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                <title>BJP - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>BJP RSS Feed</description>
                
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                <title>कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने महिलाओं के अधिकारों, सम्मान और भविष्य के साथ विश्वासघात किया : प्रवीन खंडेलवाल</title>
                                    <description><![CDATA[भाजपा सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक गिरने को लोकतंत्र का 'काला अध्याय' बताया। उन्होंने राहुल गांधी और विपक्षी दलों पर महिलाओं के अधिकारों के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया। खंडेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की इस ऐतिहासिक पहल को रोकना महिलाओं के सम्मान और भविष्य के खिलाफ एक सुनियोजित षड्यंत्र है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/congress-and-its-allies-betrayed-womens-rights-respect-and-future/article-151301"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/praveen.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। विधायिका में महिलाओं के आरक्षण से जुड़े 131वें संविधान संशोधन के लोकसभा में पूर्ण बहुमत से पारित नहीं होने को चाँदनी चौक से भारतीय जनता पार्टी सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में काला अध्याय बताया है और कहा है कि इस संशोधन विधेयक को गिराकर कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी दलों ने महिलाओं के अधिकारों, सम्मान और भविष्य के साथ घोर विश्वासघात किया गया है। खंडेलवाल ने बुधवार को यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि यह केवल एक संशोधन विधेयक की हार नहीं, बल्कि देश की करोड़ों महिलाओं के अधिकारों, सम्मान और भविष्य के साथ किया गया घोर विश्वासघात है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों तृणमूल कांग्रेस, द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम, समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी सहित पूरे विपक्ष ने सुनियोजित षड्यंत्र के तहत इस संशोधन विधेयक को गिराने का शर्मनाक कार्य किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने व्यक्तिगत और राजनीतिक स्वार्थों के चलते न केवल इस संशोधन विधेयक का विरोध किया, बल्कि महिलाओं के सशक्तिकरण के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा बनकर खड़े हो गए। यह आचरण उनके नेतृत्व की विफलता, दूरदृष्टि के अभाव और महिला सम्मान के प्रति असंवेदनशीलता को उजागर करता है।</p>
<p>भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद ने कहा कि जिस प्रकार राहुल गांधी ने सदन के भीतर मेज ठोक कर इस संशोधन विधेयक के गिराने का ऐलान किया और इसके खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया और उसके बाद विपक्षी दलों द्वारा विधेयक के गिरने का जश्न मनाया गया, वह अत्यंत निंदनीय, दुर्भाग्यपूर्ण और लोकतंत्र के मूल्यों का खुला उपहास है। यह स्पष्ट संकेत है कि राहुल गांधी और उनके सहयोगी दल महिलाओं को अधिकार देने के बजाय उन्हें राजनीतिक लाभ-हानि के तराजू पर तौलते हैं।</p>
<p>खंडेलवाल ने कहा कि जिस लोकसभा में राहुल गांधी ने इस संशोधन विधेयक को गिरवाने का दुस्साहस किया है। वहीं, सदन भविष्य में इस ऐतिहासिक अन्याय को सुधारेगा और महिलाओं को उनका अधिकार देकर नया इतिहास रचेगा। उन्होंने कहा कि यदि यह संशोधन विधेयक पारित होता, तो कांग्रेस के भीतर प्रियंका गांधी एक सशक्त और प्रभावशाली नेतृत्व के रूप में उभर सकती थीं और संभवतः इसी राजनीतिक आशंका ने राहुल गांधी को इस संशोधन विधेयक के विरोध के लिए प्रेरित किया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए की गयी इस ऐतिहासिक पहल को विफल करना "महापाप" से कम नहीं है। राहुल गांधी और विपक्ष ने अपने संकीर्ण राजनीतिक हितों के चलते देश की महिलाओं के सपनों को कुचलने का काम किया है, जिसे देश कभी नहीं भूलेगा। खंडेलवाल ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास महिलाओं को केवल एक "वोट बैंक" के रूप में देखने का रहा है। दशकों तक इस महत्वपूर्ण मुद्दे को टालना और जब इसे लागू करने का समय आया, तब उसका विरोध करना,यह उनकी दोहरी नीति, अवसरवादी राजनीति और महिला विरोधी मानसिकता का स्पष्ट प्रमाण है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि शासन में महिला आरक्षण केवल राजनीतिक प्रतिनिधित्व का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समान अवसर और राष्ट्र के समग्र विकास का आधार है। इसे रोकना देश की प्रगति को रोकने जैसा है। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष अभी समाप्त नहीं हुआ है। देश की महिलाएं और जागरूक नागरिक इस विश्वासघात का लोकतांत्रिक जवाब देंगे और उन सभी को जवाबदेह ठहराएंगे जिन्होंने उनके अधिकारों को कुचला है। इस दौरान चांदनी चौक भाजपा के जिलाध्यक्ष अरविंद गर्ग और केशवपुरम भाजपा के जिलाध्यक्ष अजय खटाना भी उपस्थित थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 16:30:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>अमित शाह ने टीएमसी पर बोला हमला : SIR के दौरान नाम हटाए जाने को लेकर ममता बनर्जी को ठहराया जिम्मेदार, गोरखा मतदाताओं के नाम काटने का लगाया आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[अमित शाह ने सिलीगुड़ी में हुंकार भरते हुए ममता बनर्जी पर गोरखा मतदाताओं के नाम हटाने का आरोप लगाया। उन्होंने वादा किया कि भाजपा सत्ता में आते ही मतदाता सूची ठीक करेगी और चाय श्रमिकों की मजदूरी ₹500 पार ले जाएगी। साथ ही, क्षेत्र में AIIMS, IIT और बुलेट ट्रेन जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स से विकास को नई गति दी जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/amit-shah-attacks-tmc-holds-mamata-banerjee-responsible-for-deletion/article-151226"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/amit-shah3.png" alt=""></a><br /><p>सिलीगुड़ी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने के लिए जिम्मेदार ठहराया है। अमित शाह ने सिलीगुड़ी के पास सुकना में दार्जिलिंग, कर्सियांग और कलिम्पोंग निर्वाचन क्षेत्रों से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उम्मीदवारों के समर्थन में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए दावा किया कि राज्य सरकार की देखरेख में एसआईआर प्रक्रिया के दौरान कई गोरखा मतदाताओं के नाम काट दिए गए थे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि राज्य में जैसे ही भाजपा सत्ता में आएगी, तो वैसे सभी नाम मतदाता सूची में वापस जोड़ दिए जाएंगे जिनके नाम काटे गए। केंद्रीय गृह मंत्री ने कांग्रेस, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेतृत्व वाली सरकारों पर दार्जिलिंग की उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा ही एक ऐसी पार्टी है जो इस क्षेत्र के मुद्दों का स्थायी समाधान कर सकती है। अमित शाह ने गोरखा मुद्दे का जिक्र करते हुए सुश्री बनर्जी पर आरोप लगाया कि बार-बार अनुरोध किए जाने के बावजूद उन्होंने इस मसले पर चर्चा करने को दिल्ली में हुई बैठकों में हिस्सा नहीं लिया। उन्होंने कहा कि एक वार्ताकार नियुक्त किया गया है और एक रिपोर्ट तैयार की गयी है, जिसके आधार पर भाजपा सरकार बनाने के बाद संवैधानिक ढांचे के भीतर गोरखा लोगों की आकांक्षाओं और मांगों को पूरा करेगी।</p>
<p>अमित शाह ने गोरखा आंदोलन के दौरान व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज किए गए राजनीतिक रूप से प्रेरित सभी मामले वापस लिए जाने का भी आश्वासन दिया। उन्होंने कहा, "हम गोरखा मुद्दे को इस तरह से हल करेंगे कि लोगों को फिर से आंदोलन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।"<br />अमित शाह ने भाजपा के चुनावी घोषणापत्र पर बात करते हुए क्षेत्र के कई विकास पहलों की रूपरेखा प्रस्तुत की, जिसमें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एआईआईएमएस), भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) और भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) की स्थापना शामिल है। उन्होंने गोरखा समुदाय को समर्पित एक खेल विश्वविद्यालय, एक जनजातीय विश्वविद्यालय और एक वन अनुसंधान संस्थान की योजनाओं की भी घोषणा की।</p>
<p>उन्होंने बुनियादी ढांचे के विकास के बारे में बात की, जिसमें न्यू जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन का उन्नयन शामिल है। उन्होंने दावा किया कि भविष्य में बुलेट ट्रेन कनेक्टिविटी सिलीगुड़ी से काशी विश्वनाथ मंदिर तक की यात्रा के समय को कम कर देगी। श्री शाह ने चाय बागान का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा चाय बागानों को फिर से जिंंदा करेगी और चाय मजदूरों की रोजाना की मजदूरी बढ़ाकर 500 रुपये से अधिक कर देगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 18:40:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भाजपा ने आप पर साधा निशाना : आप है ड्रामा पार्टी और केजरीवाल उसके निर्देशक, स्वराज ने कहा- देश की न्यायपालिका की एक महिला सदस्य पर की दबाव बनाने की कोशिश</title>
                                    <description><![CDATA[हाईकोर्ट के फैसले पर आप पर तीखा हमला बोला, उसे “ड्रामा पार्टी” बताया। बांसुरी स्वराज ने आरोप लगाया कि केजरीवाल ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने की कोशिश की, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने जज बदलने की मांग ठुकराते हुए सुनवाई जारी रखने का फैसला किया, इसे न्यायिक स्वतंत्रता की जीत बताया गया।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/bjp-targeted-aap-aap-is-drama-party-and-kejriwal-its/article-151206"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/6622-copy85.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आबकारी नीति से संबंधित मामले को लेकर दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) पर निशाना साधा है और उसे ड्रामा पार्टी करार देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को उसका निर्देशक बताया है। भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए बताया कि केजरीवाल ने गत 13 मार्च को न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा के समक्ष अर्जी लगाई और कहा कि हमें आप पसंद नहीं हैं, आप स्वयं ही इस मामले को त्याग दीजिए। इसके बाद इस देश की न्यायपालिका के खिलाफ सोचा समझा षड्यंत्र शुरू हुआ। आप ने न्यायमूर्ति शर्मा के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण सोशल मीडिया पर अभियान चलाया तथा न्यायमूर्ति शर्मा और उनके बच्चों के खिलाफ आरोप लगाए गये।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">उन्होंने कहा, केजरीवाल ने इस देश की न्यायपालिका की एक महिला सदस्य पर दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन न्यायपालिका पर दबाव बनाने की उनकी राजनीति को खारिज करते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय ने मामले को किसी दूसरी पीठ को स्थानांतरित करने की उनकी याचिका को खारिज कर दिया। इससे यह साबित हो गया है कि आप एक ड्रामा कंपनी है और अरविंद केजरीवाल इस कंपनी के निर्देशक हैं। उन्होंने कहा, दिल्ली उच्च न्यायालय का कल का आदेश केजरीवाल की दबाव बनाने की चालों को साफ तौर पर खारिज कर दिया है और न्यायिक स्वतंत्रता के लिए एक नया पैमाना तय किया है। हम इस फैसले का स्वागत और सराहना करते हैं। गौरतलब है कि दिल्ली उच्च न्यायालय की न्यायाधीश न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने केजरीवाल और अन्य लोगों की याचिका को खारिज करते हुए शराब नीति मामले की सुनवाई से खुद को अलग करने से इनकार कर दिया था। </span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 16:25:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>खड़गपुर सदर में कड़ा मुकाबला :  दिलीप घोष बनाम सरकार फिर आमने-सामने, जाति, समुदाय, मतदान प्रतिशत और अब मतदाताओं की अनुपस्थिति पर ध्यान केंद्रित </title>
                                    <description><![CDATA[खड़गपुर सदर में दिलीप घोष (भाजपा) और प्रदीप सरकार (TMC) के बीच कड़ा मुकाबला है। 44,000 मतदाताओं के नाम हटने से बूथ प्रबंधन निर्णायक हो गया है। गैर-बंगाली आबादी और औद्योगिक मुद्दों के कारण यहाँ का चुनावी मिजाज अक्सर राज्य की लहर के विपरीत रहता है, जिससे यह एक लो-मार्जिन सीट बन गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/tough-contest-in-kharagpur-sadar-ghosh-vs-government-again-face/article-151158"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/dilip-ghosh.png" alt=""></a><br /><p>खड़गपुर। पश्चिम बंगाल में खड़गपुर सदर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, जिसे जनसांख्यिकीय रूप से एक 'लघु भारत' कहा जा सकता है, शायद ही कभी मुख्य धारा के साथ चला है, और इसके परिणाम अक्सर पश्चिम बंगाल के अन्य हिस्सों में देखे जाने वाले रुझानों के विपरीत रहे हैं। चुनाव विश्लेषक इसे 'अल्प अंतर वाली सीट' कह सकते हैं। पश्चिम मेदिनीपुर जिले के इस निर्वाचन क्षेत्र के परिणाम अक्सर विजेताओं और हारने वालों के बीच मतों के बहुत कम अंतर से तय होते रहे हैं। खड़गपुर सदर,  दशकों तक, कांग्रेस का गढ़ रहा, और विशेष रूप से बंगाल की राजनीति के सम्मानित ‘चाचा’ - ज्ञान सिंह सोहनपाल का, जिन्होंने 1969 से 2011 के बीच 10 बार जीत दर्ज की, जब तक कि 2016 में अपने अंतिम चुनाव में वे भाजपा के दिलीप घोष से हार नहीं गये। भगवा दल ने 2021 में भी इस सीट पर अपना कब्जा बनाये रखा, जब उसने बंगाली फिल्म और टीवी अभिनेता हिरण चटर्जी को उम्मीदवार बनाया था।</p>
<p>जहां सोहनपाल की अधिकांश जीत तब हुई जब राज्य में वामपंथी मोर्चे ने भारी बहुमत प्राप्त किया था, वहीं 2016 और 2021 में तृणमूल कांग्रेस ने बंगाल की सत्ता पर प्रचंड बहुमत के साथ कब्जा किया। चूंकि राज्य विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 23 अप्रैल को इस निर्वाचन क्षेत्र में मतदान होना है, यहां की राजनैतिक लड़ाई लहर के बजाय जाति, समुदाय, मतदान प्रतिशत और अब मतदाताओं की अनुपस्थिति पर अधिक केंद्रित है।</p>
<p>इस प्रतियोगिता के केंद्र में भाजपा के दिलीप घोष और तृणमूल कांग्रेस के प्रदीप सरकार के बीच एक बड़ा मुकाबला है, ये दो ऐसे नेता हैं जिनका खड़गपुर सदर में चुनावी इतिहास गहराई से जुड़ा हुआ है, लेकिन व्यक्तित्वों से परे, यह चुनाव तीन निर्णायक कारकों के आधार पर आकार ले रहा है: मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (एसआईआर) का प्रभाव, निर्वाचन क्षेत्र की जटिल जनसांख्यिकीय संरचना और औद्योगिक क्षमता एवं वास्तविक जीवन की परिस्थितियों के बीच निरंतर बना हुआ अंतर।</p>
<p>इस बार सबसे बड़ा प्रभाव डालने वाला कारक चुनाव आयोग के एसआईआर प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची से लगभग 44,000 नामों का हटाया जाना है। जिस निर्वाचन क्षेत्र में 2021 का परिणाम केवल 3,771 मतों से तय हुआ हो, वहां यह कोई मामूली बदलाव नहीं,- बल्कि एक संरचनात्मक परिवर्तन है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि न तो भाजपा और न ही तृणमूल कांग्रेस आत्मविश्वास के साथ यह कह सकती है कि इन कटौतियों का सबसे ज्यादा असर कहां पड़ा है। खड़गपुर के एक स्थानीय राजनीतिक विश्लेषक ने कहा, “ यदि हटाये गये मतदाताओं का 10-15 प्रतिशत भी विशिष्ट क्षेत्रों में केंद्रित था, तो यह बूथ स्तर के समीकरणों को पलट सकता है। यह चुनाव लहर के बजाय इस बात पर निर्भर करेगा कि शेष मतदाताओं में से कौन मतदान प्रतिशत को बेहतर ढंग से प्रबंधित करता है।”</p>
<p>यह मुकाबला हालांकि केवल द्विध्रुवीय नहीं है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के उम्मीदवार मधुसूदन रॉय और कांग्रेस की उम्मीदवार पापिया चक्रवर्ती इस दौड़ में और गहराई जोड़ते हैं, जिससे मतों के विभाजन की संभावना बढ़ जाती है। खड़गपुर के बार-बार राज्यव्यापी रुझान के विरुद्ध जाने का कारण आंशिक रूप से इसकी जनसांख्यिकीय बनावट में निहित है। खड़गपुर जंक्शन और आई.आई.टी. खड़गपुर की उपस्थिति के कारण यह एक रेलवे और औद्योगिक शहर है, जहां गैर-बंगाली और प्रवासी मूल की बड़ी आबादी, जैसे तेलुगु, हिंदी, मराठी और ओडिया भाषी समुदाय — निवास करती है। इनकी मतदान प्राथमिकताएं अक्सर ग्रामीण बंगाल से भिन्न होती हैं।</p>
<p>एक सेवानिवृत्त रेलवे कर्मचारी एस. नारायणन ने कहा, "रेलवे कॉलोनियों में लोग नौकरियों, तबादलों और पेंशन के बारे में बात करते हैं - स्थानीय राजनीति के बारे में नहीं। यहां बहुत से लोगों को लगता है कि राष्ट्रीय मुद्दे अधिक मायने रखते हैं, इसलिए भाजपा को लाभ मिलता है। लेकिन पुराने खड़गपुर और आस-पास के क्षेत्रों में तृणमूल का स्थानीय नेटवर्क मजबूत है।" यह दोहरी स्थिति वह पैदा करती है, जिसे राजनैतिक रणनीतिकार "विभाजित निर्वाचन क्षेत्र" कहते हैं, जहां राष्ट्रीय विमर्श और स्थानीय शासन एक साथ प्रतिस्पर्धा करते हैं और अक्सर एक-दूसरे के प्रभाव को शून्य कर देते हैं। भाजपा के लिए श्री घोष की वापसी रणनीतिक और प्रतीकात्मक दोनों है। 2016 में पहली बार कांग्रेस के गढ़ को तोड़ने वाले श्री घोष आज भी उन गिने-चुने नेताओं में से एक हैं जिनका व्यक्तिगत जनाधार सभी समुदायों में फैला है। उनका अभियान कानून-व्यवस्था, प्रवासन और पहचान की राजनीति के विषयों पर केंद्रित रहा है। साथ ही वे यह तर्क भी दे रहे हैं कि केंद्र के साथ तालमेल बिठाने से रुकी हुई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में तेजी आ सकती है।</p>
<p>घोष ने मीडिया से कहा, "विकास की कमी एक प्रमुख मुद्दा है। सड़कें खस्ताहाल हैं। खराब जल निकासी व्यवस्था और अपर्याप्त पेयजल अन्य समस्याएं हैं। निर्वाचन क्षेत्र के विशाल क्षेत्रों में औद्योगिक प्रदूषण अधिक है। खड़गपुर एक ऐसा क्षेत्र है, जहां से हमें पिछले कुछ चुनावों में लगातार बढ़त मिली है। यहां तक कि 2024 के लोकसभा चुनावों में हम मेदिनीपुर से हार गये, लेकिन खड़गपुर सदर ने हमारे उम्मीदवार को बढ़त दी थी।" तृणमूल कांग्रेस ने प्रदीप सरकार की सुलभता और संगठनात्मक पहुंच पर केंद्रित एक स्थानीय रणनीति अपनायी है। 2021 में मामूली अंतर से हारने वाले सरकार का अभियान बूथ स्तर की मजबूती और जन कल्याणकारी योजनाओं पर केंद्रित है। मालंचा की निवासी शम्पा दास ने कहा, "वे यहीं रहते हैं, हम उन तक पहुंच सकते हैं। चुनाव के बाद भी वे हमसे जुड़े रहते हैं।"</p>
<p>खड़गपुर सदर जैसे बहुत कम निर्वाचन क्षेत्र विरोधाभासों को समेटे हुए हैं। यहां भारत के प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थानों में से एक और महत्वपूर्ण रेलवे बुनियादी ढांचा है, फिर भी यह बुनियादी नागरिक समस्याओं से जूझ रहा है। निवासी बार-बार रुकी हुई परियोजनाओं, खराब जल निकासी, पानी की कमी और पास की फैक्ट्रियों से होने वाले प्रदूषण की ओर इशारा करते हैं। एन.एच.-16 के पास एक दुकानदार सलीम खान ने कहा, "फैक्ट्रियां रहें, लेकिन धूल और धुआं तो बंद हो।"</p>
<p>ऐसी धारणा भी बढ़ रही है कि राज्य और केंद्र के बीच राजनैतिक मतभेदों ने विकास की गति धीमी कर दी है। खड़गपुर कॉलेज के बाहर एक पहली बार मतदाता बने युवा ने कहा, "यदि एक ही दल सत्ता में हो, तो काम तेजी से हो सकता है।" पिछले रुझान बताते हैं कि 2026 का परिणाम संभवतः किसी बड़ी लहर के बजाय मामूली बढ़त,- जैसे बूथ प्रबंधन, मतदान प्रतिशत और अपने मूल मतदाताओं को बनाये रखते हुए प्रतिद्वंद्वी के आधार में सेंध लगाने की क्षमता - से तय होगा। फिलहाल, जमीन पर माहौल न तो निर्णायक रूप से सत्ता के पक्ष में है और न ही सत्ता विरोधी है। यह सतर्क और व्यावहारिक है। गोल बाजार के पास एक बुजुर्ग मतदाता ने कहा, “हर बार विजेता बदलता है, लेकिन हमारा जीवन नहीं बदलता।”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/tough-contest-in-kharagpur-sadar-ghosh-vs-government-again-face/article-151158</link>
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                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 12:13:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>विपक्ष ने महिलाओं को सिर्फ वोट बैंक समझा, महिला सशक्तिकरण उनका सिर्फ नारा: भजनलाल शर्मा</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विपक्ष पर महिलाओं को महज 'वोट बैंक' समझने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नकारात्मक रवैये ने महिला आरक्षण बिल में बाधा डाली, जो लोकतंत्र के लिए एक काला अध्याय है। सीएम ने उज्ज्वला और लखपति दीदी जैसी योजनाओं का जिक्र कर प्रधानमंत्री मोदी के महिला सशक्तिकरण संकल्प को दोहराया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/opposition-considered-women-as-just-vote-bank-women-empowerment-is/article-151017"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/bjp.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विपक्ष पर महिलाओं के मुद्दे पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष ने हमेशा महिलाओं को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया है, जबकि महिला सशक्तिकरण उनके लिए केवल एक नारा भर रहा है। उन्होंने कहा कि समय आने पर महिलाएं इस मानसिकता का जवाब देंगी।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जिन दलों की सरकारें लंबे समय तक रहीं, उन्होंने कभी भी महिलाओं को उनका अधिकार देने के लिए ठोस प्रयास नहीं किए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में आरक्षण देने की दिशा में पहल की, लेकिन विपक्ष के नकारात्मक रवैये के कारण यह प्रयास सफल नहीं हो सका।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इस मुद्दे से देश की माताओं-बहनों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है। विपक्ष ने अपनी राजनीति के कारण इसे एक “काला अध्याय” बना दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने सदन में हर सवाल का जवाब दिया और दलगत राजनीति से ऊपर उठकर समर्थन की अपील की, लेकिन विपक्ष ने महिला विरोधी रुख अपनाया।</p>
<p>भजनलाल शर्मा ने कहा कि भारतीय संस्कृति में महिलाओं को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी समाज की प्राथमिकता में महिलाओं को सबसे ऊपर रखा है। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद केंद्र सरकार ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे अभियानों के माध्यम से लिंगानुपात सुधारने और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए काम किया है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि शौचालय निर्माण, उज्ज्वला योजना, लखपति दीदी जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। इसके बावजूद विपक्ष ने इन योजनाओं का भी विरोध किया और महिलाओं के अधिकारों के प्रति उदासीनता दिखाई। मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों को परिवारवादी बताते हुए कहा कि ये दल महिलाओं को आगे बढ़ते नहीं देखना चाहते। उन्होंने आरोप लगाया कि नारी शक्ति वंदन बिल को भी सोची-समझी रणनीति के तहत रोका गया और बाद में उसी पर राजनीति की गई।</p>
<p>उन्होंने कहा कि विपक्ष ने हमेशा देशहित के मुद्दों का विरोध किया है, चाहे वह नागरिकता संशोधन कानून (CAA) हो या अन्य राष्ट्रीय पहलें। उन्होंने कहा कि महिलाएं इस विश्वासघात को कभी नहीं भूलेंगी और चुनाव में इसका जवाब देंगी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 16:45:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Assembly Election: तमिलनाडु में अमित शाह और राजनाथ सिंह का रोड शो, चुनावी हलचल तेज, सत्तारूढ़ द्रमुक पर लगाया परिवारवाद की राजनीति का आरोप </title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तमिलनाडु में रोड शो के दौरान द्रमुक पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री स्टालिन का एकमात्र लक्ष्य अपने बेटे उदयनिधि को सत्ता सौंपना है। शाह ने वादा किया कि राजग (NDA) की जीत के साथ ही राज्य का गौरव बहाल होगा और भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/assembly-election-road-show-of-amit-shah-and-rajnath-singh/article-151000"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/tamilnadu.png" alt=""></a><br /><p>चेन्नई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सत्तारूढ़ द्रमुक पर परिवारवाद की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और द्रमुक अध्यक्ष एम.के. स्टालिन का मुख्य लक्ष्य अपने बेटे और उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन को मुख्यमंत्री बनाना है। इसी दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी दक्षिणी जिले तेनकासी के वासुदेवनल्लूर (आरक्षित) चुनाव क्षेत्र में रोड शो किया और भाजपा उम्मीदवार अनंतन अय्यासामी के लिए प्रचार किया ।</p>
<p>अमित शाह ने रविवार को इरोड जिले के मोदाकुरिची चुनाव क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार सुश्री कृतिका के पक्ष में एक रोड शो में उन्होंने कहा कि 23 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए अन्नाद्रमुक के साथ एक विजयी गठबंधन बनाया गया है। द्रमुक शासन पर भ्रष्टाचार में शामिल होने का इल्जाम लगाते हुए उन्होंने कहा कि इस चुनाव के बाद राज्य में राजग सरकार के सत्ता में आते ही द्रमुक शासन के तमाम भ्रष्ट कारनामों पर लगाम लगा दी जायेगी और तमिलनाडु का खोया गौरव बहाल किया जायेगा। उन्होंने यह भी कहा कि द्रमुक शासन के तहत जो कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब हुई है, उसे फिर से दुरुस्त किया जायेगा।</p>
<p>अमित शाह ने द्रमुक दौर में परिवारवाद की राजनीति जारी रहने की बात कहते हुए कहा कि दिवंगत नेता एम. करुणानिधि के बाद उनके बेटे स्टालिन मुख्यमंत्री बने। अब स्टालिन के बेटे श्री उदयनिधि ने चुनावी राजनीति में कदम रखा है और उन्हें उपमुख्यमंत्री के पद पर पदोन्नत किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया, "स्टालिन का एकमात्र मकसद अपने बेटे को मुख्यमंत्री बनाना है और वे इसी लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में काम कर रहे हैं।" अमित शाह ने संसद और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने वाले महिला आरक्षण विधेयक पर द्रमुक और उसकी सहयोगी कांग्रेस, दोनों की आलोचना की और कहा कि ये दोनों पार्टियां इस विधेयक के खिलाफ थीं, जो संसद में महिलाओं की बढ़ी हुई भागीदारी सुनिश्चित करने</p>
<p>इससे पहले, बीती रात कोयंबटूर पहुंचे शाह तिरुपुर जिले के अविनाशी पहुंचे, जहां से वे हेलीकॉप्टर से मोदाकुरिची के शिवगिरी पहुंचे और शिवगिरी सरकारी अस्पताल से धीरन चिन्नामलाई प्रतिमा जंक्शन तक खुली जीप में रोड शो किया। सड़क के दोनों ओर भाजपा कार्यकर्ताओं और राज्य में राजग का नेतृत्व कर रहे अन्नाद्रमुक सहित पीएमके, एएमएमके, टीएमसी और अन्य गठबंधन दलों के सदस्यों की भारी भीड़ जमा थी।</p>
<p>बाद में अमित शाह कोयंबटूर लौटे और चेन्नई के लिए रवाना हो गये, जहां वे आज शाम मायलापुर चुनाव क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार और पार्टी की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष तमिलिसाई सुंदरराजन के समर्थन में और रोड शो करेंगे। सुश्री सुंदरराजन पुड्डुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल और तेलंगाना की पूर्व राज्यपाल भी रही हैं। शाह मायलापुर के प्रसिद्ध कपालेश्वर मंदिर में दर्शन करने के बाद अपना रोड शो शुरू करेंगे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दक्षिणी जिले तेनकासी के वासुदेवनल्लूर (आरक्षित) चुनाव क्षेत्र में रोड शो किया और भाजपा उम्मीदवार अनंतन अय्यासामी के लिए प्रचार किया। चिंतामणि जंक्शन से कामराज प्रतिमा जंक्शन तक रोड शो के पूरे रास्ते में भारी संख्या में लोग सड़कों के दोनों ओर कतारबद्ध थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 15:02:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>महिला आरक्षण मुद्दे पर सियासत तेज: कांग्रेस ने भाजपा मुख्यालय के समीप किया विरोध प्रदर्शन, महिलाओं के मुद्दे पर गंभीर नहीं होने का लगाया आरोप </title>
                                    <description><![CDATA[महिला आरक्षण विधेयक के मुद्दे पर कांग्रेस ने भाजपा मुख्यालय के समीप जोरदार प्रदर्शन किया। जयराम रमेश और दीपेंद्र हुड्डा जैसे नेताओं ने केंद्र पर महिलाओं को गुमराह करने का आरोप लगाया। विपक्ष का कहना है कि सरकार आरक्षण को परिसीमन से जोड़कर देरी कर रही है, जो महिलाओं के साथ सरासर धोखा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/politics-intensifies-on-womens-reservation-issue-congress-protests-near-bjp/article-150999"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/congress2.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। महिला आरक्षण संशोधन विधेयक के मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी के मुख्यालय के समीप जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए और केंद्र सरकार पर महिलाओं के मुद्दे पर गंभीर नहीं होने का आरोप लगाया। प्रदर्शन में जयराम रमेश, दीपेंद्र सिंह हुड्डा, देवेंद्र यादव, अलका लांबा समेत कई सांसद और नेता मौजूद रहे।</p>
<p>कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा, "बीजेपी ने जिस तरह महिलाओं को गुमराह करने की कोशिश की है, उससे उनकी महिला विरोधी मानसिकता साफ झलकती है। उनका असली उद्देश्य महिला आरक्षण के नाम पर परिसीमन लागू करना था। कांग्रेस पार्टी तब तक चैन से नहीं बैठेगी जब तक देश में महिला आरक्षण लागू नहीं हो जाता।"</p>
<p>वहीं कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, "2014 से नरेंद्र मोदी देश का नेतृत्व कर रहे हैं, लेकिन 2026 तक महिलाओं के साथ केवल धोखा हुआ है। सरकार महिला आरक्षण को लेकर गंभीर नहीं है। बीजेपी और प्रधानमंत्री केवल यह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि वे महिलाओं के पक्ष में हैं, जबकि हकीकत इसके उलट है।" ग़ौरतलब है कि महिला आरक्षण मुद्दे को लेकर राजनीति तेज है सत्ता पक्ष और विपक्ष एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगा रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 14:32:11 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>खराब मौसम के कारण दार्जीलिंग रैली में नहीं पहुंच पाए अमित शाह: गोरखा मुद्दे पर साधा ममता सरकार पर निशाना, बोले-इस बार होगा परिवर्तन</title>
                                    <description><![CDATA[खराब मौसम के कारण अमित शाह ने वीडियो संदेश के जरिए दार्जीलिंग में चुनावी रैली को संबोधित किया। उन्होंने ममता बनर्जी पर गोरखा मुद्दों की अनदेखी और 'पुलिस राज' का आरोप लगाया। शाह ने वादा किया कि 5 मई को भाजपा सरकार बनते ही गोरखाओं के संवैधानिक अधिकारों और लंबित समस्याओं का स्थायी समाधान निकाला जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/amit-shah-could-not-reach-darjeeling-rally-due-to-bad/article-150550"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/amit-shah2.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लंबे समय से चले आ रहे गोरखा मुद्दे के स्थायी समाधान का बुधवार को आश्वासन दिया और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। अमित शाह खराब मौसम के कारण रैली स्थल पर नहीं पहुंच सके और वीडियो संदेश के माध्यम से उत्तर बंगाल के पर्वतीय इलाके के लोगों को संबोधित किया। वह दार्जीलिंग में निर्धारित चुनावी रैली को संबोधित करने के लिए वहां नहीं पहुंच सके थे, इसलिए उन्होंने मालदा से एक वीडियो संदेश के जरिए पहाड़ी क्षेत्र के मतदाताओं से संवाद किया।</p>
<p>अमित शाह को दार्जीलिंग और कुर्सियोंग विधानसभा क्षेत्रों से भाजपा उम्मीदवारों के समर्थन में दार्जीलिंग के लेबोंग में अपनी पहली रैली को संबोधित करना था, लेकिन खराब मौसम के कारण बागडोगरा हवाई अड्डे पर उनके विमान को उतरने की अनुमति मिल सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस सरकार ने पूरे दार्जीलिंग में पुलिस राज स्थापित कर दिया है। ममता बनर्जी की सरकार पर्वतीय इलाकों में जिस तरह का पुलिस शासन चला रही है, भाजपा के सत्ता में आते ही उसे उखाड़ फेंका जाएगा और गोरखाओं के साथ हुए अन्याय काे समाप्त किया जाएगा।</p>
<p>गोरखा मुद्दा अब तक अनसुलझा रहने का कारण बताते हुए अमित शाह ने मुख्यमंत्री पर इसकी अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ साल में उन्होंने पहाड़ी मुद्दों पर तीन बार बैठकें बुलाईं, लेकिन ममता बनर्जी न तो खुद शामिल हुईं और न ही उन्होंने दिल्ली में अपना कोई प्रतिनिधि भेजा। उन्होंने कहा कि उनके पश्चिम बंगाल दौरों के दौरान भी चर्चा के प्रयास सफल नहीं हुए, क्योंकि राज्य सरकार ने इसके लिए समय नहीं दिया। अमित शाह ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी पर्वतीय इलाकों में शांति या गोरखा समुदाय के लिए संवैधानिक अधिकारों की बहाली नहीं चाहतीं।</p>
<p>मतदाताओं को आश्वस्त करते हुए उन्होंने कहा कि पांच मई को बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के बाद उनका पहला काम गोरखाओं के लंबे समय से लंबित मुद्दों का स्थायी समाधान खोजना होगा। केन्द्रीय गृह मंत्री ने व्यक्तिगत रूप से रैली में शामिल न हो पाने के लिए माफी भी मांगी और एक नयी अभियान तिथि की घोषणा की। उन्होंने बताया कि वह मतदाताओं को सीधे संबोधित करने के लिए 21 अप्रैल को सुकना का दौरा करेंगे। अमित शाह ने कहा कि पूरे राज्य में राजनीतिक परिवर्तन की लहर चल रही है। उन्होंने दावा किया कि घुसपैठ रोकना, सिंडिकेट प्रणाली को समाप्त करना और कानूनविहीनता पर अंकुश लगाना भाजपा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताएं होंगी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 17:33:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>सम्राट चौधरी बने बिहार में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री : मदरसे से रहा है ताल्लुक, पढ़ें लालू के साथ शुरूआत से लेकर सीएम बनने तक का सफर</title>
                                    <description><![CDATA[सम्राट चौधरी ने बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर नया इतिहास रच दिया है। भाजपा को दशकों के इंतजार के बाद बिहार में अपना पहला मुख्यमंत्री मिला। मुंगेर के एक मदरसे से शिक्षा प्राप्त कर राजनीतिक शिखर तक पहुंचे सम्राट ने नीतीश कुमार की विरासत संभाली है, जिससे राज्य में सत्ता का समीकरण पूरी तरह बदल गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/samrat-choudhary-becomes-the-first-chief-minister-of-bjp-in/article-150480"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/samratt-3.png" alt=""></a><br /><p>पटना। सम्राट चौधरी ने बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है और इसके साथ ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी उंस महत्वाकांक्षा को हासिल कर लिया है, जिसका पीछा वह लंबे समय से कर रही थी। भाजपा ने 2023 में सम्राट चौधरी को पार्टी का बिहार प्रदेश अध्यक्ष बना कर जो राजनीतिक निवेश किया था, तीन साल बाद उसकी ब्याज के साथ वसूली हो गयी है। 46 साल पुरानी इस पार्टी को लंबे जद्दोजहद के बाद बिहार में उसका पहला मुख्यमंत्री मिल गया है।</p>
<p><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/shakuni-chaudhary.png" alt="Shakuni Chaudhary" width="1200" height="600"></img></p>
<p>सम्राट चौधरी का जन्म 16 नवंबर 1968 को मुंगेर जिले में तारापुर के लखनपुर गांव में हुआ था। सम्राट चौधरी का शुरुआती नाम राकेश चौधरी था, जिसे बाद में उन्होंने बदल कर सम्राट चौधरी कर दिया। पिता शकुनी चौधरी कुशवाहा समाज के बड़े चेहरे और प्रदेश के कद्दावर नेताओं में एक रहे हैं। शकुनी चौधरी पहली बार 1985 में तारापुर सीट से विधायक बने थे। यह वही साल था जब नीतीश कुमार भी पहली बार हरनौत से विधानसभा चुनाव जीते थे। शकुनी चौधरी इसके बाद सात बार विधायक और एक बार सांसद बने। 1998 में जब सम्राट चौधरी खगड़िय लोकसभा सीट से सांसद बने तब उनकी पारंपरिक तारापुर सीट से उनकी पत्नी और सम्राट चौधरी की माता पार्वती देवी विधायक बनी। सम्राट चौधरी एक छोटे से गांव से निकलकर एक मदरसे में पढ़कर मुख्यमंत्री के पद तक पहुंचे हैं। सम्राट चौधरी लखनपुर की कच्ची गलियों में एक मकान की छत पर बने 'मदरसा इस्लामिया' में पढ़े हैं।</p>
<p><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/lalu-yadav1.png" alt="lalu yadav" width="1200" height="600"></img></p>
<p>सम्राट चौधरी की राजनीतिक शिक्षा अलग अलग हस्तियों के साथ हुई। 1990 में राजनीति में प्रवेश के बाद सन 2014 में राष्ट्रीय जनता दल छोड़ने से पहले उन्होंने काफी लंबा समय लालू प्रसाद के साथ गुजारा। लालू प्रसाद के साथ राजनीति की स्कूलिंग के बाद उन्होंने आगे के चार वर्ष नीतीश कुमार के साथ गुजरे और उसके बाद भाजपा की राजनीतिक भठ्ठी में तप कर कुंदन बन गए। नीतीश कुमार के जनता दल यूनाइटेड (जदयू) में आने के बाद 2014 में वह विधानपरिषद के सदस्य बने, जबकि अगले टर्म 2020 में उनको भाजपा ने विधानपरिषद में भेजा।</p>
<p><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/rabri-devi.png" alt="Rabri Devi" width="1200" height="600"></img></p>
<p>2020 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को 74 और जदयू को सिर्फ 43 सीटें मिली। बावजूद इसके मुख्यमंत्री का पद नीतीश कुमार के पास ही रहा। राजनीतिक पंडितों ने कहा कि भाजपा के पास आक्रामक नेतृत्व की कमी है। फिर क्या था, भाजपा ने बिहार के अनुकूल जातीय समीकरण के साथ एक आक्रामक नेता की खोज शुरू की। इन्ही परिस्थितियों में जब जदयू और भाजपा के बीच मुख्यमंत्री पद की जद्दोजहद चल रही थी, 9 अगस्त 2022 को नीतीश कुमार ने फिर राजग से नाता तोड़ लिया और महागठबंधन में शामिल हो गए। यह वह स्थान था, जहां से भाजपा ने अपने लिए एक स्थाई मुख्यमंत्री के चेहरे की तलाश शुरू की। पार्टी ने 2021-22 में नीतीश मंत्रिमंडल में पंचायती राज मंत्री रहे और अगस्त 2022 से बिहार विधानपरिषद में विपक्ष ने नेता पद पर काबिज सम्राट चौधरी को 23 मार्च 2023 को संजय जायसवाल की जगह बिहार में पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बना दिया। इस परिवर्तन पर बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने तंज कसते हुए कहा था कि ‘भाजपा अब बनियों की पार्टी नही रही।‘</p>
<p><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/wife.png" alt="wife" width="1200" height="600"></img></p>
<p>दरअसल, इस परिवर्तन के साथ सम्राट चौधरी के रूप में भाजपा एक ऐसे शक्श को ले कर आई जो कुशवाहा बिरादरी के एक बड़े नेता शकुनी चौधरी का पुत्र था। शकुनी चौधरी कभी लालू प्रसाद के यादव मतों के खिलाफ खड़े हुए नीतीश के लव(कुर्मी) और कुश (कोइरी) समीकरण के ध्वजवाहक रहे थे। सम्राट चौधरी को ला कर भाजपा ने नीतीश कुमार के कोइरी-कुर्मी समीकरण में सेंध डालने के साथ उस छवि को भी उतरने का प्रयास किया, जिसमे उसको अगड़ों की पार्टी कहा जाता था।सम्राट चौधरी ने 2023 में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बनते ही अपने आक्रामक तेवर दिखाने शुरू कर दिये। उन्होंने सर पे मुरेठा बांध लिया और कहा कि अब यह मुरेठा बिहार में नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटा कर ही उतरेगा। यह अलग बात है कि अगले ही साल 2024 में जदयू-भाजपा पुनः साथ आ गए और चौधरी को नीतीश कैबिनेट में जगह के साथ उपमुख्यममंत्री का ओहदा भी मिल गया। चौधरी ने भी इसके बाद सरयू नदी में स्नान के दौरान अपना मुरेठा यह कह कर उतार दिया कि कसम महागठबंधन के मुख्यमंत्री को गद्दी से उतरने की खाई थी।</p>
<p><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/nitish.png" alt="nitish" width="1200" height="600"></img></p>
<p>2024 में पुनः जदयू-भाजपा गठजोड़ के बाद अगले साल अक्टूबर-नवंबर में बिहार विधानसभा चुनाव हुए। नीतीश कुमार के अस्वस्थ होने की खबरों के बीच उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को सरकार के प्रशासन में दखल देने के अवसर ज्यादा मिलने शुरू हुए। वह एक साये की तरह मुख्यमंत्री कुमार की सभाओं में भाग लेते रहे। 2025 विधानसभा चुनाव में राजग को 243 के सदन में 202 सीटों की प्रचंड जीत मिली। इस बार भी 2020 की तरह भाजपा को जदयू से ज्यादा सीटें मिली। भाजपा 89 सीटों के साथ सदन में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी। 2014 से लगातार विधान परिषद का सदस्य रहे सम्राट चौधरी इस बार अपने पिता की विरासत तारापुर सीट से 2025 में चुनाव लड़े और प्रचंड बहुमत के साथ जीत कर विधानसभा में पहुंचे।</p>
<p><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/samrat-5.png" alt="Samrat-5" width="1200" height="600"></img></p>
<p>2025 के विधानसभा चुनाव के बाद नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बन तो गये, लेकिम अटकलें तेज हो गयीं कि भाजपा शीघ्र ही बिहार में शीर्ष पद हथिया लेगी। चुनाव से पहले ही भाजपा के फायर ब्रांड नेता केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने संकेत दिए थे कि सम्राट चौधरी बिहार के अगले मुख्यमंत्री बन सकते हैं। जनसुराज के नेता और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने भी भविष्यवाणी की थी कि राजग चुनाव जीत भी जाये तो अब नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नही रहेंगे।</p>
<p><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/samratt-1.png" alt="samratt-1" width="1200" height="600"></img></p>
<p>नवंबर 2025 में नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री बनने के बाद नई कैबिनेट में सम्राट चौधरी को गृह मंत्रालय मिलना, उनके बढ़ते प्रभाव का एक और संकेत था। नीतीश कुमार ने अपने दो दशकों के मुख्यमंत्रित्व काल में पहली बार गृहमंत्रालय छोड़ा था। मार्च 2026 में अचानक इस बात की खबर आई कि नीतीश कुमार राज्यसभा जा रहे हैं। 15 मार्च को राज्यसभा चुनाव में नीतीश कुमार की जीत के बाद बिहार में नये मुख्यमंत्री के चेहरे की तलाश शुरू हुई। इस क्रम में मुख्यमंत्री पद के लिए भाजपा में नितिन नवीन, नित्यानंद राय, धर्मशीला गुप्ता, श्रेयसी सिंह, मंगल पांडेय, दिलीप जायसवाल सहित दर्जन भर नामों की चर्चा राजनीतिक गलियारों में चलती रही, लेकिन सम्राट चौधरी शुरू से पहले स्थान पर ट्रेंड करते रहे और आखिर में बिहार के चौबीसवें और भाजपा के पहले मुख्यमंत्री का ओहदा उनको मिल ही गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 12:42:54 +0530</pubDate>
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                <title>सम्राट चौधरी बने बिहार के 24वें मुख्यमंत्री : विजय चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव बने डिप्टी सीएम, राज्यपाल ने दिलाई पद एवं गोपनीयता की शपथ</title>
                                    <description><![CDATA[बिहार की राजनीति में नए युग का आगाज हो गया है। सम्राट चौधरी ने नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है, जबकि विजेंद्र यादव और विजय चौधरी उपमुख्यमंत्री बने हैं। राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने उन्हें पद की शपथ दिलाई। इस ऐतिहासिक समारोह में जेपी नड्डा और नितिन नबीन सहित कई दिग्गज नेता मौजूद रहे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/samrat-chaudhary-took-oath-as-the-new-cm-of-bihar/article-150452"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)-(12).png" alt=""></a><br /><p>पटना। बिहार में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग )विधायक दल के नेता सम्राट चौधरी ने आज यहां राज्य के मुख्यमंत्री के पद और गोपनीयता की शपथ ली। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सेवानिवृत सैयद अता हसनैन ने लोक भवन में आयोजित एक सादे समारोह में सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री के पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके अलावा राज्यपाल ने जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव को राज्य के काबीना मंत्री पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस मौके पर बिहार के निवर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार,भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, सांसद विधायक और बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद थे।</p>
<p><span class="storydetails">भाजपा ने 2023 में सम्राट चौधरी को पार्टी का बिहार प्रदेश अध्यक्ष बना कर जो राजनीतिक निवेश किया था, तीन साल बाद उसकी ब्याज के साथ वसूली हो गयी है। 46 साल पुरानी इस पार्टी को लंबे जद्दोजहद के बाद बिहार में उसका पहला मुख्यमंत्री मिल गया है। बिहार में नीतीश कुमार जब 26 साल पहले महज सात दिनों के लिए मुख्यमंत्री बने थे, तब सम्राट चौधरी विरोधी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के टिकट पर परबत्ता विधानसभा क्षेत्र से चुन कर आये थे। इस चुनाव में चौधरी के पिता और नीतीश कुमार की पुरानी समता पार्टी के संस्थापक सदस्यों में एक शकुनी चौधरी भी विरोधी खेमे में थे। सन 2000 के चुनाव में नीतीश की पार्टी को सिर्फ 34 सीटें मिली थी, जबकि भाजपा ने 67 सीटें जीती थीं। बावजूद इसके प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने अपनी ही कैबिनेट में शामिल गठबंधन के एक घटक दल के नेता नीतीश कुमार को प्रदेश की राजनीति में मुख्यमंत्री के दावेदार के रूप में उतार दिया था। वाजपेयी की यह उदारता गठबंधन के सहयोगी दलों के प्रति उनकी उदारता के रूप में देखी गयी। इस प्रयोग में नीतीश भले सात दिन मुख्यमंत्री रहे, लेकिन बिहारवासियों को भविष्य के लिए मुख्यमंत्री का एक नया चेहरा मिल गया। बाद में नवंबर 2005 में नीतीश मुख्यमंत्री बने और 16 जून 2013 तक भाजपा के सहयोग से इस पद पर बने रहे।<br /></span></p>
<p><span class="storydetails">यह वही दौर था जब सम्राट चौधरी राजनीति के विद्यार्थी के रूप में विकसित हो रहे थे। सन 2000 में परबत्ता विधानसभा सीट से पहली बार राष्ट्रीय जनता दल से विधायक बनने के बाद 2005 का विधानसभा चुनाव वह हार गये थे और 2010 में वापसी करते हुए एक बार फिर परबत्ता सीट से जीत कर विधानसभा में पहुंचे। 2014 में श्री चौधरी ने राजद के साथ अपनी लंबी राजनीतिक पारी का पटाक्षेप किया और नीतीश कुमार की जदयू का हिस्सा बन गए। उन्हें उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी की कैबिनेट में नगर विकास और आवास मंत्री का पद हासिल हुआ। इससे पहले 1999 में श्री चौधरी राबड़ी देवी के मंत्रिमंडल में भी शामिल हुए थे, लेकिन वह चांदनी थोड़े समय की थी।<br /></span></p>
<p><span class="storydetails">सम्राट चौधरी जब जदयू में आये, बिहार की राजनीति प्रयोग के दौर से गुजर रही थी। सन 2014 के लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री का चेहरा घोषित किया तो नीतीश इसके विरोध में 2013 में ही गठबंधन से बाहर निकल गए थे। 2014 में नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने और यहीं से भाजपा ने बिहार में अपने लिए मुख्यमंत्री पद का चेहरा तलाशना शुरू क़िया। इस क्रम में भाजपा ने पुराने चावल सुशील मोदी पर दांव लगाया, लेकिन नीतीश कुमार के पुनः राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन(राजग) में लौट आने के बाद बिहार मंत्रिमंडल में उनकी हैसियत नंबर दो पर स्थिर हो गयी। जिस भाजपा ने सन 2000 से 2013 तक चट्टान बन कर नीतीश का साथ दिया था, वही अब लगातार ऐसे विकल्प ढूंढ रही थी, जो बिहार में उनके मुख्यमंत्री पद का चेहरा हो और श्री कुमार को गद्दी से उतारने के लिए जनाधार बनाये। इन्ही परिस्थितियों में सम्राट चौधरी ने 2018 में जदयू का दमन छोड़ा और भाजपा का केसरिया अपने कंधे पर ओढ़ लिया। उसी वर्ष भाजपा ने बिहार में उनको पार्टी का प्रदेश उपाध्यक्ष बना दिया।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 11:06:38 +0530</pubDate>
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                <title>सम्राट चौधरी बनेंगे बिहार के नए सीएम : विजेंद्र प्रसाद यादव और विजय चौधरी बनेंगे डिप्टी सीएम, कल सुबह होगा शपथ ग्रहण समारोह</title>
                                    <description><![CDATA[बिहार की राजनीति में बड़ा उलटफेर करते हुए नीतीश कुमार ने इस्तीफा दे दिया है। सम्राट चौधरी को नया मुख्यमंत्री चुना गया है, जबकि विजेंद्र प्रसाद यादव और विजय चौधरी उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। नई सरकार का शपथ ग्रहण बुधवार, 15 अप्रैल को सुबह 11 बजे लोक भवन में होगा। पटना में सत्ता परिवर्तन की लहर तेज है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/samrat-chaudhary-will-become-the-new-cm-of-bihar-vijendra/article-150404"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)-(12).png" alt=""></a><br /><p>पटना। ​बिहार की राजनीति में आज का दिन काफी अहम रहा, क्योंकि एक तो नीतीश कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया और दूसरा बिहार को अब नया सीएम मिलेगा। सूत्रों के अनुसार, बिहार के नए सीएम पद के लिए सम्राट चौधरी का नाम सामने आ रहा है। उपेंद्र कुशवाहा ने सम्राट चौधरी को बिहार का नया सीएम बनने के लिए बधाई तक दे दी है। बता दें कि बिहार की राजनीति में कई नामों पर चर्चा हो रही थी लेकिन आज सम्राट चौधरी को बिहार का नया सीएम चुना गया है।</p>
<p>इसके अलावा बिहार के डिप्टी सीएम के लिए नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार और विजय चौधरी का नाम लगभग फाइनल माना जा रहा था लेकिन अब इन नामों से भी पर्दा हट गया है और अब विजेंद्र प्रसाद यादव और विजय चौधरी को बिहार का उपमुख्यमंत्री बनाया जाएगा। इसके साथ ही, बता दें कि बिहार की नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह बुधवार 15 अप्रैल को सुबह 11 बजे लोक भवन में होगा। बुधवार को केवल ये तीन लोग ही शपथ ग्रहण करेंगे जिसके लिए लोकभवन ने आदेश भी जारी कर दिया है। अब​ थोड़ी देर में सम्राट चौधरी राज्यपाल से मुलाकात करेंगे। सम्राट चौधरी के सीएम बनने को लेकर भाजपा की बैठक में मुहूर भी लग चुकी है। सम्राट चौधरी अब सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे।</p>
<p>बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को कहा कि राज्य की नई सरकार को उनका पूरा सहयोग और मार्गदर्शन हासिल रहेगा। मुख्यमंत्री श्री कुमार ने आज लोक भवन में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन को अपना इस्तीफा सौंपा। नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की जानकारी देते हुये लिखा, 24 नवंबर, 2005 को राज्य में पहली बार राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार बनी थी। उन्होंने कहा कि इसके बाद से राज्य में कानून का राज है और राजग सरकार लगातार विकास के काम में लगी हुयी है।</p>
<p>नीतीश कुमार ने बताया कि राजग सरकार ने शुरू से ही सभी तबकों का विकास किया है। उन्होंने कहा कि चाहे हिंदू हो, मुस्लिम, अपर कास्ट, पिछड़ा, अति पिछड़ा, दलित, महादलित हो- सभी के लिए सरकार ने काम किया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य ,सड़क बिजली,कृषि हर क्षेत्र में विकास को गति दी गई। महिलाओं एवं युवाओं के लिए भी अवसर तलाशे गए। सीएम कुमार ने कहा कि अगले पाँच वर्षों ,2025 से 2030 के लिए 7 निश्चय-3 का गठन किया गया है। इसके माध्यम से बिहार काफी आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि बिहार के विकास में केन्द्र का भी पूरा सहयोग मिल रहा है। इसके लिए वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का नमन करते हैं। उन्होंने उम्मीद जतायी कि बिहार और तेजी से विकसित होगा और देश के शीर्ष राज्यों में शामिल हो कर देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देगा।</p>
<p>मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार के लोगों के बेहतर जीवन के लिया सरकार ने लगतार काम किया है। सीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री पद छोड़ने के निर्णय के साथ उन्होंने आज मंत्रिमंडल की बैठक के बाद राज्यपाल से मिलकर अपना इस्तीफा सौंप दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का कामकाज अब नई सरकार देखेगी और उसे उनका पूरा सहयोग एवं मार्गदर्शन हासिल रहेगा। उन्होंने उम्मीद जतायी और कहा कि आगे भी राज्य विकास के पथ पर अग्रसर रहेगा।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Apr 2026 16:34:14 +0530</pubDate>
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                <title>बदलने वाला है बिहार का निज़ाम, बैठकों का सिलसिला जारी : प्रशासनिक तैयारियां तेज, राज्यपाल के सचिव ने की उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात</title>
                                    <description><![CDATA[पटना में भारी राजनीतिक हलचल के बीच नीतीश कुमार आज इस्तीफा दे सकते हैं। जदयू कार्यालय से उनके पोस्टर हटने और सम्राट चौधरी के साथ उच्चस्तरीय बैठकों ने सत्ता परिवर्तन की पुष्टि कर दी है। शपथ ग्रहण की तैयारियां तेज हैं, जहां नए कैबिनेट में अनुभवी और युवा चेहरों के संतुलन पर मंथन जारी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/nizam-of-bihar-is-about-to-change-series-of-meetings/article-150302"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/nitish2.png" alt=""></a><br /><p>पटना। बिहार में नई सरकार की कवायद, राज्य की राजधानी पटना में उच्चस्तरीय बैठकों का सिलसिला और प्रशासनिक तैयारियां कह रही हैं कि प्रदेश का निजाम बदलने वाला है। इन सियासी हलचलों के बीच एक प्रतीकात्मक बदलाव भी देखने को मिला। नवंबर 2025 में विधानसभा चुनाव में जीत के बाद जदयू कार्यालय से 25 से 30, फिर से नीतीश के पोस्टर लगाए गए थे, लेकिन अब उन्हें उतारा जा रहा है। इन पोस्टरों की भी एक भाषा है, जो प्रदेश में नीतीश युग की समाप्ति के संकेत दे रहे हैं। इन्हीं संकेतों के बीच राज्यपाल के सचिव ने आज प्रदेश के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से उनके आवास पर मुलाकात की। दोनों के बीच करीब 30 मिनट तक बातचीत हुई, जिससे राजनीतिक पंडितों को आने वाले दिनों में प्रदेश के सियासी परिदृश्य पर होने वाले बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं। </p>
<p><strong>आज इस्तीफा दे सकते हैं नीतीश : </strong>14 अप्रैल का दिन बिहार के राजनीतिक गलियारे में बेहद अहम है। सुबह 11 बजे नीतीश कुमार की अध्यक्षता में अंतिम कैबिनेट बैठक होगी, जिसके बाद वह इस्तीफा दे सकते हैं और इसके साथ हीं मौजूदा सरकार का कार्यकाल औपचारिक रूप से समाप्त हो जाएगा।</p>
<p><strong>सम्राट से मिले ललन सिंह</strong></p>
<p>इससे पहले केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा ने भी चौधरी से मुलाकात की। इस बात की चर्चा है कि इस मुलाकात में नई सरकार में जदयू के संभावित मंत्रियों के नामों पर चर्चा हुई। यह बैठक करीब 40 मिनट तक चली।  </p>
<p><strong>शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां</strong></p>
<p>इसी बीच शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां शुरू हो गई हैं। राज्यपाल के सचिव ने लोक भवन में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। पटना के जिलाधिकारी टी. त्यागराजन ने भी लोक भवन पहुंचकर राज्यपाल को तैयारियों की जानकारी दी। </p>
<p><strong>नीतीश ने भी की मंत्रणा</strong></p>
<p>उधर जदयू के भीतर नई कैबिनेट के आकार और नए व अनुभवी चेहरों के संतुलन को लेकर गहन मंथन जारी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री आवास पर करीब दो घंटे तक बैठक हुई, जिसमें कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Tue, 14 Apr 2026 11:19:42 +0530</pubDate>
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