<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/foreign-minister/tag-18957" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>foreign minister - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/18957/rss</link>
                <description>foreign minister RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>भारत पर दबाव बनाने की अमेरिकी कोशिश, 7 साल बाद विदेश मंत्री जा रहे पाकिस्तान</title>
                                    <description><![CDATA[ पाकिस्तानी पत्रकार ने यह दावा किया है और बताया है कि इसके आगामी अक्टूबर महीने में होने की संभावना है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/american-attempt-to-put-pressure-on-india-foreign-minister-is/article-124485"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/oer-(5)5.png" alt=""></a><br /><p>इस्लामाबाद। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो पाकिस्तान का दौरा कर सकते हैं। पाकिस्तानी पत्रकार ने यह दावा किया है और बताया है कि इसके आगामी अक्टूबर महीने में होने की संभावना है। इस यात्रा की तारीखों पर दोनों पक्षों में चर्चा हो रही है। हालांकि, अभी तक दोनों पक्षों की तरफ से इस बारे में आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन यह कई वर्षों में किसी अमेरिकी विदेश मंत्री की पहली पाकिस्तान यात्रा होगी। इसके पहले माइक पोम्पिओ ने 2018 में विदेश मंत्री रहते हुए पाकिस्तान का दौरा किया था। मार्को रुबियो की यात्रा ट्रंप प्रशासन की बदली रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत वॉइट हाउस पाकिस्तान के साथ रिश्तों को गहरा कर रहा है। इसके पहले दो महीने में पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने दो बार अमेरिका का आधिकारिक दौरा किया था। जून में मुनीर ने वॉइट हाउस में डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की थी। दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप का पाकिस्तान प्रेम यूं ही नहीं है।</p>
<p><strong>अमेरिका-पाकिस्तान में व्यापार समझौता</strong><br />पिछले महीने ही राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिका और पाकिस्तान के बीच एक व्यापार समझौते की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि इस सौदे से अमेरिका पाकिस्तान में तेल भंडार के दोहन में सहयोग करेगा। पाकिस्तान के वाणिज्य मंत्री जाम कमाल ने कहा कि इस समझौते से अमेरिकी कंपनियों के लिए स्थानीय कंपनियों के साथ संयुक्त उद्यमों के जरिए खनन परियोजनाओं में निवेश के द्वार खुलेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/american-attempt-to-put-pressure-on-india-foreign-minister-is/article-124485</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/american-attempt-to-put-pressure-on-india-foreign-minister-is/article-124485</guid>
                <pubDate>Sat, 23 Aug 2025 12:09:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-08/oer-%285%295.png"                         length="325047"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संसदीय समिति के सामने बोले विदेश मंत्री, कहा- हमने आतंकी ठिकानों पर हमला करने के 30 मिनट बाद दी पाकिस्तान को जानकारी </title>
                                    <description><![CDATA[ विदेश मंत्री एस. जयशंकर की अध्यक्षता में सोमवार को संसदीय सलाहकार समिति की बैठक हुई]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/foreign-minister-said-in-front-of-parliamentary-committee-we-gave/article-115496"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-12/s-jaishankar11.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस. जयशंकर की अध्यक्षता में सोमवार को संसदीय सलाहकार समिति की बैठक हुई, जिसमें विदेश मामलों से जुड़े कई संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में सिंधु जल संधि, सीजफायर समझौते, विदेशी दबाव और ऑपरेशन सिंदूर जैसे विषय प्रमुख रहे। सूत्रों के मुताबिक, विदेश मंत्री ने सभी सदस्यों को भरोसा दिलाया कि सरकार देशहित में कदम उठा रही है और आगे भी हर निर्णय राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता देकर ही लिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, विदेश मंत्री ने सिंधु जल संधि को लेकर समिति के सदस्यों को आश्वस्त किया कि जो भी होगा, वह देशहित में और अच्छा होगा। विदेशी हस्तक्षेप पर जयशंकर ने बताया कि जब भी किसी देश ने भारत से जवाब मांगा, तो हमने साफ शब्दों में कहा, वह फायर करेंगे तो हम फायर करेंगे वो रोकेंगे तो हम रुकेंगे।</p>
<p><strong>कोई जानकारी चाहिए तो सरकार से संपर्क करें:</strong> ऑपरेशन सिंदूर को लेकर विपक्षी दलों की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर विदेश मंत्री ने साफ किया कि ऑपरेशन शुरू होने के आधे घंटे के भीतर पाकिस्तान को सूचित कर दिया गया था कि हमला सिर्फ आतंकी ठिकानों पर किया गया है। साथ ही उन्होंने अपील की कि इस संवेदनशील मसले पर अगर किसी को जानकारी चाहिए तो सरकार से सीधे संपर्क करें, मीडिया में बयानबाजी से बचें क्योंकि इससे माहौल बिगड़ता है। जयशंकर ने यह भी स्पष्ट किया कि आॅपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है।<br />चीन ने नहीं दिया पाकिस्तान का खुलकर साथ: विदेश मंत्री ने बताया कि पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर सिर्फ तुर्की और अजरबैजान का खुला समर्थन मिला, जबकि भारत के साथ कई देश खुले तौर पर सामने आए। जो देश सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए, उन्होंने भी आतंकवाद के मुद्दे पर भारत का समर्थन किया। </p>
<p>सूत्रों के अनुसार, जयशंकर ने बताया कि तुर्की और अजरबैजान भले ही पाकिस्तान के समर्थन में खुलकर आए हों, लेकिन चीन ने वैसा खुला समर्थन नहीं दिया जैसा पाकिस्तान को उम्मीद थी।</p>
<p><strong>सीजफायर आपसी बातचीत से हुआ</strong><br />विदेश मंत्री ने सदस्यों को बताया कि जब अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तान बड़ा हमला कर सकता है, तो भारत ने साफ कह दिया, अगर पाकिस्तान बड़ा हमला करेगा तो हम उससे भी बड़ा हमला करने के लिए तैयार हैं। जयशंकर ने सदस्यों को बताया कि सीजफायर किसी बाहरी दबाव से नहीं, बल्कि दोनों देशों के डीजीएमओ के आपसी संपर्क से हुआ। पाकिस्तान की ओर से पहल करते हुए उनके डीजीएमओ ने भारतीय डीजीएमओ से संपर्क किया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/foreign-minister-said-in-front-of-parliamentary-committee-we-gave/article-115496</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/foreign-minister-said-in-front-of-parliamentary-committee-we-gave/article-115496</guid>
                <pubDate>Tue, 27 May 2025 12:09:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-12/s-jaishankar11.jpg"                         length="42032"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>QUARD ही सुनिश्चित कर सकता है कि हिंद-प्रशांत स्वतंत्र, सुरक्षित बना रहे: जयशंकर</title>
                                    <description><![CDATA[बैठक में अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन, जापान के विदेश मंत्री योको कामिकावा और ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग मौजूद थे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/only-quad-can-ensure-that-the-indo-pacific-remains-independent-and/article-86202"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/4111u1rer-(10)1.png" alt=""></a><br /><p>टोक्यो। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को क्वाड (भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया) के विदेश मंत्रियों की बैठक में कहा कि केवल क्वाड देशों के बीच सहयोग ही यह सुनिश्चित कर सकता है कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र स्वतंत्र, खुला, सुरक्षित और समृद्ध बना रहे। </p>
<p>जयशंकर ने जापान की राजधानी टोक्यो में आयोजित क्वाड के विदेश मंत्रियों की बैठक में अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि विश्व की भलाई के लिए क्वाड की प्रतिबद्धता हिंद-प्रशांत क्षेत्र से कहीं आगे तक है। उन्होंने कहा कि  चारों देशों (भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया) की बैठक 10 महीने पहले न्यूयॉर्क में हुई थी, लेकिन बीच की अवधि के दौरान इन देशों के मंत्री द्विपक्षीय रूप से या अन्य कार्यक्रमों से इतर एक-दूसरे से मिलते रहे हैं और उनके शेरपा भी लगातार बातचीत करते रहे हैं। ये आसान समय नहीं है। वैश्विक आर्थिक वृद्धि सुनिश्चित करना और साथ ही जोखिम को कम करना एक बड़ी चुनौती है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि आपूर्ति श्रृंखला के लचीलेपन पर विशेष ध्यान केंद्रित है। यह ठीक उसी तरह से हैं, जैसे हम विश्वसनीय और पारदर्शी डिजिटल साझेदारी के लिए जोर देते हैं। प्रौद्योगिकी के विकास ने भी असाधारण अनुपात हासिल कर लिया है, जिस तरह से हम रहते हैं, सोचते हैं और कार्य करते हैं, उसमें बहुत संभावनाएं हैं। एक तरह से हम पुन: वैश्वीकरण के बीच में हैं। केवल हमारे सामूहिक प्रयास ही अंतरराष्ट्रीय प्रणाली को मानव निर्मित या प्राकृतिक व्यवधानों से बचा सकते हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि हमारे पास इसके अतिरिक्त महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ भी हैं। राजनीतिक लोकतंत्र, बहुलवादी समाज और बाजार अर्थव्यवस्थाओं के रूप में नियम-आधारित व्यवस्था को बनाए रखने का महत्वपूर्ण प्रश्न है। केवल हमारा सहयोग ही यह सुनिश्चित कर सकता है कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र स्वतंत्र, खुला, स्थिर, सुरक्षित और समृद्ध बना रहे। हम लोगों ने वैश्विक भलाई करने की जिस प्रतिबद्धता को अपनाया है , उसका इस क्षेत्र से कहीं आगे तक प्रभाव है। यह आवश्यक है कि चारों देशों के बीच राजनीतिक समझ मजबूत हो, आर्थिक साझेदारी बढ़े, प्रौद्योगिकी सहयोग बढ़े तथा लोगों के बीच सहजता बढ़े।</p>
<p>जयशंकर ने कहा कि हमारी बैठक से यह स्पष्ट संदेश जाना चाहिए कि क्वाड यहां रहने, काम करने और आगे बढऩे के लिए है।</p>
<p>बैठक में अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन, जापान के विदेश मंत्री योको कामिकावा और ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग मौजूद थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/only-quad-can-ensure-that-the-indo-pacific-remains-independent-and/article-86202</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/only-quad-can-ensure-that-the-indo-pacific-remains-independent-and/article-86202</guid>
                <pubDate>Mon, 29 Jul 2024 15:18:36 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-07/4111u1rer-%2810%291.png"                         length="483089"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गांधीजी का अहिंसा का संदेश मौजूदा समय में भी प्रासंगिक: जयशंकर</title>
                                    <description><![CDATA[ केंद्र में लगातार तीसरी बी मोदी सरकार के गठन और मोदी सरकार-3 में विदेश मंत्री की जिम्मेदारी मिलने के बाद जयशंकर और ब्लिंकन के बीच यह पहली बैठक है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/gandhijis-message-of-non-violence-is-relevant-even-in-present-times/article-86158"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/4111u1rer-(3)3.png" alt=""></a><br /><p>टोक्यो। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रविवार को कहा कि मौजूदा समय में समय में भू-राजनीतिक संघर्ष और तनाव के मद्देजनर महात्मा गांधी का वह संदेश, जिसमें उन्होंने कहा था कि समाधान युद्ध के मैदान से नहीं आते हैं और कोई भी युग युद्ध का युग नहीं होना चाहिए, उतना ही प्रासंगिक है, जितना उस समय था। जयशंकर ने जापान की राजधानी टोक्यो में एडोगावा के फ्रीडम प्लाजा में महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण किया और इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि गांधीजी के संदेश कालातीत हैं। मैं आज कहूंगा कि ऐसे समय में जब हम दुनिया में इतना संघर्ष, इतना तनाव, इतना ध्रुवीकरण, इतना रक्तपात देख रहे हैं, गांधीजी का वह संदेश बहुत महत्वपूर्ण है, जिसमें उन्होंने कहा था समाधान युद्ध के मैदान से नहीं आते हैं, कोई भी युग युद्ध का युग नहीं होना चाहिए। यह संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है, जितना 80 साल पहले था।</p>
<p><strong>गांधीजी समावेशिता के पैरोकार</strong><br />गांधीजी को सतत विकास का मूल पैगम्बर बताते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि स्थायित्व, जलवायु प्रेम, हरित विकास, हरित नीतियों के संदर्भ में, गांधीजी सतत विकास के मूल पैगम्बर थे। वे प्रकृति के साथ सामंजस्य बिठाकर जीने के सबसे बड़े पैरोकार थे। इसलिए गांधीजी का संदेश केवल सरकारों के लिए नहीं है, बल्कि हर किसी को अपनी जीवन शैली में अपनाना चाहिए। निश्चित रूप से, गांधीजी समावेशिता के पैरोकार थे और यही हम आज भारत और दुनिया भर में देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी की उपलब्धियां उनके समय से कहीं अधिक आगे की हैं, समय बीतने के साथ उनका महत्व और भी बढ़ गया है। इससे पहले भारतीय दूतावास ने एक्स पर कहा कि विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर दो दिवसीय यात्रा पर जापान पहुंचे और राजदूत सिबी जॉर्ज ने उनका स्वागत किया। दूतावास ने कहा कि जयशंकर टोक्यो के एडोगावा में फ्रीडम प्लाजा में महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण किया। विदेश मंत्री लाओस के वियनतियाने से टोक्यो पहुंचे हैं, जहां उन्होंने  दक्षिण पूर्वी एशियाई राष्ट्रों का संगठन (आसियान)-संबंधी कई बैठकों में भाग लिया और कई विदेश मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। टोक्यो में, विदेश मंत्री सोमवार को क्वाड के विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेंगे। </p>
<p><strong>टोक्यो में जयंशकर और ब्लिंकन ने की द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा</strong><br />क्वाड (भारत, अमेरिका, जापान और आॅस्ट्रेलिया) में शामिल देशों विदेश मंत्रियों की बैक में भाग लेने के लिए जापान की राजधानी टोक्यों पहुंचे विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रविवार को अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन से मुलाकात की। जयशंकर ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर व्यापक चर्चा की। उन्होंने कहा कि आज टोक्यो में ब्लिंकन से मिलकर बहुत अच्छा लगा।हमारा द्विपक्षीय एजेंडा लगातार आगे बढ़ रहा है। क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी व्यापक चर्चा हुई। कल क्वाड के विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए उत्सुक हूं। बैठक में अमेरिकी विदेश मंत्री के साथ सहायक सचिव (दक्षिण एवं मध्य एशियाई मामले) डोनाल्ड लू और अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर भी थे। जयशंकर के साथ जापान में भारत के राजदूत सिबी जॉर्ज भी रहे। केंद्र में लगातार तीसरी बी मोदी सरकार के गठन और मोदी सरकार-3 में विदेश मंत्री की जिम्मेदारी मिलने के बाद जयशंकर और ब्लिंकन के बीच यह पहली बैठक है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/gandhijis-message-of-non-violence-is-relevant-even-in-present-times/article-86158</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/gandhijis-message-of-non-violence-is-relevant-even-in-present-times/article-86158</guid>
                <pubDate>Mon, 29 Jul 2024 11:14:26 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-07/4111u1rer-%283%293.png"                         length="374474"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जयशंकर की लाओस के प्रधानमंत्री से मुलाकात भारतीय नागरिकों की तस्करी पर चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[विदेश मंत्री ने कहा, लाओस के प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान मैंने साइबर घोटाला केंद्रों के जरिए भारतीय नागरिकों की तस्करी का मुद्दा उठाया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/jaishankar-meets-laos-prime-minister-to-discuss-trafficking-of-indian/article-86084"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/4111u1rer-(5)1.png" alt=""></a><br /><p>वियनतियाने/नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार को लाओस के प्रधानमंत्री सोनेक्साय सिफांडोन से मुलाकात की। इस दौरान विदेश मंत्री ने दक्षिण पूर्व एशियाई देश में साइबर घोटाला केंद्रों के जरिए भारतीय नागरिकों की तस्करी का मुद्दा उाया तथा रक्षा एवं ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में विकास साझेदारी और सहयोग पर चर्चा की। </p>
<p>विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट किया, विदेश मंत्री आसियान की बैठक के लिए लाओस में हैं, उन्होंने कंबोडियाई और थाईलैंड के विदेश मंत्रियों के साथ भारतीय नागरिकों की तस्करी के मुद्दे पर भी चर्चा की।  डॉ जयशंकर ने एक्स पर कहा, लाओस के पीएम सोनेक्से सिफांडोन से मुलाकात करते हुए खुशी हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से हार्दिक बधाई दी। रक्षा, विरासत संरक्षण, ऊर्जा, डिजिटल और क्षमता निर्माण में हमारी विकास साझेदारी और सहयोग पर चर्चा की। हमारे घनिष्ठ संबंधों को और मजबूत करने के लिए उनके मार्गदर्शन को महत्व दिया, जो साझा सभ्यतागत जुड़ाव में गहराई से निहित हैं।    </p>
<p>विदेश मंत्री ने कहा, लाओस के प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान मैंने साइबर घोटाला केंद्रों के जरिए भारतीय नागरिकों की तस्करी का मुद्दा उठाया। हमारे नागरिकों को बचाने के लिए पीडीआर सरकार के निरंतर सहयोग की सराहना करते हैं। इस मामले पर कंबोडिया और थाईलैंड के विदेश मंत्रियों के साथ भी चर्चा की।  उन्होंने यह भी कहा कि भारत आसियान और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में लाओ पीडीआर की अध्यक्षता का पूरा समर्थन करता है।</p>
<p>ज्ञातव्य है कि 21 जुलाई को लाओस में साइबर घोटाला केंद्रों में लालच देकर भेजे गए 13 भारतीयों को बचाया गया और स्वदेश भेजा गया था। लाओस में रोजगार के अवसरों के झूठे वायदों के साथ भारतीय नागरिकों की तस्करी साइबर घोटाला केंद्रों में की जाती है। लाओस में भारतीय दूतावास ने अब तक दूतावास ने 518 भारतीयों को बचाया है। दूतावास ने भारतीयों को नौकरी की फर्जी पेशकश के प्रति आगाह करते हुए एक एडवाइजरी भी जारी की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/jaishankar-meets-laos-prime-minister-to-discuss-trafficking-of-indian/article-86084</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/jaishankar-meets-laos-prime-minister-to-discuss-trafficking-of-indian/article-86084</guid>
                <pubDate>Sun, 28 Jul 2024 11:23:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-07/4111u1rer-%285%291.png"                         length="462999"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरानी राष्ट्रपति से पहले भी कई नेता हुए हवाई हादसों का शिकार</title>
                                    <description><![CDATA[कई महत्वपूर्ण राजनीतिक और सैन्य शासकों का अंत विमान दुर्घटनाओं से हुआ है और इन घटनाओं पर कई तरह की थ्योरी सामने आती रही हैं। इनमें एक नाम एक दशक तक पाकिस्तान पर शासन करने वाले जनरल जिया उल हक का भी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/even-before-the-iranian-president-many-leaders-became-victims-of/article-78755"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/t21rer-(6)17.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी और विदेश मंत्री हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियन की हेलीकॉप्टर क्रैश में मौत के बाद हादसे की वजह की जांच की जा रही है। शुरूआती रिपोर्ट में कहा गया है कि खराब मौसम के चलते रईसी के हेलीकॉप्टर को हार्ड लैंडिंग करने के लिए मजबूर होना पड़ा। इसी दौरान हेलीकॉप्टर हादसे का शिकार हो गया। हालांकि कई तरह की साजिशें का अंदेशा भी कुछ लोगों ने इस हादसे के पीछे जताया है, इसमें इजरायल के साथ ईरान के संघर्ष की ओर भी इशारा किया गया है। इस तरह की थ्योरी को इसलिए भी ताकत मिलती है क्योंकि राष्ट्रपति के पास देश के बेड़े के अच्छे हेलीकॉप्टर, सर्वश्रेष्ठ पायलट और रखरखाव दल होता है। ऐसे में राष्ट्रपति जैसे पद पर बैठे लोगों के साथ दुर्घटना कई शंकाओं को जन्म देती है। हालांकि रईसी पहले ऐसे नेता नहीं हैं, जो इस तरह के क्रैश में मारे गए हैं। कई महत्वपूर्ण राजनीतिक और सैन्य शासकों का अंत विमान दुर्घटनाओं से हुआ है और इन घटनाओं पर कई तरह की थ्योरी सामने आती रही हैं। इनमें एक नाम एक दशक तक पाकिस्तान पर शासन करने वाले जनरल जिया उल हक का भी है।</p>
<p><strong>1936: स्वीडन पीएम अरविद लैंडमैन</strong><br />सॉलोमन अरविद अचेट्स लिंडमैन स्वीडिश रियर एडमिरल थे। साथ ही वो प्रभावशाली नेता थे, जो कि दो बार देश के प्रधानमंत्री भी रहे। लेकिन 9 दिसंबर 1936 में एक विमान दुर्घटना में उन्होंने अपनी जान गवां दी।  </p>
<p><strong>1957: फिलीपींस राष्ट्रपति मैग्सेसे</strong><br />फिलीपींस के सातवें राष्ट्रपति रैमन मैग्सेसे 17 मार्च 1957 में विमान दुर्घटना में अपनी जान गवां बैठे। वे सी-47 विमान में सवार थे। सेबू शहर में मााउंट मानुंगगल में यह विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ। विमान में सवार 25 यात्रियों में से एक ही जीवित बचा था।</p>
<p><strong>1958: ब्राजील राष्ट्रपति रामोस</strong><br />16 जून 1958 में ब्राजील के अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में कार्यरत नेरू रामोस का भी विमान दुर्घटना में निधन हुआ। रामोस क्रुजेइरो डो सुल एयरलाइनर पर यात्रा कर रहे पराना राज्य में कूर्टिबा अफोंसो पेना अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। जिससे उनकी मौत हो गई। </p>
<p><strong>1961: यूएन महासचिव हैमरस्कजॉल्ड</strong><br />स्वीडिश राजनयिक, संयुक्त राष्ट्र महासचिव डैग हैमरस्कजॉल्ड 18 सितंबर, 1961 को डीसी-6 यात्री विमान की दुर्घटना में मारे गए थे। जाम्बिया में विमान हादसे में में 16 लोग मारे गए थे।</p>
<p><strong>1966: इराकी राष्ट्रपति आरिफ</strong><br />इराक के दूसरे राष्ट्रपति अब्दुल सलाम आरिफ की मृत्यु भी विमान दुर्घटना में हुई। आरिफ ने 1958 की क्रांति में भूमिका निभाई। उन्होंने राजशाही को उखाड़ फेंका। ईराकी वायु सेना का विमान डी हैविलैंड डीएच 104 डोव बसरा के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।</p>
<p><strong>1967: ब्राजील राष्ट्रपति ब्रैंको</strong><br />18 जुलाई, 1967 को ब्राजील के 26वें राष्ट्रपति हम्बर्टो डी अलेंकर कैस्टेलो ब्रैंको का निधन हो गया। कैस्टेलो ब्रैंको का पाइपर पीए -23 एज्टेक हवा में ब्राजीलियाई वायु सेना से टकरा गया। लॉकहीड टी-33, जिससे उनकी मृत्यु हो गई।</p>
<p><strong>1971: चीनी नेता लिन बियाओ</strong> <br />साल 1971 में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के उपाध्यक्ष लिन बियाओ की एक विमान दुर्घटना में मौत हो गई थी। बताया गया कि विमान हॉकर सिडली एचएस-121 ट्राइडेंट मंगोलिया में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।</p>
<p><strong>1980: संजय गांधी</strong><br />भारत की पूर्व पीएम इंदिरा गांधी के बेटे संजय का निधन भी विमान दुर्घटना में हुआ। 23 जून, 1980 को संजय दिल्ली के सफदरजंग हवाई अड्डे का नियंत्रण खो गया। इससे उनकी जान चली गई।</p>
<p><strong>1981: पनामा प्रेसीडेंट उमर</strong> <br />पनामा के राष्ट्रपति उमर टोरिजोस की 31 जुलाई 1981 को मौत हो गई थी, जब उनका विमान पनामा के पेनोनोम के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान के लापता होने की सूचना देने में एक दिन लग गया और दुर्घटनास्थल का पता लगाने में कई दिन लग गए। </p>
<p><strong>1987: लेबनान पीएम राशिद करामी</strong><br />लेबनान के सबसे अधिक बार चुने वाले प्रधानमंत्री राशिद कारामी। जो कि लेबनानी गृहयुद्ध के दौरान एक प्रमुख भूमिका में रहे थे। उन्होंने 1 जून 1987 विमान दुर्घटना में अपनी जान गवांई। जब बेरूत के रास्ते में उनके हेलीकॉप्टर में एक बम विस्फोट हुआ। इसमें राशिद करामी की मौत हो गई।</p>
<p><strong>1988: हक की मौत पर सवाल</strong><br />पाकिस्तान में सैन्य तानाशाह जिया उल हक की राष्ट्रपति रहते हुए ही 17 अगस्त 1988 को एक विमान हादसे में मौत हो गई। पाकिस्तान के राष्ट्रपति जिया उल हक का विमान सी-130 बहावलपुर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।   </p>
<p><strong>2001: माधवराव सिंधिया</strong><br />कांग्रेस के सदस्य माधवराज सिंधिया भी विमान दुर्घटना का शिकार होने के कारण हुई थी। 30 सितंबर 2001 को उनके निजी बीचक्राफ्ट किंग एयर सी 90 में हवा में आग लग गई थी।  यह दुर्घटना उत्तर प्रदेश के मैनपुरी के पास हुई थी।</p>
<p><strong>2005: दक्षिण सूडान के राष्ट्रपति माबियोर</strong><br />दक्षिण सूडान के राष्ट्रपति जॉन गारंग डी माबियोर 2005 में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मारे गए थे। उन्होंने सूडान के क्रूर शासन से मुक्त होने के लिए दक्षिण सूडान के संघर्ष के दौरान सूडान पीपुल्स लिबरेशन आर्मी/मूवमेंट का नेतृत्व किया था, जिसे अब दक्षिण सूडान पीपुल्स डिफेंस फोर्सेज के रूप में जाना जाता है। </p>
<p><strong>2021: जनरल की आखिरी सवारी</strong><br />भारत के पहले चीफ आॅफ डिफेंस स्टाफ रहे जनरल बिपिन रावत का नाम बरबस ही दिमाग में कौंध जाता है।  8 दिसंबर 2021 को जब तमिलनाडु के नीलगिरी जिले के कुन्नूर में एक हेलिकॉप्टर क्रैश की खबर टीवी स्क्रीन पर फ्लैश हुई तो किसी ने ज्यादा तवज्जो नहीं दी, लेकिन कुछ ही मिनटों में ये खबर बिग ब्रेकिंग न्यूज हो गई। जानकारी आई कि इस हेलिकॉप्टर में भारत के तत्कालीन सीडीएस बिपिन रावत अपनी पत्नी समेत सवार थे।</p>
<p><strong>2024: चिली राष्ट्रपति पिनेरा</strong><br />चिली के पूर्व राष्ट्रपति सेबेस्टियन पिमेरा का फरवरी 2024 में विमान दुर्घटना में निधन हुआ। पिनेरा का हेलीकॉप्टर दक्षिणी चिली की एक झील में दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। बता दें कि वे चिली की राजनीति में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति थे। उन्होंने बतौर राष्ट्रपति दो कार्यकाल तक देश की सेवा की थी।</p>
<p><strong>2024: केन्या आर्मी चीफ ओगोला</strong><br />हवाई हादसों में इसी साल एक और नाम जुड़ा केन्या के आर्मी चीफ का। 8 अप्रैल 2024 को केन्या के आर्मी चीफ जनरल फ्रांसिस ओमोंडी ओगोला का एक हेलिकॉप्टर दुर्घटना में निधन हो गया। उनके साथ 9 और सैन्य अधिकारियों की भी मौत हो गई। ओगोला का हेलीकॉप्टर चेसेगॉन गांव से उड़ान भरने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/even-before-the-iranian-president-many-leaders-became-victims-of/article-78755</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/even-before-the-iranian-president-many-leaders-became-victims-of/article-78755</guid>
                <pubDate>Tue, 21 May 2024 12:33:20 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-05/t21rer-%286%2917.png"                         length="442576"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>S. Jaishankar ने ईरान के राष्ट्रपति, विदेश मंत्री के निधन पर शोक व्यक्त किया</title>
                                    <description><![CDATA[डॉ. जयशंकर ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि उन्हें ईरान के इन दोनों नेताओं के साथ अपनी कई बैठकें याद हैं और उनसे हाल ही में जनवरी 2024 में मुलाकात हुई थी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/s-jaishankar-condoled-the-demise-of-iran-president-foreign-minister/article-78669"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-11/s.-jaishankar.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हेलीकॉप्टर दुर्घटना में ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी और विदेश मंत्री हुसैन अमीर-अब्दुल्लाहियन के निधन पर दुख व्यक्त किया।</p>
<p>डॉ. जयशंकर ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि उन्हें ईरान के इन दोनों नेताओं के साथ अपनी कई बैठकें याद हैं और उनसे हाल ही में जनवरी 2024 में मुलाकात हुई थी।</p>
<p>विदेश मंत्री ने एक अन्य पोस्ट किया कि हेलीकॉप्टर दुर्घटना में ईरान के राष्ट्रपति डॉ. इब्राहिम रईसी और विदेश मंत्री हुसैन आमिर-अब्दुलाहियान के निधन के बारे में सुनकर गहरा दुख हुआ। उनके साथ मेरी कई बैठकें मुझे याद हैं, जिनमें हाल ही में जनवरी 2024 की बैठक शामिल है। उनके परिवारों के प्रति हमारी संवेदनाएं। हम इस त्रासदी के समय ईरान के लोगों के साथ खड़े हैं।</p>
<p>इससे पहले मेहर न्यूज एजेंसी ने कहा कि ईरानी राष्ट्रपति रईसी और विदेश मंत्री अब्दुलाहियान की हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मृत्यु हो गई। ईरानी राष्ट्रपति और विदेश मंत्री को ले जा रहा हेलीकॉप्टर पूर्वी अजरबैजान प्रांत के घने जंगल में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/s-jaishankar-condoled-the-demise-of-iran-president-foreign-minister/article-78669</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/s-jaishankar-condoled-the-demise-of-iran-president-foreign-minister/article-78669</guid>
                <pubDate>Mon, 20 May 2024 14:54:07 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-11/s.-jaishankar.jpg"                         length="30868"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बंगलादेश का हथियार प्रणाली में एआई का इस्तेमाल नहीं करने का आह्वान</title>
                                    <description><![CDATA[बंगलादेश के विदेश मंत्री हसन महमूद ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हथियार प्रणाली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल नहीं करने का आह्वान किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/bangladesh-calls-for-not-using-ai-in-weapon-systems/article-76322"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/bangladesh.png" alt=""></a><br /><p>ढाका । बंगलादेश के विदेश मंत्री हसन महमूद ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हथियार प्रणाली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल नहीं करने का आह्वान किया है। हसन महमूद ने कृषि, चिकित्सा विज्ञान, अंतरिक्ष अन्वेषण, जलवायु परिवर्तन और रोजगार सृजन के क्षेत्रों में एआई का उपयोग न करने का आग्रह किया। विदेश मंत्रालय की एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि हसन ने सोमवार को वियना में 'मानवता चौराहे पर स्वायत्त हथियार प्रणाली और विनियमन की चुनौती नामक एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में बोलते हुए यह आह्वान किया।</p>
<p>विदेश मंत्री ने स्वायत्त हथियार प्रणालियों को प्रभावी ढंग से विनियमित करने के लिए वैश्विक मानदंड निर्धारित करने का भी सुझाव दिया। उन्होंने सभी से मानवता की खातिर स्वायत्त हथियारों सहित किसी भी नए हथियार से दूर रहने का भी आह्वान किया। गाजा में अनिश्चित स्थिति पर प्रकाश डालते हुए  हसन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को संघर्ष और तनाव का एक नया मोर्चा खोलने के प्रति आगाह भी किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/bangladesh-calls-for-not-using-ai-in-weapon-systems/article-76322</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/bangladesh-calls-for-not-using-ai-in-weapon-systems/article-76322</guid>
                <pubDate>Tue, 30 Apr 2024 16:38:22 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-01/bangladesh.png"                         length="359074"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गाजा में नार्वे के 170 नागरिक फंसे-विदेश मंत्रालय</title>
                                    <description><![CDATA[नॉर्वे की विदेश मंत्री एनिकेन ह्यूटफेल्ट ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि गाजा में स्थिति अस्पष्ट है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/652d770fcb2ae/article-59722"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/बंदर-ली-अधिकारी-कि-जगह(9).png" alt=""></a><br /><p> ओस्लो। गाजा में नॉर्वे के 170 नागरिक अभी भी फंसे हुए है , जिन्हें सहायता की आवश्यकता है। विदेश मंत्रालय ने रविवार को यह जानकारी दी। नॉर्वे की विदेश मंत्री एनिकेन ह्यूटफेल्ट ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि गाजा में स्थिति अस्पष्ट है और हर घंटे के साथ खराब होती जा रही है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि मंत्रालय  हमारे नागरिकों के लिए समाधान खोजने के लिए लगातार काम करता है, और अन्य देशों के साथ मिलकर समन्वय करता है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि मिस्र के साथ गाजा की राफा सीमा बंद है, इसलिए उनका मंत्रालय यह गारंटी नहीं दे सकता कि नॉर्वे के नागरिकों के लिए वहां से गुजरना संभव होगा।  </p>
<p> </p>
<p>नार्वे के दो चार्टर्ड विमान क्रमश: 180 और 26 यात्रियों के साथ गुरुवार रात और शुक्रवार शाम को इ•ाराइल से ओस्लो पहुंचे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/652d770fcb2ae/article-59722</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/652d770fcb2ae/article-59722</guid>
                <pubDate>Mon, 16 Oct 2023 23:45:43 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-10/%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A4%B0-%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%85%E0%A4%A7%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%BF-%E0%A4%9C%E0%A4%97%E0%A4%B9%289%29.png"                         length="301000"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नवाज शरीफ से मिलकर पक्की हुई बिलावल भुट्टो की कुर्सी, बनेंगे पाकिस्तान के नए विदेश मंत्री</title>
                                    <description><![CDATA[ पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो-जरदारी एक या दो दिन में देश के नए विदेश मंत्री के रूप में शपथ लेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/bilawal-bhutto-s-chair-confirmed-by-meeting-nawaz-sharif--will-be-the-new-foreign-minister-of-pakistan/article-8573"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/pak-pm.jpg" alt=""></a><br /><p>इस्लामाबाद। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो-जरदारी एक या दो दिन में देश के नए विदेश मंत्री के रूप में शपथ लेंगे। यह जानकारी एक शीर्ष अधिकारी ने दी। जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, बिलावल उस समय मौजूद थे जब प्रारंभिक संघीय कैबिनेट सदस्यों ने शपथ ली थी, हालांकि, उस दौरान उन्होंने शपथ नहीं ली थी। लेकिन सूचना मंत्री मरियम औरंगजेब ने कहा था कि पीपीपी अध्यक्ष पाकिस्तान लौटने के बाद शपथ लेंगे। लंदन में पत्रकारों से बातचीत में पीपीपी नेता कमर जमां कैरा ने कहा कि राजनीतिक मामलों पर विचारों को साझा करने के लिए पीएमएल-एन सुप्रीमो नवाज शरीफ के साथ दो बैठकें करने के बाद बिलावल पाकिस्तान के लिए रवाना हो गए हैं। संयुक्त बयान में कहा गया है कि बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने सहमति व्यक्त की कि जब भी वे एक साथ काम करते हैं तो उन्होंने बहुत कुछ हासिल किया है।<br /><br /><strong>लंदन में इलाज करवा रहे हैं नवाज शरीफ</strong><br />यह तय किया गया था कि इतिहास में एक देश के पुनर्निर्माण के लिए मिलकर काम करने की अनिवार्यता गंभीरता से करने की आवश्यकता है। इस बैठक में सभी लोकतांत्रिक ताकतों की सहमति से भविष्य के लिए व्यापक रोडमैप और लोकतंत्र के चार्टर पर छोड़े गए अधूरे काम पर भी चर्चा की गई। बता दें कि नवाज शरीफ इलाज कराने के लिए लंदन गए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/bilawal-bhutto-s-chair-confirmed-by-meeting-nawaz-sharif--will-be-the-new-foreign-minister-of-pakistan/article-8573</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/bilawal-bhutto-s-chair-confirmed-by-meeting-nawaz-sharif--will-be-the-new-foreign-minister-of-pakistan/article-8573</guid>
                <pubDate>Mon, 25 Apr 2022 14:59:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-04/pak-pm.jpg"                         length="41873"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        