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                <title>private school - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>स्विमिंग कोच करता था नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़, रिपोर्ट दर्ज </title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर के बजाज नगर में 11वीं की छात्रा से दो साल तक छेड़छाड़ करने वाले स्विमिंग कोच पर पोक्सो एक्ट लगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/swimming-coach-used-to-molest-minor-girl-report-filed/article-139972"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/girl.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर।  बजाज नगर इलाके में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि प्राइवेट स्कूल की 11वीं कक्षा पढ़ने वाली 16 वर्षीय नाबालिग छात्रा से स्विमिंग कोच पिछले दो साल से लगातार छेड़छाड़ और अश्लील हरकतें करता है। पुलिस ने बताया कि पीड़िता की मां ने बजाज नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके आधार पर पुलिस ने पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।</p>
<p>पुलिस के अनुसार, पीड़िता एक निजी स्कूल में कक्षा 11वीं में पढ़ाई कर रही है और स्विमिंग ट्रेनिंग लेने के लिए नियमित रूप से जाती थी। आरोप है कि ट्रेनिंग के दौरान कोच पिछले दो वर्षों से उससे गलत हरकतें करता आ रहा था। परेशान होकर छात्रा ने अपनी मां को पूरी आपबीती सुनाई, जिसके बाद मां ने तुरंत थाने पहुंचकर आरोपी स्विमिंग कोच के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।आरोपी फरार, मोबाइल स्विच ऑफ शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने पीड़िता के बयान दर्ज किए और पोक्सो एक्ट के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया।</p>
<p>हालांकि, FIR दर्ज होने के बाद से ही आरोपी कोच मोबाइल फोन बंद करके घर से फरार हो गया है। पुलिस अब उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है और जल्द गिरफ्तारी की उम्मीद जता रही है।मामले की जांच बजाज नगर थाना प्रभारी पूनम चौधरी कर रही हैं। पुलिस ने बताया कि जांच पूरी तरह गोपनीय रखी जा रही है और पीड़िता के साथ संवेदनशीलता से पेश आया जा रहा है।यह घटना समाज में नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर रही है।</p>
<p>अभिभावकों को सलाह दी जा रही है कि बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें और किसी भी संदिग्ध व्यवहार की तुरंत सूचना दें। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि आरोपी को जल्द ही कानून के दायरे में लाया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 18 Jan 2026 18:04:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>प्राइवेट स्कूलों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी : अब निजी स्कूल 5 साल तक नहीं बदल सकेंगे यूनिफॉर्म, अभिभावक किसी भी दुकान से खरीद सकेंगे किताबें</title>
                                    <description><![CDATA[किताबों और यूनिफॉर्म की जानकारी स्कूल के नोटिस बोर्ड और वेबसाइट पर सत्र शुरू होने से एक माह पहले उपलब्ध करानी होगी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/new-guidelines-issued-for-private-schools-now-private-schools-will/article-110865"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/2257rtrer-(5).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने प्राइवेट स्कूलों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी कर दिए है। अब निजी विद्यालय 5 साल तक अपनी स्कूल यूनिफॉर्म नहीं बदल सकेंगे। साथ ही स्कूल प्रबंधन अब अभिभावक और विद्यार्थी पर किसी खास दुकान से यूनिफॉर्म, किताबें या अन्य शिक्षण सामग्री खरीदने का दबाव नहीं बना सकेंगे।</p>
<p>हाल ही में अभिभावकों की ओर से शिक्षा मंत्री को कई शिकायतें मिली थीं, जिनमें बताया गया कि कुछ स्कूल महंगी यूनिफॉर्म और किताबें बेचने के लिए दबाव बना रहे हैं, जबकि बाजार में वही सामग्री सस्ते दर पर उपलब्ध है। मामले पर संज्ञान लेते हुए शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि अब प्राइवेट स्कूलों को शिक्षा विभाग की गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करना होगा।</p>
<p><strong>नई गाइडलाइंस के मुख्य बिंदु</strong><br />- यूनिफॉर्म को पांच वर्षों तक नहीं बदला जाएगा। <br />- किताबों और यूनिफॉर्म की जानकारी स्कूल के नोटिस बोर्ड और वेबसाइट पर सत्र शुरू होने से एक माह पहले उपलब्ध करानी होगी। <br />- किसी विशेष दुकान या विक्रेता से क़िताब और ड्रेस खरीदने का दबाव नहीं बनाया जाएगा। <br />- यूनिफॉर्म और किताबें कम से कम तीन दुकानों पर उपलब्ध होनी चाहिए। <br />- शिक्षण सामग्री पर स्कूल का नाम अंकित नहीं किया जाएगा। </p>
<p>दिलावर ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी स्कूलों की नियमित निगरानी के लिए टीमों का गठन करेंगे। यदि किसी स्कूल द्वारा नियमों की अनदेखी की जाती है या शिकायत मिलती है, तो जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा मंत्री ने कहा कि कोई भी अभिभावक सीधे उनसे या शिक्षा विभाग के अधिकारियों से शिकायत कर सकता है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विद्यार्थियों और अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 15 Apr 2025 16:00:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आज से प्रदेशभर में खुलें प्राइवेट और सरकारी स्कूल</title>
                                    <description><![CDATA[ राज्य भर में आज सोमवार से प्राइवेट और सरकारी स्कूल खुल गए हैं। प्रदेश के स्कूल सुबह 7:30 बजे खुलें और 12:30 तक चलेंगे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/private-and-government-schools-open-across-the-state-from-today/article-83276"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/photo-size-(5).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राज्य भर में आज सोमवार से प्राइवेट और सरकारी स्कूल खुल गए हैं। प्रदेश के स्कूल सुबह 7:30 बजे खुलें और 12:30 तक चलेंगे। यह स्कूलों का समय एक पारी वाले विद्यालयों का है। जबकि दो पारी वाले स्कूल का समय 7 से 12 और 12 से शाम 5:00 बजे तक का रहेगा। यह स्कूल डेट माह के ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद अब शुरू हुए हैं। इतने दिनों के बाद शुरू हुई स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या पहले दिन कमी रही। लेकिन जैसे ही विद्यार्थी स्कूलों में पहुंचे तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। विद्यार्थी अपने दोस्तों से मिलते हुए हंसी मजाक भी करते हुए स्कूल में दिखाई दिए।</p>
<p>राज्य के सरकारी स्कूलों में अभी प्रवेश उत्सव का दूसरा चरण चल रहा है, जिसमें नए विद्यार्थियों का स्कूल में स्वागत भी किया जा रहा है। मानसरोवर स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में पहले प्रार्थना सभा हुई और उसके बाद विद्यार्थियों की नियमित रूप से कक्षाएं शुरू हुई</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Jul 2024 12:04:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>समाज का दोहरा रवैया: मुफ्त शिक्षा से बेटी और महंगी फीस से संवार रहे बेटों का भविष्य</title>
                                    <description><![CDATA[प्राथमिक से उच्च माध्यमिक तक सरकारी के मुकाबले प्राइवेट स्कूलों में बालकों की संख्या में तीन गुना इजाफा हुआ है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/double-attitude-of-the-society-the-future-of-daughters-is-being-improved-by-free-education-and-the-future-of-sons-is-being-improved-by-expensive-fees/article-66307"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/mmd8.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। जिले के सरकारी स्कूलों में लड़कों की संख्या लगातार घट रही है। वहीं, प्राइवेट स्कूलों में तेजी से बढ़ रही है। जबकि, सरकारी में लड़कियों का नामांकन बढ़ रहा तो प्राइवेट में घट गया। इसका एक मात्र कारण अभिभावकों की दोहरी मानसिकता नजर आता है। लोग अब भी बेटों को ही अच्छी सुिुवधा उपलब्ध कराने में रुचि दिखाते हैं। बेटियों को सरकारी में मुफ्त शिक्षा और बेटों को महंगी फीस देकर प्राइवेट स्कूलों में पढ़ा रहे हैं। नवज्योति ने जिले के 2 हजार से ज्यादा सरकारी व प्राइवेट स्कूलों के पिछले 4 वर्षों के नामांकन का रिकॉर्ड खंगाला तो चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई।</p>
<p><strong>सरकारी के मुकाबले निजी में 3 गुना बढ़े छात्र</strong><br />जिले में 1054 सरकारी स्कूल हैं। जिनमें सत्र 2020 से 2023-24 तक कक्षा 1 से 12वीं में कुल 3 लाख 9 हजार 721 छात्रों का नामांकन रहा। जबकि, 1062 प्राइवेट स्कूलों में 5 लाख 75 हजार 290 रहा। प्राथमिक से उच्च माध्यमिक तक सरकारी के मुकाबले प्राइवेट स्कूलों में बालकों की संख्या में तीन गुना इजाफा हुआ है। </p>
<p><strong>सरकारी स्कूलों के आंकड़े</strong><br /><strong>सत्र 2020-21 </strong><br />प्राथमिक (कक्षा 1 से 5वीं)<br />छात्रों की संख्या-  31,393<br />छात्राओं की संख्या-  34,157<br />अंतर-  2,761</p>
<p><strong>उच्च प्राथमिक (कक्षा 6 से 8वीं)</strong><br />छात्र-    17954<br />छात्राएं-  20,517<br />अंतर-    5,563</p>
<p><strong>सी.सैकंडरी (कक्षा 9 से 12वीं)</strong><br />छात्र-    21,617<br />छात्राएं-  25,401<br />अंतर-    3,784</p>
<p><strong>सत्र 2021-22</strong><br /><strong>प्राथमिक (कक्षा 1 से 5वीं)</strong><br />छात्रों की संख्या-  37,417<br />छात्राओं की संख्या- 39,341<br />अंतर-  1,924</p>
<p><strong>उच्च प्राथमिक (कक्षा 6 से 8वीं)</strong><br />छात्रों की संख्या-  21,000     <br />छात्राओं की संख्या- 22,960<br />अंतर-  1,960</p>
<p><strong>सी.सैकंडरी (कक्षा 9 से 12वीं)</strong><br />छात्रों की संख्या-  24,647<br />छात्राओं की संख्या-  27,995<br />अंतर-  3,348</p>
<p><strong>सत्र 2022-23</strong><br /><strong>प्राथमिक (कक्षा 1 से 5वीं)</strong><br />छात्रों की संख्या-  32,836<br />छात्राओं की संख्या-  35,635<br />अंतर- 2,799</p>
<p><strong>उच्च प्राथमिक (कक्षा 6 से 8वीं)</strong><br />छात्रों की संख्या-  27,949<br />छात्राओं की संख्या- 30,393<br />अंतर- 2,444</p>
<p><strong>सी. सैकंडी (कक्षा 9 से 12वीं)</strong><br />छात्रों की संख्या- 23,832<br />छात्राओं की संख्या- 27,690<br />अंतर-  3,858</p>
<p><strong>सत्र 2023-24</strong><br /><strong>प्राथमिक (कक्षा 1 से 5वीं)</strong><br />छात्रों की संख्या- 28,670<br />छात्राओं की संख्या- 31,894<br />अंतर-  3,224</p>
<p><strong>उच्च प्राथमिक (कक्षा 6 से 8वीं)</strong><br />छात्रों की संख्या-  20,035<br />छात्राओं की संख्या- 22,525<br />अंतर-  2,490</p>
<p><strong>सी. सैकंडरी (कक्षा 9 से 12वीं)</strong><br />छात्रों की संख्या-  22,379<br />छात्राओं की संख्या-  27,321<br />अंतर-  4,942<br />-------------------------<br /><strong>प्राइवेट स्कूलों के आंकड़े</strong></p>
<p><strong>सत्र 2020-21 </strong><br /><strong>प्राथमिक (कक्षा 1 से 5वीं)</strong><br />छात्रों की संख्या- 74442<br />छात्राओं की संख्या- 59713<br />अंतर- 14,729</p>
<p><strong>उच्च प्राथमिक (कक्षा 6 से 8वीं)</strong><br />छात्रों की संख्या- 37530<br />छात्राओं की संख्या- 28870<br />अंतर- 8,660         </p>
<p><strong>सी. सैकंडरी (कक्षा 9 से 12वीं)</strong><br />छात्रों की संख्या- 37801<br />छात्राओं की संख्या- 31185<br />अंतर- 6,616</p>
<p><strong>सत्र 2021-22</strong><br /><strong>प्राथमिक (कक्षा 1 से 5वीं)</strong><br />छात्रों की संख्या- 68086<br />छात्राओं की संख्या- 55472<br />अंतर- 12,614</p>
<p><strong>उच्च प्राथमिक (कक्षा 6 से 8वीं)</strong><br />छात्रों की संख्या- 34268     <br />छात्राओं की संख्या- 26121<br />अंतर- 8,147</p>
<p><strong>सी.सैकंडरी (कक्षा 9 से 12वीं)</strong><br />छात्रों की संख्या- 48531<br />छात्राओं की संख्या- 29443<br />अंतर- 19,088</p>
<p><strong>सत्र 2022-23</strong><br /><strong>प्राथमिक (कक्षा 1 से 5वीं)</strong><br />छात्रों की संख्या- 70883<br />छात्राओं की संख्या- 57277<br />अंतर- 13,606</p>
<p><strong>उच्च प्राथमिक (कक्षा 6 से 8वीं)</strong><br />छात्रों की संख्या- 34915<br />छात्राओं की संख्या- 25771<br />अंतर- 9,144</p>
<p><strong>सी. सैकंडी (कक्षा 9 से 12वीं)</strong><br />छात्रों की संख्या- 53240<br />छात्राओं की संख्या- 30823<br />अंतर- 22,417</p>
<p><strong>सत्र 2023-24</strong><br />प्राथमिक (कक्षा 1 से 5वीं)<br />छात्रों की संख्या-  46199<br />छात्राओं की संख्या- 38308<br />अंतर-  7,891</p>
<p><strong>उच्च प्राथमिक (कक्षा 6 से 8वीं)</strong><br />छात्रों की संख्या- 24807<br />छात्राओं की संख्या- 18355<br />अंतर- 6,452</p>
<p><strong>सी. सैकंडरी (कक्षा 9 से 12वीं)</strong><br />छात्रों की संख्या- 44588<br />छात्राओं की संख्या- 25878<br />अंतर-  18,710</p>
<p><strong>सरकारी स्कूलों में बेटियां डेढ़ गुना तो निजी में बढ़ी बेटों की तादाद तिगुनी</strong><br /><strong>प्राइवेट में घटी तो सरकारी में बढ़ी छात्राएं</strong><br />पिछले चार सालों में राजकीय विद्यालयों में छात्राओं का नामांकन 3 लाख 45 हजार 829 रहा। जबकि, लड़कों की संख्या 3 लाख 9 हजार 721 रही। ऐसे में 36 हजार 108 लड़कियां अधिक रहीं। वहीं, प्राइवेट में जहां बालकों का नामांकन 5 लाख, 75 हजार 290 रहा, जिसके मुकाबले छात्राओं की संख्या 4 लाख 27 हजार 216 ही रहा। इस तरह निजी स्कूलों में 1 लाख 48 हजार 74 बालिकाओं की संख्या कम रही। </p>
<p><strong>जहां मौका मिला वहीं बेटों को पछाड़ रही बेटियां</strong><br />शिक्षाविदें का कहना है, आधुनिक युग में भी बेटों-बेटियों की शिक्षा में भेद किया जा रहा है। अभिभावक, सरकारी स्कूलों में बेटियों को तो प्राइवेट स्कूलों में बेटों को पढ़ाने में अधिक रुचि दिखाते हैं। तमाम मुश्किलों के बावजूद बेटियों को जहां  मौका मिलता है, वहीं बेटों को पछाड़ रही है। चाहे बोर्ड हो या प्रतियोगी परीक्षा सब जगह बेटियां ही मुकाम हासिल कर रही है। इसके बाद भी बेटियों के साथ दोहरी रवैया अपनाया जा रहा है।</p>
<p><strong>प्रत्येक कक्षा में 10 हजार का अंतर</strong><br />सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से 12वीं तक अध्ययनरत बालिकाओं की संख्या बालकों के मुकाबले दस फीसदी अधिक है। पिछले चार सालों के आंकड़े देखें तो प्रतिवर्ष प्रत्येक कक्षा में बालकों की संख्या बालिकाओं की अपेक्षा 10 हजार कम है। वर्तमान सत्र 2023-24 में जिले में सभी सरकारी स्कूलों में 81 हजार 740 लड़कियां अध्ययनरत हैं। जबकि, लड़कों का नामांकन 71 हजार 84 है। वहीं, प्राइवेट स्कूलों की बात करें तो वर्तमान सत्र में छात्रों की संख्या 1 लाख 15 हजार 594 है। जबकि, लड़कियों का नामांकन 82 हजार 541 ही है। यानी लड़कों के मुकाबले 33 हजार 53 लड़कियां कम है।</p>
<p><strong>बेटियों की मेहनत, सरकारी मदद</strong><br />सरकारी स्कूलों में बेटियों का नामांकन बढ़ना अच्छा संकेत है। कई सारी योजनाएं सिर्फ बालिकाओं के लिए ही होने से उनकी संख्या बढ़ी है। लोगों में बालिका शिक्षा को लेकर जागरूकता आई है। <br /><strong>- तेज कंवर, संयुक्त निदेशक, स्कूल शिक्षा कोटा संभाग</strong></p>
<p><strong>समाज की धारणाओं को तोड़ा बेटियों ने </strong><br />बेटियों ने समाज की धारणाओं को तोड़ते हुए अपनी प्रतिभा से यह साबित किया है कि उन्हें मौका मिले तो वे कहीं भी पीछे नहीं हैं।<br /><strong>- डॉ. ज्योति सिडाना, समाज शास्त्री, जेडीबी आर्ट्स कॉलेज</strong></p>
<p><strong>मां-बाप की लाठी भी बन रही बेटियां</strong><br />बेटियां पढ़ाई को लेकर काफी गंभीर रहती हैं। बोर्ड परीक्षा ही नहीं प्रतियोगिता परीक्षाओं में भी कामयाब रहती हैं। मां-बाप के बुढ़ापे की लाठी भी अब बेटियां बन रही हैं। <br /><strong>- देव शर्मा, शिक्षाविद्</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Jan 2024 16:11:10 +0530</pubDate>
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                <title>RTE: शिक्षा विभाग करेगा मॉनीटरिंग -गरीब बच्चों के लिए प्राइवेट स्कूल की 1.25 लाख सीटों पर होंगे एडमिशन</title>
                                    <description><![CDATA[ निजी स्कूलों में गरीब छात्रों के प्रवेश के लिए अनिवार्य बाल शिक्षा अधिनियम (आरटीई) के तहत स्कूलों में एडमिशन की प्रक्रिया 2 मई से शुरू होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/education-department-will-monitor-1-25-lakh-private-school-seats-for-poor-children-will-be-admitted/article-8563"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/rte.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । निजी स्कूलों में गरीब छात्रों के प्रवेश के लिए अनिवार्य बाल शिक्षा अधिनियम (RTE) के तहत स्कूलों में एडमिशन की प्रक्रिया 2 मई से शुरू होगी। प्राइमरी एजुकेशन डिपार्टमेंट की ओर से आॅनलाइन आवेदन के लिए 2 से 15 मई तक मांगे है, जबकि 17 मई को प्राप्त होने वाले आवेदनों की लॉटरी निकालकर उनको प्रायोरिटी दी जाएगी। इस प्रक्रिया में प्रदेश में करीब 25 हजार स्कूलों में 1.25 लाख से ज्यादा सीटों पर गरीब बच्चों को फ्री एडमिशन दिया जाएगा। वहीं कोटा के करीब 1150 निजी स्कूलों में अभिभावक आवेदन कर सकते है। आस बात यह है कि इन सीटों पर एडमिशन के लिए हर साल 2 लाख से ज्यादा आवेदन आते है। पिछले साल भी करीब 2.83 लाख बच्चों ने एडमिशन के लिए आवेदन किया था।<br /><br /><strong>5 से 7 साल की एजग्रुप के बच्चे होंगे योग्य</strong><br />आरटीई के तहत क्लास फर्स्ट में बच्चों को एडमिशन मिलेगा। इसके लिए बच्चे की उम्र 5-7 साल के बीच होनी चाहिए। इसके अलावा बच्चे का बर्थ सर्टिफिकेट और यहां के मूल या स्थाई निवास के दस्तावेज लगाने होंगे। इसमें दो केटेगिरी कमजोर वर्ग और असुविधा समूह में आने वाले बच्चों को एडमिशन मिलेगा। कमजोर वर्ग में वे बच्चे जिनके माता-पिता की आय 2.50 लाख रुपए सालाना या उससे कम हो। जबकि असुविधा समूह में एससी, एसटी वर्ग के अलावा अनाथ बच्चा, एचआईवी या कैंसर पीड़ित या इन बीमारी से प्रभावित माता-पिता के बच्चे, युद्ध विधवा के बच्चे, बीपीएल और नि:शक्त बच्चे शामिल है।<br /><br /><strong>ये रहेगा शेड्यूल</strong><br />-30 अप्रैल तक स्कूल संचालक अपने-अपने स्कूलों की प्रोफाइल (फ्री सीटों की डिटेल) आरटीई पोर्टल पर अपडेट करेंगे।<br />- 2 से 15 मई तक अभिभावक इन स्कूलों में अपने बच्चों के एडमिशन के लिए आॅनलाइन आवेदन कर सकेंगे।<br />- 17 मई को शिक्षा विभाग की ओर से प्राप्त आवेदनों की आॅनलाइन प्रायोरिटी लॉटरी निकाली जाएगी।<br />- प्रायोरिटी लॉटरी निकलने के बाद 18 से 25 मई तक आवेदकों (अभिभावकों) को आॅनलाइन ही रिपोर्टिंग करनी होगी।<br />-18 से 27 मई तक आवेदनों की जांच की जाएगी।<br />ये पूरी प्रक्रिया दो चरणों में होगी यानी पहले चरण की एडमिशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब सीटे खाली रह जाएगी। दूसरे चरण के आवेदन पत्रों की जांच 1 जून से शुरू होगी। ये पूरी प्रक्रिया 20 जुलाई तक चलेगी।<br /><br />निजी स्कूलों में आरटीई के तहत नि:शुल्क प्रवेश के लिए 2 मई से 15 ऑनलाइन आवेदन किए जा सकते है। इसके लिए पोर्टल अपडेट किए जा रहे है। <br /><strong>-प्रदीप चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी मा. शिक्षा कोटा</strong><br /><br /><strong>25 फीसदी सीटों पर मिलता है फ्री एडमिशन</strong><br />आरटीई कानून के तहत प्राइवेट स्कूलों को अपने यहां एंट्री लेवल की कक्षा में कुल संख्या में से 25 फीसदी सीटों पर फ्री प्रवेश देना होगा। बाकी 75 प्रतिशत सीटों पर वे फीस लेकर प्रवेश दे सकते हैं। 25 फीसदी सीटों पर फ्री प्रवेश का भुगतान राज्य सरकार देती है। बच्चा जिस वार्ड या गांव का है उसे अपने क्षेत्र के निजी स्कूल में पहले प्राथमिकता दी जाती है। सीट खाली होने पर दूसरे वार्ड के बच्चे को प्रवेश दिया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 Apr 2022 15:40:53 +0530</pubDate>
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