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                <title>architecture - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>architecture RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>जयपुर में ‘डिजाइनिंग फॉर लाइफ’ पर मंथन, ग्रीन बिल्डिंग भविष्य की जरूरत : बिल मैक्वेड</title>
                                    <description><![CDATA['अशरे' (ASHRAE) राजस्थान द्वारा आयोजित चर्चा में ग्लोबल प्रेसिडेंट बिल मैक्वेड ने ग्रीन बिल्डिंग के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत हेल्थकेयर और हॉस्पिटैलिटी में टिकाऊ भविष्य की ओर बढ़ रहा है। विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि ऊर्जा संरक्षण और स्वस्थ भवनों का निर्माण लागत बढ़ाने वाला भ्रम है; यह आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य के लिए निवेश है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/ashraes-panel-discussion-on-green-buildings-healthy-buildings-are-essential/article-151594"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/bil.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। अमेरिकन सोसायटी ऑफ हीटिंग रेफ्रिजरेटिंग एंड एयरकंडीशनिंग इंजीनियर्स (ASHRAE ) राजस्‍थान चैप्‍टर की ओर से ' डिजाइनिंग फोर लाइफ- हाउ हैल्‍दी बिल्डिंग विल शेप इंडियाज हेल्‍थकेयर, हॉस्पिटैलिटी, एंड इफ्रास्‍ट्रक्‍स्‍चर फ्यूचर' थीम पर पैनल डिस्कशन किया गया । जिसमें अमेरिका से आए मुख्‍य अतिथि 'अशरे' के ग्लोबल प्रेसिडेंट बिल मैक्‍वेड ने कहा कि भारत हेल्‍थकेयर और हॉस्पिटैलिटी में ग्रीन बिल्डिंग की ओर तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन जागरूकता अभी भी चुनौती है। ग्रीन और हैल्‍दी बिल्‍डिंग हमारे साथ हमारी आने वाली पीढ़ियों के बेहतर स्‍वास्‍थ्‍य के लिए सौगात होगी। असरे जैसी संस्‍था और इससे जुड़े इंजीनियर्स की जिम्मेदारी है कि इसके प्रति जागरूकता फैलाएं।</p>
<p>विशिष्ट अतिथि ग्रीन बिल्डिंग कंसल्टेंट पंकज धारकर ने कहा कि भारत में ऊर्जा संरक्षण भवन संहिता (ईसीबीसी) ने स्वास्थ्य भवन मानकों के प्रति जागरुकता बढ़ाई है। यह भी भ्रम है कि ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट से भवन निर्माण लागत में वृद्धि होती है। इसमें रेलवे सीआरएस शशि किरण, बिल्डर आनंद मिश्रा, कंसल्टेंट सुधीर माथुर, डॉ शीतू सिंह, आर्किटेक्ट तुषार सोगानी और डॉ शिवराज सिंह ढाका ने इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में ग्रीन बिल्डिंग के महत्व पर चर्चा की। इस अवसर पर 'अशरे' राजस्थान के अध्‍यक्ष तपन बसु रॉय, भावी अध्‍यक्ष एन राम, सचिव सुधीर माथुर भी मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 16:32:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>केंद्रीय मंत्री मेघवाल ने कहा-स्टोन, आर्किटेक्चर और सस्टेनेबल डेवलपमेंट भारत की ताकत, इंडिया स्टोन मार्ट 2026 की प्रदर्शनी का किया अवलोकन</title>
                                    <description><![CDATA[इंडिया स्टोन मार्ट 2026 के समानांतर आयोजित जयपुर आर्किटेक्चर फेस्टिवल का समापन केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने किया, जिसमें स्टोन, आर्किटेक्चर और शहरी विकास पर मंथन हुआ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/union-minister-meghwal-said-stone-architecture-and-sustainable-development-is/article-142303"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(1)6.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। लघु उद्योग भारती, सीडॉस और रीको के संयुक्त तत्वावधान में जेईसीसी में आयोजित इंडिया स्टोन मार्ट 2026 के समानांतर चल रहे जयपुर आर्किटेक्चर फेस्टिवल का शनिवार को समापन हुआ। दो दिवसीय इस राष्ट्रीय फेस्टिवल का समापन केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने संपन्न किया। दिनभर चले आर्किटेक्चर फेस्टिवल के तकनीकी एवं वैचारिक सत्रों के पश्चात केंद्रीय मंत्री  शाम को जेईसीसी पहुंचे, जहां उन्होंने इंडिया स्टोन मार्ट 2026 की प्रदर्शनी का गहन अवलोकन किया। </p>
<p>समापन सत्र को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि स्टोन, आर्किटेक्चर और शहरी विकास भारत की आर्थिक प्रगति और सांस्कृतिक पहचान के अहम स्तंभ हैं। उन्होंने कहा  जयपुर आर्किटेक्चर फेस्टिवल जैसे मंच नीति-निर्माताओं, डिजाइनर्स और उद्योग के बीच सार्थक संवाद को मजबूत करते हैं। उन्होंने राजस्थान के स्टोन उद्योग की राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय भूमिका को सस्टेनेबल माइनिंग, वैल्यू एडिशन और आधुनिक तकनीक को अपनाने पर विशेष जोर दिया। विख्यात आर्किटेक्ट जितेंद्र मेहता ने इन्दौर डेवलपमेंट मॉडल पर आधारित सत्र में संतुलित शहरी नियोजन और नागरिक सहभागिता की सफलता को रेखांकित किया। </p>
<p>वहीं रिइनवेंटिंग लोकल स्टोन विद मॉडर्न कंस्ट्रक्शन टेक्नोलॉजी और स्टोन इन द एज ऑफ ग्लास एंड स्टील जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने विचार साझा किए। समापन दिवस पर आंध्र प्रदेश के खान मंत्री कोल्लू रविंद्र गरु की उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही। उन्होंने इंडिया स्टोन मार्ट 2026 को सस्टेनेबिलिटी और पर्यावरणीय जिम्मेदारी से जुड़ा दूरदर्शी आयोजन बताया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 08 Feb 2026 09:38:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा फैसला, दुनिया के सबसे बड़े ट्रायम्फल आर्च के निर्माण का किया समर्थन</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वॉशिंगटन डीसी में दुनिया का सबसे बड़ा ट्रायम्फल आर्च बनाने के प्रस्ताव का समर्थन किया, इसे राजधानी की पहचान बदलने वाला बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/us-president-trumps-big-decision-supported-the-construction-of-the/article-141651"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/donald-trump.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राजधानी वॉशिंगटन, डीसी में दुनिया के सबसे बड़े ट्रायम्फल आर्च (स्मारक द्वार) के निर्माण के प्रस्ताव का समर्थन किया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने रविवार को एयर फ़ोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि वह चाहते हैं कि आर्च सबसे बड़ा हो और उन्होंने अमेरिका को दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश बताया। उन्होंने कहा, 200 वर्षों के लिए वह एक आर्च बनाना चाहते थे और राजधानी के स्वरूप को बदलने के अपने दृष्टिकोण के बारे में बताया।</p>
<p>उन्होंने प्रस्ताव को वैश्विक नजरिए से देखते हुए कहा कि दुनिया भर के लगभग 57 शहरों में पहले से ही ट्रायम्फल आर्च हैं। उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन, जिसे उन्होंने एकमात्र बड़ा शहर कहा जहां यह नहीं है, अब यहा ट्रायम्फड आर्च बनाने में कोई अपवाद नहीं होना चाहिए। </p>
<p>यह बात ट्रंप की जनवरी में की गई घोषणा पर आधारित है, जब उन्होंने बताया था कि वॉशिंगटन डीसी में ट्रायम्फल आर्च पर काम जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है। अमरीकी राष्ट्रपति ने अक्टूबर में एक भोज में दानदाताओं से कहा था कि यह स्मारक लिंकन मेमोरियल के पास बनाया जाएगा, जो अर्लिंग्टन मेमोरियल ब्रिज के साथ देश की राजधानी में एक औपचारिक प्रवेश को परिभाषित करेगा। </p>
<p>रिपोर्ट के मुताबिक, भोज में उन्होंने प्रस्तावित ढांचे के मॉडल दिखाए और कई डिजाइन विकल्प बताए। इस प्रस्तावित स्मारक की तुलना पेरिस के आर्क डी ट्रायम्फ से की गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 02 Feb 2026 11:54:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुविवि : इंजीनियरिंग का बिगड़ा ‘आर्किटेक्चर’, 6 स्टूडेंट्स पर 3 फैकल्टी</title>
                                    <description><![CDATA[सुखाड़िया विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग कॉलेज का पहला बैच उधार के भवन और जुगाड़ की फैकल्टी के साथ गिने-चुने स्टूडेंट्स संग चल रहा है। यह प्रदेश का एकमात्र कॉलेज है, जहां आर्किटेक्चर इंजीनियरिंग में निर्धारित 40 सीटों पर महज 6 स्टूडेंट्स ने प्रवेश लिया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/udaipur-news--sukhadia-university--engineering-s--architecture--deteriorated--3-faculty-per-6-students/article-8467"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/mohanlal-sukhadia-university-.jpg" alt=""></a><br /><p><br /> उदयपुर। सुखाड़िया विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग कॉलेज का पहला बैच उधार के भवन और जुगाड़ की फैकल्टी के साथ गिने-चुने स्टूडेंट्स संग चल रहा है। यह प्रदेश का एकमात्र कॉलेज है, जहां आर्किटेक्चर इंजीनियरिंग में निर्धारित 40 सीटों पर महज 6 स्टूडेंट्स ने प्रवेश लिया है। इतना ही नहीं, कॉलेज में फैकल्टी का भी टोटा है। सुविवि प्रबंधन ने फैकल्टी के लिए जब पहली बार इंटरव्यू कॉल किया गया तो एक भी आवेदन नहीं आया, वहीं दूसरी बार में एक अभ्यर्थी ने हिस्सा लिया। ऐसे में पहला बैच संचालित करने के लिए सुविवि प्रबंधन को जुगाड़ करना पड़ा है। आर्किटेक्चर इंजीनियरिंग के 6 स्टूडेंट्स पर 3 फैकल्टी लगाई गई है। <br /><br />सुविवि प्रबंधन को कुल मिलाकर इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने में जल्दबाजी भारी पड़ गई है। इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए करोड़ों रुपए का फंड जारी कर दिया गया है, जबकि कॉलेज बिल्डिंग अब तक तैयार भी नहीं हुई है। स्थिति यह है कि कॉलेज की विभिन्न ब्रांचों में उपकरण खरीदने के लिए भी उधारी में कार्य चलाना पड़ गया है। सुविवि ने संघटक साइंस कॉलेज को इस संबंध में निर्देश दिए गए हैं। इस आदेश में कहा ‘विभिन्न ब्रांचों के लिए उपकरण खरीदने होंगे, जिसकी जिम्मेदारी साइंस कॉलेज को दी जाती है। ऐसे में साइंस कॉलेज उसके स्थानीय निधि में से 15 लाख रुपए के उपकरण खरीदें। यह राशि संकाय से प्राप्त होने वाली आय से वापस लौटा दी जाएगी।’<br /><br /><strong>आईआईएम-यू ने भी किया तीन साल इंतजार</strong><br />नियमों की माने तो किसी भी कॉलेज भवन के लिए तीन वर्ष का इंतजार करना होता है, जब संबंधित कॉलेज में निर्धारित सीटों पर प्रवेश सुनिश्चित हो जाते हैं तभी बिल्डिंग को लेकर कार्य होता है। प्रदेश के पहले आईआईएम उदयपुर भी तीन साल तक सुविवि परिसर में चला, उसके बाद बलीचा में कैंपस बनाया गया। इतना ही नहीं सुविवि के संघटक लॉ कॉलेज में बीए एलएलबी की तीन वर्ष की अवधि पूरी होने के बाद भवन बनाया गया। वर्तमान में इंजीनियरिंग कॉलेज शिक्षा संकाय के पुराने भवन में संचालित किया जा रहा है। राजस्थान विद्यापीठ में कृषि संकाय शुरू किया, लेकिन वर्तमान में विभिन्न संकायों भवनों का उपयोग किया जा रहा है तथा फैकल्टी सदस्यों की भर्ती की जा रही है।<br /><br /> </p>
<table>
<tbody>
<tr>
<td style="text-align:center;" colspan="3"><strong>महज 26 फीसदी सीटों पर प्रवेश</strong></td>
</tr>
<tr>
<td>ब्रांच </td>
<td>कुल सीट</td>
<td>इतने प्रवेश</td>
</tr>
<tr>
<td>कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग                        </td>
<td>60                         </td>
<td>60</td>
</tr>
<tr>
<td>सिविल इंजीनियरिंग                                      </td>
<td>60                        </td>
<td>09</td>
</tr>
<tr>
<td>मैकेनिकल इंजीनियरिंग                                 </td>
<td>60                        </td>
<td>05</td>
</tr>
<tr>
<td>इलेक्ट्रोनिक्स एंड कम्युनिकेशन                      </td>
<td>60                         </td>
<td>03</td>
</tr>
<tr>
<td>इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग                                   </td>
<td>60        </td>
<td>07</td>
</tr>
<tr>
<td>आर्किटेक्चर        </td>
<td>40       </td>
<td>06</td>
</tr>
<tr>
<td>योग            </td>
<td>340        </td>
<td>90</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>                                                             <br /><br /><br /><br /></p>
<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>उदयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 Apr 2022 11:36:43 +0530</pubDate>
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