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                            <item>
                <title>आरबीआई एमपीसी ने रेपो दर को 5.5% तक लाने के लिए 'जंबो' दर कटौती का विकल्प चुना, तटस्थ गियर पर स्विच किया</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने रेपो दर में 50 आधार अंकों (बीपीएस) की कटौती कर इसे 5.5% कर दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/rbi-mpc-opted-to-cut-the-jumbo-rate-to-bring/article-116535"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/rbi.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने रेपो दर में 50 आधार अंकों (बीपीएस) की कटौती कर इसे 5.5% कर दिया, जो इस साल लगातार तीसरी बार दर में कटौती है। पैनल ने आगे अपने रुख को उदार से तटस्थ करने का फैसला किया।</p>
<p>आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने एमपीसी के फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि यह कदम मौजूदा व्यापक आर्थिक स्थितियों के व्यापक आकलन पर आधारित है। समिति ने अपने तीन दिवसीय विचार-विमर्श का समापन किया जो 4 जून, 2025 को शुरू हुआ था।</p>
<p>परिणामस्वरूप, तरलता समायोजन सुविधा (LAF) के तहत स्थाई जमा सुविधा (SDF) दर को 5.25% और सीमांत स्थायी सुविधा (MSF) दर और बैंक दर को 5.75% पर समायोजित किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Jun 2025 11:17:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संरक्षणवाद और अनिश्चितता से निटपने के लिए नीतिगत दरों में हो आधी फीसदी की कमी, 4 जून को शुरू होगी रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति की बैठक</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) से नीतिगत दरों में आधी फीसदी की कटौती करने की उम्मीद की जा रही है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/protection-of-protectionism-and-uncertainty-should-be-half-a-percent/article-116212"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/rtroer-(2)5.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। बढ़ते संरक्षणवाद और भू-राजनीतिक तनाव से उत्पन्न चुनौतियों के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था में आ रही सुस्ती को ध्यान में रखते हुए घेरलू स्तर पर आर्थिक गतिविधियों और निर्यात को गति देने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) से नीतिगत दरों में आधी फीसदी की कटौती करने की उम्मीद की जा रही है। </p>
<p>उल्लेखनीय है कि मई 2022 के बाद फरवरी 2025 में नीतिगत दरों में 0.25 प्रतिशत और अप्रैल 2025 में फिर से 0.25 प्रतिशत की कमी की गयी है। इन दो कटौतियों से आम लोगों विशेषकर आवास ऋण और नए व्यक्तिगत ऋण, वाहन ऋण लेने वालों को राहत मिली है क्योंकि बैंकों ने कटौतियों के लाभ को ग्राहकों तक पहुंचाना शुरू कर दिया है। यदि जून की बैक में भी आधी फीसद की कमी की जाती है तो कुल मिलाकर नीतिगत दरों में एक प्रतिशत की कटौती हो जायेगी, जिससे आवासऋण आदि की मांग में तेजी आ सकती है।  </p>
<p><strong>प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में गिरावट :</strong></p>
<p>अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के अनुसार वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में बढ़ते व्यापार संरक्षणवाद और अनिश्चितता के कारण 50 आधार अंकों की गिरावट का अनुमान है। सभी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में गिरावट का अनुमान है। 2025 में चीन की वृद्धि 130 आधार अंकों और भारत की 20-30 आधार अंकों की गिरावट का अनुमान है। </p>
<p><strong>चीन की रीडिंग नकारात्मक :</strong></p>
<p>वैश्विक प्रमुख मुद्रास्फीति में अपेक्षा से कम गति से कमी आने की उम्मीद है। उभरती अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति में नरमी आने की उम्मीद है, चीन के लिए नवीनतम रीडिंग नकारात्मक मुद्रास्फीति का संकेत दे रही है। व्यापार युद्धों ने अमेरिकी राजकोषीय घाटे पर कोई महत्वपूर्ण प्रभाव नहीं डाला है।</p>
<p><strong>सामान्य से अधिक मॉनसून की भविष्यवाणी :</strong></p>
<p>घरेलू स्तर पर भारत की अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में 7.4 प्रतिशत की दर से बढ़ी, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 8.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। मौसम विभाग द्वारा सामान्य से अधिक मॉनसून की भविष्यवाणी, फसलों की मजबूत आवक और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर आधारित खुदरा महंगाई अनुमान को वित्त वर्ष 2026 में 3.5 प्रतिशत तक आने का अनुमान जताया गया है लेकिन अभी इसमें और कमी आने की उम्मीद की जा रही है।  </p>
<p><strong>भू-राजनीतिक जोखिम उच्च बना : घोष</strong></p>
<p>16वें वित्त आयोग के सदस्य एवं भारतीय स्टेट बैंक के ग्रुप मुख्य आर्थिक सलाहकार डॉ. सौम्य कांति घोष ने यह उम्मीद जातते हुये सोमवार को जारी अपनी रिपोर्ट में कहा कि 2025 में वैश्विक वृद्धि में 50 आधार अंकों की कमी आने का अनुमान है। व्यापार की मात्रा में वृद्धि 2024 के स्तर से आधी होकर 1.7 प्रतिशत तक रह सकती है। वैश्विक मुद्रास्फीति जोखिम नियंत्रित रहेगा। भू-राजनीतिक जोखिम उच्च बना हुआ है। उभरते बाजारों में, धीमी वृद्धि केंद्रीय बैंकों को समायोजन में तेजी लाने के लिए प्रेरित कर सकती है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Jun 2025 11:04:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>RBI MPC Meeting: नीतिगत दरें 9वीं बार यथावत, मजबूत विकास के बावजूद महंगाई पर नजर</title>
                                    <description><![CDATA[ रेपो दर के साथ ही सभी प्रमुख नीतिगत दरें यथावत हैं और उदार मौद्रिक नीति के रूख को वापस लेने का निर्णय लिया गया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/policy-rates-remain-unchanged-for-the-9th-time-despite-strong/article-87204"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/rbi2.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक ने आर्थिक गतिविधियों में जारी तेजी एवं आगे महंगाई बढऩे के जोखिम का हवाला देते हुये गुरूवार को लगातार 9वीं बार नीतिगत दरों को यथावत रखने का फैसला किया है जिससे ब्याज दरों में कमी की उम्मीद लगाये आम लोगों को निराशा हाथ लगी है। मई 2022 से 250 आधार अंकों तक लगातार छह बार की वृद्धि के बाद पिछले वर्ष अप्रैल में दर वृद्धि चक्र को रोक दिया गया और यह अभी भी इसी स्तर पर है।</p>
<p>आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने मौद्रिक नीति समिति की तीन दिवसीय बैठक के बाद चालू वित्त वर्ष की तीसरी द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए कहा कि मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने मौद्रिक नीति को यथावत बनाए रखने का फैसला किया है। समिति के छह में से चार सदस्यों ने इस निर्णय का समर्थन किया है। इसके मद्देनजर रेपो दर के साथ ही सभी प्रमुख नीतिगत दरें यथावत हैं और उदार मौद्रिक नीति के रूख को वापस लेने का निर्णय लिया गया है। </p>
<p>समिति के इस निर्णय के बाद फिलहाल नीतिगत दरों में बढोतरी नहीं होगी। रेपो दर 6.5 प्रतिशत, स्टैंडर्ड जमा सुविधा दर (एसडीएफआर) 6.25 प्रतिशत, मार्जिनल स्टैंड़िंग सुविधा दर (एमएसएफआर) 6.75 प्रतिशत, बैंक दर 6.75 प्रतिशत, फिक्स्ड रिजर्व रेपो दर 3.35 प्रतिशत, नकद आरक्षित अनुपात 4.50 प्रतिशत, वैधानिक तरलता अनुपात 18 प्रतिशत पर यथावत है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि सभी कारकों को ध्यान में रखते हुए 2024-25 के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है, जिसमें पहली तिमाही 7.1 प्रतिशत, दूसरी तिमाही 7.2 प्रतिशत, तीसरी तिमाही 7.3 प्रतिशत और चौथी तिमाही 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है। वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही के लिए वास्तविक जीडीवी वृद्धि का अनुमान है 7.2 प्रतिशत है। जोखिम समान रूप से संतुलित हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/policy-rates-remain-unchanged-for-the-9th-time-despite-strong/article-87204</link>
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                <pubDate>Thu, 08 Aug 2024 17:40:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>RBI के नीतिगत दरें यथावत रखने के निर्णय से शेयर बाजार धड़ाम</title>
                                    <description><![CDATA[सेंसेक्स 48 अंक उतरकर 79,420.49 अंक पर खुला लेकिन थोड़ी देर बाद 79,422.15 अंक के उच्चतम स्तर पर पहुंचा, लेकिन आरबीआई की घोषणा के साथ हुई बिकवाली से 78,897.92 अंक के निचले स्तर तक लुढ़क गया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/stock-market-boomed-due-to-rbis-decision-to-keep-policy/article-87182"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/stock-market-1.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। रिजर्व बैंक के नीतिगत दरों को लगातार नौवीं बार यथावत रखने के निर्णय से निराश निवेशकों की बिकवाली से आज शेयर बाजार करीब आधी फीसदी लुढ़क गया। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने मौद्रिक नीति समिति की तीन दिवसीय बैठक के बाद चालू वित्त वर्ष की तीसरी द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए कहा कि मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने मौद्रिक नीति को यथावत बनाए रखने का फैसला किया है। समिति के छह में से चार सदस्यों ने इस निर्णय का समर्थन किया है। इसके मद्देनजर रेपो दर के साथ ही सभी प्रमुख नीतिगत दरें यथावत हैं और उदार मौद्रिक नीति के रूख को वापस लेने का निर्णय लिया गया है।</p><p>इस बार ब्याज दर में कम से कम 0.25 प्रतिशत तक की कटौती किए जाने की उम्मीद लगाए कारोबारियों को रिजर्व बैंक का फैसला रास नहीं आया, जिससे आरबीआई गवर्नर का स्पीच शुरू होते ही बीएसई का तीस शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 351.65 अंक अर्थात 0.44 प्रतिशत लुढ़ककर 79,116.36 अंक और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 112.75 प्रतिशत यानी 0.46 टूटकर 24,184.75 अंक पर आ गया।</p><p>शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 48 अंक उतरकर 79,420.49 अंक पर खुला लेकिन थोड़ी देर बाद 79,422.15 अंक के उच्चतम स्तर पर पहुंचा लेकिन आरबीआई की घोषणा के साथ हुई बिकवाली से 78,897.92 अंक के निचले स्तर तक लुढ़क गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 08 Aug 2024 12:20:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आरबीआई ने महंगाई को नियंत्रित करने के उद्देश्य से नीतिगत दरों को रखा यथावत </title>
                                    <description><![CDATA[रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने महंगाई को नियंत्रित करने और आर्थिक विकास दर को तेज बनाये रखने के उद्देश्य से रिवर्स रेपो दर में 0.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी को छोड़कर अन्य सभी प्रमुख नीतिगत दरों को यथावत रखा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/rbi-increased-in-repo-rate/article-7611"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/4654645645.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने महंगाई को नियंत्रित करने और आर्थिक विकास दर को तेज बनाये रखने के उद्देश्य से रिवर्स रेपो दर में 0.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी को छोड़कर अन्य सभी प्रमुख नीतिगत दरों को यथावत रखा। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने अपनी अध्यक्षता में केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति समीति (एमपीसी) की चालू वित्त वर्ष की समाप्त पहली द्विमासिक समीक्षा बैठक के बाद कहा कि यूरोप में युद्ध की शुरुआत के साथ हम नई और विशाल चुनौतियों का सामना कर रहे है। यूरोप में संघर्ष से वैश्विक अर्थव्यवस्था पटरी से उतर सकती है। ऐसे परिदृश्य में महंगाई को नियंत्रित करने और विकास दर में तेजी बनाए रखने के लिए एमपीसी ने सर्वसम्मति से रेपो दर को चार प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखने के लिए मतदान किया। तरलता सुनिश्चित करने के लिए रिवर्स रेपो दर में 0.4 प्रतिशत की वृद्धि करने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा अन्य दरों को पूर्व के स्तर पर यथावत रखा गया है। आरबीआई ने प्रमुख मौद्रिक नीतिगत दर रेपो रेट को चार प्रतिशत, मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (एमएसएफ) 4.25 प्रतिशत और बैंक दर को 4.25 प्रतिशत पर यथावत रखा है।</p>
<p>गर्वनर ने कहा कि आरबीआई के लिए कोरोना महामारी के दौरान लंबे समय से आपूर्ति का बाधित होना चिंताजनक रहा है। इसने वित्तीय बाजारों को झकझोर कर रख दिया है। रिवर्स रेपो दर को 40 आधार अंक बढ़ाकर 3.75 फीसदी कर दिया गया है। आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष में खुदरा महंगाई अनुमान की मौद्रिक नीति समीक्षा के 4.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 5.7 प्रतिशत और विकास दर अनुमान 7.8 प्रतिशत से घटाकर 7.2 प्रतिशत कर दिया है।<br />दास ने कहा कि खाद्य तेल की कीमतें निकट अवधि में ऊंची रहने की संभावना है। कच्चे तेल में तेजी महंगाई के बढऩे का एक प्रमुख कारक रही है। आरबीआई ने वित्त वर्ष में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा महंगाई दर के 5.7 प्रतिशत पर रहने का अनुमान व्यक्त किया है। <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/business/rbi-increased-in-repo-rate/article-7611</link>
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                <pubDate>Fri, 08 Apr 2022 14:46:32 +0530</pubDate>
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