<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/warehouses/tag-16968" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>warehouses - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/16968/rss</link>
                <description>warehouses RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>असर खबर का : वेयरहाउस में गाड़ियां समय पर खाली करने के दिए निर्देश, जानें पूरा मामला </title>
                                    <description><![CDATA[जिला कलक्टर ने की एमएसपी पर गेहूं खरीद व्यवस्थाओं की समीक्षा।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---directives-issued-to-ensure-timely-unloading-of-vehicles-at-warehouses/article-149858"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/1200-x-600-px)-(4)5.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। जिला कलक्टर पीयूष समारिया गुरुवार शाम को भामाशाह कृषि उपजमंडी पहुंचे और समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद की व्यवस्थाओं के संबंध में वहां समीक्षा बैठक ली। समारिया ने एफसीआई अधिकारियों से मंडियों में हुई गेहूं की खरीद तथा वेयरहाउस पर गाड़ियां खाली करने की व्यवस्थाओं के बारे में पूछा। उन्होंने वर्तमान में संचालित विभिन्न एजेंसियों के कुल खरीद केन्द्रों के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने पूछा कि गुरुवार को कितने पंजीकृत किसान अपने गेहूं की तुलाई के लिए आए। जिला कलक्टर ने मंडियों से गेहूं का उठाव समय पर करने, पंजीकृत किसानों के गेहूं की तुलाई की गति बढ़ाने और एफसीआई के वेयरहाउस में गाड़ियां समय पर खाली करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एफसीआई के वेयरहाउस के बाहर गाड़ियों की कतारें नहीं लगें यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने एफसीआई अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी वेयरहाउस के बाहर गाड़ियां अधिक हों तो उन्हें दूसरे वेयरहाउस की तरफ डायवर्ट कर वहां खाली करने की व्यवस्था करें।</p>
<p><strong>रसद विभाग करे गाड़ियां खाली करने की मॉनिटरिंग</strong><br />जिला कलक्टर ने मंडियों में गेहूं तुलाई की गति बढ़ाने, मंडियों एवं क्रय केन्द्रों पर आए गेहूं का समय पर उठाव करने और किसानों को बायोमेट्रिक सत्यापन के संबंध में आ रही समस्याओं का समाधान करने के भी निर्देश दिए। जिला कलक्टर ने भामाशाहमंडी प्रशासक एवं अतिरिक्त जिला कलक्टर राजस्व वीरेंद्र सिंह यादव एवं जिला रसद अधिकारी कार्तिकेय मीणा को मंडियों एवं क्रय केन्द्रों पर गेहूं खरीद की व्यवस्था एवं वेयरहाउस में गाड़ियां खाली करने की व्यवस्था की मॉनिटरिंग करने तथा वेयरहाउस का मौके पर जाकर भौतिक निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए। बैठक में एफसीआई अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार को भामाशाह कृषि उपज मंडी में 90 हजार कट्टों की तुलाई हुई। जिला कलक्टर ने इस गति को बरकरार रखने और सभी क्रय केन्द्रों पर अधिक से अधिक तुलाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में एफसीआई, राजफैड, तिलम संघ सहित अन्य क्रय एजेंसियों के अधिकारी उपस्थित थे।</p>
<p><strong>नवज्योति ने प्रमुखता से उठाया था मामला</strong><br />कोटा संभाग में गेहूं की खरीद शुरू होने के बाद वेयरहाउस के बाहर ट्रकों की कतारें लगने के सम्बंध में 9 अप्रैल को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया गया था। इसमें बताया था कि कोटा संभाग में समर्थन मूल्य (एसएसपी) पर गेहूं खरीद ने जोर पकड़ लिया है। खरीदे गए गेहूं को ट्रकों के जरिए विभिन्न वेयरहाउस और गोदामों तक पहुंचाया जा रहा है, लेकिन गोदामों में सीमित संसाधन और अनलोडिंग की धीमी प्रक्रिया के कारण परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो रही है। गोदामों में माल खाली करने की प्रक्रिया में देरी के चलते ट्रक चालकों को 3 से 4 दिन तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। डीसीएम रोड स्थित गोदाम के बाहर ट्रकों की लंबी कतारें लगी हुई है। ट्रक चालकों का कहना है कि उन्हें समय पर माल खाली नहीं होने के कारण आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस मामले को जिला कलक्टर ने गम्भीरता से लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---directives-issued-to-ensure-timely-unloading-of-vehicles-at-warehouses/article-149858</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---directives-issued-to-ensure-timely-unloading-of-vehicles-at-warehouses/article-149858</guid>
                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 15:09:48 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/1200-x-600-px%29-%284%295.png"                         length="1863098"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - कोटा में भरे भंडार, अब दूसरे जिलों में भेज रहे गेहूं</title>
                                    <description><![CDATA[खरीद केन्द्रों पर तेज गति से होने लगा माल का उठाव।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---stores-full-in-kota--now-wheat-is-being-sent-to-other-districts/article-112265"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/news-(2)35.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। हाड़ौती में समर्थन मूल्य पर इस साल गेहूं की बम्पर खरीद होने से कोटा में स्थित एफसीआई के सभी गोदाम फुल हो गए हैं। अब स्थिति यह हो गई कि यहां से गेहूं को राजस्थान के अन्य जिलों में भेजा जा रहा है। वहीं अब खरीद केन्द्रों से माल का उठाव भी तेज गति से होने लगा है। जिससे किसानों को काफी राहत मिली है। पूर्व में केन्द्रों पर संसाधनों की कमी के कारण खरीदे गए गेहूं का पर्याप्त उठाव नहीं होने से व्यवस्था बिगड़ रही थी। जिससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अब हाड़ौती में खरीदे जा रहे गेहूं को हाथों-हाथ ट्रकों के माध्यम से प्रदेश के अन्य जिलों में भेजा जा रहा है। इस कारण खरीद केन्द्रों पर व्यवस्था फिर से सुधरने लगी है।</p>
<p><strong>लक्ष्य के करीब पहुंची गेहूं की खरीद</strong><br />एफसीआई के अधिकारियों के अनुसार कोटा संभाग को इस साल समर्थन मूल्य पर सवा तीन लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य मिला था। इस साल सरकार ने गेहूं खरीद पर समर्थन मूल्य और बोनस की राशि में बढ़ोतरी की है। ऐसे में किसान सरकारी केन्द्रों पर गेहूं बेचने के लिए उमड़ रहे हैं। कोटा संभाग में अब तक तीन लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की खरीद हो चुकी है। इसके बाद भी रोजाना काफी संख्या में किसान अपनी उपज बेचने के लिए सरकारी केन्द्रों पर पहुंच रहे हैं। आगामी कुछ दिनों में ही कोटा संभाग का गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा हो जाएगा। अप्रैल माह में ही गेहूं की बम्पर खरीद होने से कोटा शहर में स्थित एफसीआई के सभी गोदाम भर चुके हैं। अब गेहूं को अन्य जिलों में भेजा रहा है।</p>
<p><strong>इन जिलों में भेजा जा रहा गेहूं</strong><br />विभागीय अधिकारियों के अनुसार हाड़ौती के सरकारी केन्द्रों पर गेहूं की बम्पर खरीद होने से अब ट्रकों और रैक के माध्यम से माल को प्रदेश के अन्य जिलों में स्थित एफसीआई के गोदामों में भेजा रहा है। जयपुर, जोधपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, राजसमंद, अजमेर, उदयपुर, किशनगढ़ सहित प्रदेश के अन्य जिलों में प्रतिदिन ट्रकों के माध्यम से गेहूं भेजा जा रहा है। पहले खरीद केन्द्रों पर गेहूं कोटा के गोदामों में जमा किया जा रहा था। अब गोदाम फुल होने के कारण  सीधे खरीद केन्द्रों से गेहूं को दूसरे जिलों में पहुंचाया जा रहा है। सरकार की ओर से हाड़ौती में एफसीआई और राजफैड सहित अन्य सरकारी एजेंसियों को समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदने का जिम्मा सौंपा गया है। </p>
<p><strong>अब कम हुई ट्रकों की कतारें </strong><br />पूर्व में माल की आवक ज्यादा होने से ठेकेदार फर्म के पास उठाव करने वाले संसाधनों की कमी बनी हुई थी। उनके पास मजदूरों और गेहूं परिवहन करने वाले ट्रक ज्यादा नहीं थे। जिससे माल का उठाव नहीं हो पा रहा था। एफसीआई के गोदामों के बाहर रोजाना डेढ़ सौ से दो सौ ट्रक संभाग के विभिन्न क्षेत्रों से गेहूं लेकर पहुंच रहे थे। यहां भी ट्रकों से पर्याप्त मात्रा में माल खाली नहीं हो पा रहा है। इससे ट्रकों की कतारें गोदामों के बाहर बनी हुई थी। अब गेहूं को अन्य जिलों में भेजने से खरीद केन्द्रों की व्यवस्थाएं सुधरनी लगी है। माल का उठाव तेज गति से होने लगा है। वहीं अब गोदामों के बाहर ट्रकों की कतारें भी कम होने लगी है। इससे डीसीएम रोड पर आए दिन लगने वाले जाम की समस्या का भी समाधान हो गया है।    </p>
<p><strong>नवज्योति ने प्रमुखता से उठाया था मामला</strong><br />हाड़ौती में समर्थन मूल्य के केन्द्रों पर गेहूं की बम्पर खरीद के कारण व्यवस्थाएं बिगड़ने के सम्बंध में दैनिक नवज्योति में 24 अप्रैल के अंक में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया गया था। इसमें बताया था कि विभिन्न सरकारी एजेंसियों की ओर की जा रही गेहूं की सरकारी खरीद किसानों व व्यापारियों को पीड़ा दे रही है। रोजाना काफी संख्या में किसान अपनी उपज बेचने के लिए सरकारी केन्द्रों पर पहुंच रहे हैं, लेकिन उनके माल की तुलाई नहीं हो रही है। ऐसे में कई किसानों को बैरंग लौटना पड़ रहा है। इसका कारण यह है कि सरकारी केन्द्रों पर खरीदे गए माल का पर्याप्त मात्रा में उठाव नहीं हो पा रहा है। बाद में एफसीआई के अधिकारियों द्वारा गेहूं को अन्य जिलों में भेजने से व्यवस्थाओं में सुधार हो गया है।  </p>
<p>पंजीकरण कराने के बाद भी उसका गेहूं बेचने के लिए नम्बर नहीं आ पाया  था। इससे चिंता बढ़ती जा रही थी। अब खरीद केन्द्रों पर माल का उठाव होने से व्यवस्थाएं सुधर गई है। उसके पास गेहूं बेचने का मैसेज आ गया है।  <br /><strong>- मौजेन्द्र सुथार, किसान</strong></p>
<p>पूर्व में केन्द्रों पर संसाधनों की कमी के कारण खरीदे गए गेहूं का पर्याप्त उठाव नहीं होने से व्यवस्था बिगड़ रही थी। अब हाड़ौती में खरीदे जा रहे गेहूं को हाथों-हाथ रैक के माध्यम से प्रदेश के अन्य जिलों में भेजा जा रहा है। <br /><strong>- संजय मीना, जनसम्पर्क अधिकारी, एफसीआई</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---stores-full-in-kota--now-wheat-is-being-sent-to-other-districts/article-112265</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---stores-full-in-kota--now-wheat-is-being-sent-to-other-districts/article-112265</guid>
                <pubDate>Mon, 28 Apr 2025 14:49:20 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-04/news-%282%2935.png"                         length="686669"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रिहायशी इलाकों में व्यवसायिक गोदाम, आग से सुरक्षा के नहीं इंतजाम</title>
                                    <description><![CDATA[आग लगने वाले दोनों गोदाम मालिकों को दिए नोटिस। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/commercial-warehouses-in-residential-areas--no-fire-safety-arrangements/article-80845"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/41.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । शहर में एक तरफ  भीषण गर्मी पड़ रही है। वहीं दूसरी तरफ आग लगने की घटनाएं हो रही है। हालत यह है कि रिहायशी इलाकों में गोदाम बनाकर व्यवसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही है। वहां आग से सुरक्षा के इंतजाम तक नहीं होने से स्थानीय लोगों की जान को जोखिम में डाला जा रहा है। ऐसा शहर में किसी एक जगह पर नहीं हो रहा है। पुराने शहर से लेकर नए कोटा के अधिकतर क्षेत्रों में यही हालत है। तीन दिन पहले एक ही दिन में दो गोदामों में भीषण आग लगी थी। एक  गोदाम फर्नीचर का था तो दूसरा कपड़ों व होजरी के सामान का था। ये दोनों ही गोदाम रिहायशी इलाकों में हैं। जहां भीषण आग लगी लेकिन वहां आग बुझाने के न तो फायर सिस्टम लगे हुए हैं और न ही उससे बचाव के संसाधन है। जिससे गोदामों के आस-पास रहने वाले हजारों लोगों की जान उस समय तक जोखिम में रही जब तक आग पर पूरी तरह से काबू नहीं पा लिया गया। निगम की फायर दमकलों ने उस समय तो आग को काबू कर लिया किसी तरह की जन हानि नहीं होने दी। लेकिन इस तरह का हादेसा वहां दोबारा या किसी अन्य स्थान पर भी हो सकता है। </p>
<p><strong>यह है स्थिति</strong><br />सिंधी कॉलोनी स्थित चार मंजिला जिस कपड़े के गोदाम में आग लगी थी उसमें सामान इतना अधिक भरा हुआ था कि निगम के फायर मैन को अंदर जाने तक का रास्ता नहीं था। सीढ़ियों तक में कपड़े व होजरी का सामान भरा हुआ था। इस बिल्डिंग के आसपास भी काफी मकान है।  सिंधी कॉलोनी में अधिकतर लोगों ने मकानों के आगे रैम्प बनाकर सड़क पर अतिक्रमण कर गलियों को संकरा किया हुआ है। यहां हर गली में कहीं कबाड़ का तो कहीं पीपों का गोदाम है। कहीं पैकेट में बिकने वाली खाद्य सामग्री के गोदाम हैं तो कहीं पानी पताशे बनाने का काम हो रहा है। अधिकतर काम मकानों में नीचे की तरफ किया जा रहा है। कई लोगों ने तो सड़क पर ही सामान बिखेर रखा है। किसी के भी पास आग बुझाने के संसाधन व सिस्टम नहीं होने से यहां आग का खतरा हमेशा बना हुआ है। यही स्थिति शहर के अन्य क्षेत्रों में भी है।  इसी तरह से बजंर नगर कैनाल रोड स्थित जिस फर्नीचर के गोदाम में आग लगी वह भी रिहायशी इलाके में है। यहां आस-पास कई मल्टी स्टोरी बिल्डिंग हैं। जिनमें हजारों लोग रहते हैं। जिस गोदाम में आग लगी उसके नीचे शोरूम है। गनीमत रही कि आग ऊपर की तरफ कच्चे माल में लगी। यदि आग नीचे गोदाम की तरफ आ जाती तो कई  लोगों की जान को खतरा हो सकता था। </p>
<p><strong>8 से 10 दमकल ने कई घंटों में पाया काबू</strong><br />जिन दोनों गोदामों में आग लगी वह काफी भीषण थी। नगर निगम के फायर अनुभाग के अधिकारियों व फायरमैन को उन आग को बुझाने में 8 से 10 दमकलों व लाखों लीटर पानी का उपयोग करना पड़ा। निगम के फायर अधिकारियों का कहना है कि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था।  गौरतलब है कि कुछ समय पहले बजंरंग नगर रोड स्थित एलपीजी गैस गोदाम के पास भी आग लगी चुकी है। रिहायशी इलाकों में गैस गोदाम से लेकर अत्यंत ’वलनशील पदार्थों का काम किया जा रहा है। जिससे हजारों-लाखों लोगों की जान को खतरे में डाला जा रहा है। </p>
<p><strong>निगम ने नहीं किया कभी सर्वे</strong><br />नगर निगम के फायर अनुभाग ने अभी तक हॉस्टल व कोचिंग संस्थानों और आवासीय मल्टी स्टोरी में ही फायर सिस्टम की जांच की है। उन्हें नोटिस दिए गए लेकिन कभी इस तरह ध्यान नहीं दिया गया। जहां रिहायशी इलाकों में गोदाम संचालित हो रहे हैं। वहां भी आग से सुरक्षा के इंतजाम नहीं है। हमेशा की तरह इस बार भी फायर अनुभाग हादसा होने के बाद ही हरकत में आएगा। </p>
<p><strong>यहां इंडस्ट्रीयल एरिया में संचालित हो रहे हॉस्टल</strong><br />एक तरफ जहां रिहायशी इलाकों में व्यवसायिक गतिविधियां संचालित कर हजारों लोगों की जान जोखिम में डाली जा रही है। वहीं दूसरी तरफ रीको इंडस्ट्रीयल एरिया जो व्यवसायिक क्षेत्र है वहां हॉस्टल बनाकर आवासीय क्षेत्र बना दिए हैं। यहां भी कोचिंग स्टूडेंट व लोगों की जान को खतरे में डाला जा रहा है। हालांकि रीको इंडस्ट्रीयल एरिया स्थित कैमिकल फैक्ट्री में आग लगने की घटना हो चुके है। वहां आस-पास ही हॉस्टल भी हैं। </p>
<p><strong>फायर विभाग ने दिए नोटिस, करवाएंगे सर्वे</strong><br />नगर निगम कोटा दक्षिण के सीएफओ राकेश व्यास ने बताया कि सिंधी कॉलोनी व बजरंग नगर में जिन गोदामों में आग लगी थी। वहां आग से सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे। ऐसे में सिंधी कॉलोनी निवासी दिनेश अम्बवानी व बजरंग नगर स्थित एस के फर्नीचर के मालिक को नोटिस जारी किए  हैं। उन्हें फायर सिस्टम लगाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही शहर में एसे सभी इलाकों का सर्वे किया जाएगा जहां रिहायशी इलाकों में गोदाम या व्यवसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/commercial-warehouses-in-residential-areas--no-fire-safety-arrangements/article-80845</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/commercial-warehouses-in-residential-areas--no-fire-safety-arrangements/article-80845</guid>
                <pubDate>Sat, 08 Jun 2024 17:30:01 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-06/41.png"                         length="237895"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अवैध फैक्ट्रीयों-गोदामों पर चला 'पीला पंजा'</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर विकास प्राधिकरण ने जोन-14 में अवैध फैक्ट्रीयों-गोदामों को किया ध्वस्त]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-development-authority-demolished-illegal-factories-warehouses-in-zone-14/article-7433"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/111.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर विकास प्राधिकरण ने जोन-14 में निजी खातेदारी की कृषि भूमि पर जेडीए की बिना अनुमति व स्वीकृति के व्यावसायिक प्रयोजनार्थ फैक्ट्रीयो-गोदामों के लिए बने निर्माणाधीन अवैध बाउण्ड्रीवाल, पिल्लर, ढॉचो इत्यादि अवैध निर्माणों को प्रारम्भिक स्तर पर ही पूर्णतः ध्वस्त किया गया। <br /><br />मुख्य नियंत्रक प्रवर्तन रघुवीर सैनी ने बताया कि जोन-14 के क्षेत्राधिकार में सायपुरा शिकारपुरा रोड़ पर ग्राम-कोकवास में अवस्थित ग्वार ब्राहम्णों की ढाणी में निजी खातेदारी की कृषि भूमि पर जेडीए की बिना अनुमति स्वीकृति के आठ स्थानो पर व्यावसायिक प्रयोजनार्थ बने फैक्ट्रीयो-गोदामो के निर्माणाधीन अवैध बाउण्ड्रीवाल, पिल्लर, ढॉचों इत्यादि अवैध निर्माणों को प्रारम्भिक स्तर पर ही जोन-14 के राजस्व व तकनीकी स्टॉफ की निशादेही पर प्रवर्तन दस्ते ने जेसीबी मशीन और मजदूरों की सहायता से पूर्णतः ध्वस्त किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-development-authority-demolished-illegal-factories-warehouses-in-zone-14/article-7433</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-development-authority-demolished-illegal-factories-warehouses-in-zone-14/article-7433</guid>
                <pubDate>Tue, 05 Apr 2022 17:43:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-04/111.jpg"                         length="75748"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        