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                <title>pregnancy - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>pregnancy RSS Feed</description>
                
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                <title>गर्भाशय की जगह लिवर में हो गया गर्भधारण : एमआरआई में आया सामने, भ्रूण में चल रही धड़कन</title>
                                    <description><![CDATA[30 वर्षीय महिला के दुर्लभ गर्भधारण का मामला सामने आया है। महिला को गर्भाशय की जगह लिवर के दाहिने भाग में 12 सप्ताह की गर्भ है, जिसमें कार्डियक पल्सेशन (धड़कन) भी है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/pregnancy-in-the-liver-instead-of-the-uterus-the-beating/article-121958"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/212142roer-(3)2.png" alt=""></a><br /><p>मेरठ। 30 वर्षीय महिला के दुर्लभ गर्भधारण का मामला सामने आया है। महिला को गर्भाशय की जगह लिवर के दाहिने भाग में 12 सप्ताह की गर्भ है, जिसमें कार्डियक पल्सेशन (धड़कन) भी है। महिला का परीक्षण करने वाले रेडियोलॉजिस्ट डॉ. केके गुप्ता ने बताया कि महिला बुलंदशहर जिले की रहने वाली है। महिला के पहले से दो बच्चे हैं। महिला गृहणी है और पति निजी कंपनी में नौकरी करता है। महिला को पिछले दो महीने से लगातार पेट दर्द और उल्टी की शिकायत है। कई जगह इलाज करवाया पर कोई राहत नहीं मिली। इसके बाद उन्हें एक निजी इमेजिंग एंड डायग्नोस्टिक सेंटर में पूरे पेट की एमआरआई जांच के लिए भेजा गया।</p>
<p><strong>मेडिकल भाषा में इंट्राहेप्टिक एक्टोपिक प्रेग्नेंसी कहलाती</strong><br />डॉ. गुप्ता ने जांच की तो पता चला कि गर्भधारण गर्भाशय की जगह लिवर के दाहिने भाग में है। मेडिकल की भाषा मे यह स्थिति इंट्राहेप्टिक एक्टोपिक प्रेग्नेंसी कहलाती है, जो कि अपने आप में अत्यंत दुर्लभ होती है। इस प्रकार की एक्टोपिक प्रेग्नेंसी सभी एक्टोपिक मामलों में मात्र 0.03% होती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 29 Jul 2025 13:00:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गर्भावस्था के दौरान शराब का कम सेवन बन सकता है बच्चे के दिमाग में बदलाव का कारण : अध्ययन</title>
                                    <description><![CDATA[शोधकर्ताओं के अनुसार राइट सुपीरियर टेम्पोरल सल्कस (एसटीएस), शराब के संपर्क में आने वाले भ्रूण में सामाजिक अनुभूति, देखने- सुनने में एक खास तरह का बदलाव और भाषा सीखने- समझने में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/health/moderate-consumption-of-alcohol-during-pregnancy-may-cause-changes-in/article-30640"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-11/f-1.jpg" alt=""></a><br /><p>एक नए अध्ययन में कहा गया है, कि गर्भावस्था के दौरान कम मात्रा में शराब पीने से बच्चे के मस्तिष्क की संरचना और विकास में बदलाव आ सकता है। शोधकर्ताओं के अनुसार राइट सुपीरियर टेम्पोरल सल्कस (एसटीएस), शराब के संपर्क में आने वाले भ्रूण में सामाजिक अनुभूति, देखने- सुनने में एक खास तरह का बदलाव और भाषा सीखने- समझने में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। एसटीएस का बचपन के दौरान भाषा के विकास पर बहुत प्रभाव पड़ता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 24 Nov 2022 14:53:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>विटामिन ए की कमी के स्किन पर दिखते हैं ये लक्षण</title>
                                    <description><![CDATA[आपकी आंखें अगर कमजोर होने लग जाएंं या फिर आपको ऐसा लगे कि आपको आंखों के सामने अचानक धुंधलापन आ जाता है, तो आपको समझ लेना चाहिए कि आप में विटामिन ए की कमी है। ऐसे में आपको विटामिन ए से भरपूर खासकर गाजर को डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए।   ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/health/these-symptoms-are-seen-on-the-skin-of-vitamin-a-deficiency/article-16176"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/311.jpg" alt=""></a><br /><p>आपकी आंखें अगर कमजोर होने लग जाएंं या फिर आपको ऐसा लगे कि आपको आंखों के सामने अचानक धुंधलापन आ जाता है, तो आपको समझ लेना चाहिए कि आप में विटामिन ए की कमी है। ऐसे में आपको विटामिन ए से भरपूर खासकर गाजर को डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए।   </p>
<p><br /><strong>    कमी से क्या होता है</strong> <br />यदि आपका शरीर अपनी विटामिन ए आवश्यकताओं को पूरा करने में असमर्थ हैं, तो आपको आंखों से जुड़ीं समस्याएं हो सकती हैं और इम्यूनिटी लेवल कमजोर हो सकता है। विटामिन ए की कमी बच्चों में होने वाले इंफेक्शन से शरीर इतना कमजोर हो जाता है कि मौत तक हो सकती है। यह प्रेगनेंसी, ब्रेस्ट फीडिंग पर भी बुरा असर डाल सकता है।   </p>
<p><br />    <strong>स्किन पर असर</strong> <br />विटामिन ए त्वचा की कोशिकाओं के निर्माण और रिपेयर करने के लिए जरूरी है। यह त्वचा की सूजन को रोकने में भी मदद करता है, लेकिन अगर आपके शरीर में विटामिन ए की कमी है, तो आपको सूखी स्किन या खुजली या यहां तक  कि स्केलिंग का अनुभव हो सकता है। विटामिन ए की कमी से एक्जिमा भी हो सकता है। विटामिन ए की कमी से स्किन में सूजन भी हो सकती है, जिससे सूजन, चकत्ते, खुजली वाली स्किन, पपड़ीदार पैच, धक्कों, घाव और छाले हो जाते हैं। विटामिन ए  दवाएं एक्जिमा के इलाज में प्रभावी होती हैं।  </p>
<p><br /><strong>    किन लोगों को खतरा</strong> <br />विटामिन ए की कमी का सबसे गंभीर असर बच्चों और गर्भवती महिलाओं में देखने को मिलता है। कुछ स्वास्थ्य स्थितियां भी हैं, जो आपको विटामिन ए की कमी के जोखिम में डाल सकती हैं। ये ज्यादातर गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सिस्टम की बीमारियां हैं, जो पर्याप्त आहार सेवन के बावजूद विटामिन ए की कमी से होता है। इनमें से कुछ में सीलिएक रोग, सिरोसिस, दस्त और पित्त नली विकार शामिल हैं। जिन लोगों को विटामिन ए की कमी का सबसे अधिक खतरा होता है  </p>
<p><br /><strong>    ए से भरपूर चीजें</strong> <br />विटामिन ए विभिन्न प्रकार के शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों में पाया जाता है।  विटामिन ए से भरपूर खाद्य पदार्थों में नारंगी रंग की सब्जियां जैसी शकरकंद, कद्दू, गाजर और स्क्वैश शामिल करें। हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक और लेट्यूस भी विटामिन ए से भरपूर होती हैं। कुछ फल जो विटामिन ए के अच्छे स्रोत हैं, वे हैं आम,पपीता, खरबूजा और खुबानी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 Jul 2022 17:19:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बेस्ट प्रेग्नेंसी ड्रिंक रोजाना पीने से मां और बच्चा रहेंगे स्वस्थ</title>
                                    <description><![CDATA[प्रेग्नेंसी के दौरान आप क्या खाते या पीते हैं, इसका सीधा असर होने वाली मां की सेहत और गर्भ में पल रहे बच्चे के विकास और पोषण पर पड़ता है। यही वजह है कि डॉक्टर्स भी गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को अपनी डाइट पर ध्यान देने की सलाह देते हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/health/-mother-and-baby-will-be-healthy-by-drinking-the-best-pregnancy-drink-daily/article-13156"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/pregnent.jpg" alt=""></a><br /><p>प्रेग्नेंसी के दौरान आप क्या खाते या पीते हैं, इसका सीधा असर होने वाली मां की सेहत और गर्भ में पल रहे बच्चे के विकास और पोषण पर पड़ता है। यही वजह है कि डॉक्टर्स भी गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को अपनी डाइट पर ध्यान देने की सलाह देते हैं। गर्मियों के मौसम में गर्भवती महिलाओं के शरीर में पानी की कमी नहीं होनी चाहिए। ऐसा होने पर बच्चे या मां को परेशानी हो सकती है। ऐसे में अपनी डाइट में ये 5 फ्लूइड्स शामिल करने से आप अपनी बॉडी को हाइड्रेट रख सकती हैं।</p>
<p><strong>फायदेमंद है ये ड्रिंक</strong></p>
<p>छाछ में कैल्शियम मौजूद होता है और ये गर्मियों के मौसम में शरीर को हाइड्रेट रखने का काम भी करती है। इसके अलावा छाछ में पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने के लिए प्रोबायोटिक बैक्टीरिया भी मौजूद होते हैं। इससे प्रेगनेंसी में होने वाली गैस से भी राहत मिल सकती है।सूक्ष्म खनिजों से भरा हुआ, नारियल पानी भी आपके रक्तचाप के स्तर को बनाए रखने में मदद कर सकता है। यह एसिडिटी, हार्ट बर्न और कब्ज से भी राहत दिला सकता है। वहीं प्रेग्नेंसी के दौरान ये बेबी और प्लेसेंटा दोनों के लिए फायदेमंद है। गर्भवती महिलाओं को खुद को हाइड्रेट रखने के लिए नारियल पानी का लगातार सेवन करते रहना चाहिए।</p>
<p>प्रेग्नेंसी के दौरान दिन में कम से कम एक बार दूध जरूर पीना चाहिए। दूध से शरीर को भरपूर कैल्शियम, विटामिन बी12 और प्रोटीन मिलता है। दूध से बच्चे का विकास भी अच्छा होगा और हड्डियों के विकास में मदद मिलेगी। <br />संतरा, क्रैनबेरी और कई अन्य फलों के रस में इम्यून-बूस्टिंग एंटीआॅक्सीडेंट, विटामिन सी और फोलेट जैसे आवश्यक पोषक तत्व होते हैं, जो बच्चे की कोशिका वृद्धि और विकास के लिए आवश्यक होते हैं। इसलिए जरूरी है कि गर्भवती मां ज्यादा से ज्यादा कोशिश करे कि वो ताजे फलों का खाएं और ताजे जूस पिएं। <br />नींबू पानी शरीर को हाइड्रेट रखता है और कम हुए इलेक्ट्रोलाइट को पूरा करता है। इसमें विटामिन.सी प्रचुर मात्रा में होता है जो कि शरीर में लाल रक्त कोशिकाएं बनाने के लिए आयरन के अवशोषण में मदद करता है। नींबू पानी मॉर्निंग सिकनेस को भी दूर कर सकता है और यह ब्लड प्रेशर को भी कंट्रोल करता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Jun 2022 14:57:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रेग्नेंसी के दौरान रखें विशेष ध्यान</title>
                                    <description><![CDATA[गर्मी के मौसम में महिलाओं को भूख, गैस, एसिडिटी, उल्टी जैसी कई समस्याएं होने लगती हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/health/health-news--take-special-care-during-pregnancy/article-8367"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/pregnant.jpg" alt=""></a><br /><p> गर्मियों का मौसम शुरू होते ही कई परेशानियां होने लगती हैं। ऐसे में एक प्रेग्नेंट महिला के लिए ये मौसम एक बड़ी चुनौती लेकर आता है। गर्मी के मौसम में महिलाओं को भूख, गैस, एसिडिटी, उल्टी जैसी कई समस्याएं होने लगती हैं। प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं में काफी ज्यादा हार्मोन बदलते हैं, जिसकी वजह से उनका व्यवहार चिड़चिड़ा हो जाता है।</p>
<p><br /><strong>पानी पिएं ज्यादा से ज्यादा</strong> <br />गर्मी के मौसम में बॉडी डिहाइड्रेट हो जाती है। जिस कारण चक्कर, उल्टी जैसी कई समस्याएं होने लगती हैं। इन समस्याओं से बचने के लिए प्रेग्नेंट महिला को दिनभर बार-बार पानी पीते रहना चाहिए। वहीं, शरीर में पानी की कमी को पूरा करने के लिए आप कई अन्य तरह के ड्रिंक्स जैसे नारियल पानी, आंवले का जूस आदि पी सकते हैं।</p>
<p><br /><strong>खानपान सही हो</strong><br />गर्मियों के मौसम में प्रेग्नेंट महिला को अपने खानपान का खास ख्याल रखना चाहिए। जंक फूड और ऑयली चीजों को खाने से बचना चाहिए। खाने में सीजनल सब्जियों और फलों का इस्तेमाल करना चाहिएए जो आपके शरीर को हेल्दी रखने में मदद करें।</p>
<p><br /><strong>नींद पूरी होनी चाहिए</strong><br />प्रेग्नेंट महिला के लिए अपनी नींद को पूरा करना बेहद जरूरी होता है। ऐसा करने से महिला को एनर्जी मिलती है। अगर आपको दोपहर में थकान महसूस हो रही है, तो आप कुछ समय के लिए पॉवर नैप ले सकती हैं। पॉवर नैप के कई फ ायदे हैं, इससे आप फ्रेश और एनर्जेटिक महसूस कर सकती हैं।</p>
<p><br /><strong>कपड़े ऐसे चुने जो हो ढीले-ढाले</strong><br />ढीले-ढाले हल्के कपड़े पहनने से आपके शरीर को हवा लगती रहती है। गर्मी के मौसम में प्रेग्नेंट महिला को ज्यादा पसीना आ सकता है। ऐसे में आप दिन में दो-तीन बार नहा लें और कपड़े बदल दें। ऐसा करने से आपको काफी आराम मिलेगा।  </p>
<p><br /><strong>अपनी दिनचर्या का खास ख्याल</strong> <br />प्रेग्नेंसी के दौरान जरूरी होता है कि अपनी दिनचर्या का खास ख्याल रखें। इस दौरान महिलाओं के शरीर में न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक रूप से भी कई बदलाव होते हैं। ऐसे में अपने दिन की शुरुआत से लेकर रात में सोने तक छोटी-बड़ी चीज का खास ख्याल रखना चाहिए।</p>
<p><br /><strong>योग करें</strong><br />प्रेग्नेंट महिला के लिए एक्सरसाइज काफी फायदेमंद मानी जाती है। इससे न सिर्फ मां बल्कि होने वाले बच्चे का स्वास्थ्य भी फि ट रहता है। एक्सरसाइज करने से मन भी शांत रहता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 Apr 2022 14:49:28 +0530</pubDate>
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