<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/women-reservation/tag-18361" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>women reservation - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/18361/rss</link>
                <description>women reservation RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अखिलेश का केंद्र पर हमला: 2027 चुनाव से पहले महिला आरक्षण पर सरकार अपना रुख साफ करें, बंगाल में मिली प्रंचड़ जीत पर साधा निशाना</title>
                                    <description><![CDATA[सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र से महिला आरक्षण को यूपी विधानसभा चुनाव 2027 में तुरंत लागू करने की चुनौती दी है। प्रधानमंत्री मोदी के आरोपों पर पलटवार करते हुए उन्होंने इसे PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के सामाजिक न्याय से जोड़ा। सपा अब इस अधिकार की मांग को लेकर प्रदेश भर में साप्ताहिक आंदोलन करेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/akhileshs-attack-on-the-center-government-should-clear-its-stand/article-152731"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/akhilesh.png" alt=""></a><br /><p>लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने महिला आरक्षण को लेकर राज्य और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए मंगलवार को कहा कि पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की स्पष्ट मांग है कि संसद में पारित महिला आरक्षण को उत्तर प्रदेश के 2027 विधानसभा चुनाव में लागू करने की तत्काल घोषणा की जाए। अखिलेश यादव ने कहा कि यह विधेयक समस्त विपक्ष के सहयोग से पारित हुआ है, ऐसे में अब केंद्र सरकार को अपनी मंशा स्पष्ट करनी चाहिए। यदि सरकार इस पर घोषणा नहीं करती है, तो उसे यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि क्या केंद्र सरकार और उसके सहयोगी दल महिलाओं को आरक्षण देने के खिलाफ हैं।</p>
<p>उन्होने कहा कि जब तक इस मुद्दे पर सरकार की ओर से स्पष्ट घोषणा नहीं की जाती, तब तक उनकी पार्टी इस मांग को लगातार उठाती रहेगी। पार्टी हर सप्ताह अलग-अलग स्थानों पर इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाएगी और महिला आरक्षण लागू कराने के लिए दबाव बनाएगी। उन्होंने इसे सामाजिक न्याय और महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताते हुए कहा कि प्रदेश की आधी आबादी को उनका अधिकार दिलाना समय की मांग है।</p>
<p>गौरतलब है कि बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को दिल्ली पार्टी कार्यालय में समर्थकों को संबोधित करते हुए सपा पर निशाना साधा था। प्रधानमंत्री ने कहा था कि समाजवादी पार्टी ने महिला आरक्षण का विरोध किया था लेकिन महिलायें उन्हें कभी माफ नहीं करेंगी। आने वाले समय में महिलायें समाजवादी पार्टी को सबक सिखाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/akhileshs-attack-on-the-center-government-should-clear-its-stand/article-152731</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/akhileshs-attack-on-the-center-government-should-clear-its-stand/article-152731</guid>
                <pubDate>Tue, 05 May 2026 14:01:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-04/akhilesh.png"                         length="295182"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नवीन पटनायक का केंद्र पर हमला : सरकार सशक्तिकरण के लिए कोई ठोस कदम उठाने में रही नाकाम, महिलाओं के मुद्दों पर ‘मगरमच्छ के आंसू’ बहाने का लगाया आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने ओडिशा विधानसभा में भाजपा सरकार पर महिलाओं के अधिकारों की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ने को राजनीतिक चाल बताया। पटनायक ने बीजद की 50% आरक्षण की विरासत को दोहराते हुए भाजपा को महिलाओं के कल्याण के प्रति वास्तविक प्रतिबद्धता दिखाने की चुनौती दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/naveen-patnaik-attacks-the-center-and-accuses-the-government-of/article-152204"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/naveen-pat.png" alt=""></a><br /><p>भुवनेश्वर। ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने गुरुवार को राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार किया और आरोप लगाया कि वह महिलाओं के अधिकारों के बारे में सिर्फ़ ज़ुबानी बातें करती है, उनके सशक्तिकरण के लिए कोई ठोस कदम उठाने में नाकाम रही है। ओडिशा विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान भारतीय लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी पर हुई बहस में हिस्सा लेते हुए पटनायक ने आरोप लगाया कि भाजपा महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर झूठे आख्यान गढ़कर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि लोगों को हमेशा के लिए धोखा नहीं दिया जा सकता। ओडिशा में महिलाओं के कल्याण की असलियत भाजपा के दावों से बिल्कुल अलग है। विधायिका में महिला आरक्षण और परिसीमन ने जुड़े संविधान संशोधन विधेयक का ज़िक्र करते हुए, पटनायक ने कहा कि दो अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा हो रही है। पहला नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 जिसे संसद में सर्वसम्मति से पारित किया गया था और दूसरा परिसीमन की प्रक्रिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले से ही पारित हो चुके महिला आरक्षण विधेयक को परिसीमन की प्रक्रिया से जोड़ना एक ‘गुपचुप चाल’ है, जिसका मकसद इसके प्रभावों पर पर्याप्त चर्चा किए बिना परिसीमन को आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि बीजू जनता दल (बीजद) ने संसद में महिला आरक्षण विधेयक का पूरी तरह समर्थन किया था और अब भी इसको तत्काल लागू करने की मांग कर रही है।</p>
<p>महिलाओं के सशक्तिकरण में ओडिशा की विरासत पर प्रकाश डालते हुए पटनायक ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक के नेतृत्व में यह राज्य देश के उन पहले राज्यों में से एक था, जिसने स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया था। उन्होंने कहा कि 2011 में उनकी सरकार ने इस आरक्षण बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया, जिससे जमीनी स्तर पर महिलाओं का प्रतिनिधित्व काफी बढ़ गया।</p>
<p>पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि बीजद ने 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में महिला उम्मीदवारों को अपने 33 प्रतिशत टिकट दिये थे। उन्होंने भाजपा को चुनौती दी कि वह भी इसी तरह की प्रतिबद्धता दिखाये। उन्होंने मुख्यमंत्री को लिखे अपने हालिया पत्र और ओडिशा के 21 सांसदों से की गयी अपनी अपील का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें महिलाओं के अधिकारों और ओडिशा के राजनीतिक हितों पर बीजद का रुख स्पष्ट रूप से बताया गया है।</p>
<p>भाजपा के कथित ‘गलत सूचना अभियान’ पर चिंता व्यक्त करते हुए पटनायक ने कहा कि यह मुद्दा ओडिशा की विशिष्ट पहचान और राजनीतिक आवाज से गहराई से जुड़ा हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया से ओडिशा के लोगों, विशेष रूप से आने वाली पीढ़ियों के राजनीतिक अधिकार कम हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि इतिहास उन नेताओं को कभी माफ नहीं करेगा जिन्होंने राज्य के हितों की रक्षा किये बिना ऐसे कदम का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जब तक वह सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहेंगे, तब तक किसी को भी ओडिशा को उसके हक से वंचित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने भाजपा विधायकों पर महिलाओं के मुद्दों पर ‘मगरमच्छ के आंसू’ बहाने का आरोप लगाया और कहा कि उनके कल्याण के प्रति उनमें कोई प्रतिबद्धता दिखाई नहीं देती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/naveen-patnaik-attacks-the-center-and-accuses-the-government-of/article-152204</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/naveen-patnaik-attacks-the-center-and-accuses-the-government-of/article-152204</guid>
                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 17:55:42 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/naveen-pat.png"                         length="1564137"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महिला आरक्षण पर यूपी विधानसभा में हंगामा : सत्ता पक्ष-विपक्ष आमने-सामने, जानबूझकर जनता को गुमराह करने लगाया आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर प्रदेश विधानसभा में महिला आरक्षण को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार टकराव हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे महिलाओं के सम्मान की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। वहीं, विपक्ष ने इसे केंद्र का मुद्दा बताकर विरोध किया। विधानसभा अध्यक्ष ने चर्चा को संवैधानिक करार देते हुए विपक्ष के हंगामे को दुर्भाग्यपूर्ण कहा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/uproar-in-up-assembly-over-womens-reservation-ruling-party-and/article-152165"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/up.png" alt=""></a><br /><p>लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस और टकराव देखने को मिला। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने साफ तौर पर कहा कि यह मुद्दा केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र का है, इसलिए इस पर राज्य विधानसभा में चर्चा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सरकार के प्रस्ताव का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है । उनके इस बयान के बाद सदन में माहौल गरमा गया। वहीं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने विपक्ष के रुख पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण को लेकर सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है और यह मुद्दा पूरे देश व प्रदेश की महिलाओं के सम्मान और अधिकारों से जुड़ा है। विपक्ष द्वारा इस पर सवाल उठाना दुर्भाग्यपूर्ण है।</p>
<p>स्थिति को संभालने के लिए विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी विषय पर सदन में चर्चा कराई जा सकती है और अध्यक्ष को विशेष अधिकार प्राप्त हैं, जिनका प्रयोग करते हुए इस विषय पर चर्चा कराई जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि अभी चर्चा शुरू भी नहीं हुई है और विपक्ष पहले से ही उतावला दिखाई दे रहा है। उन्होंने विशेष सत्र के आयोजन के लिए सभी सदस्यों का अभिनंदन किया।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वर्ष 2023 में केंद्र सरकार द्वारा पारित महिला वंदन अधिनियम महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि इस प्रावधान के तहत महिलाओं की हिस्सेदारी 33 प्रतिशत सुनिश्चित की जा रही है, जो अन्य प्रतिनिधित्व को जोड़ने पर लगभग 40 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। उन्होंने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि आधी आबादी के लिए उठाए जा रहे सकारात्मक कदम भी उन्हें स्वीकार नहीं हैं, जो उनके दृष्टिकोण को दर्शाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/uproar-in-up-assembly-over-womens-reservation-ruling-party-and/article-152165</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/uproar-in-up-assembly-over-womens-reservation-ruling-party-and/article-152165</guid>
                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 12:18:10 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/up.png"                         length="1962779"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महिला आरक्षण पर सर्वदलीय बैठक बुलाए सरकार : जयराम ने कहा-संसद के विशेष सत्र के दौरान नहीं था महिलाओं का आरक्षण वास्तविक मुद्दा </title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने केंद्र सरकार से 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को तत्काल प्रभावी बनाने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि चुनावी शोर थमने के बाद अब 2029 तक इंतजार करने के बजाय महिलाओं को न्याय दिलाने हेतु ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि संसद में उनकी भागीदारी सुनिश्चित हो सके।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/government-called-all-party-meeting-on-womens-reservation-jairam-said/article-151962"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/jairam-ramesh-2.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने कहा है कि जिन राज्यों में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित थे, वहां अब चुनाव लगभग समाप्त हो गए हैं, इसलिए सरकार को महिला आरक्षण लागू करने के मुद्दे पर तत्काल सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए। कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने मंगलवार को सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि अब विभिन्न राज्य विधानसभाओं के लिए होने वाले चुनाव का प्रचार समाप्त हो चुका है और लोकसभा के परिसीमन को लागू करने का सरकार का प्रयास विपक्ष की एकजुटता के कारण विफल रहा है, तो अब केंद्र सरकार को महिला आरक्षण लागू करने के मुद्दे पर पहल करनी चाहिए।</p>
<p>उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 को वर्ष 2029 से लोकसभा की मौजूदा संख्या के साथ किस प्रकार लागू किया जा सकता है, इस पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई जानी चाहिए। यह कदम संभव, वांछनीय और आवश्यक है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि संसद के विशेष सत्र के दौरान महिलाओं का आरक्षण वास्तविक मुद्दा नहीं था, बल्कि उस समय का एजेंडा परिसीमन से जुड़ा हुआ था। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/government-called-all-party-meeting-on-womens-reservation-jairam-said/article-151962</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/government-called-all-party-meeting-on-womens-reservation-jairam-said/article-151962</guid>
                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 15:10:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-05/jairam-ramesh-2.png"                         length="368615"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने महिलाओं के अधिकारों, सम्मान और भविष्य के साथ विश्वासघात किया : प्रवीन खंडेलवाल</title>
                                    <description><![CDATA[भाजपा सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक गिरने को लोकतंत्र का 'काला अध्याय' बताया। उन्होंने राहुल गांधी और विपक्षी दलों पर महिलाओं के अधिकारों के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया। खंडेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की इस ऐतिहासिक पहल को रोकना महिलाओं के सम्मान और भविष्य के खिलाफ एक सुनियोजित षड्यंत्र है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/congress-and-its-allies-betrayed-womens-rights-respect-and-future/article-151301"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/praveen.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। विधायिका में महिलाओं के आरक्षण से जुड़े 131वें संविधान संशोधन के लोकसभा में पूर्ण बहुमत से पारित नहीं होने को चाँदनी चौक से भारतीय जनता पार्टी सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में काला अध्याय बताया है और कहा है कि इस संशोधन विधेयक को गिराकर कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी दलों ने महिलाओं के अधिकारों, सम्मान और भविष्य के साथ घोर विश्वासघात किया गया है। खंडेलवाल ने बुधवार को यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि यह केवल एक संशोधन विधेयक की हार नहीं, बल्कि देश की करोड़ों महिलाओं के अधिकारों, सम्मान और भविष्य के साथ किया गया घोर विश्वासघात है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों तृणमूल कांग्रेस, द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम, समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी सहित पूरे विपक्ष ने सुनियोजित षड्यंत्र के तहत इस संशोधन विधेयक को गिराने का शर्मनाक कार्य किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने व्यक्तिगत और राजनीतिक स्वार्थों के चलते न केवल इस संशोधन विधेयक का विरोध किया, बल्कि महिलाओं के सशक्तिकरण के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा बनकर खड़े हो गए। यह आचरण उनके नेतृत्व की विफलता, दूरदृष्टि के अभाव और महिला सम्मान के प्रति असंवेदनशीलता को उजागर करता है।</p>
<p>भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद ने कहा कि जिस प्रकार राहुल गांधी ने सदन के भीतर मेज ठोक कर इस संशोधन विधेयक के गिराने का ऐलान किया और इसके खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया और उसके बाद विपक्षी दलों द्वारा विधेयक के गिरने का जश्न मनाया गया, वह अत्यंत निंदनीय, दुर्भाग्यपूर्ण और लोकतंत्र के मूल्यों का खुला उपहास है। यह स्पष्ट संकेत है कि राहुल गांधी और उनके सहयोगी दल महिलाओं को अधिकार देने के बजाय उन्हें राजनीतिक लाभ-हानि के तराजू पर तौलते हैं।</p>
<p>खंडेलवाल ने कहा कि जिस लोकसभा में राहुल गांधी ने इस संशोधन विधेयक को गिरवाने का दुस्साहस किया है। वहीं, सदन भविष्य में इस ऐतिहासिक अन्याय को सुधारेगा और महिलाओं को उनका अधिकार देकर नया इतिहास रचेगा। उन्होंने कहा कि यदि यह संशोधन विधेयक पारित होता, तो कांग्रेस के भीतर प्रियंका गांधी एक सशक्त और प्रभावशाली नेतृत्व के रूप में उभर सकती थीं और संभवतः इसी राजनीतिक आशंका ने राहुल गांधी को इस संशोधन विधेयक के विरोध के लिए प्रेरित किया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए की गयी इस ऐतिहासिक पहल को विफल करना "महापाप" से कम नहीं है। राहुल गांधी और विपक्ष ने अपने संकीर्ण राजनीतिक हितों के चलते देश की महिलाओं के सपनों को कुचलने का काम किया है, जिसे देश कभी नहीं भूलेगा। खंडेलवाल ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास महिलाओं को केवल एक "वोट बैंक" के रूप में देखने का रहा है। दशकों तक इस महत्वपूर्ण मुद्दे को टालना और जब इसे लागू करने का समय आया, तब उसका विरोध करना,यह उनकी दोहरी नीति, अवसरवादी राजनीति और महिला विरोधी मानसिकता का स्पष्ट प्रमाण है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि शासन में महिला आरक्षण केवल राजनीतिक प्रतिनिधित्व का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समान अवसर और राष्ट्र के समग्र विकास का आधार है। इसे रोकना देश की प्रगति को रोकने जैसा है। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष अभी समाप्त नहीं हुआ है। देश की महिलाएं और जागरूक नागरिक इस विश्वासघात का लोकतांत्रिक जवाब देंगे और उन सभी को जवाबदेह ठहराएंगे जिन्होंने उनके अधिकारों को कुचला है। इस दौरान चांदनी चौक भाजपा के जिलाध्यक्ष अरविंद गर्ग और केशवपुरम भाजपा के जिलाध्यक्ष अजय खटाना भी उपस्थित थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/congress-and-its-allies-betrayed-womens-rights-respect-and-future/article-151301</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/congress-and-its-allies-betrayed-womens-rights-respect-and-future/article-151301</guid>
                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 16:30:22 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/praveen.png"                         length="954361"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महिला कांग्रेस ने हैदराबाद में शुरू किया पोस्टकार्ड अभियान: महिला आरक्षण अधिनियम को तुरंत लागू करने की मांग, छोटे राज्यों के प्रतिनिधित्व पर असर पड़ने का लगाया आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[तेलंगाना महिला कांग्रेस ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को तत्काल लागू करने के लिए पोस्टकार्ड अभियान शुरू किया है। अध्यक्ष एर्राबेली स्वर्ण ने आरक्षण को परिसीमन से अलग करने और 2029 चुनावों से ही प्रभावी बनाने की मांग की। कांग्रेस ने सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने हेतु इसमें ओबीसी उप-कोटा और जाति जनगणना की आवश्यकता पर भी जोर दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/mahila-congress-started-postcard-campaign-in-hyderabad-demanded-immediate-implementation/article-151225"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/congress1.png" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद। तेलंगाना राज्य महिला कांग्रेस ने मंगलवार को गांधी भवन में पोस्टकार्ड हस्ताक्षर अभियान का आयोजन किया। जिसमें महिला आरक्षण अधिनियम, 2023 को तुरंत लागू करने की मांग की गई। "महिला आरक्षण विधेयक: आज करो, अभी करो" नारे के तहत आयोजित इस अभियान में प्रतिभागियों ने प्रधानमंत्री कार्यालय को पोस्टकार्ड भेजकर मौजूदा 543 लोकसभा सीटों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने का आग्रह किया।</p>
<p>सभा को संबोधित करते हुए तेलंगाना राज्य महिला कांग्रेस की अध्यक्ष एर्राबेली स्वर्ण ने कहा कि संसद द्वारा पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 को बिना किसी देरी के लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि आरक्षण मौजूदा लोकसभा सीटों पर लागू किया जाए और 2029 के आम चुनावों से प्रभावी हो। उन्होंने अधिनियम के कार्यान्वयन को नई जनगणना और परिसीमन प्रक्रिया से जोड़ने का विरोध किया और आरोप लगाया कि ऐसा करने से दक्षिणी और छोटे राज्यों के प्रतिनिधित्व पर असर पड़ सकता है। उन्होंने परिसीमन प्रक्रिया शुरू होने से पहले जाति जनगणना की भी मांग की।</p>
<p>स्वर्ण ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के लिए प्रावधानों के अलावा, 33 प्रतिशत आरक्षण में ओबीसी महिलाओं के लिए उप-कोटा की भी मांग की और कहा कि नीति में सामाजिक न्याय सुनिश्चित किया जाना चाहिए। केंद्र सरकार की ओर से देरी किये जाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि अधिनियम के कार्यान्वयन को स्थगित करना महिला सशक्तिकरण को कमजोर करता है। उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस पार्टी देश भर की महिलाओं की आकांक्षाओं के अनुरूप कानून को तत्काल लागू करने के लिए दबाव बनाना जारी रखेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/mahila-congress-started-postcard-campaign-in-hyderabad-demanded-immediate-implementation/article-151225</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/mahila-congress-started-postcard-campaign-in-hyderabad-demanded-immediate-implementation/article-151225</guid>
                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 18:25:44 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/congress1.png"                         length="918983"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कांग्रेस ने चार दशकों से महिलाओं को उनके अधिकार से वंचित रखा, जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी : अरूण साव  </title>
                                    <description><![CDATA[छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम अरुण साव ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्षी दलों ने दशकों तक महिलाओं को अधिकारों से वंचित रखा। उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के खिलाफ कांग्रेस के रुख को विश्वासघात बताया। साव ने विधानसभा के विशेष सत्र के माध्यम से महिलाओं की आवाज बुलंद करने और प्रधानमंत्री मोदी के संकल्प को पूरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/congress-deprived-women-of-their-rights-for-four-decades-public/article-151227"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/arun-saw.png" alt=""></a><br /><p>रायपुर। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने मंगलवार को कहा कि कांग्रेस ने चार दशकों से महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित रखा है और इस गलती के लिए जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने आज रायपुर के न्यूज सर्किट हाउस में पत्रकारों से चर्चा करते हुए यह बातें कहीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और विपक्षी दलों ने पिछले चार दशकों से महिलाओं को उनके अधिकार से वंचित रखा है। वास्तव में यह देश की आधी आबादी के साथ अन्याय और धोखा है। उन्होंने कहा कि जब नगरीय निकायों एवं पंचायतों में महिलाओं को आरक्षण मिला हुआ है तो उन्हें विधानसभा और लोकसभा में आरक्षण क्यों नहीं मिलना चाहिए।</p>
<p>उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने प्रयत्न किया कि आधी आबादी को उनका अधिकार मिले। लेकिन कांग्रेस और इंडिया गठबंधन ने षड्यंत्र करके नारी शक्ति को फिर से उनके अधिकार से वंचित किया है। उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से उनकी आवाज को और बुलंद करने के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने महिलाओं को अधिकार संकल्प लिया है। इसे पूरा करने हम लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ेंगे। साव ने कहा कि ये कितनी हास्यास्पद बात है कि छत्तीसगढ़ के तीन करोड़ लोगों की उपेक्षा करके जिस रंजीता रंजन को राज्यसभा में भेजा गया, वही रंजीता रंजन जी आज छत्तीसगढ़ आ रही हैं। जिसने संसद में बिल के खिलाफ समर्थन कर छत्तीसगढ़ के माताएं और बहनों को अधिकार से वंचित किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/congress-deprived-women-of-their-rights-for-four-decades-public/article-151227</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/congress-deprived-women-of-their-rights-for-four-decades-public/article-151227</guid>
                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 17:28:52 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/arun-saw.png"                         length="754157"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कांग्रेस का केंद्र पर हमला : महिला आरक्षण क्रियान्वयन की इच्छुक नहीं सरकार, रणनीतिक तरीके से इसे परिसीमन विधेयक से जोड़ा</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर महिला आरक्षण को जानबूझकर टालने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस 10 वर्षों से इसके पक्ष में है, लेकिन सरकार ने इसे परिसीमन से जोड़कर देरी की रणनीति अपनाई है। सोनिया गांधी और राहुल गांधी द्वारा लिखे पत्रों के बावजूद क्रियान्वयन में हो रही देरी महिला सशक्तिकरण के प्रति सरकार की उदासीनता दर्शाती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/congresss-attack-on-the-central-government-not-being-willing-to/article-151183"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/jairam-ramesh1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने कहा है कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व हमेशा महिला आरक्षण के पक्ष में रहा है और इसके लिए वह समय-समय पर वह सरकार पर दबाव भी बनाती रही है लेकिन केंद्र सरकार रणनीति के तहत इसको लागू नहीं कर रही है। कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने मंगलवार को सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर कहा कि उनकी पार्टी करीब 10 साल से सरकार पर महिलाओं को आरक्षण देने का दबाव बना रही है और इस विधेयक को संसद में पारित कराने में भी अपना समर्थन दिया लेकिन सरकार ने जानबूझकर और रणनीतिक तरीके से इसे परिसीमन विधेयक से जोड़ दिया, जिससे इसे लागू करने में अड़चन आयी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि 2017 में तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी महिला आरक्षण विधेयक पारित होने के संबंध में केंद्र को पत्र लिखा था। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी 16 जुलाई, 2018 को केंद्र को पत्र लिखकर महिला आरक्षण को तुरंत लागू करने की मांग की थी। केंद्र सरकार ने इस मांग पर कोई ध्यान नहीं दिया और फिर परिसीमन से जोड़कर इसे टालने की कोशिश की। जयराम रमेश ने कहा, "कांग्रेस का रुख महिला आरक्षण को लेकर अडिग और अपरिवर्तित रहा है। राहुल गांधी के लिखे पत्र के आठ साल बाद भी, केंद्र सरकार-परिसीमन से जोड़कर आरक्षण के कार्यान्वयन में देरी करने के इच्छुक हैं और इसलिए वह इस मांग पर कोई कार्रवाई नहीं की है।”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/congresss-attack-on-the-central-government-not-being-willing-to/article-151183</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/congresss-attack-on-the-central-government-not-being-willing-to/article-151183</guid>
                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 15:53:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/jairam-ramesh1.png"                         length="622963"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महिला आरक्षण पर उत्तर प्रदेश में सियासी घमासान : 30 अप्रैल को विधानमंडल का विशेष सत्र बुलाने का फैसला, सीएम योगी ने विपक्ष पर बोला हमला</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर 30 अप्रैल को विधानमंडल का विशेष सत्र बुलाने का निर्णय लिया है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद, सरकार इस सत्र में विपक्ष के 'महिला विरोधी' रुख के खिलाफ निंदा प्रस्ताव ला सकती है। 2027 के चुनावों से पहले यह कदम यूपी की राजनीति में महिला सशक्तिकरण पर आर-पार की जंग छेड़ेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/political-turmoil-in-uttar-pradesh-over-womens-reservation-decision-to/article-151038"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/cm-yogi.png" alt=""></a><br /><p>लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए महिला आरक्षण के मुद्दे पर अपनी राजनीतिक रणनीति तेज कर दी है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश सरकार ने 30 अप्रैल को विधानमंडल का विशेष सत्र बुलाने के प्रस्ताव को रविवार रात कैबिनेट बाई सर्कुलेशन के जरिए मंजूरी दे दी। संसद में नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक के पारित न हो पाने के बाद इस मुद्दे पर सियासत गरमा गई है। विपक्ष जहां विधेयक की खामियों को गिनाकर अपने विरोध को सही ठहरा रहा है, वहीं भारतीय जनता पार्टी इस मुद्दे को लेकर विपक्ष पर हमलावर है और इसे चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा बना रही है।</p>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही इस मामले में विपक्ष पर तीखा हमला बोल चुके हैं। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में विपक्ष के रवैये की तुलना ‘द्रौपदी चीरहरण’ से करते हुए इसे महिला सम्मान और लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताया था। सरकारी सूत्रों के अनुसार, 30 अप्रैल को होने वाले इस विशेष सत्र में सरकार महिला आरक्षण पर अपनी स्थिति स्पष्ट करेगी और विपक्ष के रुख को लेकर उसे घेरने की रणनीति अपनाएगी। सत्र के दौरान विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने की भी चर्चा है।</p>
<p>चूंकि सत्र बुलाने के लिए सदस्यों को कम से कम सात दिन पहले सूचना देना जरूरी होता है, इसलिए प्रस्ताव को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन के जरिए मंजूरी दी गई। अब इसे राज्यपाल की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। सरकार का आरोप है कि विपक्ष महिला सशक्तीकरण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर भी राजनीति कर रहा है। वहीं, विपक्ष इस विधेयक को अधूरा और खामियों से भरा बताते हुए सरकार की मंशा पर सवाल उठा रहा है।</p>
<p>ऐसे में 30 अप्रैल को होने वाला यह विशेष सत्र सिर्फ विधायी कार्यवाही तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच सीधी राजनीतिक टकराहट का मंच भी बनेगा, जहां दोनों पक्ष महिला आरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दे पर जनता के सामने अपनी-अपनी रणनीति और संदेश रखने की कोशिश करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/political-turmoil-in-uttar-pradesh-over-womens-reservation-decision-to/article-151038</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/political-turmoil-in-uttar-pradesh-over-womens-reservation-decision-to/article-151038</guid>
                <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 13:24:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/cm-yogi.png"                         length="932788"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कांग्रेस का केंद्र पर हमला: महिला आरक्षण के नाम पर बहा रहे हैं घड़ियाली आंसू, सुप्रिया श्रीनेत ने कहा-सरकार महिलाओं को आरक्षण देना ही नहीं चाहती</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने केंद्र पर महिला आरक्षण रोकने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि परिसीमन का 'षड्यंत्र' विफल होने पर सरकार घड़ियाली आंसू बहा रही है। कांग्रेस ने मांग की कि मौजूदा 543 सीटों पर ही 33% आरक्षण तुरंत लागू किया जाए, ताकि महिलाओं को उनका वास्तविक संवैधानिक अधिकार मिल सके।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/congress-attacks-the-centre-crocodile-tears-are-being-shed-in/article-151002"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/supriya.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने कहा है कि केंद्र सरकार हमेशा महिलाओं को आरक्षण देने के खिलाफ रही है और यही वजह है कि इस बार उसने महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन लाने का षड्यंत्र किया, जिसके कारण संसद में पेश संविधान संशोधन विधेयक गिर गया और केंद्र को मुंह की खानी पड़ी। पार्टी ने कहा कि केंद्र शुरू से ही महिलाओं को आरक्षण नहीं देना चाहती है। यह हमेशा महिला आरक्षण के विरुद्ध रही है और यही कारण था कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी 1990 में महिलाओं को आरक्षण देने के लिए संविधान संशोधन विधेयक लेकर आए थे, तो केंद्र ने इसका विरोध किया था, जिसके कारण वह विधेयक संसद में पारित नहीं हो सका था।</p>
<p>कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने रविवार को यहां पार्टी मुख्यालय पर संवाददाता सम्मेलन में कहा कि केंद्र सरकार डरी हुई हैं, इसलिए उन्होंने राष्ट्र के नाम शनिवार को 29 मिनट के संबोधन में 58 बार, यानी लगभग हर 30 सेकंड में कांग्रेस का नाम लिया। इससे साफ है कि महिला आरक्षण की आड़ में केंद्र परिसीमन के अपने कथित षड्यंत्र के विफल होने के कारण देश के नाम संबोधन के दौरान घड़ियाली आंसू बहा रहे थे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि संविधान संशोधन विधेयक गिरने पर दुखी होने की बजाय 543 लोकसभा सीटों के आधार पर महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था करनी चाहिए और कांग्रेस इस व्यवस्था का पूरी तरह समर्थन करेगी। उनका कहना था कि मौजूदा 543 सीटों में से 181 सीटें महिलाओं को दे दीजिए और इसमें रोड़ा मत बनिए। कांग्रेस प्रवक्ता ने केंद्र पर महिलाओं के प्रति असंवेदनशील रवैया अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि देश में जहां भी महिलाओं के साथ अत्याचार होता है, वहां केंद्र सरकार कुछ नहीं बोलती। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार कांग्रेस की शीर्ष नेता सोनिया गांधी के लिए 'कांग्रेस की विधवा' जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर महिलाओं का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण की बात करने वाली केंद्र सरकार को यह याद रखना चाहिए कि जब राजीव गांधी के शासनकाल में महिला आरक्षण विधेयक लाया गया था, तब उन्होंने ने इसके खिलाफ मतदान किया था।</p>
<p>कांग्रेस ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के शासन में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। पार्टी के अनुसार, ऐसे मामलों की संख्या 4 लाख से अधिक हो गई है और दुष्कर्म के मामले भी लगातार बढ़ रहे हैं। कांग्रेस ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार के 1600 से अधिक विधायकों में केवल 167 महिलाएं हैं। देश के कई राज्यों में केंद्र की सरकार होने के बावजूद केवल एक राज्य में ही महिला मुख्यमंत्री है। पार्टी का कहना है कि इससे स्पष्ट है कि केंद्र सरकार महिलाओं के प्रति संवेदनशील नहीं है और यही कारण है कि उसे संविधान संशोधन विधेयक पारित कराने में संसद में असफलता का सामना करना पड़ा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/congress-attacks-the-centre-crocodile-tears-are-being-shed-in/article-151002</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/congress-attacks-the-centre-crocodile-tears-are-being-shed-in/article-151002</guid>
                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 18:10:22 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/supriya.png"                         length="1739423"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महिला आरक्षण बिल गिरने पर विपक्ष ने जश्न मनाकर महिलाओं का अपमान किया: सावित्री ठाकुर </title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर ने महिला आरक्षण बिल न पचने पर विपक्ष के जश्न को स्वर्ण अवसर खोना और महिलाओं का अपमान बताया। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने राजनीतिक स्वार्थ के कारण ऐतिहासिक विधेयक को रोका। मंत्री ने स्पष्ट किया कि परिसीमन महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व देने के लिए आवश्यक है और देश की नारी शक्ति इसका करारा जवाब देगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/savitri-thakur-opposition-insulted-women-by-celebrating-when-womens-reservation/article-151018"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)23.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर ने भी विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि महिला आरक्षण से जुड़ा यह विधेयक पारित हो जाता, तो यह वर्ष इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाता। उन्होंने कहा कि 2023 में विपक्ष ने चुनावी मजबूरी के कारण इसका समर्थन किया, लेकिन बाद में अपने राजनीतिक हितों के चलते इसका विरोध किया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं को हर योजना के केंद्र में रखा है और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनेक योजनाएं लागू की हैं। इस बिल से महिलाओं में एक नई उम्मीद जगी थी कि उन्हें राजनीति में उचित प्रतिनिधित्व मिलेगा। सावित्री ठाकुर ने कहा कि विपक्षी दलों को यह डर था कि इससे उनके राजनीतिक समीकरण प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने स्पष्ट किया था कि किसी भी राज्य के हितों को नुकसान नहीं होगा, इसके बावजूद भ्रम फैलाया गया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि जब यह बिल पारित नहीं हो सका, तो देशभर की महिलाओं में निराशा फैल गई, जबकि विपक्ष ने जश्न मनाया, जो महिलाओं का अपमान है। उन्होंने कहा कि देश की महिला शक्ति इसका जवाब अवश्य देगी। उन्होंने यह भी कहा कि बढ़ती जनसंख्या के मद्देनजर परिसीमन आवश्यक है, जिससे महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिल सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/savitri-thakur-opposition-insulted-women-by-celebrating-when-womens-reservation/article-151018</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/savitri-thakur-opposition-insulted-women-by-celebrating-when-womens-reservation/article-151018</guid>
                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 16:50:37 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/111200-x-600-px%2923.png"                         length="611809"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सम्राट चौधरी का कांग्रेस पर हमला : संसद में महिला आरक्षण पर विपक्ष का रवैया देश की आधी आबादी का अपमान, विपक्ष को सुनाई खरी खोटी</title>
                                    <description><![CDATA[बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने महिला आरक्षण बिल गिरने पर विपक्ष के जश्न को 'शर्मनाक' बताया। उन्होंने कांग्रेस और सपा पर परिवारवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि ये दल केवल अपने घर की महिलाओं को सत्ता में देखना चाहते हैं। चौधरी ने इसे देश की आधी आबादी के साथ धोखा और लोकतंत्र का काला दिन करार दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/samrat-chaudharys-attack-on-congress-oppositions-attitude-on-womens-reservation/article-151005"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/samrat-choudhary.png" alt=""></a><br /><p>पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के लोकसभा में पारित नहीं होने के बाद विपक्ष खुशियाँ मना रहा है, जो सही मायने में देश की आधी आबादी का अपमान है। मुख्यमंत्री चौधरी ने आज भाजपा प्रदेश कार्यालय में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की महिला नेताओं के साथ आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि संसद के विशेष सत्र में नारी शक्ति के साथ धोखा हुआ। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के इतिहास में यह शर्मनाक घटना थी, जब महिलाओं के अपमान पर कांग्रेस, द्रविण मुनेत्र कड़गम (डीएमके), तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) तथा समाजवादी पार्टी(सपा) जैसे दल खुशियाँ मना रहे है। उन्होंने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है, काफी समय पहले लालू प्रसाद भी बिल फाड़ते नजर आये थे।</p>
<p>सम्राट चौधरी ने कहा कि महिला आरक्षण का विरोध वह पार्टियाँ कर रही हैं, जो चाहती हैं कि उनके घर की महिलाएं और बेटियां सांसद तथा विधायक बनें, लेकिन किसी गरीब की बेटी को यह उपलब्धि हासिल नहीं हों। उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी को अपनी बहन की चिंता है, लेकिन देश की दूसरी बेटियों के बारे में वह नहीं सोचते हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव को अपनी पत्नी की चिंता है, लेकिन उत्तरप्रदेश से 40 महिला सांसद चुन कर लोकसभा में जाएँ, यह बात उन्हें मंजूर नहीं है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/samrat-chaudharys-attack-on-congress-oppositions-attitude-on-womens-reservation/article-151005</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/samrat-chaudharys-attack-on-congress-oppositions-attitude-on-womens-reservation/article-151005</guid>
                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 16:32:43 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/samrat-choudhary.png"                         length="649311"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        