<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/usa/tag-17026" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>usa - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/17026/rss</link>
                <description>usa RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव का तीखा हमला, बोले-अमेरिका रूस को सभी ऊर्जा बाजारों से बाहर निकालने की कर रहा है कोशिश </title>
                                    <description><![CDATA[रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने अमेरिका पर रूस को वैश्विक ऊर्जा बाजारों से बाहर करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन अंतरराष्ट्रीय समझौतों के बजाय अपने हितों को ऊपर रख रहा है। लावरोव ने आगाह किया कि पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल की सैन्य कार्रवाइयों के विनाशकारी परिणाम पूरी दुनिया को लंबे समय तक भुगतने होंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/russian-foreign-minister-sergei-lavrovs-sharp-attack-said-america-is/article-147418"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/rusaia-forgaain.png" alt=""></a><br /><p>मास्को। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने शनिवार को कहा कि मास्को को वर्तमान में रूस के हितों का सम्मान करने के लिए अमेरिका की कोई प्रतिबद्धता नजर नहीं आ रही है क्योंकि वाशिंगटन मास्को को सभी ऊर्जा बाजारों से बाहर निकालने की कोशिश कर रहा है।</p>
<p>लावरोव ने एक रूसी टीवी कार्यक्रम में कहा, "हमें सभी वैश्विक ऊर्जा बाजारों से बाहर धकेला जा रहा है। अंततः केवल हमारा अपना क्षेत्र ही शेष रहेगा। अमेरिकी हमारे पास आएंगे और कहेंगे कि वे हमारे साथ सहयोग करने के लिए तैयार हैं। लेकिन अगर हम अपने क्षेत्र में पारस्परिक रूप से लाभकारी परियोजनाएं लागू करने और अमेरिकियों को उनकी रुचि की चीजें उपलब्ध कराने के लिए तैयार हैं और अपने हितों को ध्यान में रखते हैं, तो उन्हें भी हमारे हितों पर विचार करना चाहिए। अभी तक हमें ऐसा होता हुआ नहीं दिख रहा है।"</p>
<p>उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका ने यूरोपीय ऊर्जा बाजारों में रूस के हाशिए पर चले जाने का स्वागत किया है और करता रहेगा, जो उनके अनुसार, विश्व स्तर पर ऊर्जा प्रभुत्व का एक खुला दावा है। लावरोव ने कहा, "यह एक असामान्य स्थिति है एक ऐसे दौर में वापसी जब अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिए कोई संरचना नहीं था। यह स्पष्ट रूप से कहा गया था कि अमेरिका के हित किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौते से ऊपर हैं।"</p>
<p>लावरोव ने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया में अमेरिका और इजरायल की कार्रवाइयों के गंभीर परिणाम आने वाले बहुत लंबे समय तक महसूस किए जाएंगे। रूसी विदेश मंत्री ने कहा, "हालाँकि यह एक नाटक जैसा प्रतीत होता है और मुझे लगता है कि बहुत से लोग इसे समझते हैं,लेकिन हमारे अमेरिकी सहयोगियों द्वारा, इस मामले में इजरायलियों के साथ मिलकर किए जा रहे कार्यों के परिणाम अत्यंत गंभीर हैं। इनके दूरगामी परिणाम लंबे समय तक दिखाई देंगे।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/russian-foreign-minister-sergei-lavrovs-sharp-attack-said-america-is/article-147418</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/russian-foreign-minister-sergei-lavrovs-sharp-attack-said-america-is/article-147418</guid>
                <pubDate>Sun, 22 Mar 2026 13:03:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/rusaia-forgaain.png"                         length="606074"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रूस ने ईरानी बंदरगाह पर हमलों की दी चेतावनी: क्षेत्रीय तनाव बढ़ने का खतरा जताया, अमेरिका-इजरायल &quot;गठबंधन&quot; पर तनाव को बढ़ावा देने का लगाया आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[रूस ने ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हवाई हमलों को लेकर गहरी चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने आगाह किया कि बंदर-ए अंजली बंदरगाह जैसे व्यापारिक केंद्रों को निशाना बनाने से रूस के आर्थिक हित और खाद्य आपूर्ति प्रभावित हो रहे हैं। इस संघर्ष से समूचे कैस्पियन क्षेत्र में अस्थिरता का खतरा पैदा हो गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/russia-warned-of-attacks-on-iranian-ports-expressed-the-danger/article-147327"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/russia1.png" alt=""></a><br /><p>माॅस्को। रूस ने ईरान पर हाल ही में हुए हमलों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए चेतावनी दी है कि इन हमलों से संघर्ष के और अधिक फैलने का जोखिम है, जिससे रूस के अपने आर्थिक हित भी प्रभावित हो सकते हैं। रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने कहा कि माॅस्को ईरान भर में इज़राइल और अमेरिका द्वारा किए जा रहे हवाई हमलों के बढ़ते अभियान को "गहरी चिंता" के साथ देख रहा है।</p>
<p>मारिया जखारोवा ने विशेष रूप से कैस्पियन सागर पर स्थित बंदर-ए अंजली बंदरगाह पर 18 मार्च को हुए हमले का उल्लेख किया। उन्होंने इसे रूसी-ईरानी वाणिज्य, विशेष रूप से खाद्य शिपमेंट के लिए उपयोग किया जाने वाला एक प्रमुख व्यापारिक और रसद केंद्र बताया। उन्होंने अमेरिका-इजरायल "गठबंधन" पर तनाव को बढ़ावा देने का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि उनकी कार्रवाइयों से कैस्पियन देशों के भी इस व्यापक संघर्ष में खिंचने का खतरा पैदा हो गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/russia-warned-of-attacks-on-iranian-ports-expressed-the-danger/article-147327</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/russia-warned-of-attacks-on-iranian-ports-expressed-the-danger/article-147327</guid>
                <pubDate>Sat, 21 Mar 2026 15:02:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/russia1.png"                         length="572687"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संयुक्त राष्ट्र महासचिव गुटेरेस ने अमेरिका-इजरायल से किया युद्ध समाप्त करने का आग्रह : सैन्य कार्रवाई के स्थान पर अपनाएं कूटनीति, कहा- संघर्ष का बेकाबू होने का खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अमेरिका और इजरायल से ईरान युद्ध तुरंत समाप्त करने की अपील की है। उन्होंने आगाह किया कि यह संघर्ष बेकाबू हो सकता है, जिससे तेल की कीमतें $116 प्रति बैरल के पार और गैस के दाम दोगुने हो गए हैं। गुटेरेस ने कूटनीति को एकमात्र समाधान बताया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/un-secretary-general-guterres-urges-america-israel-to-end-the-war/article-147164"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/gutres.png" alt=""></a><br /><p>ब्रुसेल्स। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने गुरुवार को अमेरिका और इजरायल से ईरान युद्ध समाप्त करने का आग्रह किया और सैन्य कार्रवाई के स्थान पर कूटनीति अपनाने पर बल दिया। यूरोपीय परिषद की बैठक के दौरान यहां पत्रकारों को संबोधित करते हुए गुटेरेस ने कहा कि इस युद्ध को समाप्त करने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजरायल द्वारा शुरू किए गए इस संघर्ष का पूरी तरह से बेकाबू होने का खतरा है, साथ ही नागरिकों को भारी पीड़ा पहुंच रही है।</p>
<p>एंटोनियो गुटेरेस ने यह भी कहा कि युद्ध का प्रभाव युद्धक्षेत्र से कहीं अधिक दूर तक फैल रहा है। उन्होंने वैश्विक अर्थव्यवस्था में हो रहे दुष्प्रभाव की चेतावनी दी, जिसके संभावित रूप से दुखद परिणाम हो सकते हैं, विशेष रूप से सबसे कम विकसित देशों के लिए। उन्होंने आगे कहा कि अब समय आ गया है कि युद्ध पर कूटनीति विजय प्राप्त करे। यूरोपीय संघ के सदस्य देशों ने गुरुवार को ब्रुसेल्स में बैठक की, जिसमें पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, विशेष रूप से यूरोपीय ऊर्जा कीमतों, ऊर्जा सुरक्षा एवं क्षेत्रीय स्थिरता पर इसके प्रभाव पर चर्चा की गई।</p>
<p>अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर बड़े पैमाने पर हमले किए, जिससे वैश्विक नौवहन बाधित हुई, तेल की कीमतें आसमान छू गईं और वैश्विक अर्थव्यवस्था चरमरा गई। गुरुवार को शुरुआती कारोबार में यूरोपीय गैस एवं तेल की कीमतों में भारी उछाल देखा गया। यूरोपीय गैस आपूर्ति अनुबंधों के लिए एक प्रमुख संदर्भ सूचकांक, डच टीटीएफ खुलने पर 30 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 70.7 यूरो (लगभग 76.8 अमेरिकी डॉलर) प्रति मेगावाट-घंटा हो गया लेकिन बाद में घटकर लगभग 67 यूरो प्रति मेगावाट-घंटा पर आ गया। ईरान युद्ध शुरू होने से पहले कीमत लगभग 32 यूरो प्रति मेगावाट-घंटा थी जो अब दोगुनी से भी अधिक हो गई है। तेल की कीमतों में भी तेजी देखी गई। शुरुआती कारोबार में अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत 116 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/un-secretary-general-guterres-urges-america-israel-to-end-the-war/article-147164</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/un-secretary-general-guterres-urges-america-israel-to-end-the-war/article-147164</guid>
                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 16:54:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/gutres.png"                         length="983386"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरानी राजदूत अमीर सईद इरवानी ने पत्र लिखकर दी अमेरिका को चेतावनी, कहा-अगर हम पर हमला किया तो...</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान ने संयुक्त राष्ट्र को पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि अमेरिकी धमकियों के जवाब में उनके ठिकानों पर हमला वैध होगा। ट्रंप की 15 दिवसीय समयसीमा के बाद तनाव चरम पर है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/iranian-ambassador-amir-saeed-ervani-wrote-a-letter-warning-america/article-143894"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/iran.png" alt=""></a><br /><p>न्यूयॉर्क। ईरान ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष को एक पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका अपनी सैन्य धमकियों पर अमल करता है, तो अमेरिकी ठिकानों और संपत्तियों पर ईरानी हमले वैध होंगे। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अमीर सईद इरवानी ने पत्र में कहा कि ईरान किसी भी हमले का निर्णायक जवाब देगा। साथ ही उन्होंने क्षेत्र में सैन्य आक्रामकता के गंभीर परिणामों की चेतावनी भी दी।</p>
<p>यह घटनाक्रम अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दी गयी उस धमकी के बाद आया है, जिसमें उन्होंने परमाणु मुद्दे पर अमेरिका के साथ समझौता करने के लिए अधिकतम 10-15 दिन का समय दिया है। उन्होंने कहा कि यदि दोनों पक्ष किसी समझौते पर पहुंचने में विफल रहते हैं, तो बुरी चीजें होंगी।</p>
<p>संयुक्त राष्ट्र में ईरान के स्थायी मिशन ने भी राष्ट्रपति ट्रंप के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि यह सैन्य आक्रामकता के वास्तविक खतरे का संकेत है, हालांकि उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ईरान युद्ध नहीं चाहता है। पत्र में चेतावनी दी गयी कि किसी भी अप्रत्याशित और अनियंत्रित परिणाम के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका पूर्ण और प्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदार होगा।</p>
<p>बढ़ते तनाव के बीच पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य तैनाती पर संयुक्त राष्ट्र ने चिंता जतायी है। संयुक्त राष्ट्र प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने संवाददाताओं से कहा, महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, अन्य लोगों की तरह, सैन्य जमावड़े, युद्धाभ्यास और चल रहे प्रशिक्षण को लेकर बहुत चिंतित हैं। इसीलिए हम ईरान और अमेरिका दोनों को ओमान की मध्यस्थता में अपनी चर्चा जारी रखने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।</p>
<p>ईरानी परमाणु कार्यक्रम पर ईरान-अमेरिका बातचीत का दूसरा दौर 17 फरवरी को जिनेवा में ओमान की मध्यस्थता में संपन्न हुआ। बातचीत के बाद, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि इसमें प्रगति हुई है और ईरान तथा अमेरिका अब उन मसौदों पर काम करेंगे, जो एक संभावित समझौते का आधार बन सकते हैं। राष्ट​पति? ट्रंप ने अपने तेवर और कड़े कर लिए हैं। उन्होंने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर लिखा है कि यदि ईरान समझौता नहीं करने का फैसला करता है, तो अमेरिका को चागोस द्वीप समूह में हिंद महासागर एयरबेस का उपयोग करने की आवश्यकता हो सकती है। उल्लेखनीय है कि हिंद महासागर में चागोस द्वीप समूह पर अमेरिका सैन्य ठिकाना है।</p>
<p>बातचीत का पिछला प्रयास पिछले साल तब विफल हो गया था, जब इजरायल ने ईरान पर हमले शुरू किये थे। इसके बाद 12 दिनों तक चले युद्ध में अमेरिका भी शामिल हो गया था और उसने फोर्डो, नतांज और इस्फहान में तीन ईरानी परमाणु स्थलों पर बमबारी की थी।</p>
<p>राष्ट्रपति ट्रंप ने जनवरी में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों पर ईरानी कार्रवाई के बाद सैन्य कार्रवाई की धमकी दी थी। ईरान ने इसके जवाब में खाड़ी से निर्यात किये जाने वाले तेल के लिए महत्वपूर्ण मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की धमकी दी थी और चेतावनी दी थी कि वह क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला कर सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/iranian-ambassador-amir-saeed-ervani-wrote-a-letter-warning-america/article-143894</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/iranian-ambassador-amir-saeed-ervani-wrote-a-letter-warning-america/article-143894</guid>
                <pubDate>Fri, 20 Feb 2026 12:59:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/iran.png"                         length="713825"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका में लापता भारतीय छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत: 9 फरवरी से था गायब, पुलिस जांच शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[सैन फ्रांसिस्को में भारत के कॉन्सुलेट जनरल ने रविवार को बताया कि US में 22 साल के भारतीय स्टूडेंट साकेत श्रीनिवासैया मृत पाए गए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/indian-student-missing-in-america-died-under-suspicious-circumstances-was/article-143221"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(12200-x-600-px)-(2)17.png" alt=""></a><br /><p>अमेरिका। अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्कले में स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रहे 22 वर्षीय भारतीय छात्र साकेत श्रीनिवासैया का शव बरामद कर लिया गया है। सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास ने रविवार को इस दुखद समाचार की पुष्टि की। आईआईटी मद्रास के पूर्व छात्र रहे साकेत 9 फरवरी से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता थे।</p>
<p><strong>लापता होने से शव मिलने तक का घटनाक्रम</strong></p>
<p>साकेत को आखिरी बार मंगलवार सुबह बर्कले के ड्वाइट वे के पास देखा गया था। स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने उनकी तलाश के लिए लेक अंजा और टिल्डेन रीजनल पार्क जैसे इलाकों में व्यापक तलाशी अभियान चलाया था। जांच के दौरान पुलिस को उनका बैकपैक मिला था, जिसमें पासपोर्ट और लैपटॉप मौजूद थे। 6 दिनों की गहन खोज के बाद, स्थानीय अधिकारियों ने उनके निधन की पुष्टि की, जिससे उनके परिवार और छात्र समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई है।</p>
<p><strong>भारतीय दूतावास की भूमिका</strong></p>
<p>सैन फ्रांसिस्को स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वे साकेत के परिवार के साथ निरंतर संपर्क में हैं। दूतावास के अधिकारी पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत भेजने की प्रक्रियाओं और अन्य कानूनी औपचारिकताओं में परिवार की पूरी मदद कर रहे हैं। साकेत एक मेधावी छात्र थे। उन्होंने साल 2025 में आईआईटी मद्रास से केमिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक पूरा किया था और वर्तमान में बर्कले में 'केमिकल और बायोमॉलिक्यूलर इंजीनियरिंग' में मास्टर डिग्री कर रहे थे। उन्हें सॉफ्ट मैटेरियल्स और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में नवाचार का गहरा शौक था। उनकी मृत्यु के कारणों की अभी विस्तृत जांच की जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/indian-student-missing-in-america-died-under-suspicious-circumstances-was/article-143221</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/indian-student-missing-in-america-died-under-suspicious-circumstances-was/article-143221</guid>
                <pubDate>Sun, 15 Feb 2026 09:59:24 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/%2812200-x-600-px%29-%282%2917.png"                         length="238504"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका में भारतीय छात्र लापता: वाणिज्य दूतावास और पुलिस ने सर्च अभियान किया तेज, जानें पूरा मामला</title>
                                    <description><![CDATA[सैन फ्रांसिस्को में भारतीय दूतावास बर्कले विश्वविद्यालय के छात्र साकेत श्रीनिवासैया की तलाश में अमेरिकी अधिकारियों की मदद कर रहा है। आईआईटी मद्रास का यह पूर्व छात्र मंगलवार से लापता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/indian-student-missing-in-america-consulate-and-police-intensified-search/article-143151"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/1200-x-600-px)-(6)1.png" alt=""></a><br /><p>बेंगलुरु। अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में भारत के महावाणिज्य दूतावास ने कर्नाटक निवासी 22 वर्षीय विद्यार्थी साकेत श्रीनिवासैया के लापता होने पर गहरी चिंता जतायी है। दूतावास ने कहा है कि वह स्नातकोत्तर की पढ़ाई करने वाले भारतीय विद्यार्थी के परिवार के साथ लगातार संपर्क में है और उसे ढूंढने में अमेरिका के अधिकारियों की मदद कर रहा है।</p>
<p>श्रीनिवासैया भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास के पूर्व छात्र है और अमेरिका बर्कले में रासायनिक एवं जैवआणविक इंजीनियरिंग से  स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रहे हैं। स्थानीय पुलिस के मुताबिक, वह मंगलवार से लापता हैं। आखिरी बार उन्हें बर्कले में ड्वाइट वे के 1700 ब्लॉक के पास देखा गया था। बर्कले पुलिस विभाग ने उसके गुमशुदगी का मामला दर्ज किया है और लोगों से उनके बारे में कोई भी जानकारी देने की अपील की है। ईस्ट बे रीजनल पार्क डिस्ट्रिक्ट की मदद से लेक अंजा और बर्कले हिल्स के आस-पास के इलाकों में तलाश की कोशिशें की जा रही हैं। </p>
<p>सामुदायिक और पुलिस सूत्रों के मुताबिक, श्रीनिवासैया का बैकपैक (जिसमें उनका पासपोर्ट और लैपटॉप था) टिल्डेन रीजनल पार्क के पास एक घर के पास मिला, जिससे तलाश अभियान और तेज हो गई है। </p>
<p>पुलिस ने कहा है कि अगर किसी के पास जरूरी जानकारी है तो वे स्थानी पुलिस से संपर्क करें। दोस्तों और सहपाठियों ने सोशल मीडिया पर श्रीनिवासैया की तलाश के लिए अभियान चलाया है। बर्कले पुलिस ने बताया कि वह लगभग छह फुट एक इंच लंबा, उसका लगभग 160 पाउंड वजन, छोटे काले बाल और भूरी आँखें हैं। छात्र का पता लगाने के लिए अधिकारी और भारतीय मिशन समन्वित प्रयास जारी रखे हुए हैं और इसी के साथ खोज अभियान चौथे दिन भी जारी है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/indian-student-missing-in-america-consulate-and-police-intensified-search/article-143151</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/indian-student-missing-in-america-consulate-and-police-intensified-search/article-143151</guid>
                <pubDate>Sat, 14 Feb 2026 14:07:16 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/1200-x-600-px%29-%286%291.png"                         length="271876"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राहुल गांधी ने साधा केंद्र सरकार पर निशाना, बोलें-अमेरिका के साथ समझौता कपास किसान, कपड़ा निर्यातक दोनों पर गहरी चोट</title>
                                    <description><![CDATA[राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भारत-अमेरिका कपास समझौता किसानों और कपड़ा निर्यातकों के लिए घातक है। उन्होंने इसे "नरेंद्र सरेंडर मोदी" की नीति बताते हुए लाखों परिवारों की आजीविका पर संकट जताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/rahul-gandhi-targets-central-government-says-agreement-with-america-is/article-143141"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/rahul-gandhi-(2)4.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौता कर मोदी सरकार कपास उत्पादक किसान और कपड़ा निर्यातक दोनों को गहरा झटका दिया है। राहुल गांधी ने शनिवार को सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, 18 प्रतिशत टैरिफ बनाम जीरो प्रतिशत-आइए समझाता हूं, कैसे झूठ बोलने में माहिर प्रधानमंत्री और उनकी कैबिनेट इस पर भ्रम फैला रहे हैं और किस तरह से वो भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से देश के कपास किसानों और टेक्सटाइल एक्सपोर्टर्स को धोखा दे रहे हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा, बांग्लादेश को अमेरिका में गारमेंट्स निर्यात पर शून्य प्रतिशत टैरिफ का फायदा दिया जा रहा है - शर्त बस इतनी है कि वो अमेरिकी कपास आयात करें। भारत के गारमेंट्स पर 18 प्रतिशत टैरिफ की घोषणा के बाद जब मैंने संसद में बंगलादेश को मिल रही खास रियायत पर सवाल उठाया, तब मोदी सरकार के मंत्री का जवाब आया -'अगर यही फायदा हमें भी चाहिए तो अमेरिका से कपास मंगवानी होगी। आखिर, ये बात तब तक देश से छुपाई क्यों गई। और, ये कैसी नीति है। क्या यह सचमुच में कोई विकल्प है - या फिर'आगे कुआं, पीछे खाई की हालत में फंसाने वाला जाल।</p>
<p>कांग्रेस नेता ने कहा कि अगर हम अमेरिकी कपास मंगवाते हैं तो हमारे अपने किसान बर्बाद हो जाएंगे। अगर नहीं मंगवाते, तो हमारा टेक्सटाइल उद्योग पिछड़कर तबाह हो जाएगा और अब बांग्लादेश यह संकेत दे रहा है कि वह भारत से कपास आयात भी कम या बंद कर सकता है।</p>
<p>भारत में कपड़ा उद्योग और कपास की खेती आजीविका की रीढ़ हैं। करोड़ों लोगों की रोजी रोटी इन्हीं पर टिकी है। इन क्षेत्रों पर चोट का मतलब है लाखों परिवारों को बेरोजगारी और आर्थिक संकट की खाई में धकेल देना। उन्होंने कहा, एक दूरदर्शी और राष्ट्रहित में सोचने वाली सरकार ऐसा सौदा करती जो कपास किसानों और कपड़ा एक्सपोर्टर्स-दोनों के हितों की रक्षा और समृद्धि सुनिश्चित करती, लेकिन इसके ठीक उलट, नरेंद्र सरेंडर मोदी और उनके मंत्रियों ने ऐसा समझौता किया है जो दोनों क्षेत्रों को गहरी चोट पहुंचाने वाला साबित हो सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/rahul-gandhi-targets-central-government-says-agreement-with-america-is/article-143141</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/rahul-gandhi-targets-central-government-says-agreement-with-america-is/article-143141</guid>
                <pubDate>Sat, 14 Feb 2026 12:23:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-05/rahul-gandhi-%282%294.png"                         length="442115"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका-बांग्लादेश व्यापार समझौता: अमेरिका ने बांग्लादेशी वस्तुओं पर आयात शुल्क घटाकर 19% किया, द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को मजबूती पर दिया जोर</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका-बांग्लादेश के बीच नए व्यापार समझौते से आयात शुल्क घटेगा। वस्त्र, कृषि, ऊर्जा क्षेत्रों में सहयोग बढ़ेगा, जिससे द्विपक्षीय आर्थिक संबंध मजबूत होंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/us-bangladesh-trade-agreement-us-reduced-import-duty-on-bangladeshi-goods/article-142561"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)8.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका और बांग्लादेश के बीच एक पारस्परिक व्यापार समझौता हुआ है, जो बांग्लादेश वस्तुओं पर आयात शुल्क घटाकर 19 प्रतिशत कर देगा और कुछ वस्त्र एवं परिधान उत्पादों पर छूट प्रदान करेगा और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय आर्थिक संबंध और मजबूत होंगे।</p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति के कार्यालय ने बताया कि यह समझौता एक ऐसा तंत्र स्थापित करेगा जिसके तहत बांग्लादेश के कुछ कपड़ों और परिधान एवं उत्पादों को शून्य पारस्परिक आयात शुल्क प्रदान किया जाएगा। इसके तहत अमेरिकी मूल की सामग्रियों का उपयोग करके बनाए गए कुछ कपड़ा और परिधान उत्पादों के लिए भी छूट दिया गया है। पात्रा आयात की मात्रा का निर्धारण बांग्लादेश द्वारा उपयोग किये गये कपास और मानव निर्मित फाइबर के साथ-साथ अमेरिकी सामग्री के इस्तेमाल के आधार पर किया जाएगा।</p>
<p>व्हाइट हाउस के बयान में बताया गया है कि बांग्लादेश लगभग 3.5 अरब डॉलर के अमेरिकी कृषि उत्पादों की खरीद करेगा, जिसमें गेहूं, सोया, कपास और मक्का शामिल हैं। इसके अतिरिक्त 15 वर्षों में लगभग 15 अरब डॉलर ऊर्जा उत्पादों की भी खरीददारी बांग्लादेश द्वारा की जाएगी। साथ ही इसमें अमेरिकी विमानों के खरीद का भी उल्लेख किया गया है।</p>
<p>यह समझौता 2013 में हस्ताक्षरित अमेरिका-बांग्लादेश व्यापार और निवेश सहयोग मंच समझौते (टीआईसीएफए) पर आधारित है। अमेरिकी अधिकारियों ने इसे एक-दूसरे के बाजारों तक अभूतपूर्व पहुंच के रूप में वर्णित किया है। अमेरिका और बांग्लादेश ने कहा कि इस समझौते का उद्देश्य द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को गहरा करना और दोनों देशों के निर्यातकों के लिए बाजार पहुंच का विस्तार करना है।</p>
<p>सौदे के तहत, बांग्लादेश, अमेरिकी औद्योगिक और कृषि सामानों के लिए महत्वपूर्ण तरजीही बाजार पहुंच प्रदान करेगा, जिसमें रसायन, चिकित्सा उपकरण, मशीनरी, मोटर वाहन और पुर्जे, सूचना और संचार प्रौद्योगिकी उपकरण, ऊर्जा उत्पाद, सोयाबीन, डेयरी उत्पाद, गोमांस, पोल्ट्री, ट्री नट्स और फल शामिल हैं।</p>
<p>दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को प्रभावित करने वाली गैर-टैरिफ बाधाओं को दूर करने के लिए प्रतिबद्धता जताई है, जिसमें बांग्लादेश, अमेरिकी वाहन सुरक्षा और उत्सर्जन मानकों को स्वीकार करने, चिकित्सा उपकरणों और फार्मास्यूटिकल्स के लिए अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) प्रमाणपत्रों को मान्यता देने और अमेरिकी पुनर्मानिर्मित वस्तुओं और पुर्जों पर प्रतिबंध हटाने के लिए सहमत हुआ है।</p>
<p>बांग्लादेश ने विश्वसनीय सीमाओं के पार डेटा के मुफ्त हस्तांतरण की अनुमति देने और विश्व व्यापार संगठन में इलेक्ट्रॉनिक प्रसारण पर सीमा शुल्क पर स्थायी रोक का समर्थन करने पर भी सहमति जतायी है। साथ ही कृषि आयात के लिए विज्ञान और जोखिम-आधारित मानकों को अपनाने, बीमा क्षेत्र में बाधाओं को कम करने, सीमा शुल्क प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाने और अच्छी नियामक प्रथाओं को लागू करने की भी प्रतिबद्धता जताई है।</p>
<p>इसके अतिरिक्त बांग्लादेश ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त श्रम अधिकारों की रक्षा करने का संकल्प लिया है, जिसमें जबरन श्रम से उत्पादित वस्तुओं के आयात को प्रतिबंधित करना और श्रम कानूनों में संशोधन करके संघों की स्वतंत्रता और सामूहिक सौदेबाजी की पूरी तरह से रक्षा करना एवं प्रवर्तन को मजबूत करना शामिल है। समझौते में पर्यावरण संरक्षण, भ्रष्टाचार विरोधी उपाय, बौद्धिक संपदा अधिकारों की रक्षा और सब्सिडी तथा राज्य के स्वामित्व वाले उद्यमों के कारण होने वाली विकृतियों को दूर करने की प्रतिबद्धताएं भी शामिल हैं। बांग्लादेश भौगोलिक संकेतों पर महत्वपूर्ण प्रावधानों पर सहमत हुआ है, विशेष रूप से पनीर और मांस उत्पादों के लिए।</p>
<p>दोनों देशों ने यह भी कहा कि वे आपूर्ति श्रृंखला की लचीलापन बढ़ाने, शुल्क चोरी का मुकाबला करने, निर्यात नियंत्रण पर सहयोग करने और निवेश पर जानकारी साझा करने के लिए आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा को भी मजबूत करने की दिशा में काम करेंगे। राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा कि अमेरिका के निर्यात-आयात बैंक और अमेरिकी अंतर्राष्ट्रीय विकास वित्त निगम सहित अमेरिकी संस्थान पात्रता और कानून के अधीन बांग्लादेश में महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निवेश का समर्थन करने पर विचार करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/us-bangladesh-trade-agreement-us-reduced-import-duty-on-bangladeshi-goods/article-142561</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/us-bangladesh-trade-agreement-us-reduced-import-duty-on-bangladeshi-goods/article-142561</guid>
                <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 11:49:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/11-%28700-x-400-px%29-%28630-x-400-px%298.png"                         length="1278033"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका और रूस के बीच न्यू स्टार्ट ट्रीटी खत्म, एंटोनियो गुटेरेस ने इस चूक को अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर मुद्दा बताया</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका-रूस न्यू स्टार्ट संधि समाप्त होने से वैश्विक सुरक्षा पर संकट गहराया, संयुक्त राष्ट्र ने चिंता जताई, दोनों देशों से नए परमाणु हथियार नियंत्रण समझौते संवाद करने का आग्रह किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/new-start-treaty-between-america-and-russia-ended-antonio-guterres/article-142307"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(4)6.png" alt=""></a><br /><p>न्यूयॉर्क। अमेरिका और रूस के बीच न्यू स्टार्ट ट्रीटी खत्म हो चुकी है, जो कि स्ट्रैटेजिक आर्म्स रिडक्शन को लेकर थी। इस ट्रीटी के खत्म होने से ग्लोबल सिक्योरिटी को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। अमेरिका और रूस के बीच यह समझौता 2010 में साइन किया गया था और जिसे 2026 तक बढ़ाया गया था, लेकिन अब 5 फरवरी 2026 को दोनों देशों के बीच यह समझौता खत्म हो चुका है। अमेरिका और रूस के बीच न्यू स्टार्ट ट्रीटी 5 फरवरी, 2011 को लागू की गई थी। इसकी वैलिडिटी 10 साल की थी, जिससे यह समझौता 5 फरवरी 2021 को समाप्त होना था। बाद में दोनों देशों की सहमति से इसे पांच साल के लिए और बढ़ा दिया गया, जिससे अब 5 फरवरी 2026 को यह न्यू स्टार्ट ट्रीटी खत्म हो गई।</p>
<p>रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा, दोनों पक्ष अब संधि के प्रावधानों से बंधे नहीं हैं और अपने अगले कदम तय करने के लिए स्वतंत्र हैं। मंत्रालय ने कहा कि रूस स्ट्रैटेजिक स्थिति को स्थिर करने के लिए राजनीतिक और राजनयिक प्रयासों के लिए खुला है। मंत्रालय ने आगे कहा, रूस को 5 फरवरी को संधि की समाप्ति के बाद न्यूक्लियर हथियारों की सीमा पर स्वैच्छिक रोक बढ़ाने के रूसी पहल पर संयुक्त राज्य अमेरिका से कोई औपचारिक आधिकारिक जवाब नहीं मिला है।</p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने जनवरी 2026 में कहा था कि वह इस ट्रीटी के खत्म होने को लेकर टेंशन में नहीं है। ट्रंप ने उम्मीद भी जताई थी कि दोनों पक्ष एक नए समझौते पर पहुंचेंगे।</p>
<p>संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस चूक को अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए एक गंभीर मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि यह इतने लंबे समय में पहली बार है कि दोनों देशों के स्ट्रैटेजिक न्यूक्लियर हथियारों पर कोई रोक नहीं है, जिनके पास मिलकर दुनिया के अधिकांश न्यूक्लियर हथियार हैं।</p>
<p>गुटेरेस ने दोनों देशों से बातचीत की मेज पर लौटने और जोखिमों को कम करने और सत्यापन योग्य सीमाओं को बहाल करने के लिए एक उत्तराधिकारी ढांचा बनाने का आग्रह किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/new-start-treaty-between-america-and-russia-ended-antonio-guterres/article-142307</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/new-start-treaty-between-america-and-russia-ended-antonio-guterres/article-142307</guid>
                <pubDate>Sun, 08 Feb 2026 09:52:24 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/11-%28700-x-400-px%29-%28630-x-400-px%29-%284%296.png"                         length="1086598"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरान ने खोर्रमशहर-4 बैलिस्टिक मिसाइल को किया तैनात, अमेरिका को दिया कड़ा संदेश</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान ने 2,000 किमी मारक क्षमता वाली खोर्रमशहर-4 बैलिस्टिक मिसाइल सैन्य अड्डे पर तैनात की, इसे अमेरिका को कड़ा संदेश माना जा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/iran-deployed-khorramshahr-4-ballistic-missile-gave-a-strong-message-to/article-142200"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(15)2.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉप्र्स (आईआरजीसी) ने अपनी नवीनतम लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल खोर्रमशहर-4 को एक सैन्य अड्डे पर तैनात कर दिया है। सरकारी प्रसारक प्रेस टीवी ने गुरुवार को यह जानकारी दी। रिपोर्ट के अनुसार, यह मिसाइल आईआरजीसी एयरोस्पेस फोर्स द्वारा संचालित एक नए सैन्य स्थल के उद्घाटन के दौरान प्रदर्शित की गई। इसकी तैनाती को ईरान की रक्षा नीति में औपचारिक रूप से शामिल किए जाने का संकेत माना जा रहा है।</p>
<p>प्रेस टीवी के मुताबिक, खोर्रमशहर-4 की मारक क्षमता 2,000 किलोमीटर (करीब 1,200 मील) है और यह 1,500 किलोग्राम (लगभग 3,300 पाउंड) तक का वारहेड ले जाने में सक्षम है। आईआरजीसी के राजनीतिक मामलों के उप कमांडर ब्रिगेडियर जनरल यदोल्लाह जावानी ने कहा कि मिसाइल का प्रदर्शन अमेरिका को यह संदेश देने के लिए था कि ईरान अपनी रक्षा क्षमताओं से पीछे हटने का इरादा नहीं रखता। अल मायादीन से बातचीत में उन्होंने कहा कि ईरान अपने रुख से पीछे नहीं हटेगा और युद्ध नहीं चाहता, लेकिन यदि दुश्मन कोई गलती करता है तो उसे कड़ा जवाब दिया जाएगा।</p>
<p>उप कमांडर जावानी ने यह भी कहा कि ईरानी राजनयिक ओमान में अमेरिका के साथ होने वाली आगामी (एजेंसी) में पूर्ण आत्मविश्वास के साथ शामिल होंगे, और इसके पीछे ईरान की सैन्य शक्ति एक प्रमुख कारक है। उधर अमेरिकी राष्ट्रपति के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची शुक्रवार को ओमान की राजधानी मस्कट में परमाणु (एजेंसी) के लिए मौजूद हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/iran-deployed-khorramshahr-4-ballistic-missile-gave-a-strong-message-to/article-142200</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/iran-deployed-khorramshahr-4-ballistic-missile-gave-a-strong-message-to/article-142200</guid>
                <pubDate>Fri, 06 Feb 2026 18:40:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/11-%28700-x-400-px%29-%28630-x-400-px%29-%2815%292.png"                         length="1181159"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>न्यूयॉर्क शहर में ठंड का कहर, 14 लोगों की मौत, बर्फबारी से सड़कें और फुटपाथ मलबे में तब्दील </title>
                                    <description><![CDATA[न्यूयॉर्क में कड़ाके की ठंड से 14 लोगों की मौत हुई। महापौर ने पुष्टि की। बेघर लोगों के लिए वार्मिंग शेल्टर और बसें तैनात की गईं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/cold-havoc-in-new-york-city-14-people-died-roads/article-141710"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(13)1.png" alt=""></a><br /><p>न्यूयॉर्क। न्यूयार्क में पिछले हफ्ते खुले में रहने के कारण ठंड की वजह से 14 लोगों की मौत हो गयी है। महापौर जोहरान ममदानी ने रविवार को इस बात की पुष्टि की।</p>
<p>स्थानीय मीडिया ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि आठ लोगों की मौत बहुत अधिक ठंड लगने से हुई  थी। 25 जनवरी को आये भीषण बर्फीले तूफान में रिकॉर्ड तोड़ बर्फबारी से सड़कें और फुटपाथ कीचड़ भरे मलबे में तब्दील हो गये। महापौर ममदानी ने कहा कि अब तक 670 लाख पाउंड बर्फ पिघल चुका है और इसे हटाने के लिए 1880 लाख पाउंड नमक का इस्तेमाल किया गया है।</p>
<p>बेघर लोगों को ठंड से बचाने के लिये नये उपाय भी अपनाये गये हैं। बेघर लोगों के लिए नये एक कमरे वाले आश्रय गृह खोले जायेंगे। न्यूयॉर्क शहर के पांचों नगरों में लोगों के लिए वार्मिंग आश्रय गृह भी खुले हुए हैं। इसके साथ ही पूरे शहर में 20 वार्मिंग बसें भी खड़ी की गयी हैं। ये ऐसी बसें हैं, जिनमें ठंड से बचने के लिए लोग शरण ले सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/cold-havoc-in-new-york-city-14-people-died-roads/article-141710</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/cold-havoc-in-new-york-city-14-people-died-roads/article-141710</guid>
                <pubDate>Mon, 02 Feb 2026 16:18:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/11-%28700-x-400-px%29-%28630-x-400-px%29-%2813%291.png"                         length="656280"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरान का समुद्र में सेना उतारने का ऐलान, हरमुज में सुरक्षित रूप से अभ्यास करें ईरान, जोखिम को ने दें जन्म: अमेरिका</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी सेंटकॉम ने ईरान की आईआरजीसी से हरमुज की खाड़ी में नौसैनिक अभ्यास सुरक्षित और पेशेवर तरीके से करने को कहा, ताकि अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात को खतरा न हो।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/iran-should-practice-safely-in-hormuz-america-should-not-give/article-141435"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/500-px)-(9)1.png" alt=""></a><br /><p>टैंपा। अमेरिका के रक्षा मंत्रालय के अधीन आने वाली केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) ने ईरान की इस्लामी रेवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) से अनुरोध किया है कि वह रविवार से हरमुज की खाड़ी में शुरू होने वाला अपना नौसैनिक अभ्यास सुरक्षित तरीके से करे और किसी भी अनावश्यक जोखिम को जन्म न दे। </p>
<p>सेंटकॉम ने अपने बयान में कहा, सेंटकॉम आईआरजीसी से आग्रह करता है कि वह घोषित नौसैनिक अभ्यास को इस तरह से करे जो सुरक्षित, पेशेवर हो और अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात के लिए नौपरिवहन की आजादी को अनावश्यक जोखिम से बचाये। हरमुज खाड़ी एक अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग है और एक जरूरी व्यापार गलियारा है, जो क्षेत्रीय आर्थिक समृद्धि में मदद करता है। किसी भी दिन, दुनिया के लगभग 100 व्यापारिक जहाज इस संकरी खाड़ी से गुजरते हैं।</p>
<p>ईरान ने गुरुवार को एलान किया था कि वह होरमुज की खाड़ी में रविवार से नौसैनिक अभियान शुरू करेगा। ईरान के प्रेस टीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की नौसेना एक और दो फरवरी को हरमुज खाड़ी में गोलीबारी के साथ अभ्यास करेगी। हरमुज खाड़ी एक रणनीतिक जलमार्ग है, जिससे दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत तेल सप्लाई गुजरती है। </p>
<p>उल्लेखनीय है कि अमेरिका ने पश्चिमी एशिया में अपना विमान वाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन भी तैनात किया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसका हवाला देते हुए ईरान से अपनी शर्ते मानने के लिये भी कहा है। ईरान का कहना है कि वह बातचीत के लिये तैयार है, लेकिन अगर अमेरिका किसी भी तरह का हमला करता है तो उसे तेज और व्यापक जवाब भी मिलेगा। </p>
<p>सेंटकॉम ने अपने बयान में कहा है कि वह ईरान के हरमुज की खाड़ी में अभ्यास करने के अधिकार का सम्मान करता है, लेकिन अमेरिकी सेना के करीब किसी भी तरह के असुरक्षित या गैर-पेशेवर रवैये को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। बयान में कहा गया, सेंटकॉम पश्चिमी एशिया में काम कर रहे अमेरिकी कर्मियों, जहाजों और विमानों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। हम आईआरजीसी की किसी भी असुरक्षित कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं करेंगे। इसमें फ्लाइट अभियान में लगे अमेरिकी सैन्य जहाजों के ऊपर से उड़ान भरना, जब इरादे साफ न हों तो अमेरिकी सैन्य संपत्तियों के ऊपर से कम ऊंचाई पर या हथियारों के साथ उड़ान भरना, अमेरिकी सैन्य जहाजों से टकराने की दिशा में हाई-स्पीड नावों का पास आना, या अमेरिकी सेना पर हथियार तानना शामिल है। </p>
<p>सेंटकॉम ने कहा, अमेरिकी सेना दुनिया की सबसे ज्यादा प्रशिक्षित और घातक सेना है। वह उच्चतम स्तर के पेशेवर रवैये के साथ काम करना जारी रखेगी और अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करेगी। ईरान के आईआरजीसी को भी ऐसा ही करना चाहिए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/iran-should-practice-safely-in-hormuz-america-should-not-give/article-141435</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/iran-should-practice-safely-in-hormuz-america-should-not-give/article-141435</guid>
                <pubDate>Sat, 31 Jan 2026 16:45:24 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/500-px%29-%289%291.png"                         length="825705"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        