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                <title>भ्रष्ट व्यवस्था ने छात्रों के सपनों को कुचला : NEET परीक्षा रद्द को लेकर और क्या बोले राहुल गांधी</title>
                                    <description><![CDATA[राहुल गांधी ने NEET-UG 2026 रद्द होने पर सरकार को घेरा है। उन्होंने इसे युवाओं के भविष्य के साथ संगठित भ्रष्टाचार और खिलवाड़ बताया। गांधी ने कहा कि पेपर लीक और माफियाओं के कारण 22 लाख छात्रों की मेहनत मिट्टी में मिल गई है। उन्होंने केंद्र के 'अमृतकाल' को छात्रों के लिए 'विषकाल' करार दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/neet-2026-exam-cancelled-rahul-criticized-the-central-government-said/article-153560"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/rahul-ji.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने नीट यूजी 2026 परीक्षा रद्द किए जाने पर केंद्र सरकार की तीखी आलोचना की और कहा कि 22 लाख से अधिक छात्रों की मेहनत पर सरकार ने पानी फेर दिया है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा, "किसी पिता ने बच्चों की पढ़ाई के लिए कर्ज़ लिया, किसी मां ने गहने बेचे और लाखों छात्रों ने रात-रात भर जागकर तैयारी की, लेकिन बदले में उन्हें "पेपर लीक, सरकारी लापरवाही और शिक्षा में संगठित भ्रष्टाचार" मिला। यह सिर्फ नाकामी नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। हर बार पेपर माफिया बच निकलते हैं और ईमानदार छात्र इसका खामियाजा भुगतते हैं।"</p>
<p>उन्होंने कहा कि परीक्षा रद्द होने से लाखों छात्रों को दोबारा मानसिक तनाव, आर्थिक बोझ और अनिश्चितता का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने सवाल किया कि अगर छात्रों की तकदीर मेहनत से नहीं बल्कि "पैसे और पहुंच" से तय होगी, तो शिक्षा व्यवस्था का क्या मतलब रह जाएगा। कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, " केंद्र सरकार का तथाकथित अमृतकाल देश के लिए विषकाल बन गया है।" गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने नीट यूजी 2026 परीक्षा को रद्द करने का फैसला किया है। परीक्षा आयोजित करने वाली राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एन टी ए) ने बयान जारी कर कहा है कि केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद परीक्षा रद्द की गई है और नयी तारीखों की घोषणा जल्द की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 May 2026 16:40:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>स्कूलों में जहरीला भोजन खिलाए जाने की घटना बेहद शर्मनाक और आपराधिक, उच्चस्तरीय जांच की मांग : भाकपा माले</title>
                                    <description><![CDATA[बिहार के सहरसा में जहरीला मध्याह्न भोजन खाने से सैकड़ों बच्चे बीमार हो गए। भाकपा माले ने इस घटना को आपराधिक लापरवाही बताते हुए दोषी एनजीओ की गिरफ्तारी और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। पार्टी ने निजीकरण को बच्चों की जान के लिए खतरा बताते हुए स्थानीय रसोइयों द्वारा ताजा भोजन की व्यवस्था बहाल करने की अपील की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/the-incident-of-serving-poisonous-food-in-schools-is-extremely/article-153247"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/bihar1.png" alt=""></a><br /><p>पटना। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी-लेनिनवादी (भाकपा माले) के राज्य सचिव कुणाल ने सहरसा जिले महिषी प्रखंड के विभिन्न स्कूलों में मध्याह्न भोजन खाने से सैकड़ों बच्चों के बीमार होने की घटना को बेहद शर्मनाक और आपराधिक बताते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच तथा दोषी एनजीओ संचालकों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। कुणाल ने आज बयान जारी कर कहा कि भोजन में जहरीले सांप के अवशेष मिलने की खबर भयावह और गंभीर लापरवाही का मामला है। उन्होंने कहा कि बच्चों की जिंदगी के साथ इस तरह का खिलवाड़ किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता है।</p>
<p>कुणाल ने आरोप लगाया कि बिहार की डबल इंजन सरकार ने मिड डे मील जैसी महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना को निजी एनजीओ और ठेकेदारों के हवाले कर दिया है, जिसका नतीजा आज बच्चों की जान पर बन आया है। उन्होंने कहा कि निजीकरण और लागत कम करने की नीति के कारण सरकारी स्कूलों की व्यवस्था बदहाल हो गई है।उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी एनजीओ संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही सभी बीमार बच्चों के निशुल्क और समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।</p>
<p>माले नेता कुणाल ने कहा कि पूर्व की व्यवस्था के तहत स्कूलों में स्थानीय रसोइयों द्वारा ताजा भोजन तैयार कर बच्चों को उपलब्ध कराया जाना चाहिए, जिससे भोजन की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई और मिड डे मील व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो भाकपा माले राज्यव्यापी आंदोलन चलाने को बाध्य होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 May 2026 14:57:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>कांग्रेस का हमला: ग्रेट निकोबार परियोजना में पर्यावरण, आदिवासी अधिकार और पारदर्शिता नदारद, इन विषयों पर जवाब देने में वह विफल रही सरकार</title>
                                    <description><![CDATA[जयराम रमेश ने ग्रेट निकोबार विकास परियोजना को पारिस्थितिक आपदा करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने लेदरबैक कछुओं के आवास, आदिवासी अधिकारों और पारदर्शिता को दरकिनार किया है। राहुल गांधी की यात्रा के बाद, कांग्रेस ने पेड़ों की कटाई और पर्यावरणीय मंजूरी में हितों के टकराव पर सरकार से जवाब मांगा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/congress-attacks-government-fails-to-respond-on-issues-like-environment/article-152514"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/jairam-ramesh1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि ग्रेट निकोबार द्वीप विकास परियोजना में मोदी सरकार ने पर्यावरण, आदिवासियों के अधिकार, वित्तीय व्यवहार्यता और पारदर्शिता को पूरी तरह नजरअंदाज किया है और इन चिंताओं का जवाब देने में वह विफल रही है। कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने रविवार को सोशल मीडिया एक्स पर एक बयान में कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की गत 28 अप्रैल की ग्रेट निकोबार यात्रा से सरकार विचलित हुई है, इसलिए उसने एक मई को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर ध्यान भटकाने की कोशिश की है। सरकार संभावित पर्यावरणीय संकट से ध्यान हटाने का प्रयास कर रही है।</p>
<p>जयराम रमेश ने कहा कि ग्रेट निकोबार द्वीप पारिस्थितिकी दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील और विशिष्ट क्षेत्र है। वहां गत पांच वर्षों में पक्षियों, सांपों, गिको (छिपकली) और केकड़ों सहित लगभग 50 नयी प्रजातियां खोजी गई हैं। गैलाथिया खाड़ी, जहां बंदरगाह प्रस्तावित है, तटीय विनियमन क्षेत्र-1-ए में आती है और यह लेदरबैक कछुओं का प्रमुख प्रजनन स्थल है। उन्होंने आरोप लगाया कि पर्यावरणीय मंजूरी प्रक्रिया में भारतीय वन्यजीव संस्थान और भारतीय प्राणी सर्वेक्षण जैसी संस्थाओं पर दबाव डाला गया और बाद में इन्हीं को परियोजना से जुड़े कार्य सौंपे गए, जिससे हितों के टकराव की स्थिति उत्पन्न होती है।</p>
<p>कांग्रेस नेता ने कहा कि पेड़ों की कटाई के आंकड़ों को लेकर सरकार के अलग-अलग दावे सामने आए हैं और अब तक इसमें स्पष्टता नहीं है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग समय पर भिन्न आंकड़े दिए जाने से स्थिति संदिग्ध हो जाती है। उन्होंने प्रतिपूरक वनीकरण के प्रस्ताव को पर्यावरणीय दृष्टि से अव्यावहारिक बताते हुए कहा कि निकोबार जैसे समृद्ध पारिस्थितिक क्षेत्र की भरपाई भिन्न भौगोलिक क्षेत्र में वृक्षारोपण से नहीं की जा सकती और यह पर्यावरणीय सिद्धांतों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि गैलाथिया खाड़ी को पहले वन्यजीव अभयारण्य घोषित किया गया था, लेकिन बाद में परियोजना के लिए इसे अधिसूचना से हटाकर इसकी श्रेणी बदली गई।</p>
<p>आदिवासी अधिकारों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि निकोबारी समुदाय ने परियोजना को लेकर चिंता जताई है और शोंपेन जैसे संवेदनशील समुदाय की सहमति की प्रक्रिया पर भी प्रश्न उठ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वन अधिकार अधिनियम, 2006 के तहत अधिकारों की प्रक्रिया जल्दबाजी में पूरी की गई। परियोजना की वित्तीय व्यवहार्यता पर सवाल उठाते हुए श्री रमेश ने कहा कि प्रस्तावित हवाई अड्डे और परियोजना के अन्य दावे अव्यावहारिक प्रतीत होते हैं और इससे जुड़े कई व्यावहारिक प्रश्न अनुत्तरित हैं। उन्होंने पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाते हुए कहा कि परियोजना से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किए गए हैं और सूचना के अधिकार के तहत भी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि इसे परियोजना से जोड़ना उचित नहीं है और इस पर संसद में व्यापक चर्चा होनी चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 03 May 2026 17:59:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>क्योंझर कंकाल मामला: ओडिशा विधानसभा में हंगामा ; विपक्ष ने सरकार को घेरा, सरकार के खिलाफ की नारेबाजी</title>
                                    <description><![CDATA[ओडिशा के क्योंझर में अपनी बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुँचने वाले भाई की घटना ने विधानसभा को हिला दिया। नवीन पटनायक ने इसे प्रशासनिक उदासीनता और राज्य के लिए शर्मनाक बताया। विपक्षी दलों ने महिला सशक्तिकरण पर बहस के दौरान सरकार को घेरा, जबकि भाजपा ने इसे पूर्ववर्ती शासन की विफलताओं से जोड़ा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/keonjhar-skeleton-case-uproar-in-odisha-assembly-opposition-surrounded-the/article-152229"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)68.png" alt=""></a><br /><p>भुवनेश्वर। ओडिशा के क्योंझर में बहन का कंकाल लेकर बैंक जाने वाले भाई के चौंकाने वाले मामले को लेकर गुरुवार को विधानसभा के विशेष सत्र में भारी हंगामा हुआ। विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) और कांग्रेस ने इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। विधानसभा में महिलाओं की भूमिका पर विशेष बहस होनी थी लेकिन विपक्षी सदस्यों ने क्योंझर जिले के मल्लीपासी स्थित ओडिशा ग्राम्य बैंक की शाखा में हुई इस विचलित करने वाली घटना को उठाकर कार्यवाही बाधित कर दी। जैसे ही मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने महिला सशक्तिकरण पर अपना संबोधन शुरू किया, कांग्रेस विधायक पोस्टर और पर्चे लेकर सदन के बीचों-बीच आ गए। वे सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।</p>
<p>गौरतलब है कि खबरों के अनुसार, एक व्यक्ति को अपनी मृत बहन की जमा राशि का दावा करने और उसकी मृत्यु साबित करने के लिए बैंक में कंकाल लाने पर मजबूर होना पड़ा था। मुख्यमंत्री ने सदन की कार्यवाही बाधित करने के लिए कांग्रेस की आलोचना की और इसे अनुचित आचरण बताया। विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इस अमानवीय प्रकरण से ओडिशा की गरिमा को गहरी ठेस पहुँची है। उन्होंने कहा कि यह बेहद दर्दनाक है कि एक परिवार को अपनी बहन का कंकाल कब्र से खोदकर केवल मृत्यु साबित करने के लिए बैंक तक ढोना पड़ा।</p>
<p>नवीन पटनायक ने आरोप लगाया कि बार-बार चक्कर काटने के बावजूद बैंक अधिकारियों ने मृत्यु प्रमाण के नाम पर भाई को परेशान किया और कंकाल दिखाने के बाद भी उसे पैदल ही वापस ले जाना पड़ा। उन्होंने इस प्रकरण को प्रशासनिक उदासीनता और जवाबदेही की कमी का प्रतीक बताते हुए कहा कि इसने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ओडिशा को शर्मसार किया है। बीजद नेता ने बीबीसी और न्यूयॉर्क पोस्ट जैसी अंतरराष्ट्रीय मीडिया कवरेज का हवाला देते हुए राज्य सरकार की विफलता की बात कही। उन्होंने कहा कि जिस सरकार की निगरानी में ऐसी घटनाएं होती हैं, उसे महिलाओं की गरिमा या सशक्तिकरण पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री को इस पर आत्ममंथन करने का सुझाव दिया क्योंकि यह उनके गृह जिले की घटना है।</p>
<p>बीजद सदस्यों ने मेज थपथपाकर श्री पटनायक का समर्थन किया, जबकि सत्ता पक्ष के सदस्यों ने पूर्ववर्ती बीजद सरकार के समय के 'दाना माझी मामले' की याद दिलाई, जिसमें एक आदिवासी व्यक्ति को अपनी पत्नी का शव 12 किमी तक कंधे पर ले जाना पड़ा था। इस भावनात्मक बहस ने विशेष सत्र को शासन, महिलाओं की गरिमा और प्रशासनिक जवाबदेही पर एक राजनीतिक युद्धक्षेत्र में बदल दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 15:50:38 +0530</pubDate>
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                <title>बंगाल चुनाव: अपनों के विरोध से बेहाल तृणमूल और भाजपा, कहीं भूमिपुत्र की मांग तो कहीं चरित्र पर वार</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और टीएमसी दोनों ही आंतरिक कलह से जूझ रही हैं। टिकट न मिलने से नाराज कार्यकर्ताओं ने बांकुड़ा से हावड़ा तक सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। टीएमसी ने 74 मौजूदा विधायकों के टिकट काटे हैं, जिससे बागी नेताओं के निर्दलीय चुनाव लड़ने का खतरा बढ़ गया है, जो चुनावी नतीजों को प्रभावित कर सकता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/trinamool-and-bjp-are-troubled-by-the-opposition-of-their/article-147631"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/kalyan.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। बंगाल विधानसभा चुनावों की रणभेरी बजते ही राज्य की दो प्रमुख प्रतिद्वंद्वी पार्टियों तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के लिए बाहरी शत्रुओं से ज्यादा घर के विभीषण चुनौती बन गए हैं। टिकट बंटवारे से असंतुष्ट कार्यकर्ताओं का गुस्सा अब सड़कों पर पोस्टर, नारेबाजी और सामूहिक इस्तीफे के रूप में फूट रहा है। बांकुड़ा से लेकर हावड़ा तक, दोनों ही दल उम्मीदवार-कांटे से लहूलुहान नजर आ रहे हैं।</p>
<p><strong>तृणमूल: भीतरघात और पुराने चेहरों पर अविश्वास</strong></p>
<p>सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के भीतर भी असंतोष की ज्वाला भड़क रही है। पूर्व बर्द्धमान जिले के खंडघोष और मंतेश्वर में पुराने बनाम नए की लड़ाई सड़क पर आ गई है। कई क्षेत्रों में नेताओं के करीबियों को टिकट मिलने से स्थानीय नेता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। उत्तर 24 परगना और हुगली के कुछ क्षेत्रों में भी तृणमूल कार्यकर्ताओं ने उम्मीदवारों के चयन पर सवाल उठाते हुए विरोध प्रदर्शन किया है। कार्यकतार्ओं का तर्क है कि जो नेता पिछले पांच वर्षों में जमीन पर सक्रिय नहीं थे, उन्हें फिर से थोपना हार को निमंत्रण देना है। </p>
<p>हालांकि, पार्टी के कद्दावर नेता कल्याण बनर्जी ने दावा किया है कि ये छोटे-मोटे मतभेद हैं और पार्टी एकजुट होकर चुनाव लड़ेगी। तृणमूल ने इस बार पिछले चुनाव में जीते 74 विधायकों को टिकट नहीं दिया है। वे लोग अब निर्दलीय या फिर अन्य किसी दल से चुनाव लड़ने की तैयारी में है। बांकुड़ा जिले की छातना विधानसभा क्षेत्र में भाजपा को भारी विरोध का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान विधायक सत्यनारायण मुखोपाध्याय को दोबारा टिकट दिए जाने से स्थानीय कार्यकर्ता नाराज हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Mar 2026 13:11:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>घरेलु और व्यवसायिक गैस सिलेण्डर की कालाबाजारी पर रोक लगाओ: माकपा</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान में एलपीजी किल्लत और कालाबाजारी के खिलाफ माकपा ने तीखा विरोध जताया है। राज्य सचिव किशन पारीक ने आरोप लगाया कि घरेलू सिलेंडर ₹5000 तक बिक रहे हैं, जिससे गरीब और छोटे कारोबारी बर्बाद हो रहे हैं। माकपा ने इस संकट के लिए केंद्र की कॉरपोरेट-परस्त और युद्ध समर्थक विदेश नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/cpim-should-stop-black-marketing-of-domestic-and-commercial-gas/article-146413"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/cpim.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर: भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की राजस्थान राज्य कमेटी राज्य में गैस सप्लाई व्यवस्था पर आक्रोश व्यक्त करते हुए राज्य सरकार से मांग की है कि आम उपभोक्ताओं को अविलम्ब घरेलु व व्यवसायिक सिलेण्डर तयशुदा दामों पर उपलब्ध कराये और काला बाजारी पर तुरन्त रोक लगाए।</p>
<p>माकपा राज्य सचिव किशन पारीक ने कहा है कि माकपा ने गैस आपूर्ति के सरकारी दावों को सिरे से खारिज किया है। उपभोक्ताओं की ऑनलाईन बुकिंग वाली साईट ही बंद पड़ी है, दूसरी और घरेलु और व्यवसायिक सिलेण्डर 3 हजार से 5 हजार रूपए प्रति सिलेण्डर की कालाबाजारी धड़ल्ले से चल रही है। अब तो ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 45 दिन बाद गैस बुकिंग का आदेश निकाल दिया गया है, शहरी क्षेत्र में 25 दिन की सीमा तय की है। चाय की थड़ी और सड़क किनारे थोड़ी बहुत खाद्य सामग्री पकाकर बेचने वाले छोटे कारोबारियों की लाखों थड़िया/ठेले बंद हो चुके हैं। परिवारों में भूखों मरने की स्थिति पैदा हो गई है।</p>
<p>इसी तरह पेट्रोल पम्पों पर एलपीजी की सप्लाई बंद होने से ऑटो तथा टैक्सियों के पहिये भी रूक गए हैं। पेट्रोल पम्पों पर एलपीजी भरवाने वाले ऑटो चालकों और टैक्सी चालकों की लम्बी कतारे लगी हुई हैं। अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को रमजान के माह में गैस सिलेण्डर के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है, वहीं बहुसंख्यक समुदाय के लिए शादियों का सीजन भारी पड़ने लगा हैं। चारों तरफ परेशानी का आलम है।</p>
<p>गैस सिलेण्डर को लेकर त्राही त्राही मंची है। माकपा का मानना है कि देश और प्रदेश के आम लोगों को इस भारी संकट में डालने के लिए केन्द्र की आर.एस.एस-भाजपा सरकार की कॉरपोरेटप्रस्त नीतियां और अमेरिकी साम्राज्यप्रस्त नीतियां जिम्मेदार है, जिनकी वजह से केन्द्र की मोदी सरकार ने अमेरीका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमला करने की हत्यारी मुहिम का मूक दर्शक बनकर समर्थन किया, निर्दोष लोगों की हत्याओं पर भी मोदी सरकार ने शर्मनाक चुप्पी धारण कर रखी है। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर थोपे गए युद्ध के कारण आज दुनियाभर में कच्चे तेल की सप्लाई बाधित हुई है। हमारा देश भी इसी का नतीजा भुगत रहा है। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी जनता से अपील करती है कि राज्य में व्याप्त गैस सिलेण्डरों की कालाबाजारी के खिलाफ और भारत सरकार की हत्यारे साम्राज्यवादी देशों को समर्थन देने की नीतिया का पुरजोर विरोध करो।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Mar 2026 17:10:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पाकिस्तान के कराची में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर हमला: 6 प्रदर्शनकारियों की मौत; अन्य 12 घायल, पुलिस बल तैनात</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान पर अमेरिका-इजरायल हमलों के विरोध में कराची में उग्र भीड़ ने अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर धावा बोल दिया। सुरक्षा घेरा तोड़कर प्रदर्शनकारियों ने तोड़फोड़ और आगजनी की, जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए अमेरिकी कर्मियों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया गया है और इलाके में भारी सुरक्षा तैनात है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/attack-on-us-consulate-in-karachi-pakistan-6-protesters-killed/article-145040"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/pakistan.png" alt=""></a><br /><p>कराची। पाकिस्तान के प्रमुख बंदरगाह शहर कराची में भारी सुरक्षा वाले अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर प्रदर्शनकारियों के धावा बोलने के बाद छह प्रदर्शनकारी मारे गये हैं और 12 घायल हो गये हैं। स्थानीय आपातकालीन कर्मियों के अनुसार, यह स्पष्ट नहीं है कि इन प्रदर्शनकारियों की मौत कैसे हुई है। </p>
<p>कराची के पुलिस प्रवक्ता रेहान अली ने कहा, सैकड़ों लोग अचानक अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के पास जमा हो गये। खबर मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गयी। सोशल मीडिया पर पोस्ट किये गये कुछ वीडियो में सुनाई दे रही नारेबाजी से पता चलता है कि यह विरोध प्रदर्शन पड़ोसी देश ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों से प्रेरित था।</p>
<p>वीडियो में दर्जनों प्रदर्शनकारियों को सुरक्षा घेरा तोड़ते और लाठियों से वाणिज्य दूतावास की खिड़कियों को पीटते दिखाया गया है। इसके बाद खिड़कियों में आग की लपटें दिखाई देने लगी। एक वीडियो में गोलियों की आवाज भी सुनायी दे रही है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि इन प्रदर्शनकारियों की मौत कैसे हुई, लेकिन स्ट्रेचर पर पड़े खून से लथपथ शवों की तस्वीरें सामने आयी हैं। </p>
<p>कराची में अमेरिकी सरकार के कर्मियों की आवाजाही पर पहले ही प्रतिबंध लगा दिया गया था और वाणिज्य दूतावास ने शनिवार को वर्तमान क्षेत्रीय तनाव का हवाला देते हुए एक बयान जारी किया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 Mar 2026 14:37:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>राष्ट्रीय सुरक्षा मामला: हांगकांग के पूर्व मीडिया दिग्गज जिम्मी लाई को 20 साल की सजा, राष्ट्रीय सुरक्षा कानून का उल्लंघन करने का आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[हांगकांग के मीडिया उद्यमी जिम्मी लाई को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून उल्लंघन में 20 साल जेल की सजा मिली, जो अब तक की सबसे कठोर सजा मानी जा रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/national-security-case-former-hong-kong-media-baron-jimmy-lai/article-142438"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(10)6.png" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। हांगकांग के पूर्व मीडिया दिग्गज जिम्मी लाई को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून का उल्लंघन करने के आरोप में 20 साल जेल की सजा सुनायी गयी है। यह जानकारी स्थानीय प्रसारक आरटीएचके ने सोमवार को दी।</p>
<p>दिसंबर 2025 में, हांगकांग उच्च न्यायालय ने लाई को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के उल्लंघन के तीनों मामलों में दोषी करार दिया था। प्रसारक ने कहा कि लाई को दी गई सजा 2020 के राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के उल्लंघन के लिए अब तक की सबसे कठोर सजा है।</p>
<p>लाई को अगस्त 2020 में विदेशी ताकतों के साथ मिलीभगत एवं धोखाधड़ी करने के आरोपों में हिरासत में लिया गया था। हांगकांग में 2019 में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान रैलियां आयोजित करने में उनकी भूमिका के लिए उन्हें 2021 में 20 महीने की जेल की सजा सुनाई गई। सजा पूरी करने के बावजूद, लाई अधिक गंभीर आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने तक हिरासत में रहे।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Feb 2026 14:17:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अमेरिकी सरकार में आंशिक शटडाउन शुरू, जल्द समाधान की उम्मीद</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी कांग्रेस 2026 का बजट समय पर पारित नहीं कर सकी, जिससे आंशिक सरकारी शटडाउन शुरू हुआ। डेमोक्रेट्स ने इमिग्रेशन कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों की मौत पर आपत्ति जताई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/partial-shutdown-begins-in-us-government-hope-for-solution-soon/article-141453"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/500-px)-(11)1.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका की कांग्रेस आधी रात की फंडिंग डेडलाइन से पहले 2026 का बजट पास करने में नाकाम रही, जिसके बाद शनिवार को अमेरिकी सरकार का आंशिक शटडाउन शुरू हो गया। </p>
<p>स्थानीय मीडिया ने बताया कि होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के लिए नयी फंडिंग पर बातचीत तब रुक गयी, जब डेमोक्रेटिक पार्टी ने मिनियापोलिस में संघीय इमिग्रेशन एजेंटों द्वारा दो प्रदर्शनकारियों की हत्या पर गुस्से में प्रतिक्रिया दी। उम्मीद की जा रही है कि ये व्यवधान सीमित होंगे, क्योंकि कांग्रेस अगले हफ्ते की शुरुआत में सीनेट समर्थित डील को मंजूरी देने के लिए आगे बढ़ेगा। </p>
<p>सीनेटर डिक डर्बिन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, नशीले पदार्थों के तस्करों, बाल यौन अपराधियों और मानव तस्करों के पीछे जाने के बजाय, डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन शिकागो और मिनियापोलिस में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाने में कीमती संसाधनों को बर्बाद कर रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 31 Jan 2026 16:05:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका ईरान प्रतिबंध: अमेरिका ने लगाए ईरान के गृह मंत्री, शीर्ष अधिकारियों पर प्रतिबंध, हिंसक कार्रवाई के लिए बताया जिम्मेदार</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान में प्रदर्शनों पर हिंसा के आरोप में अमेरिका ने गृह मंत्री इस्कंदर मोमेनी समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों और आईआरजीसी से जुड़े लोगों पर प्रतिबंध लगाए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/america-iran-sanctions-america-imposes-sanctions-on-irans-interior-minister/article-141422"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/500-px)-(7)1.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। ईरान में जारी प्रदर्शन के बाद अमेरिका ने ईरान के गृह मंत्री इस्कंदर मोमेनी और कई अन्य वरिष्ठ अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाते हुए कहा है कि राष्ट्रव्यापी प्रदर्शनों पर ईरानी प्रशासन पर हिंसक कार्रवाई के लिये ये सभी जिम्मेदार थे। अमेरिका के वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को इसकी जानकारी देते हुए कहा, मोमेनी ईरान इस्लामिक गणराज्य के हत्यारे कानून प्रवर्तन बल का संचालन करते हैं, जो हजारों शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हत्या के लिये जिम्मेदार है।</p>
<p>बयान में अमेरिकी वित्त विभाग के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (ओएफएसी) ने कहा, आज अमेरिका के वित्त मंत्रालय के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय ने ईरानी लोगों के खिलाफ ङ्क्षहसक कार्रवाई करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध अतिरिक्त कार्रवाई की। जिन अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाए गये, उनमें ईरान के गृह मंत्री इस्कंदर मोमेनी शामिल हैं।</p>
<p>इन प्रतिबंधों में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉप्र्स (आईआरजीसी) के वरिष्ठ अधिकारियों और ईरानी व्यवसायी बाबक मोर्तेजा जंजानी को भी निशाना बनाया गया है, जिन पर ईरानी लोगों से अरबों डॉलर के गबन का आरोप है। मंत्रालय ने जंजानी से जुड़े डिजिटल करेंसी विनिमय पर भी रोक लगा दी है।</p>
<p>अमेरिका के प्रतिबंधों के तहत नामित व्यक्तियों या संस्थाओं की कोई भी संपत्ति जब्त कर दी जाती है और अमेरिकी नागरिकों तथा कंपनियों को उनके साथ व्यापार करने से मना किया जाता है। वित्त मंत्रालय ने बताया कि जंजानी ने आईआरजीसी और व्यापक ईरानी शासन का समर्थन करने वाली परियोजनाओं को आर्थिक रूप से समर्थन दिया है।  </p>
<p>ओएफएसी ने पहली बार जंजानी से जुड़े दो डिजिटल संपत्ति विनिमय नामित किये। यह ईरानी अर्थव्यवस्था में काम करने वाले डिजिटल एसेट विनिमय के खिलाफ उसकी पहली कार्रवाई है। मंत्रालय के सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा, एक समृद्ध ईरान बनाने के बजाय शासन ने देश के तेल राजस्व के बचे हुए हिस्से को परमाणु हथियारों के विकास, मिसाइलों और दुनिया भर में आतंकवादी संगठन पर बर्बाद करना चुना है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ईरान के लोगों के साथ खड़े हैं और उन्होंने मंत्रालय को शासन के सदस्यों पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है। </p>
<p>मंत्रालय ईरानी नेटवर्क और भ्रष्ट अभिजात वर्ग को निशाना बनाना जारी रखेगी जो ईरानी लोगों की कीमत पर खुद अमीरी में जीते हैं। प्रतिबंधित किये गये अन्य अधिकारियों में आईआरजीसी इंटेलिजेंस ऑर्गनाइजेशन के माजिद खादेमी, तेहरान प्रांत के आईआरजीसी सैय्यद अल-शोहादा कॉप्र्स के कमांडर ग़ोरबान मोहम्मद वलीजदेह, हमादान प्रांत के आईआरजीसी कमांडर हुसैन जारे कमाली, गिलान प्रांत के आईआरजीसी कमांडर हामिद दमघानी, और करमानशाह प्रांत के एलईएफ कमांडर मेहदी हाजियन शामिल हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 31 Jan 2026 14:05:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ईरान हिंसा: पश्चिमी ईरान में प्रदर्शनों के दौरान हुई झड़पों में 3 लोगों की मौत, कई अन्य घायल</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान के इलम प्रांत में विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई झड़पों में तीन लोगों की जान चली गई। सर्वोच्च नेता खामेनेई ने दंगाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/iran-violence-3-killed-several-others-injured-in-clashes-during/article-138309"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/iran-voilence.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान के पश्चिमी इलम प्रांत में शनिवार शाम विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई झड़पों में तीन लोगों की मौत हो गई। यह जानकारी अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी फ़ार्स ने जानकार सूत्रों के हवाले से दी। समाचार एजेंसी फ़ार्स ने कहा कि मालेकशाही काउंटी में दंगाइयों ने एक कानून प्रवर्तन केंद्र पर हमला करने की कोशिश की जिसके कारण सुरक्षा बलों के साथ उनकी झड़पें हुईं। इसमें सुरक्षा बलों का एक जवान और दो दंगाइ मारे गए जबकि कई अन्य घायल हो गए।</p>
<p>इससे पहले शनिवार को, फ़ार्स न्यूज एजेंसी ने कहा था कि ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गाड्र्स कोर से संबद्ध बासिज स्वयंसेवी बल का एक सदस्य पश्चिमी प्रांत करमानशाह में हुई अशांति के दौरान मारा गया। एजेंसी ने कहा कि अली अजीजी की शुक्रवार को हरसिन काउंटी में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान चाकू और गोली लगने से मौत हो गई। ईरान की मुद्रा रियाल के मूल्य में भारी गिरावट के विरोध में रविवार से ईरान के कई शहरों में प्रदर्शन हो रहे हैं। अधिकारियों ने प्रदर्शनों को स्वीकार करते हुए कहा है कि वे आर्थिक शिकायतों के समाधान के लिए तैयार हैं, साथ ही हिंसा, तोडफ़ोड़ एवं अशांति के खिलाफ चेतावनी भी दी है।</p>
<p>ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली हुसैनी खामेनेई ने कल कहा कि व्यापारियों के विरोध प्रदर्शनों का फायदा उठाकर अशांति फैलाना एवं राष्ट्रीय सुरक्षा को कमजोर करना बिल्कुल अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत करनी चाहिए लेकिन उन लोगों के साथ नहीं जो दंगाई हैं। उन्होंने कहा कि दंगाईयों को उनकी औकात दिखा देनी चाहिए। खामेनेई ने स्वीकार किया कि रियाल के मुल्य में गिरावट ने कारोबारी माहौल को बिगाड़ दिया है और विदेशी मुद्रा दरों में इस अस्वाभाविक वृद्धि के लिए उन्होंने शत्रु कार्रवाइयों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान सहित वरिष्ठ अधिकारी स्थिति से निपटने के लिए काम कर रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 04 Jan 2026 18:19:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ईरान में​ हिंसक विरोध प्रदर्शन: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की चेतावनी, बोलें हम हस्तक्षेप के लिए तैयार</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग करने पर अमेरिका मूकदर्शक नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका उनकी मदद के लिए "तैयार" है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/violent-protests-in-iran-us-president-trump-warns-we-are/article-138174"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/trump-big-disi.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में जारी हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच ईरानी शासन को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों का दमन किया गया, तो अमेरिका मूकदर्शक बना नहीं रहेगा। राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर जारी एक संदेश में स्पष्ट किया कि अगर ईरानी सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर गोली चलायी या उनकी हत्या की, तो अमेरिका हस्तक्षेप करने के लिए पूरी तरह तैयार है। </p>
<p>उन्होंने लिखा, अगर ईरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाता है और उन्हें बेरहमी से मारता है, जो कि उनकी आदत है, तो अमेरिका उनकी मदद के लिए आएगा। हमने निशाना साध लिया है और आगे बढऩे के लिए तैयार हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का यह संदेश ऐसे समय में सामने आया है, जब ईरान के कई शहरों में महंगाई और बेरोजगारी को लेकर पिछले पांच दिनों से व्यापक जन आक्रोश देखा जा रहा है।</p>
<p>गौरतलब है कि, ईरान में इन दिनों सरकार विरोधी प्रदर्शन चल रहे हैं। यह संकट देश की मुद्रा 'रियाल' में आयी ऐतिहासिक गिरावट के बाद और गहरा गया है। वर्तमान में एक अमेरिकी डॉलर की कीमत करीब 14.2 लाख रियाल के स्तर पर पहुंच गयी है। इस आर्थिक बदहाली के कारण तेहरान के ग्रैंड बाजार सहित प्रमुख बाजारों के व्यापारियों ने हड़ताल कर दी है। यह विरोध प्रदर्शन शुरू में केवल आर्थिक मांगों को लेकर शुरू हुए थे, वे अब राजनीतिक आंदोलन का रूप ले चुके हैं और प्रदर्शनकारी देश की शासन व्यवस्था में बदलाव की मांग कर रहे हैं। इस बीच, सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई हिंसक झड़पों में अब तक कम से कम छह लोगों की मौत की खबर है।</p>
<p>ईरानी प्रशासन ने इन प्रदर्शनों के पीछे पश्चिमी देशों का हाथ होने का आरोप लगाया है। ईरान की खुफिया एजेंसियों का दावा है कि विदेशी ताकतें देश में तख्तापलट की साजिश रच रही हैं और विरोध प्रदर्शनों की आड़ में इस्लामिक शासन को अस्थिर करना चाहती हैं। तेहरान के अलावा हालांकि इस्फहान, शिराज, यज्द और केरमानशाह जैसे शहरों में विरोध की आग लगातार फैलती जा रही है। विशेष रूप से लूर समुदाय के प्रभाव वाले क्षेत्रों में स्थिति अत्यंत तनावपूर्ण बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों का मानना है कि राष्ट्रपति ट्रम्प की ताजा चेतावनी से तेहरान और वॉशिंगटन के बीच पहले से जारी तनाव और अधिक बढ़ सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 02 Jan 2026 18:43:06 +0530</pubDate>
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