामीणों की तत्तपरता से उसकी जान बच गई। इसके बावजूद प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है।</p>
<p><strong>टूटी रेलिंग, गायब डिवाइडर, सुरक्षा पूरी खत्म</strong><br />पुलिया के दोनों ओर लगी सुरक्षा रेलिंग और डिवाइडर अब सिर्फ नाम मात्र के रह गए हैं। कई हिस्से टूट कर नदी में गिर चुके हैं। जहा सुरक्षा अवरोधक होना चाहिए, वहां खुला किनारा है। जरा-सी चूक वाहन की सीधे 30-40 फीट गहरी अंधेरी नदी में गिरा सकती है।  बरसात में तेज बहाव हालात  को और भयावह बना देता है। इसके बावजूद  पुलिया पर न पुख्ता सुरक्षा इंतजाम हैं और न ही पर्याप्त चेतावनी संकेत।</p>
<p><strong>अब लोगों की एक ही मांग</strong><br />स्थानीय लोग स्पष्ट मांग है कि अब अस्थायी मरम्मत नहीं, बल्कि पूरी पुलिया का मजबूत निर्माण किया जाए। दोनों ओर नई सुरक्षा रेलिंग, डिवाइडर, सड़क सुधार और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं। समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो अगली खबर किसी बड़े हादसे की हो सकती है।</p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />रोज इस पुलिया से गुजरना जैसे मौत को दावत देना जैसा है। बच्चे, बुजुर्ग सभी खतरे में हैं। प्रशासन अब तक केवल पैचवर्क कर अपनी जिम्मेदारी से बचाता रहा है, जबकि अब स्थायी समाधान जरूरी है।<br /><strong>- हरिओम सुमन,ग्रामीण</strong></p>
<p>पुुलिया टूट-फूट से भरी है, रेलिंग और डिवाइडर नाम मात्र के हैं। बरसात में यह किसी भी समय बड़े  हादसा का कारण बन सकती है। <br /><strong>-धनराज सुमन, पूर्व जिला संयोजक बजरंगदल </strong></p>
<p>रोज सैंकड़ों छोटे-बड़े वाहन, स्कूल बसें और मवेशी इसी पुलिया से निकलेते है। न चेतावनी बोर्ड नहीं। समय रहते सुधार नहीं हुआ,तो बड़ा हादसा तय है।<br /><strong>देवकीनंदन सुमन, गो भक्त</strong></p>
<p>बारिश में फिसलन और टूटी रेलिंग के कारण पुलिया से गुजरना बेहद डरावना हो गया है। प्रशासन को अब तत्काल स्थायी समाधान करना चाहिए।<br /><strong>-हंसराज गुर्जर,निवासी  फुलबड़ौदा</strong></p>
<p>निर्माण कंपनी के संवेदक हंसराज नागर ने बताया कि उक्त कार्य का टेंडर उनकी फर्म को मिल चुका है और शीघ्र ही मौके पर कार्य प्रारंभ किया जाएगा।,,<br /><strong>-हंसराज नागर,संवेदक,निर्माण कंपनी </strong></p>
<p>नदी की पुलिया के निर्माण का आॅर्डर जारी हो चुका है,सभी प्रक्रियाएं पूर्ण कर ली गई है,और  जल्द ही कार्य प्रारंभ कराया जाएगा।<br /><strong> -नरेंद्र चौधरी,अधिशासी अभियंता,स्टेट हाईवे छबड़ा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 31 Dec 2025 14:40:06 +0530</pubDate>
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                <title>डडवाड़ा गांव को अब भी पक्की सड़क का इंतजार, बीमारों व विद्यार्थियों को होती भारी परेशानी</title>
                                    <description><![CDATA[अब तक सरपंच, प्रधान, विधायक और सांसद तक कई बार गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन केवल आश्वासन ही मिले हैं, राहत नहीं।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/dadwara-village-still-awaits-a-paved-road--sick-people-and-students-face-immense-difficulties/article-131066"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/_4500-px)-(2)7.png" alt=""></a><br /><p>देईखेड़ा। खरायता पंचायत के अंतर्गत आने वाले डडवाड़ा गांव के लोगों को आजादी के सात दशक बाद भी पक्की सड़क नसीब नहीं हुई है। गांव की आबादी करीब 60 से अधिक घरों की है, जो मुख्य सड़क से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित है। बरसात के मौसम में कच्ची सड़क कीचड़ में तब्दील हो जाती है, जिससे ग्रामीणों का संपर्क अन्य गांवों और पंचायत मुख्यालय से पूरी तरह कट जाता है।</p>
<p>ग्रामीण विनोद मीणा, राधेश्याम, अखिलेश, हरिप्रसाद, गोबरलाल और गजानंद ने बताया कि बरसात के दिनों में बीमारों को अस्पताल ले जाना और स्कूली बच्चों का आना-जाना बेहद मुश्किल हो जाता है। अब तक सरपंच, प्रधान, विधायक और सांसद तक कई बार गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन केवल आश्वासन ही मिले हैं, राहत नहीं।</p>
<p><strong>सरपंच बोले: कई बार भेजे गए प्रस्ताव</strong><br />ग्रामसभा में सड़क डामरीकरण या सीसी सड़क निर्माण के प्रस्ताव कई बार सक्षम अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को भेजे गए, लेकिन अब तक स्वीकृति नहीं मिली। आवश्यकतानुसार ग्रेवल करवाया गया है, पर बरसात में स्थिति बिगड़ जाती है।<br />-<strong> बद्रीलाल मीणा, सरपंच। </strong></p>
<p><strong>जिला परिषद सदस्य का कहा:  प्रयास जारी</strong><br />इस मुद्दे को कई बैठकों में उठाया गया है, लेकिन विभागीय स्तर पर प्रस्तावों को प्राथमिकता नहीं दी जा रही। सड़क निर्माण के प्रयास जारी हैं।       <br /><strong>- के.सी. वर्मा, जिला परिषद सदस्य। </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Oct 2025 15:43:22 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सादेड़ा विद्यालय की जर्जर छत से विद्यार्थियों का शिक्षण प्रभावित,  बरसात में टपकती छत</title>
                                    <description><![CDATA[दीवारों और फर्श में सीलन की समस्या गंभीर हो गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/the-dilapidated-roof-of-sadeda-school-is-affecting-students--education--with-the-roof-leaking-during-the-rainy-season/article-129017"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/copy-of-news-(1)19.png" alt=""></a><br /><p>भण्डेड़ा। सादेड़ा के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय का भवन जर्जर हालत में होने के कारण बरसात में कक्षाओं की छत से पानी टपकने लगा है। इससे विद्यार्थियों का शिक्षण प्रभावित हो रहा है और शिक्षक जोखिम भरे हालात में शिक्षा दे रहे हैं। रविवार रात की बारिश के बाद सोमवार को भी सात कक्षाओं की छत से पानी टपकता रहा, जबकि केवल एक कक्ष सुरक्षित है। लेकिन संबंधित विभाग के जिम्मेदार भवन की सुध नहीं ले रहा है। विद्यालय में कुल 12 कक्षाएं संचालित हैं, जिनमें 300 छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। 7 कक्षा कक्ष की छत से पानी टपकने के कारण कई छात्र बरामदे में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। कुछ कक्षाओं की दीवारों में दरारें हैं और आरसीसी की छत के प्लास्तर टूटकर टेबल पर गिर रहा है। कई जगहों पर आरसीसी सरिया साफ दिखाई देने लगा है। बरसात के समय प्रार्थना स्थल भी उपयोग के योग्य नहीं रहता। छात्र-छात्राएं और शिक्षक टपकती छत के नीचे पढ़ाई और शिक्षण कर रहे हैं। दीवारों और फर्श में सीलन की समस्या गंभीर हो गई है। निरीक्षण टीम और संबंधित विभाग अब तक इस जर्जर स्थिति का कोई समाधान नहीं कर पाए हैं। ग्रामीण और विद्यालय परिवार चिंतित हैं कि जिम्मेदार हादसे का इंतजार कर रहे हैं। शालाओं में सुरक्षा की दृष्टि से तत्काल मरम्मत आवश्यक है। स्थानीय लोगों ने उच्चाधिकारियों से आग्रह किया है कि शीघ्र निरीक्षण कर आवश्यक सुधार किया जाए, ताकि विद्यार्थी और शिक्षक सुरक्षित वातावरण में शिक्षा ग्रहण कर सकें।</p>
<p><strong>इधर निरीक्षण पर भी सवाल</strong><br />पंचायत समिति नैनवां से निरीक्षण पर आए संबंधित अधिकारियों के निरीक्षण पर भी सवाल उठ रहे है। आखिर निरीक्षण में असुरक्षित भवन को गंभीरता से क्यों नहीं देखा है। भवन के चौतरफा कक्षाकक्षों की सुरक्षा को लेकर साफ-सफाई के निर्देश क्यों नहीं दिए है। मौके पर आकर निरीक्षण नहीं किया या औपचारिकता पूर्ण की यह भी सवाल खड़े हो रहे है। ऐसे में शाला परिसर के खतरे के साएं में शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर किया जा रहा है।</p>
<p><strong>शाला में देखरेख का अभाव</strong><br />शाला में जिम्मेंदार अधिकारी जागरूक नहीं होने से शाला में कक्षा-कक्षों के पिछली दीवारों में बड़े-बडेÞ पेड़-पौधों हो चूके है,जो कक्षाकक्षो की दीवारो को भी खतरा बढता जा रहा है। ऐसे लगाता है कि यह विद्यालय भवन नहीं जंगल में पेड़ पनपे हुए है।</p>
<p><strong>शाला स्तर पर दो बार ब्लॉक शिक्षाधिकारी को लिखित में अवगत</strong><br />शाला ने दो बार शाला के भवन को लेकर लिखित-पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया है। लेकिन समस्या अभी भी बनी हुई है। मरम्मत करवाने के नाम पर रेती व सीमेंट बिछा दी जाती है। दीवारो में सीलन आना जारी है। पट्टियों पर वजन बढ़ने से पट्टियों के टूटने का भी खतरा बढ़ रहा है। लेकिन सक्षम अधिकारी ने बारिश के समय मौके पर आकर स्थिति को नहीं जान रहे है। शाला के परिसर के मुख्य गेट पर बरसाती पानी जमा होने से कीचड़ की समस्या रहती है जिसको लेकर सादेड़ा ग्राम पंचायत को भी लिखित पत्र देकर समस्या से अवगत कराया जा चूका है। मगर समस्या का समाधान अभी तक नहीं हुआ है। सोमवार को बारिश के पानी व कीचड़ भरी डगर से छात्र-छात्राएं गुजरते हुए नजर आए है। </p>
<p><strong>यह कहा वाइस प्रिंसिपल ने</strong><br />मैं सादेड़ा विद्यालय में नया आया हूँ। पहले क्या हुआ इसका मुझे पता नहीं है। इस समय बारिश चल रही है, जो एक कक्ष के अलावा सभी कक्ष की छत टपक रही है। छात्र-छात्राओं को बारिश से बचाने के लिए सामूहिक में कक्षाए रखनी पड़ती है। बारिश होते ही समस्या बढ जाती है, सभी कक्षाओं को एडजस्ट करना मुश्किल हो रहा है। <br /><strong>-हरनन्दा मीणा, वाइस प्रिंसिपल, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सादेड़ा। </strong></p>
<p> सादेड़ा विद्यालय का निरीक्षण किया गया था। पहले मरम्मत की राशि आई थी, मार्च में जिस विद्यालय में राशि आई, वहां संबंधित ग्राम पंचायत ने मरम्मत की थी। जिसमें पिचेहतर प्रतिशत मरम्मत वाले विद्यालयों में छत टपकने की समस्या आ रही है। शाला का जल्द ही मौके पर आकर उच्च निरीक्षण करेंगे, मौके पर कमियां नजर आएंगी, तो उन्हें दुरूस्त करवाया जाएगा।<br /><strong>-अनिल जैन, सीबीईओ, नैनवां। </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Oct 2025 16:15:18 +0530</pubDate>
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