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                <title>nursery - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>ग्राम पंचायत खेरूला में ही नरेगा में नर्सरी का बजट है नौ लाख रुपए</title>
                                    <description><![CDATA[वर्ष 2021 में शुरू की गई थी नर्सरी, अब तक 14 हजार पौधे बांट चुके।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-budget-of-nursery-under-nrega-in-gram-panchayat-kherula-itself-is-nine-lakh-rupees/article-76671"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/gram-panchayat--kherula-me-hi-narega--me-nursery-ka-budget-h-no-lakh-rupay...kota-news-03-05-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। जिले में मनरेगा के तहत वर्ष 2021 से ग्राम पंचायत स्तर पर नर्सरी तैयार कराने और पौधरोपण कार्य की शुरुआत की गई थी। जिसका उद्देश्य नरेगा श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ ही पर्यावरण सुधार भी है। ग्राम पंचायत खेरूला को नर्सरी तैयार कराने और पौधरोपण के लिए तथा श्रमिकों को रोजगार देने की खातिर नौ लाख रुपए का बजट स्वीकृत किया था। यहां 2021 में शुरू की गई नर्सरी में 14 हजार पौधे तीन सालों में तैयार कर बांटे भी जा चुके हैं। वहीं इस साल मार्च से अब तक 2800 पौधे तैयार किए जा चुके हैं। इस बार 4 हजार पौधे नर्सरी में तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इन सभी कार्यों में नरेगा श्रमिक लगे हुए हैं जो बीजरोपण से लेकर पौधे बनने तक उसकी देखभाल करते हैं। इतना ही नहीं नर्सरी की चारदीवारी के पास भी अभी तक कुल 150 से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। पिछले वर्षों में तैयार किए गए 14 हजार पौधों को जिले की अलग-अलग ग्राम पंचायतों में निशुल्क वितरित किए हैं। </p>
<p><strong>अभी तक दो लाख रुपए ही हुए हैं खर्च</strong><br />ग्राम पंचायत खेरूला में सार्वजनिक स्थान महादेवजी की बगीची में नर्सरी और पौधरोपण का कार्य वर्ष 2021 में सेक्शन हुआ था। इसके बाद मनरेगा के तहत यहां पर श्रमिकों को लगाया गया और उनसे पौधे तैयार करवाए गए। नर्सरी में पिछले तीन वर्षों में कुल 14 हजार पौधे तैयार करवाए गए। जिनका यहां आसपास की ग्राम पंचायतों में वितरण निशुल्क कर दिया गया। इसके अलावा मार्च 2024 से 4 हजार पौधे तैयार कराने का लक्ष्य रखा है जिनमें से 2800 पौधे दो माह में ही तैयार करा लिए गए हैं। शेष पौधे भी जल्द ही तैयार करवाए जाएंगे।</p>
<p><strong>इन ग्राम पंचायतों में बांटे पौधे</strong><br />जिले की ग्राम पंचायत गढ़ेपान, बमोरी, जालिमपुरा, बूढ़ादीत व बड़ौद आदि में खेरूला ग्राम पंचायत की नर्सरी में तैयार किए गए पौधों का वितरण निशुल्क किया गया है। इसके अलावा भी अन्य आसपास के गांवों में भी पौधे बांटे जाते हैं।</p>
<p><strong>9 लाख का है बजट </strong><br />हमारे पास नरेगा के तहत पौधे लगाने और नर्सरी में पौधे तैयार करने को लेकर नरेगा मद में 9 लाख रुपए का बजट मिला हुआ है। जिसमें से अभी तक मात्र 2 लाख रुपए खर्च हुए हैं। इनमें से ही श्रमिकों को वेतन और बीज आदि खरीदने में रुपए खर्च किए जाते हैं।<br /><strong>-जितेन्द्र, रोजगार सहायक, ग्राम पंचायत खेरूला</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 May 2024 15:55:47 +0530</pubDate>
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                <title>महात्मा गांधी स्कूलों में खिलेंगी अब बाल वाटिकाएं</title>
                                    <description><![CDATA[ प्राइवेट स्कूलों की तरह सरकारी स्कूलों में भी बच्चे नर्सरी से यूकेजी तक पढ़ाई करेंगे। बाल वाटिका में हर वो सुविधाएं उपलब्ध होगी जो कॉन्वेंट स्कूलों में मिलती है। सरकार के इस प्रयास से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को संबल मिलेगा। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/bal-vatikas-will-now-bloom-in-mahatma-gandhi-schools/article-31308"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-12/mahatma-gandhi-schools-mei-khilegi-ab-bal-vatikaye...kota-news.2.12.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। सरकारी स्कूलों में क्वालिटी एजुकेशन देने के लिए सरकार करोड़ों रुपए खर्च कर रही है। बुनियादी शिक्षा से ही नींव मजबूत करने में जुटी है। प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर सरकारी स्कूलों को विकसित करने के लिए नए-नए नवाचार किए जा रहे हैं। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बच्चों का सवार्गीण विकास के लिए प्रदेशभर में महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल खोले गए। इसी दिशा में एक कदम और बढ़ाते हुए सरकार ने अब सरकारी स्कूलों में प्री-प्राइमरी कक्षाएं शुरू कर दी है। प्राइवेट स्कूलों की तरह सरकारी स्कूलों में भी बच्चे नर्सरी से यूकेजी तक पढ़ाई करेंगे। दरअसल, सरकार ने छोटे बच्चों को रोचक तरीके से शिक्षा से जोड़ने और उनकी मानसिक तथा बौद्धिक क्षमता विकसित करने के लिए प्रदेश के 925 माहात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूलों में प्री-प्राइमरी कक्षाएं शुरू की है। सरकार ने इन्हें बाल वाटिका नाम दिया है। कोटा जिले में कुल 27 महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल हैं, जिनमें से 19 में बाल वाटिका शुरू की गई है। इसमें 3 या इससे अधिक उम्र के बच्चों को एडमिशन दिया जाएगा। यहां बच्चे प्राइवेट स्कूल की तरह नर्सरी से यूकेजी तक फिर कक्षा 1 से 12वीं तक की मुफ्त में पढ़ाई करेंगे। बाल वाटिका में हर वो सुविधाएं उपलब्ध होगी जो कॉन्वेंट स्कूलों में मिलती है। सरकार के इस प्रयास से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को संबल मिलेगा। </p>
<p><strong>6 जनवरी से शुरू होंगी क्लासें</strong><br />बाल वाटिका में एडमिशन के लिए शेड्यूल जारी करने के साथ ही 6 जनवरी 2023 से क्लासेज शुरू करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि शिक्षा सत्र का अधिकांश हिस्सा बीत चुका है और स्कूल्स में फिलहाल एडमिशन का समय नहीं है। विभागीय अधिकारियों की ओर से उम्मीद जताई जा रही है कि बीच सत्र में भी बड़ी संख्या में सरकारी महात्मा गांधी स्कूल में प्री-प्राइमरी के एडमिशन होंगे। एडमिशन फॉर्म संबंधित स्कूलों से प्राप्त कर सकते हैं। </p>
<p><strong>आज से शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया </strong><br />महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल मल्टीपरपज के प्रिंसिपल राहुल शर्मा ने बताया कि कोटा शहर के 19 महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल में बाल वाटिकाएं शुरू होंगी। विभाग की ओर से जारी शिड्यूल के अनुसार गुरूवार से एडमिशन के लिए विज्ञप्ति जारी की गई है।  इसके साथ ही 2 दिसंबर से 15 दिसंबर तक आवेदन लिए जाएंगे। प्रवेश के लिए मिले आवेदनों की लिस्ट 16 दिसंबर को स्कूल में नोटिस बोर्ड पर प्रकाशित की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रत्येक क्लास में 25 स्टूडेंट्स को एडमिशन दिया जाएगा। इससे अधिक आवेदन होने पर 21 दिसंबर को लॉटरी निकाली जाएगी। 22 दिसंबर को लॉटरी से चयनित स्टूडेंट्स की लिस्ट नोटिस बोर्ड पर प्रकाशित होगी। इसके साथ ही एडमिशन की कागजी कार्रवाई 23 दिसंबर से शुरू हो जाएगी। क्लासेज 6 जनवरी से शुरू होगी।  </p>
<p><strong>सीसीई पैटर्न पर होगा मूल्यांकन</strong><br />पूर्व प्राथमिक बाल वाटिका कक्षाओं के लिए पाठ्यचर्या व पाठ्यपुस्तकें राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद उदयपुर द्वारा तैयार की गई है। यह किताबें राजस्थान राज्य पाठ्य पुस्तक मंडल जयपुर द्वारा उपलब्ध करवाई जाएगी। आकलन सतत और व्यापक मूल्यांकन (सीसीई ) पद्धति के अनुसार किया जाएगा। इसमें बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण, दिन-प्रतिदिन के अनुभव, कला कार्य, भागीदारी एवं व्यवहार को शामिल किया जाएगा। </p>
<p><strong>क्या है बाल वाटिका </strong><br />बाल वाटिका योजना के तहत प्राइमरी क्लास से पहले बाल विकास के लिए नींव मजबूत करने का कार्य किया जाता है। जिसमें तरह तरह के खेलों के माध्यम से बच्चों को पढ़ने, लिखने तथा संख्याओं को समझने की शिक्षा दी जाती है। साथ ही उनके दिमाग की उत्तेजना को भी विकसित किया जाता है, जिससे बच्चों में और भी क्रिएटिविटी आए और शिक्षा ग्रहण करने के लिए अच्छे से तैयार हो सके। यानी, नींव मजबूत करना ही बाल वाटिका का उददेशय है। </p>
<p><strong>सप्ताह में 5 दिन लगेगी स्कूल</strong><br />बाल वाटिका प्री प्राइमरी क्लासेज सिर्फ चार घंटे संचालित होंगी। इसके लिए सर्दी में 1 अक्टूबर से 31 मार्च तक सुबह 10 बजे से 2 बजे तक स्कूल का संचालन होगा। वहीं, 1 अप्रेल से 30 सितंबर तक सुबह 8 बजे से 12 बजे तक स्कूल चलेंगे। सप्ताह में पांच दिन क्लासेज चलेंगी और शनिवार व रविवार अवकाश रहेगा।</p>
<p><strong>बाल वाटिका के कार्य </strong><br />बाल वाटिका का प्रमुख कार्य बच्चों को प्राइमरी क्लास से पहले उनके प्रारंभिक वर्षों में उचित देखभाल और मस्तिष्क की उत्तेजना बढ़ाने में मदद करना है। जिससे जब बच्चें प्राइमरी क्लास में अपना दाखिला कराए तो उन्हें किसी भी प्रकार की कोई परेशानी का सामना न करना पड़े और वह स्कूलों के वातावरण में अच्छे से अपने आप को ढाल सके। विभिन्न खेलों के माध्यम से बच्चों को व्यवहारिक ज्ञान दिया जाता है। साथ ही पढ़ने, लिखने तथा संख्याओं की सही समझ के बारे में सिखाया जाता है। हालांकि बच्चे इसको अच्छे से सीखते भी हैं क्योंकि यह सभी एक खेल की तरह आयोजित किया जाता है।</p>
<p><strong>यह होगा लाभ</strong><br />बाल वाटिका से शिक्षा के आधार पर बच्चों को कई फायदे होंगे। यहां दाखिल होने से बच्चों में सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा। जैसे की उन्हें सीधे प्राइमरी क्लास में डालने से उनका जो माइंडसेट है, वो अभी घर में खेलने वाला ही होता है। ऐसे में कुछ बच्चे शुरू के प्राइमरी क्लास के 1-2 साल तो कुछ समझ ही नहीं पाते और समय भी बीत जाता है। ऐसे में इन बच्चो का मस्तिष्क भी सही से विकसित नहीं हो पाता। प्री-प्राइमरी में आने से बच्चे प्राइमरी कक्षाओं में अच्छे से शिक्षा ग्रहण कर पाने के लिए पूरी तरह से तैयार रहेंगे।</p>
<p>मुख्यमंत्री की फ्लेगशिप योजना के तहत महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूलों में बाल वाटिकाएं शुरू की गई है। जिले में 27 माहात्मा गांधी स्कूल है, जिनमें से 19 में बाल वाटिका शुरू की गई है। जिसका उद्देश्य प्राइवेट स्कूल की पूर्व प्राथमिक कक्षाओं के विकल्प के रूप में राजकीय  विद्यालयों में भी अंगे्रजी माध्यम से प्री-प्राथमिक कक्षाएं प्रारंभ की जा रही है। वहीं, वाटिकाओं में शिक्षक भी लगा दिए गए हैं। सरकार के इस प्रयास से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को संबल मिलेगा। <br /><strong>- राजेश मीणा, अतिरिक्त जिला शिक्षाधिकारी कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 02 Dec 2022 14:32:55 +0530</pubDate>
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                <title>10 लाख की राशि से विकसित हुई नर्सरी</title>
                                    <description><![CDATA[पंचायत समिति खैराबाद की ग्राम पंचायत हिरियाखेड़ी सरपंच ने अपनी मेहनत से 10 लाख रुपए की लागत से पंचायत में नर्सरी बना कर तैयार कर ली है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/nursery-developed-with-an-amount-of-10-lakhs/article-18602"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/10-lakh-ki-raashi-se-viksit-hui-nursary-ramganjmandi-news-kota-10.8.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>रामगंजमंडी। पंचायत समिति खैराबाद की ग्राम पंचायत हिरियाखेड़ी सरपंच जोहरा बी ने अपनी मेहनत से 10 लाख रुपए की लागत से पंचायत में नर्सरी बना कर तैयार कर ली है। जानकारी के अनुसार सरपंच जोहरा बाई ग्राम पंचायत व उससे जुड़े गांवों में छायादार, फलदार व औषधीय पौधे लगाकर गांवों को हरा-भरा करना चाहती हैं। इसी दशा में उन्होंने ग्राम पंचायत हिरियाखेड़ी में नर्सरी की स्थापना की है। यह नर्सरी पूर्ण रूप से विकसित हो चुकी है। नर्सरी में 15 लोगों को पानी देने व देखभाल के लिए लगाया गया है जिससे उनको रोजगार मिला हुआ है। पौधों के आस-पास उगे खरपतवार व अनावश्यक पौधों को हटाने, पानी सप्लाई व देखरेख के लिए हमेशा कर्मचारी उपस्थित रहते हैं। सरपंच जोहरा बी ने बताया कि 30 सितम्बर को उन्होंने ग्राम पंचायत हिरियाखेड़ी के परिसर में नर्सरी शुरू की थी जो अब पूर्ण विकसित हो गई है। राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना एवं 14 वें वित्त आयोग दोनों के माध्यम से 10 लाख की राशि नर्सरी के लिए स्वीकृत हुई थी। जिसमें 3.69 लाख श्रम कार्य व 6.31 लाख की राशि सामग्री खरीद कार्य में खर्च हुई। पौधे बेचने से पंचायत को हो रही आमदनी सरपंच ने बताया कि नर्सरी में छायादार, फलदार पौधे, सजावटी पौधे, बांस, आंवला, केसर, गोलमोहर, छायादार वृक्ष जो 4 लेन सड़क पर प्रयुक्त होते हैं व औषधीय पौधे हैं। जिनकी नियमित देखरेख करनी होती है। देखरेख के साथ ही पौधे बेचे भी जाते हैं। जिससे पंचायत को अतिरिक्त आय इससे प्राप्त हो रही है। पंचायत में जगह-जगह पेड़ पौधे लगाए जा रहे हैं। सभी ग्राम पंचायतों को दिए आदेश गत दिनों दौरे पर आई जिला परिषद आयुक्त ममता तिवारी हिरियाखेड़ी ग्राम पंचायत की नर्सरी देखकर बहुत खुश हुई थीं। उन्होंने खैराबाद समिति की सभी ग्राम पंचायतों को नर्सरी लगाने के आदेश दिए हैं। जैविक खाद भी बनाई जा रही सरपंच ने बताया कि हरे पत्तों से यहां जैविक खाद भी बनाई जा रही है। ऐसी खाद अगर कोई ग्रामीण बनाता है तो उसे पंचायत खरीदेगी। इनका कहना है पंचायत को हराभरा करने की दिशा में नर्सरी की स्थापना की है जो अब पूरी तरह विकसित हो चुकी है। नर्सरी अन्य पंचायतों के लिए भी अनुकरणीय है। -जोहरा बी, सरपंच</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Aug 2022 16:10:45 +0530</pubDate>
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                <title>ब्यावर के अमृतकौर अस्पताल की नर्सरी में हादसा: वार्मर में हीट बढ़ने से दो नवजात की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[ हादसे की वजह तकनीकी फॉल्ट बताई जा रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/ajmer-news--accident-in-the-nursery-of-amritkaur-hospital--beawar--two-newborns-died-due-to-increase-in-heat-in-the-warmer/article-8132"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/hospitals.jpg" alt=""></a><br /><p> ब्यावर। राजकीय अमृतकौर चिकित्सालय की मदर एंड चाइल्ड विंग की नर्सरी में सोमवार शाम बड़ा हादसा हो गया। नर्सरी में वार्मर की हीट बढ़ने से दो नवजात की मौत हो गई। हादसे से चिकित्सालय प्रबंधन में हड़कम्प मच गया। हादसे की वजह तकनीकी फॉल्ट बताई जा रही है। बताया जाता है कि नर्सरी के एक वार्मर में सोमवार शाम 7.30 बजे अचानक हीट बढ़ गई जिससे वार्मर पर भर्ती दो नवजात शिशुओं की हालत बिगड़ गई। सूचना पर पीएमओ डॉ.एसएस चौहान, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ.पीएम बोहरा, डॉ.एमएस चांदावत, डॉ.अशोक जांगिड़ मौके पर पहुंचे। शिशुरोग विशेषज्ञों ने दोनों नवजात बचाने का प्रयास किया लेकिन बचाया नहीं जा सका। चिकित्सकों ने नर्सरी में भर्ती अन्य शिशुओं की भी जांच की जिनका स्वास्थ्य सामान्य मिला।</p>
<p><br /><strong>इनकी हुई मौत</strong>: हादसे के समय नर्सरी में 20 नवजात भर्ती थे। जिसमें बक्ता का बाड़िया सुरड़िया निवासी पूजा पत्नी ओमप्रकाश की नवजात पुत्री की मृत्यु हो गई। रामपुरा खरवा निवासी माया पत्नी सुरेन्द्रसिंह ने 14 अप्रैल को बेटे को जन्म दिया था। दोनों नवजात एक ही वार्मर पर भर्ती थे। दोनों प्रसूताएं कुछ समय पहले ही अपने-अपने शिशु को दूध पिलाकर गई थी।</p>
<p><br /><strong>अन्य परिजन भी हुए व्याकुल</strong>: हादसे के तुरंत बाद प्रशासन ने एहतियात बरतते हुए चिकित्सालय परिसर में पुलिस बल तैनात कर दिया। नर्सरी में चिकित्सक सहित स्टाफ पहुंच गया। जैसे ही हादसे की जानकारी वार्ड में भर्ती अन्य शिशुओं के परिजन को मिली तो वे भी व्याकुल हो उठे। सभी की धात्री माताएं एवं उनके परिजन शिशुओं को देखने के लिए नर्सरी के बाहर एकत्रित हो गए और हंगामा कर दिया। अपने जिगर को टुकड़े को सही सलामत देखने के बाद परिजन की जान में जान आई। </p>
<p>तकनीकी खामी के चलते वार्मर की हीट बढ़ने के कारण हादसा हो गया। मामले की जांच कराई जाएगी। -<strong>डॉ.एसएस चौहान, पीएमओ एकेएच ब्यावर</strong><br /><br />हादसा की सूचना पर मौके पर पहुंचकर जानकारी ली है तथा चिकित्सकों को निर्देशित किया कि अन्य शिशुओं के स्वास्थ्य की जांच की जाए। अन्य शिशुओं का स्वास्थ्य सामान्य है। -<strong>राहुल जैन, उपखण्ड अधिकारी, ब्यावर</strong></p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Tue, 19 Apr 2022 14:05:56 +0530</pubDate>
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