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                <title>fan - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>अग्निपथ योजना के कारण युवक ने की आत्महत्या</title>
                                    <description><![CDATA[चिड़ावा। शहर की स्टेशन रोड पर वार्ड नं. सात में एक युवक ने कमरे में पंखे पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मिली जानकारी के अनुसार झांझोत के सरकारी स्कूल में एलडीसी पद पर कार्यरत कोलसिया की नेहरा की ढाणी निवासी पूनम स्टेशन के पास मुकेश बराला के मकान में किराए पर रहती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhunjhunu/youth-commits-suicide-due-to-agneepath-scheme/article-12740"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/tttt.jpg" alt=""></a><br /><p>चिड़ावा। शहर की स्टेशन रोड पर वार्ड नं. सात में एक युवक ने कमरे में पंखे पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मिली जानकारी के अनुसार झांझोत के सरकारी स्कूल में एलडीसी पद पर कार्यरत कोलसिया की नेहरा की ढाणी निवासी पूनम स्टेशन के पास मुकेश बराला के मकान में किराए पर रहती है। उसका भाई अंकित एक दिन पूर्व ही ननिहाल भोड़की से उसके पास आया था। सुबह पूनम योग दिवस पर स्कूल चली गई। पीछे से युवक अंकित ने कमरे में पंखे पर फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली।</p>
<p>सूचना पर पूनम घर पहुंची और बदहवास हो गई। आसपड़ोस के लोगों व महिलाओं ने उसे संभाला।वहीं सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को उतरवाकर मोर्चरी पहुंचाया।पुलिस ने परिजनों को सूचना दी। इसके बाद अंकित के नाना मोहनलाल डूडी भोड़की और कोलसिया से ताऊ लेखराज पहुंचे। अंकित के ताऊ लेखराज में रिपोर्ट दी है कि उसका भतीजा पुलिस व सेना भर्ती की तैयारी में जुटा था। पहले तो पुलिस भर्ती परीक्षा रद्द हो गई। इसके बाद अब केंद्र सरकार के अग्निपथ योजना की घोषणा कर दी। इसके बाद होने वाली सेना भर्ती रद्द कर दी गई। जिससे युवक अंकित दुखी था। मानसिक रूप से परेशान होकर युवक ने आत्महत्या की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>झुंझुनूं</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Jun 2022 12:43:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title> अफसरों की एसी में तो छात्रों की पंखे में कट रही दुपहरी</title>
                                    <description><![CDATA[ राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी के छात्र भीषण गर्मी से झुलस रहे हैं। जहां एक ओर अफसरों के आॅफिसों में एयर कंडीशनर लगे हुए हैं वहीं दूसरी ओर बॉयज हॉस्टल में हजारों छात्रों की दुपहरी पंखे के सहारे कट रही है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/noon-is-being-cut-in-the-fan-of-the-students-in-the-ac-of-the-officers/article-11327"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/rtu-hostel-officers.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। सूरज आसमान से आग बरसा रहा है तो लू के थपेड़ों से जनजीवन बेहाल है। वहीं, राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी के छात्र भीषण गर्मी से झुलस रहे हैं। जहां एक ओर अफसरों के आॅफिसों में एयर कंडीशनर लगे हुए हैं वहीं दूसरी ओर बॉयज हॉस्टल में हजारों छात्रों की दुपहरी पंखे के सहारे कट रही है। 43 डिग्री के तापमान में हॉस्टल अंदर से आग की भट्टी की तरह भभक रहे हैं। हालात यह है, हॉस्टल के  आसपास जंगली इलाका होने से वन्यजीवों मौजूदगी रहती है। ऐसे में स्ट्रीट लाइटें बंद रहने से जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा बना रहता है।  फीस के नाम पर एक-एक पाई वसूली जाती है, बदले में व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया जा रहा।  खबर में छप रहे स्टूडेंट्स के नाम उनके कहने पर परिवर्तित किए गए हैं। <br /><br /><strong>भटटी सा तप रहा हॉस्टल</strong><br />मेकेनिकल इंजिनियरिंग के छात्र सौरभ ने बताया कि इन दिनों तापमान 40 से 45 के बीच पहुंच रहा है। जिससे हॉस्टल के कमरे भट्टी की तरह भभक रहे हैं। दिनभर छात्र गर्मी में तप रहे हैं। विडंबना देखिए, प्रोफेसर, डीन के आॅफिसों के अलावा टीचर्स कॉलोनी के अधिकतर घरों में एयरकंडिशनर लगे है, जबकि, बॉयज हॉस्टल में आरटीयू प्रशासन कूलर तक नहीं लगवा पा रहा। रात को भी गर्मी से राहत नहीं मिल पाती। पंखें पुराने होने से धीमी गति से चलते हैं। गर्मी से पढ़ाई प्रभावित हो रही है। <br /><br /><strong>350 छात्रों के बीच दो वाटर कूलर</strong> <br />बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र भूपेश चतुर्वेदी ने बताया कि यूनिवर्सिटी में 5 बॉयज हॉस्टिल हैं। इनमें 5 व 4 नंबर के हॉस्टलों में करीब 350 छात्र रहते हैं। दोनों हॉस्टलों के बीच 2 वाटरकूल लगे हैं, जिनमें से एक में फिल्टर नहीं होने से पानी गंदा आता है। दूसरे में शाम होते-होते पानी खत्म हो जाता है। ऐसे में यहां पीने के पानी के लिए मारामारी मची रहती है। हालांकि अभी सीनियर छात्र पेपर व प्रोजेक्ट वर्क के चलते बाहर गए हुए हैं। वर्तमान में पूरे हॉस्टल में करीब साढ़े तीन सौ छात्र रह रहे हैं। <br /><br /><strong>अंधेरे में 700 मीटर दूर से लाना पड़ता है पानी</strong> <br />बीटेक इलेक्ट्रिल छात्र संदीप का कहना है, हॉस्टल में लगे वाटर कूलर में शाम तक पीने का पानी खत्म हो जाता है। ऐसे में उन्हें पानी भरने के लिए हॉस्टल से 600 मीटर दूर केंटीन पर जाना पड़ता है। हॉस्टल के मार्ग पर अंधेरा पसरा रहता है, जिसकी वजह से जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा रहता है। <br /><br /><strong>स्ट्रीट लाइटें रहती हैं बंद</strong><br />यूनिवर्सिटी में छात्रों के हॉस्टल की ओर जाने वाले मार्ग पर लगी रोड लाइटें काफी समय से बंद पड़ी हैं। शाम को साढ़े छह बजे से ही परिसर में अंधेरा हो जाता है। हॉस्टल के पीछे का इलाका चंबल अभयारण्य का हिस्सा है। जिससे यूनिवर्सिटी परिसर में वन्यजीवों की मौजूदगी बनी रहती है। वहीं, हॉस्टल से कैम्पस की ओर जा रही सड़क पर आए दिन सांप, गोयरा, बिच्छु सहित अन्य जहरीले जीव-जंतु घुमते रहते हैं, जो अंधेरे के कारण दिखाई नहीं देते। ऐसे में हादसे का खतरा बना रहता है। <br /><br /><strong>चंबल अभयारण्य में आता है आधा हिस्सा</strong><br />राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी का आधा हिस्सा राष्टÑीय चंबल अभयारणय में आता है। नेच्यूरल हैबीटाट होने की वजह से यहां वन्यजीवों का मूवमेंट अधिक रहता है। कैम्पस में कई बार पैंथर, भालू आ चुके हैं। वहीं, सांप, गोयरा, बिच्छु सहित अन्य जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा बना रहता है। यह इलाका बॉयज हॉस्टल के ठीक पीछे है। ऐसे में अनहोनी का खतरा ज्यादा रहता है। <br /><br /><strong>पिछले साल पकड़ा था भालू</strong><br />आरटीयू का पिछला इलाका चंलब सेंचुरी का हिस्सा है। ऐसे में यहां पैंथर, भालू सहित अन्य वन्यजीवों की मौजूदगी आम बात है। पिछले साल हमने यूनिवर्सिटी परिसर से भालू को पकड़ा था। इससे पहले पैंथर पकड़ने के लिए पिंजरे भी लगाए गए थे। सुरक्षा के लिहाज से हमने आरटीयू प्रशासन को पूर्व में कई बार वाइल्ड लाइफ क्षेत्र तक फेंसिंग करवाने को कह चुके हैं। <br /><strong>- आरएस भंडारी, सहायक वन संरक्षक मुकुंदरा टाइगर रिजर्व</strong> <br /><br /><strong>हमसे शिकायत नहीं करते स्टूडेंट</strong><br />हॉस्टल में कोई समस्या है तो स्टूडेंट्स हमें बताएं, समाधान नहीं हो तो फिर जहां चाहे शिकायत करें। हमसे शिकायत करते ही नहीं हैं, फिर हमें समस्या का कैसे पता चलेगा। हॉस्टल में 5 वाटर कूलर लगे हुए हैं। इनमें 2 वाटर कूलर  4 नंबर में व 3 वाटरकूलर 5 नंबर हॉस्टल में बिलकुल सही चल रहे हैं। इसके अलावा सभी बॉयज हॉस्टलों में नए पंखे लगे हैं। हम कूलर नहीं लगवा सकते। लेकिन स्टूडेंट्स खुद लगवा सकते हैं। इसके लिए बिजली का कोई अतिरिक्त चार्ज भी नहीं लेते। <br /><strong>- राजेश सिंघल, चीफ वार्डन आरटीयू</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Jun 2022 16:34:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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                <title>भीषण गर्मी में भी एमबीएस अस्पताल में पंखे खराब</title>
                                    <description><![CDATA[संभाग के सबसे बड़े एमबीएस अस्पताल में आने वाले मरीजों व तीमारदारों को भीषण गर्मी में भी ठंडी हवा नसीब नहीं हो पा रही है। अस्पताल के अधिकतर पंखे खराब है और कई पंखों के तो सिर्फ ढांचे लगे हुए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/even-in-the-scorching-heat--fans-in-mbs-hospital-are-bad/article-7808"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/11111.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। अप्रैल के दूसरे सप्ताह में जहां शहर में भीषण गर्मी पड़ रही है  वहां संभाग के सबसे बड़े एमबीएस अस्पताल में आने वाले मरीजों व तीमारदारों को ठंडी हवा तक नसीब नहीं हो पा रही है। अस्पताल के अधिकतर पंखे खराब है और कई पंखों के तो सिर्फ ढांचे लगे हुए हैं।<br /><br />अप्रैल में ही कोटा का तापमान 44 डिग्री से अधिक चल रहा है और न्यूनतम तापमान भी 28 डिग्री से अधिक है । ऐसे में जहां गर्मी से लोग परेशान हैं वहां संभाग के सबसे बड़े अस्पताल एमबीएस में आने वाले मरीजों और तीमारदारों को ठंडी हवा तक नसीब नहीं हो पा रही है। अस्पताल के आउटडोर की गैलरी से लेकर जांच कक्ष तक की गैलरी में पंखे खराब पड़े हुए हैं। हालत यह है  कि घंटो तक अस्पताल में कतारों में लगे रहने के बावजूद लोगों को हवा नसीब नहीं हो पा रही है।<br /> <br />इतना ही नहीं अस्पताल परिसर में ही बने दवा काउंटर में  काफी भीड़ लगी हुई है और उनके सिर पर टीन शेड लगा हुआ है। लेकिन वहां हालत यह है कि आधे टीन शेड में ही 3 पंखे लगे हुए हैं ,उनमें भी अधिकतर बंद है। ऐसे में दोपहर 2.00 बजे बाद तक दवाई की कतार में लगे मरीजों व तीमारदारों के लिए वहां खड़े रहना  मुश्किल हो रहा है । आउटडोर में इमरजेंसी गैलरी अस्थि वार्ड और कई अन्य जगहों पर पंखे बंद होने के साथ ही केवल पंखों के ढांचे लगे हुए हैं। जिससे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि पिछले कई दिनों से अस्पताल प्रशासन द्वारा यहां से पंखे हटाने के बाद दोबारा लगाने का प्रयास ही नहीं किया गया । जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है । लोगों का कहना है कि अस्पताल प्रशासन को यहां आने वाले लोगों के लिए पंखों की व्यवस्था करनी चाहिए जिससे लोगों को राहत मिल सके । इस गर्मी में पीने का ठंडा पानी भी पूरी तरह से नसीब नहीं हो पा रहा और ना ही हवा मिल पा रही है । ऐसे में अस्पताल में इलाज करवाने आने की जगह बीमार होकर जाना पड़ रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 Apr 2022 17:02:15 +0530</pubDate>
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