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                <title>cag report - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>ऑडिट समितियों की बैठकें समय पर हों, वित्त विभाग के सख्त निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[प्रमुख शासन सचिव वैभव गालरिया ने सभी विभागों को प्रतिवर्ष चार त्रैमासिक बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। गबन और वित्तीय अनियमितताओं के त्वरित निस्तारण हेतु यह कदम उठाया गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इन नियमों की पालना अनिवार्य होगी, ताकि CAG रिपोर्ट में किसी भी प्रतिकूल टिप्पणी से बचा जा सके।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/finance-department-gives-strict-instructions-to-conduct-audit-committee-meetings/article-151502"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/secratrait9.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। वित्त विभाग ने सभी विभागों को ऑडिट समिति की बैठकें निर्धारित समयावधि में आयोजित करने के निर्देश जारी किए हैं। अंकेक्षण अनुभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि विभागों एवं उनके अधीन बोर्ड और निगमों से जुड़े लंबित अंकेक्षण प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के लिए नियमित बैठकें अनिवार्य हैं। विभाग ने स्पष्ट किया कि महालेखाकार के निरीक्षण प्रतिवेदन, अंकेक्षण आपत्तियां, सीएजी रिपोर्ट के अनुच्छेद, जनलेखा समिति की सिफारिशें, गबन एवं वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामलों की समीक्षा समय पर होनी चाहिए। इसके लिए प्रशासनिक सचिव की अध्यक्षता में गठित ऑडिट समितियों की वर्ष में चार बैठकें त्रैमासिक रूप से आयोजित करना जरूरी है। निर्देशों के अनुसार पहली बैठक जून तक, दूसरी सितंबर तक, तीसरी दिसंबर तक और चौथी मार्च तक आयोजित करना अनिवार्य रहेगा। विभाग ने यह भी कहा कि निर्धारित संख्या में बैठकें नहीं होने पर इसका उल्लेख सीएजी रिपोर्ट में किया जाता है, जिसे गंभीरता से लिया जाता है। प्रमुख शासन सचिव वित्त वैभव गालरिया ने सभी विभागों से वित्तीय वर्ष 2026-27 में इन निर्देशों की कड़ाई से पालना सुनिश्चित करने को कहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 17:51:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मल्लिकार्जुन खड़गे का केंद्र पर निशाना: कोरोना काल में मजदूरों को राहत देने में मनरेगा को नजरअंदाज करने का लगाया आरोप, वीबी-जयराम-जी योजना लागू नहीं को लेकर उठाए सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र पर मनरेगा को कमजोर करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि करोड़ों मजदूरों का 'काम का अधिकार' छीना जा रहा है और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार संकट गहरा गया है। खरगे ने कैग (CAG) रिपोर्ट का हवाला देते हुए अधूरे कार्यों और बढ़ती महंगाई पर चिंता व्यक्त की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/mallikarjun-kharge-targets-center-accuses-it-of-ignoring-mnrega-in/article-148473"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/mallikarjun-kharge-33.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मनरेगा खत्म करने और नया कानून लागू नहीं करने को लेकर केंद्र सरकार पर हमला करते हुए सोमवार को कहा कि कोरोना काल में मजदूरों को राहत देने में इस योजना की अहम भूमिका रही है लेकिन केंद्र ने उसे नजरअंदाज किया है। खड़गे ने कहा "एक ओर मनरेगा पर प्रभावी रूप से रोक जैसी स्थिति बना दी गई है, वहीं दूसरी ओर घोषित वीबी-जयराम-जी योजना अब तक लागू नहीं हो पाई है। कई राज्यों में मनरेगा खत्म करने की खबरें हैं जिसके कारण करोड़ों श्रमिकों के समक्ष रोजगार का संकट पैदा हो गया है।"</p>
<p>उन्होंने मनरेगा को लेकर कई राज्यों में आंदोलन होने का दावा किया औऱ कहा कि बिहार के मुजफ्फरपुर में पिछले 87 दिनों से लगभग 12 हजार मजदूर काम न मिलने के कारण आंदोलन कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों से मनरेगा के तहत काम बंद होने की खबरें आ रही हैं, जिससे ग्रामीण मजदूरों के सामने रोज़गार का संकट गहराता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र ने मनरेगा को कमजोर कर करोड़ों मजदूरों के 'काम के अधिकार' को छीना है श्रमिकों को पर चोट पहुंचाई है।</p>
<p>खड़गे ने महाराष्ट्र की नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि राज्य में मनरेगा के तहत स्वीकृत कार्यों में से 53 प्रतिशत से भी कम कार्य पिछले पांच वर्षों में पूरे हुए हैं, जबकि करीब 2.5 लाख कार्य शुरू ही नहीं हो सके। रसोई गैस की महंगाई और उद्योगों की बदहाली के कारण शहरों से प्रवासी मजदूरों का पलायन बढ़ रहा है, लेकिन गांवों में उनके लिए रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध नहीं हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कोरोना काल में मनरेगा ने करोड़ों मजदूरों को राहत दी थी, जिसे आज नजरअंदाज किया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 Mar 2026 18:24:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>विधानसभा में आज सवाल-जवाब से लेकर रिपोर्टों की भरमार, राज्यपाल अभिभाषण पर बहस जारी, अधिसूचनाएं भी होंगी पेश</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर में विधानसभा की कार्यवाही प्रश्नकाल से शुरू होगी। 44 सवालों पर चर्चा, सीएजी रिपोर्ट, अधिसूचनाएं और वार्षिक प्रतिवेदन पेश होंगे, राज्यपाल अभिभाषण पर बहस जारी रहेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/in-the-assembly-today-debate-continues-on-governors-address-full/article-141775"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(4)2.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान विधानसभा की कार्यवाही आज सुबह 11 बजे प्रश्नकाल के साथ शुरू होगी। प्रश्नकाल में कुल 44 सवाल सूचीबद्ध हैं, जिनमें 22 तारांकित और 22 अतारांकित प्रश्न शामिल हैं। मुख्यमंत्री से जुड़े विभागों, उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी से संबंधित विभागों, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, संसदीय कार्य, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, पशुपालन व डेयरी तथा वन विभाग से जुड़े मुद्दों पर सवाल-जवाब होंगे।</p>
<p>कार्यवाही के दौरान उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी सदन के पटल पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) के वित्त लेखे एवं विनियोग लेखे वर्ष 2024-25 का प्रतिवेदन रखेंगी।</p>
<p><strong>अधिसूचनाएं भी होंगी पेश: </strong></p>
<p>पंचायती राज विभाग की दो अधिसूचनाएं मंत्री मदन दिलावर द्वारा सदन में रखी जाएंगी। वहीं राजस्व मंत्री हेमंत मीणा राजस्व विभाग की आठ अधिसूचनाएं सदन के पटल पर प्रस्तुत करेंगे।</p>
<p>वार्षिक प्रतिवेदनों का दौर: </p>
<p>सदन में आज कई महत्वपूर्ण संस्थानों और विश्वविद्यालयों के वार्षिक प्रतिवेदन भी रखे जाएंगे। उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बेरवा राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय कोटा की वर्ष 2024-25 की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट पेश करेंगे। कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा स्वामी केशवानंद कृषि विश्वविद्यालय बीकानेर, महाराणा प्रताप कृषि विश्वविद्यालय उदयपुर, श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय जोबनेर, कृषि विश्वविद्यालय कोटा, कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर तथा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना का वार्षिक प्रतिवेदन सदन में रखेंगे।</p>
<p>चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी जोधपुर और राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय का वार्षिक प्रतिवेदन पेश करेंगे। उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ राजकॉम इन्फो सर्विसेज लिमिटेड का वार्षिक प्रतिवेदन सदन के पटल पर रखेंगे। मंत्री जोगाराम पटेल राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे। मंत्री सुमित गोदारा राजस्थान मुस्लिम वक्फ बोर्ड जयपुर का वार्षिक प्रतिवेदन रखेंगे। वहीं मंत्री जोराराम कुमावत राजस्थान पशु विज्ञान विश्वविद्यालय और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय जोबनेर के वार्षिक प्रतिवेदन सदन में पेश करेंगे। इसके अलावा मंत्री जवाहर सिंह बेढम पुलिस विश्वविद्यालय का तथा मानवाधिकार आयोग का वार्षिक प्रतिवेदन सदन के पटल पर रखेंगे।</p>
<p>राज्यपाल अभिभाषण पर बहस जारी: </p>
<p>सदन में आज भी राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा जारी रहेगी। 4 फरवरी को सरकार की ओर से इस बहस का जवाब दिया जाएगा।</p>
<p>भाजपा विधायक दल की बैठक हुई: </p>
<p>विधानसभा सत्र के दौरान होने वाली नियमित प्रक्रिया के तहत आज भाजपा विधायक दल की बैठक भी होगी। यह बैठक विधानसभा की हां पक्ष लॉबी में आयोजित की जाएगी, जिसमें मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, मंत्रिमंडल के सदस्य और भाजपा विधायक मौजूद रहेंगे। बैठक में सदन की रणनीति पर मंथन किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Feb 2026 15:58:52 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कांग्रेस ने की कैग रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग : रिपोर्ट की पीएसी से हो जांच, ताकि लूट में शामिल लोगों को मिले सजा; बोले - कांग्रेस नेता</title>
                                    <description><![CDATA[शराब नीति घोटाले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शामिल है। इसलिए रिपोर्ट को सार्वजनिक कर इस घोटाले को सबके सामने लाया जाना चाहिए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/congress-demands-the-pac-to-demand-the-cag-report-to/article-105659"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/6622-copy128.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने दिल्ली की आबकारी नीति पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट विधानसभा की पटल पर पेश करने का स्वागत किया है, लेकिन कहा है कि इसे सार्वजनिक कर लोक लेखा समिति (पीएसी) से इसकी जांच कराई जानी चाहिए। कांग्रेस के अध्यक्ष देवेंद्र यादव तथा वरिष्ठ नेता संदीप दीक्षित ने बुधवार को पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सरकार ने कैग की 14 में से एक रिपोर्ट ही विधानसभा के पटल पर रखी है और इससे साफ है की शराब नीति घोटाले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शामिल है। इसलिए रिपोर्ट को सार्वजनिक कर इस घोटाले को सबके सामने लाया जाना चाहिए।</p>
<p>उन्होंने आबकारी घोटाले की व्यापक जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि कांग्रेस को पहले से संदेह था कि इस नीति में बहुत सारी अनियमितताएं हैं जिससे सरकार के राजस्व पर असर पडऩे वाला है। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस ने जांच एजेंसियों को शराब नीति से जुड़ी लिखित शिकायत भी की थी, जिसमें भाजपा के संलिप्त होने के भी सबूत थे। ऐसे में सवाल है कि विधानसभा में आबकारी नीति से जुड़ी सभी 14 रिपोर्ट्स पेश क्यों नहीं की गई। इस रिपोर्ट की पीएसी से जांच हो। इस पर जल्द से जल्द पीएसी बनाई जाए, ताकि इस रिपोर्ट की जांच हो सके और जो भी लोग लूट में शामिल थे, उन्हें सजा मिले।</p>
<p>कांग्रेस नेताओं ने मांग करते हुए कहा कि हमारी मांग है कि इन रिपोर्ट्स को सार्वजनिक तौर पर चर्चा में लाया जाना चाहिए। भाजपा के कुछ बड़े नेता और तत्कालीन उप-राज्यपाल की भूमिका से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण सवाल हैं जिन्हें कैग रिपोर्ट में नजरअंदाज किया गया है। एक साल के अंदर तीन आबकारी निदेशक बदलने का निर्णय क्यों और किसने लिया। दिल्ली में शराब के नए ब्रांड्स को बढ़ावा देना का काम किया गया इसकी जांच होनी चाहिए।</p>
<p>केजरीवाल सरकार की शराब नीति को लागू करने की अनुमति तत्कालीन राज्यपाल ने दी थी आज तक इसकी जांच क्यों नहीं हुई। प्लान का उल्लंघन कर शराब के ठेके खोलने के लाइसेंस कैसे दिए गए। कैग रिपोर्ट को लूट, झूठ और फूट इन तीन शब्दों में बयां किया जा सकता है। रिपोर्ट से पता चलता है कि दिल्ली की जनता के पैसों को लुटाया गया। आम आदमी पार्टी सरकार कहती रही है कि हम सरकार के राजस्व को बढ़ा रहे हैं, लेकिन सच यह है कि 2002 करोड़ की लूट को अंजाम दिया गया। इसके अलावा, एक्सपट््र्स कमेटी की सलाह को भी नजरअंदाज किया गया। रिपोर्ट से यह भी खुलासा हो गया है कि कैसे आम आदमी पार्टी के लोग इस लूट को लेकर जो झूठ बोल रहे थे। अब आम आदमी पार्टी और भाजपा की आपसी फूट का ही नतीजा है जिसके चलते कैग रिपोर्ट पर विधानसभा में चर्चा नहीं हो पा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Feb 2025 17:52:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली में शराब नीति को लेकर कैग की रिपोर्ट विधानसभा में पेश : आबकारी नीति से 2 हजार करोड़ रुपए का गिनाया नुकसान, रेखा गुप्ता ने सदन के पटल पर रखी रिपोर्ट </title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विधानसभा में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/cag-report-on-liquor-policy-in-delhi-counting-of-2/article-105541"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/6622-copy126.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विधानसभा में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी, जिसमें दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल की विवादास्पद आबकारी नीति के बारे में विभिन्न अनियमितताओं को रेखांकित करते हुए कठोर टिप्पणियां की गयी हैं। कैग की रिपोर्ट विधानसभा के सत्र के दूसरे दिन सदन के पटल पर रखी गयी, जिसमें कहा गया है कि दोषपूर्ण 2021-22 आबकारी नीति के कारण दिल्ली सरकार को 2 हजार करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय नुकसान हुआ।</p>
<p>परफार्मेंस आडिट ऑन रेगुलेशन एंड सप्लाई ऑफ लिकर इन दिल्ली शीर्षक इस रिपोर्ट को सदन में विपक्ष की नेता आतिशी सहित आम आदमी पार्टी के 12 विधायकों के निलंबन के बाद पटल पर रखा गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली में विवादास्पद आबकारी नीति के बारे में सिफारिश के लिये गठित विशेषज्ञ समूह के सुझावों को तत्कालीन उप मुख्यमंत्री एवं आबकारी मंत्री मनीष सिसोदिया ने नजरअंदाज कर दिया था। </p>
<p>रिपोर्ट में कहा गया है कि शराब के लाइसेंस वापस किए जाने और शराब जोन की निविदा पुन: जारी करने के मामले में आबकारी विभाग की विफलता के कारण विभाग को 890.15 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। कैग की रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड-19 की पाबंदियों के नाम पर शराब की दुकान के लाइसेंस धारकों को दी गयी दी 144 करोड़ रुपये की छूट नियमानुसार नहीं थी। छूट के इस प्रस्ताव पर वित्त विभाग की आपत्तियों के बावजूद श्री सिसोदिया ने व्यक्तिगत रूप से इसकी मंजूरी दी थी। </p>
<p>राज्य की वित्तीय स्थिति की जानकारी के लिये इसकी बहुत जरूरत होती है। दुर्भाग्य से पिछली सरकार ने कैग की रिपोर्ट पेश नहीं की और इस तरह संविधान का उल्लंघन किया। इससे पहले उप राज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने सदन में अपने अभिभाषण में कहा कि उनकी सरकार ने मंत्रिमंडल की अपनी पहली बैठक में कैग की रिपोर्टों को सदन पटल पर रखने का फैसला किया था, इससे पिछली सरकार की प्रशासनिक कमियों का पता लगाने और उनका समाधान करने का रास्ता बना है। </p>
<p>उप राज्यपाल ने कहा कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार मुक्त सरकार देने, दिल्ली में महिलाओं के सशक्तिकरण, शहर की सफाई, यमुना की स्वच्छता और निवासियों को स्वच्छ पेयजल सुलभ कराने को प्रतिबद्ध है। उन्होंने दिल्ली में केन्द्र सरकार के सहयोग के महत्व रेखांकित करते हुये कहा कि पिछले 10 साल लगातार टकराव के कारण दिल्ली का नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि मेरी सरकार केन्द्र और अन्य राज्यों के साथ समन्वयन के साथ कार्य करेगी। </p>
<p>इससे पहले नव निर्वाचित विधानसभा के पहले सत्र के दूसरे दिन विपक्षी आम आदमी पार्टी (आप) के विधायकों ने राज्यपाल के अभिभाषण के प्रारंभ में हंगामा किया। उनका कहना था कि मुख्यमंत्री कार्यालय में बाबा साहेब डॉ भीम राव अंबेडकर के चित्र को हटा दिया गया है। बार-बार की अपील के बाद भी आप सदस्यों के हंगामा जारी रखने के कारण अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने आप के 12 सदस्यों को दिन भर की कार्यवाही से निलंबित कर दिया था। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Feb 2025 17:18:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>CAG की रिपोर्ट के खुलासों पर कांग्रेस ने पीएम मोदी से मांगा जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[ कांग्रेस ने कहा कि लेखा और महानियंत्रण(कैग) की रिपोर्ट में जिन महत्वपूर्ण सरकारी परियोजनाओं में घोटालों का पर्दाफाश हुआ है उनसे देश को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/cag-audit-report-pm-modi-response-hindi-news/article-54754"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/congress-cag-report.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने कहा कि लेखा और महानियंत्रण(कैग) की रिपोर्ट में जिन महत्वपूर्ण सरकारी परियोजनाओं में घोटालों का पर्दाफाश हुआ है उनसे देश को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है और परियोजनाओं की साख पर भी सवाल उठे हैं इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस बारे में जवाब देना चाहिए।</p>
<p>कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने आज पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भारत माला परियोजना के तहत करीब 70-75 हजार किमी लम्बी सड़कों का निर्माण हुआ है। इसके लिए निधि को मंजूरी प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली मंत्रिमंडल समिति ने दी। इसके बावजूद एक किमी सड़क के निर्माण में दोगुना राशि खर्च हुई और करोड़ों रुपए का फर्जीवाडा हुआ है। उनका कहना था कि द्वारका एक्सप्रेस-वे में 2 किमी सड़क बनाने में जितने रुपए खर्च हुए हैं उतने पैसे में मंगलयान मंगल ग्रह पर पहुंचा जा सकता है। इस सड़क को दुनिया  का आठवां अजूबा घोषित कर देना चाहिए और उसे देखने के लिए टिकट लगना चाहिए।</p>
<p>उन्होंने कहा कि मोदी सरकार जिस द्वारका एक्सप्रेस-वे की तारीफ करते नहीं थकती उसको लेकर जब खुलासा तो पता चला कि 18 करोड रुपए प्रति किलोमीटर सड़क के निर्माण के लिए स्वीकृत हुए थे लेकिन इस सड़क का निर्माण 250 करोड़ रुपए प्रति किलोमीटर पहुंचा है। इसी तरह से दिल्ली से मुंबई जाएंगे तो आपको छह हजार रुपए का टोल ही देना पड़ेगा लेकिन कैग ने इसकी असलियत का भी खुलासा किया और सिर्फ पांच टोल का  औचक आडिट किया और पता चला कि इसमें 132 करोड़ रुपए अवैध वसूले गये। यदि  पूरे देश के टोल प्लाजा को देखें तो लाखों करोड़ रुपए का घोटाला हुआ है।</p>
<p>श्रीनेत ने कहा कि कैग ने जिन परियोजनाओं में फर्जीवाड़ा होने की रिपोर्ट दी है उनमें भारतमाला प्रोजेक्ट की बोली में फर्जीवाड़ा, द्वारका एक्सप्रेस-वे में 1 किमी सड़क बनाने में 250 करोड़ खर्च, टोल नियमों का उल्लंघन करके एनएचएआई ने जनता से वसूले 132 करोड़, आयुष्मान भारत योजना के 7.5 लाख लाभार्थी एक ही नंबर से लिंक, अयोध्या डेवलपमेंट प्रोजेक्ट में ठेकेदारों को अनुचित लाभ, ग्रामीण विकास मंत्रालय ने पेंशन स्कीम का पैसा किया प्रचार में खर्च तथा एचएएल पर विमान इंजन की डिजाइन-प्रोडक्शन में गंभीर खामी के आरोप लगे हैं और रिपोर्ट के अनुसार इन घोटालों से देश को करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है।</p>
<p>कांग्रेस प्रवक्ता ने इस संबंध में मोदी से सवाल किया और कहा कि क्या मोदी इन घोटालों पर चुप्पी तोड़ेंगे और सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय तथा इस मंत्रालय के मंत्री के खिलाफ कोई कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी सवाल किया कि आयुष्मान भारत के लाभार्थियों का पैसा किसने गबन किया, ग्रामीण विकास मंत्रालय ने पेंशन स्कीम का पैसा अन्य योजनाओं के प्रचार में क्यों खर्च किया और अयोध्या डेवलपमेंट प्रोजेक्ट में ठेकेदारों को अनुचित लाभ कौन पहुंचाता रहा है।</p>
<p>घोटालों पर तंज करते हुए उन्होंने कहा कि देश में मोदी विरोधी एक संस्था है। यह इंटरनेशनल साजिश  में शामिल है। इस संस्था का नाम है- कैग इस संस्था ने मोदी सरकार के सात बड़े घोटालों का पर्दाफाश किया है। उनका कहना था कि मोदी को तत्काल  इस संस्था पर ताला लगवाना चाहिए और रिपोर्ट निकालने वालों को जेल भेजने का काम करना चाहिए। इन्हें लगता है देश में प्रजातंत्र है...मोदी सरकार के  सात बड़े घोटालों का कैग ने खुलासा किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 16 Aug 2023 17:17:12 +0530</pubDate>
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                <title>2.5 लाख करोड़ खर्च के बावजूद नहीं बढ़ी ट्रेनों की रफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[रेल मंत्रालय आने वाले दिनों में ट्रेनों की रफ्तार 140 किलो मीटर प्रतिघंटा से संचालित करने की योजना पर काम करने का दावा कर रहा है, लेकिन महालेखा व नियंत्रक ने अपनी रिपोर्ट में कहा हैं, कि रेलवे द्वारा  रेलवे ट्रेक से जुड़े बुनियादी ढांचे में वित्त वर्ष 2008-2019 के दौरान 2.5 लाख  करोड़ रुपये का निवेश करने के बावजूद रेलवे अपनी परिवहन व्यवस्था के परिणाम सुधारने में विफल रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/revealed-in-cag-report-of-train/article-7826"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/777777777777-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>जोधपुर। रेल मंत्रालय आने वाले दिनों में ट्रेनों की रफ्तार 140 किलो मीटर प्रतिघंटा से संचालित करने की योजना पर काम करने का दावा कर रहा है, लेकिन महालेखा व नियंत्रक ने अपनी रिपोर्ट में कहा हैं, कि रेलवे द्वारा  रेलवे ट्रेक से जुड़े बुनियादी ढांचे में वित्त वर्ष 2008-2019 के दौरान 2.5 लाख  करोड़ रुपये का निवेश करने के बावजूद रेलवे अपनी परिवहन व्यवस्था के परिणाम सुधारने में विफल रहा है। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक कैग की ओर से दी रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है।</p>
<p>रिपोर्ट में बताया कि रेलवे की मिशन रफ्तार योजना भी ट्रेनों की गति बढ़ाने में विफल रही है। रिपोर्ट के अनुसार भारतीय रेलवे ने ट्रैक को बेहतर बनाने के लिए संबंधित ढांचे में 2.5 लाख करोड़ का निवेश किया,लेकिन परिणाम आशातीत नहीं आया है। 201-22 तक मेल एक्सप्रेस की औसत गति 50 किलो मीटर व मालगाड़ियों की 75 किलोमीटर करने का लक्ष्य था, लेकिन मेल एक्सप्रेस और मालगाड़ियों की औसत रफ्तार वर्ष 2019-20 में 50.6 व मालगाडी की 23.6 किलोमीटर प्रति घंटा ही रही।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जोधपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 Apr 2022 10:51:22 +0530</pubDate>
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