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                <title>violation - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>कांग्रेस का केंद्र पर निशाना : जनजातीय अधिकारों और पर्यावरणीय सुरक्षा उपायों के उल्लंघन का लगाया आरोप, जयराम ने कहा-सरकार कराए निष्पक्ष जांच</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने ओडिशा के सिजीमाली खनन प्रोजेक्ट में जनजातीय अधिकारों और पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने विरोध कर रहे आदिवासियों पर पुलिसिया बल प्रयोग की स्वतंत्र जांच की मांग की। रमेश ने जोर दिया कि पेसा (PESA) और वन अधिकार अधिनियम की अनदेखी कर परियोजनाओं को जबरन थोपना असंवैधानिक है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/congress-targets-center-accuses-it-of-violating-tribal-rights-and/article-151919"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/jairam-ramesh.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने मंगलवार को ओडिशा के रायगड़ा और कालाहांडी जिलों में प्रस्तावित बॉक्साइट खनन परियोजना के संबंध में जनजातीय अधिकारों और पर्यावरणीय सुरक्षा उपायों के गंभीर उल्लंघन का आरोप लगाया। उन्होंने क्षेत्र में हाल ही में हुई अशांति की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। जयराम रमेश ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि ओडिशा में सार्वजनिक प्रतिरोध का एक लंबा इतिहास रहा है, खासकर तब जब पारिस्थितिक परिणामों वाली खनन परियोजनाओं को संवैधानिक और कानूनी सुरक्षा उपायों का पालन किए बिना 'जबरन थोपा' जाता है। उन्होंने सिजीमाली में प्रस्तावित परियोजना को इसी 'निराशाजनक गाथा' का हिस्सा बताया।</p>
<p>कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि जनजातीय और वनवासी समुदायों की सुरक्षा के लिए बनाए गए प्रमुख कानून, जिनमें पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम (पेसा), 1996 और वन अधिकार अधिनियम, 2006 शामिल हैं, उनकी अनदेखी की गई है। जयराम रमेश ने दावा किया कि जब हाल के दिनों में विरोध प्रदर्शन शुरू हुए, तो कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने 'अत्यधिक बल' का प्रयोग किया, जिसमें विशेष रूप से अनुसूचित जनजाति समुदायों और महिलाओं को निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाइयां अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 का उल्लंघन हैं।</p>
<p>राजनीतिक संदर्भ का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ओडिशा के मुख्यमंत्री और केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री दोनों इसी राज्य से आते हैं, इसलिए उन्हें इस मुद्दे को संभालने में अधिक संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। उन्होंने केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री से सिजीमाली अशांति की स्वतंत्र जांच के आदेश देने और यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि पेसा और वन अधिकार अधिनियम के प्रावधानों को पारदर्शी और सहभागी प्रक्रिया के माध्यम से 'अक्षरशः' लागू किया जाए। ये आरोप दक्षिणी ओडिशा के कुछ हिस्सों में चल रहे तनाव के बीच आए हैं, जहाँ जनजातीय समुदाय विस्थापन, पर्यावरणीय क्षरण और पारंपरिक अधिकारों के नुकसान की चिंताओं को लेकर अक्सर खनन परियोजनाओं का विरोध करते रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 13:58:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>अनदेखी : नो-एंट्री नियमों का उल्लंघन, बाजार में घुसे भारी वाहन; यातायात  व्यवस्था ठप</title>
                                    <description><![CDATA[स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/neglect--no-entry-rules-violated--heavy-vehicles-entered-the-market--bringing-traffic-to-a-standstill/article-128899"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/c5opy-of-news-(1).png" alt=""></a><br /><p>सुकेत। सुकेत के साप्ताहिक हाट में रविवार को यातायात व्यवस्था चरमरा गई। पुलिस की लापरवाही और नो-एंट्री नियमों के उल्लंघन के कारण भारी वाहन बाजार में घुस गए। जिससे घंटों तक जाम की स्थिति बनी रही। ग्रामीणों व दुकानदारों ने बताया कि नगर में साप्ताहिक हाट क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है। क्योंकि आसपास के दर्जनों ग्रामीण और विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग खरीदारी के लिए आते हैं। पहले मेन रोड पर नो-एंट्री लागू की जाती थी। जिससे भारी वाहनों और चार पहिया गाड़ियों की आवाजाही पर रोक लगाई जाती थी, लेकिन पिछले कई माह से यह व्यवस्था अनदेखी हो गई है।</p>
<p><strong>सड़कों को पर लगा भारी जाम</strong><br />इस रविवार भारी वाहन बाजार के बीचोबीच घुस गए, जिससे सड़कों पर भीषण जाम बन गया। छोटी गाड़ियां, बाइक और दोपहिया वाहनों की लंबी कतारें लग गर्इं। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। ताकि आने वाले सप्ताहिक हाटों में ऐसी समस्या न हो।</p>
<p>नेशनल हाइवे पर नगर प्रवेश के लिए प्रात: 9 बजे से रात्रि 9 बजे तक नो एंट्री घोषित कर रखा है। लेकिन फिर भी प्रशासन की लापरवाही से नगर में भारी जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है। <br /><strong>- सुरेश, नगरवासी</strong></p>
<p>ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर प्रशासान का ढीला रवैया समझ के बाहर है। ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ी हुई है। <br /><strong>- मदनलाल, नगरवासी</strong></p>
<p>नो एंट्री घोषित होने के बावजूद यातायात प्रशासन का ठंडा रवैया सोच से बाहर है।<br /><strong>- शेखर, नगरवासी</strong></p>
<p>मामले को संज्ञान में लेकर तत्काल कार्यवाही की जाएगी। भारी वाहनों को नगर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। <br /><strong>- झाबर सिंह, कार्यवाहक थानाधिकारी, सुकेत</strong></p>
<p>हम नियमित रूप से निगरानी और आवश्यक कार्रवाई करते रहते हैं। ताकि साप्ताहिक हाट के दौरान बाजार क्षेत्र में ट्रैफिक जाम जैसी स्थिति से बचा जा सके। <br /><strong>- धीरेन्द्र गुर्जर, ट्रैफिक इंचार्ज, थाना सुकेत </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Oct 2025 17:33:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>संगीन वन अपराधों से जुड़े सवालों का जवाब नहीं दे पाए सीडब्ल्यूएलडब्ल्यू</title>
                                    <description><![CDATA[रामगढ़ के बफर में एफसीए व कोटा विवि में वाइल्ड लाइफ एक्ट उल्लंघन पर रहे मौन
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/cwlw-could-not-answer-questions-related-to-serious-forest-crimes/article-89067"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/1rtrer7.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक पवन कुमार उपाध्याय गुरुवार को कोटा दौरे पर रहे। यहां पत्रकार वर्ता में पूछे गए वन अपराध से जुड़े संगीन मामलों के सवालों का जवाब नहीं दे पाए। रामगढ़ टाइगर रिजर्व के बफर जोन में एफसीए का उल्लंघन कर पीडब्ल्यूडी द्वारा बनाई गई सीसी सड़क का मामला बूंदी वनमंडल का बताकर पल्ला झाड़ लिया। जबकि, मामला उजागर होने के बाद सीसीएफ द्वारा करवाई गई जांच में एफसीए की पालना करवाने में जिम्मेदार वन अधिकारी अपने दायित्व के निर्वहन में विफल रहे और प्रयोक्ता एजेंसी दोषी पाई गई। ऐसे में उनके खिलाफ कार्रवाई के प्रश्न को टेरिटोरियल सीसीएफ का कार्य क्षेत्र बता वाइल्ड लाइफ विंग की जिम्मेदारी नहीं होने की बात कहकर बचते रहे। जबकि, दो टाइगर रिजर्व  के मध्य कॉरिडोर की सुरक्षा के महत्व के प्रति यह गंभीर लापरवाही थी।  रामगढ़ टाइगर रिजर्व के बफर जोन जाखमूंड वनखंड में ग्रीन फिल्ड एयरपोर्ट निर्माण के लिए वाइल्ड लाइफ क्लिरेंस के नाम पर वन्यजीव प्रभाग ने 20 करोड़ रुपए केडीए से वसूले। ऐसे में सवाल उठता है जब जाखमूंड वनभूमि पर बिना एफसीए कार्यवाही के सीसी सड़क बना दी जाती है तो यहां वाइल्ड लाइफ एक्ट का उल्लंघन नहीं माना जाता वहीं, दूसरी ओर एयरपोर्ट के लिए भूमि डायवर्जन की प्रक्रिया की जाती है तो वाइल्ड लाइफ एक्ट प्रभावी हो जाता है और वाइल्ड लाइफ क्लियरेंस के नाम पर कुल प्रोजेक्ट की 2% राशि वसूली जाती है। वन अधिकारियों के दोहरे नजरिए से वन सुरक्षा प्रभावित होती प्रतीत हो रही है।</p>
<p><strong>इन सवालों का भी दिया गोलमोल जवाब </strong><br />- अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क में 18 माह से पल रहे दोनों शावकों की उम्र वर्तमान में 2 वर्ष हो चुकी है। ऐसे में यह वाइल्ड हो पाएंगे या नहीं, इसका गोलमोल जवाब देते हुए सीडब्ल्यूएलडब्ल्यू उपाध्याय ने कहा, यह राजस्थान का पहला रिवाइल्डिंग अनुभव होगा। इस बारे में अभी कुछ भी कहना जल्दीबाजी होगी।<br />- शावकों को मुकुंदरा और रामगढ़ में कब शिफ्ट किया जाना है, इसके जवाब में कहा, अभी सिस्टम को समझेंगे। एनटीसीए से चर्चा की जाएगी। इसके बाद जो निर्णय होगा उसी के अनुसार कार्य किया जाएगा।<br />- कोटा यूनिवर्सिटी में बिना सक्षम अनुमति के प्रीजर्व रखे गए शेड्यूल 1 व 2 श्रेणी के कोबरा, करैत व चैकर्ड किलबैक सांप के मामले की जांच रिपोर्ट दबाने के मामले में उन्होंने अनभिज्ञता जताई। हालांकि, सीसीएफ को मामला दिखवाने को कहा।<br />- मुकुंदरा में कब बाघ-बाघिन लाए जाएंगे, इसका जवाब नहीं दे सके। वहीं, अवैध खनन, चराई, अतिक्रमण सहित वन्यजीवों की सुरक्षा से संबंधित सवालों को भी टाल गए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 30 Aug 2024 16:23:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>IPL में दूसरा न्यूनतम ओवर रेट उल्लंघन,  मुंबई इंडियंस पर लगा जुर्माना</title>
                                    <description><![CDATA[  प्लेइंग इलेवन (एकादश) के बाकी सदस्यों पर छह लाख रुपए का जुर्माना]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/sports-news--second-minimum-over-rate-violation-in-ipl--fined-mumbai-indians--mumbai-indians-captain-rohit-sharma-fined-rs-24-lakh/article-7914"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/mumbai-i.jpg" alt=""></a><br /><p>पुणे। मुंबई इंडियस की जीत का स्वाद का जायका थोड़ा हल्का हुआ है। पांच बार की आईपीएल विजेता टीम मुंबई इंडियंस (एमआई) पर बुधवार को यहां पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) के खिलाफ 2022 आईपीएल के 23वें मैच के दौरान धीमे ओवर रेट के लिए जुर्माना लगाया गया है। मुंबई इंडियंस इस मैच में पंजाब किंग्स से 12 रन से हार गया था। मौजूदा आईपीएल में यह उसकी लगातार पांचवीं हार है। आईपीएल की ओर से गुरुवार को जारी एक बयान में कहा गया कि मुंबई इंडियंस के कप्तान रोहित शर्मा पर 24 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया और प्लेइंग इलेवन (एकादश) के बाकी सदस्यों पर छह लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। <br /><br />उल्लेखनीय है कि  यह आईपीएल की आचार संहिता के तहत न्यूनतम ओवर रेट उल्लंघन से संबंधित मुंबई का सीजन का दूसरा उल्लंघन है। इससे पहले टूर्नामेंट में रोहित पर 27 मार्च को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ अपने पहले मैच के दौरान धीमे ओवर रेट के लिए जुर्माना लगाया गया था, चूंकि तब वह टीम का सीजन का पहला उल्लंघन था, इसलिए रोहित पर 12 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 Apr 2022 16:42:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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