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                <title>agricultural land - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>agricultural land RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>कृषि भूमि पर अवैध निर्माण पर सख्ती, रूपान्तरण से पहले नियमों की पालना जरूरी </title>
                                    <description><![CDATA[नगरीय विकास विभाग ने आदेश जारी कर कहा कि कृषि भूमि के रूपांतरण से पहले हुए निर्माण पर मॉडल राजस्थान भवन विनियम-2025 की सख्त पालना जरूरी। एकल पट्टा जारी करने से पूर्व शपथ पत्र, नियमों के अनुरूपता और आवश्यक जुर्माना जमा करवाना अनिवार्य।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/strict-action-on-illegal-construction-on-agricultural-land-it-is/article-148867"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/secratrait.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान सरकार के नगरीय विकास विभाग ने कृषि भूमि के अकृषि उपयोग में रूपान्तरण और एकल पट्टा जारी करने से पहले किए गए निर्माण को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब ऐसे मामलों में मॉडल राजस्थान भवन विनियम-2025 के प्रावधानों की सख्ती से पालना सुनिश्चित करनी होगी।</p>
<p>जारी आदेश के अनुसार, यदि किसी भूमि पर रूपान्तरण से पूर्व ही भवन निर्माण कर लिया गया है, तो धारा 90 (क) के तहत कार्यवाही करने से पहले भवन विनियम-2025 के विनियम 17.6 की अनुपालना अनिवार्य होगी। यानी बिना स्वीकृति किए गए निर्माण पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही आगे की कार्रवाई होगी। विभाग ने यह भी निर्देश दिए हैं कि एकल पट्टा जारी करने से पहले यदि निर्माण हो चुका है, तो आवेदक से शपथ पत्र लिया जाएगा। इसमें यह सुनिश्चित करना होगा कि निर्माण भवन विनियमों के अनुरूप है या नहीं। यदि निर्माण स्वीकृत योग्य है, तो तालिका 24 के अनुसार जुर्माना जमा करवाना होगा और नियमों के विपरीत निर्माण को हटाकर भवन मानचित्र की स्वीकृति लेनी होगी। इसके अलावा, किसी भी भवन मानचित्र की स्वीकृति जारी करने से पहले विनियम 17.6 की पूर्ण पालना सुनिश्चित करना अनिवार्य कर दिया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 16:21:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कृषि भूमि पर बसाई जा रही अवैध कॉलोनी को किया ध्वस्त </title>
                                    <description><![CDATA[मुख्य नियंत्रक प्रवर्तन महेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि सीकर रोड पर रामल्यवाला योजना के पास करीब 2 बीघा कृषि भूमि पर अवैध कॉलोनी बसाई जा रही थी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/illegal-colony-being-established-on-agricultural-land-was-demolished%C2%A0/article-90140"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/2rtrer.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। शहर में अवैध निर्माण एवं अतिक्रमणों को लेकर की जयपुर विकास प्राधिकरण कार्रवाई कर रहा है। विकास प्राधिकरण के प्रवर्तन दस्ते ने 2 अवैध कॉलोनी को ध्वस्त किया है। मुख्य नियंत्रक प्रवर्तन महेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि सीकर रोड पर रामल्यवाला योजना के पास करीब 2 बीघा कृषि भूमि पर अवैध कॉलोनी बसाई जा रही थी। इस पर कार्रवाई करते हुए अवैध कॉलोनी को ध्वस्त कर दिया।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Sep 2024 14:27:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कृषि भूमि पर बिना अनुमोदन कॉलोनाइजर्स काट रहे कॉलोनियां</title>
                                    <description><![CDATA[केडीए और खरीदारों को हो रहा आर्थिक नुकसान। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/colonizers-are-cutting-colonies-on-agricultural-land-without-approval/article-89354"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/1rtrer-(8)1.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के आस-पास बड़ी संख्या में कृषि भूमियों पर नई-नई कॉलोनियां तो बन रही हैं लेकिन उन कॉलोनियों को कोलोनाइजर्स बिना केडीए से अनुमोदन के ही काटकर बेच रहे हैं। ऐसी दर्जनों कॉलोनियों काटी जाने की अधिकारियों को भनक तक नहीं लगी। जिससे केडीए को राजस्व का नुकसान पहुंचा रहे हैं और खरीदारों को भी लाखों रुपए का नुकसान हो रहा है। नगर विकास न्यास के कोटा विकास प्राधिकरण बनने के बाद इसका दायरा भी बढ़ गया है। अब शहर के आस-पास के क्षेत्र भी केडीए में शामिल हो गए हैं। हालांकि न्यास द्वारा पूर्व में अधिकतर जमीनों को बेचा जा चुका है जिससे अब केडीए के पास जमीनों की कमी महसूस की जा रही है। वहीं शहर के आस-पास के क्षेत्रों में कृषि भूमियां तो हैं लेकिन केडीए उनका लाभ नहीं उठा पा रहा। उनका फायदा निजी कोलोलाइजर्स उठा रहे हैं। वे कृषि भूमी का न तो केडीए में अनुमोदन करवा रहे हैं और न ही भू उपयोग परिवर्तन करवा रहे हैं। बिना सरकारी प्रक्रिया अपनाएं कृषि भूमियों पर अलग-अलग नामों से कॉलोनी काटकर महंगे दामों पर भूखंड बेचे जा रहे हैं। कई लोग उनके बहकावे में आकर भूखंड खरीद भी रहे हैं। जानकारी मिलने पर अब कर रहे कार्रवाई: वहीं केडीए अधिकारियों को अब इस तरह की गैर अनुमोदित कॉलोनियों की जानकारी मिल रही है तो उनके द्वारा कार्रवाई की जा रही है। केडीए ने गत दिनों दो स्थानों पर कार्रवाई की। जिसमें से एक नदी पार क्षेत्र में और दूसरी कैथून रोड पर। ऐसी कॉलोनियों में अधिकारियों ने मौके पर बनी सड़क व नालियों को तोड़ा और बिजली के खम्बे उखाड़ दिए। हालाकि इससे नुकसान कोलोनाइजर्स को कम और केडीए व खरीदारों को अधिक है। केडीए अधिकारियों ने ऐसी जमीन पर चेतावनी बोर्ड लगाकर लोगों को जागरूक करने का प्रयास तो किया है लेकिन ये बोर्ड वहां कितने दिन लगे रहेंगे इसकी कोई गारंटी नहीं है। </p>
<p><strong>नगर विकास न्यास ने पहले भी की कार्रवाई</strong><br />नगर विकास न्यास की ओर से कई साल पहले भी शहर में गैर अनुमोदित कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई की थी। तत्कालीन न्यास सचिव राजेश जोशी व पुलिस उप अधीक्षक आशीष भार्गव के नेतृत्व में कार्रवाई कर गैर अनुमोदित कॉलोनियों पर बोर्ड लगाए गए थे। लेकिन अधिकारियों से दोबारा वहां जाकर देखा तक नहीं। जिससे एक बार कार्रवाई के बाद दोबारा वहां क्या हुआ उसकी उन्हें भी जानकारी नहीं है। यही कारण है कि कोलोनाइजर्स के हौंसले बुलंद होते जा रहे हैं। </p>
<p><strong>बिना अनुमोदन सड़क व बिजली के खम्बे </strong><br />हालत यह है कि शहर के नजदीक ही बड़ी संख्या में ऐसी कॉलोनियां काटी जा चुकी हैं जिनका अनुमोदन तक नहीं हुआ है। उनमें कोलोनाइजर्स ने ग्राहकों को दिखाने के लिए सड़क बनवा दी। बिजली के खम्बे भी लगवा दिए। नालियों का निर्माण करवा दिया। जिन्हें देखकर कि यहां काम हो रहा है लोग भूखंड खरीद रहे हैं। कोलोनाइजर्स व बिल्डर को लाखों  रुपए चुकाने के बाद अब उन्हें पता चल रहा है कि उन्होंने जहां लाखों रुपए में भूखंड खरीदा है वह अनुमोदित ही नहीं है। ऐसे में यहां भूखंड खरीदना व बेचना गलत है तो कई लोगों को उसका पछतावा भी हो रहा है। इतना ही नहीं केडीए अधिकारियों तक को इसकी भनक तक नहीं लगी। </p>
<p><strong>विश्वास पर खरीद रहे भूखंड</strong><br />बोरखेड़ा निवासी अरुण कुमार ने बताया कि कोलोनाइजर्स जिह तरह से नई कॉलोनियों का प्रचार करते हैं। उन पर विश्वास करके लोग वहां भूखंड खरीद रहे हैं।  लेकिन उन्हें इसकी जानकारी नहीं है कि कृषि भूमि पर बनने वाली कॉलोनियों का केडीए से अनुमोदन भी करवाया जाता है। <br />प्रताप नगर निवासी राम नारायण वर्मा का कहना है कि नगर विकास न्यास व केडीए के पास इतने पटवारी, तहसीलदार व भू अभिलख निरीक्षको की फौज है यह उनकी जिम्मेदारी है कि वे कॉलोनी कटते समय ही इसकी जानकारी करें। लेकिन समय पर कार्रवाई नहीं करने से लोगों को नुकसान हो रहा है। अधिकारी समय रहते कार्रवाई करें तो उन्हें भी समस्या नहीं होगी। </p>
<p><strong>पटवारियों से करवा रहे सर्वे</strong><br />केडीए के तहसीलदार हेमराज मीणा ने बताया कि बिना अनुमोदित काटी जा रही जिन कॉलोनियों की जानकारी मिली है वहां तो अतिक्रमण निरोधक दस्ते ने कार्रवाई की है। लेकिन शहर में इस तरह की कॉलोनियां कहां-कहां काटी गई है उनका सर्वे करने के लिए सभी पटवारियों को निर्देशित किया है। जिससे सभी की सूची तैयार होने पर एक साथ ही कार्रवाई की जाएगी।  मीणा ने बताया कि कृषि भूमि जिस भी क्षेत्र में है उस पर कॉलोनी काटने से पहले कोलोनाइजर को उसका केडीए से अनुमोदन करवाना आवश्यक है। ऐसा नहीं करने से एक तो केडीए को राजस्व का नुकसान हो रहा है। साथ ही खरीदारों को भी आर्थिक नुकसान हो रहा है।  उन्होंने बताया कि बिना अनुमोदित कॉलोनी में न तो खरीदार को रिण मिल सकता है और न ही उसका पट्टा बन सकता है। ऐसे में लाखों रुपए खर्च करने के बाद भी वह भूखंड अवैध ही माना जाएगा। यदि उस पर मकान बना लिया तो उसे भी तोड़ा जा सकता है। </p>
<p><strong>भूखंड खरीदते समय यह रखें सावधानी</strong><br />तहसीलदार हेमराज मीणा ने बताया कि लोगों को चाहिए कि वह कहीं भी भूखंड खरीद रहे हैं तो उन्हें सावधानी रखनी चाहिए। लाखों रुपए खर्च करने से पहले उस भूखंड व जमीन के बारे में केडीए कार्यालय से अनुमोदन संबंधी जानकारी लें। साथ ही कोलोनाइजर से भी उसके दस्तावेज देखें। उसके बाद ही भूखंड खरीदें। जिससे लोग आर्थिक नुकसान से बच सकते हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 02 Sep 2024 18:00:17 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>कैलाश ने खेत के रास्ते के लिए 20 साल तक संघर्ष किया, मौत के बाद ही मिल पाई जगह</title>
                                    <description><![CDATA[बेटे ने की आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/kailash-struggled-for-20-years-for-the-path-to-his-farm--got-the-place-only-after-his-death/article-83647"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/4.png" alt=""></a><br /><p>हिंडोली। मरे बिना स्वर्ग नहीं मिलता ? यह कहावत पढ़ते व सुनते आ रहे हैं  लेकिन इसका सही उदाहरण  मंगलवार को प्रत्यक्ष रूप से कैलाश तेली की मौत के बाद वह भी परिवार द्वारा शव के साथ उपखंड कार्यालय के बाहर धरना देने के बाद प्रशासन हरकत में आया और रास्ता बहाल कराया। इससे पहले जब वह 20 सालों से उसके खेत पर जाने वाले रास्ते के लिए संघर्ष कर रहा था लेकिन उसकी सुनवाई नहीं की गई। अगर समय रहते उसकी सुनवाई हो जाती तो उसकी मौत नहीं होती।  सदमे से मरने वाले किसान कैलाश के पुत्र गणेश ने बताया कि हिंडोली तहसील क्षेत्र के सिंघाड़ी गांव में उसके पिता के नाम 10 बीघा कृषि भूमि स्थित है उसके पड़ोस में कल्याण माली  व उसके परिवार की कृषि भूमि भी स्थित है  लेकिन वह व्यक्ति बहुत लालची स्वभाव का है और उसने सन 2004 में हमारे खेत के  रास्ते के आगे जो की सरकारी भूमि होने के बावजूद भी तार बंदी  करके हमारे रास्ते को रोक देता है इसके बाद से ही  पिता लगातार हिंडोली प्रशासन के चक्कर लगाकर रास्ता बहाली के लिए निवेदन करते रहे लेकिन रास्ता नहीं मिला? इस वर्ष भी उसने हमारे कृषि भूमि के आगे रास्ते को पूर्ण रूप से बंद कर दिया तो  पिताजी ने हिंडोली थाने से लेकर तहसील और उपखंड कार्यालय में जाकर अधिकारियों को अवगत भी कराया लेकिन किसी ने हमारी नहीं सुनी इसके बाद 26 जून से 28 जून तक हम सभी परिवारजन धरने पर बैठ गए तो प्रशासन ने आश्वासन देकर कैलाश के परिवार को उठा दिया उसके बाद भी कैलाश  तहसील और उपखंड कार्यालय के चक्कर काटते रहे लेकिन किसी भी अधिकारी ने रास्ता बहाली के लिए ठोस प्रयास भी नहीं किया। कैलाश संघर्ष करते-करते सदमे में 2 जुलाई की सुबह उनकी मौत हो गई उसके बाद भी हम परिवार जनो ने मेरे पिता के शब के साथ उपखंड कार्यालय के बाहर धरना देने पर प्रशासन जागा और हमारा रास्ता बहाल करवाया है।</p>
<p><strong>प्रशासन चाहता तो पहले भी इस रास्ता को बहाल कर सकता था</strong><br />कृषि भूमि का सन 2004 में इस कल्याण माली ने पहली बार रास्ता अवरुद्ध किया था इस मामले की रिपोर्ट हिंडोली थाने में दी थी तब से लगातार हिंडोली थाना तहसील उपखंड कार्यालय मैं रास्ता बहाली को लेकर कैलाश ने बहुत संघर्ष किया लेकिन उसे अकेले कल्याण ने  जायज बात भी प्रशासन को शायद सुनने  नहीं दी और आखिरकार मेरी पिता की मौत हो गई और प्रशासन ने  रास्ता बहाल करवाया है। कैलाश के बेटे गणेश का कहना है कि  मेरी प्रशासन से मांग है कि कल्याण माली के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की जाए।  </p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />मेरे संज्ञान में आने के बाद से रास्ता बहाली के प्रयास चल रहे थे। इस बीच कैलाश तेली के परिवार ने उपखंड कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया । धरने पर प्रशासन ने उसको शीघ्र रास्ता बहाली के लिए आश्वासन दिया था। कैलाश तेली ने भी प्रशासन के आश्वासन को मानकर धरना खत्म कर दिया था। हम भी उसके पुत्र को बुलाकर सारे विकल्पों पर बातचीत कर रहे थे और मैं भी मौके पर जाकर मौका  देखा था।  एक-दो दिन में रास्ता बहाली होनी थी की इसी बीच कैलाश तेली की मौत हो गई जो दुखद है और उसके खेत का रास्ता भी बहस कर दिया है।     <br /><strong>- कमलेश कुमार कुलदीप, तहसीलदार हिंडोली</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Jul 2024 15:54:37 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>पच्चीस बीघा कृषि भूमि पर बसाई जा रही चार अवैध कॉलोनियां ध्वस्त</title>
                                    <description><![CDATA[ कृषि भूमि पर जेडीए की बिना स्वीकृति-अनुमोदन के एवं बिना भू रूपान्तरण करवाए अवैध रूप से बसाई जा रही चार कॉलोनियों में किए गए निर्माणों को प्रवर्तन दस्ते ने ध्वस्त कर दिया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/four-illegal-colonies-being-established-on-twenty-five-bigha-agricultural-land/article-80193"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/bu.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। शहर में अवैध निर्माण एवं अतिक्रमणों को लेकर की जा रही कार्रवाई के दौरान जयपुर विकास प्राधिकरण के प्रवर्तन दस्ते ने शनिवार को जोन 14 में निजी खातेदारी की करीब 25 बीघा कृषि भूमि पर अवैध रूप से बसाई जा रही चार कॉलोनियों को ध्वस्त कर दिया।</p>
<p>मुख्य नियंत्रक प्रवर्तन महेन्द्र कुमार शर्मा ने बताया कि जोन-14 के क्षेत्राधिकार में अवस्थित मानपुरा, टीलावाला में करीब 15 बीघा, बान्यावाली से एल एण्ड टी रोड़ में करीब चार बीघा एवं दूसरी दो बीघा के साथ ही बान्यावाली से डाबला खुर्द जाने वाली रोड़ पर करीब चार बीघा निजी खातेदारी कृषि भूमि पर जेडीए की बिना स्वीकृति-अनुमोदन के एवं बिना भू रूपान्तरण करवाए अवैध रूप से बसाई जा रही चार कॉलोनियों में किए गए निर्माणों को प्रवर्तन दस्ते ने ध्वस्त कर दिया। उन्होंने बताया कि ध्वस्तीकरण कार्रवाई के दौरान हुए हर्जे खर्चे की वसूली संबंधित कॉलोनाइजरों से वसूल की जाएगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 02 Jun 2024 14:34:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>निजी खातेदारी की 16 बीघा कृषि भूमि पर बसाई जा रही चार अवैध कॉलोनियां ध्वस्त</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर विकास प्राधिकरण के प्रवर्तन दस्ते ने निजी खातेदारी करीब 16 बीघा कृषि भूमि पर बसाई जा रही चार नवीन अवैध कॉलोनियों का प्रारंभिक स्तर पर ही ध्वस्त किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/four-illegal-colonies-being-established-on-16-bigha-agricultural-land/article-74904"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/photo-size-(1)4.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर विकास प्राधिकरण के प्रवर्तन दस्ते ने निजी खातेदारी करीब 16 बीघा कृषि भूमि पर बसाई जा रही चार नवीन अवैध कॉलोनियों का प्रारंभिक स्तर पर ही ध्वस्त किया।</p>
<p>प्रवर्तन दस्ते ने जोन-14 के क्षेत्राधिकार में अवस्थित ग्राम मकसूदनपुरा पदमपुरा रोड़ पर करीब तीन बीघा निजी खातेदारी कृषि भूमि पर जेडीए की बिना स्वीकृति-अनुमोदन के एवं बिना भू रूपान्तरण करवाए अवैध रूप से बसाई जा रही कॉलोनी को ध्वस्त किया। इसी प्रकार पदमपुरा रोड़ ग्राम पाचून्डा में करीब चार बीघा, पदमपुरारोड़ ग्राम पाचून्डा में ही करीब तीन बीघा, राधास्वामी सत्संग के पास ग्राम बीलवा में ही करीब छह बीघा निजी खातेदारी कृषि भूमि पर बसाई जा रही अवैध कॉलोनियों को ध्वस्त किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Apr 2024 19:24:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>कृषि भूमि का पट्टा नहीं बनने पर सैनिक का धरना </title>
                                    <description><![CDATA[ सरकारी सिस्टम की खामियां बरकरार रहने से व सरकारी ऑफिस में पट्टे की फाइल चलने की धीमी रफ्तार से परेशान एक सैनिक जिला कलक्टर के ऑफिस के समक्ष धरने पर बैठ गया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhunjhunu/soldier-strike-for-not-made-lease-of-agricultural-land/article-7377"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/65746464.jpg" alt=""></a><br /><p>झुंझुनूं। सरकारी सिस्टम की खामियां बरकरार रहने से व सरकारी ऑफिस में पट्टे की फाइल चलने की धीमी रफ्तार से परेशान एक सैनिक जिला कलक्टर के ऑफिस के समक्ष धरने पर बैठ गया। सैनिक ने सीधे कहा कि पैसा दे दिया होता तो काम हो जाता, लेकिन कृषि भूमि का आवासीय पट्टा बनाने के लिए सरकारी सिस्टम ढाई साल से चक्कर कटा रहा है।</p>
<p><strong>पट्टा बनवाने के लिए ढाई साल चक्कर काटे</strong><br />ये दर्द है नवलगढ़ तहसील के मैणांस गांव निवासी सेना के जवान रामनाथ कुमावत का। रामनाथ अपने खेत की जमीन में 400 वर्ग मीटर का आवासीय पट्टा बनवाना चाहते हैं। इसके लिए 23 दिसम्बर 2019 को नवलगढ़ तहसील में आवेदन किया। नियमों के मुताबिक फाइल तैयार की और पेश कर दी। तहसील से आपत्ति साथ फाइल लौटा दी गई। आपत्ति दुरुस्त कर फिर फाइल भेजी गई। दोबारा नई आपत्ति के साथ फाइल लौटा दी गई। इस तरह उनकी फाइल में कई बार ऑब्जेक्शन दिखाया गया। पूछने पर जबाव मिलता दिशा निर्देश के लिए फाइल आगे भेजी है। ढाई साल से यही जवाब मिल रहा है।</p>
<p><strong>दलाल से काम नहीं कराया, इसलिए अटका</strong><br />रामनाथ का कहना है कि गलती ये हो गई कि दलाल के मार्फत काम नहीं किया, पैसे नहीं दिए। पैसा दिया होता तो काम तुरंत हो जाता। नियम से काम कर रहा हूं तो फाइल अटकाई जा रही है। कभी कागजों में रोड को चौड़ाई कम बताई जाती है तो कभी क्या आॅब्जेक्शन उठाकर फाइल अटका दी जाती है। शासन सचिव से पत्र दिला दिया, लेकिन वहीं ढाक के तीन पात। कलक्टर से भी मदद मांगी, ज्ञापन दिया, लेकिन उन्होंने भी कुछ नहीं किया। अब हद हो गई है। फौजी ने चेतावनी दी कि या तो दो दिवस में उसे पट्टा बना कर दिया जाये अन्यथा वे राष्टÑपति से शिकायत करेंगे। <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>झुंझुनूं</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 05 Apr 2022 11:55:28 +0530</pubDate>
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