<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/trade/tag-16939" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>trade - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/16939/rss</link>
                <description>trade RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>वियतनाम राष्ट्रपति टो लैम का तीन दिवसीय भारत दौरा: पीएम और राष्ट्रपति से करेंगे मुलाकात, रणनीतिक संबंधों की मजबूती सहित अन्य मुद्दों पर होगी चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर वियतनाम के राष्ट्रपति टो लैम तीन दिवसीय भारत यात्रा पर पहुंच रहे हैं। अपनी यात्रा की शुरुआत बोधगया से करते हुए, वह रक्षा, व्यापार और प्रौद्योगिकी में 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' को मजबूत करेंगे। यह दौरा भारत की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' और द्विपक्षीय संबंधों के लिए मील का पत्थर साबित होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/vietnam-president-to-lams-three-day-visit-to-india-will-meet/article-152742"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/to-lam.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। वियतनाम के राष्ट्रपति टो लैम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर मंगलवार को भारत पहुंचेंगे। वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के महासचिव टो लैम भारत की तीन दिवसीय यात्रा पर रहेंगे। उनकी इस यात्रा का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों में नयी ऊर्जा भरना और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के नये रास्तों को तलाशना है। राष्ट्रपति टो लैम आज गया (बिहार) पहुंचेंगे। अप्रैल में वियतनाम के राष्ट्रपति चुने जाने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा है। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब दोनों देश अपनी 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' के एक दशक पूरे कर रहे हैं।</p>
<p>उनके साथ मंत्रियों, वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और एक व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल सहित एक उच्च स्तरीय दल भी आ रहा है, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते आर्थिक और रणनीतिक जुड़ाव को बताता है। गया के बाद वह आज देर शाम नयी दिल्ली के लिए रवाना होंगे। वियतनामी नेता का छह मई को राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया जायेगा। उनके प्रधानमंत्री मोदी के साथ व्यापक चर्चा करने का कार्यक्रम है, जिसमें द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं के साथ-साथ प्रमुख क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों को भी शामिल किया जायेगा।</p>
<p>अपनी यात्रा के दौरान वियतनामी राष्ट्रपति भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात करेंगे। इसके अलावा भारत के अन्य वरिष्ठ नेताओं के भी उनसे भेंट करने की संभावना है। राष्ट्रपति टो लैम बोधगया और मुंबई की यात्रा भी करेंगे। भारत और वियतनाम के बीच दीर्घकालिक ऐतिहासिक और सभ्यतागत संबंध हैं। इनकी जड़ें उपनिवेशवाद विरोधी साझा संघर्षों में निहित हैं। 1972 से दशकों के कूटनीतिक जुड़ाव ने इन रिश्तों को और मजबूती प्रदान की है। प्रधानमंत्री मोदी की 2016 में वियतनाम यात्रा के दौरान इन संबंधों को 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' के स्तर पर ले जाया गया था और यह रिश्ता 'शांति, समृद्धि और जनता के लिए 2020 के साझा विजन' से संबंधित है। वियतनाम भारत की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' में प्रमुख भागीदार है। वर्तमान में यह भारत का 15वां सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार और आसियान देशों में चौथा सबसे बड़ा भागीदार है।</p>
<p>पिछले कुछ वर्षों में राजनीतिक, आर्थिक, रक्षा और सांस्कृतिक क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों का विस्तार हुआ है। 2025-2026 में दोनों देशों के बीच व्यापार लगभग 16 अरब अमेरिकी डॉलर (1,524.8 अरब रुपये) रहा है, जिसमें ऊर्जा, बुनियादी ढांचे और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ रहा है। नियमित विचार-विमर्श, संयुक्त अभ्यास और क्षमता निर्माण की पहल के माध्यम से रक्षा और सुरक्षा सहयोग भी गहरा हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टो लैम को वियतनाम के राष्ट्रपति के रूप में चुने जाने पर हार्दिक बधाई दी थी। उन्होंने यह भी कहा था कि भारत और वियतनाम के बीच समय की कसौटी पर खरी उतरी यह दोस्ती लगातार और अधिक मजबूत होती रहेगी। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि वह दोनों देशों और इस क्षेत्र के लोगों की प्रगति एवं समृद्धि के लिए 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' को और गहरा करने की दिशा में मिलकर काम करने के प्रति आशान्वित हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/vietnam-president-to-lams-three-day-visit-to-india-will-meet/article-152742</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/vietnam-president-to-lams-three-day-visit-to-india-will-meet/article-152742</guid>
                <pubDate>Tue, 05 May 2026 14:36:39 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/to-lam.png"                         length="1080392"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दुनिया इतिहास के सबसे बड़े ऊर्जा संकट की ओर बढ़ रही, डीजल और जेट ईंधन की कमी के खतरे की दी चेतावनी : दिमित्रीव</title>
                                    <description><![CDATA[रूसी विशेषज्ञ किरिल दिमित्रीव ने चेतावनी दी है कि दुनिया इतिहास के सबसे बड़े ऊर्जा संकट की ओर बढ़ रही है। होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के कारण तेल की कीमतें $150 प्रति बैरल तक जा सकती हैं। ईंधन की कमी से यूरोप में उड़ानें रद्द होने और वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/kirill-dmitriev-warned-of-the-danger-of-diesel-and-jet/article-152524"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/vladimir.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष (आरडीआईएफ) के सीईओ और अन्य देशों के साथ निवेश एवं आर्थिक सहयोग के लिए राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के विशेष प्रतिनिधि किरिल दिमित्रीव ने कहा कि दुनिया इतिहास के सबसे बड़े ऊर्जा संकट की ओर बढ़ रही है और उसे इसका एहसास भी नहीं है। दिमित्रीव ने एक्स पर टिप्पणी करते हुए कहा, "दुनिया इतिहास के सबसे बड़े ऊर्जा संकट की ओर नींद में चलती जा रही है और अब जाकर कुछ समझदार लोग इस पर ध्यान देना शुरू कर रहे हैं।" उन्होंने साथी निवेशक एरिक नटाल के ब्लूमबर्ग को दिए एक साक्षात्कार पर टिप्पणी की, जिसमें उन्होंने भविष्यवाणी की थी कि तेल की कीमत जल्द ही 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच जाएगी।</p>
<p>इससे पहले, अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख फातिह बिरोल ने यूरोप में डीजल और जेट ईंधन की कमी के खतरे की चेतावनी दी थी।इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के महानिदेशक विलियम वाल्श ने बाद में कहा कि जेट ईंधन की कमी के कारण मई के अंत तक यूरोप में उड़ानें रद्द होना शुरू हो सकता है जैसा कि पहले से ही कुछ एशियाई देशों में हो रहा है।</p>
<p>ईरान को लेकर बढ़ते तनाव के कारण फारस की खाड़ी से वैश्विक बाजारों तक तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस की आपूर्ति का एक प्रमुख मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य प्रभावी रूप से अवरुद्ध हो गया है और इससे तेल निर्यात और उत्पादन भी प्रभावित हुआ है। इस अवरोध के कारण, दुनिया के अधिकांश देशों में ईंधन एवं औद्योगिक उत्पादों की कीमतें बढ़ रही हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/kirill-dmitriev-warned-of-the-danger-of-diesel-and-jet/article-152524</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/kirill-dmitriev-warned-of-the-danger-of-diesel-and-jet/article-152524</guid>
                <pubDate>Sun, 03 May 2026 14:33:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/vladimir.png"                         length="743950"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नेपाल में ईंधन सस्ता तो गैस महंगी : कस्टम नियमों में ढील, जानें भारत के मुकाबले सस्ता या महंगा</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री बालेन शाह ने सीमा पार सामान पर कस्टम ड्यूटी नियमों में संशोधन कर यात्रियों को राहत दी है। जहां पेट्रोल-डीजल के दाम घटे हैं, वहीं रसोई गैस ₹150 महंगी हो गई है। ये फैसले नेपाल की अर्थव्यवस्था को सुधारने और राजस्व वृद्धि के लिए ऐतिहासिक माने जा रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/petrol-and-diesel-become-cheaper-in-nepal-fuel-is-cheaper/article-152329"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/balendra-shah.png" alt=""></a><br /><p>काठमांडू। नेपाल में प्रधानमंत्री बालेन शाह की नई सरकार ने सत्ता संभालने के एक महीने के भीतर कई अहम फैसले लिए हैं, जिनका व्यापक असर देखने को मिल रहा है। इनमें सीमा पार से सामान लाने पर कस्टम ड्यूटी लागू करने का फैसला सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। सरकार ने शुरुआत में भारत से लौटने वाले यात्रियों पर 100 नेपाली रुपये से अधिक मूल्य के सामान पर टैक्स लगाने का नियम लागू किया था, जिससे सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। विरोध बढ़ने के बाद सरकार ने इस नियम में आंशिक राहत देते हुए संशोधन किया है। अब यात्री कस्टम प्वाइंट पर सामान की अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) की स्वयं घोषणा कर सकेंगे, जिसके आधार पर क्लियरेंस दिया जाएगा।</p>
<p>इसी बीच ईंधन कीमतों में भी बदलाव किया गया है। नेपाल ऑयल कॉर्पोरेशन ने पेट्रोल और डीजल के दाम घटाए हैं, जिससे आम लोगों को राहत मिली है। हालांकि रसोई गैस (एलपीजी) की कीमत में 150 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी कर दी गई है, जिसके बाद इसकी कीमत 2160 रुपये तक पहुंच गई है। वहीं, विमान ईंधन के दामों में भी इजाफा किया गया है।</p>
<p>पिछले दिनों बढ़ती कीमतों के कारण बड़ी संख्या में नेपाली नागरिक भारत के पेट्रोल पंपों की ओर रुख कर रहे थे, लेकिन अब वहां ईंधन मिलने में भी दिक्कतें सामने आ रही हैं। ऐसे में सरकार के ये फैसले आम जनता के लिए राहत और चुनौती दोनों लेकर आए हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/petrol-and-diesel-become-cheaper-in-nepal-fuel-is-cheaper/article-152329</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/petrol-and-diesel-become-cheaper-in-nepal-fuel-is-cheaper/article-152329</guid>
                <pubDate>Fri, 01 May 2026 14:11:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/balendra-shah.png"                         length="1337934"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर : ऐतिहासिक निचले स्तर पर, 95 रूपए प्रति डॉलर</title>
                                    <description><![CDATA[अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 6.5% के उछाल और डॉलर सूचकांक में मजबूती से रुपया धराशायी हो गया। गुरुवार को भारतीय मुद्रा 44 पैसे टूटकर 95.32 प्रति डॉलर के अपने सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुंच गई। पश्चिम एशिया संकट और महंगे आयात ने मुद्रा बाजार में भारी दबाव पैदा कर दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/rupee-hits-record-low-at-historic-low-of-rs-95/article-152159"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/dollar-vs-rupee2.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में तेजी और डॉलर की मजबूती से अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपया एक बार फिर 95 डॉलर प्रति बैरल के पार निकलते हुए नये निचले स्तर तक उतर गया। पिछले कारोबारी दिवस पर भारतीय मुद्रा 20 पैसे गिरकर 94.88 रुपये प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुई थी। रुपये पर आज शुरू से ही दबाव रहा। यह 13 पैसे नीचे 95.01 रुपये प्रति डॉलर पर खुला और इसके बाद सीधा फिसलता हुआ 44 पैसे लुढ़ककर फिलहाल 95.32 रुपये प्रति डॉलर पर है।</p>
<p>बीच कारोबार में पहली बार रुपया इतना कमजोर हुआ है। इससे पहले 27 मार्च को यह 95.2275 रुपये प्रति डॉलर तक उतरा था। पश्चिम एशिया संकट के कारण कच्चा तेल आज साढ़े छह प्रतिशत चढ़कर 125 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। इससे रुपये पर दबाव है। दुनिया की अन्य प्रमुख मुद्राओं के बास्केट में डॉलर सूचकांक में 0.1 प्रतिशत की तेजी से भी भारतीय मुद्रा कमजोर हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/business/rupee-hits-record-low-at-historic-low-of-rs-95/article-152159</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/business/rupee-hits-record-low-at-historic-low-of-rs-95/article-152159</guid>
                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 11:23:53 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/dollar-vs-rupee2.png"                         length="2333171"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरान ने दिखाई दरियादिली: जापानी सुपरटैंकर ने पार किया होर्मुज जलडमरूमध्य, आवागमन निर्धारित समुद्री गलियारों और ईरानी अनुमति के तहत ही होगा संभव </title>
                                    <description><![CDATA[ईरानी अनुमति मिलने के बाद जापानी सुपरटैंकर 'इदेमित्सु मारू' 20 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर सफलतापूर्वक होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरा। संघर्ष के बीच यह जापान के लिए बड़ी राहत है, क्योंकि उसका 95% तेल आयात इसी मार्ग पर निर्भर है। ईरान ने अब इस रणनीतिक मार्ग के लिए पूर्व स्वीकृति अनिवार्य कर दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/iran-showed-generosity-japanese-supertanker-crossed-the-strait-of-hormuz/article-152114"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/japan.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरानी अधिकारियों से औपचारिक अनुमति मिलने के बाद जापानी स्वामित्व वाले एक सुपरटैंकर ने होर्मुज जलडमरूमध्य को सफलतापूर्वक पार किया है। अमेरिका-इजरायल और ईरान संघर्ष शुरू होने के बाद इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से जापान से जुड़ा यह पहला प्रमुख तेल पारगमन माना जा रहा है। 'इदेमित्सु मारू' नामक इस पनामा-ध्वजित वीएलसीसी (वेरी लार्ज क्रूड कैरियर), जिसे जापान की ऊर्जा कंपनी इदेमित्सू कोसान की सहायक इकाई संचालित करती है, लगभग 20 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर आगे बढ़ा है। </p>
<p>रिपोर्टों के अनुसार जहाज अबू धाबी तट के पास एक सप्ताह से अधिक समय तक लंगर डाले रहा था। इसने मार्च की शुरुआत में सऊदी अरब के जुयमह टर्मिनल से कच्चा तेल लोड किया था। जहाज की ट्रैकिंग जानकारी के मुताबिक उसने ईरान के क़ेश्म और लारक द्वीपों के निकट अपने मार्ग में समायोजन किया, जिसके बाद वह पूर्व दिशा में आगे बढ़ा। इसे ईरानी प्राधिकरणों के साथ निकट समन्वय का संकेत माना जा रहा है।</p>
<p>जापान अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए पश्चिम एशियाई तेल पर अत्यधिक निर्भर है और उसके लगभग 95 प्रतिशत तेल आयात होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरते हैं। ऐसे में इस मार्ग की स्थिरता जापान की ऊर्जा सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। संघर्ष शुरू होने के बाद ईरान ने जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के लिए पूर्व स्वीकृति अनिवार्य कर दी है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि अब इस मार्ग से आवागमन निर्धारित समुद्री गलियारों और ईरानी अनुमति के तहत ही संभव होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/iran-showed-generosity-japanese-supertanker-crossed-the-strait-of-hormuz/article-152114</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/iran-showed-generosity-japanese-supertanker-crossed-the-strait-of-hormuz/article-152114</guid>
                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 18:20:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/japan.png"                         length="447349"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपए में 18 पैसे गिरकर 94.37 पर खुला, कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग</title>
                                    <description><![CDATA[कच्चे तेल की कीमतों में 2% की वृद्धि और विदेशी निवेशकों द्वारा पूंजी निकासी से रुपया आज 18 पैसे गिरकर 94.37 पर खुला। एशियाई मुद्राओं के कमजोर रुझान ने घरेलू मुद्रा पर दबाव बनाया। हालांकि, डॉलर इंडेक्स में मामूली गिरावट ने रुपये को बड़ी गिरावट से बचाने में मदद की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/in-the-interbank-currency-market-rupee-fell-by-18-paise/article-151907"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/dollar-vs-rupee.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपया मंगलवार को 18 पैसे गिरकर 94.37 पर खुला। इससे पहले सोमवार को रूपया 94.19 पर बंद हुआ था। पिछले कारोबारी दिवस पर रूपया 14.50 पैसे उतरकर 94.16 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। रुपया आज सुबह के कारोबार में कमजोर खुला। रूपए में गिरावट कच्चे तेल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी के कारण हुई क्योंकि एशियाई करेंसी में नरम ट्रेंड ने लोकल यूनिट पर दबाव डाला। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने आज भारतीय पूंजी बाजार में बड़ी निकासी की। इसके साथ ही अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में दो प्रतिशत की तेजी से भी रुपये पर दबाव रहा।</p>
<p>हालांकि, दुनिया की अन्य प्रमुख मुद्राओं के बास्केट में डॉलर सूचकांक के 0.2 प्रतिशत फिसलने का रुपये को लाभ मिला।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/business/in-the-interbank-currency-market-rupee-fell-by-18-paise/article-151907</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/business/in-the-interbank-currency-market-rupee-fell-by-18-paise/article-151907</guid>
                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 12:29:56 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/dollar-vs-rupee.png"                         length="2367641"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शुरूआती कारोबार में रुपया 31 पैसे लुढ़का, 93.75 प्रति डॉलर पर पहुंचा</title>
                                    <description><![CDATA[अंतरबैंकिंग बाजार में रुपया 31 पैसे गिरकर 93.75 प्रति डॉलर के स्तर पर खुला। वैश्विक डॉलर सूचकांक में तेजी और घरेलू बाजार में बिकवाली के दबाव ने भारतीय मुद्रा को कमजोर किया। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने रुपये की गिरावट को थामने का प्रयास किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/rupee-fell-31-paise-to-reach-9375-per-dollar-in/article-151265"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/rupee2.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपया बुधवार को 31 पैसे टूट कर 93.75 प्रति डॉलर पर खुला। इससे पहले भारतीय मुद्रा पिछले कारोबारी दिवस पर 25 गिरकर 93.16 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुई थी। रुपये पर आज शुरू से ही दबाव रहा। दुनिया की अन्य प्रमुख मुद्राओं के बास्केट में डॉलर सूचकांक में करीब 0.1 प्रतिशत की तेजी से रुपये पर दबाव रहा। हालांकि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में आधा फीसदी की नरमी ने भारतीय मुद्रा की गिरावट को सीमित रखा।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/business/rupee-fell-31-paise-to-reach-9375-per-dollar-in/article-151265</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/business/rupee-fell-31-paise-to-reach-9375-per-dollar-in/article-151265</guid>
                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 12:57:18 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/rupee2.png"                         length="1622186"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरान-अमेरिका वार्ता टूटने की संभावना के बीच ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, अमेरिकी बलों ने ईरानी ज़हाज की किया जब्त</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका-ईरान वार्ता टूटने और ओमान की खाड़ी में जहाज जब्त होने से वैश्विक बाजार में हड़कंप मच गया है। ब्रेंट क्रूड 6.3% बढ़कर $96 प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जबकि यूरोपीय गैस कीमतें 10% उछलकर $515 के ऊपर हैं। कूटनीतिक अस्थिरता और नाकाबंदी ने दुनिया भर में ऊर्जा संकट गहराने की आशंका बढ़ा दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/brent-crude-oil-prices-rise-amid-possibility-of-iran-us-talks/article-151109"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/crude-oil.png" alt=""></a><br /><p>मास्को। ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत टूटने की संभावना के संकेतों की वजह से ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है और वह 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच रही हैं, जबकि यूरोपीय गैस की कीमतें लगभग 10 प्रतिशत उछलकर 515 डॉलर प्रति हजार घन मीटर से ऊपर पहुंच गयी हैं। यह जानकारी व्यापारिक आकड़ों में दी गयी। ग्रीनविच मानक समय के अनुसार रात 10:15 बजे तक ब्रेंट कच्चे तेल के वायदा भाव में 6.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो 96 डॉलर प्रति बैरल से अधिक हो गया। लंदन स्थित आईसीई एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, यूरोपीय गैस की कीमतों में करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है वह अब 515 डॉलर प्रति हजार घन मीटर से अधिक हो चुकी हैं।</p>
<p>टीटीएफ (नीदरलैंड में स्थित यूरोप का सबसे बड़ा केंद्र) सूचकांक पर मई के वायदा सौदे रात 09:59 बजे 518 डॉलर प्रति हजार घन मीटर पर कारोबार कर रहे थे, जो पिछले कारोबारी दिन की 472.7 डॉलर की कीमत से 9.6 प्रतिशत अधिक है। रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की थी कि उनके प्रतिनिधि ईरान पर बातचीत के लिये इस्लामाबाद जा रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत माइक वाल्ट्ज ने दावा किया कि अगले 24 घंटों के भीतर अमेरिका-ईरान वार्ता फिर से शुरू होगी। हालांकि, बाद में आईआरएनए ने सूचना दी कि ईरान ने अमेरिका के साथ दूसरे दौर की बातचीत में शामिल होने से इनकार कर दिया है। इसके अतिरिक्त, सोमवार को अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ओमान की खाड़ी में अमेरिकी नाकाबंदी को तोड़ने का प्रयास कर रहे एक ईरानी व्यापारिक जहाज को जब्त करने की पुष्टि की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/brent-crude-oil-prices-rise-amid-possibility-of-iran-us-talks/article-151109</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/brent-crude-oil-prices-rise-amid-possibility-of-iran-us-talks/article-151109</guid>
                <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 17:34:22 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/crude-oil.png"                         length="1280794"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सऊदी अरब, कतर और तुर्की की यात्रा पर जाएंगे पाकिस्तानी पीएम शाहबाज शरीफ, राष्ट्रपति ट्रंप ने दिए नए घटनाक्रम सामने आने के संकेत   </title>
                                    <description><![CDATA[पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ सऊदी अरब, कतर और तुर्की की चार दिवसीय यात्रा पर जा रहे हैं। सऊदी अरब से $3 बिलियन की अतिरिक्त सहायता और पुराने कर्ज के विस्तार से पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार को संजीवनी मिली है। यह दौरा आर्थिक स्थिरता और अमेरिका-ईरान वार्ता के बीच बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/pakistani-pm-shahbaz-sharif-will-visit-saudi-arabia-qatar-and/article-150537"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/pak-pm.png" alt=""></a><br /><p>इस्लामाबाद। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ सप्ताहांत में सऊदी अरब, कतर और तुर्की की चार दिवसीय यात्रा पर जायेंगे। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने बुधवार को यह जानकारी दी। यह यात्रा अमेरिका-ईरान चर्चा के पहले दौर के बाद हो रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को संकेत दिया था कि 'अगले दो दिनों में' पाकिसतान में कुछ नये घटनाक्रम सामने आ सकते हैं। यह यात्राएं पाकिस्तान के लिए एक बड़ी वित्तीय मजबूती के साथ हो रही हैं। वॉशिंगटन में विश्व बैंक-आईएमएफ की स्प्रिंग मीटिंग्स के दौरान वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने कहा कि सऊदी अरब ने 3 अरब डॉलर की अतिरिक्त जमा राशि देने का वादा किया है और पिछली 5 अरब डॉलर की जमा राशि की अवधि भी बढ़ा दी है।</p>
<p>औरंगजेब ने कहा कि इस मदद से पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूती मिलेगी, उसके बाहरी खाते सुदृढ़ होंगे और आईएमएफ समर्थित कार्यक्रम के अनुपालन में सहायता मिलेगी। सरकार का लक्ष्य चालू वित्त वर्ष के अंत तक लगभग 18 अरब डॉलर का भंडार रखना है, जो 3.3 महीने के आयात कवर के बराबर है। उन्होंने पाकिस्तान की हाल ही में किये गये 1.4 अरब डॉलर के यूरोबॉन्ड भुगतान का उल्लेख किया और इसे 'सामान्य घटना' करार दिया। उन्होंने आगामी विदेशी दायित्वों को पूरा करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को भी दोहराया। उन्होंने इस सहयोग को सुगम बनाने के लिए क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और वित्त मंत्री मोहम्मद बिन अब्दुल्ला अल-जदान सहित सऊदी नेतृत्व के साथ-साथ पाकिस्तान की राजनीतिक और आर्थिक टीमों को भी श्रेय दिया।</p>
<p>वित्त मंत्री ने कहा कि सऊदी वित्तीय सहायता और आईएमएफ व विश्व बैंक जैसे संस्थानों से मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान का संयुक्त प्रभाव पाकिस्तान को आर्थिक स्थिरता के लिए आत्मविश्वास और गति प्रदान करता है। उन्होंने फंडिंग के स्रोतों में विविधता लाने के लिए जारी पहलों की भी रूपरेखा पेश की, जिसमें 'ग्लोबल मीडियम-टर्म नोट' कार्यक्रम और 'पांडा बॉन्ड्स' जारी करने की योजना शामिल है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/pakistani-pm-shahbaz-sharif-will-visit-saudi-arabia-qatar-and/article-150537</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/pakistani-pm-shahbaz-sharif-will-visit-saudi-arabia-qatar-and/article-150537</guid>
                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 17:33:44 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/pak-pm.png"                         length="560130"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका-इजरायल व ईरान के युद्ध में झुलसा बासमती चावल, कीमतों में गिरावट का दौर शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[खाड़ी देशों में निर्यात ठप व नए सौदे अटके-हाड़ौती के व्यापारियों और किसानों की बढ़ी चिंता।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/basmati-rice-has-been-damaged-in-the-us-israel-iran-war--and-prices-are-falling/article-145490"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/200-x-60-px)-(1)4.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। हाड़ौती अंचल से खाड़ी देशों और ईरान को होने वाला बासमती चावल का निर्यात इन दिनों लगभग ठप पड़ गया है। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण नए निर्यात सौदे अटक गए हैं। इसका सीधा असर स्थानीय चावल बाजार और मंडियों में देखने को मिल रहा है। निर्यात प्रभावित होने से चावल की कीमतों में गिरावट का दौर शुरू हो गया है। व्यापारियों के अनुसार दामों में करीब 10 हजार रुपए प्रति टन तक की कमी दर्ज की गई है। हाड़ौती के कोटा, बारां और बूंदी जिलों से बड़ी मात्रा में बासमती चावल का व्यापार होता है। यहां के चावल की गुणवत्ता अच्छी होने के कारण इसकी मांग खाड़ी देशों और ईरान में रहती है।</p>
<p><strong>रास्ते में अटकी चावल की खेप</strong><br />वर्तमान में ईरान में मौजूदा परिस्थितियों और वहां के प्रमुख बंदरगाहों पर व्यापारिक गतिविधियों में आई सुस्ती के कारण चावल की खेप भेजने में परेशानी आ रही है। निर्यातकों के अनुसार ईरान के सबसे बड़े बंदरगाह बंदर अब्बास के रास्ते ईरान और अफगानिस्तान को चावल भेजा जाता है। वर्तमान हालात के कारण इस मार्ग से जाने वाली खेप फिलहाल रुक गई है। इसके चलते निर्यातकों ने नए सौदे करना भी लगभग बंद कर दिया है। व्यापारियों का कहना है कि हाड़ौती क्षेत्र से होने वाले चावल निर्यात का करीब 80 प्रतिशत हिस्सा ईरान और खाड़ी देशों में जाता है। अब वहां युद्ध का माहौल होने का सीधा असर स्थानीय बाजार पर पड़ रहा है। मंडियों में चावल की खरीद धीमी हो गई है।</p>
<p><strong>खाड़ी देशों में यहां होती है सप्लाई</strong><br />हाड़ौती का बासमती चावल मुख्य रूप से खाड़ी देशों के दुबई, अबूधाबी, शारजाह (यूएई), दम्माम और जेद्दा (सऊदी अरब), दोहा (कतर), कुवैत सिटी (कुवैत) और मस्कट (ओमान) जैसे बड़े व्यापारिक केंद्रों में भेजा जाता है। इन स्थानों से चावल स्थानीय बाजारों और सुपरमार्केट के माध्यम से उपभोक्ताओं तक पहुंचता है। खाड़ी देशों में भारतीय बासमती चावल की अच्छी मांग रहती है। वहां बड़ी संख्या में भारतीय और दक्षिण एशियाई लोग रहते हैं, जिसके कारण इन देशों में बासमती चावल का उपभोग काफी अधिक है। इसके अलावा ईरान में भी हाड़ौती के बासमती चावल का काफी खपत होती है। अब युद्ध के कारण खाड़ी देशों में चावल का निर्यात ठप हो गया है।</p>
<p><strong>मंडियों में दिखने लगा असर</strong><br />निर्यात प्रभावित होने से कोटा सहित हाड़ौती की मंडियों में चावल की मांग कमजोर हो गई है। व्यापारियों के अनुसार हाड़ौती से काफी मात्रा में चावल ईरान और खाड़ी देशों में जाता है। ऐसे में वहां से मांग कम होने का सीधा असर स्थानीय बाजार पर पड़ रहा है। यदि स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई तो चावल मिलों में उत्पादन भी प्रभावित हो सकता है और स्टॉक बढ़ने से कीमतों में और गिरावट आने की संभावना है। अब मंडियों में रोजाना धान के भाव में कमी आने लगी है। स्थानीय व्यापारियों के अनुसार भामाशाहमंडी में धान के भावों में रोजाना 200 से 400 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट आ रही है।</p>
<p>अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण नए निर्यात सौदे अटक गए हैं। इसका सीधा असर स्थानीय चावल बाजार और मंडियों में देखने को मिल रहा है। चावल की कीमतों में गिरावट आने लगी है।<br /><strong>- भूपेन्द्र सोनी, प्रमुख व्यापारी, भामाशाहमंडी</strong></p>
<p>बंदरगाह मार्ग प्रभावित होने से कई खेप अटक गई हैं। यदि जल्द ही स्थिति सामान्य नहीं हुई तो व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।<br />निर्यात ठप होने से स्थानीय बाजार में स्टॉक बढ़ने लगा है।<br /><strong>- राजेश अग्रवाल, निर्यातक</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/basmati-rice-has-been-damaged-in-the-us-israel-iran-war--and-prices-are-falling/article-145490</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/basmati-rice-has-been-damaged-in-the-us-israel-iran-war--and-prices-are-falling/article-145490</guid>
                <pubDate>Fri, 06 Mar 2026 15:00:26 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/200-x-60-px%29-%281%294.png"                         length="894721"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता की बैठक टली :  नई तारीख जल्द होगी तय, नई तारीख आपसी सहमति से तय करने का किया फैसला</title>
                                    <description><![CDATA[दोनों देशों ने हालिया घटनाक्रमों और उनके प्रभाव का आकलन करने के बाद नई तारीख आपसी सहमति से तय करने का फैसला किया है। यह फैसला अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्णय के बाद आया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/india-us-trade-talks-meeting-postponed-new-date-to-be-decided/article-144153"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/flag.png" alt=""></a><br /><p dir="ltr">वॉशिंगटन। भारत और अमेरिका ने अंतरिम व्यापार समझौते के मसौदे को अंतिम रूप देने के लिए वाशिंगटन में होने वाली मुख्य वार्ताकारों की बैठक को फिलहाल टाल दिया है। भारतीय टीम की तीन दिवसीय बैठक 23 फरवरी से प्रस्तावित थी। वाणिज्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव दर्पण जैन इस समझौते के लिए भारत के मुख्य वार्ताकार हैं।</p>
<p dir="ltr">दोनों देशों ने हालिया घटनाक्रमों और उनके प्रभाव का आकलन करने के बाद नई तारीख आपसी सहमति से तय करने का फैसला किया है। यह फैसला अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्णय के बाद आया है। इसके तहत ट्रंप प्रशासन ने भारत सहित सभी देशों पर 24 फरवरी से 150 दिनों के लिए 10% आयात शुल्क लगाने की घोषणा की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/india-us-trade-talks-meeting-postponed-new-date-to-be-decided/article-144153</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/india-us-trade-talks-meeting-postponed-new-date-to-be-decided/article-144153</guid>
                <pubDate>Sun, 22 Feb 2026 15:42:08 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/flag.png"                         length="548467"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत-अमेरिका व्यापार सौदे की घोषणा के पीछे हताशा : समझौते में देश के हितों का नहीं रखा ध्यान, जयराम ने घोषणा के समय पर किए सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[रमेश ने अमेरिकी राष्ट्रपति के गत दो फरवरी के उस बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें भारत-अमेरिका व्यापार सौदे को अंतिम रूप देने की घोषणा की गयी थी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/frustration-behind-the-announcement-of-india-us-trade-deal-the-countrys/article-144066"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/jairam-ramesh-2-(2).png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की घोषणा के समय पर सवाल उठाते हुए कहा कि समझौते में देश के हितों का ध्यान नहीं रखा गया है। एक्स पर एक विस्तृत पोस्ट में रमेश ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उन टिप्पणियों का हवाला दिया, जो उनकी आयात शुल्क नीति को रद्द करने के अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आयी हैं। कांग्रेस नेता के अनुसार भारत-अमेरिका व्यापार सौदा घोषणा के अनुरूप जारी रहेगा और उन्होंने व्यक्तिगत रूप से 10 मई 2025 को भारतीय सामान पर आयात शुल्क बढ़ाने की धमकी देकर ऑपरेशन सिंदूर को रोकने के लिए हस्तक्षेप किया था। रमेश ने अमेरिकी राष्ट्रपति के गत दो फरवरी के उस बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें भारत-अमेरिका व्यापार सौदे को अंतिम रूप देने की घोषणा की गयी थी। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">कांग्रेस नेता ने इस घोषणा के समय पर सवाल उठाये। रमेश ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने राजनीतिक मजबूरी में काम किया। उन्होंने दावा किया कि यदि सरकार ने केवल 18 दिन और प्रतीक्षा की होती, तो भारतीय किसानों को उनकी पीड़ा और संकट से बचाया जा सकता था और भारतीय संप्रभुता की रक्षा की जा सकती थी। इस समझौते को हानिकारक बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की हताशा और समर्पण के कारण देश को भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के रूप में अग्निपरीक्षा से गुजरना पड़ रहा है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">कांग्रेस इस व्यापार समझौते की आलोचना कर रही है और उसने कृषि, लघु उद्योगों तथा घरेलू विनिर्माण पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर चिंता व्यक्त की है। पार्टी नेताओं का तर्क है कि व्यापार समझौते में किसानों के कल्याण को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और भारत की आर्थिक संप्रभुता की रक्षा की जानी चाहिए। दूसरी ओर, सरकार ने पहले ही स्पष्ट किया है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने, निर्यात को बढ़ावा देने और दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंधों को बढ़ाने के लिए हैं।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/frustration-behind-the-announcement-of-india-us-trade-deal-the-countrys/article-144066</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/frustration-behind-the-announcement-of-india-us-trade-deal-the-countrys/article-144066</guid>
                <pubDate>Sat, 21 Feb 2026 16:53:07 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-05/jairam-ramesh-2-%282%29.png"                         length="348337"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        