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                <title>अमेरिकी प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है ईरानर: ट्रंप ने युद्ध 'जल्द' खत्म होने ​का किया दावा, बोले-ईरान समझौता अस्वीकार करता है तो  फिर शुरू होगी बमबारी</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम हेतु 14 बिंदुओं वाले समझौते पर चर्चा तेज हो गई है। डोनाल्ड ट्रंप ने सकारात्मक संकेत दिए हैं, जबकि ईरान पाकिस्तानी मध्यस्थों के जरिए प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है। इसमें परमाणु सुविधाओं को बंद करने और ईंधन आपूर्ति जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं। वैश्विक शांति के लिए यह वार्ता अत्यंत महत्वपूर्ण है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/iran-is-reviewing-the-american-proposal-trump-claimed-that-the/article-153039"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/trumpp1.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। ईरान के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि युद्ध समाप्त करने संबंधी अमेरिकी प्रस्ताव अभी "समीक्षाधीन" है और ईरान अपने रुख को अंतिम रूप देने के बाद पाकिस्तानी मध्यस्थों को जवाब देगा। ईरान की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध जल्द समाप्त होने की संभावना जताई है। ट्रंप ने जॉर्जिया में रिपब्लिकन समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा, "पिछले 24 घंटों में ईरान के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई है और समझौते की संभावना है। मुझे लगता है कि हम जीत गये।" उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के उनके प्रयासों के कारण यदि अमेरिकियों को ईंधन कीमतों जैसी अल्पकालिक आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, तो वह अस्थायी होगा।</p>
<p>अमेरिकी मीडिया संस्थान एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार व्हाइट हाउस ईरान के साथ 14 बिंदुओं वाले एक समझौता ज्ञापन के करीब पहुंच सकता है, जो आगे परमाणु वार्ता के लिए रूपरेखा का काम करेगा। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका और ईरान एक ऐसे समझौते पर काम कर रहे हैं, जिससे युद्धविराम लागू हो सके और 30 दिनों के भीतर परमाणु मुद्दे, ईरानी संपत्तियों को मुक्त करने तथा होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता जैसे विवादित मुद्दों पर समाधान निकाला जा सके।</p>
<p>ट्रंप ने पीबीएस न्यूज से कहा कि किसी भी समझौते के तहत ईरान को अपने उच्च संवर्धित यूरेनियम को अमेरिका भेजना होगा और भूमिगत परमाणु सुविधाएं बंद करनी होंगी। दूसरी ओर, ईरान में इस प्रस्ताव को लेकर मतभेद दिखाई दे रहे हैं। ईरानी संसद के एक वरिष्ठ सदस्य ने प्रस्ताव को "अमेरिका की इच्छाओं की सूची" बताया, जबकि एक अन्य अधिकारी ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका आवश्यक रियायतें नहीं देता है तो ईरान "कठोर जवाब" देगा जिससे अमेरिका को पछतावा होगा।</p>
<p>ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रवक्ता इब्राहिम रेजाई ने कहा, "अमेरिका युद्ध में वह हासिल नहीं कर पाएगा जो वह प्रत्यक्ष वार्ता में नहीं पा सका।" उन्होंने कहा कि ईरान "पूरी तरह तैयार" है। दूसरी ओर ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर चेतावनी दी कि यदि ईरान समझौता अस्वीकार करता है तो "बमबारी फिर शुरू होगी और पहले से कहीं अधिक तीव्र होगी।" इस बीच, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों के साथ वार्ता कर बातचीत की प्रगति की जानकारी ली।</p>
<p>पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह ईरान और अमेरिका के बीच संभावित समझौते के संकेतों का स्वागत करता है, लेकिन मध्यस्थ होने के नाते वह बातचीत का विवरण सार्वजनिक नहीं करेगा। मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान युद्धविराम को स्थायी शांति में बदलने के प्रयास कर रहा है और यदि अगले दौर की वार्ता इस्लामाबाद में होती है तो यह उसके लिए "सम्मान की बात" होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 May 2026 18:20:11 +0530</pubDate>
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                <title>रुपये ने लगाई डॉलर के सामने बड़ी दहाड़: एक ही झटके में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत हुई भारतीय मुद्रा, जानें ताजा रेट</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और डॉलर व कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से रुपया मजबूत होकर 94.81 पर खुला। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा शांति वार्ता में प्रगति और 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' स्थगित करने के फैसले से मुद्रा बाजार में उत्साह है। इससे भारतीय अर्थव्यवस्था को बड़ी राहत मिली है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/rupee-made-a-big-roar-in-front-of-dollar-indian/article-152963"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/dollar1.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। पश्चिम एशिया संकट के स्थायी समाधान की उम्मीद में गुरूवार को रूपया मजबूती के साथ 94.81 पर खुला। इससे पहले बुधवार को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर डॉलर और कच्चे तेल में भारी गिरावट देखी गयी जिससे रुपये ने जबरदस्त वापसी की और 69 पैसे ऊपर बंद हुआ। अमेरिका ने कहा है कि ईरान के साथ शांति वार्ता में सकारात्मक प्रगति हुई है और जल्द ही स्थायी समझौता हो सकता है। साथ ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रोजेक्ट फ्रीडम को भी फिलहाल स्थगित करने की घोषणा की है जिसके तहत अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाला वाणिज्यिक जहाजों को एस्कॉर्ट कर रहा था।</p>
<p>इससे कच्चे तेल भी छह प्रतिशत से ज्यादा टूटकर 103 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। दोनों कारकों से मिले समर्थन से अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपया 94.81 पर खुला। पिछले कारोबारी दिवस पर भारतीय मुद्रा 95.44 रुपये प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर तक उतरने के बाद 95.18 रुपये प्रति डॉलर पर रही थी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Thu, 07 May 2026 11:53:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ट्रंप की बड़ी घोषणा: जल्द खत्म हो सकता है युद्ध, समझौते को लेकर ईरान के साथ बातचीत सफल</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने पर सकारात्मक चर्चा हुई है। व्हाइट हाउस में उन्होंने कहा कि ईरान अब समझौता करने के लिए पूरी तरह तैयार है। ट्रंप के अनुसार, पिछले दो महीनों से जारी तनाव के बाद अब एक स्थायी शांति संधि की प्रबल संभावना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/trumps-big-announcement-may-end-soon-talks-with-iran-regarding/article-152967"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/trumpp.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि युद्ध समाप्त करने को लेकर ईरान के साथ अच्छी बातचीत हुई है। ट्रंप ने बुधवार को कहा कि पिछले 24 घंटों में अमेरिका की ईरान के साथ उस युद्ध को खत्म करने को लेकर बहुत अच्छी बातचीत हुई है, जो दो महीने से ज़्यादा समय से चल रहा है। उन्होंने व्हाइट हाउस में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि ईरान किसी भी कीमत पर समझौता करना चाहता है। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, "वे समझौता करना चाहते हैं। पिछले 24 घंटों में हमारी बहुत अच्छी बातचीत हुई है और यह पूरी तरह मुमकिन है कि हम कोई समझौता कर लें।" ट्रंप ने कहा कि अगर अमेरिका अभी ईरान को छोड़ देता है, तो देश को फिर से खड़ा होने में 20 साल लग जाएँगे, क्योंकि 28 फरवरी को अमेरिका और इज़रायल के हमलों से उसे भारी नुकसान पहुँचा था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 May 2026 11:06:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>शांति वार्ता के बीच शेयर बाजारों में तेजी: प्रमुख सूचकांक में 1 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त, इन कंपनियों में दिखा एक्शन</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका-ईरान शांति वार्ता में प्रगति और 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' के स्थगन से घरेलू शेयर बाजार झूम उठे। सेंसेक्स 940 अंक और निफ्टी 298 अंक की छलांग लगाकर दो सप्ताह के उच्चतम स्तर पर बंद हुए। इंडिगो, SBI और HDFC जैसे शेयरों में भारी लिवाली से निवेशकों की संपत्ति में जोरदार इजाफा हुआ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/stock-markets-rise-amid-peace-talks-major-indices-rise-by/article-152929"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/share-market.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता में प्रगति से उत्साहित निवेशकों की लिवाली से बुधवार को घरेलू शेयर बाजारों तेजी रही और प्रमुख सूचकांक करीब सवा प्रतिशत की बढ़त में बंद हुए। बीएसई का सेंसेक्स 940.73 अंक (1.22 प्रतिशत) उछलकर 77,958.52 अंक पर पहुंच गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 298.15 अंक यानी 1.24 प्रतिशत चढ़कर 24,330.95 अंक पर बंद हुआ। यह दोनों सूचकांकों का दो सप्ताह का उच्चतम स्तर है। बाजार में चौतरफा लिवाली रही। वृहत बाजार में निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 2.21 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 1.93 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ।</p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ शांति वार्ता में अच्छी प्रगति हुई है और इसलिए उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए शुरू किये गये 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' को कुछ समय के लिए स्थगित करने की घोषणा की है। इससे दुनिया भर में शेयर बाजारों में तेजी रही। एफएमसीजी को छोड़कर अन्य सभी सेक्टरों में लिवाली का जोर रहा। ऑटो, वित्त, बैंकिंग, फार्मा, रियलटी और रसायन समूहों के सूचकांक दो से तीन प्रतिशत तक चढ़े। स्वास्थ्य, धातु और मीडिया समूहों के सूचकांक भी एक प्रतिशत से ज्यादा मजबूत हुए।</p>
<p>विमान सेवा कंपनी इंडिगो का शेयर साढ़े छह प्रतिशत से अधिक उछला। ट्रेंट में लगभग चार प्रतिशत और एशियन पेंट्स में साढ़े तीन प्रतिशत से अधिक की तेजी रही। भारतीय स्टेट बैंक और एचडीएफसी बैंक के शेयर भी तीन प्रतिशत से ज्यादा चढ़े। इटरनल, एक्सिस बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फिनसर्व, बजाज फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक, मारुति सुजुकी और टाटा स्टील के शेयर दो से तीन प्रतिशत तक ऊपर बंद हुए।</p>
<p>सनफार्मा, भारती एयरटेल, कोटक महिंद्रा बैंक, अडानी पोर्ट्स, टेक महिंद्रा, अल्ट्राटेक सीमेंट और बीईएल के शेयर भी एक फीसदी से अधिक की बढ़त में बंद हुए। टीसीएस भी हरे निशान में रहा। रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर पौने दो फीसदी टूट गया। एलएंडटी, पावरग्रिड और एनटीपीसी में एक प्रतिशत से अधिक की गिरावट रही। एचसीएल टेक्नोलॉजीज, इंफोसिस, हिंदुस्तान यूनीलिवर और टाइटन के शेयर भी नीचे रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Wed, 06 May 2026 17:50:48 +0530</pubDate>
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                <title>डोनाल्ड ट्रंप का यूटर्न : ''प्रोजेक्ट फ्रीडम'' पर लगाई रोक, बोले-होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ शांति समझौते में बड़ी प्रगति का दावा किया है। ट्रंप ने घोषणा की कि होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन के लिए शुरू किए गए 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' को फिलहाल रोक दिया गया है। यह निर्णय आपसी सहमति और पाकिस्तान सहित अन्य देशों के अनुरोध पर समझौते को अंतिम रूप देने के लिए लिया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/donald-trumps-ban-on-u-turn-project-freedom-said-a/article-152837"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/trump.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान के साथ शांति समझौते की दिशा में बड़ी प्रगति हुई है। अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में उन्होंने यह भी घोषणा किया कि उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू की गई प्रोजेक्ट फ्रीडम को स्थगित करने का निर्णय लिया है ताकि यह आकलन किया जा सके कि शांति समझौते को अंतिम रूप दिया जा सकता है या नहीं।</p>
<p>राष्ट्रपति ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, "पाकिस्तान और अन्य देशों के अनुरोध, ईरान के खिलाफ अभियान के दौरान मिली जबरदस्त सैन्य सफलता और इसके अलावा, ईरान के प्रतिनिधियों के साथ पूर्ण एवं अंतिम समझौते की दिशा में हुई महत्वपूर्ण प्रगति के आधार पर, हमने पारस्परिक रूप से सहमति व्यक्त की है कि नाकाबंदी पूरी तरह से लागू रहेगी लेकिन प्रोजेक्ट फ्रीडम को थोड़े समय के लिए रोक दिया जाएगा ताकि यह देखा जा सके कि समझौता अंतिम रूप दिया जा सकता है या नहीं।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 May 2026 12:31:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ट्रंप की ईरान के साथ शांति वार्ता के बीच शेयर बाजारों में शुरुआती तेजी: सेंसेक्स में 650 अंक की बढ़त, इन शेयरों पर रखें नजर</title>
                                    <description><![CDATA[डोनाल्ड ट्रंप की ईरान के साथ शांति वार्ता और केंद्र सरकार की MSME क्रेडिट गारंटी योजना से शेयर बाजार में रौनक लौट आई है। सेंसेक्स 600+ अंक उछलकर 77,675 के पार पहुंच गया, जबकि निफ्टी ने भी मजबूत बढ़त बनाई। सरकारी फैसलों के चलते इंडिगो और ऑटो शेयरों में शानदार तेजी दर्ज की गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/initial-rise-in-stock-markets-amid-trumps-peace-talks-with/article-152829"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/stock-market-up.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के साथ शांति वार्ता पर दिये गये बयान और एमएसएमई तथा विमान सेवा कंपनियों को ऋण गारंटी की केंद्र सरकार की घोषणा से बुधवार को घरेलू शेयर बाजारों में शुरुआती कारोबार में तेजी रही। बीएसई का सेंसेक्स 406.57 अंक की बढ़त में 77,424.36 अंक पर खुला। कुछ ही देर में यह 657 अंक चढ़कर 77,675 अंक पर पहुंच गया। खबर लिखे जाते समय यह 283.09 अंक (0.37 प्रतिशत) ऊपर 77,300.88 अंक पर था। ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ शांति वार्ता में अच्छी प्रगति हुई है और अंतिम समझौता जल्द संभव होगा। घरेलू स्तर पर सरकार ने पश्चिम एशिया संकट से प्रभावित एमएसएमई कंपनियों और विमान सेवा कंपनियों के लिए क्रेडिट लाइन गारंटी की विशेष योजना को मंगलवार को मंजूरी प्रदान की। इन दोनों कारणों से बाजार में तेजी रही।</p>
<p>नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 138.20 अंक की मजबूती के साथ 24,171 अंक पर खुला। खबर लिखे जाते समय यह 106.60 अंक यानी 0.44 प्रतिशत चढ़कर 24,139.40 अंक पर रहा। बाजार में चौतरफा लिवाली है। एफएमसीजी को छोड़कर अन्य सभी सेक्टरों के सूचकांक हरे निशान में हैं। बैंकिंग, ऑटो, आईटी, वित्त और धातु सेक्टर इस बढ़त की अगुवाई कर रहे हैं। ऋण पर सरकार की गारंटी योजना से इंडिगो का शेयर सुबह के कारोबार में तीन प्रतिशत चढ़ चुका है। महिंद्रा एंड महिंद्रा और बजाज फाइनेंस के शेयर दो प्रतिशत से अधिक की तेजी में हैं।</p>
<p>ट्रेंट, बजाज फिनसर्व, टेक महिंद्रा, बीईएल, एक्सिस बैंक, टाटा स्टील, मारुति सुजुकी और टीसीएस के शेयर भी एक फीसदी से अधिक मजबूत हैं। एलएंडटी का शेयर फिलहाल सवा तीन प्रतिशत से अधिक टूट चुका है। हिंदुस्तान यूनीलिवर, पावर ग्रिड और टाइटन में भी गिरावट देखी जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 May 2026 11:22:02 +0530</pubDate>
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                <title>होर्मुज में ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ के बाद तनाव बढ़ा: नए हमलों के बीच ईरान-अमेरिका वार्ता खतरे में, ट्रंप ने दी चेतावनी </title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम टूटने की कगार पर है। 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' और ईरानी ड्रोन हमले के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी जहाजों पर हमला होने पर ईरान को मिटा दिया जाएगा। इस तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी ने वैश्विक नौवहन और शांति के लिए गंभीर संकट पैदा कर दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/tension-increases-after-project-freedom-in-hormuz-iran-us-talks-in/article-152825"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/trump--and-iran.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। ईरान और अमेरिका के बीच हुआ युद्धविराम अब होर्मुज स्ट्रेट को लेकर खतरे में पड़ता नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान के ताजा प्रस्ताव को खारिज करने और होर्मुज से जहाजों के पारगमन में मदद के लिए ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ शुरू करने के बाद तनाव चरम पर है। यूएई के फुजैरा पेट्रोलियम उद्योग क्षेत्र पर ईरान के ड्रोन हमले के बाद स्थिति और भी गंभीर हो गई है। इस हमले में तीन भारतीय नागरिक घायल हुए हैं। इस घटना ने उस शांति को खत्म कर दिया है जो अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम के बाद से बनी हुई थी। </p>
<p>ट्रम्प की चेतावनी : हमारे जहाजों पर हमला किया तो मिटा देंगे : उधर, ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरानी सेना ने होर्मुज या फारस की खाड़ी में कहीं भी अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाने का दुस्साहस किया, तो उन्हें धरती से मिटा दिया जाएगा। ईरान की प्रतिक्रिया भी उतनी ही आक्रामक रही है। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालीबाफ ने अमेरिका और उसके सहयोगियों पर युद्धविराम के उल्लंघन और नाकाबंदी कर सुरक्षित नौवहन को खतरे में डालने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के लिए मौजूदा स्थिति को सहन करना असंभव होगा और चेतावनी दी कि ईरान के पास अभी भी कई बड़े विकल्प मौजूद हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 May 2026 11:04:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>अमेरिका ने फिर किया सीज़फायर का उल्लंघन: ईरानी नौकाओं पर ड्रोन हमला, फुजैराह तेल बंदरगाह पर लगी भीषण आग </title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य में सात ईरानी नौकाओं को नष्ट करने का दावा किया है। यूएई के तेल बंदरगाह पर हमलों के बाद तनाव चरम पर है। जहां अमेरिका फंसे हुए 2,000 जहाजों को निकालने का प्रयास कर रहा है, वहीं ईरान ने इसे 'सैन्य विफलता' करार देते हुए कड़ा विरोध जताया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/america-again-violates-ceasefire-drone-attack-on-iranian-boats-massive/article-152697"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(5)8.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में सात ईरानी नौकाओं पर हमला किया है, क्योंकि वाशिंगटन लगभग बंद जलमार्ग के माध्यम से खाड़ी में फंसे जहाजों को बाहर निकालने का प्रयास कर रहा है। संयुक्त अरब अमीरात और दक्षिण कोरिया दोनों ने सोमवार को महत्वपूर्ण जलमार्ग में जहाजों पर हमले की सूचना दी। संयुक्त अरब अमीरात ने यह भी कहा कि ईरानी हमले के बाद फुजैराह के तेल बंदरगाह पर आग लग गई।</p>
<p>ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि जलडमरूमध्य में हुई घटनाओं से यह स्पष्ट हो गया है कि राजनीतिक संकट का कोई सैन्य समाधान नहीं है। उन्होंने आगे कहा, "प्रोजेक्ट फ्रीडम प्रोजेक्ट डेडलॉक है।" फरवरी में अमेरिका और इज़रायल द्वारा ईरान पर हवाई हमले शुरू करने के बाद से होर्मुज जलडमरूमध्य बहुत हद तक अवरुद्ध रहा है। तेहरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को अवरुद्ध कर दिया जिससे होकर दुनिया के 20 प्रतिशत तेल एवं द्रवीकृत प्राकृतिक गैस का परिवहन होता है।</p>
<p>अप्रैल की शुरुआत में, अमेरिका और ईरान ने युद्धविराम की घोषणा की, जिसके तहत ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात सहित खाड़ी देशों पर ड्रोन और मिसाइल हमले बंद कर दिए, लेकिन तब से कुछ ही जहाज जलडमरूमध्य से गुजर पाए हैं। अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर अपनी नाकाबंदी भी लगा दी है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा, "हमने सात छोटी नौकाओं को मार गिराया है या जैसा कि वे उन्हें 'तेज़' नौकाएं कहते हैं। अब उनके पास बस यही बची हैं।" अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने नौकाओं पर हमला करने के लिए हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल किया गया।</p>
<p>बाद में ईरानी सरकारी मीडिया ने ट्रम्प के इस दावे का खंडन किया कि अमेरिका ने तेज नौकाओं पर हमला किया। सैन्य सूत्रों का हवाला देते हुए, तसनीम समाचार एजेंसी ने बताया कि इसके बजाय दो छोटे मालवाहक जहाजों को निशाना बनाया गया जिनमें पांच नागरिकों की मौत हो गई। इससे पहले अमेरिका ने कहा था कि नौसेना के विध्वंसक पोत और अमेरिकी ध्वज वाले व्यापारिक जहाज सोमवार को जलडमरूमध्य से गुजरे थे। ईरान ने इन दावों को पूरी तरह से झूठा करार दिया और कहा कि उसकी सेना ने एक अमेरिकी युद्धपोत पर चेतावनी के तौर पर गोलियां चलाईं। अमेरिकी सेना ने इस बात से इनकार किया।</p>
<p>अंतर्राष्ट्रीय नेताओं ने यूएई अवसंरचना पर हुए हमलों की निंदा की है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉ ने कहा कि ये हमले अन्यायपूर्ण और अस्वीकार्य हैं। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री सर कीर स्टारमर ने कहा कि ब्रिटेन खाड़ी में अपने साझेदारों की रक्षा के लिए अपना समर्थन जारी रखेगा।पड़ोसी देश कतर ने टैंकर पर हुए हमले की निंदा करते हुए जलडमरूमध्य को बिना शर्त फिर से खोलने की मांग की। रविवार को राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा था कि अमेरिका "प्रोजेक्ट फ्रीडम" के तहत फंसे हुए जहाजों को समुद्री मार्ग से बाहर निकालने में मदद करना शुरू करेगा। फरवरी में अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से अनुमानित 20,000 नाविक 2,000 जहाजों पर फंसे हुए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 05 May 2026 11:24:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अमेरिका-ईरान शांति वार्ता की उम्मीद में घेरलू शेयर बाजार में तेजी : सेंसेक्स 343 अंक की बढ़त के साथ 77,257 पर खुला, इन शेयरों पर रखें नजर</title>
                                    <description><![CDATA[वैश्विक शांति की उम्मीदों ने भारतीय शेयर बाजार में जोश भर दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के प्रस्ताव की सराहना के बाद सेंसेक्स 800 अंक से अधिक उछला, वहीं निफ्टी भी 24,200 के पार निकल गया। ऑटो, एफएमसीजी और बैंकिंग सेक्टर में चौतरफा लिवाली से बाजार में शानदार रौनक देखी जा रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/rise-in-domestic-stock-market-in-anticipation-of-us-iran-peace/article-152580"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/share-market8.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता में नयी उम्मीद जगने से शेयर बाजारों में सोमवार को शुरुआती कारोबार में तेजी देखी गयी।बीएसई का सेंसेक्स 343.77 अंक की बढ़त में 77,257.27 अंक पर खुला। खबर लिखे जाते समय यह 813.04 अंक (1.06 प्रतिशत) चढ़कर 77,726.54 अंक पर था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 66 अंक की मजबूती के साथ 24,063.55 अंक पर खुला और खबर लिखे जाते समय 241.20 अंक यानी 1.01 प्रतिशत ऊपर 24,238.75 अंक पर रहा।</p>
<p>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनोल्ड ट्रंप ने ईरान के नये प्रस्ताव की तारीफ करते हुए कहा है कि वह इसके प्रारूप का इंतजार कर रहे हैं। इससे निवेशकों में उत्साह देखा गया और दूसरे एशियाई बाजारों के साथ भारतीय शेयर बाजारों में भी तेजी रही। बाजार में चौतरफा लिवाली के बीच ऑटो, रसायन, रियलटी और एफएमसीजी सेक्टरों में सबसे अधिक तेजी देखी गयी। वित्त, बैंकिंग और धातु सेक्टरों में भी अच्छी मजबूती रही।</p>
<p>सेंसेक्स की कंपनियों में मारुति सुजुकी का शेयर फिलहाल साढ़े चार प्रतिशत ऊपर चल रहा है। हिंदुस्तान यूनीलिवर पौने चार प्रतिशत, अडानी पोर्ट्स तथा एलएंडटी ढाई-ढाई प्रतिशत और महिंद्रा एंड महिंद्रा तथा एशियन पेंट्स दो-दो प्रतिशत मजबूत हैं। एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, टाटा स्टील, आईसीआईसीआई बैंक, भारतीय स्टेट बैंक और इंडिगो के शेयर भी एक प्रतिशत से अधिक की बढ़त में हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 May 2026 11:01:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अमेरिकी नाकाबंदी के चलते ईरान तेल उत्पादन में कर सकता है कटौती, अमेरिकी सेना ने की ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी : रिपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी के दबाव में ईरान ने अपने तेल उत्पादन में कटौती शुरू कर दी है। ब्लूमबर्ग के अनुसार, ईरानी इंजीनियरों ने कुओं को बंद करना शुरू किया है। हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप ने शत्रुता समाप्ति की घोषणा की है, लेकिन क्षेत्र में तनाव और अमेरिकी सेना की मौजूदगी बरकरार है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/iran-may-cut-oil-production-due-to-us-blockade-us/article-152526"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/iran.png" alt=""></a><br /><p>माॅस्को। ईरान ने कथित तौर पर अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी के चलते तेल उत्पादन में कटौती शुरू कर दी है। समाचार एजेंसी ब्लूमबर्ग ने एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से यह दावा किया है। एजेंसी ने कहा कि ईरान तेल उत्पादन में कटौती कर रहा है। ब्लूमबर्ग के अनुसार, ईरानी इंजीनियर कुओं को बंद करने और गंभीर नुकसान पहुंचाए बिना उत्पादन को तुरंत फिर से शुरू करने में सक्षम हैं। गौरतलब है कि 28 फरवरी को, अमेरिका और इज़रायल ने ईरान में लक्ष्यों पर हमले शुरू किए, जिसमें 3,000 से अधिक लोग मारे गए। </p>
<p>अमेरिका और ईरान ने आठ अप्रैल को युद्धविराम की घोषणा की थी और पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में बाद में हुई बातचीत बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई। दाेनों देशों के बीच फिलहाल किसी तरह की गोलीबारी की कोई खबर नहीं है, लेकिन अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी शुरू कर दी। ब्लूमबर्ग के अनुसार, ईरानी इंजीनियर कुओं को बंद करने और गंभीर नुकसान पहुंचाए बिना उत्पादन फिर से शुरू करने में सक्षम हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को कांग्रेस को पत्र भेजकर ईरान के खिलाफ शत्रुता समाप्त करने की घोषणा की और स्पष्ट किया कि ईरान से संभावित खतरों को रोकने के लिए अमेरिकी सेना क्षेत्र में बनी रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/iran-may-cut-oil-production-due-to-us-blockade-us/article-152526</link>
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                <pubDate>Sun, 03 May 2026 18:29:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ईरान की 14 सूत्री शांति योजना की समीक्षा करेंगे ट्रंप : अस्वीकार होने का दिया संकेत, कहा- अभी तक नहीं चुकाई पर्याप्त कीमत</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि वह ईरान के 14-सूत्री शांति प्रस्ताव की जल्द समीक्षा करेंगे, लेकिन इसे स्वीकार्य मानने की संभावना कम है। ट्रम्प ने ईरान पर हमले की संभावना भी खारिज नहीं की। प्रस्ताव में हर्जाना, प्रतिबंध हटाना, अमेरिकी सैन्य वापसी और होर्मुज जलडमरूमध्य में नए समुद्री तंत्र की मांग शामिल है। बताई जा रही है
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/trump-will-review-irans-14-point-peace-plan-hints-at-rejection/article-152509"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/donald-trump.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि वह जल्द ही ईरान द्वारा अमेरिका को भेजे गए 14 सूत्री शांति प्रस्ताव की समीक्षा करेंगे और कहा कि इसके स्वीकार्य होने की संभावना नहीं है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ट्रुथ सोशल पर कहा, मैं जल्द ही ईरान द्वारा अमेरिका को भेजी गई योजना की समीक्षा करूंगा, लेकिन मुझे नहीं लगता कि यह स्वीकार्य होगी, क्योंकि उन्होंने पिछले 47 वर्षों में मानवता एवं विश्व के साथ जो किया है, उसके लिए उन्होंने अभी तक पर्याप्त कीमत नहीं चुकाई है। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ट्रंप ने ईरान पर हमले फिर से शुरू करने की संभावना से इनकार नहीं किया। फ्लोरिडा में पत्रकारों से इस मामले पर पूछे जाने पर उन्होंने कहा, अगर वे दुर्व्यवहार</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">करते हैं, अगर वे कुछ गलत करते हैं तो यह एक संभावना है कि ऐसा हो सकता है लेकिन अभी हम देखेंगे। अमेरिका और इजरायल के साथ संघर्ष के लिए ईरान की शांति योजना में 14 बिंदु शामिल हैं और इसमें तेहरान को हर्जाना देना और होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों के आवागमन के लिए एक नया तंत्र बनाना शामिल है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">इससे पहले आईआरएनए ने खबर दी थी कि 30 अप्रैल को ईरान ने अपनी नई शांति योजना का मसौदा पाकिस्तान को सौंप दिया था। प्रकाशन के अनुसार, अमेरिका ने दो महीने के युद्धविराम का प्रस्ताव रखा है लेकिन ईरान का कहना है कि मुद्दों का समाधान 30 दिनों के भीतर होना चाहिए, जिससे युद्धविराम के नवीनीकरण के बजाय युद्ध की पूर्ण समाप्ति पर ध्यान केंद्रित हो गया है। तेहरान की प्रमुख मांगों में हर्जाना, सैन्य आक्रामकता की पुनरावृत्ति न होने की गारंटी, ईरानी परिधि से अमेरिकी सेनाओं की वापसी, होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी की समाप्ति और वहां जहाजों के आवागमन के लिए एक नया तंत्र स्थापित करना शामिल है। ईरान विदेशों में स्थित अपनी संपत्तियों को मुक्त करने और प्रतिबंधों को हटाने की भी मांग कर रहा है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';"> </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';"> </span></p>
<p class="MsoNormal"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 03 May 2026 12:36:51 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>ट्रंप ने की जर्मनी से अमेरिकी सैनिकों की वापसी की घोषणा : चांसलर से मतभेद के बाद उठाया कदम, 6 महीनों के भीतर होगी वापसी</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जर्मनी से 5,000 सैनिक वापस बुलाने की घोषणा की, जिसे छह से 12 महीनों में पूरा किया जाएगा। चांसलर फ्रेडरिक मर्ज से ईरान-इजरायल युद्ध पर मतभेद इसके पीछे बताए जा रहे हैं। पेंटागन ने इसे रणनीतिक फैसला कहा, जबकि डेमोक्रेट्स ने चेताया कि इससे नाटो और अमेरिकी सुरक्षा हित कमजोर होंगे पर असर पड़ेगा भी।
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/trump-announces-withdrawal-of-american-troops-from-germany-step-taken/article-152442"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/donald-trump5.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो सहयोगी जर्मनी से 5,000 सक्रिय सैनिकों को वापस बुलाने की आधिकारिक घोषणा की है। राष्ट्रपति ने यह कदम जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ ईरान में जारी अमेरिका-इजरायल युद्ध को लेकर हुए तीखे मतभेदों और अपनी पिछली धमकियों पर अमल करते हुए उठाया है। अमेरिकी सैनिकों की यह वापसी अगले छह से 12 महीनों के भीतर पूरी की जाएगी। गौरतलब है कि जर्मन चांसलर मर्ज द्वारा अमेरिका-इजरायल युद्ध की आलोचना और पश्चिम एशिया में उथल-पुथल के कारण पैदा हुए वैश्विक तेल संकट पर नाराजगी जताए जाने के बाद ट्रंप ने सैनिकों की कटौती की धमकी दी थी। चांसलर मर्ज ने हाल ही में कहा था कि अमेरिका को ईरानी नेतृत्व द्वारा अपमानित होना पड़ रहा है और इस युद्ध को लेकर उनके पास कोई ठोस रणनीति नहीं है। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">पेंटागन के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने एक आधिकारिक बयान में कहा, यह निर्णय यूरोप में विभाग की सैन्य स्थिति की गहन समीक्षा के बाद लिया गया है। यह फैसला जमीनी परिस्थितियों और रणनीतिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। जर्मनी में वर्तमान में कई महत्वपूर्ण अमेरिकी सैन्य ठिकाने हैं, जिनमें यूरोपीय और अफ्रीकी कमांड का मुख्यालय, रामस्टीन एयर बेस और लैंडस्टुह्ल स्थित मेडिकल सेंटर शामिल हैं। साथ ही, जर्मनी में अमेरिकी परमाणु मिसाइलें भी तैनात हैं। जर्मनी में कुल तैनात 36,000 अमेरिकी सैनिकों में से लगभग 14 प्रतिशत सैनिकों को वापस बुलाया जा रहा है।इस फैसले पर अमेरिकी कांग्रेस में डेमोक्रेटिक पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उनका मानना है कि इस कदम से सीधे तौर पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को लाभ होगा और इससे अमेरिकी सुरक्षा हित कमजोर होंगे।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">सीनेट की सशस्त्र सेवा समिति के वरिष्ठ सदस्य जैक रीड ने इस पर चिंता जताते हुए कहा, यह कदम दर्शाता है कि सहयोगियों के प्रति अमेरिकी प्रतिबद्धताएं राष्ट्रपति की व्यक्तिगत पसंद-नापसंद पर निर्भर करती हैं। राष्ट्रपति को इस लापरवाह कार्रवाई को तुरंत रोकना चाहिए, अन्यथा हमारे गठबंधन और दीर्घकालिक राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए इसके अपरिवर्तनीय परिणाम हो सकते हैं। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान भी जर्मनी से लगभग 10,000 सैनिकों को वापस बुलाने की ऐसी ही धमकी दी थी, हालांकि उस समय यह प्रक्रिया धरातल पर नहीं उतर सकी थी।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 May 2026 17:26:37 +0530</pubDate>
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