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                <title>सरकार ने कुक कम हेल्परों का बढ़ाया 10% मानदेय, नरेगा से भी कम मिल रही मजदूरी </title>
                                    <description><![CDATA[अब कुक कम हेल्पर 2297 रुपए प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/government-increased-honorarium-of-cook-cum-helpers-by-10/article-126649"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/_400-px)-(1)9.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। सरकारी स्कूलों में मिड डे मील बनाने वाले कुक कम हेल्परों के मानदेय में सरकार ने 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। हालांकि, वर्तमान में आसमान छू रही महंगाई के दौर में यह आशिंक वृद्धि ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। सरकार ने एक वर्ष के इंतजार के बाद मानदेय बढ़ाया। आयुक्त मिड डे मील की ओर से जारी आदेश के अनुसार बढ़ा हुआ मानदेय 1 अप्रेल 2025 से देय होगा। अब कुक कम हेल्पर 2297 रुपए प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा।  </p>
<p><strong>नरेगा से भी कम मिल रही मजदूरी </strong><br />नाम न छापने की शर्त पर लाडपुरा ब्लॉक के स्कूलों में कार्यरत कुक कम हेल्पर महिलाओं का कहना है कि महंगाई बढ़ रही है लेकिन सरकार 154 रुपए ही बढ़ा रही है। यह पैसा तो घर से स्कूल आने जाने में ही खर्च हो जाता है। जबकि, स्कूलों में हजारों बच्चों का खाना बनाते हैं, बर्तन साफ करते हैं, जिसकी एवज में जो मानदेय दिया जा रहा है वो नरेगा में काम करने वाले श्रमिकों से भी कम है। </p>
<p><strong>मानदेय 10 हजार प्रतिमाह करने की मांग</strong><br />राज्यभर में सरकारी स्कूलों में मिड डे मील योजना में भोजन बनाने वाले कुक कम हेल्परों का मानदेय वर्तमान में बढ़ रही मंहगाई को देखते हुए 10 हजार रुपए प्रति माह किया जाना चाहिए। वर्तमान में जो दस प्रतिशत मानदेय बढ़ाया है वो ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। कुक कम हेल्पर का मानदेय मात्र 2297 रुपए महीना है, यानी एक दिन के मात्र 76 रुपए, जो कि न्यूनतम मजदूरी का चौथा भाग है। जबकि, सरकार ने प्रदेश में अकुशल श्रमिक की न्यूनतम मजदूरी बढ़ाकर 281 रुपए प्रतिदिन की थी। ऐसे में इनके मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि की जानी चाहिए।   <br /><strong>- मोहर सिंह सलावद, प्रदेशाध्यक्ष, शिक्षक संघ रेसटा </strong></p>
<p><strong>बढ़ोतरी के लिए प्रस्ताव बनाकर भिजवाएंगे </strong><br />कुक कम हेल्पर्स के मानदेय में 10% की बढ़ोतरी हुई है, जो बजट घोषणा के अनुसार की गई है। हालांकि, इनके मानदेय में बढ़ोतरी के लिए प्रस्ताव बनाकर सरकार को भिजवाए जाएंगे।<br /><strong>- सतीश कुमार गुप्ता, विशेषाधिकारी शिक्षा मंत्री </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Sep 2025 17:35:15 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>नरेगा में पारदर्शिता, नकली खाद-बीज पर सख्ती और कृषि सुधारों पर फोकस : कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा</title>
                                    <description><![CDATA[कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने ग्रामीण कार्य निर्देशिका का विमोचन किया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/transparency-in-nrega-focus-on-fake-manure-seed-and-focus-on/article-123613"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(3)25.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने ग्रामीण कार्य निर्देशिका का विमोचन किया। करीब 15 साल बाद जारी हुई इस कार्य निर्देशिका के विमोचन कार्यक्रम में एसीएस श्रेया गुहा भी मौजूद रहीं। मंत्री ने बताया कि नरेगा के लिए नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम का पोर्टल लागू किया गया है, जिससे पिछले वित्त वर्ष में 1200 करोड़ और इस साल करीब 1400 करोड़ रुपए के लीकेज को रोका जा सकेगा। बीते दो साल में 2600 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता पर अंकुश लगाया गया है।</p>
<p>डॉ. मीणा ने बताया कि कांग्रेस राज में नरेगा में भारी अनियमितताएं हुईं। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि मंडरायल की एक पंचायत में 26 करोड़ स्वीकृत हुए, जबकि खर्च केवल 2 करोड़ हुआ। ऐसे मामलों में बीडीओ, जेईएन, सचिव और सरपंच पर एफआईआर दर्ज कराई गई है। पारदर्शिता के लिए ई-वर्क पोर्टल 2.0 शुरू किया गया है।</p>
<p>मंत्री ने नकली खाद-बीज के खिलाफ चलाए गए अभियान की जानकारी दी। 29 मई से अब तक 56 एफआईआर, 22 कंपनियों के लाइसेंस निरस्त, 41 के निलंबित किए गए। 9500 मीट्रिक टन खाद जब्त की गई और इंडोफिल सहित कई बड़ी पेस्टिसाइड फर्मों पर कार्रवाई हुई। बायोफ्यूल में हाइड्रोकार्बन के अवैध उपयोग पर भी बड़ी कार्रवाई की गई।</p>
<p>अनुदानित यूरिया के गैर-कृषि उपयोग पर 74 नमूने लिए गए, 621 मीट्रिक टन जब्त कर 4 एफआईआर दर्ज की गईं और 11 कृषि अधिकारियों को निलंबित किया गया।</p>
<p>केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ हुई वीसी में किसानों की शिकायतों के लिए टोल फ्री कॉल सेंटर बनाने, विकसित कृषि संकल्प अभियान चलाने और डीएपी-यूरिया की आपूर्ति सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई। चीन से इनकार के बाद सऊदी अरब से उर्वरक मंगाने की योजना है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गुणवत्ता नियंत्रण में राजस्थान देश में अग्रणी है और इस बार 16 प्रतिशत बुवाई क्षेत्रफल बढ़ेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 Aug 2025 17:12:02 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>नरेगा ग्रेवल सड़कों के अधूरे कार्यों का मामला सदन में गूंजा : ग्राम पंचायत में सड़कों के प्रस्ताव सालों से लंबित,  पूसाराम गोदारा के सवाल का देवासी ने दिया जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[महात्मा गांधी नरेगा योजना में श्रमिकों रोजगार के माध्यम से रतनगढ़ से जुड़ी पंचायत समिति में पांच कार्य शुरू कर दिए हैं। छह कार्य अभी शुरू नहीं किए गए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/case-of-incomplete-works-of-nrega-gravel-roads-in-the/article-106180"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/6622-copy30.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र में रतनगढ़ पंचायत समिति में मनरेगा योजना में स्वीकृत कार्य को लेकर सवाल उठा। प्रश्नकाल में विधायक पूसाराम गोदारा ने सवाल उठाते हुए ग्रेवल सड़कों से जुड़ा मामला उठाया। गोदारा ने कहा कि ग्राम पंचायत में सड़कों के प्रस्ताव बरसों से लंबित हैं। 130 एमएम बारिश में सड़कें खराब हुई हैं। मंत्री ओटाराम देवासी ने जवाब देते हुए कहा कि ग्रेवल सड़कों का काम शुरू कर दिया है। </p>
<p>महात्मा गांधी नरेगा योजना में श्रमिकों रोजगार के माध्यम से रतनगढ़ से जुड़ी पंचायत समिति में पांच कार्य शुरू कर दिए हैं। छह कार्य अभी शुरू नहीं किए गए हैं। रास्ते की समस्या है। गोदारा ने कहा कि 2008 और 2015-16 में जो सड़कें स्वीकृत हुई थी वह अब तक नहीं बनी हैं। आम आदमी का पैसा टैक्स के रूप में लिया जा रहा है, इसलिए सड़कों का लाभ भी मिलना चाहिए। मंत्री ओटाराम देवासी ने जवाब देते हुए कहा कि कुछ कार्य रास्ता नहीं होने के कारण अभी शुरू नहीं हुआ, लेकिन मैं जल्दी शुरू कराऊंगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Mar 2025 13:28:05 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>कछुए की चाल से चल रहा है अमृत सरोवर तालाब का निर्माण कार्य </title>
                                    <description><![CDATA[भूलाहेड़ा गांव के 200 बीघा क्षेत्र में फैले तालाब का मामला। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-construction-work-of-amrit-sarovar-pond-is-going-on-at-a-snail-s-pace/article-98443"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/257rtrer46.png" alt=""></a><br /><p>कमोलर। ग्राम पंचायत लटूरी के भूलाहेड़ा गांव में अमृत सरोवर के आधार पर तालाब का निर्माण करवाया जा रहा है। तालाब के धीमी गति से चल रहे निर्माण कार्य व गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों ने आपत्ति जताई है। गौरतलब है कि एक तरफ तो प्राचीन काल से तालाबों को सिंचाई का स्रोत माना जाता रहा है, वहीं दूसरी ओर इनके रखरखाव को लेकर घोर लापरवाही बरती जा रही है। भूलाहेडा गांव में 200 बीघा जमीन पर तालाब फैला हुआ है। जिसका केन्द्र व राज्य सरकार के द्वारा समय-समय पर तालाब रखरखाव व निर्माण कार्य में करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। लेकिन ठेकेदार फर्म के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण कार्य नहीं किए जाने के कारण ग्रामीणों ने विरोध करना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों ने तालाब में घटिया सरिया, गिट्टी, सीमेंट, ब्लॉक्स का सही मात्रा में नहीं मिलाने की सम्बन्धित विभाग में शिकायत की है। भूलाहेडा निवासी समाज सेवक कृष्ण मुरारी गोचर, चौथमल नागर, शंकर लाल ने बताया कि ठेकेदार फर्म द्वारा घटिया निर्माण कार्य किया जा रहा है। सरिया, गिट्टी, सीमेंट व पक्की तालाब की दीवार की गहराई भी कम साइज के अनुपात में है। </p>
<p><strong>ग्रामीणों ने दी कार्य बंद करवाने की चेतावनी</strong><br />ग्रामीणों ने कहा कि अगर ठेकेदार फर्म द्वारा कार्य सही नहीं कराया जाएगा तो बीच समय में कार्य को बंद कर दिया जाएगा। हमारे गांव में पानी की कमी के चलते व अभी से नलकूपों में पानी कम हो जाने के कारण फसलों के लिए कोई साधन भी नहीं हैं। कमोलर, भूलाहेडा, डोबडा, डोबडी़, डूंगरपुर आदि गांवों के किसानों के खेत तालाब के आसपास ही स्थित हैं। अगर सही कार्य किया जाएगा तो भविष्य में गांव वालों के लिए भूलाहेडा व आसपास के गांवों के लिए वरदान साबित होगा। तालाब फसलों को सिंचित करने में काम आएगा। तालाब का काम कछुए की चाल से चल रहा है। इससे पहले नरेगा के माध्यम से तालाब में करोड़ों का कार्य किया जा चुका है।<br /> <br />तालाब का सही कार्य करने को लेकर ठेकेदार फर्म से बात करेंगे। जो भी कमी नजर आएगी उसको सही कार्य करने के लिए पाबंद किया जाएगा।<br /><strong>- कमलकांत महावर, एईएन,  सिंचाई विभाग</strong></p>
<p>ग्राम पंचायत लटूरी के भूलाहेडा गांव में जो तालाब का कार्य चल रहा है, उसमें ग्रामीणों की शिकायत प्राप्त हुई है। जो भी कमी नजर आएगी उसको सही करने के लिए ठेकेदार फर्म को अवगत कराया जाएगा।<br /><strong>- नंदकुंवरी बाई, सरपंच, ग्राम पंचायत लटूरी </strong></p>
<p> पूर्व में जब गांवों में हैण्डपम्प व बोरवेल नहीं थे, तब लोग गांव के तालाब, कुएं व बावड़ी का पानी दैनिक कार्यों के लिए काम में लेते थे। आगे भी इसके पानी का फसलों व दैनिक कार्यों में उपयोग किया जाएगा। इसलिए गुणवत्तापूर्ण कार्य करने किया जाए। जिससे ग्रामीणों को भविष्य में सिंचाई के काम आ सके। <br /><strong>- कृष्ण मुरारी गोचर, समाज सेवक, भूलाहेडा</strong></p>
<p>भूलाहेडा गांव में अमृत सरोवर तालाब का निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया है। ग्रामीणों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण कार्य नहीं कराने की शिकायत मिली है। मौके पर जाकर जांच करके कोई कमी नजर आती है तो वापस दीवार व सरिया, गिट्टी, सीमेंट का निरीक्षण कर दोबारा कार्य करने को कहा जाएगा।<br /><strong>- अमित कुमार मीणा, एक्सईएन सिंचाई विभाग</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Dec 2024 18:26:00 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>भीषण गर्मी में नरेगा श्रमिकों को काम करना पड़ रहा भारी, श्रमिक परिवारों की संख्या में कमी</title>
                                    <description><![CDATA[पिछले साल 2022-23 में 4.54 लाख परिवारों ने,वर्ष 2021-22 में 9.92 लाख और 2020-21 में 12.31 लाख परिवारों ने 100 दिन का रोजगार पूरा किया था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/nrega-workers-have-to-work-in-the-scorching-heat-reduction/article-78579"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/nrega1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भीषण गर्मी में नरेगा श्रमिकों को काम करना भारी पड़ रहा है। नरेगा में 100 दिन रोजगार पूरा करने वाले परिवारों की संख्या अभी तक 58 हजार पहुंची है, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 85 हजार तक पहुंचा था। नरेगा के जारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 100 दिन का रोजगार पूरा करने वाले परिवारों की संख्या अभी तक 58 हजार ही पहुंची है। पूरे साल में यह आंकड़ा बढ़ेगा, क्योंकि बारिश के दिनों के बाद नरेगा श्रमिक ज्यादा पहुंचते हैं।</p>
<p>पिछले साल 2022-23 में 4.54 लाख परिवारों ने,वर्ष 2021-22 में 9.92 लाख और 2020-21 में 12.31 लाख परिवारों ने 100 दिन का रोजगार पूरा किया था। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कई श्रमिक परिवार 70 से 80 दिनों का रोजगार पूरा कर चुके हैं, लेकिन भीषण गर्मी के चलते अभी काम पर नहीं आ पा रहे। बारिश के दिनों में ये वापस काम पर आएंगे, तो 100 दिन पूरा करने वाले परिवारों की संख्या बढ जाएगी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 May 2024 18:46:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>असर खबर का - अब मिलेगा सेकुड़ के ग्रामीणों को रोजगार</title>
                                    <description><![CDATA[खबर प्रकाशित होते ही छीपाबड़ौद प्रशासन हरकत में आया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/effect-of-news---now-villagers-of-sekur-will-get-employment/article-72581"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-03/11112.png" alt=""></a><br /><p>हरनावदाशाहजी। छीपाबड़ौद तहसील की ग्राम पंचायत कलमोदिया के ग्रामीणों को पिछले एक वर्ष से नरेगा के तहत काम नहीं करवाए जाने के कारण ग्रामीण काफी परेशान थे। इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने जिला कलक्टर और विधायक से भी शिकायत की थी। मंगलवार को दैनिक नवज्योति ने प्रमुखता से  उठाया। '' सेकुड़ के ग्रामीणों को एक वर्ष से नहीं मिल रहा नरेगा में काम... " शीर्षक से खबर प्रकाशित की। नवज्योति की यह मुहिम रंग लाई और उसके जिस विकास अधिकारी ने गंभीरता से लिया और सेकुड के श्रमिकों को मनरेगा योजना में रोजगार उपलब्ध कराने के आदेश दिए।</p>
<p>खबर प्रकाशित होते ही छीपाबड़ौद प्रशासन हरकत में आया और विकास अधिकारी एवं कार्यक्रम अधिकारी सूर्यप्रकाश जारवाल पंचायत समिति छीपाबड़ौद ने ग्राम विकास ग्राम पंचायत कलमोदिया को आदेशित करते हुए कहा कि ग्राम पंचायत क्षेत्र के ग्राम सेकुड के श्रमिकों को मनरेगा योजनार्न्तगत रोजगार उपल्ब्ध नहीं होने की शिकायत पर इस संदर्भ में ग्राम सेकुड़ के श्रमिकों के निर्धारित मनरेगा प्रपत्र 6 भरवाकर ग्राम पंचायत के अपगोइंग कार्य पर श्रमिकों का नियोजित कर रोजगार उपल्ब्ध कराए जाने के लिए आज ही आगामी पखवाड़ा 16 मार्च से 31 मार्च में मस्टरोल जारी करवाकर विभाग एवं अधिकारियों को सूचित किया जाए। मस्टरोल जारी नहीं होने पर ग्रामीण काफी परेशान थे। अब ग्रामीणों को थोड़ी राहत मिलेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 Mar 2024 19:37:20 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>सेकुड़ के ग्रामीणों को एक साल से नहीं मिल रहा नरेगा में काम</title>
                                    <description><![CDATA[ग्राम सेकुड़ के मजदूरों को ग्राम पंचायत द्वारा नरेगा मे मजदूरी नहीं देने पर ग्रामीण पलायन को मजबूर हो रहे है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/villagers-of-sekur-are-not-getting-work-in-nrega-since-last-one-year/article-72580"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-03/sekud-ke-logon-ko-ek-varsh-se-nahi-mil-raha-narega-mai-kaam...harnavdashahji,-baran-news-13-03-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>हरनावदाशाहजी। केंद्र और राज्य सरकार ग्राम पंचायतों के माध्यम से नरेगा के तहत ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए कई तरह से प्रचार प्रसार करती है। लेकिन बारां जिले की छीपाबड़ौद तहसील की ग्राम पंचायत कलमोदिया में एक गांव सेकुड़ ऐसा भी है, जहां पिछले एक वर्ष से मजदूरों को नरेगा के तहत कोई कार्य स्वीकृत नहीं हुआ। वहीं सेकुड़ के ग्रामीणों का कहना है कि पिछले 4 वर्षों से ग्राम सेकुड़ में ग्राम पंचायत द्वारा कोई भी नरेगा तालाब निर्माण, इंटरलोकिंग जैसे कार्य स्वीकृत नहीं हुए है। पिछले एक साल से तो गांव के नरेगा मजदूर मजदूरी करने के लिए तरस रहे है। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम सेकुड़ के मजरा झामरिया में स्वीकृत नरेगा तालाब में भी ग्राम सेकुड़ के मजदूरों को झामरिया वाले मजदूरों ने एक मस्टरोल मे मजदूरी नहीं करने दी। सेकुड़ गांव के नरेगा मजदूर कल्याण, दुर्गालाल, फूलचंद, तेजमल, ग्यारसी बाई, भंवरी बाई, चौथमल, कम्पुरी बाई, बसंती बाई, जगन्नाथी बाई, कृष्णा बाई, गोवर्धन, लड्डू, बाबूलाल, शंकर लाल, बृजमोहन,  मेवा बाई, बदाम बाई, केलाबाई सहित अन्य मजदूरों का कहना है कि हमें एक वर्ष से नरेगा काम नहीं दिया गया। कलमोदिया ग्राम पंचायत हमारे साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। मजदूरों ने इसकी शिकायत बारां जिला कलक्टर और छबडा छीपाबड़ौद विधायक प्रतापसिंह सिंघवी को पत्र लिखकर की है। </p>
<p><strong>पलायन होने पर मजबूर हुए ग्रामीण</strong><br />ग्राम सेकुड़ के मजदूरों को ग्राम पंचायत द्वारा नरेगा मे मजदूरी नहीं देने पर ग्रामीण पलायन को मजबूर हो रहे है। ग्रामीण मजदूरों का कहना है कि एक तरफ तो केंद्र और राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्र के मजदूरों को मजूदरी देने के लिए तरह तरह का प्रचार-प्रसार कर रही है तथा एक और ग्रामीण मजदूरी के लिए तरस रहे है। </p>
<p>4 वर्षों से कोई भी नरेगा तालाब निर्माण, इंटरलोकिंग जैसे कार्य स्वीकृत नहीं हुए है। पिछले एक साल से तो गांव के नरेगा मजदूर मजदूरी करने के लिए तरस रहे है।<br /><strong>- दोली बाई, ग्रामीण महिला। </strong></p>
<p>ग्राम पंचायत द्वारा नरेगा में मजदूरी नहीं देने पर ग्रामीण पलायन को मजबूर हो रहे है।<br /><strong>- चतुर्भुज, ग्रामीण। </strong></p>
<p>हमें एक वर्ष से नरेगा काम नहीं दिया गया। कलमोदिया ग्राम पंचायत हमारे साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। <br /><strong>- लक्ष्मा बाई, ग्रामीण। </strong></p>
<p>हमने विभाग को प्रस्ताव बनाकर भिजवा रखें हैं। जैसे ही मस्टरोल सेंशन होगी। नरेगा कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 Mar 2024 15:06:19 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मनरेगा मजदूर दो माह से वेतन के लिए लगा रहे चक्कर</title>
                                    <description><![CDATA[मजदूरों ने मांग की कि शीघ्रता से शीघ्र मारा नरेगा का भुगतान कराया जाए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/mnrega-laborers-are-circling-for-salary-since-two-months/article-54596"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/mnrega-majdoor-do-maah-vetan-k-liye-lga-rhe-chakkar...hindoli,-bundi-news-14-08-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>हिंडोली। हिंडोली पंचायत समिति क्षेत्र के मेडी ग्राम पंचायत में दो हजार मजदूरों का नरेगा का दो माह से भुगतान बाकी चल रहा है जिससे मजदूर का जीवन यापन करना दुश्वार हो गया है। नरेगा के आधा दर्जन से अधिक काम के काम के भुगतान बकाया चल रहा है। ऐसे में सैंकड़ों संख्या में नरेगा मजदूर ग्राम पंचायत के चक्कर काटने को मजबूर है। मेडी ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती कैलाश कंवर ने बताया कि मेडी ग्राम पंचायत के लोहारिया, गणेशगंज, स्वयं मंडी ग्राम पंचायत मुख्यालय, सुखपुरा, अमरपुरा में पिछले 4 महीने से नरेगा के कार्य चल रहे थे। जो पूर्ण हो चुके है। हमारी तरफ से जो हो सकता था वह हमने कर दिया है लेकिन पिछले 2 महीने से नरेगा मजदूरों का भुगतान अटका होने से मजदूरों को रोजी-रोटी की समस्या उत्पन्न हो गई है। इसको लेकर कई बार उच्चाधिकारियों को भी अवगत करा दिया गया है लेकिन अभी तक मजदूरों के खाते में भुगतान नहीं आया है। संैकड़ों मजदूर रोज ग्राम पंचायत के चक्कर काट रहे हैं। ऐसी स्थिति में हम जवाब दें तो क्या दें? मजदूर बेचारा यही सोचता है कि हो सकता है सरपंच कार्य नहीं कर रहे है लेकिन हम बराबर उच्चाधिकारियों के संपर्क में रहकर बार-बार सूचना दे रहे है लेकिन प्रशासन है कि हमारी सुन ही नहीं रहा है। </p>
<p><strong>मजदूर बोले- हमारी रोजी रोटी पर संकट</strong><br />मेडी  निवासी मजदूर दुर्गा लाल, शंकरलाल ने बताया कि हमारी रोजी-रोटी मजदूरी से ही चलती है। अब हम प्राइवेट काम कर रहे है जिससे हमारा गुजारा चल रहा है। भुगतान हो जाए तो रक्षाबंधन की खरीदारी हम कर सकते है। मजदूरों की भी सरकार को सोचनी चाहिए। कर्मचारियों की जब एक महीना वेतन नहीं आता है तो हड़ताल पर उतरते है  या  सरकार को चेतावनी देते है। हम तो यह भी नहीं कर सकते फिर सरकार इतनी कठोर  क्यों होती जा रही है। मजदूरों ने मांग की कि शीघ्रता से शीघ्र मारा नरेगा का भुगतान कराया जाए। सोचनीय विषय है कि हिंडोली उपखंड मुख्यालय होते हुए भी यहां विकास अधिकारी का पद एक लंबे समय से खाली चल रहा है। </p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />यह नरेगा का मामला है। भुगतान केंद्र सरकार द्वारा दिया जाता है। जो पिछले दो माह से भुगतान नहीं आ रहा हैे लेकिन सरकार द्वारा एक परिवर्तन कर दिया गया है। अब काम के नाम का भुगतान नहीं आता है। भुगतान पहले एससी वर्ग, एसटी वर्ग, ओबीसी वर्ग, जनरल वर्ग के हिसाब से जॉब कार्ड अनुसार आता है।<br /><strong>- मोहन लाल मीणा,  कार्यवाहक विकास अधिकारी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 14 Aug 2023 17:52:15 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>नरेगा में 25 दिन अतिरिक्त रोजगार: सिर्फ 655 परिवारों ने पूरे किए सौ दिन, 71-80 दिन वाले ज्यादा श्रमिक</title>
                                    <description><![CDATA[100 दिन रोजगार वाले जिलों की रिपोर्ट में अजमेर, सवाईमाधोपुर, अलवर, बूंदी,दौसा और हनुमानगढ जिलों में आंकडा शून्य है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/25-days-additional-employment-in-nrega--only-655-families-completed-100-days--more-workers-with-71-80-days/article-51356"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/nrega.png" alt=""></a><br /><p>ब्यूरो/नवज्योति,जयपुर। नरेगा योजना में 100 दिन रोजगार पूरा करने वाले श्रमिकों को राज्य सरकार के खर्च पर 25 दिन का अतिरिक्त रोजगार देने में श्रमिकों की संख्या ही नहीं बढ़ पाई है। इस वित्तीय वर्ष में महज 655 परिवारों ने ही सौ दिन पूरे किए हैं। इनमें भी छह जिलों में तो एक भी श्रमिक परिवार सौ दिन का रोजगार पूरा नहीं कर पाया। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की घोषणा अनुसार राज्य नरेगा विभाग ने श्रमिकों को राहत पहुंचाने की तैयारी भी कर ली। तैयारी को झटका तब लगा, जब 100 दिन पूरा करने वाले श्रमिक परिवारों ही ज्यादा संख्या में नहीं मिल पाए। विभाग की रिपोर्ट में सबसे ज्यादा 82,211 श्रमिक परिवारों ने 71 से 80 दिन का रोजगार हासिल किया। इसके बाद 74,375 परिवारों को 81 से 90 दिन का रोजगार और 655 श्रमिक परिवारों को 100 दिन का रोजगार मिला। मुख्यमंत्री राहत कैंप में जब सौ दिन वाले श्रमिकों की संख्या कम रही तो विभाग को 71-80 और 81-90 दिन वाले श्रमिकों को सौ दिन रोजगार के लिए प्रेरित करने की जिम्मेदारी विभागीय अफसरों को दी गई।<br /><br /><strong>छह जिलों में एक भी परिवार नहीं</strong><br />100 दिन रोजगार वाले जिलों की रिपोर्ट में अजमेर, सवाईमाधोपुर, अलवर, बूंदी,दौसा और हनुमानगढ जिलों में आंकडा शून्य है। राजधानी जयपुर सहित पाली, सिरोही,राजसमंद,जालौर और जोधपुर जिलों में सिर्फ 1-1 श्रमिक परिवार और झूंझुनंू में दो श्रमिक परिवार 100 दिन रोजगार का आंकडा छू पाए। बांसवाड़ा में सर्वाधिक 250 और प्रतापगढ़ में 117 श्रमिक परिवारों ने 100 दिन रोजगार हासिल किया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 10 Jul 2023 12:46:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नियमितीकरण की मांग को लेकर संविदा नरेगाकर्मियों ने डाला महापड़ाव</title>
                                    <description><![CDATA[नियमितीकरण की मांग को लेकर आंदोलनरत संविदा नरेगा कार्मिकों ने शहीद स्मारक पर महापड़ाव डाला। महापड़ाव के दौरान ही नरेगा विभाग ने इनकी मांग पर सुनवाई करने की जगह इन पदों पर नई नियुक्तियों की कवायद शुरू कर दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-nrega-contract-workers-protest-for-deamands/article-10794"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/10-copy1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। नियमितीकरण की मांग को लेकर आंदोलनरत संविदा नरेगा कार्मिकों ने शहीद स्मारक पर महापड़ाव डाला। महापड़ाव के दौरान ही नरेगा विभाग ने इनकी मांग पर सुनवाई करने की जगह इन पदों पर नई नियुक्तियों की कवायद शुरू कर दी। इससे आक्रोशित नरेगा कार्मिकों में भारी रोष व्याप्त है। महात्मा गांधी नरेगा संविदा कार्मिक संघ के बैनर तले जारी महापड़ाव में अलग-अलग श्रेणी के कार्मिकों ने भाग लिया।</p>
<p>नरेगा लेखा संविदा कार्मिक संघ के महासचिव नरेन्द्र सिंह राजपुरोहित ने बताया कि राजस्थान से कार्मिक यंहा आये हुए हैं। हम 16 साल से सरकार से नियमतिकरण की मांग कर रहे हैं। जब से हम नौकरी कर रहे हैं,तब से हमें नियमित किया जाए। हमारी मांग पर सरकार से पहले भी कई बार बातचीत हुई। नियमितीकरण के आश्वासन पर हुए समझौते के बाद ही हम पहले धरने से हटे थे। तीन वर्षों से धरने प्रदर्शन के बाद भी हमारी मांग पर सुनवाई नहीं हो रही। वंही,नरेगा विभाग ने इन्हें बातचीत के लिए बुलाने की बजाय इनकी संविदा नियुक्ति ही समाप्त कर नए कार्मिकों को संविदा पर लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। इससे नरेगा कार्मिकों में भारी रोष व्याप्त है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 May 2022 14:43:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>किशनपुरा तकिया में नरेगा कार्यों का किया निरीक्षण  </title>
                                    <description><![CDATA[जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोटा सचिव  द्वारा कोटा जिले की किशनपुर तकिया ग्राम पंचायत के नोटाना एवं किशनपुरा क्षेत्र की दो अलग-अलग नरेगा साईटो का निरीक्षण किया गया । 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/inspection-of-nrega-works-in-kishanpura-takiya/article-10183"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/kishanpura-takiya-narega-inspection.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोटा सचिव  द्वारा कोटा जिले की किशनपुर तकिया ग्राम पंचायत के नोटाना एवं किशनपुरा क्षेत्र की दो अलग-अलग नरेगा साईटो का निरीक्षण किया गया । इस अवसर पर जागरूकता शिविर का भी आयोजन किया गया।<br /><br />निरीक्षण के दौरान सचिव द्वारा नरेगा श्रमिकों से विभिन्न बिन्दुओं पर जानकारी ली गयी तथा इस अवसर कोई बाल श्रमिक एवं बंधुआ मजदूर नहीं पाया गया। इसके अतिरिक्त नरेगा श्रमिकों को मिलने वाले पारिश्रमिक के संबंध में जानकारी ली गयी । नरेगा श्रमिको द्वारा निर्धारित पारिश्रमिक मिलना बताया गया। सचिव जिला विधिक सेवा विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उक्त दोनो साईटो पर जागरूकता शिविर के माध्यम से उपस्थित नरेगा श्रमिकों को कारखाना अधिनियम, न्यूनतम पारिश्रमिक अधिनियम, कर्मचारी प्रतिकर अधिनियम, बंधुआ मजदूर (उन्मूलन) अधिनियम एवं राजस्थान पीड़ित प्रतिकर स्कीम 2011, बाल विवाह प्रतिषेध अनिधियम, नि:शुल्क विधिक सहायता तथा श्रमिकों से संबंधित अन्य कानूनो की जानकारी देकर श्रमिकों को लाभान्वित किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 May 2022 16:58:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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                <title>नरेगा संविदा कार्मिकों का ऐलान: उदयपुर में चिंतन शिविर के बाहर करेंगे धरना प्रदर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[इसके बावजूद भी यदि राजस्थान सरकार नरेगा कार्मिकों की मांग नहीं मानी तो 31 मई को सम्पूर्ण राजस्थान में नरेगा के समस्त संविदा कार्मिक मुख्यमंत्री को सामुहिक इस्तीफे प्रस्तुत करेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--announcement-of-nrega-contract-workers--will-hold-a-sit-in-protest-outside-chintan-shivir-in-udaipur/article-9429"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/dharna-pradarshan.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। नियमितीकरण की मांग को लेकर 4 मई से हड़ताल कर रहे नरेगा संविदा कार्मिकों ने कांग्रेस के उदयपुर चिंतन शिविर में पहुंच कर धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी है।</p>
<p>महात्मा गांधी नरेगा लेखा कार्मिक संघ राजस्थान के महासचिव नरेंद्र सिंह राजपुरोहित ने बताया कि महात्मा गांधी नरेगा कार्मिक संघ, राजस्थान 04 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। राजस्थान के प्रत्येक ब्लॉक पर महात्मा गांधी नरेगा के समस्त कैडर नियमितिकरण को लेकर  अनिश्चितकालीन धरने प्रदर्शन किया जा रहे हैं। सरकार ने यदि मांग नहीं मानी तो मनरेगा संविदा कार्मिक चिंतन शिविर में कांग्रेस के राष्ट्रीय नेताओं के समक्ष अपना विरोध प्रदर्शन कर अपनी मांगे रखेंगे। वहां 13 मई से 15  मई तक उदयपुर में धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बावजूद भी यदि राजस्थान सरकार नरेगा कार्मिकों की मांग नहीं मानी तो 31 मई को सम्पूर्ण राजस्थान में नरेगा के समस्त संविदा कार्मिक मुख्यमंत्री को सामुहिक इस्तीफे प्रस्तुत करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 May 2022 16:40:11 +0530</pubDate>
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