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                <title>district hospital - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>district hospital RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>राजस्थान बजट 2026-27 : दस्तावेज के अभाव में ईलाज से वंचित नहीं रहेगा आम आदमी, सभी को मिलेगी मुफ्त ईलाज की सुविधा; अस्पतालों में परिजनों के रुकने के लिए बनेगी धर्मशालाएं </title>
                                    <description><![CDATA[उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने 2026-27 बजट पेश करते हुए स्वास्थ्य क्षेत्र में कई अहम घोषणाएं कीं। दस्तावेज़ विहीनों को मुफ्त इलाज, जिला अस्पतालों में मेंटल हेल्थ सेंटर, हाईवे एंबुलेंस और नए आईपीडी टावर की घोषणा की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-budget-2026-27-common-man-will-not-be-deprived-of/article-142733"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(11)9.png" alt=""></a><br /><p dir="ltr">जयपुर। राजस्थान विधानसभा में उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत किया। कुमारी ने राज्य की भजनलाल सरकार का यह तीसरा बजट प्रस्तुत किया। यह उनका लगातार तीसरा बजट भाषण है। उन्होंने पूर्वाह्न ग्यारह बजे सदन की कार्यवाही के शुरु होने के साथ ही अपना बजट भाषण शुरु किया और दो घंटे 54 मिनट तक बजट भाषण दिया, जिसमें उन्होंने विभिन्न घोषणाएं की। बजट भाषण में कहा कि संस्कृति हमारी उड़ान है, विकास हमारी पहचान है, दोनों को आगे लेकर बढ़ा रहा है राजस्थान। इस दौरान उन्होंने मेडिकल और हेल्थ को लेकर भी कई घोषणाएं की। </p>
<p dir="ltr">कुमारी ने बजट में चिकित्सा क्षेत्र में विभिन्न घोषणाएं की। उन्होंने किहा कि जो लोग दस्तावेजों के अभाव में इलाज से वंचित रह जाते है। उन लोगों को भी अब मुफ्त में ईलाज दिया जाएगा। मुख्यमंत्री चिकित्सा आरोग्य योजना एवं निरोगी राज्य योजना के तहत उन्हें निःशुल्क चिकित्सा सुविधा का लाभ दिलाया जाएगा। </p>
<p dir="ltr"><strong>हेल्थ को लेकर प्रमुख घोषणाएं : </strong></p>
<p dir="ltr">जिला अस्पतालों में मेंटल हेल्थ केयर सेंटर खोलने की घोषणा। </p>
<p dir="ltr">जयपुर के जेके लोन अस्पताल में 75 करोड़ की लागत से नया आईपीडी टावर बनेगा। </p>
<p dir="ltr">गंभीर मरीजों और एक्सीडेंट के मामलों में तत्काल इलाज मिलेगा। इसके लिए नई योजना शुरू होगी। </p>
<p dir="ltr">अस्पतालों में फायर सेफ्टी उपकरणाों के लिए 300 करोड़ खर्च करने की घोषणा। </p>
<p dir="ltr">अस्पतालों में मरीजों और परिजनों के रुकने के लिए धर्मशालाएं बनाई जाएगी। </p>
<p dir="ltr">हाईवे पर एंबुलेंस तैनात होगी। </p>
<p dir="ltr">जिला अस्पतालों में मेंटल हेल्थ केयर सेंटर खोलने की घोषणा। </p>
<p dir="ltr">आत्महत्याएं रोकने और मानसिक स्वास्थ्य पर राज ममता के नाम से नया प्रोग्राम शुरू करेंगे। </p>
<p dir="ltr">जिन मरीजों के पास दस्तावेज नहीं है, उन्हें भी मुफ्त ईलाज का लाभ दिया जाएगा। </p>
<p dir="ltr">कॉलेजों में मेंटल हेल्थ और काउंसलिंग के लिए काउंसलर भेजे जाएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Feb 2026 17:55:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>जिला अस्पताल में एसी व कूलर खराब, मरीज बेहाल</title>
                                    <description><![CDATA[अस्पताल सूत्रों के अनुसार ओपीडी को छोड़कर सभी जगह के डग सिस्टम बंद हैं।  जिला अस्पताल में भर्ती मरीज और उनके तीमारदारों के लिए पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं है।  जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में लगा वाटर कूलर भी खराब हो रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/ac-and-cooler-bad-in-the-district-hospital--patients-in-trouble/article-44086"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/jila-asptaal-mei-ac-va-cooler-kharab-,-mareez-behaal..baran-news-28.4.2023.jpg" alt=""></a><br /><p>बारां । बारां जिले के सबसे बड़े जिला अस्पताल में भर्ती मरीज व तीमारदार गर्मी से बेहाल हो रहे हैं। अस्पताल में मरीजों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है। एसी और कूलर समय से मेंटेनेंस नही होने से खराब पड़े हैं। यहां तक कि आईसीयू के एसी तक काम नहीं कर रहे हैं। ऐसे में भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों को खुद के स्तर पर पानी और पंखे की व्यवस्था करनी पड़ रही है। जिला अस्पताल में लगे ऐसी भी मेंटिनेंस के अभाव में खराब पड़ा हुआ है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार ओपीडी को छोड़कर सभी जगह के डग सिस्टम बंद हैं। जिला अस्पताल के आउटडोर में औसतन प्रतिदिन 1000 से 1200 मरीज आते हैं। यहां के सर्जिकल वार्ड, मेल-फिमेल वार्ड, कोविड आईसीयू समेत अन्य वार्डों के कूलर व एसी खराब है। वर्तमान में तापमान 40 डिग्री के पार दर्ज किया जा रहा है, जिससे गर्मी के कारण मरीजों के पसीने छूट रहे हैं। </p>
<p><strong>प्रसूताएं भी गर्मी के कारण परेशान</strong><br />इसके साथ ही मौसम में आ रहे बदलाव के कारण मौसमी बीमारियों के मरीज भी आ रहे हैं। वहीं अस्पताल में मच्छरों के कारण भी मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। मातृ एवं शिशु वार्ड में भर्ती प्रसूताएं भी गर्मी के कारण परेशानी का सामना कर रही है। कई प्रसूताओं के परिजनों ने घर से पंखे लाकर वार्ड में लगा रखे हैं। आईसीयू तक में गर्मी से बेहाल मरीज जिला अस्पताल में प्रत्येक वार्ड में एसी और कूलर लगे हैं, लेकिन सभी बंद हैं। आईसीयू के एसी भी मेंटेंनेस नही होने के चलते खराब हो गए हैं।</p>
<p><strong>वाटर कूलर खराब, पेयजल के लिए भी भटक रहे मरीज</strong><br /> जिला अस्पताल में भर्ती मरीज और उनके तीमारदारों के लिए पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं है। मरीजों के तीमारदार भी पानी के लिए अस्पताल परिसर में भटकते रहते हैं। लोगों को पानी की बोतल खरीदकर प्यास बुझानी पड़ रही है। जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में लगा वाटर कूलर भी खराब हो रहा है। पिछले साल कई स्वयंसेवी संस्थाओं की ओर से जिला अस्पताल परिसर में पीने के पानी की व्यवस्था की गई थी, लेकिन इस बार अब तक कोई स्वयंसेवी संस्था इसके लिए आगे नहीं आई है। जिला अस्पताल में एसी और कूलर को ठीक करवाने के लिए टेंडर पूरा कर दिया है।</p>
<p><strong>कई बार स्टॉफ को भी शिकायत की</strong><br />अस्पताल के कोविड आईसीयू में भर्ती मरीज रामकरण ने बताया कि 4-5 दिनों से आईसीयू में भर्ती है। लेकिन यहां पर लगे हुए एसी खराब पड़े हुए है। गर्मी बढ़ने से और अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। परिजनों की ओर से निजी स्तर पर पंखे की व्यवस्था की गई है। कई बार स्टाफ को भी शिकायत की, लेकिन सामाधान नहीं हुआ है।</p>
<p>मैं छबड़ा क्षेत्र के बापचा की हूं। पिछले 4 दिनों से हम जिला अस्पताल में भर्ती है। यहां पर कूलर पंखों की व्यवस्था नहीं होने के कारण गर्मी लगती है। कई बार अस्पताल के कर्मचारियों को जानकारी दी लेकिन उन्होंने कहा कि कूलर पंखे सुधरने में अभी थोड़ा टाइम लगेगा। <br /><strong>- सीमा, मरीज। </strong></p>
<p>मैं छीपाबड़ौद कस्बे का रहने वाला हूं। मेरे पेट में दर्द हो रहा है और 3 दिन से अस्पताल में भर्ती हूं लेकिन अस्पताल में कूलर पंखों की व्यवस्था नहीं होने के चलते गर्मी लगती है। अस्पताल तो ठीक है लेकिन यहां की व्यवस्थाएं ठीक नहीं है। <br /><strong>- ओमप्रकाश, मरीज। </strong></p>
<p>कागज से हवा कर रहे परिजन जिला अस्पताल के आॅर्थो व सर्जिकल वार्ड में एसी-कूलर नहीं चलने से मरीजों के परिजन कागज से हवा कर रहे थे। भर्ती मरीज ने बताया कि पिछले दिनों से वार्ड में भर्ती हैं। एसी और कूलर खराब पड़े हैं। रात के समय तो जैसे-तैसे काम चल जाता है, लेकिन दोपहर के समय तापमान बढ़ने से गर्मी से पसीने छूटते रहते हैं। स्टाफ को कई बार शिकायत की है, लेकिन परेशानी का सामाधान नहीं हो सका है।</p>
<p><strong>डॉक्टरों के वार्ड में लगी एसी चालू लेकिन मरीजों के बंद</strong><br />जिला अस्पताल की मातृ एवं शिशु वार्ड विंग में डॉक्टरों के वार्ड पर लगी एसी चालू हैं, लेकिन मरीजों के लिए लगी 25 से अधिक एयरकंडीशनर फिलहाल बंद कर दिए गए हैं। इसके कारण न सिर्फ बाहर से आने वाले बल्कि अस्पताल में भर्ती सैंकड़ों मरीजों को तकलीफ झेलनी पड़ रही है। जिला अस्पताल में कोई भी ठंडक देने वाली सुविधाएं शुरू नहीं हुई है, जिसके चलते मरीज परेशान हो रहे हैं। बच्चों के वार्ड में भी समस्याएं हैं। हड्डी और आंख, नाक, कान से जुड़े मरीजों को तकलीफ उठानी पड़ रही। वह लगातार अपनी दिक्कतें प्रबंधन को बता रहे। फिर भी स्थिति जस की तस है।</p>
<p> मेरे बच्चे की तबीयत खराब हो गई थी। जहां उस को जिला अस्पताल में भर्ती कराया लेकिन यहां कूलर पंखे की व्यवस्था नहीं होने के चलते मुझे घर से पंखा लाना पड़ा। इसके बाद मेरे बच्चे को गर्मी से राहत मिली। <br /><strong>- हेमराज, मरीज बालक देव के पिता। </strong></p>
<p>आगामी 1-2 दिनों में यह सही जाएंगे। मरीजों के पीने के पानी की व्यवस्था अस्पताल बिल्डिंग के बाहर परिसर में की गई है। वार्डो में पीने के पानी की व्यवस्था करने से कई बार पानी फैल जाता है, जिसके कारण मरीज फिसल जाते हैं। आगामी दिनों में स्वयंसेवी संस्थाओं से बातकर कैंपर की व्यवस्था भी की जाएगी।<br /><strong>-डॉ. सतीश अग्रवाल, पीएमओ, जिला अस्पताल बारां</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Apr 2023 15:24:17 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मरीजों की जान से हो रहा खिलवाड़</title>
                                    <description><![CDATA[वर्तमान में यहां पदस्थ नर्सें ईसीजी कर रही हैं, चूंकि नर्सें ईसीजी स्पेशलिस्ट नहीं हैं, इस कारण ईसीजी रिपोर्ट में कोई न कोई खामी रह जा रही है। इस संबंध में जब अदानी विंग के नर्सिंग स्टाफ से बात की गई तो उन्होंने पहचान उजागर न करने की शर्त पर बताया कि हमें ईसीजी में कोई स्पेशलिटी तो हासिल है नहीं, ट्रेनिंग दी गई है उस हिसाब से ईसीजी कर रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/playing-with-the-lives-of-patients/article-42335"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/mrijo-ki-jaan-se-ho-raha-khilwad...baran-news-10-04-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>बारां। जिला अस्पताल में अदानी विंग में ईसीजी (इलैक्ट्रोकार्डियोग्राम) टेक्निशियन की अहमियत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यहां आने वाले लगभग हर मरीज का इलाज ईसीजी रिपोर्ट के साथ ही शुरू होता है। इसके बाबजूद जिला अस्पताल के अदानी में पदस्थ किए गए 3 ईसीजी टेक्निशियन को इमरजेंसी वार्ड में अटैच कर दिया गया। इस कारण ईसीजी रिपोर्ट करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डॉक्टर नर्सों से ईसीजी करवा रहे हैं, जिसकी रिपोर्ट पूरी तरह एक्यूरेट नहीं आने के कारण डॉक्टर्स बार-बार रिपोर्ट करवा रहे हैं।</p>
<p><strong>सिर्फ कागजों में  कर रहे काम</strong><br />वर्तमान में यहां पदस्थ नर्सें ईसीजी कर रही हैं, चूंकि नर्सें ईसीजी स्पेशलिस्ट नहीं हैं, इस कारण ईसीजी रिपोर्ट में कोई न कोई खामी रह जा रही है। इस संबंध में जब अदानी विंग के नर्सिंग स्टाफ से बात की गई तो उन्होंने पहचान उजागर न करने की शर्त पर बताया कि हमें ईसीजी में कोई स्पेशलिटी तो हासिल है नहीं, ट्रेनिंग दी गई है उस हिसाब से ईसीजी कर रहे हैं। इसमें डॉक्टर्स आए दिन खामी निकालते हैं, जबकि यहां पदस्थ ईसीजी टेक्निशियन को इमरजेंसी में पदस्थ कर दिया गया है। वह यहां सिर्फ कागजों में काम कर रहे हैं। </p>
<p><strong>करना पड़ रहा परेशानी का सामना</strong><br />जानकारी अनुसार जिला अस्पताल में पदस्थ शिवराज, दीपक व भावेश नाम के 3 ईसीजी टेक्निशियन को अदानी विंग में पदस्थ किया गया है। यह तीनों कागजों में अदानी विंग में ही अपनी ड्यूटी कर रहे हैं, लेकिन हकीकत यह है कि इन तीनों को इमरजेंसी में अटैच कर रखा है। इस कारण अदानी विंग में आने वाले मरीजों की ईसीजी रिपोर्ट में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<p><strong>इसलिए किया जाता है ईसीजी</strong><br />मरीज के हार्ट की इलैक्ट्रिक इम्पल्स (विद्युत आवेग) तेज गति से चल रही हैं या फिर सामान्य अथवा धीमी गति से यह जानने के ईसीजी टेस्ट किया जाता है। ईसीजी टेस्ट से यह भी पता चलता है कि हार्ट की इलेक्ट्रिक इम्प्ल्स अनियमित गति से चल रही हैं या सामान्य। हार्ट का साइज सामान्य या उससे ज्यादा, कम है इसका अंदाजा भी डॉक्टर को ईसीजी टेस्ट से लगता है। इसी रिर्पोट के आधार पर डॉक्टर मरीज का इलाज शुरू करता है।</p>
<p>कुछ दिन पहले हादसे में घायल हो गया था, तब मेरी मां की ईसीजी की गई थी। नर्स ने ईसीजी की थी, तब एक बार में ईसीजी सही नहीं हो पाई, तीसरी बार में जाकर ईसीजी रिपोर्ट सही आ सकी।<br /><strong>-बद्रीबाई , मरीज। </strong></p>
<p>मैं जिला अस्पताल के मातृ एवं शिशु वार्ड की विंग में पहुंची थी। जहां पर डॉक्टर द्वारा मुझे ईसीजी लिखी की गई थी जहां में अदानी विंग में ईसीजी कराने पहुंची लेकिन मेरी ईसीजी सही नहीं होने के चलते मुझे दो बार चक्कर लगाने पड़े। <br /><strong>- नीतू बाई, मरीज। </strong></p>
<p>ईसीजी टेक्निशियन को ओपीडी में लगाना चाहिए। जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों का ईसीजी से ही उपचार होता है और ईसीजी टेक्निशियन ईसीजी के बारे में बेहतर जानते हैं। उन्हें अन्य जगह नहीं लगाना चाहिए। <br /><strong>- डॉ. संपतराज नागर, सीएमएचओ। </strong><br /> <br />पदस्थ ईसीजी टेक्निशियन को नर्सिंग अधीक्षक ने इमरजेंसी अटैच कर दिया है। इमरजेंसी में ईसीजी टेक्निशियन नहीं होने के चलते उनको वहां लगाया गया है लेकिन जल्द ही हमारे द्वारा नर्स को ट्रेनिंग करवाई जाएगी ताकि वह ईसीजी सही रूप से कर सकें और पीछे लगे ईसीजी टेक्निशियन को आगे लगवाए जाएगा। जिला अस्पताल में 3 ईसीजी टेक्निशियन पदस्थ किए गए थे, लेकिन बाद में उन्हें नर्सिंग अधीक्षक के आदेश पर इमरजेंसी में अटैच किया गया। <br /><strong>- डॉ. सतीश अग्रवाल, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी,  जिला अस्पताल। </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 10 Apr 2023 14:43:07 +0530</pubDate>
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                <title>चोर गिरोह ने जिला चिकित्सालय को लिया निशाने पर</title>
                                    <description><![CDATA[सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर एक व्यक्ति मरीजों के परिजनों के मोबाइल चुराता दिखाई दे रहा है। कोतवाली पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज में चोरी की वारदात को अंजाम देने वाल सख्स की तलाश शुरू कर दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/dausa/dausa-thief-gang-targeted-the-district-hospital/article-16903"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/chor1.jpg" alt=""></a><br /><p> दौसा। चोरों ने इन दिनों श्री रामकरण जोशी राजकीय जिला चिकित्सालय में भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों को निशाना बना रखा है, चिकित्सालय में चोरी होना आमबात हो गई है। गुरुवार को चिकित्सालय परिसर में 9 मरीजों के परिजनों के मोबाइल चोरी हो गए। घटना के बाद चिकित्सालय प्रशासन में हडकम्प मच गया।  सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर एक व्यक्ति मरीजों के परिजनों के मोबाइल चुराता दिखाई दे रहा है। कोतवाली पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज में चोरी की वारदात को अंजाम देने वाल सख्स की तलाश शुरू कर दी है। उल्लेखनीय है कि श्री रामकरण जोशी राजकीय जिला चिकित्सालय में आए दिन मरीज व उनके परिजनों के मोबाईल चोरी होने की घटना होती रहती है। चिकित्सालय प्रशासन एवं परिसर में स्थित पुलिस चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने कभी इसे गंभीरता से नहीं लिया, जिसके चलते चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले गिरोह के हौसले बुलन्द हो गए। गुरुवार को 9 मरीजों के परिजनों के मोबाईल चोरी हो गये, जिसे लेकर चिकित्सालय प्रशासन में हडकम्प मच गया तथा चिकित्सालय प्रशासन एवं पुलिस चौकी में तैनात पुलिसकर्मियों ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो उसमें एक व्यक्ति मरीज के परिजन का मोबाइल चुराते साफ दिखाई दे रहा है। उधर चोरी की घटना के बाद मरीज एवं उनके परिजन भी सख्ते में आ गये हैं।</p>
<p><br /><strong> जेब तराशी की भी घटना</strong><br /> चिकित्सालय परिसर में जेब तराशी की घटना भी आम बात हो गई है। इन दिनो चिकित्सालय में भारी संख्या में मरीज एवं उनके परिजनों की भीड लगी रहती है। जेब तराशी की घटना को अंजाम देने वाले गिरोह के सदस्य भीड का फायदा उठाकर उक्त घटना को अंजाम देकर फरार हो जाते है। चिकित्सालय में अधिकांश ग्रामीण क्षेत्र के मरीज आते है, जो इस दोहरी मार को सहने में सक्षम नही है। बावजूद इसके चिकित्सालय प्रशासन ने कभी ठोस कदम नही उठाये।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>दौसा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/dausa/dausa-thief-gang-targeted-the-district-hospital/article-16903</link>
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                <pubDate>Sat, 30 Jul 2022 14:33:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जिला अस्पताल में मोटर खराब, पानी के लिए मचा हाहाकार</title>
                                    <description><![CDATA[जिला अस्पताल बारां में पानी की मोटर खराब हो गई और 52 घंटे तक पानी की सप्लाई न मिलने से हाहाकार मच गया। तीमारदार ही नहीं मरीज और स्टाफ भी परेशान हो गए। भीषण गर्मी में खरीदकर पानी लाना पड़ रहा है। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/motor-damaged-in-district-hospital--there-was-an-outcry-for-water/article-15165"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/jila-asptaal-mei-moter-kharab.jpg" alt=""></a><br /><p>बारां । जिला अस्पताल बारां में पानी की मोटर खराब हो गई और 52 घंटे तक पानी की सप्लाई न मिलने से हाहाकार मच गया। तीमारदार ही नहीं मरीज और स्टाफ भी परेशान हो गए। भीषण गर्मी में खरीदकर पानी लाना पड़ रहा है। शौच के लिए बाहर प्राइवेट शौचालयों पर जाना पड़ा है। अस्पताल प्रशासन ने देर रात तक मोटर मरम्मत के बाद पानी सप्लाई शुरू करने कही बात कही। शुक्रवार दोपहर 12 बजे से ही जिला अस्पताल का नलकूप खराब हो गया। आॅपरेटर ने नलकूप को चलाकर बंद किया। पूर्वाह्न 11 बजे तक पानी भरा हुआ था, जिसे मरीज व तीमारदार से लेकर स्टाफ खर्च करता रहा। मगर इसके बाद जब टंकी खाली हुई और आॅपरेटर नलकूप चलाने गया तो नलकूप नहीं चला और फिर दिखवाया तो पता चला कि नलकूप खराब हो गया। इसके बाद आॅपरेटर ने प्रमुख चिकित्सा अधिकारी को जानकारी दी। इसके बाद से जिला अस्पताल में पानी की किल्लत शुरू हो गई। भीषण गर्मी के बीच 52 घंटे में पानी न मिलने पर मरीज, तीमारदार और स्टाफ परेशान हो उठा। मरीजों ने शिकायत की। सप्लाई बंद होने के बाद शहीद राजमाल मीणा पार्क के पास वाटर कूलर पर पानी भरने को भीड़ रही। पानी ठीक नहीं लगा तो मरीजों व तीमारदारों ने बाहर होटल से पानी खरीदकर इस्तेमाल किया है। पानी नहीं आने से अस्पताल के लेट बाथरूम गंदगी का आलम रहा। जहां अस्पताल में भर्ती मरीजों ने सुलभ शौचालय का सहारा लिया। <br /><br /><strong>अस्पताल में इलाज तो मुफ्त लेकिन पानी नहीं</strong><br />भीषण गर्मी में लोग लंबी यात्रा करके यहां पहुंचते हैं। ऐसे में प्यास लगना लाजमी होता है, लेकिन, लोगों को पीने का पानी यहां नसीब नहीं होता है। ओपीडी वॉर्ड के बाहर लगा वाटर कूलर सूखा पड़ा है। पानी की आस में यहां पहुंचने वाले लोगों को यहां निराशा ही हाथ लगती है। यहां पर आई एक बुजुर्ग महिला ने बताया कि प्यास से मुंह सूख रहा है पर यहां पानी नहीं है। एक अन्य महिला ने बताया कि वह हर सप्ताह अपने बच्चे को यहां चेक अप के लिए लेकर आती हैं, लेकिन यहां पर पीने वाला पानी नहीं मिलता है। एक बुजुर्ग व्यक्ति ने बताया कि जिला अस्पताल में इलाज तो मुफ्त में मिल जाता है, लेकिन पानी के लिए पैसे खर्च करने पड़ते हैं। वॉटर कूलर के पास ही मेडिकल वेस्ट पड़ा दिखाई दिया। इससे बीमारियां फैलना स्वाभाविक है।<br /><br />मरीजों के लिए पानी मिले। इसके लिए सरकार के द्वारा वाटर कूलर लगाए गए हैं लेकिन सिर्फ एक या दो वाटर कूलर कार्यरत है, बाकी सब नकारा साबित हो रहे हैं। जिसके चलते मरीजों को पानी लेने के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल के बाथरूम में भी पानी की व्यवस्था नहीं है जिसके चलते मरीजों को लघु शंका करने के लिए खुले में पानी की बोतल लेकर बाहर जाना पड़ रहा है। अस्पताल में मरीजों को मुफ्त में इलाज तो मिल रहा है लेकिन पानी नहीं मिल रहा है। <br /><strong>- ब्रजेश सेन, मरीज। </strong> <br /><br />पानी की मोटर खराब होने की वजह से यह समस्या बनी हुई थी। जहां पानी की मोटर को सही करवा दिया गया है। सुचारू रूप से पानी की सप्लाई चालू हो गई है। <br /><strong>-डॉ. सतीश अग्रवाल, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/motor-damaged-in-district-hospital--there-was-an-outcry-for-water/article-15165</link>
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                <pubDate>Mon, 18 Jul 2022 17:47:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जिला अस्पताल के मातृ एवं शिशु वार्ड की विंग से डॉक्टर नदारद </title>
                                    <description><![CDATA[बारां जिला अस्पताल की मातृ एवं शिशु वार्ड की विंग में रविवार को एक बार फि र अव्यवस्थाओं का आलम देखने को मिला। अस्पताल समय पर सुबह 9 बजे मरीज आना शुरू हो गई, लेकिन ओपीडी समय में डॉक्टर व स्टाफ  नदारद रहा।  किसी स्टाफ  के नहीं होने से उपचार नहीं हो सका। इससे मरीजों का गुस्सा फू ट पड़ा और अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/doctor-absent-from-wing-of-maternal-and-child-ward-of-district-hospital/article-14070"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/jila-hospital-ke-doctor-nadarad..baran.jpg" alt=""></a><br /><p>बारां। बारां जिला अस्पताल की मातृ एवं शिशु वार्ड की विंग में रविवार को एक बार फि र अव्यवस्थाओं का आलम देखने को मिला। अस्पताल समय पर सुबह 9 बजे मरीज आना शुरू हो गई, लेकिन ओपीडी समय में डॉक्टर व स्टाफ  नदारद रहा। मरीज करीब 30 मिनट तक इंतजार करते रहे, लेकिन किसी स्टाफ के नहीं होने से उपचार नहीं हो सका। इससे मरीजों का गुस्सा फू ट पड़ा और अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। जब मरीजों को डॉक्टरों का घर से ड्यूटी नहीं आने होने की बात पता चली तो मरीजों ने मीडिया को इस बात की जानकारी दी। मामला बढ़ता देख दो डॉक्टरों ने आकर व्यवस्थाएं सुचारू करवाई। <br /><br /><strong>तय समय पर भी नहीं बैठते चिकित्सक</strong><br />जिला अस्पताल की अव्यवस्थाएं दूर होती नजर नहीं आ रही हैं। अस्पताल की व्यवस्थाएं डॉक्टरों की मनमानी की भेंट चढ़ रही है। रविवार को डॉक्टर ओपीडी समय के 30 मिनट बाद तक कक्ष में नहीं पहुंचे जबकि वर्तमान में मौसमी बीमारियों के चलते बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। रविवार को अस्पताल परिसर में सैकड़ों मरीज नजर आ रहे थे। मातृ एवं शिशु वार्ड की विंग में गर्भवती महिलाएं दर्द से तड़प रही थी और डॉक्टर का इंतजार कर रही थी तो कोई बच्चो को लेकर आए थे, लेकिन यहां 9.30 बजे तक कोई डॉक्टर नजर नहीं आया। कई मरीज डॉक्टरों के कमरों के बाहर उपचार लेने के लिए इंतजार कर रहे थे।<br /><br /><strong>बाहर की लिख रहे दवाइयां</strong><br />जिला अस्पताल के नि:शुल्क दवा वितरण केंद्र में करीब 600 तरह की दवाओं की उपलब्धता होने के बावजूद डॉक्टर बाहर की दवाइयां लिख रहे हैं। जिससे मरीजों पर अतिरिक्त भार बढ़ रहा है। अस्पताल के डॉक्टर निजी प्रैक्टिस पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। अस्पताल के एक डॉक्टर पास ही अपने हॉस्पिटल में निजी प्रैक्टिस कर रहे हैं। वहीं ज्यादातर मरीजों को ओपीडी समय पर बाहर की दवाइयां लिखी जा रही है। जिससे मरीज परेशान हो रहे हैं।<br /><br />मैं अपनी बहिन सीमा को लेकर जिला अस्पताल पहुंचा।  मेरी बहिन गर्भवती थी और दर्द से तड़प रही थी, लेकिन वहां डॉक्टर कोई भी मौजूद नहीं था। करीब आधे घंटे बाद डॉक्टर अस्पताल पहुंचे। उसके बाद मेरी बहन को जिला अस्पताल में भर्ती किया। <br /><strong>- जुबेर, श्रमिक कॉलोनी निवासी</strong> <br /><br />जिला अस्पताल में पेट दर्द उल्टी दस्त का इलाज कराने के लिए आया था, लेकिन जिला अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा जो दवाइयां लिखी गई। उनमें से सिर्फ दो ही दवाइयां मिली बाकी की तीन दवाइयां बाहर के निजी मेडिकल पर से लेनी पड़ी। जहां मुझे उस दवाइयों का  240 रूपए देने पड़े। <br /><strong>- रामनिवास, निवासी गुलखेड़ी</strong><br /><br />अस्पताल में हमारे पास पर्याप्त मात्रा में दवाइयां उपलब्ध हैं। मैंने चिकित्सकों को बाहर की दवाइयां लिखने से मना किया है। जिला अस्पताल में जो दवाइयां उपलब्ध है। वहीं दवाइयां डॉक्टर लिखे। यह मैंने सभी डॉक्टरों को बता रखा है। जो डॉक्टर समय पर ड्यूटी नहीं आ रहे हैं। उन सभी को एक बार समझा दिया। अगर अगली बार से वह इस प्रकार की लापरवाही करते हैं। समय पर ड्यूटी कक्ष में नहीं पहुंचते हैं तो उनके खिलाफ  उचित कार्रवाई की जाएगी। <br /><strong>-डॉ. सतीश अग्रवाल, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/doctor-absent-from-wing-of-maternal-and-child-ward-of-district-hospital/article-14070</link>
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                <pubDate>Mon, 11 Jul 2022 16:46:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दुर्लभ ग्रुप का रक्तदान करके महिला की जान बचाने वाला कांस्टेबल सम्मानित</title>
                                    <description><![CDATA[ चूरू। अपनी ड्यूटी के दौरान अनजान महिला के लिए दुर्लभ गु्रप का रक्तदान करने वाले चूरू तहसील के गांव ढाढरिया चारणान निवासी पुलिस के जवान किशनलाल को सिरोही एसपी ने सम्मानित कर हौसला अफजाई की है। किशनलाल के सम्मानित होने पर ग्रामीणों ने खुशी जताते हुए बधाईयां दी है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/churu/constable-honored-for-saving-woman-s-life-by-donating-blood-of-rare-group/article-12424"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/qqqq1.jpg" alt=""></a><br /><p> चूरू। अपनी ड्यूटी के दौरान अनजान महिला के लिए दुर्लभ गु्रप का रक्तदान करने वाले चूरू तहसील के गांव ढाढरिया चारणान निवासी पुलिस के जवान किशनलाल को सिरोही एसपी ने सम्मानित कर हौसला अफजाई की है। किशनलाल के सम्मानित होने पर ग्रामीणों ने खुशी जताते हुए बधाईयां दी है। वहीं सिपाही किशनलाल ने बताया कि जिला अस्पताल सिरोही के पास ड्यूटी के दौरान एक अपरिचित व्यक्ति ने अपने परिवार की एक महिला को आॅपरेशन के बाद ब्लड गु्रप 0 नेगेटिव के खून की आवश्यकता बताते हुए ब्लड के लिए अपील की जिस पर महिला की जान को बचाने के लिए ड्यूटी के दौरान ही किशनलाल ने जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में ब्लड डोनेट किया। बाद में महिला का इलाज होने पर जिला अस्पताल सिरोही से छुट्टी भी मिल गई। इस बारे में जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह यादव को जानकारी मिली तो उन्होंने सिपाही किशनलाल को अपने कार्यालय में बुलाकर प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया और कहां कि पूरे पुलिस परिवार को आप पर गर्व है की आपने अपनी ड्यूटी के दौरान खाखी के कर्तव्य को निभाते हुए एक अनजान महिला की जान बचाई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>चूरू</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/churu/constable-honored-for-saving-woman-s-life-by-donating-blood-of-rare-group/article-12424</link>
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                <pubDate>Fri, 17 Jun 2022 13:01:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> जिला अस्पताल में अव्यवस्थाओं का आलम</title>
                                    <description><![CDATA[ बारां जिला अस्पताल को खुद ही इलाज की जरूरत है। भीषण गर्मी के दौरान शहर में बढ़ी बीमारियों के बीच अस्पतालों में मरीजों के इलाज की उचित व्यवस्था तक नहीं है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/the-disorder-prevailing-in-the-district-hospital/article-7893"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/7.jpg" alt=""></a><br /><p>बारां। जिला अस्पताल मरीजों के उपचार के लिए होते हैं, लेकिन बारां जिला अस्पताल को खुद ही इलाज की जरूरत है। भीषण गर्मी के दौरान शहर में बढ़ी बीमारियों के बीच अस्पतालों में मरीजों के इलाज की उचित व्यवस्था तक नहीं है। इलाज की पर्याप्त व्यवस्था न होने के चलते मरीजों को फर्श पर लेटकर ही उपचार कराने को मजबूर होना पड़ रहा है। मरीजों का इलाज इस ढंग से होने के चलते उन्हें दूसरे मरीजों से इन्फैक्शन फैलने का भी डर सता रहा है। अस्पतालों में मिलनी वाली सुविधाओं की खस्ताहाल स्थिति के चलते भी मरीजों और परिजनों को परेशानियों की दोहरी मार झेलनी पड़ रही है।<br /><br /><strong>बीमारी फैलने का रहता है डर</strong><br />विशेषज्ञों की माने तो फर्श पर काफी कीटाणु होते हैं। जिनके संपर्क में आने से दूसरी बीमरियां भी हो सकती है। फर्श पर सोने से किसी भी तरह की दिक्कत नहीं है, मगर फर्श की सफाई बहुत जरूरी है। बात जब अस्पतालों की हो, तो वहां तो और भी साफ-सफाई जरूरी होती है।<br /><br /><strong>पानी के लिए भटकते है तीमारदार</strong><br />जिला अस्पताल में भर्ती मरीज या फिर मरीज के तीमारदारों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। करोड़ों की लागत से बने जिला अस्पताल में मरीजों, मरीजों के परिजनों के लिए वार्ड या पहली और दूसरी मंजिल में पेयजल सुविधा नहीं है। इसी तरह गर्मी से निजात पाने के लिए लगाए गए अधिकांश सीलिंग फेन बंद होने से मरीज अपने घर से इलेक्ट्रिक पंखा लाकर गर्मी से निजात पाने की कोशिश करते देखे जा रहे हैं।<br /> <br /><strong>वाटर कूलर में नहीं ठंडा पानी</strong><br />अस्पताल परिसर में वाटर कूलर लगाए गए हैं, लेकिन इनसे ठंडा की जगह गर्म पानी ही निकल रहा है। अस्पताल परिसर के मेन गेट के बाजू व मातृ एवं शिशु वार्ड की विंग के पास स्थित वाटर कूलर के पास भारी गंदगी फैल रही है। वाटर कूलर ओके पास सूअर घूमते हुए नजर आ रहे हैं, कहीं जगह पर वाटर कूलर लगे हैं जहां टूटियां तक खराब हो रही है वहीं परिसर में ही लगे कुछ वाटर कूलर खराब पड़े हैं। मरीज मानसिंह का कहना था कि बीमारी के चलते एक कदम भी चला नहीं जाता लेकिन प्यास लगती है तो पानी के लिए दूसरी मंजिल से कई सीढिय़ों से उतरकर पानी लाना पड़ता है।<br /><br /><strong>शिशु वार्ड में बच्चों के साथ परिजन परेशान</strong><br />भर्ती बच्चों के परिजनों ने बताया कि कई सीलिंग पंखे बंद है, जिससे गर्मी में काफी परेशानी हो रही है, वहीं कुछ लोगों ने यहां अपने घर से इलेक्ट्रानिक पंखे लाकर अपने बच्चों को गर्मी से राहत दिलाने की कोशिश करते देखे जा रहे हैं। इस तरह करोड़ों की लागत से बने जिला अस्पताल में मरीजों को इस भीषण गर्मी में अपने मर्ज के साथ तेज गर्मी को भी सहन करना पड़ रहा है। <br /><br /><strong>सामान्य मरीजों के साथ हो रहा झुलसे मरीजों का इलाज</strong><br />किसी अग्नि दुर्घटनाओं में जले मरीजों के लिए अलग से बर्निंग वार्ड होता है लेकिन जिला अस्पताल में अलग से बर्निग वार्ड नहीं बनाया गया है। किसी अग्नि दुर्घटनाओं में जले मरीजों को अन्य बीमारियों से पीड़ित मरीजों के साथ भर्ती करके इलाज किया जा रहा है। इससे जहां अन्य मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है तो वहीं आग से जले मरीजों की पीड़ा को धीरे-धीरे चक्कर लगा रहे पंखा और भी अधिक बढ़ा रहे हैं। बर्निंग यूनिट में विशेष एसी, कूलर आदि की व्यवस्थाएं होती हैं जिससे आग या बिजली आदि से जुलझे मरीजों को कुछ राहत मिल सके। जिला अस्पताल के हाल कुछ और ही हैं। <br /><br />इलाज के लिए अस्पताल आने वाले मरीजों की क्या स्थिति होती है, इसका अंदाजा जिला अस्पताल को देखकर लगाया जा सकता है। यहां मरीजों को बेड न मिलने के कारण जमीन पर ही सुला दिया गया है। जिले के सबसे बड़े राजकीय जिला अस्पताल के महिला सर्जिकल के वॉर्ड में 2-3 मरीजों को फर्श पर ही उपचार दिया जा रहा है। इस बारे में हॉस्पिटल से बात की गई, तो अस्पताल प्रशासन का कहना था कि बेड से अधिक मरीजों की संख्या है। अस्पताल आने वाले मरीजों को उपचार उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। ऐसे में कई बार उन्हें स्थान के अभाव में जमीन पर ही उपचार देना पड़ता है। अस्पताल से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि हमारे यहां कुल मिलाकर 300 बेड्स हैं, जबकि अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या उससे कहीं अधिक है।<br /><br />मौसमी बीमारियों के चलते मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इसको लेकर व्यवस्था की गई है। जहां कुछ वार्ड खाली है उनमें मरीजो को शिफ्ट किया जाएगा वही कूलर पंखे बंद पड़े हैं उनके लिए ठेका दे दिया गया है। वहीं कई समाजसेवी संस्थाओं द्वारा 40 पंखे भेंट किए हैं। जिनको 1 से 2 दिन में लगवा दिया जाएगा।     -डॉ. राजेन्द्र मीणा, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी, जिला अस्पताल बारां।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 Apr 2022 14:34:26 +0530</pubDate>
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