<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/city-traffic/tag-17306" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>city traffic - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/17306/rss</link>
                <description>city traffic RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बारिश झम-झम, शहर थम-थम : सड़कों पर भरा पानी, वाहन रेंग-रेंग कर चलते रहे</title>
                                    <description><![CDATA[शहर में बुधवार को सुबह से लेकर शाम तक बारिश का दौर जारी रहा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rainfall-jham-jham-city-is-the-thom/article-122143"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/ffgh.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। शहर में बुधवार को सुबह से लेकर शाम तक बारिश का दौर जारी रहा। इस दौरान कई बार तेज बारिश के कारण सड़कें जलमग्न हो गई। पानी भरने के कारण गढ्ढे पानी में छिप गए, जो वाहन चालकों के लिए खासी परेशानी खड़ी करते रहे। जगह-जगह पानी भरने से वाहनों की लम्बी कतारें लग गई। कई जगह गड्ढों में पानी भरने से वाहन गिर चालक गिर गए। रोड पर पानी भरने के कारण वाहन चालक गलियों में होकर गुजरने लगे, तो वहां भी जाम की स्थिति बन गई। दुपहिया वाहन चालकों के सड़कों पर भरे पानी में गुजरने के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर के परकोटे, सी-स्कीम पोलो विक्ट्री, खासा कोठी, एमआई रोड पर ज्यादा पानी भरने के कारण लगातार वाहन फंसते नजर आए।</p>
<p>इनके अलावा कलक्ट्री रोड, कालवाड़ रोड, अजमेर हाईवे, जेएलएन मार्ग, ट्रांसपोर्ट नगर, डीसीएम, घाट की गुणी, सुभाष चौक, ब्रह्मपुरी, चांदपोल बाजार, गणगौरी बाजार, नारायण सिंह सर्किल, 200 फीट बाईपास, रिद्धि-सिद्धी, सीकर रोड 14 नम्बर, खेतान हॉस्पिटल के पास, चौमूं पुलिया पर जाम के हालात बने रहे। वाहन चालक फुटपाथ पर चलते रहे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rainfall-jham-jham-city-is-the-thom/article-122143</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rainfall-jham-jham-city-is-the-thom/article-122143</guid>
                <pubDate>Thu, 31 Jul 2025 10:42:32 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-07/ffgh.png"                         length="645168"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यातायात नियमों के उल्लंघन पर यूपी, हरियाणा, दिल्ली से पीछे राजस्थान, 5 साल में महज 58.55 लाख ई-चालान</title>
                                    <description><![CDATA[मोटर वाहन नियम के अनुसार नए मोटर वाहन जिन्होंने अपने प्रारंभिक पंजीकरण की तारीख से एक वर्ष पूरा नहीं किया है, उन्हें पीयूसीसी से गुजरना आवश्यक नहीं है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/up-haryana-rajasthan-lag-behind-delhi-only-5855-lakh-e-challans/article-101487"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/5554-(4)30.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। केन्द्रीय मोटर यान नियम के तहत यातायात नियमों के उल्लंघन पर ई-चालान करने में यूपी, तमिलनाडु, केरल और हरियाणा टॉप पर है, जबकि राजस्थान पडौसी राज्यों से पीछे है। पिछले पांच साल में राजस्थान में 58.55 लाख ई-चालान हुए, जिससे 13,93,47,99,915 रुपए का राजस्व मिला। जबकि यूपी में 4.40 करोड़, तमिलनाडु में 5.57 करोड़, केरल में 1.88 करोड़ और हरियाणा में 1.03 करोड़ ई-चालान हुए। ई-चालान पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार पिछले पांच साल में देशभर में 18.24 करोड़ ई-चालान हुए।</p>
<p><strong>वाहनों की स्थिति</strong><br />नवंबर 2024 तक राष्ट्रीय मोटर वाहन रजिस्टर अर्थात वाहन 4.0 के अनुसार पंजीकृत मोटर वाहनों की कुल संख्या लगभग 38.51 करोड़ है। राष्ट्रीय ड्राइविंग लाईसेंस रजिस्टर अर्थात सारथी 4.0 के अनुसार वैध ड्राइविंग लाईसेंस और वैध लर्नर लाइसेंस की कुल संख्या क्रमश: 18.20 करोड़ और 95.79 लाख है।</p>
<p><strong>कैसे कटता है ई-चालान</strong><br />ई-चालान किसी भी वाहन का काटा जा सकता है, जो यातायात नियमों का उल्लंघन करता है। ई-चालान जारी करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता है। ये कंप्यूटर से जनरेट होता है, जो सीसीटीवी कैमरे के जरिए होता है। ई-चालान जारी होने के बाद वाहन मालिक को मोबाइल पर मैसेज आता है। ई-चालान की जानकारी केन्द्रीकृत प्रणाली में दर्ज होती है।</p>
<p>आईआईबी से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार बीमित मोटर वाहनों की कुल संख्या 17,54,37,351 है। इसके अलावा मोटर वाहनों के लिए वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र की कुल संख्या 5.34,30,622 है। हालांकि मोटर वाहन नियम के अनुसार नए मोटर वाहन जिन्होंने अपने प्रारंभिक पंजीकरण की तारीख से एक वर्ष पूरा नहीं किया है, उन्हें पीयूसीसी से गुजरना आवश्यक नहीं है। इसके अलावा बैटरी चालित वाहनों और गैर स्व चालित वाहनों को प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र से छूट दी गई है।</p>
<p>राज्य                   ई-चालान की संख्या                 प्राप्त राजस्व रुपए में<br />                                                          <br />तमिलनाडु               5.57 करोड़                         7.55 अरब<br />उत्तर प्रदेश              4.40 करोड़                          24.95 अरब<br />केरल                     1.88 करोड़                          6.90 अरब<br />हरियाणा                 1.03 करोड़                         14.65 अरब<br />दिल्ली                    90.22 लाख                         5.71 अरब<br />राजस्थान               58.55 लाख                          13.93 अरब<br />ओडिशा                 54.11 लाख                         5 अरब<br />बिहार                    43.41 लाख                         14.03 अरब<br />गुजरात                  33.31 लाख                         6.80 अरब<br />मध्य प्रदेश             20.19 लाख                          69.21 करोड़</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/up-haryana-rajasthan-lag-behind-delhi-only-5855-lakh-e-challans/article-101487</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/up-haryana-rajasthan-lag-behind-delhi-only-5855-lakh-e-challans/article-101487</guid>
                <pubDate>Tue, 21 Jan 2025 12:44:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-01/5554-%284%2930.png"                         length="139019"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सिग्नल फ्री शहर बनाने के प्रयास में बिगड़ी शहर की ट्रैफिक व्यवस्था </title>
                                    <description><![CDATA[शहर को ट्रैफिक लाइट सिग्नल फ्री बनाने के लिए चौराहों पर फ्लाई ओवर व अंडरपास बनाए गए हैं। लेकिन उस प्रयास में शहर की ट्रैफिक व्यवस्था इतनी अधिक बिगड़ गई है कि कौन सा वाहन कब और किधर से आ जाए कुछ भी पता नहीं है। जिससे दिनभर हादसों का खतरा बना हुआ है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/traffic-system-of-the-city-deteriorated-in-an-attempt-to-make-a-signal-free-city/article-7604"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/dddd-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर को ट्रैफिक लाइट सिग्नल फ्री बनाने के लिए चौराहों पर फ्लाई ओवर व अंडरपास बनाए गए हैं। लेकिन उस प्रयास में शहर की ट्रैफिक व्यवस्था इतनी अधिक बिगड़ गई है कि कौन सा वाहन कब और किधर से आ जाए कुछ भी पता नहीं है। जिससे हादसों का खतरा बना हुआ है। शहर को ट्रैफिक लाइट सिग्नल फ्री बनाने के  लिए नगर विकास न्यास द्वारा स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत करोड़ों रुपए की लागत से अंडरपास व फ्लाई ओवर बनाए गए हैं। झालावाड़ं रोड पर अनंतपुरा में फ्लाई ओवर, गोबरिया बावड़ी में अंडरपास, सिटी मॉल के सामने एलिवेटेड रोड, एरोड्राम चौराहे पर अंडरपास, गुमानपुरा में इंदिरा गांधी तिराहे पर फ्लाई ओवर व अंटाघर चौराहे पर अंडरपास का निर्माण कराया गया है। जिससे अनंतपुरा से रेलवे स्टेशन तक वाहन बिना किसी ट्रैफिक लाइट की बाधा से आसानी से निकल सके। लेकिन हालत यह है कि सभी फ्लाई ओवर व अंडरपास के मुहानों पर ट्रैफिक इतना अस्त-व्यस्त चल रहा है कि वहां आसानी से वाहन निकलना मुश्किल हो रहा है।  शहर के ट्रैफिक लाइट सिग्नल फ्री बनने से शहर वासियों को कितना लाभ होगा इसका तो काम पूरा होने के बाद ही पता चलेगा। लेकिन उससे पहले वर्तमान में ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ने से हर वाहन चालक को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। <br /><br /><strong>हादसों का खतरा</strong><br />शहर में जिस तरह से ट्रैफिक व्यवस्था चल रही है। उससे दिनभर अधिकतर जगहों पर हादसों का खतरा बना हुआ है। एरोड्राम चौराहा हो या डीसीएम रोड पर पॉलिटेक्नीक कॉलेज के सामने, छावनी चौराहे पर हो या बड़ तिराहे पर। गुमानपुरा स्थित इंदिरा गांधी तिराहे पर हो या जेडीबी कॉलेज के सामने। सभी जगहों पर इस तरह के दृश्य दिनभर होने से हादसों का खतरा बना हुआ है। <br /><br /><strong>ट्रैफिक पुलिस कर्मी ही नहीं</strong><br />शहर में नगर विकास न्यास व स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के  तहत विकास कार्य के अलावा आरयूआईडीपी द्वारा सीवरेज लाइन डालने के कार्य करवाए जा रहे हैं। जिससे सड़कों पर काम होने से जगह-जगह से रास्ते बंद हैं और ट्रैफिक डायवर्ट किया हुआ है। जिससे परेशानी का सामना तो करना ही पड़ रहा है। लेकिन उसके बावजूद शहर में ऐसी जगहों पर ट्रैफिक पुलिस कर्मी नजर ही नहीं आते हालांकि शाम के समय डीसीएम रोड पर मल्टीमेटल के सामने, शॉपिंग सेंटर मोड, घोड़ा चौराहे पर और सीएडी रोड पर ट्रैफिक पुलिस कर्मी बिना हैलमेट वालों को पकड़ने के पुलिस नजर आती हैं। ट्रैफिक पुलिस कर्मियों को देखकर बिना हैलमेट वाहन चालक वापस इस तरह से वाहन मोड़कर भागते हैं। जिससे पीछे से आने वाले अन्य वाहन चालक जिन्होंने हैलमेट भी लगाया हुआ है और परिवार के साथ जा रहे हैं उनके लिए हादसों का खतरा अधिक हो गया है।</p>
<p>- घोड़े वाले बाबा तिराहे पर वल्लभ नगर चौराहे से सीएडी की तरफ, सीएडी से एरोड्राम की तरफ, डीसीएम रोड से सीएडी की तरफ और घोड़ा तिराहे से वल्लभ नगर की तरफ जब एक साथ कई वाहन निकले तो वहां कुछ देर तक तो लोगों के समझ ही नहीं आया कि आखिर कौन सा वाहन कहां से आ रहा है और किधर जा रहा है। कई वाहन चालकों का संतुलन ही बिगड़ गया।</p>
<p>- ज्वाला तोप के पास कई वाहन सरोवर टॉकीज की तरफ से गुमानपुरा जाने के लिए, कई वाहन सरोवर से फ्लाई ओवर पर जाने के लिए, कई वाहन फ्लाई ओवर से उतरकर सरोवर व कई सेवन वंडर्स की तरफ और कई वाहन गुमानपुरा से सरोवर की तरफ जाने के  लिए एक साथ आए तो वहां जाम लग गया। कई वाहन आपस में टकराते हुए बचे। कई वाहन चालकों का संतुलन बिगड़ गया।<br /><br /><strong>- </strong>वल्लभ नगर चौराहे पर कई वाहन घोड़ा तिराहे से गुमानपुरा जाने के लिए, कई वाहन घोड़ा तिराहे से फर्नीचर मार्केट  के लिए, कई वाहन मल्टीपरपज स्कूल की तरफ जाने के लिए,कई वाहन फ्लाई ओवर से उतरकर घोड़ा तिराहे की तरफ व कई वल्लभ नगर कॉलोनी में जाने के लिए पहुंचे तो  नजारा देखने लायक था। किसी भी वाहन चालक के कुछ भी समझ नहीं आया कि आखिर जाएं कैसे। शहर की ट्रैफिक व्यवस्था के हालात बताने के लिए ये दृश्य तो उदाहरण मात्र हैं। शहर में इस तरह के दृश्य किसी एक दिन या एक समय पर नहीं पूरे शहर में दिनभर देखने को मिल जाएंगे। <br /><br />शहर में विकास के काम चलने से कई जगह पर ट्रैफिक डायवर्ट किया हुआ है। उस कारण से कुछ जगहों पर परेशानी हो सकती है। फिर भी जहां अधिक समस्या हो रही है वहां का मौका देखकर ट्रैफिक पुलिस के जवानों को लगाने का प्रयास किया जाएगा। जिससे ट्रैफिक को बिना किसी बाधा के चलाया जा सके। <br /><strong>- धर्माराम गिला, उपअधीक्षक यातायात</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/traffic-system-of-the-city-deteriorated-in-an-attempt-to-make-a-signal-free-city/article-7604</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/traffic-system-of-the-city-deteriorated-in-an-attempt-to-make-a-signal-free-city/article-7604</guid>
                <pubDate>Fri, 08 Apr 2022 14:59:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-04/dddd-copy.jpg"                         length="203101"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        