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                            <item>
                <title>प्रवीण नेट्टारू हत्या मामला: एनआईए ने तीन भगोड़ों के घरों की ली तलाशी</title>
                                    <description><![CDATA[एनआईए ने कर्नाटक में पिछले साल पीएफआई के कार्यकर्ताओं द्वारा भाजपा युवा मोर्चा के सदस्य प्रवीण नेट्टारू की हत्या से संबंधित मामले में तीन फरार संदिग्धों के घरों पर व्यापक तलाशी ली है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/praveen-nettaru-murder-case-nia-searches-houses-of-three-fugitives/article-50355"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/nia1.jpg" alt=""></a><br /><p>बेंगलुरु। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने कर्नाटक में पिछले साल पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के कार्यकर्ताओं द्वारा भाजपा युवा मोर्चा के सदस्य प्रवीण नेट्टारू की हत्या से संबंधित मामले में तीन फरार संदिग्धों के घरों पर व्यापक तलाशी ली है। सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि भगोड़ों की तलाश के लिए एनआईए के प्रयासों के तहत कर्नाटक के दो जिलों में तीन स्थानों की मंगलवार को तलाशी ली गई। एनआईए ने अब्दुल और नसीरंद रहमान के कोडागु और नौशाद के दक्षिण कन्नड़ घरों पर तलाशी के दौरान कई इलेक्ट्रॉनिक गैजेट और दस्तावेज जब्त किए।</p>
<p>इन तीनों पर कर्नाटक और तमिलनाडु में विभिन्न ठिकानों पर नेट्टारू के मुख्य हमलावरों को शरण देने का संदेह है। इन तीनों के अलावा, मामले में पांच अन्य आरोपी  फरार हैं। इस मामले को एनआईए ने अगस्त 2022 में अपने हाथ में ले लिया था।एनआईए ने अब तक भगोड़ों सहित कुल 21 लोगों पर यूए (पी) अधिनियम, आईपीसी और शस्त्र अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए हैं।</p>
<p>गौरतलब है कि 26 जुलाई, 2022 को दक्षिण कन्नड़ जिले के सुलिया तालुक के बेलारे गांव में पीएफआई किलर स्क्वॉड या सर्विस टीम द्वारा नेट्टारू की हत्या कर दी गई थी। पीएफआई 2047 तक भारत में इस्लामी शासन स्थापित करने के अंतिम उद्देश्य के साथ सांप्रदायिक तनाव पैदा करने और सांप्रदायिक नफरत फैलाने के उद्देश्य से ऐसी लक्षित घृणा हत्याओं में शामिल रहा है। फरार आरोपियों की तलाश के प्रयास जारी हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 29 Jun 2023 15:16:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>कांग्रेस का चुनावी घोषणापत्र जारी, बजरंग दल और पीएफआई पर प्रतिबंध लगाने का किया वादा</title>
                                    <description><![CDATA[ कर्नाटक में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने मंगलवार को चुनावी घोषणापत्र जारी किया जिसमें हिंदूवादी संगठन बजरंग दल और कट्टरपंथी इस्लामी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) को नफरत फैलाने वाले संगठन बताते हुए उन पर प्रतिबंध लगाने का वादा किया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/congress-releases-election-manifesto-promises-to-ban-bajrang-dal-and/article-44468"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-05/manifesto.png" alt=""></a><br /><p>बेंगलुरू। कर्नाटक में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने मंगलवार को चुनावी घोषणापत्र जारी किया जिसमें हिंदूवादी संगठन बजरंग दल और कट्टरपंथी इस्लामी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) को नफरत फैलाने वाले संगठन बताते हुए उन पर प्रतिबंध लगाने का वादा किया गया है।</p>
<p>घोषणापत्र में कहा गया है कि कांग्रेस पार्टी जाति या धर्म के आधार पर समुदायों के बीच नफरत फैलाने वाले व्यक्तियों और संगठनों के खिलाफ दृढ़ और निर्णायक कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।</p>
<p>घोषणापत्र में कहा गया है, ''हमारा मानना है कि कानून और संविधान पवित्र है और बजरंग दल, पीएफआई जैसे व्यक्तियों और संगठनों द्वारा इसका उल्लंघन नहीं किया जा सकता है।  ये संगठन बहुसंख्यक या अल्पसंख्यक समुदायों के बीच दुश्मनी या नफरत को बढ़ावा दे रहे है।  अगर पार्टी राज्य में सत्ता में आती है, तो वह उन पर प्रतिबंध लगाने सहित कानून के अनुसार निर्णायक कार्रवाई करेगी।"</p>
<p>पार्टी ने सत्ता में आने के एक साल के भीतर, राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की मौजूदा सरकार द्वारा पारित सभी अन्यायपूर्ण कानूनों और अन्य जनविरोधी कानूनों को निरस्त करने का भी वादा किया।</p>
<p>घोषणापत्र में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में चुनाव प्रचार के दौरान दी गई पांच गारंटियां जिनमें गृह ज्योति (सभी को 200 यूनिट मुफ्त बिजली का), गृह लक्ष्मी (परिवार की प्रत्येक महिला मुखिया को 2,000 रुपये मासिक), अन्न भाग्य (पसंद का 10 किलो अनाज - चावल, रागी, ज्वार, बाजरा - बीपीएल परिवार के प्रत्येक व्यक्ति को), युवा निधि (बेरोजगार स्नातकों को दो साल के लिए हर महीने 3,000 रुपये और बेरोजगार डिप्लोमा धारकों के लिए भत्ते के रूप में हर महीने 1,500 रुपये), और शक्ति (नियमित केएसआरटीसी/बीएमटीसी बसों में पूरे राज्य में सभी महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा) शामिल हैं।</p>
<p>कांग्रेस ने अनुसूचित जाति (एससी) ,अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) अल्पसंख्यक और लिंगायत और वोक्कालिगा जैसे अन्य समुदायों की आशाओं और आकांक्षाओं को समायोजित करने के लिए आरक्षण की सीमा को 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 75 प्रतिशत करने का संकल्प लिया।  पार्टी ने कहा कि वह एससी के लिए 15 से 17 फीसदी और एसटी के लिए तीन से सात फीसदी आरक्षण बढ़ाने और चार फीसदी के अल्पसंख्यक आरक्षण को बहाल करने और लिंगायत, वोक्कालिगा और अन्य समुदायों हेतु आरक्षण बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।</p>
<p>इनके अलावा पार्टी ने कई वादे किये, जिनमें कांग्रेस सरकार द्वारा कराई गई सामाजिक-आर्थिक जातिगत जनगणना का विमोचन करना , विधायिका के प्रथम सत्र में न्यायमूर्ति सदाशिव आयोग की रिपोर्ट पेश करना ,जाति के आधार पर बदनाम करने को दंडनीय अपराध बनाना, मुस्लिम, ईसाई, जैन, बौद्ध और अन्य समेत अल्पसंख्यक कल्याण के लिए धन का आवंटन बढ़ाकर 10,000 करोड़ रुपये करना और डॉ. अबुल कलाम आजाद वक्फ संपत्ति विकास निगम का गठन करना शामिल हैं।</p>
<p>कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने कहा कि सरकार गठन के पहले दिन कैबिनेट की पहली बैठक में ये सभी वादे पूरे किए जाएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 May 2023 14:31:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>एनआईए की कोटा व बूंदी में छापामार कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[ सुबह 5 बजे के करीब एनआईए की टीम ने कोटा शहर के दो पुलिस थाना क्षेत्रों  सहित बूंदी में अलग- अलग स्थानों पर  कार्रवाई की टीम ने इस दौरान  महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/nia-raids-in-kota-and-bundi/article-37639"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-02/kk.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। आतंकी गतिविधियों के देशभर में पॉपुलर फ्रंट आॅफ  इंडिया (पीएफआई) के खिलाफ  की जा रही कार्रवाई के दौरान शनिवार को एनआईए ने कोटा शहर के दो पुलिस थाना क्षेत्रों  सहित बूंदी में अलग- अलग स्थानों पर  कार्रवाई करने का मामला सामने आया है।  टीम ने इस दौरान  महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए । एनआईए की टीम ने कोटा विज्ञान नगर विस्तार में एडवोकेट अंसार इंदौरी से मामले में गहनता से पूछताछ  की । जबकि कोतवाली थाना क्षेत्र में लाडपुरा में बड़ी मस्जिद के पास पॉपुलर फ्रंट आॅफ इंडिया के बंद कार्यालय पर नोटिस चस्पा किया ।  मस्जिद के सदर अब्दुल सईद से पीएफआई के बारे में जानकारी करते हुए पूछताछ की गई। </p>
<p> जानकारी के अनुसार  सुबह 5 बजे के करीब एनआईए की टीम ने शहर के मानवाधिकार अधिवक्ता अंसार इंदौरी के घर पर छापा डाला। करीब तीन घंटे चली रेड में एनआईए  ने उनके पास से  सात किताबें जो विभिन्न मानवाधिकार संगठनों और प्रसिद्ध लेखकों की थी जब्त की । एडवोकेट अंसार से इस मामले में गहनता से पूछताछ की और पूछताछ के बाद उन्हें छोड़  दिया । बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई दिल्ली में दर्ज एक मुकदमें के संबंध में की गई  ।  दिल्ली में दर्ज  मुकदमे के क्षेत्राधिकार को लेकर  राजस्थान हाई कोर्ट में पेंडिंग एक रिट में अंसारी एडवोकेट भी हैं। इसके बाद टीम ने करीब नौ से दस बजे के बीच कोतवाली थाना क्षेत्र के लाडपुरा में बड़ी मस्जिद के पास पीएफआई के पुराने दफ्तर पर छापामारा । दफ्तर बंद होने से नोटिस चस्पा किया गया। साथ ही मस्जिद के सदर अब्दुल सईद से भी गहनता से करीब एक - डेढ़ घंटे पूछताछ की गई। सईद ने टीम को जानकारी दी कि उन्होंने पूर्व में एक  कमरा पीएफआई को किराए पर दिया था, लेकिन पाबंदी के बाद बंद करा दिया था। इसके बाद टीम चली गई और बूंदी पहुंची तथा पीएफआई के पदाधिकारी महावीर कॉलोनी निवासी अनीस अंसारी के घर पर छापा मार कर पूरे घर की तलाशी ली। इस दौरान टीम के क्या सबूत हाथ लगे इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। पीएफआई से पूर्व में अंसारी ने 2018 में हुए विधान सभा चुनाव भी लड़ा था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Feb 2023 16:12:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पीएफआई से जुड़े बासित खान से पूछताछ के दौरान हो सकते हैं कई खुलासे : नरोत्तम</title>
                                    <description><![CDATA[उन्होंने बताया कि बासित खान पीएफआई की लीगल विंग के लिए काम करता है और उसका महासचिव भी है। उसे आठ तारीख तक की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। उससे पूछताछ के दौरान और कई खुलासे होने की संभावना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/many-revelations-can-happen-during-the-interrogation-of-basit-khan/article-36439"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-02/site-photo-size-(20).jpg" alt=""></a><br /><p>भोपाल ((एजेंसी))। मध्य प्रदेश के गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने आज बताया कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के फरार आरोपी बासित खान से पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ में कई खुलासे होने की संभावना है।</p>
<p>डॉ मिश्रा ने संवाददाताओं से चर्चा के दौरान बताया कि पूर्व में पीएफआई से जुड़े मामले में 18 लोग गिरफ्तार किए गए थे। उस दौरान एक-दो लोग फरार थे, उनमें से एक बासित खान को भोपाल एटीएस ने पकड़ा है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि बासित खान पीएफआई की लीगल विंग के लिए काम करता है और उसका महासचिव भी है। उसे आठ तारीख तक की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। उससे पूछताछ के दौरान और कई खुलासे होने की संभावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Feb 2023 13:29:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एनआईए की टीम ने पीएफआई के जिला अध्यक्ष के घर मारा छापा </title>
                                    <description><![CDATA[एनआईए ने कोटा की लोकल पुलिस को इस संबंध में कोई इनपुट नहीं दिया और ना ही उन्हें कोई जानकारी दी । जानकारी में आया है कि नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी  टीम को पॉपुलर फ्रंट आॅफ इंडिया (पीएफआई ) के जिला अध्यक्ष रहे साजिद खान के घर से पीएफआई से जुड़े हुए कुछ दस्तावेज तथा रिकॉर्ड मिले जिसे वह अपने साथ ले गए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/nia-team-raided-the-house-of-pfi-district-president/article-34757"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-01/nia-ki-team-nei-pfi-jila-adhyaksha-k-ghar-maara-chhapa...kota-live-news-12.1.2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने गुरुवार को सुबह पीएफआई के जिला अध्यक्ष साजिद खान के निवास पर छापामारी की कार्रवाई की । इस दौरान उनके साथ भारी मात्रा में पुलिस बल मौजूद रहा । कार्रवाई के दौरान एनआईए की टीम ने मौके से दस्तावेज तथा रिकॉर्ड को जप्त किया । करीब दो घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान टीम ने आसपास के क्षेत्र को पूरी तरह सीज कर दिया था।  अचानक 5:30 बजे साजिद खान के अमन कॉलोनी स्थित मकान पर पुलिस टीम और एनआईए को देखकर लोग भयभीत हो गए ।</p>
<p>बताया जा रहा है कि इस दौरान एनआईए ने कोटा की लोकल पुलिस को इस संबंध में कोई इनपुट नहीं दिया और ना ही उन्हें कोई जानकारी दी । जानकारी में आया है कि नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी  टीम को पॉपुलर  फ्रंट आॅफ इंडिया (पीएफआई ) के जिला अध्यक्ष रहे साजिद खान के घर से पीएफआई से जुड़े हुए कुछ दस्तावेज तथा रिकॉर्ड मिले जिसे वह अपने साथ ले गए। ज्ञात रहे  पिछले वर्ष  सितंबर 2022 में अमन कॉलोनी में एनआईए टीम ने छापेमारी की कार्रवाई की थी इसके बाद टीम ने सुल्तानपुर में भी छापेमारी की कार्रवाई की थी जहां भारी मात्रा में दस्तावेज और रिकॉर्ड को जप्त किया गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Jan 2023 16:36:50 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>एनआईए ने केरल , कर्नाटक में 3 जगहों पर मारे छापे</title>
                                    <description><![CDATA[एनआईए सूत्रों ने कहा कि यह मामला पीएफआई के कार्यकर्ताओं, सदस्यों और पदाधिकारियों द्वारा रची गई आपराधिक साजिश से संबंधित है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/nia-raids-3-places-in-kerala-karnataka/article-31901"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-12/nia11.jpg" alt=""></a><br /><p>चेन्नई। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) से जुड़े आतंक फंडिंग मामले में केरल के कोझिकोड जिले और कर्नाटक के कलबुरगी जिले में 3 स्थानों पर छापे मारे है। एनआईए सूत्रों ने कहा कि यह मामला पीएफआई के कार्यकर्ताओं, सदस्यों और पदाधिकारियों द्वारा रची गई आपराधिक साजिश से संबंधित है, ताकि विदेश तथा देश के विभिन्न भागों सहित केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक उत्तर प्रदेश और दिल्ली में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए पैसा जुटाया जा सके। </p>
<p>यह भी पता चला कि आरोपी देश भर में विभिन्न स्थानों पर आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए अपने कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने के लिए प्रशिक्षण शिविर आयोजित कर रहे थे। सूत्रों ने कहा कि यह मामला एनआईए ने स्वत: संज्ञान लेते हुए इस साल 13 अप्रैल को दर्ज किया और विस्तृत जांच के आधार पर कल छापेमारी की गई। तलाशी के दौरान आपत्तिजनक सामग्री सहित डिजीटल उपकरण और विभिन्न दस्तावेज जब्त किए गए। इस मामले में आगे की जांच जारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 09 Dec 2022 19:00:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कर्नाटक उच्च न्यायालय ने खारिज की पीएफआई पर पाबंदी को चुनौती देने वाली याचिका</title>
                                    <description><![CDATA[न्यायाधीश एम. नागप्रसन्ना ने कहा कि केन्द्र सरकार के आदेश पीएफआई के राष्ट्रीय विरोधी गतिविधियों में शामिल होने और आतंकवादी संगठनों के साथ उसके संबंध होने के आधार पर है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/karnataka-high-court-dismisses-petition-challenging-ban-on-pfi/article-31197"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-11/kar-hc.jpg" alt=""></a><br /><p>बेंगलुरु। कर्नाटक उच्च न्यायालय ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) पर प्रतिबंध लगाने को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया। न्यायाधीश एम. नागप्रसन्ना ने कहा कि केन्द्र सरकार के आदेश पीएफआई के राष्ट्रीय विरोधी गतिविधियों में शामिल होने और आतंकवादी संगठनों के साथ उसके संबंध होने के आधार पर है।  </p>
<p>पीएफआई की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष ने न्यायालय में याचिका दायर कर पीएफआई पर पाबंदी लगाने के आदेश को चुनौती दी थी। याचिकर्ता ने अपने याचिका में कहा था कि अपना पक्ष रखने का मौका दिए बिना पीएफआई पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया गया। केंद्र सरकार ने 28 सितंबर को पीएफआई को गैरकानूनी संगठन घोषित कर दिया था और उस पर 5 साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 30 Nov 2022 20:34:07 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>मुबंई से पीएफआई के तीन सदस्य गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[एटीएस ने इससे पहले पीएफआई के 22 सदस्यों को गिरफ्तार किया था जिनकी जांच जारी है। एटीएस ने तीनों सदस्यों को पीएफआई की गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम देने के आरोप में गिरफ्तार किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/three-pfi-members-arrested-from-mumbai/article-27300"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-10/pfi.jpg" alt=""></a><br /><p>मुबंई। महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने गुरुवार को प्रतिबंधित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के तीन और सदस्यों को मुबंई के पास पनवेल क्षेत्र से गिरफ्तार किया। एटीएस ने पनवेल में पीएफआई की एक बैठक की सूचना मिलने के बाद पीएफआई पनवेल के सचिव और दो अन्य सदस्यों को गिरफ्तार किया। </p>
<p>एटीएस ने इससे पहले पीएफआई के 22 सदस्यों को गिरफ्तार किया था जिनकी जांच जारी है। एटीएस ने तीनों सदस्यों को पीएफआई की गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम देने के आरोप में गिरफ्तार किया। महाराष्ट्र एटीएस ने पीएफआई के सदस्यों के खिलाफ 22 सितम्बर को चार प्राथमिकी दर्ज की। केन्द्र सरकार ने पीएफआई पर पांच वर्ष का प्रतिबंध लगाया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Oct 2022 15:17:56 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>पीएफआई की राजनीतिक और नैतिक हार</title>
                                    <description><![CDATA[पीएफआई की फंडिंग भी इस पर प्रतिबंध की एक बड़ी वजह बनी है। ऐसी आशंका है कि अपनी गतिविधियों को चलाने के लिए पीएफआई ने दुबई के एक रेस्टोरेंट के जरिए लाखों रुपए हवाले से भारत में प्राप्त किए और इससे अपनी गतिविधियों को चलाया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/political-and-moral-defeat-of-pfi/article-25448"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-10/p-62.jpg" alt=""></a><br /><p>पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया आखिर उस परिणिति को पहुंच गया, जहां कयास लगाया जा रहा था। पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया यानी पीएफआई अकेले नहीं बल्कि इसके साथी संगठनों कैम्पस फ्रंट ऑफ इंडिया, रिहैब फाउंडेशन ऑफ इंडिया, ऑल इंडिया इमाम काउंसिल, जूनियर फ्रंट, नेशनल कॉन्फण्ड्रेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ऑर्गेनाइजेशन, नेशनल विमेंस फ्रंट और एम्पावर इंडिया फाउंडेशन पर भी पांच साल का प्रतिबंध लगा दिया गया। सबूतों की लम्बी शृंखला के बाद भारत सरकार ने 28 सितम्बर की अलसुबह राजपत्र में विस्तृत कारण गिनाते हुए यह प्रतिबंध लागू कर दिया। पिछली 22 तारीख से पीएफआई खबरों में था जब देशभर में उसके 100 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। फिर 27 तारीख को भी ऐसा ही अभियान चलाया गया और एक रात के फासले के बाद भारत में पीएफआई के कुल आठ संगठन पांच वर्ष के लिए प्रतिबंधित कर दिए गए।<br /><br />पीएफआई पर गंभीर आरोप हैं। पीएफआई पर आरोप हैं कि दुर्दान्त आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट को जिन भारतीय नौजवानों ने ज्वाइन किया था उसमें कुछ पीएफआई से जुड़े थे। साल 2010 में पेपर में आपत्तिजनक सवाल पूछने के आरोप में एक कॉलेज प्रोफेसर के हाथ काटने का आरोप भी पॉपुलर फ्रंट पर है। तमिलनाडु में 2019 में वी. रामलिंगम और 2016 में शशि कुमार, केरल में नवम्बर 2021 में संजीत, 2021 में नन्दू, 2018 में अभिमन्यु, 2017 में बिबिन, कर्नाटक में 2017 में शरत, 2016 में आर. रुद्रेश, प्रवीण पुजारी और 2022 में प्रवीण नेत्तारू की हत्या में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के कार्यकर्ताओं का हाथ बताया जा रहा है। <br /><br />पीएफआई की फंडिंग भी इस पर प्रतिबंध की एक बड़ी वजह बनी है। ऐसी आशंका है कि अपनी गतिविधियों को चलाने के लिए पीएफआई ने दुबई के एक रेस्टोरेंट के जरिए लाखों रुपए हवाले से भारत में प्राप्त किए और इससे अपनी गतिविधियों को चलाया। गृह मंत्रालय का आरोप है कि इन पैसों को वैध दिखाने के लिए कई चैनल से घुमाया गया ताकि चंदे को सफेद दिखाया जा सकें।<br />पीएफआई अपनी विचारधारा से वहाबी संगठन है। पूरी दुनिया जिसे इस्लामी आतंकवाद पुकारती है दरअसल, वह वहाबी आतंकवाद है। यह नाम इस विचारधारा के संस्थापक इब्न अब्दुल वहाब के नाम पर रखी गई है। इस्लाम की कट्टर तफसीर हत्या को प्रमुख सजा के तौर पर स्थापित करने, महिलाओं, बच्चों के अधिकार निषेध और मनोरंजन की व्याख्या में अतिरंजना इस विचारधारा के प्रमुख हथियार हैं। इस्लामी स्टेट, अल कायदा, तालिबान, अल नुसरा, बोको हराम, हिज्बुल मुजाहिदीन या जैश-ए-मुहम्मद, हर संगठन की मूल विचारधारा वहाबी है। किसी संगठन को एक लक्ष्य के साथ स्थापित किया जा सकता है, लेकिन किसी को मानव बम के तौर पर मरने के लिए तैयार करने के लिए एक दुर्दान्त विचारधारा की जरूरत पड़ती है। पीएफआई ने भी उसी विचारधारा को एक मारक हथियार के तौर पर चुना। <br /><br />पॉपुलर फ्रंट पर सबसे पहले प्रतिबंध की मांग 2016 में दिल्ली की एक छोटी सी मस्जिद के इमाम मौलाना अशफाक हुसैन कादरी ने तत्कालीन गृह मंत्री राजनाथ सिंह से की थी। पीएफआई को जब आम लोग और मीडिया जानते भी नहीं थे तब एक इमाम की इस मांग के कारणों की गहराई में जाना चाहिए। अशफाक हुसैन कादरी ने आशंका जताई थी कि यह संगठन मारक है। युवाओं में वहाबी विचारधारा के पोषण के साथ कट्टरता और अलगाव की स्थिति पैदा कर रहा है। यह भारत संघ और भारत के संविधान के विरुद्ध है। ऐसे ही विचार बाद में मुस्लिम स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया यानी एमएसओ के चैयरमेन शुजाअत अली कादरी ने व्यक्त किए। हाल के घटनाक्रम के बाद राजस्थान के संगठन तहरीक उलामा-ए-हिन्द के प्रवक्ता ने कहा कि पीएफआई पर आजीवन प्रतिबंध लगना चाहिए। अजमेर दरगाह के गद्दीनशीन ने इन प्रतिबंधों का स्वागत किया। इन सभी लोगों में समानता यह है कि यह सभी सूफी इस्लामी व्याख्या में विश्वास करते हैं। यह अन्तर उन सभी हितधारकों को समझना चाहिए, जो भारत में इस्लाम की विचारधारा और मुसलमान समाज की आंतरिक बनावट को समझना चाहते हैं।<br /> <br />सुन्नी वर्ग में आज भी भारत में बहुमत सूफी वर्ग का है। यह किसी न किसी सिलसिले से जुड़े हुए लोग हैं, जो तरीकत में विश्वास करते हैं। यह तरीकत उन सूफी बुजुर्गों के रूहानी प्रयोग हैं जो ख़ुदा की याद, जिक्र मजबूरों की सेवा, गरीबों की मदद, बीमारों की दवा और टूटे दिलों के लिए दुआ का नाम है। आश्चर्य की बात है कि ऐसी किसी तरीकत में वहाबी विचार विश्वास नहीं करती, मगर इसे मानने वाले भारत के राजनीतिक प्रतिनिधित्व तक में अपनी जगह बनाए बैठे हैं।<br /><br />भारत में सूफीवाद के सबसे बड़े प्रयोग हुए हैं। यहां वहाबियत का पौधा वैसे भी फल नहीं दे सकता, लेकिन पीएफआई इस कोशिश में लगी रही कि वह एक दिन सामाजिक बंटवारा कर पाएगी। यहीं उसकी राजनीतिक और नैतिक हार हो जाती है।<br /><br />-डॉ. अखलाक अहमद उस्मानी<br />(ये लेखक के अपने विचार हैं)</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 05 Oct 2022 12:16:31 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सावधान! हम प्रतिशोध की भावना से वापस आएंगे: पीएफआई</title>
                                    <description><![CDATA[घटना का संज्ञान लेते हुए पुलिस ने मंगलवार को घटनास्थल का दौरा किया और इसकी जांच कर रही है। इस बीच हिन्दू जागरण के कार्यकर्ताओं ने पुलिस से सड़क पर आपत्तिजनक संदेश लिखने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/attention-we-will-come-back-with-a-vengeance-pfi/article-25388"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-10/images.jpg" alt=""></a><br /><p>मंगलुरु। दक्षिण कन्नड़ जिले के बंतवाल तालुक में मंगलवार को प्रतिबंधित कट्टरपंथी इस्लामी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) ने कथित रूप से प्रतिशोध की भावना से चेतावनी जारी की है। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा पीएफआई पर प्रतिबंध लगाने के कुछ दिनों बाद पीएफआई ने संदेश जारी करते हुए लिखा कि सावधान (आरएसएस), हम प्रतिशोध की भावना से वापस आएंगे।</p>
<p>घटना का संज्ञान लेते हुए पुलिस ने मंगलवार को घटनास्थल का दौरा किया और इसकी जांच कर रही है। इस बीच हिन्दू जागरण के कार्यकर्ताओं ने पुलिस से सड़क पर आपत्तिजनक संदेश लिखने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। केंन्द्रीय गृह मंत्रालय ने 27 सितंबर को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के अंतर्गत पीएफआई और उसके सहयोगी संगठनों पर पांच साल के लिए प्रतिबंधित लगा दिया था।</p>
<p>सरकार ने पीएफआई के अलावा, इसके सहयोगी रिहैब इंडिया फाउंडेशन, ऑल इंडिया इमाम काउंसिल, नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन, नेशनल विमेन फ्रंट, जूनियर फ्रंट, कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया, एम्पावर इंडिया फाउंडेशन और रिहैब फाउंडेशन, केरल को गैरकानूनी घोषित किया गया है। हालांकि सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया।</p>
<p>इस संदर्भ में, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), राज्य पुलिस और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 22 सितंबर को 15 राज्यों में 93 ठिकानों पर पीएफआई के शीर्ष नेताओं और सदस्यों के घरों और कार्यालयों पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज, नकद, हथियार और बड़ी संख्या में डिजिटल उपकरण बरामद किए गए। पीएफआई के 45 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया जबकि 270 से ज्यादा सदस्यों को हिरासत में लिया गया।</p>
<p>पीएफआई गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल रहा है, जिसमें एक प्रोफेसर का अंग भंग करना, अन्य धर्म के लोगों की निर्मम हत्या, प्रसिद्ध लोगों और स्थानों को निशाना बनाना, विस्फोटक रखना और संपत्ति नष्ट करना शामिल है। इसके अलावा, पीएफआई पर बैंकिंग चैनलों, हवाला आदि के माध्यम से भारत और विदेशों से धन प्राप्त करने और उसका उपयोग विभिन्न आपराधिक, गैरकानूनी और आतंकवादी गतिविधियों में करने का आरोप है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Oct 2022 17:22:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>आरएसएस पीएफआई से भी बदतर संगठन : लालू </title>
                                    <description><![CDATA[लालू यादव ने ट्वीट कर कहा कि पीएफआई की तरह जितने भी नफरत और द्वेष फैलाने वाले संगठन हैं सभी पर प्रतिबंध लगाना चाहिए, जिसमें आरएसएस भी शामिल है। सबसे पहले आरएसएस को बैन करिए, ये उससे भी बदतर संगठन है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को समाज में नफरत और द्वेष फैलाने वाला बताया और कहा कि इन दोनों संगठनों को प्रतिबंधित कर दिया जाना चाहिए। लालू यादव ने ट्वीट कर कहा कि पीएफआई की तरह जितने भी नफरत और द्वेष फैलाने वाले संगठन हैं सभी पर प्रतिबंध लगाना चाहिए, जिसमें आरएसएस भी शामिल है। सबसे पहले आरएसएस को बैन करिए, ये उससे भी बदतर संगठन है। आरएसएस पर 2 बार पहले भी बैन लग चुका है। सनद रहे, सबसे पहले आरएसएस पर प्रतिबंध लौह पुरुष सरदार पटेल ने लगाया था।</p>
<p>वहीं, बिहार के ग्रामीण विकास मंत्री एवं जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के वरिष्ठ नेता श्रवण कुमार तो राजद अध्यक्ष से और एक कदम आगे बढ़कर पीएफआई और आरएसएस के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर भी प्रतिबंध लगाने की बात कह दी। श्रवण कुमार ने जदयू प्रदेश कार्यालय में आयोजित कार्यकर्ताओं के दरबार में माननीय मंत्री कार्यक्रम के बाद पत्रकारों के सवाल के जवाब देते हुए कहा कि भाजपा एवं आरएसएस दोनों पर प्रतिबंध लगना चाहिए। उन्होंने पीएफआई पर प्रतिबंध से संबंधित एक सवाल के जवाब में कहा कि जो भी संगठन समाज में गैर बराबरी, तनाव एवं नफरत फैलाते हैं उन सब पर प्रतिबंध लगाया जाए।</p>
<p>मंत्री ने भाजपा के एक नेता द्वारा जदयू में एक राजा और बाकी सबको नौकर बताने संबंधी बयान पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जबसे भाजपा को दूध की मक्खी के समान निकाल बाहर फेंका है, तब से उसके नेता बौखलाहट में हैं। मानसिक संतुलन खो चुके हैं, तथा हताशा और निराशा में अनर्गल प्रलाप कर रहे हैं।        </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 28 Sep 2022 18:29:14 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>पीएफआई पर सरकार का एक्शन, पांच साल के लिए लगाया बैन</title>
                                    <description><![CDATA[अधिसूचना में कहा गया कि केंद्र सरकार का मानना है कि पीएफआई, इससे जुडे संगठनों और संस्थाओं को तुरंत प्रभाव से गैरकानूनी संगठन घोषित किया जाना जरूरी था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/government-s-action-on-pfi-banned-for-five-years/article-24694"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-09/pfii.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने बुधवार से पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) और कुछ अन्य गठबंधनों के खिलाफ देशव्यापी छापों के बाद पांच साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया।</p>
<p>एक राजपत्र अधिसूचना में कहा गया कि पीएफआई कई आपराधिक और आतंकवादी मामलों में शामिल रहा है और देश की संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ लगातार असम्मान दर्शता रहा है। इस संगठन को बाहर से मिल रहे फंड और विचारधारा को मिल रहे समर्थन के कारण देश की आंतरिक सुरक्षा को बड़ा खतरा पैदा हो गया है।</p>
<p>अधिसूचना में कहा गया कि केंद्र सरकार का मानना है कि पीएफआई, इससे जुडे संगठनों और संस्थाओं को तुरंत प्रभाव से गैरकानूनी संगठन घोषित किया जाना जरूरी था। गृह मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि आधिकारिक रूप से अधिसूचना के प्रकाशन के दिन से ही इन संगठनों पर लगा यह पांच साल का प्रतिबंध शुरू माना जायेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 28 Sep 2022 13:33:09 +0530</pubDate>
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