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                <title>beijing - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>डोनाल्ड ट्रंप का चीन दौरा: शी जिनपिंग से होगी खास मुलाकात; व्यापार, ईरान और ताइवान मुद्दों पर चर्चा संभव</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलने बीजिंग पहुंच चुके हैं। इस शिखर सम्मेलन में ईरान युद्ध, होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी और ताइवान जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा होगी। वैश्विक तेल संकट और आर्थिक मंदी के खतरों के बीच दुनिया की नजरें इन दोनों दिग्गजों के बीच होने वाले रणनीतिक समझौतों पर टिकी हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/donald-trump-visits-china-special-meeting-with-xi-jinping-possible/article-153555"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(5)17.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात के लिए बीजिंग रवाना हो गए हैं, जहां दोनों वैश्विक नेता व्यापार, युद्ध कूटनीति और ताइवान पर गंभीर चर्चा करेंगे। ट्रंप का 2017 के बाद यह पूर्वी एशियाई देश का पहला दौरा है। इस दौरान दशकों में सबसे अहम अमेरिका-चीन सम्मेलन होने की संभावना है। गुरुवार से शुरू होने वाला दो दिनों का यह सम्मेलन दुनिया की दो बड़ी ताकतों के बीच संबंधों को नया आकार दे सकता है। है। ट्रंप 14 मई को ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलेंगे, जहां दोनों औपचारिक द्विपक्षीय बातचीत करेंगे और उसके बाद शाम को एक राजकीय दावत का आयोजन किया जाएगा। ट्रंप की 15 मई को वाशिंगटन लौटने से पहले दोपहर के भोजन कार्यक्रम और 'ऐतिहासिक स्वर्ग का मंदिर' जाने की भी योजना है।</p>
<p>जब फरवरी में व्हाइट हाउस ने इस दौरे की पुष्टि की, तो चीनी सामान पर वाशिंगटन के आसमान छूते शुल्क एजेंडे पर छाए हुए थे। लेकिन 28 फरवरी के बाद दुनिया के राजनीतिक हालात बदल गए जब ट्रंप ने इजराइल के साथ मिलकर ईरान पर हमला किया, जिससे एक युद्ध शुरू हो गया और जिसके कारण ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करना पड़ा और इस स्थिति ने तेहरान को इस रणनीतिक जलमार्ग को नियंत्रित करने के लिए एक बोर्ड बनाने पर मजबूर कर दिया। गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान एक तनावपूर्ण परमाणु गतिरोध में फंसे हुए हैं क्योंकि वाशिंगटन का तर्क है कि परमाणु मुद्दे पर कोई बातचीत नहीं हो सकती और तेहरान प्रतिबंधों में राहत, युद्ध खत्म करने, जब्त की गई संपत्ति को छोड़ने और अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को रोकने की मांग कर रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के जवाबी प्रस्ताव को 'पूरी तरह से नामंजूर' कर दिया है क्योंकि दोनों पक्ष किसी भी संभावित समझौते के लिए जरूरी शर्तों से बहुत दूर हैं।</p>
<p>इसलिए दोनों नेताओं को होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास के तनाव पर चर्चा करनी अनिवार्य है। चीन अपना लगभग आधा कच्चा तेल जलमार्ग से आयात करता है। उसने बड़े स्टॉक और अलग-अलग तरह के ऊर्जा मिश्रण से खुद को सुरक्षित रखा है लेकिन इसका आर्थिक असर बहुत बड़ा है। तेल की कीमतों में उछाल ने पेट्रोकेमिकल पर निर्भर निर्माताओं के लिए लागत 20 प्रतिशत तक बढ़ा दी है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने चेतावनी दी है कि वैश्विक मंदी की संभावना बनी हुई है क्योंकि चीन के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का लगभग पांचवां हिस्सा निर्यात पर निर्भर करता है, इसलिए दुनिया जो आर्थिक रूप से इतनी परेशान है कि चीनी सामान नहीं खरीद सकती, उसके लिए अकेले आयात शुल्क युद्ध से भी बड़ा खतरा है।</p>
<p>बैठक में ताइवान का मुद्दा भी मुख्य रहेगा क्योंकि ट्रंप प्रशासन ने पिछले दिसंबर में ताइपे को 11 बिलियन डॉलर के हथियारों की बिक्री को मंजूरी दी थी, जिससे चीन नाराज हो गया था। फिर भी ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से यह भी सवाल उठाया है कि क्या अमेरिका ताइवान की रक्षा करने के लिए बाध्य है और कहा है कि अमेरिका को उसकी सुरक्षा गारंटी के लिए पैसे देना काफी नहीं है। इस सप्ताह किसी बडे व्यापारिक समझौते की उम्मीदें कम हैं लेकिन अधिक उम्मीद अक्टूबर के संघर्ष विराम को बढ़ाने की है। इसके साथ ही एक संयुक्त बयान भी जारी किया जाएगा। दुनिया इस सम्मेलन को बड़ी दिलचस्पी से देख रही है और उम्मीद कर रही है कि यह सम्मेलन सफल हो।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
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                <pubDate>Tue, 12 May 2026 16:43:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>राष्ट्रीय सुरक्षा मामला: हांगकांग के पूर्व मीडिया दिग्गज जिम्मी लाई को 20 साल की सजा, राष्ट्रीय सुरक्षा कानून का उल्लंघन करने का आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[हांगकांग के मीडिया उद्यमी जिम्मी लाई को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून उल्लंघन में 20 साल जेल की सजा मिली, जो अब तक की सबसे कठोर सजा मानी जा रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/national-security-case-former-hong-kong-media-baron-jimmy-lai/article-142438"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(10)6.png" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। हांगकांग के पूर्व मीडिया दिग्गज जिम्मी लाई को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून का उल्लंघन करने के आरोप में 20 साल जेल की सजा सुनायी गयी है। यह जानकारी स्थानीय प्रसारक आरटीएचके ने सोमवार को दी।</p>
<p>दिसंबर 2025 में, हांगकांग उच्च न्यायालय ने लाई को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के उल्लंघन के तीनों मामलों में दोषी करार दिया था। प्रसारक ने कहा कि लाई को दी गई सजा 2020 के राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के उल्लंघन के लिए अब तक की सबसे कठोर सजा है।</p>
<p>लाई को अगस्त 2020 में विदेशी ताकतों के साथ मिलीभगत एवं धोखाधड़ी करने के आरोपों में हिरासत में लिया गया था। हांगकांग में 2019 में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान रैलियां आयोजित करने में उनकी भूमिका के लिए उन्हें 2021 में 20 महीने की जेल की सजा सुनाई गई। सजा पूरी करने के बावजूद, लाई अधिक गंभीर आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने तक हिरासत में रहे।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
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                <pubDate>Mon, 09 Feb 2026 14:17:12 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>विमानवाहक युद्धपोत को हवा में उड़ाने की तैयारी में चीन, पेश किया लुआननियाओ का कॉन्सेप्ट</title>
                                    <description><![CDATA[चीन ने मानवरहित ‘लुआननिआओ’ युद्धपोत का कॉन्सेप्ट दिखाया, जो अंतरिक्ष से हाइपरसोनिक मिसाइल दागेगा और स्टील्थ जेट तैनात करेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/china-introduced-the-concept-of-luanniao-in-preparation-to-blow/article-142123"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(1200-x-600-px)-(4)3.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। आधुनिक युद्ध के मैदान में अपनी धाक जमाने के लिए चीन ने स्टार वार्स शैली का एक युद्धपोत बनाने की योजना का अनावरण किया है। मानवरहित यह लड़ाकू जेट तैनात करने और अंतरिक्ष से मिसाइल दागने में सक्षम होगा। दरअसल, चीन की सरकारी मीडिया ने एक कॉन्सेप्ट वीडियो जारी किया है जिसमें लुआननिआओ को दिखाया गया है। वीडियो के अनुसार, यह दुनिया का सबसे बड़ा विमानवाहक पोत होगा, जो पृथ्वी के वायुमंडल में तेजी से उड़ान भर रहा है और सभी मौजूदा हवाई रक्षा प्रणालियों से बच रहा है।</p>
<p><strong>हाइपरसोनिक मिसाइलें दागने में सक्षम</strong></p>
<p>लुआननिआओ नामक यह प्रस्तावित युद्धपोत एक उड़ता हुआ किला होगा, जो अंतरिक्ष से हाइपरसोनिक मिसाइलें दागने और दर्जनों स्टील्थ लड़ाकू विमानों को तैनात करने की क्षमता रखेगा। प्रसारित हो रहे वीडियो में भयानक अंतरिक्ष यान को रॉकेट दागते हुए दिखाया गया है।</p>
<p><strong>अमेरिकी विमानवाहक पोतों से भी 20% अधिक शक्तिशाली</strong></p>
<p>द सन की रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 2,000 फीट चौड़े इस त्रिकोणीय युद्धपोत को बसे शक्तिशाली अमेरिकी विमानवाहक पोतों से भी 20 प्रतिशत अधिक बताया जा रहा है। भूरे रंग के इस त्रिकोणीय आकृति की लंबाई लगभग 800 फीट और चौड़ाई 2000 फीट से अधिक होगी। इसका टेक-आॅफ वजन 120,000 टन बताया जा रहा है - जो आज उपयोग में आने वाले किसी भी अन्य समान विमानवाहक पोत से अधिक होगा। बीजिंग ने दावा किया कि यह भयावह नया जहाज 20 से 30 वर्षों में आसमान में दिखाई दे सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Feb 2026 11:36:41 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>बीजिंग के रयूक्यू द्वीप समूह में भूकंप: रिक्टर पैमाने पर 5.8 रही तीव्रता, जानमाल की कोई हानि नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[रयूक्यू द्वीप समूह में 5.8 तीव्रता का भूकंप आया। जीएफजेड के अनुसार केंद्र 10 किमी गहराई में था, फिलहाल नुकसान की सूचना नहीं है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/earthquake-in-ryukyu-islands-off-beijing-intensity-58-on-richter/article-142013"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/earthquakee1.png" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। रयूक्यू द्वीप समूह में बुधवार को अंतरराष्ट्रीय समयानुसार 18:20 बजे 5.8 तीव्रता का भूकंप आया। यह जानकारी जीएफजेड जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज ने दी।</p>
<p>भूकंप का केंद्र 10 किमी की गहराई में था और शुरुआत में इसे 29.07 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 130.41 डिग्री पूर्वी देशांतर पर निर्धारित किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Feb 2026 12:24:33 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>वन्यजीव संरक्षण के लिए चीन ने तैयार की नयी आद्रभूमि संरक्षण व्यवस्था, इकोलॉजिकल प्रयासों को मिलेगा बढ़ावा </title>
                                    <description><![CDATA[बीजिंग ने तालाबों व दलदलों की सुरक्षा हेतु बहु-स्तरीय व्यवस्था लागू की, जिससे 83 प्रतिशत से अधिक आद्रभूमि संरक्षित होकर वन्यजीव विविधता को सुरक्षित आवास मिलेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/china-has-prepared-a-new-wetland-conservation-system-for-wildlife/article-141825"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(14)2.png" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। चीन की राजधानी बीजिंग ने अपने तालाब और दलदल स्थलों की सुरक्षा के लिए एक बहु-स्तरित संरक्षण व्यवस्था तैयार की है, जिससे उसकी वन्यजीव आबादी को प्रमुख आवास मिलेगा। बीजिंग नगर पालिका वानिकी और उद्यान ब्यूरो ने सोमवार को बताया कि यह नयी व्यवस्था उसके 83.15 प्रतिशत तालाबों और दलदलों (आद्रभूमि) को संरक्षित करती है। ब्यूरो के अनुसार, यह नयी व्यवस्था वन्यजीव विविधता संरक्षण और दूसरे इकोलॉजिकल प्रयासों को बढ़ावा देने के लिए बीजिंग के प्राकृतिक रिजर्व, आद्रभूमि पार्क और दूसरे छोटे संरक्षित आद्रभूमि इलाकों का इस्तेमाल करता है। </p>
<p>पिछले पांच वर्षों में बीजिंग ने आद्रभूमि संरक्षण को बेहतर बनाने का काम जारी रखा गया है। अब तक, नगर पालिका की 61,200 हेक्टेयर आद्रभूमि में 50 प्रतिशत से ज्यादा स्थानीय पौधों की प्रजातियां और 76 प्रतिशत स्थानीय जंगली जानवरों की प्रजातियां रहती हैं। बीजिंग के ये नये प्रयास आद्रभूमि संरक्षण और बहाली में चीन की बड़ी योजना का हिस्सा हैं। हाल के वर्षों में, देश ने कानूनी सुरक्षा उपायों को मजबूत किया है और आद्रभूमि संरक्षण के लिए अपनी प्रबंधन व्यवस्था में सुधार किया है। राष्ट्रीय वानिकी एवं चारागाह प्राधिकरण ने कल कहा कि इसका कुल आद्रभूमि क्षेत्र अब एशिया में पहले और दुनिया में चौथे स्थान पर है। </p>
<p>प्राधिकरण ने कहा कि 15वीं पंचवर्षीय योजना अवधि (2026-2030) के दौरान, चीन आद्रभूमि के लिए अपने कानूनी और नियामक ढांचे में और सुधार करेगा, आद्रभूमि संरक्षण के लिए निगरानी और शुरुआती चेतावनी प्रणालियों को मजबूत करेगा, और आद्रभूमि पारिस्थितिक उत्पादों के मूल्य को महसूस करने के लिए तंत्र स्थापित करने में तेजी लाएगा।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Feb 2026 17:23:13 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>अमेरिका नहीं, मैं हूं दुनिया का असली लीडर, चीन का बड़ा ऐलान</title>
                                    <description><![CDATA[ग्रीनलैंड पर ट्रंप की चेतावनी से यूरोपीय सहयोगी असहज हैं। चीन ने बहुपक्षवाद, मुक्त व्यापार और सहयोग की बात कर खुद को नया वैश्विक विकल्प पेश किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/i-am-not-america-i-am-the-real-leader-of/article-140438"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/trunp-and-china.png" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दुश्मनों से ज्यादा दोस्तों पर भारी पड़ रहे हैं। पहले उन्होंने टैरिफ लगाकर दुनिया की अर्थव्यवस्था को तहस-नहस कर दिया। अब वह ग्रीनलैंड पर कब्जे को लेकर अमेरिका के खास कहे जाने वाले यूरोपीय सहयोगियों को हड़का रहे हैं। उन्होंने ग्रीनलैंड पर अमेरिकी कब्जे का विरोध करने वाले देशों पर टैरिफ की धमकी भी दी है। हालांकि, यूरोपीय देशों ने भी न झुकने की कसम खाई है। इस बीच चीन ने खुद को एक वैकल्पिक वैश्विक नेता के तौर पर पेश करना शुरू कर दिया है। बड़ी बात यह है कि अमेरिका के सहयोगी देश भी चीन के साथ अपना भविष्य देख रहे हैं और नजदीकियां बढ़ा रहे हैं।</p>
<p><strong>चीन ने खुद को बताया दुनिया का नया नेता</strong></p>
<p>ट्रंप की ग्रीनलैंड पर चेतावनी के कुछ घंटों बाद, चीनी उप-प्रधानमंत्री हे लिफेंग ने सालाना अल्पाइन बैठक में मंच पर जोर देकर कहा कि बीजिंग लगातार साझा भविष्य वाले समुदाय की सोच पर काम कर रहा है और बहुपक्षवाद और मुक्त व्यापार का समर्थन करने में दृढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि हम सहमति और एकजुटता को बढ़ावा दे रहे हैं, और फूट और टकराव के बजाय सहयोग को प्राथमिकता दे रहे हैं। दुनिया की आम समस्याओं के लिए चीन समाधान पेश कर रहा है। यह बयान ट्रंप प्रशासन की विदेश नीति के झटके और डर के मुकाबले चीन की खुद को एक शांत, तर्कसंगत और भरोसेमंद विकल्प के रूप में दिखाने की रणनीति को प्रकट करता है।</p>
<p><strong>बिना कुछ किए चीन की हो रही जय-जयकार</strong></p>
<p>चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग सालों से एक ऐसी विश्व व्यवस्था को बदलने की बात कर रहे हैं जिसे वे अमेरिका और उसके सहयोगियों द्वारा गलत तरीके से हावी मानते हैं। वे तेजी से अपनी खुद की सोच को एक विकल्प के रूप में पेश कर रहे हैं, भले ही चीन के अपने पड़ोसी देशों से सीमा विवाद हो और उस पर आक्रामकता के आरोप लगते रहे हों। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि चीन को वैश्विक शक्ति संतुलन में फायदा उठाने के लिए ज्यादा कुछ करने की जरूरत नहीं है। उसे बस अपने रास्ते पर चलते रहना है, क्योंकि अमेरिका अपने आप ही सहयोगी और विश्वसनीयता खो रहा है।</p>
<p><strong>चीन से दोस्ती बढ़ा रहे अमेरिका के सहयोगी</strong></p>
<p>चीन की बढ़ते कद का अंदाजा अमेरिका के सबसे करीबी देश कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के हाल के चीन दौरे और भाषण से लगाया जा सकता है। कार्नी ने खुलेआम अमेरिकी वर्चस्व को एक काल्पनिक अंतर्राष्ट्रीय नियम-आधारित व्यवस्था का हिस्सा बताया। कार्नी ने अमेरिका की ओर इशारा करते हुए कहा, हम जानते थे कि अंतरराष्ट्रीय नियमों पर आधारित व्यवस्था की कहानी आंशिक रूप से झूठी थी - कि सबसे ताकतवर देश सुविधा के अनुसार खुद को छूट देंगे, कि व्यापार नियमों को असमान रूप से लागू किया जाएगा। <br />हालांकि, कार्नी ने रूस की जमकर आलोचना भी की, लेकिन उनको भी ट्रंप को लेकर डर है।</p>
<p><strong>कनाडा-ब्रिटेन-फ्रांस तक ने छोड़ा साथ</strong></p>
<p>कार्नी ने पिछले हफ्ते चीन का दौरा किया। उन्होंने बीजिंग और ओटावा के बीच सहयोग के एक नए दौर की शुरूआत भी की। कनाडा ने चीन के साथ रणनीतिक साझेदारी पर सहमति जताई है। कार्नी ने चीनी इलेक्ट्रिक वाहनों पर कनाडा के कड़े टैरिफ में ढील दी, जिसे अमेरिका के साथ मिलकर लागू किया गया था। अमेरिका के अन्य करीबी साझेदारों ने भी चीन के साथ संबंध सुधारने या उसके करीब जाने में दिलचस्पी दिखाई है, क्योंकि वे अमेरिका के खिलाफ बचाव कर रहे हैं। ब्रिटेन के कीर स्टारमर ने बीजिंग के साथ अधिक जुड़ाव पर जोर दिया है। मंगलवार को ब्रिटिश सरकार ने लंदन के वित्तीय जिले के पास एक नए चीनी मेगा दूतावास के विवादास्पद निर्माण को मंजूरी दे दी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 22 Jan 2026 11:28:32 +0530</pubDate>
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                <title>क्या चीनी सरकार में होने वाला है बड़ा खेला? बदले कई देशों में अपने राजदूत? समाने आई चौकाने वाली वजह</title>
                                    <description><![CDATA[चीन ने फिलीपींस, नीदरलैंड सहित कई देशों में नए राजदूत नियुक्त किए। राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने नेशनल पीपल्स कांग्रेस की मंजूरी के बाद नियुक्तियों को स्वीकृति दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/is-there-going-to-be-a-big-game-in-the/article-139302"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/china1.png" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। चीन ने फिलीपींस और नीदरलैंड सहित विभिन्न देशों में अपने राजदूतों को बदल दिया है। एक आधिकारिक बयान में सोमवार को बताया गया कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनङ्क्षपग ने नेशनल पीपल्स कांग्रेस की स्थायी समिति के फैसले के अनुसार जिंग क्वान को श्रू हुआंग जिलयन की जगह फिलीपींस में राजदूत नियुक्त किया है। वहीं, शेन बो को टैन जियान की जगह नीदरलैंड में राजदूत नियुक्त किया गया है। </p>
<p>जियांग वेई को झांग यानलिग की जगह एंटीगुआ और बारबुडा में राजदूत नियुक्त किया गया है। ली जियांग को श्री चेन जिंहोंग की जगह माली में राजदूत नियुक्त किया गया है। यांग शिन को श्री झांग जियानवेई की जगह कुवैत राज्य में राजदूत नियुक्त किया गया है। झाओ योंग को वांग ​किंग की जगह सिएरा लियोन गणराज्य में राजदूत नियुक्त किया गया है। </p>
<p>बयान में बताया गया कि कांग यान को श्री वांग शुनकिंग की जगह स्लोवेनिया में राजदूत नियुक्त किया गया है। यांग यिरुई को झाओ बेंटांग की जगह पुर्तगाल में राजदूत नियुक्त किया गया है। जिया गाइड को चेन जू की जगह जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र कार्यालय और स्विट्जरलैंड में अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों में स्थायी प्रतिनिधि और राजदूत नियुक्त किया गया है। गौरतलब है कि, नेशनल पीपल्स कांग्रेस चीन की सर्वोच्च विधायिका है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 Jan 2026 15:41:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>वेनेजुएला संकट: चीन ने मादुरो की गिरफ्तारी पर अमेरिका को घेरा, तत्काल रिहाई की मांग की</title>
                                    <description><![CDATA[बीजिंग ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी को 'आधिपत्यवादी' कृत्य बताते हुए अमेरिका से उनकी तत्काल रिहाई की मांग की है। चीन ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करार दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/venezuela-crisis-china-surrounds-america-over-maduros-arrest-demands-immediate/article-138313"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/china.png" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को अमेरिकी सेना के हिरासत में लिए जाने के बाद चीन ने इस सैन्य कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए अमेरिका से मांग की है कि वह मादुरो दंपती को तत्काल रिहा करे। बीजिंग ने चेतावनी दी है कि किसी संप्रभु राष्ट्र के खिलाफ बल का ऐसा प्रयोग अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन है। </p>
<p>चीनी विदेश मंत्रालय के एक आधिकारिक बयान में अमेरिका से वेनेजुएला की सरकार को अस्थिर करने की कोशिशें बंद करने और विवाद का समाधान बातचीत के जरिए निकालने का आग्रह किया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 04 Jan 2026 14:18:33 +0530</pubDate>
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                <title>शंघाई के बाद अब बीजिंग में लग सकता है लॉकडाउन</title>
                                    <description><![CDATA[34 लाख लोगों के कोरोना टेस्ट की तैयारी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/after-shanghai--now-there-may-be-a-lockdown-in-beijing/article-8649"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/corona4.jpg" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। शंघाई में कोरोना वायरस के कहर को देखकर बीजिंग के निवासी परेशान हैं। इस बीच कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए बीजिंग प्रशासन ने बड़े पैमाने पर टेस्टिंग शुरू कर दी है। इस कारण बीजिंग के निवासियों ने शंघाई स्टाइल में लॉकडाउन की आशंका जताई है। लोगों में डर इतना बढ़ गया कि बीजिंग के दुकानों, शॉपिंग मॉल, स्टोर्स में खरीदारी करने के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हालात इतने खराब हैं कि चीन की राजधानी में अधिकतर दुकानों की शेल्फ खाली हो चुकी हैं। लोग दहशत में खरीदारी कर रहे हैं। जिसे जो मिल रहा है, उसे ही लेकर अपने घर के स्टॉक को भरने की कोशिश कर रहा है।<br /><br /><strong>शंघाई के हालात देख डरे हुए हैं बीजिंग के निवासी</strong><br />दरअसल, शंघाई में चीनी सरकार ने अचानक और अघोषित लॉकडाउन लगा दिया था। कहने को तो इस लॉकडाउन को लोगों को कोरोना महामारी से बचाने के लिए लगाया गया था, लेकिन लोग खाने-पीने की कमी के कारण भूखों मरने लगे। कई रिपोर्ट्स तो ऐसी भी थीं कि लोग जानबूझकर घरों से बाहर निकलकर अपनी गिरफ्तारी करवा रहे थे। ताकि जेल में उन्हें भरपेट खाना मिल सके। चीनी प्रशासन ने भी शंघाई में लॉकडाउन का पालन कराने में काफी सख्ती बरती। हेलीकॉप्टर और ड्रोन के जरिए लोगों की निगरानी की गई। इसी कारण बीजिंग के लोग किसी भी असामान्य स्थिति से निपटने के लिए अपने घरों में खाने-पीने के स्टॉक को पहले ही भर लेना चाहते हैं।<br /><br /><strong>34 लाख लोगों के कोरोना टेस्ट की तैयारी</strong><br />बीजिंग के सबसे बड़े जिले चाओयांग में अधिकारियों ने रविवार की देर रात निवासियों और वहां काम करने वालों को इस हफ्ते तीन बार कोरोना टेस्ट करवाने का आदेश दिया है। चाओयांग जिले की आबादी लगभग 34 लाख के आसपास है। अधिकारियों को आशंका है कि बीजिंग में एक हफ्ते पहले ही चुपके से कोरोना वायरस का संक्रमण फैल चुका है। ऐसे में अगर थोड़े-बहुत मामले भी सामने आते हैं तो जीरो कोविड पॉलिसी के अनुसार, पूरे शहर में लॉकडाउन लगाया जा सकता है। चीन के बाकी शहरों में पहले लगाए गए लॉकडाउन के प्रभावों को देखते हुए कोई भी रिस्क नहीं लेना चाहता है।<br /><br /><strong>सबसे खराब स्थिति की तैयारी कर रहे लोग</strong><br />बीजिंग के हैडियन जिले में रहने वाले झांग नाम के एक छात्र ने बताया कि मैं सबसे खराब स्थिति की तैयारी कर रहा हूं। मैंने दर्जनों पैकेट स्नेक्स और 5 किलोग्राम सेव पहले से ही खरीद कर रखा है। लोगों ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए पत्तेदार सब्जियां, ताजा मांस, इंस्टेंट नूडल्स और टॉयलेट पेपर रोल की जबरदस्त खरीदारी की है। हालात यह है कि बीजिंग की अधिकर दुकानें आउट ऑफ स्टॉक हो चुकी हैं। कई दुकानों में चुनिंदा सामान ही मिल रहे हैं, जिनकी कीमत सामान्य दिनों के मुकाबले काफी ज्यादा हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 26 Apr 2022 14:04:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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