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                <title>dumpers - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>असर खबर का...आधुनिक मोटर मार्केट में निगम ने शुरू की सफाई</title>
                                    <description><![CDATA[मोटर मार्केट बनने के बाद से सफाई न होने से कचरे के ढेर लगे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-report--municipal-corporation-begins-cleanup-at-the-modern-motor-market/article-162532"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/333331.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। डीसीएम रोड स्थित संजय नगर आरओबी के पास बने आधुनिक मोटर मार्केट में आखिरकार नगर निगम ने शनिवार को सफाई शुरू करवा ही दी। जेसीबी डम्पर की सहायता से कचरा साफ किया जा रहा है।पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय में तत्कालीन नगर विकास न्यास की ओर से डीसीएम रोड पर आधुनिक मोटर मार्केट का निर्माण कराया था। इस मार्केट में करीब 400 से अधिक दुकानें बनाई गई। साथ ही यहां चौड़ी सड़कें, रोशनी, जन सुविधा और प्रवेश व निकास के लिए अलग-अलग द्वार समेत अन्य सुविधाएं भी विकसित की। जिससे इसे आधुनिक मोटर मार्केट का नाम दिया गया। इस मार्केट में एरोड्राम चौराहे के पास पूर्व में संचालित मोटर मार्केट में काम करने वाले मिस्त्रियों व मैकेनिकों का पुनर्वास किया गया। एक निर्धारित राशि में मैकेनिकों को सुविधा जनक दुकानें मार्केट के रूप में उपलब्ध करवाई गई। जिससे एरोड्राम चौराहे के पास धानमंडी के सामने की सड़क को चौड़ा किया जा सका।</p>
<p><strong>सफाई नहीं होने से लगे कचरे के ढेर</strong><br />मोटर मार्केट बनने के बाद से वहां नियमित सफाई नहीं होने से वहां कचरे के ढेर जमा हो गए। प्रवेश द्वार से लेकर पूरे मार्केट में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं। साथ ही चारों तरफ की नालियां जाम हैं। जिससे वहां काम करने वाले दुकानदारों के साथ ही आने वाले लोगों को भी दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा है और बीमारियां फेलने का खतरा बना हुआ है।</p>
<p>नवज्योति में समाचार प्रकाशित होने के साथ ही नगर निगम प्रशासन हरकत में आया और मार्केट में शनिवार को सफाई शुरू करवा दी गई है। स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि शनिवार को निगम की ओर से जेसीबी डम्पर आए। जिन्होंने कचरा उठाने के साथ ही नालियों को भी साफ किया। इससे दुकानदारों को राहत मिलेगी।</p>
<p><strong>निगम को नहीं हुआ मार्केट हैंडओवर</strong><br />नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी मोतीलाल चौधरी ने बताया कि आधुनिक मोटर मार्केट का निर्माण तो केडीए ने करवाया है। लेकिन अभी तक उसे निगम को हैंड ओवर नहीं किया है। जिससे वहां निगम के सफाई संसाधन नियमित नहीं जा पा रहे हैं। हालांकि सम्पति केडीए की हो या अन्य विभाग की। उनकी सफाई की जिम्मेदारी नगर निगम की है। समाचार पत्र में मामला प्रकाशित होने के बाद आयुक्त के निर्देश पर मार्केट में जेसीबी डम्पर भेजकर सफाई शुरू करवा दी है। हालांकि वहां कचरा अधिक होने से पूरी सफाई होने में कुछ समय लगेगा।</p>
<p><strong>नवज्योति ने किया था मामला प्रकाशित</strong><br />डीसीएम रोड स्थित आधुनिक मोटर मार्केट के गंदगी से अटे होने का मामला दैनिक नवज्योति ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। समाचार पत्र में 6 अगस्त को पेज 4 पर' गाडिय़ां ठीक करवाने आ रहे,सेहत खराब करवा कर जा रहे लोगÓ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें बताया था कि कहने को तो यह आधुनिक मोटर मार्केट है। लेकिन यहां इतनी अधिक गंदगी, कचरे के ढेर व नालियां जाम है। जिससे गाडिय़ां ठीक करवाने आने वाले लोग और वहां काम करने वाले मिस्त्री अपने साथ बीमारियां लेकर जा रहे हैं। समाचार प्रकाशित होने के बाद नगर निगम प्रशासन हरकत में आया और मार्केट में सफाई शुरू करवाई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 10 Aug 2026 16:03:28 +0530</pubDate>
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                <title>थेगड़ा से नांता तक दुर्गंध फैला रहे डम्पर, रास्ते में कई जगह सड़क पर गिर रहा कचरा</title>
                                    <description><![CDATA[लगातार भारी बारिश से पूरा कचरा गीला हो गया जिसे निगम के डम्परों से ट्रेचिंग ग्राउंड बिना ढके पहुंचाया जा रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/dumpers-spreading-foul-odor-from-thegda-to-nanta--garbage-falling-on-the-road-in-many-places-along-the-way/article-130951"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/11137.png" alt=""></a><br /><p>कोटा।  शहर को एक तरफ तो गंदगी व कचरे से मुक्त बनाने के प्रयास किए जा रहे है। वहीं दूसरी तरफ नगर निगम के कर्मचारी ही शहर में गंदगी व दुर्गंध फेला रहे है। वह भी थेगड़ा स्थित ट्रांसफर स्टेशन से नांता स्थित ट्रेचिंग ग्राउंड तक। नगर निगम कोटा उत्तर का कचरा ट्रांसफर स्टेशन शिवपुरी धाम के पास थेगड़ा में बना हुआ है। जहां घर-घर कचरा संग्रहण में लगे टिपर व ट्रेक्टर ट्रॉलियों से क्षेत्र का कचरा यहां लाकर डाला जा रहा है। उसके बाद उस कचरे को जेसीबी की सहायता से डम्परों में भरकर नांता स्थित ट्रेचिंग ग्राउंड पहुंचाया जा रहा है। हालत यह है कि शहर में पिछले दो दिन तक लगातार भारी बारिश हुई। जिससे पूरा कचरा गीला हो गया। ऐसे में निगम के डम्परों से उस गीले कचरे को ट्रेचिंग ग्राउंड पहुंचाया जा रहा है वह भी बिना ढके हुए। जबकि नियमानुसार कचरे की चाहे ट्रेक्टर ट्रॉली हो या डम्पर उसे तिरपाल से ढककर ही ले जाने का प्रावधान है। जिससे न तो उनका कचरा सड़क पर बिखरे और न ही उसकी दुर्गंध का लोगों को सामना करना पड़े। लेकिन हालत यह है कि पिछले कई दिन से निगम के डम्परों में थेगड़ा से नांता ट्रेचिंग ग्राउंड तक बिना तिरपाल ढके ही कचरे का परिवहन किया जा रहा है। जिससे पूरे रास्ते में उस  गीले कचरे की दुर्गंध फेल रही है। साथ ही कचरा ओवर लोड होने से सड़क पर बिखरता जा रहा है। जिससे उस डम्पर के पीछे व साइड से गुजर रहे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<p>वाहन चालकों का कहना है कि इस तरह से  बिना ढके कचरा ले जाना गलत है। इससे लोगों को दुर्गंध का सामना करने के साथ ही गंदगी उन पर  गिरने का खतरा बना हुआ है। निगम को चाहिए कि वह कचरे को ढककर ही परिवहन करे। गौरतलब है कि  नगर निगम कोटा उत्तर में आधुनिक कचरा ट्रांसफर स्टेशन शुरु नहीं होने से कचरे का  बंद कंटेनरों में हाइजनिक तरीके से परिवहन नहीं हो पा रहा है। जिसका खामियाजा शहर वासियों को भुगतना पड़ रहा है। कोटा उत्तर में स्टेशन रोड खेड़ली फाटक व उम्मेदगंज में ट्रांसफर स्टेशन बनकर तैयार हो गए हैं लेकिन उन्हें शुरु नहीं किया जा रहा है। जबकि कोटा दक्षिण निगम क्षेत्र में आधुनिक कचरा ट्रांसफर स्टेशनों से बंद कंटेनरों में ही कचरे का परिवहन होने से पता ही नहीं चलता कि उनमें कचरा जा रहा है। इधर नगर निगम कोटा उत्तर के स्वास्थ्य अधिकारी मोतीलाल चौधरी का कहना है कि ट्रांसफर स्टेशन के कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश हैं कि डम्परों में कचरे का परिवहन तिरपाल ढककर ही किया जाएगा। बिना ढके कचरा नहीं ले जा सकते है।  यदि थेगड़ा से बिना तिरपाल ढके कचरे का परिवहन हो रहा है तो वह गलत है। इस संबंध में संबंधित को फिर से पाबंद किया जाएगा। जिससे भविष्य में ऐसा नहीं हो सके। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Oct 2025 16:21:37 +0530</pubDate>
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                <title>हाइजनिक परिवहन से फिर डम्परों पर लौटा निगम</title>
                                    <description><![CDATA[ हालत यह है कि आधुनिक कचरा ट्रांसफर स्टेशन से कचरे का परिवहन ही बंद हो गया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota--nigam-returned-to-dumpers-from-hygienic-transport/article-7476"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/truck.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 के भौतिक सत्यापन के लिए केन्द्रीय शहरी विकास मंत्रालय की टीम इन  दिनों कोटा आई हुई है। उस टीम को जब निगम द्वारा  आधुनिक कचरा ट्रांसफर स्टेशन से होने वाले हाइजनिक कचरा परिवहन को दिखाने का मौका आया था। उस समय हालत यह है कि आधुनिक कचरा ट्रांसफर स्टेशन से कचरे का परिवहन ही बंद हो गया है। नगर निगम के नांता स्थित ट्रेचिंग ग्राउंड में कचरे के पहाड़ में आग लगते ही कचरा ट्रांसफर स्टेशन की दूरी बढ़ गई है। पहले जहां साजीदेहड़ा स्थित आधुनिक कचरा ट्रांसफर स्टेशन से कंटेनरों के जरिए कचरे को हाइजनिक तरीके से परिवहन किया जा रहा था वह अब नयागांव से डम्परों के माध्यम से हो रहा है। <br /><br />नगर निगम कोटा उत्तर व कोटा दक्षिण को कचरे का हाइजनिक तरीके से परिवहन करने के लिए आधुनिक कचरा ट्रांसफर स्टेशन बनाने थे। नगर निगम कोटा दक्षिण ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत करीब 5 करोड़ रुपए की लागत से साजीदेहड़ा में धार का अखाड़ा के पास आधुनिक कचरा ट्रांसफर स्टेशन तैयार भी कर लिया। जहां से कोटा दक्षिण निगम के आधे सेक्टरों का कचरा कंटेनरों के माध्यम से बंद होकर हाइजनिक तरीके से नांता स्थित ट्रेचिंग ग्राउंड जा रहा था। ट्रेचिंग ग्राउंड में पहुंच रहे रोजाना करीब 400 टन कचरे में से आधा कोटा दक्षिण क्षेत्र का कचरा है। लेकिन ट्रेचिंग ग्राउंड के कचरे में गत दिनों आग लगी। आग पर काबू पाने में नगर निगम को दस दिन से अधिक का समय लगा। ऐसे में कोटा उत्तर निगम के अधिकारियों ने आरोप लगाया कि कोटा दक्षिण से कंटेनरों में आ रहे कचरे के कारण यहां आग लगी है। इस आरोप को देखते हुए नगर निगम कोटा दक्षिण के अधिकािरयों  ने अस्थायी रूप से आधुनिक कचरा ट्रांसफर स्टेशन से कचरे का परिवहन कुछ समय के लिए बंद कर दिया है। <br /><br /><strong>नयागांव में डाला जा रहा कोटा दक्षिण का कचरा</strong><br />नगर निगम कोटा दक्षिण का कचरा साजीदेहड़ा स्थित आधुनिक कचरा ट्रांसफर स्टेशन में डलना बंद होने के बाद उसे नयागांव में डाला जा रहा है। नगर निगम कोटा दक्षिण द्वारा ट्रक यूनियन के पास ट्रांसपोर्ट नगर में निगम के कचरा ट्रांसफर स्टेशन को आधुनिक बनाने का काम चल रहा है। जिससे वहां का कचरा भी नयागांव में डाला जा रहा है। उसी जगह पर साजीदेहड़ा वाले कचरे को भी डाला जा रहा है। हालांकि शहर के आधे सेक्टरों का कचरा वहां जाने से टिपरों व ट्रैक्टर ट्रॉलियों को समय व डीजल दोनों अधिक लग रहे हैं। <br /><br /><strong>साजीदेहड़ा की जगह नयागांव से हो रहा परिवहन</strong><br />पहले जहां साजीदेहड़ा स्थित आधुनिक कचरा ट्रांसफर स्टेशन से कचरे का परिवहन ट्रेचिंग ग्राउंड में हो रहा था। वह अब नयागांव से हो रहा है। हालांकि दोनों उल्टी दिशा में हैं। नयागांव रावतभाटा रोड पर शहर से करीब 12 किमी दूर है। जबकि ट्रेचिंग ग्राउंड नदी पार नांता क्षेत्र में है। ऐसे में नयागांव से नांता तक की दूरी काफी अधिक बढ़ गई है। जिससे कचरा परिवहन में समय और डीजल दोनों अधिक लग रहे हैं। <br /><br /><strong>टीम को दिखाने के लिए कुछ नहीं</strong><br />नगर निगम कोटा उत्तर व कोटा दक्षिण द्वारा शहर की सफाई के लिए काम तो किए गए लेकिन ऐसा कोई काम नहीं है जिससे रैकिंग सुधार हो सके। साथ ही अधिकारी केन्द्रीय टीम को कुछ अच्छा दिखा सकें। हालाकि सफाई के संसाधन व मशीनरी तो खूब आ चुकी है। लेकिन गीला व सूखा कचरा और ट्रेचिंग ग्राउंड के कचरे के निस्तारण संबंधी कोई काम नहीं किया जा सका है। <br /><br /><strong>इनका कहना है</strong><br />ट्रेचिंग ग्राउंड में कचरा अधिक होने से बड़े वाहन जाने में समस्या हो रही थी। इस कारण से फिलहाल आधुनिक कचरा ट्रांसफर स्टेशन से कंटेनरों से कचरे का परिवहन बंद कर दिया है। वर्तमान में कोटा दक्षिण के कचरे का परिवहन नयागांव क्षेत्र से हो रहा है। <br />-कीर्ति राठौड़, आयुक्त , नगर निगम कोटा दक्षिण<br /><br /><strong>फैक्ट फाइल:</strong><br />कोटा में नगर निगम-2<br />कोटा उत्तर निगम में वार्ड-70<br />कोटा दक्षिण निगम में वार्ड-80<br />कोटा शहर से रोजाना निकल रहा कचरा-400 टन<br />कोटा उत्तर क्षेत्र का कचरा-200 टन <br />कोटा दक्षिण क्षेत्र का कचरा -200 टन</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 Apr 2022 14:12:06 +0530</pubDate>
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