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                <title>loksabha - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>राहुल गांधी बनाम सरकार: चीनी घुसपैठ वाले राहुल गांधी के बयान पर लोकसभा में भारी हंगामा, सत्तापक्ष ने जताया विरोध</title>
                                    <description><![CDATA[राहुल गांधी के चीन संबंधी बयान पर लोकसभा में भारी हंगामा हुआ। कार्यवाही दो बार स्थगित हुई। अध्यक्ष ने नियमों का पालन करने की हिदायत दी, सत्ता पक्ष का विरोध।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/huge-uproar-in-lok-sabha-over-rahul-gandhis-statement-proceedings/article-141714"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/rahul-gandhi--in-parliament.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के चीन के संदर्भ में एक बयान को लेकर सदन में भारी हंगामे के कारण कार्यवाही दूसरी बार स्थगित करनी पड़ी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। राष्ट्रपति के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी के बयान पर हंगामे के कारण एक बार सदन स्थगित होने के बाद कार्यवाही तीन बजे शुरू हुयी। राहुल गांधी ने दोबारा अपना पक्ष रखते हुये कहा कि वह मौलिक प्रश्न उठा रहे थे, जो भारत और चीन के संबंध में है। </p>
<p>कैलाश पर्वत पर क्या हुआ उस पर अपनी बात रखना चाहते हैं। यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है। चीन की सेना कैलाश की चोटी की तरफ बढ रही थी। उनके बार-बार चीन के मामले को उठाने पर सत्तापक्ष की ओर से कई सदस्यों ने खड़े होकर विरोध किया। इस बीच संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी पहले की बात को ही दोहरा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि वह पहले की बात को नहीं दोहरायेंगे।</p>
<p>रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी के भाषण के बीच हस्तक्षेप करते हुए कहा कि विपक्ष के नेता जो कह रहे हैं उसका आधार क्या है। वह पूरी तरह काल्पनिक बातें कर रहे हैं इसलिए इस विषय पर रोका जाना चाहिए। राहुल गांधी ने फिर से अपनी बात रखने की कोशिश की तब रिजिजू ने कहा कि देश को नीचा दिखाकर आपको क्या फायदा मिलने वाला है। एक ऐसी बात कर रहे हैं जिसका यहां कोई औचित्य नहीं है। सदन में ऐसी बात नहीं बोलनी चाहिए जिससे सेना को मनोबल गिरे। राहुल गांधी उस विषय के बारे में बात कर रहे हैं जिसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। </p>
<p>इस बीच लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि सदन नियम प्रक्रियाओं से चलेगा। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर अपनी बात रखें। आसन की व्यवस्था की लगातार आप अवमानना कर रहे हैं। सरकार की नीतियों पर बोलें। अगर सेना की आलोचना करेंगे तो यह उचित नहीं है। सदन में उन तथ्यों को बोलें जो देशहित हैं। राहुल गांधी ने कहा कि सेना का हर जवान वास्तविकता को जानता है। उसके बाद सदन में भारी हंगामा हो गया जिसके कारण कार्यवाही को चार बजे तक स्थगित कर दी गयी।</p>
<p>इससे पहले राहुल गांधी ने अपने भाषण के दौरान एक पूर्व सेना प्रमुख की एक अप्रकाशित पुस्तक के हवाले से भारत चीन सीमा पर डोकलाम के संदर्भ में कुछ कहने का प्रयास किया। इस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि किसी मैगजीन के हवाले से सदन में कोई बात कहना नियमों के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि किसी अप्रकाशित पुस्तक का हवाला देकर विपक्ष के नेता सदन को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।</p>
<p>इस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच नोकझोंक होने लगी। इस बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कहा सदन के नियमों का उल्लेख करते हुए व्यवस्था दी कि सदन में किसी अखबार की कटिंग, पत्रिका या किसी पुस्तक में प्रकाशित बातों के आधार पर कोई सदस्य अपनी बात नहीं रख सकता।</p>
<p>इस दौरान गृहमंत्री अमित शाह तथा संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने भी राजनाथ सिंह की आपत्ति का समर्थन किया और कहा कि विपक्ष के नेता को किसी पत्रिका के आधार पर अपनी बात सदन में रखने का अधिकार नहीं है। इस बीच दोनों पक्ष के सदस्यों ने नियमों का हवाला दिया जिस पर बिरला ने कहा कि वह जो व्यवस्था दे रहे हैं वह नियमों के आधार पर है और सभी सदस्यों को उसका पालन करना चाहिए।</p>
<p>अमित शाह ने कहा कि रक्षा मंत्री सिर्फ इतना ही पूछ रहे हैं कि जिस पुस्तक को उद्ध़त किया जा रहा है वह छपी ही नहीं है तो वह कहां से उल्लेख कर रहे हैं। उनका कहना था कि खुद विपक्ष के नेता कह रहे हैं कि किताब प्रकाशित नहीं हुई है। अमित शाह ने कहा कि विपक्ष के नेता को बोलने का अधिकार है, लेकिन जब अध्यक्ष ने व्यवस्था दी है तो उसका पालन किया जाना चाहिए, विपक्ष के नेता किसी अन्य की लिखी बातों को नहीं बोल सकते। वह नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं।</p>
<p>संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि जब अध्यक्ष व्यवस्था दे चुके हैं तो विपक्ष के नेता को उसका पालन करना चाहिए। उनका कहना था कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विपक्ष के नेता की बात सुनने के लिए सदन में बैठे हैं इसलिए उन्हें नियम के तहत बोलना चाहिए। उन्होंने कहा कि सदन नियम से चलता है और यदि विपक्ष के नेता व्यवस्था को नहीं मानते हैं और अध्यक्ष बार बार व्यवस्था दे चुके हैं और विपक्ष के नेता तब भी व्यवस्था को मानने को तैयार नहीं हैं तो इस पर भी विचार किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि जब विपक्ष के नेता नहीं मानते हैं तो नये सदस्यों से नियमों का पालन कराना कठिन हो जाएगा इसलिए अध्यक्ष को नियम बनाने चाहिए कि सदन कैसे चलेगा।</p>
<p>रक्षा मंत्री के फिर आपत्ति जताने के बावजूद जब राहुल गांधी ने बार बार उसी तथ्य का उल्लेख करने का प्रयास किया तो सदन में हंगामा तेज हो गया। इस पर अध्यक्ष ने राहुल गांधी को रोका और कहा कि किसी भी सदस्य को आसन का अपमान करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने विपक्ष के नेता को चेतावनी दी कि वह व्यवस्था का पालन करते हुए अपनी बात रखें। उन्होंने कहा कि यदि वह मनमानी करते हैं तो ऐसे में सदन नहीं चल सकता। व्यवस्था का पालन सभी सदस्यों को करना है और यदि वह ऐसा नहीं करते हैं तो वह दूसरे सदस्य को बोलने के लिए बुला लेंगें। </p>
<p>हंगामे के बीच सत्ता पक्ष के डॉ निशिकांत दुबे ने भी नियमों का उल्लेख करते कहा कि अखबार की कटिंग या किताब या अप्रमाणिक विषय का उद्धरण नहीं दिया जाना चाहिए। अध्यक्ष ओम बिरला ने भी राहुल गांधी से कहा कि सदन में मर्यादा बनाए रखने की जरूरत है और जो प्रामाणिक है उसी का उल्लेख किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता को नियमों का पालन करना चाहिए। बिरला ने तीखे लहजे में कहा कि अध्यक्ष ने व्यवस्था बता दी है और उसको चुनौती नहीं दी जा सकती है इसलिए विपक्ष के नेता को अपनी बात में पुस्तक या किसी अखबार की कटिंग का उल्लेख नहीं करना चाहिए। संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि जब अध्यक्ष व्यवस्था दे चुके हैं तो विपक्ष के नेता को उसका पालन करना चाहिए। </p>
<p>राहुल गांधी ने कहा कि वह सिर्फ सत्तापक्ष के नेता सूर्या के उठाए सवालों का जवाब दे रहे हैं यदि वह मुद्दे नहीं उठाते तो वह उसका उल्लेख नहीं करते लेकिन बिरला ने कहा कि सत्तापक्ष के सांसद ने जो मुद्दे उठाए हैं वे सब पहले से ही संसद की कार्यवाही में है और यदि ऐसा नहीं होता तो वह उनको भी बोलने की अनुमति नहीं देते। उनका कहना था कि सभी सदस्यों को नियमों और मर्यादाओं का पालन करना चाहिए। समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने कहा कि चीन का मुद्दा बहुत संवेदनशील है और उस पर बोलने की राहुल गांधी को इजाजत दी जानी चाहिए। </p>
<p>कांग्रेस के के सी वेणुगोपाल ने कहा कि नियम है कि सदन में नियम 349 के तहत संवेदनशील मुद्दों को पत्रिका में छपे लेख को उद्धृत किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष के नियम सिर्फ विपक्ष के सदस्यों के लिए हैं ऐसा प्रतीत होता है। जब राहुल गांधी ने कहा कि वह पुस्तक का उल्लेख नहीं करेंगे लेकिन उसको लेकर चर्चा तो कर सकते हैं, इस पर अध्यक्ष ने कहा कि उस मुद्दे का जिक्र नहीं किया जा सकता है। उनका कहना था कि विपक्ष के नेता अध्यक्ष की दी गयी व्यवस्था का उल्लंघन करते हैं तो यह भी अनुचित है और उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए। जब राहुल गांधी ने कहा कि अध्यक्ष ही बता दें कि उन्हें क्या करना चाहिए। इस पर राहुल गांधी ने कहा कि वह उनके सलाहकार नहीं हैं लेकिन अध्यक्ष होने के नाते उनका दायित्व है कि सदन नियमों से चले। विपक्ष के नेता की जिम्मेदारी है कि वह सदन को नियम से चलने में सहयोग करें। उनका कहना था कि यदि विपक्ष के नेता व्यवस्था को नहीं मानते हैं और कुर्सी का अपमान करते ही रहते हैं तो यह उचित नहीं है।</p>
<p>विपक्ष के नेता ने कहा कि वह भारत और चीन के संबंधों के बारे में वह बोलना चाहते हैं इस पर भी बोलने की इजाजत नहीं दी जा रही है। राहुल गांधी ने कहा कि सत्ता पक्ष विपक्षी दल पर, विपक्ष के चरित्र पर टिप्पणी करते हैं उनको बोलने दिया जाता है लेकिन उनको रोका जा रहा है। राहुल गांधी ने जब पहले की तरह ही बोलना शुरु किया तो अध्यक्ष ने फिर आपत्ति जताई और कहा कि ऐसा लगता है कि विपक्ष के नेता सदन में कुछ बोलना नहीं चाहते हैं। उन्होंने कहा कि नियम 353 के तहत जो व्यवस्था है उसमें यदि किसी व्यक्ति का नाम लेते हैं तो उसकी अनुमति लेनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि सदन नियम प्रक्रिया से चलेगा बार बार आसन की अवमानना से नहीं चलेगा और यदि विपक्ष के नेता नहीं बोलना चाहते हैं तो वह अगले वक्ता का नाम पुकारेंगे। उनका कहना था कि सबको बोलने का अधिकार है लेकिन नियम प्रक्रिया के तहत और तथ्यों, पर बोलना पड़ेगा। सदस्यों को नीतियों पर बोलने और आलोचना करने का अधिकार है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 02 Feb 2026 18:47:17 +0530</pubDate>
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                <title>लोकसभा में सैलजा ने उठाया दूषिज भू-जल का मुद्दा : सरकार से की स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की मांग, कहा- बीमारियों की चपेट में आ रहे लोग</title>
                                    <description><![CDATA[लोकसभा में सांसदों ने दूषित भू-जल और प्रदूषित नदियों के कारण नागरिकों को कैंसर और अन्य बीमारियों से बचाने हेतु स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की। कांग्रेस, तृणमूल और भाजपा के प्रतिनिधियों ने झज्जर और गंडक जैसी नदियों के संरक्षण, जल जीवन मिशन के लिए केंद्र निधि और स्थानीय जल संकट पर तुरंत कार्रवाई की अपील की।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/selja-raised-the-issue-of-contaminated-ground-water-in-the/article-134854"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/shelja.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। लोकसभा में दूषित भू-जल से होने वाली कैंसर और अन्य बीमारियों की चपेट में आ रहे नागरिकों को बचाने के लिए सरकार से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की गई है। कांग्रेस कुमारी सैलजा ने शून्यकाल में यह मामला उठाया और कहा कि उनके संसदीय क्षेत्र में प्रवाहित होने वाली झज्जर नदी के अत्यंत प्रदूषण के कारण नदी तटों के आसपास रहने वाले गांवों के लोगों को दूषित भूजल पीने को बाध्य होना पड़ रहा है। इस जल के इस्तेमाल से लोगों को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित होना पड़ रहा है और बड़ी संख्या में लोगों को फेफड़े से जुड़ी बीमारियां हो रही हैं।</p>
<p>सैलजा ने कहा कि इसके लिए सरकार को झज्जर नदी के संरक्षण की पहल करानी चाहिए और राष्ट्रीय नदी संरक्षण योजना के तहत निधि उपलब्ध कराई जानी चाहिए ताकि स्थानीय लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।  </p>
<p>तृणमूल कांग्रेस की प्रतिमा मंडल ने कहा कि पश्चिम बंगाल में जल जीवन मिशन के तहत पर्याप्त पैसा केंद्र से उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है जिसके कारण शुद्ध पेयजल योजनाओं को पूरा नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनके संसदीय क्षेत्र में लोगों को जल जीवन मिशन के तहत पेयजल की सुविधा नहीं मिल पा रही है और इसकी वजह केंद्र से जल जीवन के लिए निधि नहीं मिलना है। उन्होंने केंद्र सरकार से तत्काल जल जीवन मिशन का पैसा राज्य सरकार को उपलब्ध कराने की मांग की है।</p>
<p>भाजपा के डॉ संजय जायसवाल ने कहा कि बिहार में गंडक आदि नदियों के कारण चंपारण तथा अन्य क्षेत्रों में नदी तटों के बर्बाद होने से लोगों को दिक्कत हो रही है इसलिए सरकार को लोगों को इस संकट से बचाने के लिए कदम उठाने चाहिए। उन्होंने जल शक्ति मंत्रालय से इस दिशा में शीघ्र कदम उठाने की मांग की ताकि स्थानीय नागरिकों को नदियों के कटाव के कारण हो रहे संकट से बचाया जा सके।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Dec 2025 16:12:06 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>15 करोड़ घरों तक पहुंचा नल से जल : 4 करोड़ में पहुंचाने के हो रहे प्रयास, पाटिल ने कहा- दिक्कतों को दूर करने के हो रहे प्रयास </title>
                                    <description><![CDATA[जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने लोकसभा में बताया कि जल जीवन मिशन के तहत 15 करोड़ घरों को नल से जल कनेक्शन मिल चुके हैं और शेष घरों को स्वच्छ जल उपलब्ध कराने का काम जारी है। उन्होंने उत्तराखंड, हरियाणा और सिक्किम में योजनाओं की प्रगति, धन उपलब्धता, अनियमितताओं पर सख्ती और पूर्वोत्तर में ड्रिप–स्प्रिंकलर सिंचाई को बढ़ावा देने की जानकारी भी दी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/efforts-are-being-made-to-provide-tap-water-to-15/article-134733"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px)-(15)1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल ने लोकसभा में बताया कि जल जीवन मिशन के तहत 15 करोड़ घरों में नल से जल पहुंचाने के कनेक्शन दे दिए गए हैं और चार हजार करोड़ घरों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने का काम चल रहा है।</p>
<p>पाटिल ने प्रश्न काल के दौरान भारतीय जनता पार्टी के अजय भट्ट के सवाल के जवाब में कहा कि उत्तराखंड में सरकार जल जीवन मिशन योजना के तहत खर्च होने वाली राशि का 90 प्रतिशत हिस्सा उपलब्ध कराती है। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन योजना अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसके तहत लक्षित घरों तक स्वच्छ जल हर हालत में पहुंचाया जायेगा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में इस योजना के क्रियान्वयन में आने वाली दिक्कतों को दूर करने के प्रयास किये जा रहे हैं और केन्द्र सरकार धन जरूर उपलब्ध कराएगी। इस योजना के क्रियान्वयन में कोई गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी। अनियमितता करने वाले किसी अधिकारी को बख्शा नहीं जायेगा। जल जीवन मिशन योजना के तहत आने वाली उत्तराखंड की सभी परियोजनाओं को संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों को पूरा तो करना ही पड़ेगा।</p>
<p>पाटिल ने कांग्रेस की कुमारी सैलजा के प्रश्न पर कहा कि उनके लोकसभा क्षेत्र सिरसा सहित पूरे हरियाणा में इस मिशन के तहत आने वाले सभी घरों को नल से स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का काम चल रहा है। हरियाणा में जहां पानी के स्रोत नहीं देखे गये होंगे वहां कुछ दिक्कतें आयी होंगी, उन्हें भी दूर करने की कोशिश होगी।</p>
<p>उन्होंने सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा के इन्द्र हांग सुब्बा के प्रश्न के उत्तर में कहा कि सिक्किम वाटर शेड परियोजना के तहत कार्य कराने की कोशिश हो रही है। उन्होंने पूर्वात्तर क्षेत्र में जल के स्रोत ढूंढकर सिंचाई के लिए ड्रिप और स्प्रिंकलर प्रक्रिया के जरिए सिंचाई की व्यवस्था भी करायी जायेगी। यह प्रक्रिया प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का हिस्सा है। बाइस राज्यों में इस प्रक्रिया के परीक्षण किये जाएंगे। इस प्रक्रिया के तहत जल की खपत कम और उपज भी बेहतर होती है।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Dec 2025 16:33:49 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>लोकसभा में विपक्ष का हंगामा : चुनावों में वोट चोरी के लगाते रहे आरोप, आयकर (संख्याक 2) विधेयक ध्वनिमत से पारित  </title>
                                    <description><![CDATA[सीतारमण ने इसका प्रस्ताव किया और उसके बाद उन्होंने इसे पारित करने का प्रस्ताव रखा, जिस पर विधेयक ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/oppositions-ruckus-in-lok-sabha-kept-allegations-of-vote-theft/article-123283"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/parliament.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्षी दलों के हंगामे के बीच कराधान विधि (संशोधन) विधेयक, 2025 और आयकर (संख्याक 2) विधेयक, 2025 ध्वनिमत से पारित हो गये। 2 बार के स्थगन के बाद अपराह्न 4 बजे सदन के समवेत होते ही पीठासीन अधिकारी संध्या राय ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से कराधान विधि (संशोधन) विधेयक, 2025 को पारित कराने का प्रस्ताव रखने को कहा। सीतारमण ने इसका प्रस्ताव किया और उसके बाद उन्होंने इसे पारित करने का प्रस्ताव रखा, जिस पर विधेयक ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। </p>
<p>इस बीच विपक्षी सदस्य सत्तापक्ष पर लोकसभा और विधानसभा चुनावों में वोट चोरी के आरोप लगाते हुये हंगामा करते रहे। हंगामे के बीच ही राय ने वित्त मंत्री से आयकर (संख्याक 2) विधेयक, 2025 पारित कराने का प्रस्ताव रखने को कहा। इसके बाद सीतारमण ने विधेयक पारित कराने का प्रस्ताव रखा। यह विधेयक भी बिना किसी चर्चा के ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। हंगामा जारी रहने के दौरान ही दोनों विधेयकों के पारित किये जाने के बाद राय ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Mon, 11 Aug 2025 17:45:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>विपक्षी दलों ने लोकसभा में लगाए नारे : सदस्यों से किया सदन चलने देने का आग्रह, हंगामे के कारण कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित</title>
                                    <description><![CDATA[सदन में जो भी काम होंगे, वह संवैधानिक प्रावधान के तहत और लोकसभा की आचार संहिता के अनुसार ही किए जाएंगे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/opposition-parties-raised-slogans-in-lok-sabha-urge-to-let/article-122875"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/parliament.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण मुद्दे पर लोकसभा में विपक्षी दलों का हंगामा जारी रहा, जिसके कारण दो बार के स्थगन के बाद तीसरी बाद सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित करनी पड़ी। लोकसभा में दो बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजे पीठासीन अधिकारी संध्या राय ने जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरु की तो विपक्षी दलों के सदस्य नारे लगाते हुए सदन के बीचो-बीच आकर हंगामा करने लगे। पीठासीन अधिकारी ने उन्हें हंगामा नहीं करने तथा अपनी सीट पर सदन की कार्यवाही चलने देने का आग्रह किया, लेकिन वे नहीं माने और हंगामा चलता रहा।</p>
<p>इस बीच संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने कहा कि सरकार विपक्षी दलों द्वारा उठाए गए किसी भी मुद्दे पर सदन में चर्चा करने के लिए तैयार है, लेकिन सदन में जो भी काम होंगे, वह संवैधानिक प्रावधान के तहत और लोकसभा की आचार संहिता के अनुसार ही किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल चुनाव आयोग को लेकर चर्चा करना चाहते हैं लेकिन यह मामला न्यायालय के विचाराधीन है, दूसरी ओर आयोग स्वायत्त संस्था है और उसे मुद्दे पर संसद में चर्चा नहीं हो सकती है। यह संसद के नियमों के खिलाफ है। पहले भी इस तरह की के मुद्दे सामने आए हैं, लेकिन संसद में उन पर चर्चा नहीं की गई । उनका कहना था कि पूर्व लोकसभा अध्यक्ष बलराम जाखड़ की समक्ष यह मामला आया, तो उन्होंने इस पर यह कहते हुए चर्चा करने से इनकार कर दिया था कि चुनाव आयोग स्वायत्त संस्था है और इस पर सदन में चर्चा नहीं कराई जा सकती है। </p>
<p>उन्होंने यह भी कहा कि लोकसभा की आचार संहिता में इस पर चर्चा करना नियम विरुद्ध है। अब सदस्य स्थापित नियम के खिलाफ चर्चा चाहते हैं, तो सदन इसकी अनुमति नहीं देगा। पहले जो नियम बने हैं, उनका अनुपालन किया जाएगा। इसलिए सदस्यों से आग्रह है कि वह सदन चलने दें। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण विधायक सदन में पारित किए जाने है। इसलिए सदस्य अपने सीटों पर बैठ जाएं। पीठासीन अधिकारी ने हंगामे के बीच विधेयक पारित करा दिया। उनके बार बार आग्रह के बावजूद सदस्यों का हंगामा जारी रहा, तो उन्होंने सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 Aug 2025 17:51:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>लोकसभा में उठा वायनाड में भूस्खलन पीड़ित लोगों का मुद्दा : राहत के लिए ऋण के रूप में दी गई मदद को माफ करने की सरकार से की मांग, प्रियंका गांधी ने कहा- लोग अपने जीवन को पटरी पर लाने के लिए कर रहे है संघर्ष </title>
                                    <description><![CDATA[लोकसभा में केरल के वायनाड में भूस्खलन पीड़ित लोगों का मुद्दा उठा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/priyanka-gandhi-demanded-the-government-to-waive-the-help-given/article-122115"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/1ne1ws3.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। लोकसभा में केरल के वायनाड में भूस्खलन पीड़ित लोगों का मुद्दा उठा और पीड़ितों को राहत देने के लिए ऋण के रूप में दी गई मदद को माफ करने की केंद्र सरकार से मांग की गई। कांग्रेस की प्रियंका गांधी वाड्रा ने शून्यकाल में यह मामला उठाते हुए कहा कि मैं सदन को सूचित करना चाहती हूँ कि वायनाड में आई एक भयानक प्राकृतिक आपदा को एक वर्ष हो गया है। इस आपदा के कारण 17 परिवार पूरी तरह से बर्बाद हो गए। वायनाड भूस्खलन में 1600 इमारतें नष्ट हुई हैं और सैकड़ों एकड़ भूमि तथा फसलें नष्ट हुई हैं, जिससे किसानों और व्यवसायों की आजीविका प्रभावित हुई है।</p>
<p>गांधी ने कहा कि इस आपदा को आए एक वर्ष हो गया है, लेकिन यह दुखद स्थिति है कि केंद्र से पीड़ितों को मदद नहीं मिल रही है। केंद्र सरकार की तरफ से सहायता और पैसा नहीं मिलने के कारण इस आपदा से प्रभावित लोगों का उचित पुनर्वास नहीं हो पाया है। कांग्रेस नेता ने कहा कि एक वर्ष से वह वायनाड के लिए केंद्र से धनराशि जारी करने का अनुरोध कर रही हैं, लेकिन सरकार ने जो राशि उपलब्ध कराई है, वह अपर्याप्त है। इसमें अभूतपूर्व बात यह है कि पीड़तिों को यह राशि ऋण के रूप में दी गई। इस आपदा के कारण वहां के लोगों ने अपनी पूरी आजीविका खो दी है और यदि उनकी मदद की जाती है, तो उम्मीद की जा सकती है कि पीड़ित लोग फिर से अपना जीवन शुरु कर सकेंगे।</p>
<p>वाड्रा ने कहा कि हमने अनुरोध किया था कि इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाएं, लेकिन सरकार ने इसे एक गंभीर प्रकृति की आपदा घोषित किया है। यह घोषणा पर्याप्त नहीं है, क्योंकि पीड़ित परिवारों के लोग एक वर्ष बाद भी अपने जीवन को पटरी पर लाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। वायनाड के लोगों की ओर से मेरा हार्दिक अनुरोध है कि केंद्र सरकार इन ऋणों को माफ करने पर विचार करे। यह बहुत कम राशि है और इसे माफ किया जाना चाहिए।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Wed, 30 Jul 2025 17:52:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>लोकसभा में पुनरीक्षण मामले पर हंगामा : लगातार चौथे दिन नहीं चली संसद, विपक्ष ने लगाए नारे</title>
                                    <description><![CDATA[विपक्षी दलों के सदस्य अपनी मांगों के समर्थन में तख्तियां लेकर सदन के बीचों-बीच आकर नारेबाजी और हंगामा करने लगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/uproar-over-revision-case-in-loksabha-not-run/article-121521"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/parliament1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्षी दलों ने बिहार में मतदाता पुनरीक्षण मामले, ऑपरेशन सिंदूर तथा अन्य मुद्दों पर हंगामा किया, जिसके कारण मानसून सत्र में लगातार चौथे दिन संसद नहीं चली और सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। पीठासीन अधिकारी कृष्ण प्रसाद तेन्नेटी ने एक बार के स्थगन के बाद दोबारा जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू की। विपक्षी दलों के सदस्य अपनी मांगों के समर्थन में तख्तियां लेकर सदन के बीचों-बीच आकर नारेबाजी और हंगामा करने लगे।</p>
<p>पीठासीन अधिकारी ने जरूरी कागजात पटल पर रखवाए और उसके बाद सदन की कार्यवाही शुरू की, लेकिन विपक्ष के सदस्य नारे लगाए और हंगामा करते हुए सदन के बीचों-बीच आ गये और अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाने लगे, जिसके कारण मानसून सत्र की चौथा दिन हंगामे की भेंट चढ़ गया। तेन्नेटी ने सदस्यों से आग्रह किया कि गोवा में अनुसूचित जनजाति से संबंधित मामला चर्चा के रखा जाना है। इसलिए सदस्य अपनी सीटों पर चर्चा में हिस्सा लें। उनका कहना था कि इस मुद्दे को कल भी चर्चा के लिए रखा गया था, लेकिन विपक्षी सदस्यों ने हंगामा किया जिसके कारण इस पर चर्चा नहीं हो सकी।</p>
<p>उन्होंने सदस्यों से चर्चा में हिस्सा लेकर सदन को चलाने में सहयोग करने का आग्रह किया, लेकिन सदस्यों ने उनकी एक नहीं सुनी और हंगामा करते रहे। सदन में हंगामा तथा और शोरशराबा बढ़ता रहा तो पीठासीन अधिकारी ने  सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी। इससे पहले सुबह 11 बजे अध्यक्ष ओम बिरला ने जैसे ही प्रश्नकाल की कार्यवाही शुरू की। सदस्यों ने नारे और हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा नहीं रुका, तो पीठासीन अधिकारी को सदन की कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही मिनट में सदन की कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 24 Jul 2025 16:45:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लोकसभा स्पीकर बिरला ने दी पक्ष-विपक्ष को नसीहत, कहा- संसद की गरिमा, मर्यादा और प्रतिष्ठा बनाए रखें </title>
                                    <description><![CDATA[संसद परिसर में कांग्रेस सहित विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन पर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला काफी नाराज दिखे]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/lok-sabha-speaker-birla-gave-advice-to-the-opposition%C2%A0/article-97302"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/9930400-sizee36.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। संसद परिसर में कांग्रेस सहित विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन पर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला काफी नाराज दिखे। लोकसभा की कार्रवाई शुरू होते ही ओम बिरला ने सत्ता पक्ष और विपक्ष को नसीहत का पाठ पढ़ाया। बिरला ने संसद परिसर में कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के विरोध प्रदर्शन के तौर-तरीकों को अशोभनीय बताया। उन्होंने प्रतिपक्ष के बड़े नेताओं के आचरण को संसदीय परंपराओं के प्रतिकूल करार दिया। उन्होंने कहा कि सभी को संसद की गरिमा, मर्यादा और प्रतिष्ठा को बनाए रखना चाहिए। </p>
<p><strong>बड़े नेताओं का आचरण भी अनुकूल नहीं</strong><br />स्पीकर बिरला ने कहा कि संसद परिसर में जिस प्रकार के प्रदर्शन किए जा रहे हैं, जिस प्रकार नारे, पोस्टर और मुखौटों का उपयोग किया जा रहा है, वह न सिर्फ अशोभनीय है, बल्कि हमारी नियम प्रक्रियाओं और संसदीय परंपराओं के अनुरूप भी नहीं है। मुझे बहुत अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है कि इसमें प्रतिपक्ष के बड़े नेताओं का आचरण-व्यवहार भी संसदीय व्यवहार के अनुकूल नहीं है।</p>
<p><strong>कोई मुद्दा है तो पक्ष-विपक्ष आपस में चर्चा करें</strong><br />बिरला ने कहा कि संसद एक पवित्र स्थल हैए इस भवन की उच्च गरिमा, प्रतिष्ठा और मर्यादा है। मर्यादित गरिमा आचरण रखेंगे तो जनता में ठीक संदेश जाएगा। इस लोकतंत्र के मंदिर के प्रति लोगों की आस्ता है, जो भी विषय और मुद्दे हैं आप आकर चर्चा करें, सत्ता पक्ष और विपक्ष आपस में चर्चा करें। हुआ। उन्होंने 1962 में मद्दूर निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले एक स्वतंत्र विधायक के रूप में अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की। कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में उनका कार्यकाल (1999-2004) अभूतपूर्व वृद्धि एवं विकास के युग की शुरुआत के लिए याद किया जाता है। </p>
<p>उनके नेतृत्व के दौरान बेंगलुरु भारत की सिलिकॉन वैली के रूप में उभरा, जिसने प्रौद्योगिकी एवं नवाचार के केंद्र के रूप में वैश्विक पहचान प्राप्त की। कृष्णा का योगदान कर्नाटक तक ही सीमित नहीं रहा बल्कि उन्होंने महाराष्ट्र के राज्यपाल (2004-2008) और भारत के विदेश मंत्री (2009-2012) के रूप में कार्य किया, जहां उनके राजनयिक कौशल ने भारत को वैश्विक स्तर पर मजबूत किया।    </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Dec 2024 12:05:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>लड़ाई पूंजीपति को छूट, गरीब की लूट वाले टैक्स के खिलाफ: राहुल</title>
                                    <description><![CDATA[लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि मोदी सरकार अमीरों को राहत दे रही है और गरीबों को लूटकर पूंजीपतियों का पोषण कर रही है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/rahul-fights-against-tax-that-robs-the-poor-exemption-for/article-97019"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/9930400-sizee22.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि मोदी सरकार अमीरों को राहत दे रही है और गरीबों को लूटकर पूंजीपतियों का पोषण कर रही है। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार गरीबों को लूट रही है और पूंजीपतियों को सहूलियत दे रही है और उन्हें करों से राहत दे रही है। वस्तु एवं सेवा कर-जीएसटी तथा अन्य कई तरह के कर लगाकर आम लोगों को महंगाई की आग में झोंककर उनका जीवन मुश्किल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूंजीपतियों को छूट और आम लोगों से लूट का एक और उदाहरण देखिए। एक तरफ कॉरपोरेट टैक्स के मुकाबले इनकम टैक्स लगातार बढ़ रहा है। दूसरी तरफ मोदी सरकार गब्बर सिंह टैक्स से और ज्यादा वसूली की तैयारी कर रही है। सुनने में आ रहा है कि जीएसटी से लगातार बढ़ती वसूली के बीच सरकार एक नया टैक्स स्लैब पेश करने जा रही है। आपकी ज़रूरत की चीज़ों पर जीएसटी बढ़ाने की योजना है।</p>
<p><strong>कपड़ों पर जीएसटी 12 से बढ़ाकर 18% करने जा रही सरकार</strong></p>
<p>कांग्रेस नेता ने कहा कि जरा सोचिए अभी, शादियों का सीजन चल रहा है। लोग कब से पाई-पाई जोड़कर पैसे इकट्ठा कर रहे होंगे और सरकार इसी बीच 1500 रुपए से ऊपर के कपड़ों पर जीएसटी 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 18 प्रतिशत करने जा रही है। यह घोर अन्याय है। अरबपतियों को टैक्स में छूट देने और उनके बड़े से बड़े कर्ज़ माफ करने के लिए गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की मेहनत की कमाई को टैक्स द्वारा लूटा जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी लड़ाई इसी अन्याय के ़खिलाफ है। आम लोगों पर पड़ रही टैक्स की मार के ़खिलाफ हम मजबूती से आवाज उठाएंगे और इस लूट को रोकने के लिए सरकार पर दबाव बनाएंगे।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 08 Dec 2024 11:36:53 +0530</pubDate>
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                <title>नांदसी के एक बूथ पर 2 मई को पुनर्मतदान को देखते हुए धारा 144 लागू</title>
                                    <description><![CDATA[केकड़ी जिला मजिस्ट्रेट श्वेता चौहान ने धारा 144 प्रभावी करते हुये मतदान केन्द्र पर चुनाव शांतिपूर्वक स्वतंत्र निष्पक्ष एवं सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराया जाना सुनिश्चित किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/section-144-imposed-in-view-of-re-polling-on-may-2/article-76471"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/dhara-144.png" alt=""></a><br /><p> अजमेर। राजस्थान में अजमेर संसदीय क्षेत्र में लोकसभा चुनाव 2024 के लिये चुनाव आयोग के निर्देश के बाद मसूदा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम नांदसी के एक बूथ पर दो मई को पुनर्मतदान को देखते हुये क्षेत्र में धारा 144 लागू की गयी है। केकड़ी जिला मजिस्ट्रेट ने बुधवार को यह आदेश जारी किये।</p>
<p>चुनाव आयोग द्वारा अजमेर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र (13) के विधानसभा क्षेत्र मसूदा के मतदान केन्द्र राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कमरा नं 1 नांदसी तहसील भिनाय जिला केकड़ी पर 26 अप्रैल को हुये मतदान को शून्य घोषित करके पुनर्मतदान का निर्णय लिया गया है। पुनर्मतदान के लिये दो मई को प्रात: सात बजे से सायं पांच बजे तक समय निश्चित किया गया है। इस बूथ पर 753 मतदाता बताये जा रहे हैं।</p>
<p>केकड़ी जिला मजिस्ट्रेट श्वेता चौहान ने धारा 144 प्रभावी करते हुये मतदान केन्द्र पर चुनाव शांतिपूर्वक स्वतंत्र निष्पक्ष एवं सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराया जाना सुनिश्चित किया है। ताकि मतदाता बिना किसी आतंक एवं भय के अपने संवैधानिक मताधिकार का प्रयोग कर सके उल्लेखनीय है कि 26 अप्रैल को मतदान के बाद मतदान रेकॉर्ड रजिस्टर खोने की सूचना को केन्द्रीय निर्वाचन विभाग ने गम्भीरता से लेते हुये पुन: मतदान के आदेश दिये हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 May 2024 17:23:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>डीपफेक वीडियो के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली उच्च न्यायालय में आगामी लोकसभा चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश करने वाले डीपफेक वीडियो के प्रसार के खिलाफ बुधवार को एक जनहित याचिका दायर की गयी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/pil-filed-in-delhi-high-court-against-deepfake-video/article-76444"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/delhi_high_court_630x400-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली । दिल्ली उच्च न्यायालय में आगामी लोकसभा चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश करने वाले डीपफेक वीडियो के प्रसार के खिलाफ बुधवार को एक जनहित याचिका दायर की गयी।</p>
<p>वरिष्ठ अधिवक्ता जयंत मेहता ने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन और न्यायमूर्ति मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की खंडपीठ के समक्ष इस याचिका का उल्लेख किया। मेहता ने अदालत को सूचित किया कि याचिका एक वकील निकाय द्वारा दायर की गयी है और अनुरोध किया कि इसे तत्काल सूचीबद्ध किया जाये। इसके बाद अदालत ने जनहित याचिका को कल दो मई के लिए तत्काल सूचीबद्ध करने की अनुमति दे दी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 May 2024 16:28:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक, 2024 लोकसभा में पेश, दोषियों को मिलेगी कड़ी सजा</title>
                                    <description><![CDATA[ राज्यमंत्री जितेन्द्र सिंह ने कहा कि हमारे आपके बच्चों को इस तरह की परिस्थिति से बचाया जाए जहां संगठित अपराध करने वाले दुष्ट लोगों को हमारी भावी पीढ़ी के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>नई दिल्ली (एजेंसी)। देश में सरकारी सेवाओं के लिए भर्ती के लिए होने वाली परीक्षाओं में अनुचित साधनों का प्रयोग किए जाने के विरुद्ध कठोर दंडात्मक प्रावधानों वाले सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक, 2024 को आज लोकसभा में पेश किया गया।<br /><br />कार्मिक, जनशिकायत एवं पेंशन मामलों के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेन्द्र सिंह ने सदन में यह विधेयक पेश करने के बाद कहा कि देश में एक नई परिस्थिति ने जन्म लिया है। पेपर लीक होने, प्रश्नपत्र बाहर हल किये जाने, नकल किये जाने आदि प्रकार की शिकायतें एकाएक बढ़ गयीं हैं। राजस्थान में 2018 से ऐसे 12 घोटाले हुए। इसका परिणाम परिश्रम करने वाले बच्चों को भुगतना पड़ता है। उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ होता है। कई बच्चे भावुकता में अतिवादी कदम उठा लेते हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में कोटा में एक बच्ची ने आत्महत्या कर ली और उसकी चिट्ठी पढ़ कर सारे देश में लोगों की आंखें नम हो गई थीं।</p>
<p>डॉ. सिंह ने कहा कि हमारे आपके बच्चों को इस तरह की परिस्थिति से बचाया जाए जहां संगठित अपराध करने वाले दुष्ट लोगों को हमारी भावी पीढ़ी के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। यही भावी पीढ़ी 2047 के विकसित भारत के मिशन के वाहक बनेगी। उन्होंने कहा कि हम भले ही किसी भी राजनीतिक दल के हों लेकिन बच्चे हमारे सबके साझा हैं। हमारी विरासत उनके हाथ में जानी है। इसलिए उनकी सुरक्षा जरूरी है।</p>
<p>इस विधेयक का उद्देश्य पांच सार्वजनिक परीक्षाओं - संघ लोकसेवा आयोग, कर्मचारी चयन आयोग, रेल भर्ती बोर्ड, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी, बैंक कार्मिक चयन संस्थान तथा केन्द्र सरकार के विभागों एवं उनसे संबद्ध कार्यालयों में भर्ती की परीक्षाओं में अनुचित साधनों के उपयोग को रोकना है। </p>
<p>केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित इन परीक्षाओं में प्रश्न पत्र या उत्तर कुंजी की अनधिकृत पहुंच या लीक होना, सार्वजनिक परीक्षा के दौरान उम्मीदवार की सहायता करना, कंप्यूटर नेटवर्क या संसाधनों के साथ छेड़छाड़, योग्यता सूची या रैंक को शॉर्टलिस्ट करने या अंतिम रूप देने के लिए दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़, और फर्जी परीक्षा आयोजित करना, फर्जी प्रवेश पत्र जारी करना या नकल करने या पैसा कमाने के लिए प्रस्ताव पत्र जारी करने के साथ साथ समय से पहले परीक्षा से संबंधित गोपनीय जानकारी का खुलासा करना और व्यवधान पैदा करने के लिए अनधिकृत लोगों को परीक्षा केंद्रों में प्रवेश करने पर रोक लगाता है। इन अपराधों पर तीन से पांच साल तक की कैद और 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।</p>
<p>विधेयक में कहा गया है कि सेवा प्रदाताओं को पुलिस और संबंधित परीक्षा प्राधिकारी को रिपोर्ट करना होगा। सेवा प्रदाता एक ऐसा संगठन है जो सार्वजनिक परीक्षा प्राधिकरण को कंप्यूटर संसाधन या कोई अन्य सहायता प्रदान करता है। ऐसी घटनाओं की रिपोर्ट न करना अपराध होगा। यदि सेवा प्रदाता स्वयं कोई अपराध करता है, तो परीक्षा प्राधिकारी को इसकी सूचना पुलिस को देनी होगी। विधेयक सेवा प्रदाताओं को परीक्षा प्राधिकरण की अनुमति के बिना परीक्षा केंद्र स्थानांतरित करने से रोकता है। सेवा प्रदाता द्वारा किए गए अपराध पर एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। ऐसे सेवा प्रदाता से जांच की आनुपातिक लागत भी वसूल की जाएगी। इसके अलावा, उन्हें चार साल तक सार्वजनिक परीक्षा आयोजित करने से भी रोक दिया जाएगा। इसी तरह से यदि यह स्थापित हो जाता है कि सेवा प्रदाताओं से जुड़े अपराध किसी निदेशक, वरिष्ठ प्रबंधन, या सेवा प्रदाताओं के प्रभारी व्यक्तियों की सहमति या मिलीभगत से किए गए थे, तो ऐसे व्यक्तियों को व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी ठहराया जाएगा। इन्हें तीन साल से लेकर 10 साल तक की कैद और एक करोड़ रुपये जुर्माने की सजा होगी।</p>
<p>उक्त विधेयक में संगठित अपराधों के लिए उच्च स•ाा के प्रावधान हैं। एक संगठित अपराध को सार्वजनिक परीक्षाओं के संबंध में गलत लाभ के लिए साझा हित को आगे बढ़ाने के लिए किसी व्यक्ति या व्यक्तियों के समूह द्वारा किए गए गैरकानूनी कृत्य के रूप में परिभाषित किया गया है। संगठित अपराध करने वाले व्यक्तियों को पांच साल से 10 साल तक की सजा और कम से कम एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। यदि किसी संस्था को संगठित अपराध करने का दोषी ठहराया जाता है, तो उसकी संपत्ति कुर्क और जब्त कर ली जाएगी, और परीक्षा की आनुपातिक लागत भी उससे वसूल की जाएगी।</p>
<p>विधेयक के तहत सभी अपराध संज्ञेय, गैर-जमानती और गैर-शमनयोग्य होंगे। यदि यह साबित हो जाए कि आरोपी ने नियमानुसार उचित कार्य किया था, तब कोई भी कार्रवाई अपराध नहीं मानी जाएगी। उपाधीक्षक या सहायक पुलिस आयुक्त रैंक से नीचे का अधिकारी अधिनियम के तहत अपराधों की जांच नहीं करेगा। केंद्र सरकार जांच को किसी भी केंद्रीय जांच एजेंसी को स्थानांतरित कर सकती है।</p>
<p>विधेयक पर चर्चा शुरू करते हुए कांग्रेस के के सुरेश ने कहा कि वह इस बात से सहमत है कि सभी बच्चे हमारे साझा हैं। इसलिए वह विधेयक का समर्थन करते हैं। भाजपा की ओर से डॉ. सत्यपाल ङ्क्षसह, द्रमुक के डी एम कथीर आनंद, वाईआरएस कांग्रेस की अनुराधा, शिवसेना के राहुल शेवाले, बीजू जनता दल के अच्युतानंद सामंत और बहुजन समाज पार्टी केे मलूक नागर ने भी विधेयक का समर्थन किया।</p>
<p>सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित निवारण) विधयक 2024 पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए भाजपा के प्रताप चंद सारंगी ने कहा कि अनुचित साधन का परीक्षा में इस्तेमाल की कई घटनाएं ओडिशा में हुई है। उनका कहना था कि अनुचित साधनों पर रोक लगाना राष्ट्रीय हित में है और इसे रोकने के लिए सभी को काम करना चाहिए। परीक्षा में अनुचित काम पर रोक लगाने के लिए जो प्रावधान बने उसमें सख्त सजा की व्यवस्था होनी चाहिए। बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को सजा मिलनी चाहिए और उन्हें बक्शा नहीं जाना चाहिए।</p>
<p>तृणमूल कांग्रेस के कल्याण बनर्जी ने कहा कि जो लोग अपराध करते हैं उन्हें दण्डित किया जाना चाहिए और उन्हें अपराध की सजा अवश्य मिलनी चाहिए। उनका कहना था की हर अपराध के साथ न्याय होना चाहिए, लेकिन न्याय के लिए जो भी प्रक्रिया अपनाई जाए उसमें ठोस सबूत का आधार होना बहुत जरूरी है। बिना ठोस सबूत के कोई न्याय नहीं होता। अपराधी गतिविधि को किसी भी हाल में रोकने का काम सबको करना है।</p>
<p>आईयूएमएल के टी मोहम्मद बसीर ने कहा कि प्रश्न हमारे सिस्टम की साख का है और उसे बनाए रखने की जिम्मेदारी हमारी है। देश में 1000 से ज्यादा विश्वविद्यालय हैं दूसरे कॉलेज और अन्य कई बड़े प्रतिष्ठित संस्थान है। इन सबकी साख बनी रहनी चाहिए है।<br /><br />बहुजन समाज पार्टी के कुंवर दानिश अली लोक परीक्षा (अनुचित निवारण) विधेयक 2024 पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि देश में इस बड़ी बीमारी को ठीक करने के लिए यह विधेयक लाया गया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह नक़ल माफिया सक्रिय हैं उसे देखकर ऐसा लगता है कि उनको राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने कहा कि पेपर रद्द होने के कारण छात्रों का सालों साल $खराब हुआ और इसके तनाव में आकर ह•ाारों छात्रों ने $खुदकुशी की है। उन्होंने कहा कि कुछ राज्यों में माफिया इस प्रकार सक्रिय हैं कि उसके करतूतों को उजागर करने वालों को ही जेल जाना पड़ा है।</p>
<p>कांग्रेस के डॉक्टर के जयकुमार ने कहा कि यह बहुत अच्छा विधेयक है परंतु इसे देर से लाया गया है। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में क्या चल रहा है उससे किस प्रकार युवा प्रभावित है यह बात किसी से छिपी नहीं है। पेपर लीक करवाने वाले माफ़यिाओं की वजह से युवाओं को बड़ी क़ुर्बानियाँ देनी पड़ रही है। पेपर लीक मामले में जिम्मेदारी तय कर उनके खिलाफ़ कार्रवाई की जानी चाहिए।</p>
<p>भाजपा के सुमेधानंद सरस्वती ने कहा कि यह विधेयक बहुत पहले ही आ जाना चाहिए था ताकि छात्रों को जिन परेशानियों से गुजरना पड़ा वह नहीं हो पाता। राजस्थान में पिछले पाँच साल में सत्रह पेपर लीक हुए हैं। उस राज्य में तो इस मामले में एसआईटी भी गठित की गई है और अब तक बीस लोग गिरफ़्तार किए गए हैं। राज्य सरकारों को भी इस प्रकार का विधेयक लाना चाहिए ताकि ईमानदार छात्रों को इसका लाभ मिल सके।</p>
<p>समाजवादी पार्टी के एस टी हसन ने कहा कि इस विधेयक की अति आवश्यकता थी। इसका मक़सद योग्य छात्रों को इंसाफ़ दिलाना और माफियाओं के ऊपर नकेल कसना है। उन्होंने कहा कई बार छात्रों को अपने शिक्षकों या प्रबंधन से भी अनबन होने पर $खामिया•ाा भुगतना पड़ता है इसलिए साक्षात्कार की भी वीडियोग्राफी की जानी चाहिए।</p>
<p>एआईएमआईएम के इम्तियाज जलील ने विधायक का समर्थन करते हुए कहा कि देर आए दुरुस्त आए। उन्होंने कहा कि परीक्षा संचालित करने वाली राज्य सरकार की भी एजेंसियों को इसके दायरे में लाना चाहिए ताकि अधिक से अधिक छात्रों को इंसाफ़ मिल सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 06 Feb 2024 18:40:57 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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