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                <title>Odisha - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Odisha RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>ओडिशा पुलिस को बड़ी सफलता: 1,771 उल्लंघनकर्ताओं, खनिज तस्करों और ड्रग तस्करों को दबोचा, अवैध हथियार सहित 179 वाहन जब्त</title>
                                    <description><![CDATA[ओडिशा पुलिस ने पांच दिवसीय विशेष अभियान (12-16 मई) के तहत 1,771 अपराधियों को गिरफ्तार किया है। डीजीपी वाई.बी. खुरानिया के निर्देश पर चली इस कार्रवाई में 190 फरार आरोपी पकड़े गए और 5 पर रासुका लगाया गया। पुलिस ने 3 टन गांजा, अवैध हथियार और खनन में शामिल 179 वाहन भी जब्त किए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-success-for-odisha-police-1771-violators-mineral-smugglers-and/article-154146"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/odisa-police.png" alt=""></a><br /><p>भुवनेश्वर। ओडिशा पुलिस ने पांच दिवसीय राज्यव्यापी विशेष प्रवर्तन अभियान के दौरान फरार आरोपियों और आदतन अपराधियों सहित 1,771 लोगों को हिरासत में लिया है। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि इसमें तीन टन से अधिक गांजा, अवैध हथियार और अवैध खनन गतिविधियों में शामिल 179 वाहन जब्त किये गये हैं। ओडिशा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) योगेश बहादुर खुरानिया के निर्देश पर पुलिस अधीक्षकों (एसपी) और पुलिस कमिश्नरों की देखरेख में 12-16 मई तक यह विशेष अभियान चलाया गया। इसे सभी जिला पुलिस रेंजों में अंजाम दिया गया।</p>
<p>उन्होंने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गैर-जमानती वारंट तामील कराना, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी, मादक पदार्थों की तस्करी पर लगाम लगाना, अवैध हथियारों का व्यापार रोकना, अवैध खनन परिवहन पर कार्रवाई और शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों को पकड़ना था। ओडिशा के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) संजय कुमार ने इस पूरे अभियान की निगरानी की। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पुलिस ने इस अभियान के दौरान पूरे राज्य में वारंट तामील कराये और 1,771 लोगों को गिरफ्तार किया। इस दौरान कुल 190 फरार आरोपियों को पकड़कर अदालत में पेश किया गया, जबकि पांच कुख्यात अपराधियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत मामला दर्ज किया गया।</p>
<p>ओडिशा पुलिस प्रमुख ने कहा कि पुलिस जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने और कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आगे कहा कि आने वाले दिनों में अपराधियों और अवैध माफियाओं के खिलाफ पूरे राज्य में इसी तरह के विशेष प्रवर्तन अभियान जारी रहेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 17:36:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ओडिशा कंकाल मामला: CCTV फुटेज से खुली बैंक की लापरवाही की पोल ; बैंक के दावे झूठे, CCTV ने बताई पूरी कहानी</title>
                                    <description><![CDATA[ओडिशा के कंकाल कांड में नया मोड़ आया है। CCTV फुटेज से पुष्टि हुई है कि जीतू मुंडा बैंक गए थे, लेकिन अधिकारियों ने सहयोग नहीं किया। ₹19,300 के लिए एक भाई को बहन के अवशेष कब्र से निकालने पड़े। इस प्रशासनिक संवेदनहीनता के बाद सरकार ने दस्तावेज जारी कर सहायता राशि देने की घोषणा की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/odisha-skeleton-case-cctv-changed-the-story-questions-raised-on/article-152280"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(9).png" alt=""></a><br /><p>ओडिशा। ओडिशा के क्योंझर जिले में अपनी बहन का कंकाल बैंक ले जाने वाले व्यक्ति के मामले में नया मोड़ आया है। प्रारंभिक जांच में  बैंक अधिकारियों की लापरवाही की बात सामने आई है, जिससे पूरे घटनाक्रम पर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, डायनाली गांव के 59 वर्षीय जीतू मुंडा ने अपनी बहन की मौत साबित करने और उसके खाते में जमा 19,300 रुपये निकालने के लिए यह असामान्य कदम उठाया। लगातार प्रयासों के बावजूद जब उन्हें बैंक से निराशा हाथ लगी, तो उन्होंने बहन के अवशेष कब्र से निकालकर बैंक पहुंचने का फैसला किया।</p>
<p>रेवेन्यू डिवीजनल कमिश्नर संग्राम केशरी महापात्रा ने बताया कि बैंक के CCTV फुटेज का गहन निरीक्षण करने पर यह स्पष्ट हुआ कि जीतू मुंडा घटना वाले दिन बैंक में मौजूद थे और उन्होंने कई कर्मचारियों से बातचीत भी की थी। हालांकि फुटेज में ऑडियो नहीं है, लेकिन अधिकारियों की शारीरिक भाषा से लापरवाही का संकेत मिलता है। पहले बैंक की ओर से दावा किया गया था कि मुंडा पहली बार आए थे और उनके पास जरूरी दस्तावेज नहीं थे। लेकिन जांच में यह बात गलत साबित होती दिखी। अधिकारियों को पहले से ही भाई-बहन की जानकारी होने के बावजूद उचित सहयोग नहीं दिया गया।</p>
<p>घटना के बाद प्रशासन ने तेजी दिखाते हुए मृत्यु प्रमाण पत्र और कानूनी वारिस से जुड़े दस्तावेज जारी किए, जिसके बाद बैंक ने राशि जारी कर दी। साथ ही, राज्य सरकार ने राहत के तौर पर 30 हजार रुपये देने की घोषणा भी की है। इस मामले को लेकर विपक्ष ने भी सरकार पर निशाना साधा है और इसे प्रशासनिक संवेदनहीनता का उदाहरण बताया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 May 2026 09:53:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>नवीन पटनायक का केंद्र पर हमला : सरकार सशक्तिकरण के लिए कोई ठोस कदम उठाने में रही नाकाम, महिलाओं के मुद्दों पर ‘मगरमच्छ के आंसू’ बहाने का लगाया आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने ओडिशा विधानसभा में भाजपा सरकार पर महिलाओं के अधिकारों की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ने को राजनीतिक चाल बताया। पटनायक ने बीजद की 50% आरक्षण की विरासत को दोहराते हुए भाजपा को महिलाओं के कल्याण के प्रति वास्तविक प्रतिबद्धता दिखाने की चुनौती दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/naveen-patnaik-attacks-the-center-and-accuses-the-government-of/article-152204"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/naveen-pat.png" alt=""></a><br /><p>भुवनेश्वर। ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने गुरुवार को राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार किया और आरोप लगाया कि वह महिलाओं के अधिकारों के बारे में सिर्फ़ ज़ुबानी बातें करती है, उनके सशक्तिकरण के लिए कोई ठोस कदम उठाने में नाकाम रही है। ओडिशा विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान भारतीय लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी पर हुई बहस में हिस्सा लेते हुए पटनायक ने आरोप लगाया कि भाजपा महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर झूठे आख्यान गढ़कर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि लोगों को हमेशा के लिए धोखा नहीं दिया जा सकता। ओडिशा में महिलाओं के कल्याण की असलियत भाजपा के दावों से बिल्कुल अलग है। विधायिका में महिला आरक्षण और परिसीमन ने जुड़े संविधान संशोधन विधेयक का ज़िक्र करते हुए, पटनायक ने कहा कि दो अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा हो रही है। पहला नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 जिसे संसद में सर्वसम्मति से पारित किया गया था और दूसरा परिसीमन की प्रक्रिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले से ही पारित हो चुके महिला आरक्षण विधेयक को परिसीमन की प्रक्रिया से जोड़ना एक ‘गुपचुप चाल’ है, जिसका मकसद इसके प्रभावों पर पर्याप्त चर्चा किए बिना परिसीमन को आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि बीजू जनता दल (बीजद) ने संसद में महिला आरक्षण विधेयक का पूरी तरह समर्थन किया था और अब भी इसको तत्काल लागू करने की मांग कर रही है।</p>
<p>महिलाओं के सशक्तिकरण में ओडिशा की विरासत पर प्रकाश डालते हुए पटनायक ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक के नेतृत्व में यह राज्य देश के उन पहले राज्यों में से एक था, जिसने स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया था। उन्होंने कहा कि 2011 में उनकी सरकार ने इस आरक्षण बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया, जिससे जमीनी स्तर पर महिलाओं का प्रतिनिधित्व काफी बढ़ गया।</p>
<p>पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि बीजद ने 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में महिला उम्मीदवारों को अपने 33 प्रतिशत टिकट दिये थे। उन्होंने भाजपा को चुनौती दी कि वह भी इसी तरह की प्रतिबद्धता दिखाये। उन्होंने मुख्यमंत्री को लिखे अपने हालिया पत्र और ओडिशा के 21 सांसदों से की गयी अपनी अपील का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें महिलाओं के अधिकारों और ओडिशा के राजनीतिक हितों पर बीजद का रुख स्पष्ट रूप से बताया गया है।</p>
<p>भाजपा के कथित ‘गलत सूचना अभियान’ पर चिंता व्यक्त करते हुए पटनायक ने कहा कि यह मुद्दा ओडिशा की विशिष्ट पहचान और राजनीतिक आवाज से गहराई से जुड़ा हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया से ओडिशा के लोगों, विशेष रूप से आने वाली पीढ़ियों के राजनीतिक अधिकार कम हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि इतिहास उन नेताओं को कभी माफ नहीं करेगा जिन्होंने राज्य के हितों की रक्षा किये बिना ऐसे कदम का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जब तक वह सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहेंगे, तब तक किसी को भी ओडिशा को उसके हक से वंचित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने भाजपा विधायकों पर महिलाओं के मुद्दों पर ‘मगरमच्छ के आंसू’ बहाने का आरोप लगाया और कहा कि उनके कल्याण के प्रति उनमें कोई प्रतिबद्धता दिखाई नहीं देती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 17:55:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>क्योंझर कंकाल मामला: ओडिशा विधानसभा में हंगामा ; विपक्ष ने सरकार को घेरा, सरकार के खिलाफ की नारेबाजी</title>
                                    <description><![CDATA[ओडिशा के क्योंझर में अपनी बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुँचने वाले भाई की घटना ने विधानसभा को हिला दिया। नवीन पटनायक ने इसे प्रशासनिक उदासीनता और राज्य के लिए शर्मनाक बताया। विपक्षी दलों ने महिला सशक्तिकरण पर बहस के दौरान सरकार को घेरा, जबकि भाजपा ने इसे पूर्ववर्ती शासन की विफलताओं से जोड़ा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/keonjhar-skeleton-case-uproar-in-odisha-assembly-opposition-surrounded-the/article-152229"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)68.png" alt=""></a><br /><p>भुवनेश्वर। ओडिशा के क्योंझर में बहन का कंकाल लेकर बैंक जाने वाले भाई के चौंकाने वाले मामले को लेकर गुरुवार को विधानसभा के विशेष सत्र में भारी हंगामा हुआ। विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) और कांग्रेस ने इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। विधानसभा में महिलाओं की भूमिका पर विशेष बहस होनी थी लेकिन विपक्षी सदस्यों ने क्योंझर जिले के मल्लीपासी स्थित ओडिशा ग्राम्य बैंक की शाखा में हुई इस विचलित करने वाली घटना को उठाकर कार्यवाही बाधित कर दी। जैसे ही मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने महिला सशक्तिकरण पर अपना संबोधन शुरू किया, कांग्रेस विधायक पोस्टर और पर्चे लेकर सदन के बीचों-बीच आ गए। वे सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।</p>
<p>गौरतलब है कि खबरों के अनुसार, एक व्यक्ति को अपनी मृत बहन की जमा राशि का दावा करने और उसकी मृत्यु साबित करने के लिए बैंक में कंकाल लाने पर मजबूर होना पड़ा था। मुख्यमंत्री ने सदन की कार्यवाही बाधित करने के लिए कांग्रेस की आलोचना की और इसे अनुचित आचरण बताया। विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इस अमानवीय प्रकरण से ओडिशा की गरिमा को गहरी ठेस पहुँची है। उन्होंने कहा कि यह बेहद दर्दनाक है कि एक परिवार को अपनी बहन का कंकाल कब्र से खोदकर केवल मृत्यु साबित करने के लिए बैंक तक ढोना पड़ा।</p>
<p>नवीन पटनायक ने आरोप लगाया कि बार-बार चक्कर काटने के बावजूद बैंक अधिकारियों ने मृत्यु प्रमाण के नाम पर भाई को परेशान किया और कंकाल दिखाने के बाद भी उसे पैदल ही वापस ले जाना पड़ा। उन्होंने इस प्रकरण को प्रशासनिक उदासीनता और जवाबदेही की कमी का प्रतीक बताते हुए कहा कि इसने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ओडिशा को शर्मसार किया है। बीजद नेता ने बीबीसी और न्यूयॉर्क पोस्ट जैसी अंतरराष्ट्रीय मीडिया कवरेज का हवाला देते हुए राज्य सरकार की विफलता की बात कही। उन्होंने कहा कि जिस सरकार की निगरानी में ऐसी घटनाएं होती हैं, उसे महिलाओं की गरिमा या सशक्तिकरण पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री को इस पर आत्ममंथन करने का सुझाव दिया क्योंकि यह उनके गृह जिले की घटना है।</p>
<p>बीजद सदस्यों ने मेज थपथपाकर श्री पटनायक का समर्थन किया, जबकि सत्ता पक्ष के सदस्यों ने पूर्ववर्ती बीजद सरकार के समय के 'दाना माझी मामले' की याद दिलाई, जिसमें एक आदिवासी व्यक्ति को अपनी पत्नी का शव 12 किमी तक कंधे पर ले जाना पड़ा था। इस भावनात्मक बहस ने विशेष सत्र को शासन, महिलाओं की गरिमा और प्रशासनिक जवाबदेही पर एक राजनीतिक युद्धक्षेत्र में बदल दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 15:50:38 +0530</pubDate>
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                <title>कांग्रेस का केंद्र पर निशाना : जनजातीय अधिकारों और पर्यावरणीय सुरक्षा उपायों के उल्लंघन का लगाया आरोप, जयराम ने कहा-सरकार कराए निष्पक्ष जांच</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने ओडिशा के सिजीमाली खनन प्रोजेक्ट में जनजातीय अधिकारों और पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने विरोध कर रहे आदिवासियों पर पुलिसिया बल प्रयोग की स्वतंत्र जांच की मांग की। रमेश ने जोर दिया कि पेसा (PESA) और वन अधिकार अधिनियम की अनदेखी कर परियोजनाओं को जबरन थोपना असंवैधानिक है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/congress-targets-center-accuses-it-of-violating-tribal-rights-and/article-151919"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/jairam-ramesh.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने मंगलवार को ओडिशा के रायगड़ा और कालाहांडी जिलों में प्रस्तावित बॉक्साइट खनन परियोजना के संबंध में जनजातीय अधिकारों और पर्यावरणीय सुरक्षा उपायों के गंभीर उल्लंघन का आरोप लगाया। उन्होंने क्षेत्र में हाल ही में हुई अशांति की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। जयराम रमेश ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि ओडिशा में सार्वजनिक प्रतिरोध का एक लंबा इतिहास रहा है, खासकर तब जब पारिस्थितिक परिणामों वाली खनन परियोजनाओं को संवैधानिक और कानूनी सुरक्षा उपायों का पालन किए बिना 'जबरन थोपा' जाता है। उन्होंने सिजीमाली में प्रस्तावित परियोजना को इसी 'निराशाजनक गाथा' का हिस्सा बताया।</p>
<p>कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि जनजातीय और वनवासी समुदायों की सुरक्षा के लिए बनाए गए प्रमुख कानून, जिनमें पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम (पेसा), 1996 और वन अधिकार अधिनियम, 2006 शामिल हैं, उनकी अनदेखी की गई है। जयराम रमेश ने दावा किया कि जब हाल के दिनों में विरोध प्रदर्शन शुरू हुए, तो कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने 'अत्यधिक बल' का प्रयोग किया, जिसमें विशेष रूप से अनुसूचित जनजाति समुदायों और महिलाओं को निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाइयां अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 का उल्लंघन हैं।</p>
<p>राजनीतिक संदर्भ का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ओडिशा के मुख्यमंत्री और केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री दोनों इसी राज्य से आते हैं, इसलिए उन्हें इस मुद्दे को संभालने में अधिक संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। उन्होंने केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री से सिजीमाली अशांति की स्वतंत्र जांच के आदेश देने और यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि पेसा और वन अधिकार अधिनियम के प्रावधानों को पारदर्शी और सहभागी प्रक्रिया के माध्यम से 'अक्षरशः' लागू किया जाए। ये आरोप दक्षिणी ओडिशा के कुछ हिस्सों में चल रहे तनाव के बीच आए हैं, जहाँ जनजातीय समुदाय विस्थापन, पर्यावरणीय क्षरण और पारंपरिक अधिकारों के नुकसान की चिंताओं को लेकर अक्सर खनन परियोजनाओं का विरोध करते रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 13:58:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>महिलाओं के आरक्षण पर बीजद का केंद्र पर निशाना : सत्ताधारी पार्टी इस मुद्दे पर लोगों को कर रही गुमराह, 'राजनीतिक ड्रामा' करने का लगाया आरोप,</title>
                                    <description><![CDATA[ओडिशा में बीजू जनता दल (BJD) ने महिला आरक्षण विधेयक को केंद्र का 'राजनीतिक ड्रामा' करार दिया है। सांसद सुलता देव ने आरोप लगाया कि सरकार सशक्तिकरण के नाम पर जनता को गुमराह कर रही है। उन्होंने मांग की कि परिसीमन का इंतजार किए बिना 33% आरक्षण तुरंत लागू किया जाए, ताकि राज्यों का प्रतिनिधित्व कम न हो।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/bjd-targets-center-on-womens-reservation-ruling-party-accused-of/article-151849"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/sulta-dev.webp" alt=""></a><br /><p>भुवनेश्वर। ओडिशा में बीजू जनता दल (बीजद) ने केंद्र सरकार पर महिला आरक्षण विधेयक को लेकर 'राजनीतिक ड्रामा' करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि सत्ताधारी पार्टी इस मुद्दे पर लोगों को गुमराह कर रही है। बीजद की राज्यसभा सांसद सुलता देव और वरिष्ठ महासचिव लेखाश्री सामंतसिंहार ने केंद्र के इस कदम की कड़ी आलोचना करते हुए इसे 'झूठा प्रचार' करार दिया, वहीं महिला आरक्षण की आड़ में उस पर परिसीमन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया। उन्होंने तर्क दिया कि अगर केंद्र सरकार सचमुच महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्ध है, तो उसे 543 सांसदों के बीच तुरंत 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करना चाहिए।</p>
<p>सुलता देव ने बताया कि महिला आरक्षण बिल को 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023' के रूप में पेश किया गया था और वह संसद के दोनों सदनों से पारित हो चुका है तथा उसे राष्ट्रपति की मंजूरी भी मिल चुकी है। इसके बावजूद उसे 2024 के आम चुनावों के दौरान लागू नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र अब देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन आयोजित करते हुए देरी के लिए विपक्ष को दोषी ठहराने की कोशिश कर रही है, जिसे उन्होंने जनता का ध्यान भटकाने के लिए एक 'राजनीतिक ड्रामा' बताया।</p>
<p>सुलता देव के अनुसार यह अधिनियम 2023 में सभी राजनीतिक दलों के समर्थन से पारित किया गया था, जिससे यह उम्मीद जगी थी कि इसे अगले आम चुनावों में तुरंत लागू किया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। केंद्र सरकार का कहना था कि जनगणना पूरी होने और उसके बाद निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन के बाद ही इसे लागू किया जाएगा। सुलता देव ने हालांकि दावा किया कि पांच राज्यों में चुनावों के दौरान संसद का एक विशेष सत्र बुलाया गया था ताकि आरक्षण प्रस्ताव के साथ-साथ 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन को आगे बढ़ाया जा सके। </p>
<p>उन्होंने तर्क दिया कि इस तरह के कदम से ओडिशा और कई दक्षिणी तथा पूर्वी राज्यों जैसे राज्यों का प्रतिनिधित्व कम हो जाएगा, जिसके चलते विपक्षी दलों ने अपना समर्थन वापस ले लिया। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव विफल होने के बाद भाजपा ने विपक्षी दलों को महिला-विरोधी के रूप में पेश करना शुरू कर दिया। सुलता देव ने केंद्र सरकार पर इस मुद्दे पर 'न्याय में देरी' करने के बावजूद खुद को महिला-समर्थक के रूप में पेश करने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया और कहा कि मतदाता ऐसे दावों के पीछे की सच्चाई को पहले ही समझ चुके हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 15:14:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>वाप्कोस निविदा घोटाला: 11 करोड़ की धोखाधड़ी मामले में सीबीआई ने की छापेमारी, कई अहम दस्तोवज जब्त</title>
                                    <description><![CDATA[सीबीआई ने की सार्वजनिक उपक्रम वाप्कोस लिमिटेड में 11 करोड़ रुपये की निविदा अनियमितताओं को लेकर उत्तर प्रदेश और ओडिशा में छापेमारी। प्रोजेक्ट मैनेजर पंकज दुबे सहित सात लोगों पर आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार का आरोप। इमली प्रसंस्करण इकाई के ठेके में हुई मिलीभगत की जांच। सीबीआई ने जब्त किए दस्तावेज।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/cbi-raids-in-wapcos-tender-scam-fraud-of-rs-11/article-144601"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/cbi.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की लखनऊ की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने केंद्र सरकार के सार्वजनिक उपक्रम वाप्कोस लिमिटेड के अधिकारियों से जुड़ी निविदा अनियमितता के संबंध में उत्तर प्रदेश और ओडिशा में छापेमारी की है। अधिकारियों के अनुसार, सीबीआई ने 20 फरवरी को सात व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। इनमें वाप्कोस के प्रोजेक्ट मैनेजर पंकज दुबे और भुवनेश्वर में तैनात दो अन्य अधिकारी भाबद्युति भूटिया और अभिषेक ठाकुर शामिल हैं।</p>
<p>यह मामला ओडिशा के रायगढ़ा जिले में इमली प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने के लिए उत्तर प्रदेश के ठेकेदार बबलू सिंह यादव को मिलीभगत से 11 करोड़ रुपये से अधिक का अनुबंध दिये जाने से संबंधित है। जांचकर्ताओं को संदेह है कि पंकज दुबे भ्रष्ट गतिविधियों में लिप्त था। उसने अपने भाई पवन दुबे, बिचौलिया गोपाल मिश्रा, वाप्कोस के साथी अधिकारियों भूटिया और ठाकुर तथा ठेकेदारों बबलू सिंह यादव एवं रामेश्वर चतुर्वेदी के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रची थी। माना जा रहा है कि आरोपियों ने परियोजना के क्रियान्वयन में अनुचित लाभ प्राप्त करने के लिए मिलीभगत की थी। तलाशी में जब्त किये गये दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों का सीबीआई परीक्षण कर रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Feb 2026 18:21:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ओडिशा में बड़ा हादसा टला: चेन्नई-न्यू जलपाईगुड़ी एक्सप्रेस के तीन डिब्बे पटरी से उतरे, कोई हताहत नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[ओडिशा के जाजपुर यार्ड में चेन्नई-न्यू जलपाईगुड़ी एक्सप्रेस के तीन डिब्बे पटरी से उतरे। कोई हताहत नहीं। ट्रेन धीमी गति से चल रही थी, बहाली कार्य जारी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/major-accident-averted-in-odisha-three-coaches-of-chennai-new-jalpaiguri/article-142022"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(2)4.png" alt=""></a><br /><p>भुवनेश्वर। ओडिशा के जाजपुर यार्ड में जाखपुरा रेलवे स्टेशन के पास गुरुवार को चेन्नई सेंट्रल-न्यू जलपाईगुड़ी एक्सप्रेस के तीन डिब्बे पटरी से उतर गए। ईस्ट कोस्ट रेलवे के अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस घटना में किसी के हताहत होने कोई खबर नहीं है। मामले की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंचे और बहाली के काम और सुरक्षा उपायों की समीक्षा की। </p>
<p>रेलवे ने एक बयान में कहा, ट्रेन नंबर 22611 चेन्नई-न्यू जलपाईगुड़ी एक्सप्रेस गुरुवार सुबह 8:51 बजे जाजपुर यार्ड से गुजरते समय यार्ड की सीमा के अंदर एसी कोच और दो जनरल कोच पटरी से उतर गए। घटना के समय ट्रेन बहुत धीमी गति से चल रही थी।</p>
<p>इस घटना के बाद भी यात्री ट्रेन संचालन सामान्य ढंग से चलता रहा और प्रभावित लोगों की मदद का काम किया जा रहा है। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/major-accident-averted-in-odisha-three-coaches-of-chennai-new-jalpaiguri/article-142022</link>
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                <pubDate>Thu, 05 Feb 2026 14:05:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ओडिशा में कथित भूमि घोटाला: गरीब ग्रामीणों ने JSW, सैफ्रन और लैंको सौदे की SEBI जांच की मांग की, निवेशकों को गुमराह करने और भारी सार्वजनिक नुकसान की चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[ढेंकानाल के ग्रामीणों ने जेएसडब्ल्यू स्टील से जुड़े कथित भूमि हस्तांतरण घोटाले की जांच हेतु सेबी से गुहार लगाई, किसान अधिकार, निवेशक संरक्षण और बाजार पारदर्शिता पर सवाल उठे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/alleged-land-scam-in-odisha-poor-villagers-demand-sebi-probe/article-140599"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(7).png" alt=""></a><br /><p>भुवनेश्वर। निवेशक संरक्षण, नियामक निगरानी और हाशिये पर खड़े किसानों के न्याय से जुड़े गंभीर सार्वजनिक हित के एक मामले में, ओडिशा के ढेंकानाल ज़िले के खड़गप्रसाद और खुरुंटी गांवों के हजारों ग्रामीणों ने प्रतिष्ठित सूचीबद्ध कंपनी जेएसडब्ल्यू स्टील लिमिटेड, दिवालिया लैंको समूह और सैफ्रन रिसोर्सेज प्राइवेट लिमिटेड (जिसकी पिछले कई वर्षों से कोई आय नहीं है) से जुड़े कथित बड़े पैमाने पर भूमि हस्तांतरण में अनियमितताओं की तत्काल जांच के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) का रुख किया है।</p>
<p>ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि इस मामले के दूरगामी परिणाम केवल बेदखल किसानों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि निवेशकों के भरोसे और भारत के पूंजी बाजारों की विश्वसनीयता पर भी गहरा असर डालते हैं।</p>
<p>यह प्रतिवेदन आंचलिका शिल्पांचल क्षतिग्रस्त प्रजासंघ के उपाध्यक्ष तथा मूल भूमिधर किसानों के निर्वाचित प्रतिनिधि श्री नरेंद्र कुमार साहू द्वारा प्रस्तुत किया गया है। उनका कहना है कि हजारों गरीब ग्रामीणों की लगभग 900 से 1,000 एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि को योजनाबद्ध तरीके से डायवर्ट किया गया, अत्यंत कम मूल्यांकन किया गया और ऐसे संरचित लेनदेन के जरिए हस्तांतरित किया गया, जो भूमि वापसी कानूनों को दरकिनार करता है, किसानों के अधिकारों की अनदेखी करता है और ग्रामीणों व सार्वजनिक राजकोष की कीमत पर अनुचित लाभ पहुंचाता है।</p>
<p>2008 से 2010 के बीच, ओडिशा इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (IDCO) ने हैदराबाद स्थित लैंको समूह द्वारा प्रस्तावित 1,320 मेगावाट के सुपरक्रिटिकल कोयला आधारित ताप विद्युत संयंत्र के लिए खड़गप्रसाद और खुरुंटी गांवों के किसानों से लगभग 1,000 एकड़ कृषि भूमि का अधिग्रहण किया। किसानों को प्रति एकड़ मात्र ₹3 लाख से ₹6 लाख का मुआवजा दिया गया, वह भी स्थायी रोजगार, व्यावसायिक अवसरों और दीर्घकालिक आर्थिक सुरक्षा के वादों के आधार पर। इन आश्वासनों पर भरोसा कर गरीब किसानों ने अपनी आजीविका का एकमात्र साधन—पैतृक भूमि—सौंप दी।</p>
<p>निर्माण कार्य शुरू हुआ और कई ग्रामीणों ने ठेकेदार, कच्चा माल आपूर्तिकर्ता और परिवहनकर्ता बनने के लिए अपनी बचत निवेश की। हालांकि आंशिक निर्माण के बावजूद परियोजना कभी चालू नहीं हो सकी। बाद में लैंको दिवालिया हो गया और उसने हैदराबाद स्थित राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (NCLT) में परिसमापन के लिए आवेदन किया। परियोजना परित्यक्त हो गई, ग्रामीण बेरोजगार रह गए और स्थानीय ठेकेदारों व आपूर्तिकर्ताओं पर सैकड़ों करोड़ रुपये के बकाया का बोझ आ गया। जिला प्रशासन, लैंको प्रतिनिधियों और आधिकारिक परिसमापक की उपस्थिति में दिए गए आश्वासनों के बावजूद कोई राहत नहीं मिली।</p>
<p>भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन में निष्पक्ष मुआवजा एवं पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम की धारा 101 के तहत, पांच वर्षों तक अनुपयोगी रहने वाली भूमि मूल मालिकों या उनके कानूनी उत्तराधिकारियों को लौटाई जानी चाहिए। एक दशक से अधिक समय तक भूमि के उपयोग न होने और ग्रामीणों के बार-बार निवेदनों के बावजूद भूमि वापस नहीं की गई। इसके विपरीत, वित्त वर्ष 2023–24 में NCLT ने इस भूमि को सैफ्रन रिसोर्सेज प्राइवेट लिमिटेड को लगभग ₹10 लाख प्रति एकड़ की चौंकाने वाली कम दर पर हस्तांतरित करने की मंजूरी दी—कुल मिलाकर लगभग ₹92 करोड़—जबकि उसी क्षेत्र में तुलनीय औद्योगिक भूमि ₹80 लाख से ₹1 करोड़ प्रति एकड़ के बीच लेनदेन हो रही थी।</p>
<p>किसी भी स्तर पर प्रभावित ग्रामीणों, IDCO या ओडिशा राज्य सरकार को विश्वास में नहीं लिया गया। कोई पारदर्शी बेंचमार्किंग या स्वतंत्र मूल्यांकन प्रक्रिया दिखाई नहीं देती, जिससे ग्रामीणों को यह विश्वास है कि भूमि मूल्य दबाने और उनके वैध अधिकारों से वंचित करने के लिए लेनदेन को योजनाबद्ध किया गया। इसके तुरंत बाद, कथित तौर पर जेएसडब्ल्यू समूह ने सैफ्रन रिसोर्सेज प्राइवेट लिमिटेड का अधिग्रहण या विलय कर लिया, जिससे उसे लगभग 900 एकड़ प्रमुख औद्योगिक भूमि पर अप्रत्यक्ष नियंत्रण मिल गया।</p>
<p>सार्वजनिक खुलासों और फाइलिंग्स के अनुसार, विलय के बाद उसी भूमि का मूल्यांकन लगभग ₹680 करोड़ किया गया, जो अल्प समय में भारी मूल्यांकन अंतर को उजागर करता है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह क्रम भूमि वापसी कानूनों को दरकिनार करने, परिसंपत्ति मूल्यों को गलत तरीके से दर्शाने, निवेशकों को गुमराह करने और अनुचित लाभ सुनिश्चित करने के लिए बनाए गए एक दिखावटी लेनदेन ढांचे की ओर इशारा करता है। यदि यह सिद्ध होता है, तो यह कॉरपोरेट गवर्नेंस और बाज़ार पारदर्शिता की बुनियाद पर सीधा प्रहार होगा।</p>
<p>इस लेनदेन से सार्वजनिक राजकोष और स्थानीय अर्थव्यवस्था को कथित तौर पर भारी नुकसान हुआ है। माना जाता है कि ओडिशा राज्य सरकार को लगभग ₹56 करोड़ की स्टांप ड्यूटी का नुकसान हुआ, जबकि केंद्र सरकार को लगभग ₹200 करोड़ के पूंजीगत लाभ कर का नुकसान हुआ। इसके अतिरिक्त, स्थानीय ठेकेदारों, श्रमिकों, आपूर्तिकर्ताओं और परिवहनकर्ताओं के लगभग ₹250 से ₹300 करोड़ के बकाया अब भी लैंको परियोजना के ध्वस्त होने के बाद से अटके हुए हैं।</p>
<p>वित्तीय और नियामकीय चिंताओं से परे, ग्रामीणों ने गंभीर पर्यावरणीय आशंकाएं भी व्यक्त की हैं। ढेंकानाल क्षेत्र पहले से ही अत्यधिक प्रदूषित है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) अक्सर 400 से ऊपर रहता है। ब्राह्मणी नदी औद्योगिक अपशिष्ट के लिए डंपिंग ग्राउंड बन चुकी है और यह इलाका हाथियों के गलियारों तथा पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों को समेटे हुए है। उसी भूमि पर किसी भी नई औद्योगिक गतिविधि से दो जिलों में सार्वजनिक स्वास्थ्य, जैव विविधता और पर्यावरणीय संतुलन को अपूरणीय क्षति पहुंचेगी।</p>
<p>अपने आग्रह में, ग्रामीणों ने SEBI से अनुरोध किया है कि वह सैफ्रन रिसोर्सेज से संबंधित जेएसडब्ल्यू स्टील द्वारा BSE और NSE में किए गए खुलासों, फाइलिंग्स और मूल्यांकन वक्तव्यों की जांच करे; यह परखे कि क्या यह लेनदेन गलत प्रस्तुति, नियामकीय आर्बिट्राज, धोखाधड़ी या निवेशक धोखे के दायरे में आता है; और NSE, आयकर विभाग, IDCO तथा राज्य राजस्व प्राधिकरणों के साथ समन्वय कर वैधानिक और वित्तीय उल्लंघनों की पूरी सीमा का पता लगाए। उन्होंने लेनदेन की समीक्षा, निलंबन या रद्दीकरण की मांग भी की है तथा यह भी कहा है कि या तो भूमि मूल किसानों को लौटाई जाए या फिर बाजार दर के अनुरूप मूल्यवृद्धि सहित उचित मुआवजा दिया जाए।</p>
<p>श्री नरेंद्र कुमार साहू ने कहा, “जिसे औद्योगिक विकास के रूप में प्रस्तुत किया गया, उसने पंद्रह वर्षों से अधिक समय तक बेदखली, पीड़ा और वैध अधिकारों से वंचित किए जाने का परिणाम दिया है। यह मामला केवल किसानों की भूमि का नहीं है—यह भारत की नियामक संस्थाओं, निवेशक संरक्षण ढांचे और कानून के शासन की परीक्षा है। यदि ऐसे लेनदेन पर रोक नहीं लगी, तो बाजारों और शासन दोनों में जनता का भरोसा गंभीर रूप से कमजोर होगा।”</p>
<p>इस अपील की प्रतियां भारत के माननीय प्रधानमंत्री, केंद्रीय वित्त मंत्री, कॉर्पोरेट कार्य मंत्री, NSE और BSE के नेतृत्व, भारत के मुख्य सतर्कता आयुक्त तथा ओडिशा के मुख्य सचिव को भेजी गई हैं। ढेंकानाल के किसानों का कहना है कि अब उनकी अंतिम उम्मीद संवैधानिक और नियामक प्राधिकरणों से है कि वे निर्णायक हस्तक्षेप कर नागरिकों, निवेशकों और सार्वजनिक राजकोष को उस लेनदेन से बचाएं, जिसे वे गहराई से अन्यायपूर्ण और शोषणकारी बताते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 23 Jan 2026 14:02:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>गोवा के बाद भुवनेश्वर के नाइटक्लब में लगी भीषण आग, बचाव राहत कार्य जारी, कोई हताहत नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर के सत्यबिहार इलाके में तड़के लगी आग से हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों की सूचना पर दमकल की दो गाड़ियां पहुंचीं और एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ। पुलिस ने क्षेत्र सील कर कारणों की जांच शुरू कर दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/after-goa-massive-fire-broke-out-in-bhubaneswars-nightclub-rescue/article-135693"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/odisha-fire-case.png" alt=""></a><br /><p>भुवनेश्वर। ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में शुक्रवार तड़के एक सत्यबिहार इलाके में भीषण आग लग गई, जिसके बाद पूरे इलाके में अफरा तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि आग लगने के बाद इमारत से उठती धुआं और आग की लपटें काफी दूर तक दिखाई दे रही थी, जिसके बाद स्थानिय लोगों ने इसके बारे में सर्विस टीम को सूचना दी और सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। राहत की बात ये है कि इस पूर हादसे में किसी के भी हताहत होने की खबर सामने नहीं आ रही है।</p>
<p>दमकल विभाग के अधिकारी रमेश माझी ने हादसे के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि, सुबह करीब 8:50 बजे कंट्रोल रूम पर आग लगने की सूचना मिली, जिसके बाद फायर ब्रिगेड की दो ​गाडियों को मौकें पर भेजा गया। दमकलकर्मियों ने लगभग एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। फिलहाल, आग लगने के कारण का पता नहीं चल पाया है।</p>
<p>पुलिस ने जानकारी देते हुए कहा है कि, आग लगने का प्रथम कारण शॉर्ट सर्किट या संचालन संबंधी लापरवाही हो सकता है,लेकिन जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती है तब तक कुछ क​हा नहीं जा सकता है। फिलहाल, पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर दिया है। </p>
<p>पुलिस ने पूरे क्षेत्र को सील कर दिया है और आग लगने के कारणों के साथ-साथ बार के लाइसेंस संबंधी स्थिति पर भी अलग से जांच शुरू कर दी है। राहत की बात यह है कि घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Dec 2025 11:55:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ओडिशा में शपथ ग्रहण कार्यक्रम : मोहन मांझी सीएम, केवीसिंह देव और प्रभाती परिदा डिप्टी सीएम समेत 13 मंत्री ले रहे शपथ</title>
                                    <description><![CDATA[ओडिशा में विधानसभा चुनाव परिणाम में भारतीय जनता पार्टी को बहुमत मिलने के बाद आज शपथ ग्रहण कार्यक्रम हो रहा है। जिसमें सीएम के रूप में मोहन मांझी, केवीसिंह देव और पार्वती पारिदा डिप्टी सीएम समेत 13 मंत्री शपथ लेंगे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/swearing-in-ceremony-in-odisha-mohan-manjhi-cm-kv-singh/article-81314"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/photo-size7.png" alt=""></a><br /><p>भुवनेश्वर। ओडिशा में विधानसभा चुनाव परिणाम में भारतीय जनता पार्टी को बहुमत मिलने के बाद आज शपथ ग्रहण कार्यक्रम हो रहा है। जिसमें सीएम के रूप में मोहन मांझी, केवीसिंह देव और पार्वती पारिदा डिप्टी सीएम समेत 13 मंत्री शपथ लेंगे। </p>
<p><strong>इन्होने ली थी शपथ</strong></p>
<ul>
<li>सीएम- मोहन माझी</li>
<li>डिप्टी सीएम- प्रभाती परिदा, केवीसिंह देव</li>
<li>मंत्री- नित्यानंद गोंड, सुरेश पुजारी, रविनारायण नाइक, कृष्ण चंद्र पात्रा</li>
</ul>
<p><strong>कार्यक्रम में ये लोग रहे उपस्थित</strong><br />कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई एनडीए शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री पहुंचे है। इनके अलावा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री एवं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा, पर्यावरण एवं वन मंत्री जोगेंद्र यादव और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बिष्णु देव साईं, गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने पहुंचे हैं।</p>
<p>पुलिस आयुक्तालय ने बड़ी संख्या में गणमान्य हस्तियों की मौजूदगी को देखते हुए शपथ ग्रहण समारोह के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये हैं। सुरक्षा के लिए पुलिस बल की कुल 67 पलटनों को तैनात किया गया है। शपथ ग्रहण समारोह स्थल जनता मैदान में सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी पुलिस महानिरीक्षक प्रवीण कुमार को दी गयी है। सूत्रों ने बताया कि शपथ ग्रहण समारोह में करीब 30,000 लोगों के शामिल होने की व्यवस्था की गयी है।</p>
<p> </p>
<p><strong>ये रहे थे विधानसभा चुनाव के परिणाम</strong><br />भाजपा- 78<br />बीजेडी- 51<br />कांग्रेस-14<br />निर्दलीय-3<br />सीपीएम-1</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Jun 2024 17:11:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>ओडिशा में वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव</title>
                                    <description><![CDATA[ राउरकेला-भुवनेश्वर वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव किये जाने से एक्जीक्यूटिव क्लास कोच की खिड़की के शीशे क्षतिग्रस्त हो गये।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/stone-pelting-on-vande-bharat-express-in-odisha/article-62988"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-11/vande-bharat-stone.png" alt=""></a><br /><p>भुवनेश्वर। राउरकेला-भुवनेश्वर वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव किये जाने से एक्जीक्यूटिव क्लास कोच की खिड़की के शीशे क्षतिग्रस्त हो गये।</p>
<p>पूर्व तटीय रेलवे (ईसीआर) के सूत्रों ने सोमवार को यहां बताया कि भुवनेश्वर-संबलपुर रेलमार्ग पर ढेंकनाल-अंगुल खंड में मेरामंडली और बुधपंक के बीच कुछ लोगों ने वंदेभारत ट्रेन पर पत्थर फेंके। पथराव से एक्जीक्यूटिव क्लास कोच की खिड़की के शीशे टूट गये।</p>
<p>आरपीएफ एस्कॉर्टिंग स्टाफ ने घटना की सूचना दी। ईसीआर की सुरक्षा शाखा ने इसे गंभीरता से लिया है और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) को सतर्क कर दिया है। कटक से आरपीएफ के सहायक सुरक्षा आयुक्त घटनास्थल के लिए रवाना हुए हैं। मामले की जानकारी स्थानीय पुलिस को भी दी गई है। </p>
<p>यह पहली बार नहीं है जब देश में वंदे भारत  एक्सप्रेस ट्रेन को निशाना बनाया गया है। ऐसी ही घटनाएं देश के अन्य  हिस्सों में सामने आयी है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Nov 2023 19:22:30 +0530</pubDate>
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