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                <title>refinery - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>refinery RSS Feed</description>
                
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                <title>भारत को बड़ी सौगात : पीएम मोदी मंगलवार को करेंगे देश के पहले रिफायनरी एवं पेट्रोल रसायन परिसर का उद्घाटन, सामाजिक-आर्थिक विकास में मिलेगा योगदान</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को राजस्थान के पचपदरा (बालोतरा) में ₹79,450 करोड़ की लागत से बनी एकीकृत रिफाइनरी का उद्घाटन करेंगे। एचपीसीएल और राज्य सरकार के इस संयुक्त उद्यम से सालाना 90 लाख टन तेल शोधन होगा। यह परियोजना ऊर्जा सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/big-gift-to-india-pm-modi-will-inaugurate-the-countrys/article-151073"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/modi12.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार को राजस्थान का दौरा करेंगे तथा हिंस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (एचपीसीएल) और राज्य सरकार के सहयोग से स्थापित देश के पहले विशाल नये पेट्रोलियम रिफाइनरी एवं पेट्रोल केमिकल परिसर का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार यह कार्यक्रम पूर्वाह्न लगभग 11:30 बजे बालोतरा के पचपदरा में होगा, जहां वह देश का पहला एकीकृत रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इस अवसर पर वह एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।</p>
<p>यह परियोजना भारत के ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बतायी जा रही है। एचपीसीएल और राजस्थान सरकार के संयुक्त उद्यम के रूप में विकसित, 90 लाख टन प्रति वर्ष क्षमता वाले इस ग्रीनफील्ड रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स की स्थापना 79,450 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से की गयी है। अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त यह परिसर शोधन और पेट्रोकेमिकल उत्पादन को एकीकृत करता है, जिसकी पेट्रोकेमिकल क्षमता 24 लाख टन प्रति वर्ष है। इस रिफाइनरी का नेल्सन कॉम्प्लेक्सिटी इंडेक्स 17.0 है और पेट्रोकेमिकल उत्पादन 26 प्रतिशत से अधिक है, जो दक्षता और स्थिरता के वैश्विक मानकों के अनुरूप है।</p>
<p>यह परियोजना भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने, पेट्रोकेमिकल आत्मनिर्भरता बढ़ाने और औद्योगिक विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है। यह क्षेत्र में पेट्रोकेमिकल और प्लास्टिक पार्क के विकास के लिए एक आधार उद्योग के रूप में कार्य करेगी, जिससे संबंधित उद्योगों और सहायक क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा। इसके अतिरिक्त, यह रिफाइनरी रोजगार के महत्वपूर्ण अवसर पैदा करने के लिए तैयार है, जिससे क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान मिलेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 14:56:55 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>भाजपा सरकार के कारण 74 हजार करोड़ का हुआ रिफाइनरी प्रोजेक्ट : भाया </title>
                                    <description><![CDATA[आरोप लगाया कि पिछली भाजपा सरकार की वजह से प्रदेश का ड्रीम प्रोजेक्ट पेट्रोकेमिकल रिफायनरी जो कि 37 हजार करोड़ में बनकर तैयार हो जानी चाहिए थी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/refinery-74-thousand-carores-due-to-bjp/article-17549"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/mining-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। माइनिंग ऑयल और गैस को लेकर मैरियट में खान विभाग की आयोजित नेशनल कॉन्क्लेव में राजस्थान के खान मंत्री प्रमोद जैन भाया ने खान विभाग में गहलोत सरकार में कामों की उपलब्धियों को बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली भाजपा सरकार की वजह से प्रदेश का ड्रीम प्रोजेक्ट पेट्रोकेमिकल रिफायनरी जो कि 37 हजार करोड़ में बनकर तैयार हो जानी चाहिए थी। वह उनकी राजनीतिक विद्वेषता के कारण अब बढ़कर 74 हजार करोड़ का हो गया है। पिछली अशोक गहलोत सरकार में रिफाइनरी की स्थापना कर के राजस्थान के लाखों लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए रिफायनरी प्रोजेक्ट शुरू किया गया था, लेकिन वसुंधरा सरकार ने उसे रोक दिया। अशोक गहलोत सरकार ने फिर से आते ही इस पर काम शुरू किया है और इसे पूर्ण करने का टारगेट रखा गया है। राजस्थान में बजरी का संकट भी पूर्व बीजेपी सरकार के कारण हुआ और राजस्थान का पक्ष ठीक से नहीं रखने के कारण बजरी खनन पर प्रतिबंध लग गया।</p>
<p>गहलोत सरकार ने आते ही बजरी पर प्रतिबंध हटवाने का काम किया और इसे पर्यावरण नियमों का ध्यान रखकर शुरू करवाया। कोर्ट से लगे प्रतिबंध को भी हटवाया है। राजस्थान सरकार पॉलिसी भी लेकर आई, जिससे कि बजरी का विकल्प तैयार हो सके। सरकारी विभागों में एक तय मात्रा में बजरी का उपयोग करने के लिए ठेकेदारों को पाबंद किया गया है। उन्होंने बताया कि पिछली सरकार की शुरुआती 3 साल में अवैध खनन पर कार्रवाई, खान विभाग से राजस्व अर्जन और प्रधान और प्रधान खनिजों के ब्लॉक की नीलामी इत्यादि कार्यों में भी राजस्थान में गहलोत सरकार पिछली वसुंधरा सरकार से आगे रही है। उन्होंने कॉन्क्लेव में बाकायदा इसके आंकड़े भी रखें। उन्होंने माइनिंग ऑयल और गैस के देश भर से जुटे प्रतिनिधियों को राजस्थान में खनन के लिए तैयार की गई सरल और पारदर्शी नीति, राजस्थान सरकार की सोच इत्यादि से भी अवगत कराते हुए राजस्थान में निवेश करने की अपील की साथ ही अधिकारियों से खनन को और सरल और पर्यावरण अनुरूप बनाने के लिए अपने सुझाव देने की बात की।</p>
<p><strong>कृषि के बाद माइनिंग से सबसे ज्यादा रोजगार, सरकार की नीतियों ने उद्यमियों का राजस्थान में खनन पर विश्वास बढ़ाएं: रामलाल जाट </strong></p>
<p>माइनिंग ऑयल और गैस को लेकर खान विभाग की ओर से जयपुर के होटल मेरियट में चल रही है नेशनल कॉन्क्लेव में विशिष्ट अतिथि के रूप में राजस्थान के राजस्व मंत्री रामलाल जाट ने कहा कि राजस्थान में ही नहीं पूरे देश में कृषि के बाद खनन क्षेत्र में सबसे ज्यादा रोजगार व्याप्त है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जब भी राजस्थान के मुख्यमंत्री बने हैं तो उन्होंने माइनिंग कि इस तरह की पॉलिसी लाने का प्रयास किया जिससे खनन को बढ़ावा तो मिले ही,  साथ ही राजस्थान का पर्यावरण भी संरक्षित रह सके। अवैध माइनिंग पर राजस्थान में अशोक गहलोत सरकार सख्ती से कार्रवाई कर रही है ताकि इसका फायदा वैध खनन करने वाले लोगों को मिले। उन्होंने अपने पूर्व सरकार में खान मंत्री रहते हुए अर्जित किए गए अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि वे जब खान मंत्री थे तो उन्होंने  अंतरराष्ट्रीय स्तर की हुई एक कांफ्रेंस में कहा था कि खनन क्षेत्र के लोगों को 33 फीसदी के क्षेत्र में वन एवं पर्यावरण और संरक्षण के लिए वृक्षारोपण का टारगेट दिया जाता है। जबकि उन्हें यह टारगेट उनके खनन क्षेत्र में ना देकर आसपास के क्षेत्रों में दिया जाना चाहिए ताकि खनन भी प्रभावित ना हो और पर्यावरण को भी सुरक्षित रखा जा सके। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि खानों से निकलने वाले ओवरबर्डन को निस्तारित करने के लिए दी खनन व्यवसाई को पर्यावरण स्वीकृति लेनी पड़ती है जबकि वह पहले ही खनन करने के लिए पर्यावरण स्वीकृति ले चुका होता है इसलिए नियमों का सरलीकरण होना चाहिए।</p>
<p><strong>अवैध खनन पर राजस्थान सरकार सख्ती से कार्यवाही कर रही इसीलिए रेवेन्यू रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा: सुबोध अग्रवाल </strong></p>
<p>माइनिंग ऑयल और गैस की खान विभाग की ओर से जयपुर के होटल मेरियट में आयोजित नेशनल कॉन्क्लेव में हिस्सा लेने से पहले राजस्थान के अतिरिक्त मुख्य सचिव खान विभाग सुबोध अग्रवाल ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि राजस्थान में अवैध खनन पर सरकार सख्ती से कार्रवाई करवा रही है। अवैध खनन को कम किया गया है उसी का कारण है कि प्रदेश को पिछले सालों अवैध खनन से रिकॉर्ड राजस्व प्राप्त हुआ है जबकि कोरोना महामारी भी इस दौरान 2 साल तक सारे उद्योग धंधों को प्रभावित करती रही। राजस्थान में अब यूरेनियम और पोटाश के ब्लॉक चिन्हित किए गए हैं जिसके कारण प्रदेश का नाम देश में ही नहीं दुनिया भर के मानचित्र में यूरेनियम खनन के लिए चिन्हित होने लगा है। उन्होंने कॉन्क्लेव के दौरान राजस्थान के खान विभाग के द्वारा खनन खोज और नीतियों को लेकर विस्तार से सभी को जानकारी दी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Aug 2022 13:13:09 +0530</pubDate>
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                            </item>
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                <title> रिफाइनरी की तरह ईआरसीपी पर भी जनता की आवाज सुननी पड़ेगी, हम योजना बंद नहीं करेंगे: गहलोत</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को ईआरसीपी परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा दिलाने की फिर मांग उठाई। गहलोत ने कहा कि केंद्र सरकार को जैसे रिफाइनरी को लेकर काम शुरू करना पड़ा वैसे ही इआरसीपी पर भी जनता की आवाज सुननी पड़ेगी। हम यह योजना बंद नहीं करने वाले हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/public-voice-will-have-to-be-heard-on-ercp-like-refinery--we-will-not-stop-the-scheme-gehlot/article-13753"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/cm1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को ईआरसीपी परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा दिलाने की फिर मांग उठाई। गहलोत ने कहा कि केंद्र सरकार को जैसे रिफाइनरी को लेकर काम शुरू करना पड़ा वैसे ही इआरसीपी पर भी जनता की आवाज सुननी पड़ेगी। हम यह योजना बंद नहीं करने वाले हैं।<br /><br />बिरला सभागार में ईआरसीपी परियोजना से जुड़े 13 जिलों के कांग्रेस जन प्रतिनिधियों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए गहलोत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूछना चाहते हैं कि पानी राज्य का विषय है तो केंद्र सरकार इसमें दखल देने वाली कौन होती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2018 में दो बार इस परियोजना पर सकारात्मक रुख रखने की बात कह चुके हैं। अब मुख्य सचिव को पत्र लिखकर योजना को बंद करने की बातें कर रहे हैं। मैं ऐलान करता हूं कि यह योजना बंद नहीं होगी। केंद्र सरकार चाहे कितनी भी ईडी सीबीआई या इनकम टैक्स भेज ले। यह काम रुकने वाला नहीं है।</p>
<p>राजस्थान में आज तक किसी परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित नहीं किया गया है। हमारी इसमें कोई राजनीति की लड़ाई नहीं है। यह 13 जिलों के प्यास की लड़ाई है। रिफाइनरी का पहले शिलान्यास हो गया था केंद्र सरकार ने दोबारा किया तो 40 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट 76 हजार करोड़ तक पहुंच गया। ईआरसीपी को भी राष्ट्रीय परियोजना घोषित नहीं किया तो इसकी लागत 37 हजार करोड़ से जाने कहां तक पहुंच जाएगी। इस परियोजना की डीपीआर वसुंधरा राजे की सरकार में श्री राम वेदिरे ने बनाई थी,जो आज जल संसाधन मंत्रालय में सलाहकार है।<br /><br /><strong>जो काम नहीं करता, उसे निकम्मा कहते हैं:</strong><br />केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत पर निशाना साधते हुए गहलोत ने कहा कि मेरे निकम्मा कहने पर वह नाराज होकर बैठे हैं मैंने कुछ गलत नहीं कहा। जिस कार्यक्रम में पीएम नरेंद्र मोदी खुद परियोजना को लेकर बोल रहे हो और उस कार्यक्रम में मंत्री या सांसद बैठे हुए भी वह बात नहीं सुन पा रहा हूं तो उसे क्या कहेंगे। मंत्री रामलाल जाट ने निकम्मा की परिभाषा और भी बेहतर बता दी कि जो काम नहीं करता उसे निकम्मा कहते हैं। भाजपा के नेता उदयपुर घटना में सात आठ दिन के बाद पहुंचकर राजनीति कर रहे हैं। मैं तो घटना के बाद अपने जोधपुर के सारे कार्यक्रम रद्द करके अगले दिन उदयपुर पहुंचा था। सम्मेलन में प्रदेश कांग्रेस प्रभारी अजय माकन पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा सहित कई मंत्रियों ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया। इस दौरान ईआरसीपी परियोजना भीख नहीं हमारा हक है, जैसे नारे भी लगे।<br /><br /><br /><strong>13 जिलों में चलेगा हस्ताक्षर अभियान:</strong><br />प्रदेश कांग्रेस प्रभारी अजय माकन ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इन 13 जिलों में 40 फ़ीसदी आबादी रहती है। उस आबादी के पानी और सिंचाई के लिए केंद्र सरकार क्यों अड़ंगा लगाना चाहती है। कांग्रेस इस मुद्दे पर केंद्र सरकार पर लगातार दबाव बनाएगी। पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने इआरसीपी परियोजना पर बोलते हुए भाजपा नेताओं पर जमकर निशाना साधा। वही, इस मुद्दे पर कांग्रेस का आगामी प्लान भी बताया। डोटासरा ने ऐलान किया कि कांग्रेस इस मुद्दे पर लंबी लड़ाई के लिए तैयार है। सभी 13 जिलों में जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की जाएगी। सभी ब्लॉक स्तर पर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया जाएगा जिसमें केंद्र सरकार से राष्ट्रीय परियोजना दर्जा दिलाने की मांग की जाएगी। इन जिलों में शामिल सभी विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस हस्ताक्षर अभियान चलाएगी और लोगों को इस मुद्दे से जोड़ेगी। मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास, महेश जोशी और अन्य मंत्रियों ने भी राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा देने की मांग पर केंद्र सरकार को अपना वादा याद दिलाया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 Jul 2022 16:26:39 +0530</pubDate>
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                <title>रिफाइनरी पर अब तक 15,225 करोड़ खर्च </title>
                                    <description><![CDATA[रिफाइनरी प्रोजेक्ट का अब तक 43 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। करीब 43,129 करोड़ लागत की परियोजना पर अब तक 15,225 करोड़ रुपए खर्च हो चुके है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/15-225-carore-expense-on-refinery/article-7823"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/44-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। रिफाइनरी प्रोजेक्ट का अब तक 43 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। करीब 43,129 करोड़ लागत की परियोजना पर अब तक 15,225 करोड़ रुपए खर्च हो चुके है। नौ प्रमुख रिफाइनरी यूनिट्स में से 6 यूनिट्स का कार्य मार्च 2023 तक पूरा हो जाएगा। रिफाइनरी एवं पेट्रो-केमिकल कॉम्प्लेक्स निर्माण का कार्य साथ-साथ किया जा रहा है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रिफाइनरी की प्रगति की समीक्षा की, जिसमें यह सामने आया। सीएम ने कहा कि पचपदरा (बाड़मेर) में रिफाइनरी के साथ ही बन रहे पेट्रो-केमिकल कॉम्प्लेक्स से राजस्थान पेट्रोलियम आधारित उद्योगों के हब के रूप में विकसित होगा और यहां बड़ी मात्रा में रोजगार पैदा होंगे। यहां न सिर्फ  तेल निकलेगा, बल्कि इसके साथ-साथ पेट्रोलियम बाय-प्रोडक्ट्स भी निकलेंगे, जिससे प्रदेश में निवेश आएगा और विभिन्न उद्योगों के लिए अपार संभावनाएं पैदा होंगी।</p>
<p>इंटर-डिपार्टमेंटल वर्किंग गु्रप बनेगा: सीएम ने कहा कि परियोजना से जुड़े सभी विभागों एवं एचपीसीएल के अधिकारियों को साथ लेकर एक इंटर-डिपार्टमेंटल वर्किंग गु्रप बनाया जाए ताकि रिफाइनरी के साथ पेट्रो-केमिकल कॉम्प्लेक्स से संबंधित मुद्दों को समय पर हल किया जा सके। उन्होंने निवेशकों में भरोसा कायम करने की दिशा में समुचित कदम उठाने, पचपदरा व बालोतरा में नगरीय विकास की संभावनाओं को देखते हुए कार्य योजना बनाने, स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण देने एवं रिफाइनरी के बाय-प्रोडक्ट्स के बारे में अधिक से अधिक जानकारी आमजन तक पहुंचाने के निर्देश दिए। बैठक में खान एवं पेट्रोलियम मंत्री प्रमोद जैन भाया भी मौजूद रहे। प्रोजेक्ट में करीब 20 हजार को रोजगार मिला: एचपीसीएल के सीएमडी एम के सुराणा ने बताया कि 9 प्रमुख रिफाइनरी यूनिट्स में से 6 यूनिट्स का कार्य मार्च, 2023 तक पूरा हो जाएगा। प्रोजेक्ट में करीब 20 हजार लोग रोजगार पर लगे हुए हैं। 300 किलोमीटर क्षेत्र को कवर करने वाले पेट्रो-केमिकल कॉम्प्लेक्स में ग्रीन बेल्ट विकसित किया जा रहा है। रिफाइनरी के पास टाउनशिप, स्कूल एवं हॉस्पिटल बिल्डिंग भी बनाई जाएगी। <br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 Apr 2022 10:40:19 +0530</pubDate>
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