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                <title>south korea - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>south korea RSS Feed</description>
                
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                <title>दक्षिण कोरिया का ट्रंप को बड़ा झटका: अमेरिका के 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' में शामिल हो या नहीं, प्रस्ताव की समीक्षा की जा रही </title>
                                    <description><![CDATA[दक्षिण कोरिया होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षा के लिए अमेरिका के 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' में शामिल होने पर विचार कर रहा है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की मुक्त आवाजाही साझा वैश्विक हित में है। ऊर्जा आपूर्ति के लिए खाड़ी पर निर्भर सियोल, ईरान के बढ़ते नियंत्रण के बीच आपूर्ति श्रृंखला और आर्थिक स्थिरता को प्राथमिकता दे रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/south-koreas-big-blow-to-trump-the-proposal-to-join/article-152838"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/south-korea.png" alt=""></a><br /><p>सोल। दक्षिण कोरिया ने कहा है कि वह अमेरिका के नेतृत्व वाले 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' में शामिल होने के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है, जिसका उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी प्रतिबंध के बीच सहयोगी देशों के वाणिज्यिक जहाजों को सुरक्षित मार्ग प्रदान करना है। दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा, "अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों में सुरक्षा और मुक्त आवाजाही सभी देशों के साझा हित में है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार संरक्षित किया जाना चाहिए।"</p>
<p>मंत्रालय ने कहा कि इसी सिद्धांत के आधार पर अमेरिका के प्रस्ताव की समीक्षा की जा रही है, जिसमें कोरियाई प्रायद्वीप की सैन्य तैयारी और घरेलू कानूनों को भी ध्यान में रखा जा रहा है। बयान में यह भी कहा गया कि होर्मुज जलडमरूमध्य सहित प्रमुख समुद्री मार्गों के सुरक्षित उपयोग को लेकर दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच करीबी समन्वय बना हुआ है। ईरान द्वारा इस महत्वपूर्ण जलमार्ग पर नियंत्रण कड़ा करने के बाद दक्षिण कोरिया सहित कई एशियाई देशों की समुद्री आपूर्ति प्रभावित हुई है, क्योंकि सियोल अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए खाड़ी क्षेत्र से आने वाले आयात पर काफी निर्भर है।</p>
<p>संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान के संघर्ष के आर्थिक प्रभाव से एशिया-प्रशांत क्षेत्र को सैकड़ों अरब डॉलर का नुकसान हो सकता है, वैश्विक ईंधन संकट गहरा सकता है और लाखों लोग गरीबी की चपेट में आ सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक विनिर्माण का आधे से अधिक हिस्सा एशिया में होने के कारण इस क्षेत्र में किसी भी आर्थिक झटके का व्यापक असर पूरी दुनिया की आपूर्ति शृंखला पर पड़ेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 May 2026 14:03:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>भारत-दक्षिण कोरिया संबंधों में नई उम्मीद : भारत परस्पर सम्बन्धों को 'भविष्योन्मुखी साझेदारी' में बदलने पर सहमत, हिंद-प्रशांत क्षेत्र को लेकर भी दोनों देशों का दृष्टिकोण समान</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने द्विपक्षीय संबंधों को 'भविष्योन्मुखी साझेदारी' में बदलने का संकल्प लिया। डिजिटल सेतु की घोषणा के साथ, दोनों देशों ने 2030 तक व्यापार को $50 अरब तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा है। यह सहयोग सेमीकंडक्टर, एआई और जहाज निर्माण जैसे क्षेत्रों में हिंद-प्रशांत क्षेत्र की स्थिरता को मजबूत करेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/new-hope-in-india-south-korea-relations-india-agrees-to-transform/article-151121"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/pm-modi4.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने सोमवार को यहां द्विपक्षीय मुद्दों पर व्यापक वार्ता कर दोनों देशों के संबंधों को 'भविष्योन्मुखी साझेदारी' में बदलने का संकल्प लिया और कहा कि भारत तथा दक्षिण कोरिया के बीच ये संबंध प्रौद्योगिकी, व्यापार और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझा रणनीतिक हितों पर आधारित होंगे। बैठक के बाद संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि आठ वर्ष बाद दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति की यह भारत यात्रा, अत्यंत महत्वपूर्ण है और दोनों देशों के बीच के गहरे तालमेल को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्य, बाजार अर्थव्यवस्था और कानून के शासन के प्रति सम्मान दोनों देशों की मूल पहचान का हिस्सा है और हिंद-प्रशांत क्षेत्र को लेकर भी दोनों देशों का दृष्टिकोण समान है। भविष्य की रूपरेखा को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि दोनों देश 'विश्वसनीय साझेदारी' को 'भविष्योन्मुखी साझेदारी' में बदलने को तैयार हैं। इन सबके आधार पर, पिछले एक दशक में हमारे संबंध अधिक गतिशील और व्यापक हुए हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा, “ चिप्स से जहाज निर्माण, प्रतिभा से प्रौद्योगिकी और मनोरंजन से ऊर्जा तक हम सभी क्षेत्रों में सहयोग के नये अवसरों को साकार करेंगे। आज हम अगले दशक की सफलता की कहानियों की नींव रख रहे हैं।” बैठक की प्रमुख उपलब्धियों का विवरण देते हुए उन्होंने कहा कि इसमें 'भारत-कोरिया डिजिटल सेतु' की घोषणा महत्वपूर्ण है, जिसका उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमी कंडक्टर और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करना है। दोनों देशों ने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते को उन्नत कर 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया, जो पिछले वर्ष 25.7 अरब डॉलर था।</p>
<p>आधिकारिक सूचना के अनुसार यह बैठक श्री मोदी और श्री ली के बीच तीसरी आमने-सामने की मुलाकात थी, जो द्विपक्षीय संबंधों में तेजी को दर्शाती है। इस दौरान जहाज निर्माण, उभरती प्रौद्योगिकियों और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे क्षेत्रों में कई समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किये गये। वैश्विक चुनौतियों के संदर्भ में श्री मोदी ने कहा कि यह साझेदारी व्यापक महत्व रखती है और दोनों देश मिलकर शांति और स्थिरता का संदेश देते हैं। उन्होंने दक्षिण कोरिया के अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन और हिंद-प्रशांत महासागर पहल में शामिल होने के निर्णय का स्वागत किया।</p>
<p>इससे पहले 19 से 21 अप्रैल तक की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर भारत पहुंचे राष्ट्रपति ली का राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और पीएम मोदी ने औपचारिक स्वागत किया। उन्होंने राजघाट जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि भी अर्पित की। यह यात्रा भारत और दक्षिण कोरिया के बीच बहुआयामी साझेदारी को और गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जो साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, आर्थिक पूरकता और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ते रणनीतिक सहयोग पर आधारित है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 18:40:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सोल रंगा बैंगनी रंग में: चार साल बाद बीटीएस बैंड की धमाकेदार वापसी, वैश्विक संगीत परिदृश्य को एक नया मोड़ देने की कोशिश </title>
                                    <description><![CDATA[चार साल के इंतजार के बाद BTS के सातों सितारे सियोल के ग्वांगहामुन चौराहे पर एक साथ लौट आए हैं। नए एल्बम 'अरिरंग' के साथ यह भव्य कॉन्सर्ट 2.6 लाख 'आर्मी' प्रशंसकों का गवाह बन रहा है। शाही महल के बैकड्रॉप और जादुई रोशनी के बीच, यह के-पॉप इतिहास का सबसे भावनात्मक और शक्तिशाली संगीत समारोह बन गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/soul-is-colored-purple-btss-comeback-after-four-years-is/article-147344"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/bts-band.png" alt=""></a><br /><p>सोल। दक्षिण कोरिया की राजधानी सोल आज किसी शहर जैसी नहीं, बल्कि संगीत के एक विशाल समंदर जैसी नजर आ रही है और यह मौका है जब दुनिया के सबसे लोकप्रिय बैंड बीटीएस के सातों सितारे करीब चार साल के लंबे इंतजार के बाद एक साथ शनिवार शाम को मंच पर कदम रख रहे हैं।</p>
<p>सोल का ऐतिहासिक ग्वांगहामुन चौराहा उस 'बैंगनी' क्रांति (पर्पल रिवोल्यूशन) का गवाह बन रहा है, जिसने पूरी दुनिया को अपनी धुन पर नचाया है। आज सुबह से ही सोल की सड़कें 'आर्मी' (बीटीएस के प्रशंसक) से पटी पड़ी हैं। अनुमान है कि आज रात होने वाले इस भव्य कॉन्सर्ट में 2,60,000 से अधिक प्रशंसक जुटने वाले हैं। सातों सदस्य—आरएम, जिन, सुगा, जे-होप, जिमिन, वी और जुंगकुक, अक्टूबर 2022 के बाद पहली बार एक साथ लाइव परफॉर्म करेंगे। यह केवल एक संगीत कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक भावनात्मक जुड़ाव है, जिसे महसूस करने और बीटीएस के बेहद मशहूर बैंगनी रंग में खुद को सरोबार करने के लिए दुनिया के कोने-कोने से लोग सियोल पहुंचे हैं।<br />कॉन्सर्ट की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसका बैकड्रॉप 14वीं शताब्दी का शाही महल का दरवाजा है। एक तरफ सदियों पुराना इतिहास और दूसरी तरफ आधुनिक के-पॉप की जादुई दुनिया यह नजारा किसी फिल्म जैसा प्रतीत हो रहा है। स्टेज की लाइटिंग और तकनीक ऐसी है मानो आसमान से तारे जमीन पर उतर आए हों।</p>
<p>बीते शुक्रवार की दोपहर को ही बैंड का बहुप्रतीक्षित नया एल्बम 'अरिरंग' रिलीज हुआ है। दिलचस्प बात यह है कि इस एल्बम का नाम कोरिया के पारंपरिक लोक गीत पर आधारित है। आज रात के एक घंटे के सेट में बैंड इसी नए एल्बम के गीतों के साथ-साथ अपने पुराने चार्टबस्टर गानों पर भी परफॉर्म करेगा। संगीत विशेषज्ञों का मानना है कि 'अरिरंग' के माध्यम से बीटीएस ने अपनी जड़ों की ओर लौटने और वैश्विक संगीत परिदृश्य को एक नया मोड़ देने की कोशिश की है।</p>
<p>इतनी भारी भीड़ को संभालना सोल प्रशासन के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा कर्मी तैनात हैं और सार्वजनिक परिवहन के विशेष इंतजाम किए गए हैं। शहर के होटल और कैफे 'पर्पल' थीम में रंगे हुए हैं। यहां तक कि कई प्रशंसक तो कॉन्सर्ट शुरू होने से 24 घंटे पहले ही अपनी जगह सुरक्षित करने के लिए स्क्वायर के पास जमा हो गए थे।</p>
<p>बीटीएस का यह 'कमबैक' संगीत जगत के लिए एक बड़ी घटना है। सैन्य सेवा और व्यक्तिगत प्रोजेक्ट्स के कारण लंबे समय तक एक-दूसरे से दूर रहे इन कलाकारों ने साबित कर दिया है कि उनकी एकजुटता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। इस इवेंट से दक्षिण कोरिया के पर्यटन और अर्थव्यवस्था को भी जबरदस्त बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। आज सोल की हवाओं में केवल एक ही शोर है—'बोरहाए' यानी आई पर्पल यू (मैं तुम्हें बैंगनी रंग में रंग दूं) । ग्वांगहामुन चौराहे की लाइटें जब जलेंगी और जब सातों सितारे एक साथ 'अरिरंग' की धुन छेड़ेंगे, तो वह पल इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 Mar 2026 17:37:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>दक्षिण कोरियाई विदेश मंत्री का बड़ा बयान, हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की अपील की, ईरान हमलों की निंदा </title>
                                    <description><![CDATA[दक्षिण कोरिया ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय गठबंधन का साथ देने का निर्णय लिया है। ईंधन की बढ़ती कीमतों और ऊर्जा आपूर्ति पर खतरे को देखते हुए सियोल ने ईरान के हमलों की निंदा की। ट्रंप के दबाव के बीच, दक्षिण कोरिया अब परमाणु ऊर्जा और वैकल्पिक मार्गों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/south-korean-foreign-ministers-big-statement-appeals-to-reopen-the/article-147339"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/south-korea.png" alt=""></a><br /><p>सियोल। दक्षिण कोरिया ने शनिवार को हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में शामिल होने की इच्छा जताई है। यह जानकारी दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय ने दी। सियोल ने यूनाइटेड किंगडम और जापान सहित सात देशों के साथ मिलकर एक संयुक्त बयान जारी किया, जिसमें खाड़ी क्षेत्र में ईरान के हमलों की निंदा की गई है। इन हमलों के कारण हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही बाधित हुई है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि दक्षिण कोरिया अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग में तेल आपूर्ति को सामान्य करने के प्रयास करेगा।</p>
<p>मंत्रालय के अनुसार, इस जलडमरूमध्य में बाधा का सीधा असर दक्षिण कोरिया की ऊर्जा आपूर्ति और अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। इसके चलते सरकार ने ईंधन की कीमतों को नियंत्रित करने के साथ-साथ कोयला और परमाणु ऊर्जा की ओर रुख किया है। मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, "संयुक्त बयान में भागीदारी यह दर्शाती है कि हम हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में सुरक्षित और स्वतंत्र आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"</p>
<p>यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड्स और जापान ने संयुक्त बयान जारी कर खाड़ी में वाणिज्यिक जहाजों पर ईरान के हमलों और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य के प्रभावी रूप से बंद होने की निंदा की है।इन देशों ने यह भी कहा कि वे "सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए उचित प्रयासों" में योगदान देने के लिए तैयार हैं। बहरीन और कनाडा ने भी इस समूह में शामिल होने की इच्छा जताई है। इस बीच, डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिण कोरिया सहित कई देशों से जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के प्रयासों में भाग लेने का आग्रह किया है। हालांकि फ्रांस जैसे कुछ देशों ने संकेत दिया है कि वे तनाव कम होने के बाद ही हस्तक्षेप करेंगे।</p>
<p>दक्षिण कोरिया ने फिलहाल इस क्षेत्र में अपने जहाज भेजने को लेकर कोई ठोस प्रतिबद्धता नहीं जताई है। वहीं श्री ट्रंप ने सहयोग न करने पर नाटो सहयोगियों की आलोचना करते हुए उन्हें "कायर" तक कह दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 Mar 2026 17:01:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>अमेरिका ने दक्षिण कोरिया को दिया धोखा, ट्रंप ने छीना थॉड एयर डिफेंस सिस्टम, किम जोंग के लिए बड़ा मौका?</title>
                                    <description><![CDATA[ईरानी मिसाइलों से निपटने के लिए ट्रंप प्रशासन ने दक्षिण कोरिया से 'थाड' (THAAD) सिस्टम हटाकर मिडिल ईस्ट में तैनात करना शुरू कर दिया है। इस फैसले से सियोल में सुरक्षा को लेकर खलबली मच गई है। उत्तर कोरिया के खतरे के बीच दक्षिण कोरिया अब अपनी रक्षा रणनीति और अमेरिकी भरोसे पर पुनर्विचार करने को मजबूर है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/america-betrayed-south-korea-trump-snatched-thod-air-defense-system/article-146181"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)-(6)1.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। ईरानी मिसाइलों से बचने के लिए अमेरिका ने दक्षिण कोरिया से थाड एयर डिफेंस सिस्टम को धीरे धीरे बाहर निकालना शुरू कर दिया है। इनकी तैनाती मिडिल ईस्ट में की जा रही है। सिर्फ थाड एयर डिफेंस सिस्टम ही नहीं बल्कि अमेरिका ने दक्षिण कोरिया से कई और मिलिट्री हार्डवेयर भी ले जाना शुरू कर दिया है। अमेरिकी मीडिया ने मामले से परिचित दो अधिकारियों के हवाले से बताया है कि पेंटागन थाड सिस्टम के कुछ हिस्सों को मिडिल ईस्ट ले जा रहा है।</p>
<p>अमेरिका के इस फैसले से दक्षिण कोरिया में खलबली मच गई है। ब्रिटिश अखबार द गार्जियन ने बताया है कि दक्षिण कोरिया को डोनाल्ड ट्रंप के इरादों पर गहरा शक पैदा हो गया है। उसने चेतावनी दी है कि परमाणु हथियारों वाला उत्तर कोरिया इस मौके का फायदा उठा सकता है। वहीं दक्षिण कोरिया में राजनीतिक बहस शुरू हो गई है कि आखिर उसने उत्तर कोरिया के इतने गंभीर खतरे के सामने अमेरिका के ऊपर भरोसा ही क्यों किया था? जबकि ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलें मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इजरायल में तबाही मचा रही हैं।</p>
<p>हालांकि, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने लोगों को भरोसा दिलाने की कोशिश कर रहे हैं कि बगैर अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम के भी दक्षिण कोरिया, उत्तर कोरिया की तरफ से आने वाले खतरों को रोकने की क्षमता रखता है। राष्ट्रपति ली ने कैबिनेट की बैठक के दौरान कहा कि अगर पूछा जाए कि क्या इससे उत्तर कोरिया के खिलाफ हमारी रोकथाम की रणनीति में कोई बड़ी रुकावट आएगी तो मैं पक्के तौर पर कह सकता हूं कि ऐसा नहीं होगा। उन्होंने आगे कहा कि दक्षिण कोरिया दुनिया में सबसे ज्यादा डिफेंस बजट पर खर्च करने वाले देशों की लिस्ट में आता है और देश का रक्षा बजट उत्तर कोरिया के जीडीपी का 1.4 गुना ज्यादा है। दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून ने शुक्रवार को कहा कि यूएस और साउथ कोरिया की सेनाएं मिडिल ईस्ट में कुछ अमेरिकी पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम को फिर से तैनात करने पर भी चर्चा कर रही हैं। </p>
<p>वहीं दक्षिण कोरिया के कई अखबारों ने दावा किया है कि कुछ मिसाइल बैटरी को सऊदी अरब और यूनाइटेड अरब अमीरात में अमेरिकी बेस पर तैनात किए जाने की संभावना है।</p>
<p>दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति या विदेश मंत्री कुछ भी दावा करें लेकिन हकीकत यही है कि उत्तर कोरिया की घातक मिसाइलें देश पर भारी पड़ सकती हैं। अमेरिकी डिफेंस सिस्टम के दक्षिण कोरिया से बाहर निकलने के बाद देश की सुरक्षा कमजोर हो गई है। उत्तर कोरिया ने भी ईरान की तरह की हथियारों के निर्माण में ही भारी भरकम खर्च किए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Mar 2026 11:39:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यून सुक-योल की पत्नी यून को 20 महीने जेल की सजा, रिश्वतखोरी का है आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति की पत्नी किम कोन-ही को रिश्वत मामले में 20 महीने जेल की सजा सुनाई गई। अदालत ने प्रभाव के दुरुपयोग को दोषी माना।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/yoon-wife-of-former-south-korean-president-yoon-suk-yeol-sentenced/article-141058"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(3)5.png" alt=""></a><br /><p>सोल। दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यून सुक-योल की पत्नी किम कोन-ही को रिश्वत लेने के आरोप में 20 महीने जेल की सजा सुनायी गयी है। सोल की केंद्रीय जिला अदालत ने बुधवार को 1.28 करोड़ वॉन (लगभग 9,010 अमेरिकी डॉलर) की जब्ती के साथ जेल की सजा सुनायी। अदालत ने कहा कि किम ने प्रथम महिला के तौर पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल निजी फायदे के लिए किया। अदालत ने हालांकि उन्हें 'कैपिटल मार्केट्स एक्ट' और 'पॉलिटिकल फंड्स एक्ट' के उल्लंघन के आरोपों से बरी कर दिया। </p>
<p>किम पर 2022 में यूनिफिकेशन चर्च को फायदा पहुंचाने के बदले में इस धार्मिक समूह के अधिकारियों से कीमती सामान लेने का आरोप था। अदालत ने स्टॉक हेरफेर में किम की संलिप्तता के विशेष अधिवक्ता के दावे को भी खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि अगर वह स्टॉक की कीमतों में हेरफेर के बारे में जानती भी थीं, तो भी उनकी मिलीभगत की पुष्टि करना मुश्किल था। </p>
<p>किम पर पिछले साल अगस्त में हिरासत में रहते हुए अक्टूबर 2010 और दिसंबर 2012 के बीच स्टॉक की कीमतों में हेरफेर में शामिल होने के आरोप में मुकदमा चलाया गया था। उन पर राष्ट्रपति चुनाव से पहले अप्रैल 2021 से मार्च 2022 तक 58 मौकों पर एक राजनीतिक दलाल से लगभग 27 करोड़ वॉन के अवैध जनमत सर्वेक्षण परिणाम मुफ्त में प्राप्त करने के लिए यून के साथ साजिश रचने का भी आरोप था। </p>
<p>अदालत ने फैसला सुनाया कि राष्ट्रपति दंपति द्वारा जनमत सर्वेक्षणों का आदेश देने का कोई सबूत नहीं था। इस फैसले के अलावा, किम पर पार्टी के राष्ट्रीय सम्मेलन में एक विशिष्ट उम्मीदवार को पार्टी नेता के रूप में समर्थन देने के लिए पीपल्स पावर पार्टी में यूनिफिकेशन चर्च के सदस्यों के बड़े पैमाने पर नामांकन का अनुरोध करने का भी आरोप था। उन पर व्यापारिक फायदे देने और सरकारी पद बेचने के बदले में कीमती सामान स्वीकार करने का भी आरोप था। उल्लेखनीय है कि, किम पहली ऐसी महिला हैं, जिन पर दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति की पत्नी रहते हुए हिरासत में मुकदमा चलाया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 28 Jan 2026 14:22:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>दक्षिण कोरिया की संसद ने यून-उनकी पत्नी की जांच के लिए विशेष अभियोजक विधेयक को दी मंजूरी, जानें पूरा मामला</title>
                                    <description><![CDATA[दक्षिण कोरिया की नेशनल असेंबली ने पूर्व राष्ट्रपति यून सुक-योल और उनकी पत्नी के खिलाफ मार्शल लॉ और भ्रष्टाचार की जांच के लिए नया विशेष अभियोजक विधेयक पारित किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/south-koreas-parliament-approves-special-prosecutor-bill-to-investigate-yoon/article-139840"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/south-korea.png" alt=""></a><br /><p>सोल। दक्षिण कोरिया की नेशनल असेंबली ने शुक्रवार को पूर्व राष्ट्रपति यून सुक-योल और उनकी पत्नी किम कोन-ही के खिलाफ जांच जारी रखने के लिए एक नया व्यापक विशेष अभियोजक विधेयक पारित किया। दक्षिण कोरिया की योनहाप न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, यह विधेयक सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ़ कोरिया की ओर से पेश किये जाने के बाद नेशनल असेंबली के पूर्ण सत्र में पारित किया गया। इस विधेयक का उद्देश्य उन अनसुलझे मुद्दों और नये उठे संदेहों पर विचार करना है, जिनकी पिछले तीन विशेष अभियोजक टीमों ने ठीक से जांच नहीं की थी और जिनकी जांच अब समाप्त हो चुकी है।</p>
<p>बता दें कि यह विधेयक 2024 में तीन दिसंबर की आपातकालीन मार्शल लॉ घटना से संबंधित विद्रोह और बाहरी ताकतों के साथ मिलीभगत के आरोपों के साथ-साथ पूर्व राष्ट्रपति दंपति से जुड़े चुनाव में हस्तक्षेप और सत्ता के दुरुपयोग के विभिन्न संदेहों की व्यापक जांच पर केंद्रित है। यह विधेयक गुरुवार को विचार-विमर्श के लिए नेशनल असेंबली में पेश किया गया था। </p>
<p>देश की मुख्य रूढि़वादी विपक्षी पार्टी पीपल्स पावर पार्टी ने इस विधेयक की आलोचना करते हुए इसे रूढि़वादी ताकतों को दबाने के उद्देश्य से राजनीतिक रूप से प्रेरित कदम बताया और इसे पारित होने से रोकने की कोशिश की। नतीजतन, यह विधेयक शुक्रवार को पारित हो गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 16 Jan 2026 17:21:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>दक्षिण कोरिया का पहला निजी अंतरिक्ष रॉकेट ब्राजील में दुर्घटनाग्रस्त, जान माल की कोई हानि नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[निजी कंपनी इननोस्पेस द्वारा विकसित दक्षिण कोरिया का पहला वाणिज्यिक ऑर्बिटल रॉकेट हानबिट-नैनो ब्राजील के अल्कांतारा स्पेस सेंटर से प्रक्षेपण के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। योनहाप समाचार एजेंसी के अनुसार, प्रक्षेपण के शुरुआती चरण सफल रहे और रॉकेट ने कुछ समय तक फ्लाइट फुटेज भी भेजीं, लेकिन बाद में उसका संपर्क टूट गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/south-koreas-first-private-space-rocket-crashes-in-brazil-no/article-136960"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/south-korea.png" alt=""></a><br /><p>दक्षिण कोरिया। इननोस्पेस कंपनी द्वारा बनाया गया दक्षिण कोरिया का पहला वाणिज्यिक ऑर्बिटल रॉकेट हानबिट-नैनो ब्राजील के एक प्रक्षेपण स्थल से प्रक्षेपित किये जाने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। योनहाप समाचार एजेंसी ने मंगलवार को कंपनी के हवाले से यह जानकारी दी। रिपोर्ट के अनुसार, हानबिट-नैनो को ब्राजील के अल्कांतारा स्पेस सेंटर से लगभग 10:13 बजे प्रक्षेपित किया गया था।  प्रक्षेपण प्रक्रिया सफलतापूर्वक शुरू हुई और उड़ान के बाद लगभग कुछ देर तक रॉकेट ने फ्लाइट फुटेज भी भेजीं लेकिन बाद में यह साफ हो गया कि रॉकेट योजना के अनुसार नहीं चल रहा था। योनहाप ने बताया कि रॉकेट से फुटेज स्क्रीन पर दिखना बंद हो गया </p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, रॉकेट कुछ देर बाद सुरक्षा क्षेत्र के अंदर गिर गया। इसमें कोई हताहत नहीं हुआ और न ही कोई अतिरिक्त नुकसान हुआ। इननोस्पेस ने योनहाप को बताया कि रॉकेट में पांच सैटेलाइट सहित एक पेलोड था, जिन्हें 300 किलोमीटर की ऊंचाई पर लो अर्थ ऑर्बिट में तैनात किया जाना था। रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर यह सफल होता तो इननोस्पेस किसी अन्य देश के उपग्रह को निचली कक्षा में स्थापित करने वाली पहली प्राइवेट दक्षिण कोरियाई कंपनी बन जाती। </p>
<p>एजेंसी ने कहा कि इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि रॉकेट में विस्फोट हुआ है। हानबिट-नैनो का प्रक्षेपण पहले भी  तकनीकी दिक्कतों के कारण तीन बार टाला जा चुका था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Dec 2025 19:06:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>दक्षिण कोरिया में संसदीय समिति ने शुरू की जेजू एयरलाइन विमान हादसे की जांच, कई अहम दस्तावेज जब्त</title>
                                    <description><![CDATA[सोल में दक्षिण कोरियाई संसद की विशेष समिति ने दिसंबर में हुए जेजू एयर विमान हादसे की जांच शुरू की। हादसे में 179 लोगों की मौत हुई थी। समिति कारणों और संभावित सरकारी चूक की जांच करेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/parliamentary-committee-in-south-korea-starts-investigation-into-jeju-airline/article-136773"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/jeju-airline.png" alt=""></a><br /><p>सोल। दक्षिण कोरियाई संसदीय समिति ने पिछले वर्ष दिसंबर में हुए एक यात्री विमान हादसा मामले की सोमवार को जांच शुरू कर दी। दक्षिण कोरिया की योनहाप न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, नेशनल असेंबली की विशेष जांच समिति ने जेजू एयर के यात्री विमान हादसा  मामले में अपनी जांच शुरू करने के लिए अपनी पहली बैठक की। यह विमान पिछले 29 दिसंबर को राजधानी सोल से लगभग 290 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में मुआन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर क्रैश हो गया था। जांच लगभग 40 दिनों में पूरी किये जाने का लक्ष्य रखा गया है।</p>
<p>इस हादसे में विमान में सवार चार क्रू मेंबर और 175 यात्रियों की मौत हो गयी थी, जबकि दो क्रू मेंबर गंभीर रूप से घायल हुए थे। जांच समिति में 18 सांसद शामिल हैं, जिनमें सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक पार्टी के नौ सदस्य और मुख्य विपक्षी पीपल्स पावर पार्टी के सात सदस्य शामिल हैं। जांच की समय सीमा तय को जरूरत पडऩे पर बढ़ाया जा सकता है। समिति इस आपदा के वास्तविक कारणों की जांच करेगी और यह भी जांच करेगी कि क्या जांच प्रक्रिया के दौरान सरकारी एजेंसियों ने दुर्घटना को कम आंकने या छिपाने की कोशिश की थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Dec 2025 14:20:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ट्रंप का फैसला : दक्षिण कोरिया से अपने सैनिकों को बाहर निकालेगा, एशिया में अमेरिका के एक और सहयोगी को दिया धोखा </title>
                                    <description><![CDATA[ डोनाल्ड ट्रंप के करीब चार महीने के प्रशासन को देखने पर ऐसा लगता है कि उन्होंने अमेरिका की विदेश नीति और विश्वसनीयता की सुपारी ले रखी है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/trumps-decision-will-take-out-his-soldiers-from-south-korea/article-115200"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/news-(1)39.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। डोनाल्ड ट्रंप के करीब चार महीने के प्रशासन को देखने पर ऐसा लगता है कि उन्होंने अमेरिका की विदेश नीति और विश्वसनीयता की सुपारी ले रखी है। जापान, ब्रिटेन, कनाडा, आॅस्ट्रेलिया, फ्रांस, यूक्रेन और भारत, हर वो देश जिसे अमेरिका के अलग अलग प्रशासन ने काफी मेहनत से अपना सहयोगी बनाया था, उसका डोनाल्ड ट्रंप ने सत्यानाश कर दिया है। डोनाल्ड ट्रंप ने अपने करीब चार महीने के प्रशासन में अमेरिका के दुश्मनों को छुआ तक नहीं है, लेकिन दोस्तों को परेशान करने का एक भी मौका नहीं छोड़ा है। अब वॉशिंगटन पोस्ट ने दावा किया है कि ट्रंप प्रशासन ने दक्षिण कोरिया से अपने हजारों सैनिकों को बाहर निकालने का फैसला किया है। ट्रंप का ये खतरनाक फैसला, दक्षिण कोरिया पर उत्तर कोरिया की आक्रामकता का रास्ता खोल सकता है।</p>
<p><strong>4500 सैनिकों को वापस बुलाने पर विचार</strong><br />वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि ट्रंप प्रशासन दक्षिण कोरिया में तैनात अपने हजारों सैनिकों को वापस लाने पर विचार कर रहा है, जिसकी वजह से एशिया में अमेरिका के सहयोगियों के बीच गहरी चिंता उत्पन्न हो गई है। वॉशिंगटन पोस्ट ने कहा है कि पेंटागन करीब 4500 सैनिकों को वापस बुलाने पर विचार कर रहा है, जिन्हें गुआम सहित इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अलग अलग जगहों पर तैनात किया जा सकता है। दो अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि डोनाल्ड ट्रंप के विचार के बाद अमेरिकी अधिकारी सैनिकों को निकालने के प्लान पर काम कर रहे है।</p>
<p><strong>दक्षिण कोरिया में 28 हजार 500 अमेरिकी सैनिक तैनात</strong><br />दोनों अधिकारियों का कहना है कि अभी तक पेंटागन का प्रस्ताव राष्ट्रपति कार्यलय में उनके डेस्क तक नहीं पहुंचा है, लेकिन विचार काफी गहनता से चल रहा है। वहीं पेंटागन के प्रवक्ता ने इस रिपोर्ट को खारिज नहीं किया है और कहा कि अभी इस पॉलिसी पर करने के लिए कोई घोषणा नहीं है। जबकि अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता पीट गुयेन ने सैनिकों की वापसी के मुद्दे पर बात नहीं की, लेकिन उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप, उत्तर कोरिया के पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण के लिए प्रतिबद्ध हैं। वहीं दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। डोनाल्ड ट्रंप अपने पहले कार्यकाल से ही दक्षिण कोरिया से अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी को बदलने पर विचार कर रहे हैं, जहां करीब 28 हजार 500 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। अमेरिका के दक्षिण कोरिया से सैनिकों की संख्या कम करने को लेकर पिछले महीने एशिया में अमेरिकी सेना की देखरेख कर रहे शीर्ष कमांडरों ने चेतावनी दी थी। सैनिकों ने कहा था कि संख्या कम करने से उत्तर कोरिया के खिलाफ उनकी क्षमता खतरे में पड़ जाएगी और पूर्वोत्तर एशिया में चीन और रूस के खिलाफ अन्य संभावित संघर्षों में भी उनकी क्षमता प्रभावित होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 24 May 2025 12:06:18 +0530</pubDate>
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                <title>यात्रा के दूसरे दिन मुख्यमंत्री ने सबसे पहले सियोल टेक्निकल हाई स्कूल का किया दौरा</title>
                                    <description><![CDATA[सीएम ने स्कूल के अंदर बने एडवांस्ड टेक्नीकल सेंटर को भी देखा, छात्रों से बातचीत की और कक्षाओं में पढ़ाई जा रही अत्यधिक उन्नत AI तकनीक का अनुभव किया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/on-the-second-day-of-the-visit-the-chief-minister/article-90147"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/2rtrer-(1)3.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। दक्षिण कोरिया की अपनी यात्रा के दूसरे दिन मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने सियोल टेक्निकल हाई स्कूल का दौरा किया, जहाँ उन्होंने नवाचार और रचनात्मकता को बढ़ावा देने वाली छात्रों के अनुरूप उल्लेखनीय पहलों को देखा और स्कूल के प्रिंसिपल जोबोक ली और स्कूल के अन्य अधिकारियों, शिक्षकों और छात्रों से मुलाकात की।</p>
<p>सीएम ने स्कूल के अंदर बने एडवांस्ड टेक्नीकल सेंटर को भी देखा, छात्रों से बातचीत की और कक्षाओं में पढ़ाई जा रही अत्यधिक उन्नत AI तकनीक का अनुभव किया। </p>
<p>इस अवसर पर बोलते हुए, शर्मा ने कहा कि कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित करना बहुत अच्छा है और इससे लोगों को रोजगार पाने और अच्छी नौकरी/भूमिकाएँ पाने में मदद मिलती है। इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य में अवसरों की कमी नहीं है और स्कूल के अधिकारीगण ऐसा ही एक संस्थान राजस्थान में लगाने का विचार कर सकते हैं। आपसी संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए उन्होंने स्कूल के अधिकारियों और विद्यार्थियों को राजस्थान आने का आमंत्रण देते हुए कहा - 'पधारो म्हारे देस'</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Sep 2024 16:27:13 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>मुख्यमंत्री भजनलाल की जापान और दक्षिण कोरिया की यात्रा, जयपुर से हुए रवाना</title>
                                    <description><![CDATA[शर्मा अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ व्यापारिक नेताओं से मुलाकात कर उन्हें राजस्थान में निवेश के लिए आमंत्रित करेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/chief-minister-bhajan-lals-visit-to-japan-and-south-korea/article-89973"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/2.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा जापान और दक्षिण कोरिया की अपनी 6 दिवसीय यात्रा के लिए जयपुर से रवाना हुए। शर्मा जयपुर से दिल्ली गये और वहां से वे जापान और दक्षिण कोरिया की अपनी 6 दिवसीय यात्रा पर रवाना होंगे।</p>
<p>मुख्यमंत्री आगामी 9 से 11 दिसंबर तक जयपुर में होने वाले ‘राइजिंग राजस्थान’ वैश्विक निवेश शिखर सम्मेलन 2024 की तैयारी के तहत इन दो देशों की यात्रा पर गये हैं, जहां वे अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ व्यापारिक नेताओं से मुलाकात कर उन्हें राजस्थान में निवेश के लिए आमंत्रित करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 08 Sep 2024 17:55:38 +0530</pubDate>
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