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                <title>roadmap - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>roadmap RSS Feed</description>
                
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                <title>ईरानी राष्ट्रपति पेज़ेशकियान पाकिस्तान दौरे पर: पीएम शहबाज शरीफ से करेंगे मुलाकात ; भारत की बढ़ सकती है मुश्किलें, जानें कैसे ?</title>
                                    <description><![CDATA[ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने पाक पीएम शहबाज शरीफ के आमंत्रण पर इस्लामाबाद का दौरा किया। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य ईरान-अमेरिका वार्ता में पाकिस्तान की मध्यस्थता के लिए आभार जताना है। दोनों देश अंतिम समझौते के लिए 60 दिवसीय रोडमैप पर सहमत हुए हैं, जिससे कूटनीतिक संबंधों को नई मजबूती मिलेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/iranian-president-pezeshkian-will-meet-pm-shahbaz-sharif-during-pakistan/article-157858"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/pm1.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने और व्यापार तथा अन्य क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा करने के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के विशेष आमंत्रण पर इस्लामाबाद का एक दिवसीय दौरा कर रहे हैं। यह दोनों देशों के बीच करीबी संबंधों की दिशा में एक और बड़ा कदम है। ईरान के राष्ट्रपति कार्यालय के जनसंपर्क प्रमुख हबीबुल्लाह अब्बासी ने पुष्टि की, कि वार्ता को सुगम बनाने में पाकिस्तान के नेतृत्व की भूमिका के लिए उनका आभार व्यक्त करना इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य होगा।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, अब्बासी ने कहा कि इस यात्रा के उद्देश्यों में 'ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता' के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के प्रति आभार व्यक्त करना शामिल है। पेज़ेशकियान की यह यात्रा मुख्य रूप से शरीफ को व्यक्तिगत रूप से धन्यवाद देने के लिए है, क्योंकि पाकिस्तान ने ईरान और अमेरिका को बातचीत की मेज पर लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी। पेज़ेशकियान पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के साथ-साथ शरीफ, पाकिस्तान के विदेश मंत्री और 'नेशनल असेंबली' के अध्यक्ष से मुलाकात करेंगे। यह यात्रा स्विट्जरलैंड में ईरान-अमेरिका उच्च स्तरीय वार्ता के पहले दौर के संपन्न होने के तुरंत बाद हो रही है, जहां दोनों पक्षों ने इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त 'प्रगति' की है। पेज़ेशकियान ने यात्रा से पहले कहा, "वार्ता की प्रभावशीलता जिम्मेदारियों के प्रति पूर्ण प्रतिबद्धता और उनके सटीक कार्यान्वयन पर निर्भर करती है। इस रास्ते पर प्रगति को जिम्मेदारियों के प्रति व्यावहारिक पालन से मापा जाएगा। </p>
<p>इस वार्ता में पाकिस्तान और कतर ने मध्यस्थ की भूमिका निभायी, जो आखिरकार दोनों पक्षों को स्विट्जरलैंड में एक साथ लाये। यह वार्ता ब्युर्गनस्टॉक रिसॉर्ट में हुई, जहां वरिष्ठ ईरानी और अमेरिकी अधिकारियों ने मुलाकात की, जिसे पिछले कई वर्षों में दोनों देशों के बीच सबसे गंभीर राजनयिक आदान-प्रदान में से एक बताया जा रहा है। वार्ता के बाद पाकिस्तान और कतर दोनों ने घोषणा की, कि ईरान और अमेरिका एक अंतिम समझौते की दिशा में रोडमैप पर सहमत हो गए हैं, जिसके तहत अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए 60 दिनों का समय तय किया गया है। अन्य मसलों को तय करने के लिए इस सप्ताह स्विट्जरलैंड में तकनीकी चर्चाएं जारी हैं।</p>
<p>पाकिस्तान यात्रा के अलावा, ईरान एक और राजनयिक रास्ते पर भी आगे बढ़ रहा है। मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघेर गालीबाफ वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से नौवहन और जहाजरानी के ईरानी प्रबंधन को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा करने के लिए ओमान की यात्रा कर रहे हैं। उनके कार्यालय ने सोमवार को अपने टेलीग्राम चैनल के माध्यम से इस यात्रा की घोषणा की। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के भी इस व्यापक राजनयिक प्रयास में शामिल होने की उम्मीद है, हालांकि उनके विशिष्ट कार्यक्रमों का विवरण अभी सामने नहीं आया है।</p>
<p>पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, राष्ट्रपति के रूप में पेज़ेशकियन की यह दूसरी इस्लामाबाद यात्रा होगी। जून 2025 में 12 दिनों तक चले ईरान-इजरायल युद्ध के बाद, उन्होंने अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए पाकिस्तान को चुना था और लाहौर तथा इस्लामाबाद का दौरा किया था। उस यात्रा के दौरान दोनों पक्षों ने 12 समझौतों पर हस्ताक्षर किए थे और द्विपक्षीय व्यापार को लगभग तीन अरब डॉलर से बढ़ाकर सालाना 10 अरब डॉलर करने का संकल्प लिया था। इससे पहले जनवरी 2024 में दोनों देशों के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई थी, जब ईरान ने सशस्त्र समूह जैश अल-अदल के खिलाफ पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में मिसाइल हमले किए थे। पाकिस्तान ने भी 48 घंटों के भीतर ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में जवाबी हमले किए थे, जिसके बाद दोनों देशों को अपने राजदूतों को वापस बुलाना पड़ा था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 17:30:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पश्चिम बंगाल: वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता सोमवार को पेश करेंगे &quot;डबल इंजन सरकार&quot; में पहला बजट, नई सरकार के भविष्य का रोडमैप तैयार</title>
                                    <description><![CDATA[वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता आज विधानसभा में नई सरकार का पहला बजट पेश करेंगे। यह बजट वित्तीय संकट और ₹7.8 लाख करोड़ के कर्ज के बीच 'मार्शल प्लान' के तहत बुनियादी ढांचे, औद्योगिक निवेश और केंद्रीय सहयोग पर केंद्रित होगा। कर्मचारियों के डीए और लक्ष्मी भंडार जैसी कल्याणकारी योजनाओं पर भी बड़ी घोषणाएं संभावित हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/west-bengal-finance-minister-swapan-dasgupta-will-present-the-first/article-157694"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/015.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता सोमवार दोपहर 12 बजे विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार राज्य में अपना पहला बजट पेश करेंगे। इस बजट पर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं। उम्मीद की जा रही है कि इसमें नयी सरकार के भविष्य का रोडमैप तैयार होगा। इस बजट से नयी 'डबल-इंजन' सरकार के विकास का खाका सामने आने और यह संकेत मिलने की उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में राज्य किस दिशा में आगे बढ़ेगा।</p>
<p>मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपनी सरकार के पहले बजट को "काफी महत्वपूर्ण और ध्यान देने योग्य" करार देते हुए कहा था कि इसमें राज्य के हर क्षेत्र के विकास के लिए विशेष योजनाएं शामिल होंगी। वित्त मंत्री दासगुप्ता के सामने एक बड़ी चुनौती होगी, क्योंकि उनके अनुसार, पिछली सरकार के गैर-जिम्मेदाराना खर्चों और कम राजस्व संग्रह के कारण राज्य की अर्थव्यवस्था के कई पैमाने लड़खड़ायी हुई है। पिछले प्रशासन की आलोचना करते हुए दासगुप्ता ने पहले टिप्पणी की थी कि सरकार 'ट्रेडमिल पर खड़े होकर' बजट तैयार नहीं करेगी। उन्होंने यह भी कहा था कि बजट बनाने की प्रक्रिया बड़ी जिम्मेदारी है।</p>
<p>नयी सरकार लगातार यह कहती रही है कि उसे भारी वित्तीय दबाव विरासत में मिला है और पिछला प्रशासन राज्य पर 7.8 लाख करोड़ रुपये का ऋण छोड़ गया है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान राज्य को कर्ज चुकाने के लिए 82,000 करोड़ रुपये का भुगतान करना पड़ा था, जिसमें अकेले ब्याज के रूप में दिया गया 49,000 करोड़ रुपया शामिल है। पिछले बजट में राज्य का प्रस्तावित खुद का राजस्व 1,12,543 करोड़ रुपये था, जिसका लगभग 75 फीसदी हिस्सा कथित तौर पर कर्ज चुकाने में ही खर्च हो गया था। केंद्रीय करों और अनुदानों में राज्य की हिस्सेदारी को मिलाकर कुल अनुमानित आय 2.6 लाख करोड़ रुपये थी। ऐसी उम्मीदें काफी ज्यादा हैं कि नया बजट उच्च राजस्व वृद्धि का अनुमान लगायेगा, क्योंकि राज्य की आय बढ़ाना वित्त मंत्री की घोषित प्राथमिकताओं में से एक है।</p>
<p>बजट से पहले दासगुप्ता ने दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक लाहिड़ी के साथ बैठकें की थीं। उम्मीद है कि इन चर्चाओं का असर सरकार की वित्तीय योजना और आर्थिक रणनीति पर दिखेगा। दासगुप्ता ने पश्चिम बंगाल के लिए एक 'मार्शल प्लान' की आवश्यकता के बारे में भी बात की है, जिसका तात्पर्य दूसरे विश्व युद्ध के बाद यूरोप की तरह बड़े पैमाने पर पुनर्निर्माण और आर्थिक पुनर्गठन के प्रयासों से है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन टिप्पणियों से संकेत मिलता है कि सरकार का मुख्य ध्यान बड़े पैमाने पर केंद्रीय निवेश के सहयोग से बुनियादी ढांचे के विकास पर हो सकता है।</p>
<p>बजट में सरकारी कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते को लेकर भी घोषणाएं होने की उम्मीद है। उद्योग और व्यापारिक समूहों को एक नयी भूमि नीति, औद्योगिक निवेश के लिए प्रोत्साहन और स्टांप व पंजीकरण शुल्क में राहत जैसे उपायों की उम्मीद है। इसके साथ ही सरकार के सामने कर्ज का बोझ बढ़ाये बिना कल्याणकारी खर्चों और आर्थिक पुनर्निर्माण के बीच संतुलन बनाने की चुनौती है। भाजपा सरकार पहले ही लक्ष्मी भंडार के तहत मिलने वाले लाभों को दोगुना कर चुकी है और अन्नपूर्णा योजना शुरू कर चुकी है, जबकि उसने यह भी स्पष्ट किया है कि पिछली सरकारों की शुरू की गयी सामाजिक कल्याण योजनाएं जारी रहेंगी। श्री दासगुप्ता ने साफ किया है कि यह बजट चालू वित्तीय वर्ष के केवल बचे आठ महीनों के लिए ही है और शायद इसमें सरकार का दीर्घकालिक खाका पूरी तरह सामने न आये। उम्मीद है कि आज का यह बजट बंगाल की नयी सरकार की प्राथमिकताओं और नीतिगत दिशा का पहला स्पष्ट संकेत देगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 12:52:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>राजस्थान दिवस पर सीएम भजनलाल शर्मा ने ‘मास्टर प्लान’ शिविरों का किया शुभारंभ, प्रदेश के समग्र और दीर्घकालिक विकास में मील का पत्थर होगी साबित</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान दिवस पर प्रदेश की ग्राम पंचायतों और शहरी वार्डों के लिए 'मास्टर प्लान' शिविरों का शुभारंभ किया। इस ऐतिहासिक पहल का उद्देश्य आधुनिक सुविधाओं और सांस्कृतिक विरासत के समन्वय से समावेशी विकास सुनिश्चित करना है। यह योजना आगामी दशकों की चुनौतियों के लिए राज्य का प्रगतिशील रोडमैप तैयार करेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/cm-bhajanlal-sharma-inaugurated-master-plan-camps-on-rajasthan-day/article-147047"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/rajasthan.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने गुरुवार को राजस्थान दिवस के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री निवास से प्रदेश की ग्राम पंचायतों और शहरी वार्डों के प्रस्तावित ‘मास्टर प्लान’ शिविरों का शुभारंभ किया।</p>
<p>इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इन शिविरों के माध्यम से राज्य सरकार आने वाले दशकों की चुनौतियों और आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए समग्र विकास का रोडमैप तैयार कर रही है। उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य गांव और शहर दोनों को समान रूप से मूलभूत सुविधाओं से सुसज्जित करना है, ताकि संतुलित और समावेशी विकास सुनिश्चित हो सके।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मास्टर प्लान नए राजस्थान की दिशा तय करेगा और राज्य की विकास यात्रा को गति देगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस योजना के जरिए आधुनिक सुविधाओं और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का संतुलित समन्वय स्थापित किया जाएगा।<br />उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल प्रदेश के समग्र और दीर्घकालिक विकास में मील का पत्थर साबित होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 14:43:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ग्लोबल एनर्जी लीडर्स समिट : हीरालाल नागर ने रखा प्रदेश के एनर्जी सेक्टर के विकास का रोडमैप, कहा- नवीकरणीय एवं सौर ऊर्जा की उपलब्धि है मिसाल</title>
                                    <description><![CDATA[समिट में उन्होंने प्रदेश की पीक डिमांड को पूरा करने के लिए बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली विकसित करने के लिए सरकार के प्रयासों को भी रखा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/global-energy-leaders-summit-hiralal-nagar-laid-out-the-roadmap/article-135008"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/6622-copy7.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने ओडिशा के पुरी में आयोजित ग्लोबल एनर्जी लीडर्स समिट-2025 में राजस्थान के ऊर्जा क्षेत्र के परिदृश्य एवं विकास के रोडमैप को सभी के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि राजस्थान ने नवीकरणीय एवं सौर ऊर्जा के क्षेत्र में बीते समय में जो उपलब्धि हासिल की है।</p>
<p>वह देश के अन्य राज्यों के लिए मिसाल है। समिट में उन्होंने प्रदेश की पीक डिमांड को पूरा करने के लिए बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली विकसित करने के लिए सरकार के प्रयासों को भी रखा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Sun, 07 Dec 2025 11:33:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>भारत में हरित शहरों के लिए रोडमैप</title>
                                    <description><![CDATA[आज के समय में पर्यावरण संरक्षण और स्थिरता के मुद्दे सबसे महत्वपूर्ण हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/roadmap-for-green-cities-in-india/article-124792"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/ddddddddddd.png" alt=""></a><br /><p>आज के समय में पर्यावरण संरक्षण और स्थिरता के मुद्दे सबसे महत्वपूर्ण हैं। धरती पर बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन के कारण हरित पर्यावरण की आवश्यकता अत्यधिक बढ़ गई है। एक हरित पर्यावरण का मतलब है एक ऐसा वातावरण, जहां प्राकृतिक संसाधनों का सतत उपयोग हो और पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान न पहुंचे। इसे प्राप्त करने के लिए विभिन्न रणनीतियों को अपनाना आवश्यक है। हरित पर्यावरण के लिए ऊर्जा दक्षता बढ़ाने और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों जैसे सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, और बायोमास ऊर्जा का उपयोग करना सबसे महत्वपूर्ण रणनीति है। पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों जैसे कोयला और तेल से उत्पन्न होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की ओर बढ़ना अत्यावश्यक है। सौर पैनल और पवन ऊर्जा के उपकरण स्थापित कर, हम न केवल प्रदूषण कम कर सकते हैं, बल्कि दीर्घकालिक ऊर्जा स्रोत भी सुनिश्चित कर सकते हैं।</p>
<p><strong>वन संरक्षित हों :</strong></p>
<p>वृक्षारोपण और वन संरक्षण महत्वपूर्ण है। वृक्ष कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करते हैं और हमें शुद्ध आॅक्सीजन प्रदान करते हैं। इसलिए अधिक से अधिक पेड़ लगाने और वनों को संरक्षित करने पर ध्यान दिया जाना चाहिए। वनों की कटाई को रोकने के लिए कड़े कानून लागू किए जाने चाहिए और समुदायों को वृक्षारोपण कार्यक्रमों में शामिल किया जाना चाहिए। शहरी क्षेत्रों में हरित क्षेत्रों का विस्तार करने और छोटे-बड़े बागानों की स्थापना करने से भी पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी। हरित क्षेत्रों का संरक्षण और विस्तार किया जाना चाहिए। पार्क, बगीचे, और शहरों में वृक्षारोपण को बढ़ावा देना चाहिए ताकि शहरी हीट आइलैंड प्रभाव को कम किया जा सके और नागरिकों के लिए स्वस्थ पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सके।</p>
<p>तेजी से हो रहे शहरीकरण और औद्योगीकरण ने भारत के शहरों को वैश्विक आर्थिक केंद्रों में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हालांकि, यह विकास कई पर्यावरणीय और सामाजिक चुनौतियों को भी सामने लेकर आया है।</p>
<p><strong>जागरूकता का होना :</strong></p>
<p>शहरी क्षेत्रों में वायु प्रदूषण, जल संकट, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की समस्या और बढ़ती जनसंख्या के कारण बुनियादी सुविधाओं पर बढ़ते दबाव जैसी चुनौतियां अब प्रमुख हो गई हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए हरित शहरों की अवधारणा एक महत्वपूर्ण समाधान के रूप में उभर रही है। इस दिशा में सबसे बड़ा कदम शिक्षा और जागरूकता का होना है। लोगों को यह सिखाना और जागरूक करना जरूरी है कि वे किस प्रकार अपने छोटे-छोटे प्रयासों से पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे सकते हैं। स्कूलों और कॉलेजों में पर्यावरण शिक्षा को अनिवार्य बनाया जाना चाहिए, ताकि बच्चे बचपन से ही पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनें। साथ ही, सामुदायिक स्तर पर जागरूकता अभियानों का आयोजन करना चाहिए ताकि सभी लोग पर्यावरणीय जिम्मेदारियों को समझ सकें। हरित शहरों का मतलब केवल पर्यावरण संरक्षण से नहीं है, बल्कि ऐसी संरचनाओं और नीतियों का विकास करना है, जो सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा दें। भारत जैसे देश में, जहां तेजी से शहरीकरण हो रहा है, हरित शहरों के विकास के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार करना न केवल जरूरी है बल्कि समय की मांग भी है।</p>
<p><strong>हरित पर्यावरण :</strong></p>
<p>शहरों के तेजी से विस्तार के कारण हरित पर्यावरण पर दबाव बढ़ा है। इसलिए शहरी नियोजन और भवन निर्माण में पर्यावरणीय मापदंडों का ध्यान रखा जाना चाहिए। हरित भवन निर्माण की अवधारणा को अपनाना जरूरी है, जिसमें ऊर्जा की खपत कम हो और प्राकृतिक संसाधनों का अधिकतम उपयोग हो। इसके अलावा, छतों पर हरित उद्यानों की स्थापना और पानी की पुन:चक्रण प्रणाली को अपनाना भी पर्यावरण संरक्षण में सहायक हो सकता है। हरित भवन तकनीक, जैसे ऊर्जा-संवर्धन वाली सामग्री का उपयोग, प्राकृतिक रोशनी और हवादार संरचनाओं का विकास, जल पुनर्चक्रण प्रणाली आदि को अनिवार्य करना चाहिए। हरित शहरों की अवधारणा वह हैं, जहां आर्थिक विकास और पर्यावरणीय संरक्षण के बीच संतुलन होता है। इन शहरों का मुख्य उद्देश्य कार्बन फुटप्रिंट को कम करना, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना, और पर्यावरणीय सततता को सुनिश्चित करना है।</p>
<p><strong>महत्वपूर्ण कदम है :</strong></p>
<p>पारिस्थितिकी तंत्र और जैव विविधता को संरक्षित करना हरित पर्यावरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जैव विविधता हमारे पारिस्थितिकी तंत्र की स्थिरता को बनाए रखती है और प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा प्रदान करती है। इसे बचाने के लिए संरक्षित क्षेत्रों और वन्यजीव अभ्यारण्यों की स्थापना करनी चाहिए। वन्यजीवों की अवैध शिकार और तस्करी पर कड़े नियम लागू किए जाने चाहिए। विकास के लिए एक समग्र और प्रभावी रोडमैप तैयार करना आवश्यक है। इसके तहत प्रमुख घटक शामिल होने चाहिए जैसे नीतिगत ढांचा और कानूनों का सख्त पालन हरित शहरों के विकास के लिए सरकार को ठोस नीतियों और योजनाओं का निर्माण करना होगा। पर्यावरण संरक्षण कानूनों को और सख्त बनाया जाना चाहिए और उनका पालन सुनिश्चित करना होगा। इसके साथ ही,राज्य और नगर निगमों को हरित शहरों के लिए समर्पित योजनाओं को लागू करना चाहिए। शहरों में ऊर्जा का स्रोत नवीकरणीय संसाधनों जैसे सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और जल विद्युत से होता है। इसका उद्देश्य जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करना और प्रदूषण को नियंत्रित करना है। हरित पर्यावरण की दिशा में काम करना केवल सरकार या किसी एक समूह की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज के हर वर्ग का योगदान जरूरी है।</p>
<p><strong>-डॉ. रिपुन्जय सिंह</strong><br /><strong>सदस्य,राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड,जयपुर</strong><br /><strong>(यह लेखक के अपने विचार हैं)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 26 Aug 2025 12:20:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>14 सेक्टर्स के माध्यम से तैयार हुआ रोडमैप : भजनलाल शर्मा</title>
                                    <description><![CDATA[सभी विभागों के समन्वय से तैयार विजन डॉक्यूमेंट पर नीति आयोग से सुझाव प्राप्त करने के बाद प्रदेश के विकास का यह दस्तावेज तैयार किया गया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/roadmap-cm-bhajan-lal-sharma-prepared-through-14-sectors/article-112075"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/bhajanlal-sharmaa-(2)1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति में विकसित राजस्थान का अहम योगदान है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को वर्ष 2047 तक विकसित बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। वे मुख्यमंत्री निवास पर विकसित राजस्थान 2047 के लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु तैयार विजन डॉक्यूमेंट को लेकर बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विकसित राजस्थान की कार्ययोजना बनाते समय हमें भविष्य की आवश्यकताओं तथा जनसंख्या वृद्धि एवं संसाधनों को ध्यान में रखना होगा। विकसित राजस्थान को विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने उसकी प्रगति एवं निगरानी हेतु मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय स्टीयरिंग कमेटी का गठन किया गया है। रोडमैप तैयार करते हुए राज्य के प्रमुख 45 विभागों को 14 सेक्टर्स में बांटा गया है। सभी विभागों के समन्वय से तैयार विजन डॉक्यूमेंट पर नीति आयोग से सुझाव प्राप्त करने के बाद प्रदेश के विकास का यह दस्तावेज तैयार किया गया है। </p>
<p><strong>गांवों से शहरों की तरफ पलायन रुके: </strong>सीएम ने कहा किशहरी और ग्रामीण क्षेत्र के विकास के असंतुलन को दूर करते हुए हमें ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा, पानी, बिजली सहित सभी आधारभूत सुविधाओं की पूर्ति हो। ताकि पलायन रूके। शहरों का बढ़ता दबाव कम हो। बढ़ती आबादी के साथ परिवहन क्षेत्र पर भी दबाव बढ़ेगा। ऐसे में हमें सार्वजनिक परिवहन को अधिक से अधिक प्रोत्साहित करते हुए बेहतर यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करना होगा। खनिज आधारित औद्योगिक इकाइयों को संबंधित खनन क्षेत्र के नजदीक स्थापित कर हम परिवहन की लागत बचाने के साथ ही पर्यावरण प्रदूषण भी कम कर सकते हैं।</p>
<p>पर्यटन क्षेत्र में जितनी संभावनाएं हैं संभवत: देश में और कहीं नहीं हैं। शेखावाटी की हवेलियों का पर्यटन की दृष्टि से विकास हो। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 26 Apr 2025 12:40:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ई-वेस्ट पॉलिसी जल्द आएगी</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर। राजस्थान में खनन क्षेत्र को 33 प्रतिशत ग्रीन कवर सुनिश्चित करना चाहिए। राज्य में बड़ी संख्या में छोटी और बड़ी माइंस हैं, यदि वे 33 प्रतिशत ग्रीन कवर सुनिश्चित करते हैं, तो इससे दीर्घकालिक पर्यावरणीय स्थिरता भी सुनिश्चित होगी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/e-waste-policy-will-come-soon/article-11621"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/conference-group.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में खनन क्षेत्र को 33 प्रतिशत ग्रीन कवर सुनिश्चित करना चाहिए। राज्य में बड़ी संख्या में छोटी और बड़ी माइंस हैं, यदि वे 33 प्रतिशत ग्रीन कवर सुनिश्चित करते हैं, तो इससे दीर्घकालिक पर्यावरणीय स्थिरता भी सुनिश्चित होगी। यह बात राजस्थान ज्य प्रदूराषण नियंत्रण बोर्ड, राजस्थान सरकार के चेयरमैन सुधांश पंत ने कही। वह जयपुर में कंफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) द्वारा आयोजित ‘द 7आर्स कॉन्फ्रेंस रोडमैप फॉर ए ग्रीनर टुमॉरो’ के 5वें संस्करण में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे।  पंत ने कहा कि राजस्थान सरकार ई.वेस्ट पॉलिसी लेकर आ रही है।</p>
<p>जिसका ड्राफ्ट तैयार है और इसे हितधारकों के साथ उनकी टिप्पणियों और सुझावों के लिए साझा किया गया है। सीईओ और डब्ल्यूटीडी हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड अरुण मिश्रा ने कहा कि राजस्थान में सौर ऊर्जा की अपार संभावनाएं हैं। ऊर्जा के इस स्रोत की क्षमता का बेहतर और प्रभावी ढंग से उपयोग किया जाना चाहिए। सेंट.गोबेन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के ग्लास सॉल्यूशंस एंड स्ट्रेटेजिक प्रोजेक्ट्स के प्रबंध निदेशकए आइजनहावर स्वामीनाथन ने कहा कि आज के समय में बिल्डिंग्स पर्यावरण की समस्या का एक हिस्सा हैं। कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन बहुत अधिक है। डिप्टी हैड ऑफ  प्लांट ऑपरेशंस हीरो मोटोकॉर्प लिमिटेड मुकेश गोयल ने कहा कि पृथ्वी केवल एक ही है। यह बात किसी को भूलनी नहीं चाहिए। पेरिस जलवायु समझौते में, दुनिया भर के 700 शहरों के साथ-साथ संयुक्त राज्य अमेरिका और यूनाइटेड किंगडम जैसे देशों को भी ने उत्सर्जन में कटौती के लिए प्रतिबद्ध हैं। पंत ने ग्रीन रेटिंग कंपनियों को भी पुरस्कार प्रदान किए जो ग्रीन-फ्रेंडली प्रोसेस को अपना रही हैं।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Jun 2022 14:27:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिजली कनेक्शन के लिए तैयार होगा रोडमैप</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेश में बजट घोषणा के अनुसार नए बिजली कनेक्शन जारी करने का रोडमैप बनेगा। ऊर्जा विभाग ने जयपुर, जोधपुर और अजमेर डिस्कॉम को आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के साथ ही बारिश से पहले मेंटेनेंस का काम पूरा करने को कहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/roadmap-will-be-ready-for-electricity-connection/article-7768"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/el-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में बजट घोषणा के अनुसार नए बिजली कनेक्शन जारी करने का रोडमैप बनेगा। ऊर्जा विभाग ने जयपुर, जोधपुर और अजमेर डिस्कॉम को आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के साथ ही बारिश से पहले मेंटेनेंस का काम पूरा करने को कहा है। ऊर्जा विभाग के एसीएस डॉ. सुबोध अग्रवाल ने सचिवालय में तीनों डिस्कॉम के अफसरों से वीसी के जरिए बैठक ली। अग्रवाल ने बताया कि नए कृषि कनेक्शन जारी करने का रोडमेप बनेगा। नए बिजली कनेक्शन के लिए ट्रांसफार्मर सब स्टेशन स्ट्रक्चर तैयार करने और अन्य आधारभूत संरचना विकसित करने की समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर क्रियान्वित होगी।</p>
<p><strong>पहले होगा ढांचा मजबूत फिर नए कनेक्शन</strong><br />नए कनेक्शन जारी करने से पहले तीनों डिस्कॉम को आधारभूत संरचनात्मक ढांचें को मजबूत करना होगा। आधारभूत संरचना का रोडमैप तैयार करते समय बरसात से पहले पूरे होने वाले कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। जुलाई के पहले या दूसरे पखवाड़े से बरसात का मौसम शुरू हो जाता है। ऐसे में समयबद्ध तरीके से कार्ययोजना के तहत प्राथमिकता दी जाएगी।</p>
<p><strong>तीनों डिस्कॉम ने तय की रूपरेखा</strong><br />जयपुर डिस्काम के एमडी अजित सक्सेना, अजमेर एमडी एनएस निर्वाण और जोधपुर डिस्काम के एमडी प्रमोद टांक के अनुसार तीनों डिस्कॉम्स की रूपरेखा तय हो गई है। बरसात के पहले आवश्यक संरचनात्मक ढांचा तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है। <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 Apr 2022 10:14:57 +0530</pubDate>
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