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                <title>ज्ञानेश कुमार ने किया बीएलओ और सुपरवाइजर्स से संवाद : BLO मेरे परिवार का हिस्सा, बोले- लोकतंत्र की सफलता में उनकी महत्ती भूमिका </title>
                                    <description><![CDATA[सीईसी ज्ञानेश कुमार ने जयपुर में 700 बीएलओ से संवाद करते हुए उन्हें निर्वाचन आयोग और मतदाताओं के बीच की अहम कड़ी बताया। उन्होंने राजस्थान द्वारा तय समय से 7 दिन पहले एसएसआर कार्य पूरा करने की सराहना की। सीईसी ने भारत की वैश्विक लोकतांत्रिक साख और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया पर बल दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/gyanesh-kumar-interacted-with-blo-and-supervisors-blo-said-they/article-157624"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/gyanesh-kumar.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने कहा कि सभी बीएलओ मेरे परिवार का हिस्सा है। लोकतंत्र की सफलता में उनकी महत्ती भूमिका है। सीईसी शनिवार को सीतापुरा स्थित जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (जेईसीसी)में बीएलओ संवाद कार्यक्रम में प्रदेश के लगभग 700 बूथ स्तरीय अधिकारियों बीएलओ और सुपरवाइजर्स से संवाद कर रहे थे। कार्यक्रम में राजस्थान के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बीएलओज की तारीफ करते हुए कहा कि हमारे बीएलओ के मेहनत का ही परिणाम रहा कि हम एसआईआर का कार्य तय समय से 7 दिन पूर्व संपन्न कर पाएं।</p>
<p><strong>खम्मा धणी से की शुरुआत</strong></p>
<p>मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने अपने संबोधन की शुरुआत राजस्थानी परंपरा के अनुरूप खम्मा घणी... कहकर की। उन्होंने कहा कि सभी बीएलओ उनके परिवार का हिस्सा हैं, और देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के आधार है। उन्होंने कहा कि 12 राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों में हुए एसआईआर में राजस्थान को प्रथम लाने में यहां के बीएलओ की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि भारत में सभी चुनाव संविधान और विधि के अनुरूप स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न होते हैं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि भारत इस वर्ष लोकतांत्रिक देशों के वैश्विक संगठन इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट फॉर डेमोक्रेसी एंड इलेक्टोरल असिस्टेंस की अध्यक्षता कर रहा है। यह संगठन विश्व के सभी देशों में स्थायी, सशक्त और समावेशी लोकतंत्र को बढ़ावा देने वाली संस्था है। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में चुनावों में मतदाताओं की बढ़ती भागीदारी यह दर्शाती है कि देश के नागरिकों का लोकतांत्रिक प्रक्रिया एवं निर्वाचन आयोग पर विश्वास लगातार बढ़ रहा है।</p>
<p><strong>सेतु का काम करते हैं बीएलओ</strong></p>
<p>उन्होंने कहा कि सामान्य परिस्थितियों में निर्वाचन आयोग एक संस्थागत ढांचे के रूप में कार्य करता है, किंतु चुनावों के दौरान लगभग 1.80 करोड़ अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भागीदारी के साथ यह विश्व की सबसे बड़ी चुनावी संस्था बन जाता है। इस विशाल व्यवस्था में बीएलओ सबसे आधारभूत और महत्वपूर्ण स्तंभ हैं, जो निर्वाचन आयोग और मतदाताओं के बीच सेतु का कार्य करते हैं। कार्यक्रम के अंत में जिला निर्वाचन अधिकारी संदेश नायक ने धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त के बीएलओ से संवाद चुनाव प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी कराने में नई दिशा देगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Jun 2026 14:02:36 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>इलेक्ट्रिक स्कूटर अपनाने में आई तेजी, राजस्थान इलेक्ट्रिक भविष्य की ओर अग्रसर</title>
                                    <description><![CDATA[इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के प्रति बढ़ते विश्वास और मजबूत चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर से राजस्थान में मोबिलिटी बदल रही है। चौथी तिमाही (FY26) में एथर एनर्जी का बाजार अंश बढ़कर 14% हो गया है। जयपुर सहित टियर-2 और टियर-3 शहरों में कम लागत, आधुनिक सॉफ्टवेयर फीचर्स और एथर रिज़्टा जैसे पारिवारिक स्कूटरों की मांग तेजी से बढ़ी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/there-is-a-rise-in-the-adoption-of-electric-scooters/article-157613"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)49.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए भारत के सबसे अधिक संभावना वाले राज्यों में से एक के रूप में उभर रहा है। इलेक्ट्रिक वाहनों में ग्राहकों के बढ़ते विश्वास, मजबूत होते चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर और प्रीमियम इलेक्ट्रिक स्कूटरों की बढ़ती मांग के कारण राज्य में मोबिलिटी का क्षेत्र बदल रहा है। इस परिवर्तन का मुख्य लाभ एथर एनर्जी जैसी कंपनियों को मिल रहा है, जो राज्य के शहरी और उभरते हुए बाजारों में तेजी से वृद्धि कर रही हैं।</p>
<p>वित्तवर्ष 2026 की चौथी तिमाही में राजस्थान में एथर एनर्जी का बाजार अंश बढ़कर 14 प्रतिशत तक पहुँच गया। यह पिछले साल के मुकाबले लगभग दोगुना है और देश में हो रही औसत वृद्धि से काफी ज्यादा है। जयपुर कंपनी का सबसे बड़ा बाजार है, जो राज्य में होने वाली सेल में लगभग 30 प्रतिशत का योगदान देता है। जोधपुर, बीकानेर, उदयपुर, कोटा और अजमेर जैसे शहरों में भी वृद्धि की दर तेज है। उद्योग के एक्सपर्ट्स के मुताबिक इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल अब कुछ मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह राजस्थान के टियर 2 और टियर 3 शहरों में भी बढ़ रहा है। </p>
<p>यह वृद्धि खासतौर से इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर ग्राहकों की बदलती धारणा के कारण हो रही है। ग्राहक अब इलेक्ट्रिक स्कूटरों को पेट्रोल स्कूटरों के विकल्प के रूप में नहीं देखते हैं, बल्कि वो इन्हें टेक्नोलॉजी के मामले में आधुनिक मोबिलिटी विकल्प मानते हैं, जो उन्हें ज्यादा सुविधा, सुरक्षा और लंबे समय में अधिक बचत प्रदान करता है। इलेक्ट्रिक स्कूटरों में कनेक्टेड डैशबोर्ड, नैविगेशन, एडवांस्ड सेफ्टी सिस्टम और सॉफ्टवेयर पर आधारित राईडिंग अनुभव मिलता है, जो आधुनिक ग्राहकों द्वारा इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदे जाने के महत्वपूर्ण कारण बन रहे हैं।</p>
<p>इलेक्ट्रिक स्कूटर ज्यादा आर्थिक लाभ भी प्रदान करते हैं। राजस्थान में पेट्रोल 113 रुपये प्रति लीटर के आसपास है, जिसके कारण रोज आवागमन करने वालों को केवल पेट्रोल पर ही रोज 3 रुपये प्रति किलोमीटर से अधिक खर्च करना पड़ता है। इसके उलट, घर पर इलेक्ट्रिक स्कूटर को चार्ज करने में केवल 0.20 रुपये से 0.25 रुपये प्रति किलोमीटर का खर्च आता है। यानी ग्राहक रोज के सफर में काफी मासिक बचत कर सकते हैं। इसके अलावा इलेक्ट्रिक स्कूटर के मेंटेनेंस का खर्च भी काफी कम है, इसलिए यह पेट्रोल स्कूटरों के मुकाबले ज्यादा वित्तीय बचत प्रदान करता है।</p>
<p>इलेक्ट्रिक स्कूटरों को अपनाने की एक बड़ी बाधा चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर थी, जिसमें लगातार सुधार हो रहा है। वर्तमान में एथर के पास राजस्थान के 32 शहरों में 189 स्थानों पर 208 चार्जिंग पॉईंट हैं। यह नेटवर्क जयपुर, जोधपुर, कोटा और उदयपुर जैसे बड़े शहरों के साथ उन छोटे शहरों में भी फैला है, जहाँ इलेक्ट्रिक स्कूटरों का इस्तेमाल बढ़ रहा है। देश में कंपनी के पास 6,000 से अधिक फास्ट-चार्जिंग पॉईंट उपलब्ध हैं, जो लाईट इलेक्ट्रिक कंबाईंड चार्जिंग सिस्टम (एल.ई.सी.सी.एस) द्वारा चलाए जाते हैं। ये चार्जिंग पॉईंट लंबे सफय और दूसरे शहरों की यात्रा के दौरान चार्जिंग की फिक्र को दूर करते हैं। </p>
<p>जब परिवारों पर केंद्रित इलेक्ट्रिक स्कूटर आए, तो इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति दिलचस्पी और अधिक बढ़ गई। एथर रिज़्टा जैसे स्कूटर परिवारों को बहुत ज्यादा पसंद आए। यह स्कूटर आवागमन, स्कूल आने-जाने और घूमने के लिए जाने जैसे कई दैनिक कामों के लिए परफेक्ट है। इसमें कई प्रैक्टिकल फीचर दिए गए हैं, जिनमें बड़ी स्टोरेज क्षमता, विशाल सीट और बेहतर सुरक्षा सिस्टम शामिल हैं। यह मॉडल राजस्थान के टियर 2 और टियर 3 शहरों में काफी लोकप्रिय हुआ है क्योंकि यहाँ पर वाहन को परिवारों की जरूरतों के हिसाब से खरीदा जाता है।<br />राजस्थान के चुनौतीपूर्ण मौसम के कारण निर्माताओं ने वाहनों की ड्यूरेबिलिटी और बैटरी परफॉर्मेंस पर अधिक ध्यान देना शुरू किया। उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहनों को भारत के मौसम के अनुकूल बनाया। एडवांस्ड बैटरी थर्मल मैनेजमेंट सिस्टम, बैटरी रखने के मजबूत खाँचों और टेस्टिंग के कठोर प्रोटोकॉल्स का इस्तेमाल किया गया, ताकि भीषण गर्मी के मौसम में भी बैटरी भरोसेमंद परफॉर्मेंस दे सके।</p>
<p>इलेक्ट्रिक स्कूटर के इस्तेमाल को बढ़ावा देने में सरकारी सहयोग ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। केंद्र सरकार ने पीएम ई-ड्राईव जैसे अभियान चलाए, जिनके साथ राजस्थान के ई.वी इंसेंटिव प्रोग्राम ने इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने की अग्रिम लागत को कम किया और ग्राहकों के बीच इसकी जागरुकता बढ़ाई। उद्योग के हितधारकों का मानना है कि इस गति को बनाए रखने के लिए नीति निर्माताओं और प्राईवेट सेक्टर के बीच लगातार सहयोग जरूरी होगा क्योंकि छोटे शहरों एवं कस्बों में इलेक्ट्रिक स्कूटरों का इस्तेमाल बढ़ रहा है।</p>
<p>प्रमुख निर्माताओं के बीच बढ़ती प्रतियोगिता के साथ अब इलेक्ट्रिक स्कूटरों की मुख्य विशेषताएं हार्डवेयर के अलावा सॉफ्टवेयर तक बढ़ रही हैं। कंपनियाँ सॉफ्टवेयर क्षमताओं, कनेक्टेड टेक्नोलॉजी और ओवर-द-एयर अपडेट्स में भारी निवेश कर रही हैं, जिससे इलेक्ट्रिक स्कूटर में समय के साथ सुधार होता रहे। इसने इलेक्ट्रिक स्कूटर को आवागमन के साधन की बजाय एक स्मार्ट और कनेक्टेड मोबिलिटी प्लेटफॉर्म में बदल दिया है। </p>
<p>पेट्रोल की बढ़ती कीमत, बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर, सहयोगपूर्ण नीतियों और ग्राहकों की बढ़ती जागरुकता के साथ राजस्थान भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने में मुख्य भूमिका निभा रहा है। राजस्थान में एक बड़ा राष्ट्रीय ट्रेंड प्रदर्शित हो रहा है कि इलेक्ट्रिक वाहन व्यावहारिकता और टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन के साथ आवागमन के मुख्य साधन बनते जा रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Jun 2026 09:49:37 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>तेलंगाना में 'डिजिटल कैबिनेट' शुरू: सचिवालय में हुई अनौपचारिक कैबिनेट बैठक, कई अहम मुद्दों पर चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[तेलंगाना सरकार ने पारदर्शिता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए 'डिजिटल कैबिनेट' पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की अध्यक्षता में सचिवालय में पहली पूरी तरह पेपररहित बैठक हुई। मंत्रियों को विशेष टैबलेट दिए गए, जिससे एजेंडा और सभी सरकारी दस्तावेज अब डिजिटल रूप में उपलब्ध होंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/digital-cabinet-started-in-telangana-informal-cabinet-meeting-held-in/article-157391"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/hydrabad.png" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में तेलंगाना कैबिनेट की एक अनौपचारिक बैठक शुरू हुई। इस बैठक के साथ ही 'तेलंगाना डिजिटल कैबिनेट' पहल की शुरुआत हुई, जो पेपररहित शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राज्य सरकार ने कैबिनेट की बैठकें पूरी तरह से पेपररहित तरीके से आयोजित करने का निर्णय लिया है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, कैबिनेट की चर्चा से पहले मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रियों की एक विशेष बैठक में इस फैसले को मंज़ूरी दी गयी।</p>
<p>इस पहल के अंतर्गत, आईटी एवं उद्योग मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और सभी कैबिनेट मंत्रियों को खास तौर पर तैयार किए गए टैबलेट बांटे। इन टैबलेट का उपयोग कैबिनेट का एजेंडा, नोट्स और दूसरे सरकारी दस्तावेज़ डिजिटल रूप से उपलब्ध कराने के लिए किया जाएगा जिससे कागजी फाइलों की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने बैठक शुरू होने से पहले डिजिटल कैबिनेट प्रणाली के कामकाज की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा की और इसकी कार्यप्रणाली की विशेषताओं का जायजा लिया।</p>
<p>अधिकारियों ने कहा कि तेलंगाना डिजिटल कैबिनेट पहल का उद्देश्य कुशल, पारदर्शी एवं पर्यावरण के अनुकूल कामकाज को बढ़ावा देना है और राज्य को पूर्ण डिजिटल प्रशासनिक व्यवस्था की ओर तेज़ी से लेकर जाना है। बैठक के लिए कैबिनेट का एजेंडा मंत्रियों को टैबलेट के माध्यम से उपलब्ध कराया गया, जिससे वे आसानी से सरकारी दस्तावेज़ देख सके और चर्चा कर सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 18:45:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नई पहल: एलईडी संदेशों से बदलेगी ट्रैफिक की तस्वीर, शहर की सड़कों पर स्मार्ट मैनेजमेंट से सुगम हुआ यातायात</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर ट्रैफिक पुलिस ने यातायात को सुगम बनाने के लिए सोलर चालित आधुनिक एलईडी डिस्प्ले बोर्ड लगाए हैं। डीसीपी योगेश गोयल के अनुसार, ये पोर्टेबल बोर्ड वाहन चालकों को डायवर्जन, वन-वे और सड़क सुरक्षा के संदेश रियल-टाइम में ऑन-रोड देंगे, जिससे जाम और दुर्घटनाओं में कमी आएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/new-initiative-will-change-the-traffic-picture-with-led-messages/article-156239"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/traffic.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजधानी जयपुर में यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, सुगम और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में यातायात पुलिस ने एक नई पहल शुरू की है। शहर के विभिन्न प्रमुख चौराहों, व्यस्त मार्गों और संवेदनशील ट्रैफिक पॉइंट्स पर सोलर ऊर्जा से संचालित आधुनिक एलईडी डिस्प्ले बोर्ड लगाए जा रहे हैं। इन बोर्डों के माध्यम से वाहन चालकों को रियल टाइम ट्रैफिक जानकारी, वन-वे व्यवस्था, डायवर्जन, सड़क सुरक्षा संदेश और विशेष आयोजनों से संबंधित सूचनाएं दी जा रही हैं।</p>
<p><strong>नियमों की जानकारी अब ऑन रोड</strong></p>
<p>जयपुर आयुक्तालय क्षेत्र में लगाई गई संदेश प्रदर्शन की चार एलईडी स्क्रीन और 15 स्टेंडी हैं। जिन्हें आसानी से वाहन से टॉ करके एक स्थान से दूसरे स्थान पर आवश्यकता पड़ने पर ले जाते हैं। यातायात पुलिस का मानना है कि कई बार वाहन चालक नियमों और मार्ग परिवर्तनों की जानकारी के अभाव में जाम या दुर्घटनाओं का कारण बन जाते हैं। ऐसे में एलईडी बोर्ड तत्काल सूचना देने का प्रभावी माध्यम बनकर उभरे हैं। बोर्डों पर समय-समय पर वन-वे ट्रैफिक,धीमी गति रखें, हेलमेट पहनें, सीट बेल्ट लगाएं, जाम वाले मार्ग से बचें जैसे संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं। विशेष बात यह है कि अधिकांश एलईडी यूनिट सोलर पैनल से संचालित हैं, जिससे बिजली की खपत कम होगी और इन्हें आवश्यकता अनुसार कई स्थानों पर आसानी से अस्थाई रूप से लगायात जाता है। </p>
<p><strong>राहगीर कैलाश चौपड़ा, घाटगेट</strong></p>
<p>अस्थाई एलईडी से पुलिस का यातायात नियमों को लेकर संदेश देने का तरीका अच्छा है। बार-बार लोगों के दिमाग में यातायात नियमों के पालन की बात आएगी तो एक्सीडेंट की संख्या में कमी आए। बड़े धार्मिक आयोजनों, वीआईपी मूवमेंट, त्योहारों और विशेष कार्यक्रमों के दौरान इन बोर्डों की उपयोगिता और बढ़ जाती है। इनके जरिए कुछ ही सेकंड में हजारों वाहन चालकों तक जरूरी सूचना पहुंच जाती है।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 14:07:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>उत्तर पश्चिम रेलवे ने ऊर्जा संरक्षण और विद्युतीकरण में बनाई नई उपलब्धियां</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर पश्चिम रेलवे ने अप्रैल 2026 में ऊर्जा संरक्षण और विद्युतीकरण में नया रिकॉर्ड बनाया है। वर्तमान में 80% यात्री ट्रेनें इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन पर चल रही हैं। सौर संयंत्रों से 15.80 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन हुआ, जबकि डीजल इंजन बंद रखने से ₹4.72 करोड़ के ईंधन की बचत दर्ज की गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/north-western-railway-made-new-achievements-in-energy-conservation-and/article-155106"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/dausa-railwaystarion.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे ने अप्रैल 2026 के दौरान ऊर्जा संरक्षण, सौर ऊर्जा उत्पादन और विद्युतीकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार भगत की कोठी इलेक्ट्रिक लोको शेड में अब तक कुल 181 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव सफलतापूर्वक कमीशन किए जा चुके हैं, जिनमें 78 डब्ल्यूएपी-7 और 103 डब्ल्यूएजी-9 एचसी शामिल हैं। रेलवे के चारों मंडलों में वर्तमान में 226 जोड़ी यात्री ट्रेनें इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन पर संचालित हो रही हैं, जो कुल यात्री ट्रेनों का लगभग 80 प्रतिशत है। वहीं माल परिवहन का करीब 61 प्रतिशत कार्य भी इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन से किया जा रहा है। ऊर्जा संरक्षण के तहत अप्रैल 2026 में सौर संयंत्रों से लगभग 15.80 लाख यूनिट बिजली उत्पादन किया गया।</p>
<p>डीजल लोकोमोटिव को निष्क्रिय समय में बंद रखने से 509 किलोलीटर ईंधन की बचत हुई, जिससे करीब 4.72 करोड़ रुपये की बचत दर्ज की गई। इसके अलावा जयपुर, अजमेर, बीकानेर और जोधपुर मंडलों में रूफटॉप सोलर परियोजनाओं पर तेजी से काम जारी है तथा अप्रैल 2026 तक 348 किलोवाट सौर क्षमता का कमीशनिंग कार्य पूरा किया गया। रेलवे की ओर से कवच प्रणाली, एलईडी हेडलाइट और केब एसी जैसी आधुनिक सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 26 May 2026 18:32:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पीएम मोदी की अपील पर दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला: एक साल तक कोई मंत्री नहीं करेगा विदेशी दौरा, सरकारी कर्मचारी 2 दिन करेंगे वर्क फ्रॉर्म होम</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री मोदी की अपील पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली में बड़े सुधार लागू किए हैं। अब सरकारी कर्मचारी सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम करेंगे। ईंधन और बिजली बचाने के लिए कार्यालयों के समय में बदलाव किया गया है और मंत्रियों के विदेश दौरों पर एक साल तक पूर्ण रोक लगा दी गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/big-decision-of-delhi-government-on-pm-modis-appeal-no/article-153833"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/rekha-guprta.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। देश में बढ़ते ऊर्जा संकट और ईंधन बचत को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अपील के बाद दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सरकारी कामकाज में ऊर्जा बचत और खर्चों में कटौती के लिए कई अहम घोषणाएं की हैं। दिल्ली सरकार के अनुसार अब सरकारी कर्मचारी सप्ताह में दो दिन “वर्क फ्रॉम होम” करेंगे, ताकि कार्यालयों में बिजली और संसाधनों की खपत कम की जा सके। इसके साथ ही सरकारी कार्यालयों के समय में भी बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था के तहत दफ्तरों का टाइम टेबल चरणबद्ध तरीके से बदला जाएगा, जिससे ट्रैफिक दबाव और ईंधन की खपत कम हो सके। इसके साथ ही दिल्ली सरकार ने कहा है कि अब से आने वाले एक साल तक कोई भी मंत्री विदेश दौरा नहीं करेगा।</p>
<p>सरकार ने कर्मचारियों के लिए विशेष बस सेवा शुरू करने का भी फैसला लिया है। इससे निजी वाहनों का उपयोग घटेगा और प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी। वहीं खर्चों में कटौती के तहत दिल्ली सरकार के किसी भी मंत्री को अगले एक साल तक विदेश दौरे की अनुमति नहीं होगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से ऊर्जा बचत, आत्मनिर्भरता और संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग की अपील की थी। दिल्ली सरकार उसी दिशा में यह कदम उठा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 16:11:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जयपुर मंडल का कीर्तिमान: एक साथ दो नॉन-इंटरलॉकिंग कार्यों की सफल कमीशनिंग</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर पश्चिम रेलवे ने जयपुर-फुलेरा खंड पर कनकपुरा यार्ड री-मॉडलिंग और हिरनोदा साइडिंग का कार्य समय से पहले पूरा कर इतिहास रचा है। नई इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली से मालगाड़ियों का संचालन सुगम होगा और शंटिंग समय में कमी आएगी। इस आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से लॉजिस्टिक क्षमता और रेल सुरक्षा को नई मजबूती मिलेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-divisions-record-of-successful-commissioning-of-two-non-interlocking-works/article-153734"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/railway-me-video-reel-bnayi-to-ho-skti-h-6-maah-ki-saza...kota-news-07-10-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे के जयपुर मंडल ने रेल संचालन को अधिक सुरक्षित, तीव्र और दक्ष बनाने की दिशा में बड़ा कीर्तिमान स्थापित करते हुए जयपुर-फुलेरा डबल लाइन रेलखंड पर दो महत्वपूर्ण नॉन-इंटरलॉकिंग कार्यों को एक साथ निर्धारित समय से पहले सफलतापूर्वक पूर्ण किया है। यह उपलब्धि मंडल की तकनीकी दक्षता, समन्वय और सुनियोजित कार्यप्रणाली का उत्कृष्ट उदाहरण मानी जा रही है। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार कनकपुरा स्टेशन पर यार्ड री-मॉडलिंग और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली का कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया गया। इसके तहत लाइन संख्या 4 और 3 के मध्य तथा लाइन संख्या 2 से जुड़े शंटिंग नेक के साथ इमरजेंसी क्रॉसओवर स्थापित किया गया और दो नए शंट सिग्नल चालू किए गए।</p>
<p>इस व्यवस्था से डाउन दिशा से आने वाली मालगाड़ियों को सीधे लाइन 1, 2 और 3 में लिया जा सकेगा, जिससे मुख्य लाइन यातायात प्रभावित हुए बिना शंटिंग और पावर रिवर्सल संभव होगा। इससे टर्मिनल डिटेंशन में कमी आएगी और मालगाड़ियों के संचालन की क्षमता बढ़ेगी। समानांतर रूप से हिरनोदा यार्ड में एचपीसीएसएल ड्राई पोर्ट साइडिंग का कमीशनिंग भी सफलतापूर्वक किया गया। परियोजना के अंतर्गत इमरजेंसी क्रॉसओवर, दो ट्रैप पॉइंट्स और दो नए शंट सिग्नल स्थापित किए गए, जिससे ड्राई पोर्ट को सुरक्षित और निर्बाध रेल संपर्क मिला है। इससे क्षेत्र में लॉजिस्टिक सुविधाओं का विस्तार और माल परिवहन को नई गति मिलने की उम्मीद है। मेगा ब्लॉक के दौरान शैडो प्लानिंग के तहत जयपुर यार्ड में सिग्नलिंग से जुड़े कार्य भी पूर्ण किए गए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 May 2026 18:22:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मतगणना में सख्ती : चुनाव आयोग की नई पहल, मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए क्यूआर-आधारित आईडी प्रणाली शुरू </title>
                                    <description><![CDATA[तमिलनाडु में मतगणना की सुरक्षा बढ़ाने के लिए चुनाव आयोग ने क्यूआर कोड आधारित फोटो आईडी (PIC) प्रणाली शुरू की है। 4 मई को होने वाली मतगणना के लिए त्रि-स्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार है। यह अत्याधुनिक तकनीक अनाधिकृत प्रवेश रोककर प्रक्रिया में पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करेगी। चेन्नई सहित 62 केंद्रों पर सख्त निगरानी रहेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/strictness-in-counting-of-votes-election-commissions-new-initiative-qr-based/article-152290"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/election-commission.png" alt=""></a><br /><p>चेन्नई। चुनाव आयोग ने मतगणना केंद्रों में किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति के प्रवेश को रोकने के लिए ईसीआईएनईटी पर क्यूआर कोड आधारित फोटो पहचान पत्र (पीआईसी) प्रणाली शुरू की है। तमिलनाडु विधानसभा के लिए 23 अप्रैल को हुए मतदान में वोटों की गिनती चार मई को पूरे राज्य के 62 केंद्रों पर की जाएगी जिनमें चेन्नई के तीन केंद्र भी शामिल हैं। चेन्नई में ही उन ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) को सुरक्षित कक्षों में रखकर सील किया गया है, जिनमें 443 महिलाओं सहित 4,032 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला हुआ है।</p>
<p>तमिलनाडु की मुख्य निर्वाचन अधिकारी अर्चना पटनायक ने कहा कि क्यूआर कोड आधारित फोटो पहचान पत्र प्रणाली को असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के चुनावों और पांच राज्यों की सात सीटों पर हुए उपचुनावों में पहली बार लागू किया गया है और उसका विस्तार लोकसभा एवं राज्य विधानसभाओं के सभी आम चुनावों और उपचुनावों में किया जाएगा। यह महत्वपूर्ण पहल पिछले एक वर्ष में ईसीआई द्वारा की गई 30 से अधिक पहलों की श्रृंखला में शामिल है, जिसमें बीएलओ के लिए मानकीकृत क्यूआर कोड <br />आधारित फोटो आईडी कार्ड की शुरुआत भी शामिल है।</p>
<p>मतगणना केंद्रों पर पहचान के सत्यापन के लिए तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पहले और दूसरे स्तर पर, रिटर्निंग अधिकारियों द्वारा जारी किए गए पहचान पत्र (पीआईसी) की मैन्युअल रूप से जांच की जाएगी। पटनायक कहा कि मतगणना कक्ष के पास स्थित तीसरे और सबसे भीतरी सुरक्षा घेरे में, क्यूआर कोड स्कैनिंग के माध्यम से सफल सत्यापन के बाद ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि क्यूआर कोड पर आधारित नए पीआईसी उन व्यक्तियों के लिए लागू होंगे जिन्हें चुनाव आयोग द्वारा मतगणना केंद्रों और हॉलों में प्रवेश करने के लिए अधिकृत किया गया है, जिनमें रिटर्निंग ऑफिसर, सहायक रिटर्निंग ऑफिसर, मतगणना कर्मचारी, तकनीकी कर्मी, उम्मीदवार, चुनाव एजेंट और मतगणना एजेंट आदि शामिल हैं।</p>
<p>पटनायक ने कहा कि प्रत्येक मतगणना केंद्र में मतगणना हॉल के पास अधिकृत मीडियाकर्मियों की सुविधा के लिए एक मीडिया सेंटर स्थापित किया जाएगा जिन्हें आयोग के मौजूदा निर्देशों के अनुसार चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए प्राधिकरण पत्रों के आधार पर प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों और रिटर्निंग अधिकारियों को इस प्रणाली के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं करने का निर्देश दिया गया है जिसमें निर्बाध एवं नियंत्रित पहुंच सुनिश्चित करने के लिए नामित चौकियों पर प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती शामिल है। सभी मुख्य निर्वाचन अधिकारियों, जिला निर्वाचन अधिकारियों, मतगणना अधिकारियों और सहायक मतगणना अधिकारियों को मतगणना प्रक्रिया में पारदर्शिता, सुरक्षा एवं दक्षता के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए इन निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 May 2026 15:11:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आज नेशनल सिविल सर्विसेज डे: प्रशासनिक दक्षता के साथ खेल मैदान पर भी चमके हैं कई अधिकारी</title>
                                    <description><![CDATA[कोरोना महामारी के चलते महाजन पिछले दो साल से किसी टूर्नामेंट में तो नहीं उतरे लेकिन खेल के मैदान से उनका जुड़ाव नियमित रहता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/today-national-civil-services-day--many-officers-have-shined-on-the-playing-field-with-administrative-efficiency--ias-naveen-mahajan-is-the-champion-of-civil-services-tennis--irs-shivpuri-has-taken-over-the-command-of-rajasthan-tennis-association/article-8275"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/tennis1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भारतीय प्रशासनिक सेवा के कई ऐसे अधिकारी राजस्थान में तैनात हैं, जिन्होंने अपनी प्रशासनिक दक्षता के साथ खेल के मैदान पर भी अपनी प्रतिभा दिखाई है। 1997 बैच के आईएएस अधिकारी और सार्वजनिक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव नवीन महाजन लम्बे समय से टेनिस से जुड़े हैं। नवीन महाजन ने 2018 और 2019 में लगातार दो बार ऑल इंडिया सिविल सर्विसेज टेनिस में 45+ वर्ग में गोल्ड जीता, वहीं पुणे में 2019 में ओपन वर्ग में महाजन जयपुर के ही जगदीश तंवर के साथ रजत पदक विजेता रहे। महाजन ने बताया कि फाइनल में तब वे सूद ब्रदर्स की जोड़ी से हारे, जो यंग प्रोफेशनल खिलाड़ी हैं, और कई आईटीए खिताब जीत चुके हैं। कोरोना महामारी के चलते महाजन पिछले दो साल से किसी टूर्नामेंट में तो नहीं उतरे लेकिन खेल के मैदान से उनका जुड़ाव नियमित रहता है। सुबह पांच बजे उठना और टेनिस कोर्ट पर पहुंचना उनकी दिनचर्या का हिस्सा बना है। उन्होंने कहा कि टेनिस खेलने से उन्हें थकान नहीं बल्कि मोटिवेशन मिलता है।<br /><br /><strong>शुरू कराया सीएस चैलेंज कप</strong><br />करीब दस-ग्यारह साल पहले महाजन जब जयपुर कलक्टर थे, तब ही उन्होंने जयपुर में शानदार आयोजन के साथ राजस्थान में सीएस चैलेंजर्स कप की शुरुआत कराई। तब टेनिस और बैडमिंटन में कुछ ही टीमें खेलती थीं, लेकिन अब इस टूर्नामेंट में विभिन्न विभागों की 16 से 18 टीमें शिरकत करती हैं। महाजन सीएस चैलेंज कप में शुरू से ही आईएएस टीम के कप्तान हैं और टेनिस के अब तक हर संस्करण में खिताब आईएस टीम के पास ही रहा है। इसके अलावा इंटर क्लब टेनिस में महाजन जय क्लब के लिए पिछले दस साल से खिताब जीतते रहे हैं।<br /><br /><strong>खिलाड़ियों के चहेते हैं विष्णु चरण</strong><br />ऑल इंडिया सिविल सर्विसेज टेनिस की टीम स्पर्धा में इसी साल चंडीगढ़ में रजत और पिछले साल दिल्ली में कांस्य पदक विजेता विष्णु चरण मलिक अपने सरल स्वभाव के चलते खिलाड़ियों के चहेते अफसर हैं। 2007 बैच के आईएएस अधिकारी मलिक करौली, झालावाड़, जोधपुर और उदयपुर के कलक्टर रह चुके हैं और फिलहाल डेपुटेशन पर केन्द्र सरकार के गृहमंत्रालय में जनगणना निदेशक राजस्थान के पद पर तैनात हैं। सवाई मानसिंह स्टेडियम और जयक्लब टेनिस कोर्ट्स पर मलिक को खेलते और युवा खिलाड़ियों को खेल में मदद करते देखा जा सकता है। मलिक ने बताया कि वे राजस्थान से आईएएस टीम से खेले और अब केन्द्रीय सेवा के अधिकारियों की टीम में खेल रहे हैं। राजस्थान के सीएस चैलेंज कप में भी चैंपियन बनी आईएएस टीम के पांच बार हिस्सा रह चुके हैं।<br /><br /><strong>चार बार डेविस कप का आयोजन</strong><br />पूर्व मुख्य आयकर आयुक्त दिलीप शिवपुरी की पहचान खिलाड़ी से ज्यादा खेल प्रशासक के रूप में रही है। लम्बे समय से राजस्थान टेनिस एसोसिएशन की कमान संभाले शिवपुरी ने प्रतिष्ठित डेविस कप का आयोजन चार बार जयक्लब कोर्ट्स पर कराया। शिवपुरी ने 1991 में इंडोनेशिया, 1994 में हालैंड, 1996 में दक्षिण अफ्रीका और 2005 में उज्बेकिस्तान के खिलाफ भारत का डेविस कप मुकाबला जयपुर में कराया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 Apr 2022 12:48:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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                <title>उपनिरीक्षक संयुक्त परीक्षा 2021: शेष रहे अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता परीक्षा एक मई को</title>
                                    <description><![CDATA[ अभ्यर्थियों की सूची पुलिस विभाग की वेबसाइट www.police.rajasthan.gov.in पर उपलब्ध है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--sub-inspector-combined-examination-2021--physical-efficiency-test-of-remaining-candidates-on-may-1/article-8161"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/rpse.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित उप निरीक्षक पुलिस/प्लाटून कमाण्डर संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा-2021 की लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण पूर्व में शारीरिक दक्षता परीक्षा दौरान चोटग्रस्त, प्रसूताकाल में एवं बीमार रहे अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता परीक्षा एक मई को आयोजित की जा रही है। पुलिस अधीक्षक भर्ती एवं पदौन्नति बोर्ड डॉ. रामेश्वर सिंह ने बताया कि पात्र अभ्यर्थी अपने प्रवेष पत्र 21 अप्रैल से वेबसाईट sso.rajasthan.gov.in  पर एसएसओ आईडी से login के पश्चात सकते है। <br /> <br />डॉ. रामेश्वर सिंह ने बताया कि अभ्यर्थी प्रवेश पत्र के साथ अपना मूल आधार कार्ड मय छाया प्रति, दो पासपोर्ट साइज फोटो, सरकार द्वारा जारी एक मूल फोटोयुक्त पहचान पत्र तथा उसकी एक छाया प्रति सहित निर्धारित तिथि व समय पर शारीरिक दक्षता परीक्षा हेतु बोर्ड के समक्ष उपस्थित होंगे। इन अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता परीक्षा 1 मई को प्रातः 5.30 बजे राजस्थान पुलिस अकादमी जयपुर में आयोजित होगी। अभ्यर्थियों की सूची पुलिस विभाग की वेबसाइट www.police.rajasthan.gov.in पर उपलब्ध है</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 Apr 2022 16:36:03 +0530</pubDate>
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