<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/electric/tag-16659" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>electric - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/16659/rss</link>
                <description>electric RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title> कोटा दक्षिण  वार्ड 9: गंदगी और सुविधाओं का अभाव बढ़ा रहा परेशानी, वार्ड में स्मार्ट सिटी की झलक नहीं दिखाई देती </title>
                                    <description><![CDATA[पानी की लाइन डालने के बाद भी पानी के लिए कनेक्शन नहीं होने से लोग  निजी ट्यूबवैल का सहारा ले रहे है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south-ward-9--filth-and-lack-of-facilities-are-increasing-problems--no-sign-of-smart-city-development-in-the-ward/article-135569"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/etws-(3).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। यह गांव नहीं, कोटा शहर के नगर निगम दक्षिण के वार्ड 9 के हिस्से से जुड़ा रेत्या चौकी, शांति नगर है, जहाँ क्षेत्रवासी सुबह घर से निकलते हैं तो उन्हें इस दलदल भरे रास्ते से गुजरना पड़ता है। और यदि निकलते समय उनसे थोड़ी सी भी चूक हो जाए तो वे कीचड़ में गिर जाते हैं। यह कहना है रेत्या चौकी निवासी धनराज व आशीष का। उन्होंने बताया कि हमारी तरफ अभी तक रोड का निर्माण नहीं किया गया, जिससे कीचड़ में निकलना हम लोगों की मजबूरी है। अनेक बार रात्रि में हम कीचड़ में गिर गए। बारिश के दिनों में हमारी समस्या और बढ़ जाती है। पानी के लिए लाइन डाली हुई है, पर अभी तक उनके कनेक्शन नहीं हुए। वहीं वार्ड के कुछ हिस्से में नियमित टीपर नहीं आने की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं वार्ड में रेत्या चौकी में पानी की लाइन डालने के बाद भी पानी के लिए कनेक्शन नहीं होने की वजह से लोगों को निजी ट्यूबवैल का सहारा लेना पड़ता है। विद्युत पोल पर लाइटें लगाने के बावजूद भी पर्याप्त रोशनी नहीं होने की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ता है। </p>
<p>वहीं वार्ड के रानपुर में  टीपर नियमित रूप से आते हैं। पूनिया देवरी निवासी विशाल कुमार व अजय ने बताया कि हमारी तरफ भी पानी के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है। साथ ही सार्वजनिक रोशनी नहीं होने की वजह से भी रात्रि के समय दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वहीं वार्ड में सामुदायिक भवन, कॉम्पलेक्स व पार्क का अभाव होने की वजह से वार्डवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।</p>
<p><strong>टीपर नहीं आते, कचरा खुले में डालने की मजबूरी</strong><br />वार्ड के निवासी दिनेश बंजारा व लोकेश ने बताया कि हमारी तरफ तो टीपर नियमित नहीं आते हैं। वहीं रेत्या चौकी निवासी देशराज व मुकेश ने बताया कि हमारी तरफ तो टीपर भी नहीं आते हैं, जिससे हमें मजबूरन कचरा खुले में डालकर आना पड़ता है। कई बार बारिश के दिनों में यह समस्या और बढ़ जाती है। इस कचरे से बदबू आने के कारण बीमारियाँ फैलने का अंदेशा बना रहता है।</p>
<p><strong>सामुदायिक भवन,पार्क, कॉम्पलेक्स का अभाव</strong><br />वार्ड में सामुदायिक भवन का अभाव होने की वजह से वार्ड के लोगों को महंगी दर पर भवनों की बुकिंग करनी पड़ती है। रेत्या निवासी प्रेमचंद ने बताया कि सामुदायिक भवन नहीं होने की वजह से हम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। साथ ही भवन तक जाने के लिए निजी वाहनों को किराये पर लेना पड़ता है, जिससे हमारे ऊपर दोहरी मार पड़ती है। सार्वजनिक स्नानघर नहीं होने की वजह से महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है।</p>
<p><strong>रेत्या चौकी की कीचड़ भरी राह, ड्रेनेज सिस्टम फेल</strong><br />वार्ड के हिस्से से जुड़ा रेत्या चौकी में रोड नहीं बनने की वजह से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। रोड नहीं बनने से जगहझ्रजगह कीचड़ हो रहा है, जिससे वार्डवासियों को होकर जाना पड़ता है। वार्डवासी सुनील कुमार ने बताया कि घरों से निकलने वाला गंदा पानी सड़क पर एकत्रित हो जाता है, जिससे कीचड़ फैल रहा है एवं पानी भरा रहता है। क्षेत्रवासियों ने बताया कि लंबे समय से यह समस्या बनी हुई है। रास्ते में पानी भरा रहने से मच्छर पैदा हो रहे हैं। मौसमी बीमारी बढ़ने का अंदेशा बना रहता है।</p>
<p>शांति नगर निवासी दीनू कुमार व बंटी ने बताया कि हमारे तरफ रोड तो बना दिया गया, पर नालियों का ड्रेनेज सिस्टम सही ढंग से नहीं होने से गंदा पानी इनमें ही जमा रहता है, जिससे बीमारियाँ होने का अंदेशा बना रहता है।</p>
<p>हमारी तरफ ना तो कचरा गाड़ी आती है और ना ही नालियों की सफाई होती है। हमें तो केवल नगर निगम में जोड़ दिया गया है।<br /><strong>- प्रेमचंद, वार्डवासी</strong></p>
<p>रोड निर्माण तो किया गया पर गंदा पानी नालियों में जमा रहता है, जिससे बीमारियाँ होने का अंदेशा बना रहता है। रोड लाइटें पर्याप्त नहीं होने की वजह से रात्रि में अंधेरा रहता है।<br /><strong>- सूआ बाई</strong></p>
<p>कचरा गाड़ी आती है जो मेन रोड से कचरा लेती है, अंदर की तरफ नहीं जाती। सफाई करने वाले रोड के साइड में ही कचरा डाल देते हैं, जो परेशानी का सबब बना हुआ है।<br /><strong>- जितेंद्र, वार्डवासी</strong></p>
<p>वार्ड में रोड निर्माण के लिए टेंडर हो चुके हैं। नल कनेक्शन की डिमांड राशि अधिक होने की वजह से अभी तक कनेक्शन नहीं करवाए गए हैं। हमने जनप्रतिनिधियों को डिमांड राशि कम करने के लिए लिखित में सूचना दे रखी है।<br /><strong>- रतन बाई, वार्डवासी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south-ward-9--filth-and-lack-of-facilities-are-increasing-problems--no-sign-of-smart-city-development-in-the-ward/article-135569</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south-ward-9--filth-and-lack-of-facilities-are-increasing-problems--no-sign-of-smart-city-development-in-the-ward/article-135569</guid>
                <pubDate>Thu, 11 Dec 2025 14:55:55 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/etws-%283%29.png"                         length="2070787"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिजली के तार बन रहे वानरों के लिए काल, तीन विभागों के बीच पिस रहे घायल बंदर</title>
                                    <description><![CDATA[पशु प्रेमी भुवन मलिक कर रहे घायल बंदरों की सेवा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/electric-wires-are-becoming-a-death-trap-for-monkeys--and-injured-monkeys-are-being-crushed-between-three-departments/article-134632"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px)-(4)4.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। निराश्रित गायों व आवारा श्वानों को पकड़कर निगम की गौशाला तक पहुंचाने की व्यवस्था है। लेकिन शहर में रोजाना घायल हो रहे कई बंदरों को समय पर उपचार दिलाने की कोई व्यवस्था नहीं है। नगर निगम, वन विभाग व पशु चिकित्सालय के बीच पिस रहे घायल बंदरों को समय पर उपचार नहीं मिल रहा। ऐसे में पशु प्रेमी भुवन मलिक स्वयं के खर्च पर घायल बंदरों की सेवा कर रहे हैं। पशुप्रेमी व योगाचार्य भुवन मलिक ने बताया कि उनके पास कुछ दिनों से घायल बंदरों के संबंध में कई फोन आ रहे हैं। वे उन्हें रेस्क्यू करके उनके इलाज के लिए नगर निगम में संपर्क करते हैं तो वहां से जिम्मेदारों द्वारा व्यस्त होने की सूचना मिलती है। वहीं पशु चिकित्सालय में इनके इलाज के लिए कोई उचित व्यवस्था नहीं होती है। जंतुआलय लेकर जाने पर वहां से जवाब मिलता है कि उनके यहां काले मुंह के बंदरों की ही व्यवस्था है। लाल मुंह का बंदर जंगली जीवों में आता है इनकी व्यवस्था नगर निगम करता है वहीं लेकर जाओ।</p>
<p>उन्होंने बताया कि घायल बंदरों के लिए न तो कोई अलग से बजट है न ही कोई विभाग। नगर निगम में व्यवस्था बताई जाती है तो वह भी न के बराबर कार्य करती है। उन्होंने बताया कि एक वृद्ध दंपत्ति व एक घर में कुछ महिलाएं और बच्चियां थी जो खुद घायल वानर के लिए कुछ कर सकने के सक्षम नहीं थी। उन्हें सूचना मिली तो वे अपने खर्चे से उसे पशु चिकित्सालय लेकर गए। वे लगातार इन घायल पशुओं की सेवा कर पा रहे हैं। लेकिन हर किसी के लिए यह सेवा कर पाना संभव नहीं है । जिससे लोग घायल वानरों की सेवा करने से पीछे हट रहे है।</p>
<p>पशुप्रेमी व योगाचार्य भुवन मलिक ने बताया कि वन भूमि खत्म होती जा रही है और कोटा सिमटता जा रहा है। विशाल वृक्ष अब बढ़ते शहरीकरण में खत्म होते जा रहे हैं और इसी के कारण वानर शहर में इधर उधर अपना पेट भरने और पनाह के लिए भटक रहे हैं। शहर में कहीं न कहीं जब तब बंदर दुर्घटनाओं के शिकार हो रहे हैं। कोई वाहन की चपेट में आ कर जान गंवा रहा है तो कोई बिजली के खंभों पर करंट की चपेट में आकर घायल हो रहे है। घायल इंसान के लिए रुकने वाले बहुत लोग हैं, इंसानों के लिए एंबुलेंस हैं, गाय के लिए भी हैं, कुत्तों के लिए भी कई पशु कल्याण संगठन काम कर रहे हैं। जबकि कोटा शहर में बंदरों के लिए कौन सेवा कार्य कर रहा है किसी को कोई खबर नहीं है। कुछ समाजसेवी प्रेमी बंदरों के लिए भी कार्य कर रहे हैं किंतु प्रशासन द्वारा उन्हें किसी भी प्रकार की सहायता न दिए जाने से वे भी लाचार हो गए हैं। शहर में लगभग हर दिन कोई वानर दुर्घटना का शिकार होता है। ज्यादातर घटनाएं बिजली के तारों पर झुलसने से हो रही हैं। इधर नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि वे शहर से उत्पाती बंदरों को पकड़वाते हैं। इसके लिए टेंडर किया हुआ है। संवेदक फर्म के माध्यम से शिकायत पर बंदरों को पकड़कर शहर से दूर जंगल में छोड़ा जाता है।</p>
<p>इधर पशु चिकित्सालय के संयुक्त निदेशक गणेश नारायण दाधीच ने बताया कि घायल पशुओं के लिए 1962 पर कॉल कर वाहन मंगवाया जा सकता है। साथ ही पशु चिकित्सालय में किसी भी तरह के घायल पशुओं का उपचार किया जाता है। फिर चाहे वह गाय हो या कुत्ता या फिर बंदर। यहां बंदरों के आने पर उनका भी उपचार किया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/electric-wires-are-becoming-a-death-trap-for-monkeys--and-injured-monkeys-are-being-crushed-between-three-departments/article-134632</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/electric-wires-are-becoming-a-death-trap-for-monkeys--and-injured-monkeys-are-being-crushed-between-three-departments/article-134632</guid>
                <pubDate>Thu, 04 Dec 2025 14:38:55 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/1200-x-600-px%29-%284%294.png"                         length="1045429"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>झूलते बिजली तार बने हादसे का खतरा, ग्रामीणोंं की मांग जल्द हो समस्या का समाधान </title>
                                    <description><![CDATA[बहुत से तारों पर कट लगा हुआ है जिनके ऊपर कोई कवरिंग नहीं हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/dangling-electric-wires-pose-a-risk-of-accidents--villagers-demand-a-quick-solution-to-the-problem/article-131169"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/y-of-news-(3).png" alt=""></a><br /><p> खानपुर।  खानपुर स्टेट बैंक की गली जो की एक निजी विद्यालय की तरफ जाती है, गली के बीच में रोड पर लाइट के तारों का जंजाल बना हुआ है। यह तार इतने नीचे झूल रहे हैं कि कभी भी किसी की जान ले सकते हैं। इन तारों में बहुत से तारों पर तो कट लगा हुआ है जिनके ऊपर कोई कवरिंग नहीं है कभी भी खतरे का सामना हो सकता है। निजी विद्यालय से आने वाले छात्र व छात्राओं के लिए भी यह एक मार्ग है, इस मार्ग से उनका आना-जाना लगा रहता है और स्टेट बैंक से इस गली में आने वालों को भी कई परेशानी का सामना करना पड़ता है। आए दिन जानवर तो इससे चिपक जाते हैं इन तारों की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है । ग्रामीणोंं ने मांग की है कि जल्द से जल्द झूलते बिजली के तारों की समस्या का समाधान किया जाए । </p>
<p>हमारे मोहल्ले वासियों के लिए यह एक मुख्य मार्ग माना जाता है इस मार्ग से ही हमारा बाजार आना वह जाना लगा रहता है तथा इस मार्ग से ही पूरे मोहल्ले वासियों का आवागमन होता है इन तारों पर ध्यान दिया जाए। <br /><strong>- उदय लाल मालव, ग्रामीण </strong></p>
<p>हमने विद्युत विभाग को कई बार अवगत भी कर दिया है लेकिन इसका कोई समाधान नहीं हुआ।<br /><strong>- राजा राम मेघवाल, कस्बेवासी</strong></p>
<p>खानपुर के स्टेट बैंक की गली वह एक निजी स्कूलों की गली दोनों का मुख्य मार्ग है यह रोड जिस पर तार झूल हुए हैं, यह झूले हुए विद्युत के तारों से कभी भी हादसा हो सकता है। <br /><strong>-सोहन मेघवाल, कस्बेवासी </strong></p>
<p>इन लाइट के तारों से कस्बेवासी परेशान है। विद्युत विभाग को भी अवगत करा दिया गया है, लेकिन विद्युत पोल लगाने में परेशानी आ रही है। <br /><strong>-सत्तू मालव, कस्बेवासी</strong></p>
<p>पहले भी विद्युत विभाग द्वारा नया विद्युत पोल लगाने गए थे लेकिन मोहल्ले में कुछ व्यक्ति को पोल लगाने से आपत्ति है, यदि मोहल्ले में किसी को आपत्ति नहीं रहती है तो नया विद्युत पोल लगा दिया जाएगा। <br /><strong>-महेश कुमार नागर, कनिष्क अभियंता विद्युत विभाग खानपुर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/dangling-electric-wires-pose-a-risk-of-accidents--villagers-demand-a-quick-solution-to-the-problem/article-131169</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/dangling-electric-wires-pose-a-risk-of-accidents--villagers-demand-a-quick-solution-to-the-problem/article-131169</guid>
                <pubDate>Sat, 01 Nov 2025 16:21:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-11/y-of-news-%283%29.png"                         length="394561"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोटा दक्षिण वार्ड 48- सड़कों पर गड्डे, गिट्टी से राहगीर चोटिल</title>
                                    <description><![CDATA[वार्ड की नालियों का ढकान होने से बारिश का पानी ऊपर ही बहता रहता है जिससे परेशानी का सामना करना पड़ता हैं।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south-ward-48---potholes-on-the-roads--pedestrians-injured-due-to-gravel/article-124472"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/oer-(2)14.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के नगर निगम दक्षिण वार्ड के 48 में पार्षद द्वारा सफाई नियमित करवाई जाती हैं। वहीं पिछले दिनों नालियों पर ढकान किया गया। बारिश दौरान उसमें पानी उपर ही जमा हो जाता है। स्थानीय दुकानदारों को इससे काफी परेशानी हो रही है। वार्ड के सेक्टर 4 में स्थित पार्क में बारिश का पानी भरा हुआ है। पार्क में पेड़ों की टूटी पत्तियों का ढेर लग गया है। वहीं सेक्टर 3 में बड़ी घास है, जिससे जहरीले जीवों का खतरा बना रहता है। यहां बिजली का खुला पैनल बॉक्स दुर्घटनाओं को न्यौता दे रहा हैं। वार्डवासियों ने बताया कि पार्षद की ओर से समय-समय पर वार्ड का निरीक्षण, सफाई करवाना, रोड लाइटों की मॉनिटरिंग कर उनकी मरम्मत करवाना सहित अन्य कार्य करवाएं जाते हैं। </p>
<p><strong>पार्क में भरा बारिश का पानी</strong><br />वार्ड में सेक्टर 4 के पार्क में बारिश का पानी भरा होने से पार्क में घूमने व खेलने वालों को निराश होकर घर जाना पड़ रहा हैं। वहीं सेक्टर 3 के पार्क के बड़ी घास होने से तथा पानी भरा होने से जलीय जीवों का खतरा बना रहता हैं। </p>
<p><strong>नालियों का ढकान बना परेशानी </strong><br />दुकानदारों ने बताया कि वार्ड की नालियों का ढकान होने से बारिश का पानी ऊपर ही बहता रहता है जिससे परेशानी का सामना करना पड़ता हैं। वहीं दूसरी तरफ सड़क पर पड़ा कचरा भी पानी के साथ बहता रहता है व ढकान के ऊपर ही मिट्टी जमा हो जाती हैं। जिससे दुकानदरों को परेशानी दिक्कतों का सामना करना पड़ता हैं। </p>
<p><strong>रोड पर गड्डे बने परेशानी</strong><br />वार्ड की मुख्य सड़क क्षतिग्रस्त होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। वार्ड की अंदर की गलियों में रोड में गड्Þडे हो रहे है। कई बार कंक्रीट व गिट्टी उछलकर बाहर आ जाती है जिससे राहगीर चोटिल हो जाते है। </p>
<p><strong>वार्ड का एरिया </strong><br />दादाबाड़ी सेक्टर 03 व 04 का क्षेत्र। </p>
<p><strong>अभी तक ये हुए विकास कार्य </strong><br />वार्ड में स्थित पार्कों में रैलिंग निर्माण, चारदीवारी पर स्टोन लगवाया, सीसी रोड व नालियों का निर्माण करवाया गया। अभी कुछ निर्माण कार्य बारिश की वजह से रूके हुए हुआ है। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />वार्ड में कचरा गाड़ी प्रतिदिन आती है और सफाई भी नियमित रूप से की जाती हैं। समय-समय पर वार्ड का निरीक्षण भी किया जाता हैं। <br /><strong>-मनोज जैन</strong></p>
<p>वार्ड की समस्याओं को लेकर पार्षद को अवगत कराने के बाद समस्याओं का समाधान किया जाता हैं। <br /><strong>-सुरेश शर्मा </strong></p>
<p>नालियों का ढकान करवाया गया है। वार्ड में जो भी समस्या है उसका समाधान करवाया दिया जाएगा। अभी सीवरेज लाइन का कार्य चल रहा है। <br /><strong>- प्रतिभा गौतम, पार्षद 48 बीजेपी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south-ward-48---potholes-on-the-roads--pedestrians-injured-due-to-gravel/article-124472</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south-ward-48---potholes-on-the-roads--pedestrians-injured-due-to-gravel/article-124472</guid>
                <pubDate>Sat, 23 Aug 2025 14:50:51 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-08/oer-%282%2914.png"                         length="675193"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोटा दक्षिण वार्ड 54- वार्ड में सीवरेज के लिए खोदी सड़कें बनीं सिरदर्द</title>
                                    <description><![CDATA[ पार्कों की बदहाली: कर्मचारियों ने नाले का कचरा डाला खाली प्लॉट में]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south-ward-54--roads-dug-for-sewerage-in-the-ward-became-a-headache/article-122694"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws12.png" alt=""></a><br /><p>कोटा।  शहर के बीच में स्थित कोटा नगर निगम दक्षिण वार्ड 54 के कुछ हिस्सों में स्थित तंग गलियां वार्डवासियों के लिए मुसीबत बनी हुई हैं। वहीं गलियों के टूटे डिवाइडर व सीवरेज डालने के लिए खोदी गई सड़क की मरम्मत भी सही नहीं हुई है। कॉलोनीवासियों को बारिश व रात के समय पर परेशानी का सामना करना पड़ता हैं। वार्ड के सिद्धेश्वर महादेव पार्क के पीछे वाली गली में खाली प्लॉट को कॉलोनीवासियों ने कचरा प्वाइंट बना दिया है। वहीं सफाई कर्मचारियों ने भी नाला का कचरा भी उसी प्लॉट में डाल दिया। कचरे की सड़ांध से वहां से निकल रहे राहगीरों के लिए परेशानी बनी हुई है। वार्ड की राजीव गांधी नगर की मुख्य सड़क की खुदाई की गई जो आज तक सही नहीं हो पाई। सड़क में हो रखे गड्ढों से गिट्टी व मिट्टी निकलने से वाहन चालकों को काफी परेशानी हो रही है। कॉलोनियों की नालियां छोटी होने तथा निकासी व्यवस्था सही नहीं होने से पानी भरा रहता है। वार्डवासियों नितेश कुमार, दिनेश व नीरज कुमार ने बताया कि रात में  वाहनचालकों के पीछे दौड़ते रहते है, जिससे चोटिल होने का डर भी बना रहता है। वार्ड में बने सीसी रोड पर स्पीड ब्रेकर आने-जाने को दर्द दे रहे है।</p>
<p><strong> झूलते बिजली के तार से हादसे की आशंका</strong><br />वार्ड में रहने वालें तिजेंद्र कुमार व दीपक ने बताया कि घरों के नजदीक से गुजरने वाली विद्युत लाइन के तार घरों के सामने से गुजर रहे व काफी नीचे तक आ रहे हैं। इससे हादसे की आशंका बनी रहती है। इस संबंध में कई बार अधिकारियों को अवगत कराया पर समस्या का समाधान नहीं हुआ। जिसे कभी भी हादसा हो सकता हैं। </p>
<p><strong>पार्क बदहाली काशिकार</strong><br /> वार्ड में स्थित गजानंद पार्क, सिद्वेश्वर महादेव सहित पार्क में गंदगी के ढेर लगे हुए है तथा फव्वारें भी खराब है। पार्क की बदहाली के कारण घूमने आने वालों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है।</p>
<p><strong>तंग गलियों में वाहन पार्किंग बनी परेशानी</strong><br />वार्ड की गजानंद पार्क वाली गली में वार्डवासियों की ओर से घरों के सामने कार पार्किंग करने से वार्ड की गलियां गांव की गलियों की संकरी हो गई है।</p>
<p><strong>वार्ड का एरिया</strong><br />आई.एल. कॉलोनी रेजीडेन्स, राजीव गांधी नगर, महावीर नगर प्रथम, पत्रकार कॉलोनी का क्षेत्र वार्ड में आता हैं। </p>
<p>वार्ड की सड़क सीवरेज डालने के लिए खोदी गई थी। सीवरेज लाइन डालने के बाद अभी तक सड़क की मरम्मत नहीं की गई। जिसे परेशानी आती हैं। <br /><strong>-अनिश </strong></p>
<p>घर के सामने स्थित गजानंद पार्क में कचरा जमा हो रखा है। वहीं सिद्धेश्वर पार्क में लाइट काफी दिनों से बंद है। शाम को पार्क में घूमने आने वाले लोगों के लिए अंधेरा बना रहता है।<br /><strong>- त्रिलोकचंद </strong></p>
<p>महादेव वाटिक के पीछे स्थित गली में डिवाइडर बनाने व नाली बंद होने से बारिश के समय का पानी निकलने में परेशानी आती हैं। इस समस्या के बारे में कई बार पार्षद सहित अधिकारियों को अवगत कराया पर परेशानी का समाधान नहीं हुआ। <br /><strong>-हेमंत शर्मा </strong></p>
<p>अभी नया टेंडर हुआ है। बंद पार्क की लाइटों को चालू करने के लिए अधिकारियों को बोल रखा हैं। साथ ही पौधरोपण में ट्रैक्टर व अन्य साधन लगे है, जिसे पार्क का कचरा उठाने में परेशानी आ रही हैं। <br /><strong>- योगेश शर्मा, वार्ड 54 पार्षद कांग्रेस</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south-ward-54--roads-dug-for-sewerage-in-the-ward-became-a-headache/article-122694</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south-ward-54--roads-dug-for-sewerage-in-the-ward-became-a-headache/article-122694</guid>
                <pubDate>Tue, 05 Aug 2025 13:31:23 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-08/1ne1ws12.png"                         length="635718"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सालों से खुदी पड़ी वार्ड की सड़कें, सफाई भी नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[वार्ड में कई समस्याएं है जिनका समाधान नहीं होने से वार्डवासी परेशान हो रहे है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/roads-of-the-ward-are-dug-up-since-years--no-cleaning-too/article-119492"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/rt112roer-(4)5.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में अपनी अलग पहचान रखने वाला वार्ड 57 नई बसावट वाला इलाका है। लोग पुराने कोटा से निकल कर चंबल किनारे बसते गए और नयापुरा इलाका बसता गया। यह इलाका इतना फैल गया है अब इसके दो वार्ड हो गए हैं। वार्ड सत्तावन में बस स्टैंड, बस स्टैंड के पीछे का इलाका नयापुरा, मुक्तिधाम, कबिस्तान, हनुमान टेकडी, सब्जी मंडी का इलाका आता है। कहने को यह नयापुरा है लेकिन यहां नया कुछ भी नहीं है। समस्याओं का यहां अंबार लगा हुआ है। कोटा उत्तर नगर निगम का वार्ड नंबर 57 राजनैतिक उपेक्षा का शिकार हो रहा है। जिससे वार्ड के विकास कार्य बाधित हो रहे है। वार्ड में कई समस्याएं है जिनका समाधान नहीं होने से वार्डवासी परेशान हो रहे है। वार्ड में घरों के आगे से गुजरते विद्युत के तारों से हर समय करंट का खतरा बना रहता है। वहीं दूसरी और सफाई व्यवस्था भी ठीक नहीं है। नालियां को ढक नहीं रखा जिससे मच्छर पनप रहे है। वार्ड पार्षद का कहना है कि पहले वो भाजपा में थी तो कांग्रेस बोर्ड उपेक्षा करता था अब कांग्रेस से वार्ड पार्षद है तो भाजपा बोर्ड वार्ड की उपेक्षा कर रहा है। राजनैतिक द्वेषता से वार्डवासियों का नुकसान हो रहा है। वार्ड के विकास कार्य ठप पड़े है। पार्षद का कहना है नगर निगम के अधिकारियों को कई बार सफाई व्यवस्था सुधारने, नालियों के निर्माण और अन्य कार्यो के  बारे में लिखित में दे रखा है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। वार्ड में उखड़ी सड़कों से वाहनधारियों को परेशानी हो रही है। मुक्तिधाम में चहुंओर गंदगी फैली है। बैठने की पर्याप्त व्यवस्थाए नहीं है। यही हाल कब्रिस्तान का है। वहां भी विकास की दरकार है।</p>
<p><strong>नहीं हो रही नियमित सफाई </strong><br />वार्ड में सफाई कर्मचारियों के नही होने के कारण वार्ड में कई दिनों तक सफाई नहीं होती है। नालियों से निकला गंदा कचरा कई दिनों तक घर के बाहर ही पड़ा रहता है। उसे उठाने वाले आते ही नहीं है। नालियां खुली होने से मच्छर पनप रहे है। जिससे बीमारियां फैलने का डर रहता है। मुक्तिधाम का विकास होना चाहिए यहां सफाई व्यवस्था ठीक नहीं है। लोगों के बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। स्नानघर नहीं है। मुक्तिधाम की नियमित सफाई नहीं होती है। <br /><strong>- पवन सैनी, वार्डवासी</strong></p>
<p><strong>उखड़ी सड़के दे रही दर्द</strong><br />वार्ड की उखड़ी सड़कों के कारण वाहनधारियों को भारी परेशानी हो रही है। बारिश में सबसे ज्यादा परेशानी गड्ढों पानी भरने से होती है। रात में गड्ढे दिखाई नहीं देते है ऐसे कई बार लोग फिसल कर चोटिल हो चुके है। यह सब्जी मंडी सबसे पुरानी है। यहां कोटा, बूंदी और आसपास इलाके किसान इसी सब्जी मंडी में माल बेचने आते थे। बाद में फल सब्जी मंडी बन गई तो किसान वहां जाने लगे। सब्जी मंडी में अतिक्रमण और पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। लोग सड़क पर ही वाहन खड़े कर सब्जी खरीदते जिससे आए दिन जाम लग जाता है।<br /><strong>- फैजल शेख, वार्डवासी</strong></p>
<p><strong>घरों के आगे झूलते तार बन रहे परेशानी का कारण</strong><br />वार्ड के अधिकांश घरों के आगे से विद्युत लाइनों के तार गुजर रहे जिससे हर समय करंट का खतरा बना रहता है। कई लोगों ने तो तार को घर से दूर रखने के लिए प्लास्टिक के पाइप लगा रखे है। वहीं कई मकानों के ऊपर से लाइन निकल रही है ऐसे में छत व बालकॉनी में जाने से हमेंशा डर लगता है। <br /><strong>- पंकज साहु, वार्डवासी</strong></p>
<p><strong>नालियों का ढकान नहीं होने से फैल रहे मच्छर</strong><br /> वार्ड की अधिकांश नालियों को ढक नहीं रखा जिससे मच्छर पनप रहे है। पानी जमा होने से वार्ड में बदबू फैली रहती है। सफाई कर्मी नहीं आने से घर के सामने गुजर रही नाली को  निजी खर्च पर सफाई कर्मी लगाकर कई बार नालियों को साफ करवाया है। <br /><strong>- उदय सिंह राजावत, वार्डवासी</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />राजनिति कारणों कि वजह से वार्ड में कई सालों से काम नही करवा सकी, निगम में भाजपा का बोर्ड होने से मेरी कोई सुनवाई नही हो रही है, कई बार वार्ड कि समस्याओं के बारे में निगम के अधिकारीयों को मौखिक व लिखित के माध्यम से अवगत करवाया लेकिन उनके द्वारा कोई जवाब नहीं मिला। जिसके कारण वार्डवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। श्मशानघाट के विकास के लिए भी कई बार अधिकारियों को लिखित दे रखा है कोई सुनवाई नहीं हो रही है। <br /><strong>- मेघा गुर्जर, पार्षद वार्ड 57</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/roads-of-the-ward-are-dug-up-since-years--no-cleaning-too/article-119492</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/roads-of-the-ward-are-dug-up-since-years--no-cleaning-too/article-119492</guid>
                <pubDate>Sat, 05 Jul 2025 14:31:09 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-07/rt112roer-%284%295.png"                         length="584770"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सदन में गूंजा आबादी क्षेत्र में हाई वोल्टेज विद्युत लाइनों का मामला : कैलाश वर्मा ने कहा- मेले में दिक्कत करती है लाइन, मंत्री ने सवाल का दिया जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[अगर इन लाइनों को अंडरग्राउंड करते हैं, तो 50 प्रतिशत राशि निगम के स्तर पर वहन की जाती है, जबकि 50 प्रतिशत जो राशि विधायक या सांसद कोटे से खर्च की जा सकती है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/case-of-high-voltage-electric-lines-in-the-resonant-area/article-107305"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/6622-copy109.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान विधानसभा में बगरू विधानसभा क्षेत्र के आबादी क्षेत्र में हाई वोल्टेज की विद्युत लाइनों का मामला गूंजा। विधायक कैलाश चंद्र वर्मा के सवाल पर ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि वर्तमान में जो लाइन आबादी क्षेत्र में है। यह पहले आबादी क्षेत्र जगह नहीं थी। इसीलिए इन लाइनों को वहां डाला गया था। वर्तमान में जो प्रावधान है, उसके अनुसार अगर इन लाइनों को अंडरग्राउंड करते हैं, तो 50 प्रतिशत राशि निगम के स्तर पर वहन की जाती है, जबकि 50 प्रतिशत जो राशि विधायक या सांसद कोटे से खर्च की जा सकती है। </p>
<p>पूरक सवाल करते हुए कैलाश वर्मा ने कहा कि बगरू विधानसभा क्षेत्र में बड़ा मेला लगता है। उस मेले में भी यह लाइन दिक्कत करती है। कई गांव प्रभावित होते हैं। गत दिनों महापुरा और मुहाना इलाके में दो युवकों की करंट से मौत भी हो गई। क्या सरकार मंशा रखती है कि इनको अंडरग्राउंड करें। इसके बाद मंत्री ने कहा कि अगर मेले में लाइन नीचे है, तार नीचे है, तो उनको ऊंचा किया जाएगा। विद्युत लाइन को लेकर स्पीकर ने व्यवस्था देते हुए कहा कि सरकार की कई छोटी बस्तियां या गरीब कच्ची बस्ती है।</p>
<p>वहां पर इस तरह की लाइने है। अगर उनको कहा जाए कि आप एक करोड़ या 50 लाख रुपए जमा करो, तो वें कैसे करवाएंगे। सरकार के स्तर पर इस तरह की कोई पॉलिसी बनाई जाए, ताकि इन लाइनों को अंडरग्राउंड किया जा सके या फिर कोई दूसरी व्यवस्था की जा सके, तो सरकार विचार करे।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/case-of-high-voltage-electric-lines-in-the-resonant-area/article-107305</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/case-of-high-voltage-electric-lines-in-the-resonant-area/article-107305</guid>
                <pubDate>Wed, 12 Mar 2025 14:01:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-03/6622-copy109.jpg"                         length="150073"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>होंडा मोटरसाइकिल और स्कूटर इंडिया ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी क्षेत्र में रखा कदम</title>
                                    <description><![CDATA[होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया (HMSI) ने बुधवार को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में अपने प्रवेश की घोषणा की]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/honda-motorcycle-and-scooter-india-steps-into-electric-mobility-sector/article-96015"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-11/257rtrer16.png" alt=""></a><br /><p>बेंगलुरु। होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया (HMSI) ने बुधवार को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में अपने प्रवेश की घोषणा की। कंपनी ने अपने दो नए इलेक्ट्रिक स्कूटर, ‘ACTIVA e:’ और ‘QC1’, को लॉन्च किया। यह कदम होंडा की 2050 तक कार्बन न्यूट्रलिटी प्राप्त करने की प्रतिबद्धता का हिस्सा है। इन स्कूटरों की बुकिंग 1 जनवरी 2025 से शुरू होगी और डिलीवरी फरवरी 2025 से की जाएगी।</p>
<p><strong>मुख्य आकर्षण</strong><br />ACTIVA e: परंपरा और आधुनिकता का संगम, 102 किमी की रेंज, और स्वैपेबल बैटरी। QC1: फिक्स्ड बैटरी सेटअप के साथ 80 किमी की रेंज और प्रीमियम डिज़ाइन।</p>
<p><strong>होंडा ACTIVA e</strong><br />ACTIVA e: होंडा की प्रतिष्ठित एक्टिवा रेंज की आधुनिक और इलेक्ट्रिक पेशकश है। यह स्वैपेबल बैटरी तकनीक के साथ आता है, जिससे इसे चार्ज करना बेहद आसान है। इसके फीचर्स में 7-इंच TFT स्क्रीन, Honda RoadSync Duo® कनेक्टिविटी, और H-Smart Key शामिल हैं। यह तीन राइडिंग मोड (इकोन, स्टैंडर्ड, स्पोर्ट) प्रदान करता है और इसकी टॉप स्पीड 80 किमी/घंटा है।</p>
<p><strong>होंडा QC1</strong><br />QC1 एक स्टाइलिश और कॉम्पैक्ट इलेक्ट्रिक स्कूटर है। यह 1.5 kWh फिक्स्ड बैटरी और 1.8 kW की पीक पावर के साथ आता है। इसकी चार्जिंग समय 80% तक 4 घंटे 30 मिनट है। इसकी खासियतों में 5-इंच LCD डिस्प्ले, USB टाइप-C चार्जर और 26 लीटर अंडर-सीट स्टोरेज शामिल हैं।</p>
<p><strong>उपलब्धता और सेवाएं</strong><br />दोनों मॉडलों का निर्माण बेंगलुरु के पास नरसापुरा प्लांट में होगा। इन्हें दिल्ली, मुंबई, और बेंगलुरु में लॉन्च किया जाएगा। हकों के लिए तीन साल/50,000 किमी की वारंटी और पहले वर्ष में तीन मुफ्त सेवाएं।</p>
<p><strong>होंडा की प्रतिबद्धता</strong><br />होंडा के प्रबंध निदेशक और CEO सुत्सुमु ओटानी ने कहा- "ACTIVA e'' और QC1 के लॉन्च के साथ, हम भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह कदम न केवल हमारे ग्राहकों के लिए बल्कि पर्यावरण के लिए भी एक सकारात्मक बदलाव है। <br />होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया के डायरेक्टर मार्केटिंग एंड सेल्स योगेश माथुर ने बताया कि बुकिंग अमाउंट और कीमत की घोषणा जनवरी में होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/business/honda-motorcycle-and-scooter-india-steps-into-electric-mobility-sector/article-96015</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/business/honda-motorcycle-and-scooter-india-steps-into-electric-mobility-sector/article-96015</guid>
                <pubDate>Wed, 27 Nov 2024 13:07:43 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-11/257rtrer16.png"                         length="169356"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सौर ऊर्जा से इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग को मिलेगा बढ़ावा </title>
                                    <description><![CDATA[टीपीईएम और आरएसए के बीच यह साझेदारी राजस्थान में सौर ऊर्जा और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी दोनों को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/charging-of-electric-vehicles-will-get-a-boost-from-solar/article-93937"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/630400-sizee-(8)3.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। टाटा मोटर्स लिमिटेड की सहायक कंपनी, टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी (टीपीईएम), ने राजस्थान सोलर एसोसिएशन (आरएसए) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इसका उद्देश्य राजस्थान में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) और ईवी चार्जिंग के लिए सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना है। इलेक्ट्रिक वाहनों का विस्तार भी हो रहा है, जो सौर ऊर्जा के साथ मिलकर ग्राहकों को बिना किसी ईंधन लागत और शून्य उत्सर्जन के साथ ड्राइविंग की सुविधा प्रदान करता है। विशेष रूप से राजस्थान, अक्षय ऊर्जा में उच्च प्रवेश दर रखता है, जो स्थापित क्षमता के मामले में भारतीय राज्यों में दूसरे स्थान पर है और राज्य की कुल स्थापित विद्युत क्षमता का 20% हिस्सा अक्षय ऊर्जा से आता है। </p>
<p>टीपीईएम और आरएसए के बीच यह साझेदारी राजस्थान में सौर ऊर्जा और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी दोनों को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखती है। जिन ग्राहकों ने अपने घर या व्यवसाय में सौर ऊर्जा प्रणाली स्थापित की है, वे टाटा ईवी की खरीद पर अतिरिक्त छूट के लिए पात्र होंगे। आरएसए इस प्रक्रिया की प्रमाणन करेगा, जिससे पात्र ग्राहक राजस्थान में इस छूट का लाभ उठा सकेंगे। इसके अलावा, एसोसिएशन पूरे राज्य में टीपीईएम के इलेक्ट्रिक वाहनों के पोर्टफोलियो के लाभों को भी प्रचारित करेगा।</p>
<p>बालाजे राजन, मुख्य रणनीति अधिकारी, टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स ने कहा कि रूफटॉप सोलर ईवी मालिकों के लिए एक अनूठा अवसर प्रदान करता है, जिससे कम लागत वाली बिजली और शून्य उत्सर्जन वाली मोबिलिटी के दोहरे लाभ मिलते हैं। 90% से अधिक ईवी ग्राहक घर पर चार्जिंग करते हैं और लगभग 30% पहले से ही घर चार्जिंग के लिए रूफटॉप सोलर का उपयोग कर रहे हैं। ईवी अवसंरचना के हमारे विकास प्रयास में, हमने अपने ईवी खरीदते समय रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन को शामिल करने वाले पैकेज पेश किए हैं।</p>
<p>राजस्थान सोलर एसोसिएशन के सीईओ, नितिन अग्रवाल ने कहा कि यह सहयोग राजस्थान में इलेक्ट्रिक वाहनों की खपत में क्रांतिकारी कदम साबित होगा, क्योंकि यह सोलर पावर को ईवी के साथ जोड़ता है, जो पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता कम करने और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह राजस्थान के स्थायी भविष्य की यात्रा में एक प्रमुख मील का पत्थर होगा।”</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/charging-of-electric-vehicles-will-get-a-boost-from-solar/article-93937</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/charging-of-electric-vehicles-will-get-a-boost-from-solar/article-93937</guid>
                <pubDate>Sat, 26 Oct 2024 16:26:20 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-10/630400-sizee-%288%293.png"                         length="460728"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>छत्तीसगढ़ में रेलवे स्टेशन के पास गिरा बिजली का पोल, एक यात्री का कटा हाथ </title>
                                    <description><![CDATA[ रेल अधिकारी सीनियर डीसीएम अवधेश कुमार ने बताया कि 3 से 4 यात्रियों की चोट लगी है, जिन्हें प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/electric-pole-fell-near-railway-station-in-chhattisgarh-hand-cut-of-man/article-78590"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/t21rer-(8)12.png" alt=""></a><br /><p>रायपुर। छत्तीसगढ़ के रायपुर के उरकुरा स्टेशन के पास बिजली का पोल गिरने से एक ट्रेन यात्री का हाथ कटकर अलग हो गया। वहीं कुछ यात्रियों को भी गंभीर चोट आई है, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। घटना की सुचना मिलते ही  रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं और घटना की जांच कर रहे हैं। रेलवे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जानकारी के अनुसार सुबह 9 बजे शालीमार ( कोलकात) से लोकमान्य तिलक टर्मिनस (मुंबई) जा रही शालीमार एक्सप्रेस के ट्रेन एस 6 सहित पास के दो-तीन एसी कोच पर रायपुर और उरकुरा के बीच बिजली का खंभा गिर गया। इससे कोच को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ यात्रियों को भी चोट आई। </p>
<p>इस हादसे में ट्रेन में सवार एक मासूम समेत तीन लोगों को गंभीर चोट आई है।  सूत्रों ने बताया कि घायलों को अस्पताल ले जाया गया है। वहीं रेलवे के अधिकारी इस घटना की जांच में जुट गए हैं। रेल अधिकारी सीनियर डीसीएम अवधेश कुमार ने बताया कि 3 से 4 यात्रियों की चोट लगी है, जिन्हें प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। वहीं कुछ यात्रियों को हल्की चोट लगी है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/electric-pole-fell-near-railway-station-in-chhattisgarh-hand-cut-of-man/article-78590</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/electric-pole-fell-near-railway-station-in-chhattisgarh-hand-cut-of-man/article-78590</guid>
                <pubDate>Sun, 19 May 2024 16:50:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-05/t21rer-%288%2912.png"                         length="464693"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चाइनीज इलेक्ट्रिक प्रोडक्ट बेचने पर होगी सजा</title>
                                    <description><![CDATA[उद्योग संवर्द्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) ने विद्युत सहायक उपकरण (गुणवत्ता नियंत्रण) आदेश जारी किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/there-will-be-punishment-at-selling-chinese-electric-products/article-66101"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/si-(4).jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारतीय इलेक्ट्रिक मार्केट में चाइनीज प्रोडक्ट और बिजली के खराब सामान के आयात पर रोक लगाने के लिए केन्द्र सरकार अब कदम उठाने जा रही है। सरकार ने इलेक्ट्रिक वस्तुओं के घरेलू मैनुफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए बिजली के सामान के लिए जरूरी क्वालिटी मानदंड जारी किए हैं। अब कोई दुकानदार अगर खराब सामान बेचता पाया गया अथवा कोई कंपनी प्रोडक्शन करती है, तो उस पर जुर्माने के साथ जेल भेजने की  कार्रवाई की जाएगी। </p>
<p><strong>विद्युत सहायक उपकरण आदेश जारी किया </strong><br />उद्योग संवर्द्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) ने विद्युत सहायक उपकरण (गुणवत्ता नियंत्रण) आदेश जारी किया है। आदेश के मुताबिक इलेक्ट्रिक वस्तुओं का उत्पादन, बिक्री, व्यापार, आयात और भंडारण तब तक नहीं किया जा सकता, जब तक कि उन पर भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) का चिह्न न हो। यह आदेश अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से 6 महीने बाद लागू होगा। आदेश में कुछ भी निर्यात करने के लिए घरेलू स्तर पर बने प्रोडक्ट पर इस कानून को लागू नहीं किया गया है।</p>
<p><strong>पहली बार अपराध करने पर दो साल तक की कैद</strong><br />बीआईएस अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने पर पहली बार अपराध करने पर दो साल तक की कैद की सजा होगी या कम से कम दो लाख रुपए का जुर्माना हो सकता है। गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशालाओं और उत्पाद नियमावली बनाने के साथ ये पहल देश में एक गुणवत्ता पारिस्थितिकी तंत्र बनाने में मदद करेगी। इससे खराब उत्पादों के आयात पर अंकुश लगाने, अनुचित व्यापार प्रक्रियाओं को रोकने और उपभोक्ताओं के साथ.साथ पर्यावरण को सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/there-will-be-punishment-at-selling-chinese-electric-products/article-66101</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/there-will-be-punishment-at-selling-chinese-electric-products/article-66101</guid>
                <pubDate>Sat, 06 Jan 2024 10:46:46 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-01/si-%284%29.jpg"                         length="76303"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>करंट से अब नहीं होगी मौत, डिवाइस होगा मददगार</title>
                                    <description><![CDATA[ एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार,2011 से 2020 तक, बिजली के झटके के कारण लगभग 1.1 लाख लोगों की मौत चली गई है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/there-will-be-not-killed-due-to-electric-current/article-60045"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/sizte--(1)16.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भारत ने हर क्षेत्र में प्रगति की है, लेकिन कुछ मामले अभी भी ऐसे हैं, जहां के हालात सही नहीं है। बिजली के मामले में पिछले कुछ वर्षों में काफी बदलाव आया है, लेकिन व्यवस्था के स्तर पर इसकी हालत अब काफी खराब है। बिजली के करंट से हजारों लोग मारे जाते हैं। भारत में बिजली का झटका मौत का एक प्रमुख कारण रहा है और हर साल यह संख्या बढ़ती जा रही है। एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार,2011 से 2020 तक, बिजली के झटके के कारण लगभग 1.1 लाख लोगों की मौत हो जाती है। हर साल लगभग 11,000 मौतें होती हैं या हर दिन 30 मौतें होती हैं। ये तो वे आंकड़े हैं जो एनसीआरबी में रजिस्टर्ड हैं, लेकिन बिजली के करंट से होने वाली मौतों के हजारों ऐसे मामले काफ़ी हैं जो कि कहीं दर्ज नहीं हैं। अब बात बिजली के शॉर्ट सर्किट से होने वाले नुकसान की काफी कर लेते हैं। भारत में इलेक्ट्रिक शॉर्ट सर्किट की दुर्घटना होने की वजह से आगजनी से फैक्ट्री, घरों व दुकानों में करोड़ों रुपए का नुकसान हो जाता है। एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक भारत में हर साल शॉर्ट सर्किट से आगजनी के कारण लगभग 17 हजार करोड़ रुपए का नुकसान होता है। बिजली के झटके से होने वाली मौतों व शॉर्ट सर्किट से आगजनी से करोड़ों रुपए के नुकसान से बचा सकता है। इसे रोकने के लिए जयपुर के एक व्यक्ति ने ऐसी डिवाइस बनाई है, जो इन हादसों को रोकने में मददगार साबित हो सकती है। इस डिवाइस का नाम सेफआन पावर प्यूरिफाई है। </p>
<p>एमएनआईटी के इनोवेशन एंड इन्क्युबेशन सेंटर, जयपुर के टैक्नीकल स्पोट से इस डिवाइस (उपकरण)को करीब 9 साल बाद आईपीआरडी (बौद्धिक संपदा अधिकार विभाग), भारत सरकार की ओर से पेटेंट मिल चुका है। इसके अलावा एमएनआईटी कॉलेज, जयपुर से टेस्टिड व अप्रूव्ड यह डिवाइस सेफ्टी प्रोफेशन्ल्स एसोसिएशन आफ इंडिया ने भी सर्टिफाई किया है। वहीं, सेफआन पावर प्यूरिफाई को केंद्र सरकार की ओर से एसएसआई लाइसेंस मिल चुका है। साथ ही आईएसओ सर्टिफाई इस डिवाइस को सीई सर्टिफिकेट प्राप्त है। हर स्तर पर अपनी दक्षता में खरी उतरी इस डिवाइस के भारत में अच्छे परिणामों की बदौलत अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मांग बढ़ने लगी है। यही कारण है कि इस डिवाइस को ओमान, ईरान, दुबई, हॉलैंड व नीदरलैंड में पेटेंट करवाकर सेल करने की तैयारी है। डिवाइस के गहन अध्ययन व टैक्नीकल सपोट के लिए नीदरलैंड सरकार की संस्था-पम के सीनियर एक्सपर्ट पीटर आलिरुक जयपुर पहुंचे हैं। पीटर आलिरुक करीब 15 दिन तक सेफआन पावर प्यूरिफाई डिवाइस की निर्माता कंपनी पुंटो कॉर्पोरेशन प्रा.लि., जयपुर के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट पर कंपनी के इंजिनियर्स के साथ अपने अनुभव साझा करेंगे। पुंटो के डायरेक्टर धर्मराज बोथरा ने बताया कि इस डिवाइस का अपग्रेडेशन करने के साथ साइज व वजन को कम कर इसके लागत मूल्य को कम करके मध्यम वर्ग की पहुंच तक लाना मुख्य उदेश्य है।</p>
<p><strong>75 वें अमृत महोत्सव में प्रदेश का एकमात्र स्टार्टअप  </strong><br />धर्मराज बोथरा ने बताया कि आजादी के अमृत महोत्सव के तहत देश के नवाचारी स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए केंद्र सरकार के डिपॉर्टमेंट आफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (डीएसटी) द्धारा देशभर के 75 स्टार्टअप्स का चयन किया गया। इसमें राजस्थान से एकमात्र कंपनी पुंटो के इस डिवाइस के बारे में उल्लेख किया गया है।</p>
<p><strong>सेफआन पावर प्यूरिफाई डिवाइस के फायदे </strong><br />सेफआन पावर प्यूरिफाई डिवाइस को घर या फैक्ट्री के अंदर मीटर के आगे लगाते हैं। इस डिवाइस को लगाने के बाद घर पूरी तरीके से सुरक्षित रहता है। घर में कहीं भी शॉर्टसर्किट नहीं होता। साथ ही यह डिवाइस वोल्टेज को भी बैलेंस कर देता है, जिससे घर में मौजूद सभी इलेक्ट्रिक सामान कम या  ज्यादा वोल्टेज होने से खराब नहीं होते। फैक्ट्रियों में भी इस डिवाइस को लगाया जा सकता है। यह डिवाइस घर या फैक्ट्री के किलोवाट लोड के हिसाब से लगाई जाती है।</p>
<p><strong>कितने तरह की डिवाइस </strong><br />पुंटो के डायरेक्टर धर्मराज बोथरा ने बताया कि सेफ आन पावर प्यूरिफाई डिवाइस के फिलहाल चार वेरिएंट-करंट के झटके, शॉर्ट सर्किट से बचाने, बिजली के फ्लेक्चुएशन को रोकने के लिए रिलेबेस स्टेबलाइजर व सर्वो सटेबलाइजर युक्त हैं। उन्होंने बताया कि आईआईटी, रूड़की से 1974 में ग्रेजुएट इंजिनियर आरके श्रीवास्तव के सुपरविजन में टैक्नीकल टीम आईओटी यानी इंटरनेट आफ थिंग्स पर रिसर्च कर रही है। यदि यह प्रयोग सफल रहा तो इस डिवाइस को इंटरनेट के जरिए आपरेट किया जा सकेगा।</p>
<p><strong>कांफ्रेंस में ये रहे मौजूद </strong><br />कांफ्रेंस के दौरान पम के भारत में प्रतिनिधि पुनीत रमन, एमएनआईटी इनोवेशन एंड इन्क्युबेशन सेंटर के डायरेक्टर व डीन एकेडमिक (अफेयर्स एंड आपरेशन) ज्योतिमर्य माथुर, सीनियर आपरेशन मैनेजर संजय गौड़, एसोसिएट डीन (इन्क्युबेशन) मोनिका शर्मा, पुंटो के डायरेक्टर अमित पारीक, कंपनी के प्रतिनिधि ऋषिराज सक्सेना, अंकुर कांडा व कर्नल राजकुमार अग्रवाल मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/there-will-be-not-killed-due-to-electric-current/article-60045</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/there-will-be-not-killed-due-to-electric-current/article-60045</guid>
                <pubDate>Fri, 20 Oct 2023 16:09:49 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-10/sizte--%281%2916.png"                         length="422012"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        