<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/extremism/tag-16682" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>extremism - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/16682/rss</link>
                <description>extremism RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अंकारा में हाई अलर्ट: नाटो शिखर सम्मेलन से पहले बड़ी कार्रवाई, IS समेत कई संगठनों से जुड़े 103 संदिग्ध गिरफ्तार </title>
                                    <description><![CDATA[तुर्की की राजधानी अंकारा में 7-8 जुलाई को होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन से पहले सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ा आतंकवाद विरोधी अभियान चलाया है। सुरक्षा उपायों को कड़ा करते हुए आईएसआईएस और वामपंथी चरमपंथी संगठनों से जुड़े 100 से अधिक संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कई अन्य को न्यायिक हिरासत में लिया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/high-alert-in-ankara-major-action-before-nato-summit-103/article-158131"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/arrested.png" alt=""></a><br /><p>अंकारा। नाटो शिखर सम्मेलन से पहले सुरक्षा के व्यापक अभियान के तहत तुर्की की राजधानी अंकारा में आतंकवादी संगठनों से संबंध होने के संदेह में 100 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, यहां सात-आठ जुलाई को नाटो राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों का शिखर सम्मेलन होना तय हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, अदालत के आदेश पर 103 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 26 अन्य को न्यायिक हिरासत में रखा गया है।</p>
<p>अंकारा के गवर्नर ने नाटो शिखर सम्मेलन से पहले अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किये हैं। इसके बाद 23 जून को इस अभियान को अंजाम दिया गया। रिपोर्ट में बताया गया है कि इस जांच में कुल 225 लोगों को हिरासत में लिया गया है। इन पर आतंकवादी संगठनों, विशेष रूप से इस्लामिक स्टेट (आईएस/आईएसआईएस), कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ तुर्की/मार्क्सिस्ट-लेनिनिस्ट (टीकेपी/एमएल), मार्क्सिस्ट-लेनिनिस्ट कम्युनिस्ट पार्टी (एमएलकेपी) और रिवोल्यूशनरी पीपुल्स लिबरेशन पार्टी/फ्रंट (डीएचकेपी/सी) से संबंध होने का संदेह है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/high-alert-in-ankara-major-action-before-nato-summit-103/article-158131</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/high-alert-in-ankara-major-action-before-nato-summit-103/article-158131</guid>
                <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 13:02:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/arrested.png"                         length="580980"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अफगान तालिबान ने आतंकी समूहों की सहायता वाले आरोपों को किया खारिज, कहा पड़ोसी देशों से संचालित</title>
                                    <description><![CDATA[तालिबान ने विदेशी आतंकी समूहों को मदद देने के आरोप नकारे। कहा, इस्लामिक स्टेट ने पड़ोसी देशों में ठिकाने बनाए, अफगानिस्तान पूरी तरह सुरक्षित है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/afghan-taliban-rejects-allegations-of-supporting-terrorist-groups-says-operated/article-142149"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(4)5.png" alt=""></a><br /><p>काबुल। अफगान तालिबान ने अफगानिस्तान में सक्रिय विदेशी आतंकवादी समूहों को किसी भी प्रकार की सहायता देने के आरोपों को खारिज कर दिया। उसने आरोप लगाया कि इस्लामिक स्टेट के लड़ाकों ने पड़ोसी देशों में ठिकाने स्थापित किए हैं, जो पाकिस्तान की ओर एक अप्रत्यक्ष इशारा है। तालिबान के प्रवक्ता मुजाहिद ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कई देशों द्वारा तालिबान-नियंत्रित अफगानिस्तान से कथित आतंकवादी गतिविधियों के बारे में व्यक्त की गई चिंताओं का जवाब देते हुए गुरुवार को कहा कि अफगानिस्तान सुरक्षित है और इस्लामी अमीरात में कोई विदेशी या दुष्ट समूह मौजूद नहीं है।</p>
<p>अफगानिस्तान में इस्लामिक स्टेट की हार का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यवश इस आतंकी समूह ने हमारे पड़ोसी देशों में अपने ठिकाने बना लिए हैं। मुजाहिद ने देशों द्वारा उठाई गई सुरक्षा चिंताओं को बेबुनियाद करार देते हुए कहा कि ये चिंताएं संयुक्त राष्ट्र में तालिबान के प्रतिनिधित्व की कमी के कारण उत्पन्न हुई हैं।</p>
<p>हालांकि, उन्होंने किसी भी पड़ोसी देश का नाम नहीं लिया, जहां उनके अनुसार इस्लामिक स्टेट खोरासान ने कथित तौर पर शरण ली थी लेकिन तालिबान अधिकारियों ने एक से अधिक बार पाकिस्तान पर इस्लामिक स्टेट के गुर्गों को पनाह देने, सहायता करने, प्रशिक्षण देने एवं वित्तपोषण करने का आरोप लगाया है।</p>
<p>बुधवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सत्र में, संयुक्त राष्ट्र के एक वरिष्ठ अधिकारी, अलेक्जेंडर जुएव ने चेतावनी दी कि इस्लामिक अमीरात में आईएस-केपी क्षेत्र और उससे परे दोनों जगह सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा बना हुआ है, जो तालिबान द्वारा बार-बार किए गए उन दावों के विपरीत है कि उसने देश के भीतर इसे हरा दिया है।</p>
<p>संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत माइक वाल्ट्ज ने कहा कि अफगानिस्तान में इस्लामिक स्टेट का खतरा लगातार बना हुआ है और इसके लिए तत्काल समन्वित अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की आवश्यकता है। उन्होंने आगे कहा कि यह खतरा अफगानिस्तान से परे पश्चिम और दक्षिण एशिया के कुछ हिस्सों तक फैल रहा है और यहां तक कि अफ्रीका के कुछ हिस्सों तक भी पहुंच रहा है। पाकिस्तान के प्रतिनिधि आसिम इफ्तिखार अहमद ने तालिबान पर आतंकी समूहों की सहायता करने और उन्हें बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब से इस्लामी समूह काबुल में सत्ता में वापस लौटा है, तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान और बलूच अलगाववादियों जैसे आतंकवादी संगठनों को नई ताकत मिली है।</p>
<p>उन्होंने काबुल पर इन समूहों को सुरक्षित पनाह देने और अफगान क्षेत्र में परिचालन की स्वतंत्रता प्रदान करने का आरोप लगाया, जिसका उपयोग उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ विभिन्न हमले करने के लिए किया। अहमद ने इस्लामाबाद के बयान को दोहराते हुए कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अग्रणी देशों में से एक रहा है और उसे कई नुकसान उठाने पड़े हैं, जिनमें 90,000 से अधिक लोगों की जान जाना और अवसंरचना एवं समग्र आर्थिक विनाश शामिल है।</p>
<p>चीन के प्रतिनिधि ने अफगानिस्तान में अल-कायदा, इस्लामिक स्टेट और उइघुर आतंकवादियों जैसे आतंकी समूहों की मौजूदगी एवं गतिविधियों पर चिंता व्यक्त की और तालिबान से कार्रवाई करने का आग्रह किया। काबुल के शहर-ए-नाव जिले में एक चीनी रेस्तरां पर आईएसआईएस के हमले का उल्लेख करते हुए, चीन के राजदूत ने कहा कि अफगान धरती पर आतंकवादी गतिविधियां बढ़ रही हैं और इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/afghan-taliban-rejects-allegations-of-supporting-terrorist-groups-says-operated/article-142149</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/afghan-taliban-rejects-allegations-of-supporting-terrorist-groups-says-operated/article-142149</guid>
                <pubDate>Fri, 06 Feb 2026 14:20:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/11-%28700-x-400-px%29-%28630-x-400-px%29-%284%295.png"                         length="1658410"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चरमपंथ के कारण कश्मीरी पंडित हुए विस्थापित : भागवत </title>
                                    <description><![CDATA[कश्मीरी पंडितों के नए साल यानी नवरेह के मौके पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने कश्मीरी हिंदुओं को संबोधित किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/pandits-displaced-due-to-extremism--says-bhagwat/article-7294"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/rss-chief-mohan-bhagwat--copy.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कश्मीरी पंडितों के नए साल यानी नवरेह के मौके पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने कश्मीरी हिंदुओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि चरमपंथ के कारण आप लोगों को कश्मीर से विस्थापित होना पड़ा, लेकिन अब आप हिंदू और भारतभक्त के रूप में वापस जाएंगे। भागवत ने कहा कि फिल्म ‘कश्मीर फाइल्स’ कश्मीरी पंडितों की कहानी को बयां कर रही है।</p>
<p>कुछ लोग इसके पक्ष में हैं तो कुछ इसके खिलाफ हैं। फिल्म ने कश्मीरी पंडितों की भयानक त्रासदी की एक दुर्भाग्यपूर्ण वास्तविकता को दिखाया है, जिसने हम सभी को झकझोर दिया है। कश्मीरी पंडित पिछले 3-4 दशकों से अपने ही देश में अपने घर से विस्थापित होने का खामियाजा भुगत रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले मैंने कहा था कि कश्मीरी पंडितों के मुद्दे को जन जागरूकता और कला जैसे माध्यम से हल किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/pandits-displaced-due-to-extremism--says-bhagwat/article-7294</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/pandits-displaced-due-to-extremism--says-bhagwat/article-7294</guid>
                <pubDate>Mon, 04 Apr 2022 11:03:53 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-04/rss-chief-mohan-bhagwat--copy.jpg"                         length="98093"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        