<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/ineligible/tag-16832" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>ineligible - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/16832/rss</link>
                <description>ineligible RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सरकार की कार्रवाई से डरे अपात्र, करने लगे सरेंडर</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना का गेहूं वंचितों और पात्र लोगों को मिले, इसके लिए राज्य सरकार ने गिव अप अभियान शुरू किया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/ineligible-people--afraid-of-government-action--started-surrendering/article-97602"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/257rtrer-(1)26.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। अपात्र होने के बावजूद राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में नाम जुड़वा कर मुफ्त गेहूं लेने वाले लाभार्थियों ने अब सरेंडर करना शुरू कर दिया है। खाद्य सुरक्षा योजना की सूची से नाम हटवाने के लिए अपात्र लाभार्थी राशन डीलरों के पास पहुंचने लगे हैं। राज्य सरकार के गिव अप अभियान के कारण ऐसा हुआ है। सरकार की कार्रवाई के डर से अपात्र योजना से अपना हटवाने लगे हैं। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना का गेहूं वंचितों और पात्र लोगों को मिले, इसके लिए राज्य सरकार ने गिव अप अभियान शुरू किया है। इस अभियान के दौरान सक्षम व्यक्ति अपना नाम 31 जनवरी 2025 तक खाद्य सुरक्षा सूची से हटवा सकता है। ऐसा नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कोटा जिले में अब तक 20 अपात्रों ने आवेदन कर खाद्य सुरक्षा योजना से अपना नाम हटवा लिया है।</p>
<p><strong>राशन की दुकानों पर लगेंगे पोस्टर </strong><br />विभागीय अधिकारियों के अनुसार गिव अप अभियान की जानकारी देने के लिए उचित मूल्य की दुकानों पर पोस्टर भी लगाए जाएंगे। स्वैच्छा से नाम हटवाने वालों की जगह वंचितों और पात्र लोगों के नाम खाद्य सुरक्षा सूची में जोड़े जाएंगे। अधिकारियों ने बताया कि गिव अप अभियान की समीक्षा के दौरान नाम हटाने के दो कारण नजर आए हैं। पहला कारण तो यह कि जो लोग सक्षम हैं, वह अपने नाम खाद्य सुरक्षा सूची से हटवा लेंगे। दूसरा कारण यह नजर आया कि बहुत से राशन कार्डों में फर्जी नाम हैं। उदाहरण के तौर पर परिवार में वास्तविक सदस्य संख्या तो चार ही है, लेकिन राशन कार्ड में संख्या 6 या इससे अधिक दिखा रखी है। ई-केवाईसी अभियान में ऐसे नाम स्वत: ही हट जाएंगे।</p>
<p><strong>फैक्ट फाइल</strong><br /> जिले में कुल लाभार्थी                     9,07,495 <br />जिले में बीपीएल लाभार्थी               245068<br />जिले में नॉन बीपीएल लाभार्थी         633227<br />जिले में अंत्योदय लाभार्थी              29429 <br />जिले में कुल राशनकार्ड                2,43,551</p>
<p><strong>...तो पूरी हो जाएगी राज्य की सीमा</strong><br />विभागीय अधिकारियों के अनुसार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 की धारा 9 के तहत राज्य की सीमा 4 करोड़ 46 लाख है। अभी जुलाई से लेकर सितंबर तक नए नाम जोड़ने का अभियान चलाया गया तो 12 लाख नए नाम जोड़े गए। इनमें विशेष योग्यजन के अलावा विवाहिताएं और बच्चे शामिल हैं। इन्हें मिलाकर राज्य की सीमा 4 करोड़ 44 लाख हो गई है। इनमें से 3 करोड़ 80 लाख की ई-केवाईसी हो चुकी है। प्रदेश में अभी भी 64 लाख ऐसे व्यक्ति हैं, जिनकी ई-केवाईसी नहीं हुई है। ई-केवाईसी नहीं करवाने वालों के नाम खाद्य सुरक्षा सूची से हटा कर नए नाम जोड़े जाएंगे। नए नाम जुड़ने से राज्य की जो सीमा है वह पूरी हो जाएगी।</p>
<p><strong>इनको माना अपात्र, भरना होगा फार्म</strong><br />रसद विभाग के अधिकारियों के अनुसार पात्र नहीं होने पर भी जो लोग 31 जनवरी तक खाद्य सुरक्षा सूची से नाम नहीं हटवाएंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। चौपहिया वाहन (ट्रैक्टर और सभी प्रकार के वाणिज्य वाहनों को छोड़ कर) मालिक, आयकर रिटर्न भरने वाले और सरकारी कर्मचारियों को अपात्र माना गया है। ऐसे लोग स्वैच्छा से 31 जनवरी तक अपने नाम खाद्य सुरक्षा सूची से हटवा लेते हैं तो उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। उसके बाद खाद्य सूरक्षा सूची की गहराई से जांच करवा कर ऐसे लोगों का पता लगाया जाएगा और फिर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा योजना सूची से स्वैच्छा से नाम हटवाने वालों को एक फार्म भरना होगा। यह फार्म सभी उचित मूल्य की दुकानों पर उपलब्ध करवाए गए हैं। यह फार्म भर कर देने वालों के नाम खाद्य सुरक्षा सूची से हट जाएंगे।</p>
<p>अपात्रों के कारण पात्र लोगों को खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। सरकार ने लाभार्थियों की लिमिट तय कर रखी है। इसलिए जरूरतमंदों के नाम भी नहीं जुड़ पा रहे हैं। अब इन अपात्रों को हटाकर जरूरतमंदों को इसका लाभ देना चाहिए।<br /><strong>-मुरारीलाल, निवासी सूरसागर</strong></p>
<p>राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना का गेहूं वंचितों और पात्र लोगों को मिले, इसके लिए राज्य सरकार ने गिव अप अभियान शुरू किया है। इस अभियान के दौरान सक्षम व्यक्ति अपना नाम 31 जनवरी 2025 तक खाद्य सुरक्षा सूची से हटवा सकता है। ऐसा नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।<br /><strong>-संध्या सिन्हा, प्रवर्तन अधिकारी, रसद विभाग कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/ineligible-people--afraid-of-government-action--started-surrendering/article-97602</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/ineligible-people--afraid-of-government-action--started-surrendering/article-97602</guid>
                <pubDate>Sat, 14 Dec 2024 15:42:45 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-12/257rtrer-%281%2926.png"                         length="647322"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>निर्वाचन आयोग ने नेताओं को किया अयोग्य घोषित, प्रदेश के 48 नेता विधानसभा का नहीं लड़ सकेंगे चुनाव</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान के 48 नेता ऐसे है, जो विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। इनमें से 20 नेता ऐसे है, जो लोकसभा का चुनाव भी नहीं लड़ पाएंगे। भारत निर्वाचन आयोग ने इनको अयोग्य घोषित कर दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-election-commission-declared-ineligible-of-leaders/article-12297"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/eco-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान के 48 नेता ऐसे है, जो विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। इनमें से 20 नेता ऐसे है, जो लोकसभा का चुनाव भी नहीं लड़ पाएंगे। भारत निर्वाचन आयोग ने इनको अयोग्य घोषित कर दिया। आयोग ने गत दिनों इन लोगों की सूची जारी कर दी। इनको दि रिप्रेजेंटेशन ऑफ पीपुल एक्ट 1951 के तहत चुनाव लड़ने के अयोग्य माना है। आयोग ने इनको निश्चित अवधि के लिए अयोग्य माना है। इस अवधि को पूरा होने के बाद वे चुनाव लड़ने के लिए योग्य माने जाएंगे। आयोग ने इनको इसलिए अयोग्य घोषित किया कि उन्होंने आयोग को समय पर जानकारियां उपलब्ध नहीं कराई। इन लोगों ने पूर्व में लोकसभा अथवा विधानसभा का चुनाव लड़ा था। इनमें से अधिकांश ने आयोग को चुनावी खर्चें का ब्यौरा नहीं दिया।</p>
<p><strong>इन्हें दिखाया बाहर का रास्ता</strong> <br />आयोग ने अलवर लोकसभा क्षेत्र के गुलाबसिंह, दौसा के रिंकु कुमार मीणा, नागौर के डॉ. हनुमानाराम और झालावाड़-बारां के बद्रीलाल को अयोग्य घोषित किया है। ये चारों होने वाले विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ सकेंगे, लेकिन लोकसभा का चुनाव लड़ पाएंगे। उस समय तक उनकी निलंबन अवधि समाप्त हो जाएगी।  इसी प्रकार खाजूवाला विधानसभा क्षेत्र के मीठू सिंह, चूरू की उषा राठौड़, कृष्ण कुमार, भीमा सिंह, झोटवाड़ा के दिलीप कुमार शर्मा, आदर्श नगर के अब्दुल अजीज, मुण्डावर के आनंद यादव, बानसूर के ओमप्रकाश गुर्जर, कुलदीप शर्मा और मीरा बाई, कामां के बालकिशन, भरतपुर के योगेश, नदबई के राजवीर सिंह, बयाना के मिश्रीलाल कोली, जैतारण के लादूसिंह, पाली के मोहम्मद अली, मारवाड़ जंक्शन के अमर सिंह और देवाराम, भीनमाल की नंदा देवी, सांचौर के बुद्धराम विश्नोई, सीकर के भगवान सहाय तथा अंकुर शर्मा, भरतपुर के तेजवीर सिंह, टोंक-सवाई माधोपुर के मुकेश कुमार तथा प्रेमलता बंशीवाल को अयोग्य घोषित किया गया है। इसी तरह रायसिंह नगर के कुंभाराम, अलवर ग्रामीण के जीतू यादव, अलवर शहर के अजय कुमार पूनिया, नवजोत सिंह और शोभाराम, सोजत के जीतराम, जगदीश तथा अम्बालाव, सुमेरपुर के शंकर सिंह, कपूराराम, संतोष, इमरान और सोहन सिंह, आहोर के बलवंत सिंह, पीपल्दा के नरेश जांगिड़, सांगोद के धनराज सैन तथा भैरूलाल मालव, अंता के भुवनेश नागर और खानपुर विधानसभा क्षेत्र के मोहनलाल को अयोग्य घोषित किया है। <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-election-commission-declared-ineligible-of-leaders/article-12297</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-election-commission-declared-ineligible-of-leaders/article-12297</guid>
                <pubDate>Thu, 16 Jun 2022 10:35:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-06/eco-copy.jpg"                         length="152251"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हज के लिए 22 अप्रैल तक होंगे ऑनलाइन आवेदन : कागजी</title>
                                    <description><![CDATA[नई गाइडलाइन के अनुसार 65 वर्ष से अधिक आयु के आवेदक होंगे अपात्र]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--online-applications-for-haj-will-be-done-till-april-22--amin-kagzi--according-to-the-new-guideline--applicants-above-65-years-of-age-will-be-ineligible/article-7790"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/h.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान स्टेट हज कमेटी के चेयरमैन अमीन कागजी का कहना है कि हज यात्रा के लिए इच्छुक व्यक्ति 22 अप्रैल तक निर्धारित शर्तों के अनुसार नए आवेदन कर सकते हैं। केन्द्रीय हज कमेटी की जारी गाइडलाइन के अनुसार 30 अप्रैल, 2022 को आयु 65 वर्ष से अधिक होने पर आवेदक हज यात्रा के लिए अपात्र होंगे। कागजी सोमवार को सचिवालय में हज यात्रा के संबंध में अपनी बात रख रहे थे।  जिन महिला हज यात्रियों के महरम उम्र सीमा के कारण अपात्र हो रहे है वे 65 वर्ष से कम आयु के महरम के लिए दोबारा आवेदन कर सकती हैं।  कागजी ने बताया कि इस वर्ष हज यात्रा होगी और प्रदेश के लोग भी जा सकेंगे।</p>
<p><br />कमेटी इसे संबंधित सभी तैयारियां कर रही है। हज यात्रा 2022 के लिए अभी तक करीब 2883 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, लेकिन नई गाइडलाइन के अनुसार अभी 65 वर्ष या उससे अधिक उम्र के आवेदकों को यात्रा पर नहीं भेजा जा सकेगा। नए निर्देशानुसार हज उन लोगों के लिए खुला है जो 65 वर्ष से कम उम्र के हैं और सऊदी अरब सरकार द्वारा अनुमोदित कोविड 19 टीका लगवा चुके हैं। हज के दौरान रवानगी से 72 घंटे के भीतर किए गए कोविड 19 आरटीपीसीआर की टेस्ट रिपोर्ट भी प्रस्तुत करनी होगी। साथ ही सऊदी हज और उमराह मंत्रालय द्वारा कोविड 19 के संबंध में समय-समय पर जारी दिशा निर्देशों की भी पालना करना आवश्यक होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--online-applications-for-haj-will-be-done-till-april-22--amin-kagzi--according-to-the-new-guideline--applicants-above-65-years-of-age-will-be-ineligible/article-7790</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--online-applications-for-haj-will-be-done-till-april-22--amin-kagzi--according-to-the-new-guideline--applicants-above-65-years-of-age-will-be-ineligible/article-7790</guid>
                <pubDate>Tue, 12 Apr 2022 13:19:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-04/h.jpg"                         length="82808"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फूड सिक्योरिटी लिस्ट से 70 लाख अपात्र हटाए</title>
                                    <description><![CDATA[खाद्य विभाग ने नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट के तहत जुड़े पांच करोड़ नामों में से अब तक 70 लाख अपात्र लोगों की पहचान कर ली है। इन लोगों से राशि वसूलने के साथ ही प्रदेश में दस लाख नए परिवारों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा में जोड़ने की कवायद भी शुरू कर दी गई हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/70-lakh-ineligible-removed-from-food-security-list/article-7364"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/02-copy1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। खाद्य विभाग ने नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट के तहत जुड़े पांच करोड़ नामों में से अब तक 70 लाख अपात्र लोगों की पहचान कर ली है। इन लोगों से राशि वसूलने के साथ ही प्रदेश में दस लाख नए परिवारों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा में जोड़ने की कवायद भी शुरू कर दी गई हैं। विभाग ने प्रदेश में एनएफएसए पोर्टल को फिर से शुरू किया है, जहां ई-मित्र से भी आवेदन किए जा सकते हैं। पोर्टल पर आवेदन के लिए जन आधार कार्ड और आधार नंबर होना जरूरी है। केन्द्र सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में प्रदेश के एनएफएसए लाभार्थियों की अधिकतम संख्या 4.46 करोड़ होने पर एनएफएसए पोर्टल को बंद कर दिया गया था, लेकिन अब पोर्टल फिर शुरू किया गया है।</p>
<p>विभाग का मकसद बजट घोषणा के अनुसार दस लाख नए परिवारों को खाद्य सुरक्षा सूची में जोड़ना है, ताकि उन्हें सस्ता गेहूं मिल सके। विभाग की एक रुपए किलो गेहूं फ्लैगशिप योजना के तहत प्रदेश में बीपीएल, स्टेट बीपीएल परिवारों को 5 किलो गेहूं प्रति यूनिट और अंत्योदय परिवारों को 35 किलो गेहूं प्रति परिवार हर महीने दिया जाता है। शेष सभी श्रेणी के लाभार्थियों को दो रुपए प्रति किलो गेहूं दिया जा रहा है। हाल ही में जनआधार कार्ड से राशनकार्ड की मैपिंग के बाद 28 हजार सरकारी कर्मचारी जुड़े मिले थे। इन अपात्रों से वसूली की कार्रवाई जारी है। राज्य में अलग-अलग कार्रवाई के बाद करीब 70 लाख अपात्र लाभार्थियों के नाम एनएफएसए सूची से हटाया जा चुका है। <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/70-lakh-ineligible-removed-from-food-security-list/article-7364</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/70-lakh-ineligible-removed-from-food-security-list/article-7364</guid>
                <pubDate>Tue, 05 Apr 2022 10:38:26 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-04/02-copy1.jpg"                         length="247144"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        