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                <title> सिर्फ कागजों में क्रमोन्नत होकर रह गया इटावा का अस्पताल</title>
                                    <description><![CDATA[ सरकार ने इटावा अस्पताल में बेड बढ़ाकर व ट्रोमा सेंटर में कागजों में तो क्रमोन्नत तो कर दिया है, लेकिन धरातल पर अस्पताल में सुविधाओं का टोटा है। जिसके चलते मरीजों को हर तरफ असुविधाओं का सामना करना पड़ता है। इटावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इस क्षेत्र का सबसे बड़ा चिकित्सालय होने के कारण इटावा सहित करीब 100 गांवों के लोग अस्पताल में इलाज कराने आते हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/--itawah-s-hospital-was-upgraded-only-on-paper/article-7742"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/chh.jpg" alt=""></a><br /><p> इटावा। सरकार ने इटावा अस्पताल में बेड बढ़ाकर व ट्रोमा सेंटर में कागजों में तो क्रमोन्नत तो कर दिया है, लेकिन धरातल पर अस्पताल में सुविधाओं का टोटा है। जिसके चलते मरीजों को हर तरफ असुविधाओं का सामना करना पड़ता है। इटावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इस क्षेत्र का सबसे बड़ा चिकित्सालय होने के कारण इटावा सहित करीब 100 गांवों के लोग अस्पताल में इलाज कराने आते हैं। लेकिन व्यवस्थाओं में कमी और कर्मचारियों के रिक्त पदों के चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस अस्पताल से खातौली सामुदायिक केंद्र और 28 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जुड़े हुए हैं। लेकिन व्यवस्थाओं की कमी के कारण मरीजों को हमेशा परेशानी का सामना करना पड़ता है। इटावा अस्पताल में कनिष्ठ विशेषज्ञ का एक पद रिक्त है। इसके साथ ही नर्स ग्रेड द्वितीय के 15 पदों में से 7 पद रिक्त है। वार्ड ब्याय के 5 पद रिक्त हैं। लेब ब्याय, तकनीकी सहायक, सीनियर लैब टेक्नीशियन, नेत्र सहायक, दंत सहायक के पद रिक्त हैं। अस्पताल में 48 पदों में से 22 पद रिक्त चल रहे हैं।  <br /><br /><strong>लंबे समय से नहीं है महिला विशेषज्ञ</strong><br />इटावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लंबे समय से महिला रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त होने के कारण महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इटावा अस्पताल में कोटा के बाद सर्वाधिक प्रसव होते है। हर वर्ष 2 हजार से अधिक प्रसव होते हैं। लेकिन महिलाओं को प्रसव के दौरान जरा सी परेशानी आने पर कोटा रैफर करना पड़ता है। इसके साथ ही महिलाओं को ब्लड बैंक सहित अन्य सुविधाएं भी नहीं मिलती। आॅपरेशन थिएटर होने के बाद भी सीजेरियन के लिए कोटा जाना पड़ता है। <br /><br /><strong>16 लाख की सोनाग्राफी मशीन खा रही धूल</strong><br />इटावा अस्पताल में कोटा-बूंदी सांसद व लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा सोनाग्राफी मशीन स्थानीय लोगो की मांग पर उपलब्ध कराई गई। लेकिन मशीन आने के बाद व उसका शुभारंभ हो जाने के बाद भी अभी तक कोई सोनाग्राफी नहीं हुई। सोनालोजिस्ट की नियुक्ति नहीं हो पाने के कारण मशीन धूल खा रही है। महिलाओं व मरीजों को सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा। <br /><br /><br /><strong>मौसमी बीमारियों के बढ़े मरीज</strong><br />मौसम के बदलने के साथ ही मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या में भी तेजी से इन दिनों इजाफा हो रहा है। इटावा चिकित्सा प्रभारी डॉक्टर जयकिशन मीना ने बताया कि गर्मी के साथ ही मौसमी बुखार, जुकाम, खांसी सहित अन्य बीमारियों के पीड़ितों की संख्या बढ़ गई है। <br /><br />इन दिनों मौसमी बीमारियों में इजाफा हो रहा है। अस्पताल में सुविधाओं व स्टॉफ की कमी के चलते मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। <br />-महावीर सुमन, नागरिक<br /><br />इटावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में महिला रोग विशेषज्ञ और सोनाग्राफी सुविधा नहीं होने के कारण महिला रोगियों को काफी परेशानी होती है। इस क्षेत्र में सर्वाधिक प्रसव होते हैं, लेकिन सुविधाएं नहीं मिलने से प्रसूताओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। <br />-रूपकंवर गुप्ता, पार्षद, नगर पालिका, इटावा<br /><br />सभी लोगों की मांग पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इटावा अस्पताल को सोनाग्राफी मशीन उपलब्ध करा दी है। लेकिन चिकित्सा विभाग द्वारा अभी तक सोनालोजिस्ट नहीं लगाने के कारण सोनाग्राफी नहीं हो रही। प्रसूताओं व अन्य मरीजों को निजी केंद्रों पर सोनाग्राफी कराने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इसके लिए जिला कलक्टर व कोटा सीएमएचओ को भी पत्र लिखकर अवगत करा चुके हैं। <br />-रजनी सोनी, अध्यक्ष, नगर पालिका, इटावा<br /><br />इटावा सामुदायिक केंद्र में सोनाग्राफी मशीन लग गई है। सोनालोजिस्ट नहीं होने के कारण अभी सोनाग्राफी नहीं हो रही। इसके लिए उच्चाधिकारियों को अवगत करा रखा है। साथ ही अस्पताल में जिन पदों पर रिक्त है, उनको लेकर भी उच्चाधिकारियों को अवगत करा रखा है। अस्पताल में जो सुविधाएं हैं, वह मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही हैं। <br />-डॉक्टर जयकिशन मीना, चिकित्सा प्रभारी,सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, इटावा <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 Apr 2022 15:20:29 +0530</pubDate>
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