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                <title>CBI Investigation - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>CBI Investigation RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>जेकेसीए घोटाले में फारूक अब्दुल्ला को बड़ी राहत: अदालत ने गैर-जमानती वारंट वापस लिया, 30 मार्च को होगी अगली सुनवाई </title>
                                    <description><![CDATA[श्रीनगर की अदालत ने जेकेसीए घोटाले में पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट वापस ले लिया है। जम्मू में हुए हमले के कारण अब्दुल्ला सुनवाई में शामिल नहीं हो सके थे। सीबीआई द्वारा ₹43 करोड़ के गबन की जांच वाले इस मामले की अगली सुनवाई अब 30 मार्च को होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/big-relief-to-farooq-abdullah-in-jkca-scam-court-withdraws/article-146360"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/farooq-abdullah.png" alt=""></a><br /><p>श्रीनगर। श्रीनगर की एक अदालत ने जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (जेकेसीए) घोटाले के सिलसिले में पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के खिलाफ पहले जारी किये गये गैर-जमानती वारंट को वापस ले लिया है। अदालत ने अब्दुल्ला के अधिवक्ता इश्तियाक खान द्वारा कार्यवाही में उनकी अनुपस्थिति का कारण बताते हुए एक आवेदन दायर करने के बाद यह निर्णय लिया। खान ने अदालत को बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री एक दिन पहले जम्मू में उन पर हुए 'कातिलाना हमले' से सदमे के कारण सुनवाई में शामिल नहीं हो सके हैं।</p>
<p>खान ने दलील दी कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष इस घटना के बाद की स्थितियों के कारण शारीरिक रूप से या वर्चुअल मोड के माध्यम से पेश होने में असमर्थ थे। अधिवक्ता ने कहा कि उन्होंने शुरू में एक नियमित छूट का आवेदन दायर किया था, लेकिन जब अदालत ने गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया, तो उन्होंने वारंट को वापस लेने की मांग करते हुए एक विस्तृत आवेदन दिया और अब्दुल्ला की अनुपस्थिति के पीछे की परिस्थितियों को स्पष्ट भी किया।</p>
<p>खान ने बताया कि अदालत ने दलील स्वीकार कर ली और तुरंत वारंट वापस ले लिया। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस तरह का रिकॉल उसी अदालत द्वारा किया जाना होता है जिसने वारंट जारी किया हो। अब इस मामले पर अगली सुनवाई निर्धारित तिथि 30 मार्च को होगी। श्रीनगर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तबस्सुम ने करोड़ों रुपये के जेकेसीए वित्तीय अनियमितता मामले में अब्दुल्ला के खिलाफ गुरुवार को गैर-जमानती वारंट जारी किया था। यह वारंट इसलिए जारी किया गया था क्योंकि वह व्यक्तिगत रूप से या ऑनलाइन अदालत में पेश होने में विफल रहे थे।</p>
<p>इस कथित घोटाले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) कर रही है, जिसने 2018 में श्री अब्दुल्ला और कई अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (जेकेसीए) को दिए गए अनुदान में से लगभग 43 करोड़ रुपये का कथित रूप से गबन करने के लिए आरोप पत्र दायर किया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Mar 2026 14:41:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>करूर भगदड़ मामला: सीबीआई ने टीवीके के दो नेताओं के बयान किए दर्ज, कई अहम खुलासे हुए</title>
                                    <description><![CDATA[तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) के महासचिव अधर्व अर्जुन और पदाधिकारी निर्मल कुमार सोमवार को सीबीआई के सामने पेश हुए। जांच एजेंसी अभिनेता विजय की रैली के दौरान हुई भगदड़ की जांच कर रही है, जिसमें 41 लोगों की जान गई थी। दोनों नेताओं ने जांच में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/karur-stampede-case-cbi-records-statements-of-two-tvk-leaders/article-137677"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/cbi-vijay.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। करूर भगदड़ मामले में तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) के महासचिव अधर्व अर्जुन और पार्टी पदाधिकारी निर्मल कुमार सोमवार की सुबह केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के सामने पेश हुए और अधिकारियों के सामने अपने बयान दर्ज कराये।</p>
<p>सीबीआई ने स्थानीय पुलिस से मामला अपने हाथ लिया है। वह इससे जुड़े व्यक्तियों को तलब कर उनकी भूमिका की जांच कर रही है। इसी प्रक्रिया के तहत अधर्व अर्जुन और निर्मल कुमार को बुलाया गया था।</p>
<p>दोनों नेताओं ने कहा कि जांच में पूरा सहयोग करेंगे और संबंधित सभी जानकारी जानकारी साझा करेंगे। सीबीआई ने करूर भगदड़ मामला दोबारा दर्ज किया है। इसमें 27 सितंबर को अभिनेता-राजनेता विजय के टीवीके की रैली के दौरान 41 लोगों की मौत हुई थी। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Dec 2025 18:12:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>लैंड फॉर जॉब घोटाला में लालू परिवार को बड़ी राहत : दिल्ली राउज एवेन्यू कोर्ट ने आरोप तय करने पर फैसला टाला, जानें क्या है पूरा मामला ?</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने लैंड फॉर जॉब मामले में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव सहित अन्य पर आरोप तय करने का आदेश 8 दिसंबर तक टाल दिया। कोर्ट ने सीबीआई से कहा कि मृत आरोपियों की सही पुष्टि की जाए। यह मामला 2004–2009 के बीच रेल भर्ती में जमीन के बदले नौकरी देने से जुड़ा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/big-relief-to-lalu-family-in-land-for-job-scam/article-134669"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/land-for-job-scam.png" alt=""></a><br /><p>पटना। लैंड फॉर जॉब मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू ​परिवार को बड़ी राहत देते हुए आरोप तय करने का आदेश फिलहाल टाल दिया है। बता दें कि, सीबीआई के द्वारा दर्ज इस केस में लालू, राबड़ी, तेजस्वी, तेज प्रताप, मीसा भारती, हेमा यादव और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय होने थे लेकिन किन्ही कारणों से दिल्ली राउज कोर्ट ने ये फैसला 8 दिसंबर तक के लिए टाल दिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने सीबीआई को आदेश देते हुए कहा है कि, वे आरोपियों की सही ढंग से पुष्टि करें क्योंकि कई आरोपियों की मृत्यु हो चुकी है, जिनका अब इस केस से कोई लेना देना नहीं है, ऐसे में उनको सजा नहीं दी जा सकती है।</p>
<p>बता दें कि, लैंड फॉर जॉब मामले में सीबीआई ने करीब 103 लोगों के खिलाफ चार्जशीट सबमिट की थी, लेकिन इस केस में अब तक करीब 4 आरोपियों की मौत हो चुकी है। इस केस से पहले 6 दिसंबर को राबड़ी देवी के उस केस में फैसला आ सकता है जिसमें उन्होंने जज विशाल गगोने को केस से ​हटाने की मांग की थी। </p>
<p><strong>जानें क्या हैं लैंड फॉर जॉब केस?</strong></p>
<p>दरअसल, साल 2004 से 2009 तक लालू यादव यूपीए सरकार में रेल मंत्री थी और उसी दौरान लालू यादव ने रेलवे में ग्रुप डी की नौकरियों के बदले लोगों के परिवार के नाम पर जमीनें की थी और उस भर्ती को भी अनुचित तरीके से किया था। इसके बाद लालू विवादों में आ गए थे। सीबीआई ने इस केस में कोर्ट को बताया कि, इस मामले में बड़े लेवल पर भ्रष्ट्राचार हुआ है। सीबीआई ने धारा </p>
<p>बता दें कि लालू प्रसाद यादव साल 2004 से 2009 तक UPA सरकार में रेल मंत्री थे. उस दौरान रेलवे में ग्रुप-डी की नौकरियों के बदले लोगों ने लालू यादव के परिवार के नाम पर जमीनें की थीं और भर्तियां भी अनुचित तरीके से की गईं थीं. साल 2022 में ये मामला सीबीआई और ईडी की जांच में सामने आया था। सीबीआई ने इस मामे में कोर्ट में सबूत, दस्तावेज और गवाहों के बयान आदि शामिल किए ​हैं। ईडी ने इस मामले के बारे में बताया कि, लालू ने राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, मीसा भारती और अन्य करीबियों के नाम पर जमीनें की थी। CBI ने इस मामले में कोर्ट में तर्क दिया था कि मामले में बड़े लेवल पर भ्रष्टाचार हुआ है और ज्यादातर जमीनों के लिए लेन-देन कैश में हुआ है. CBI ने मामले में धारा 120बी, 420, 468, 467, 471 और प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट 1988 की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया ​था। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Dec 2025 13:18:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>संदेशखाली मामले में सीबीआई जांच के खिलाफ पश्चिम बंगाल सरकार की याचिका खारिज</title>
                                    <description><![CDATA[उच्चतम न्यायालय ने संदेशखली में महिलाओं के सामूहिक यौन शोषण और जमीन हड़पने के आरोपों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने के खिलाफ पश्चिम बंगाल सरकार की याचिका सोमवार को खारिज कर दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/west-bengal-governments-petition-against-cbi-investigation-in-sandeshkhali-case/article-84039"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/supreme-court--3.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने संदेशखली में महिलाओं के सामूहिक यौन शोषण और जमीन हड़पने के आरोपों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने के खिलाफ पश्चिम बंगाल सरकार की याचिका सोमवार को खारिज कर दी।</p>
<p>न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन की पीठ ने याचिका खारिज करने के साथ ही स्पष्ट किया कि उच्च न्यायालय द्वारा की गई टिप्पणियों से निचली अदालत की कार्यवाही पर कोई असर नहीं पड़ेगा।</p>
<p>सामूहिक यौन शोषण और जमीन हड़पने के कथित मामले में निलंबित तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पार्टी के सदस्य शेख शाहजहां और अन्य पर महिलाओं के सामूहिक यौन शोषण और जमीन हड़पने के आरोप लगाये गये हैं।</p>
<p>कलकत्ता उच्च न्यायालय ने गत 10 अप्रैल को उत्तर 24 परगना जिले के बशीरहाट उपमंडल के संदेशखाली में निलंबित टीएमसी नेता शाहजहां और अन्य के खिलाफ महिलाओं के यौन शोषण और भूमि हड़पने के आरोपों की सीबीआई जांच के आदेश दिए थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Jul 2024 14:29:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>राजस्थान के पौने दो लाख बच्चों के भविष्य से खिलवाड़, नीट परीक्षा निरस्त कर सीबीआई जांच कराए केंद्र: डोटासरा</title>
                                    <description><![CDATA[नीट परीक्षा को निरस्त करने की मांग को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पर राज्य स्तरीय धरना प्रदर्शन किया। पीसीसी चीफ गोविन्द डोटासरा के नेतृत्व में मौजूद नेताओं ने धरने में मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/center-dotasara-is-playing-with-the-future-of-25-lakh/article-82266"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/photo-size-(6)7.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। नीट परीक्षा को निरस्त करने की मांग को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पर राज्य स्तरीय धरना प्रदर्शन किया। पीसीसी चीफ गोविन्द डोटासरा के नेतृत्व में मौजूद नेताओं ने धरने में मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा।</p>
<p>डोटासरा ने कहा कि नीट पेपर लीक की मीडिया में खबरें आने के बाद भी केंद्र सरकार सच्चाई स्वीकार करने की जगह गोल मोल जबाव दे रही है। बिहार में इनके गठबंधन वाली सरकार के डिप्टी सीएम स्वीकार कर चुके हैं कि पेपर लीक हुआ है। इन्होंने तो बोरे भर भर कर पैसे ले लिए। मोदी को तो केवल विदेशों में जाकर अपने मित्रों की चिंता है। बाहर जाकर केवल डींगें हांकने में व्यस्त हैं। खुद की डिग्री का पता नहीं और बच्चों को पढ़ाई में सुधार का ज्ञान दे रहे हैं। पर्ची से सीएम बनाने का भी बड़ा घोटाला हुआ है। पपेट सीएम और ब्यूरोक्रेट से कितने दिन सरकार चलाएंगे। मुझ पर शिक्षा मंत्री रहते हुए और अशोक गहलोत पर गलत आरोप लगाए। हम पर आरोप लगाने की जगह जनता के लिए काम करो। बच्चों के भविष्य के साथ लूटपाट के आरोप लगाने वाले भाजपा नेता राजेन्द्र राठौड़, किरोड़ी मीणा, सीपी जोशी कंहा गए। नीट परीक्षा पर क्यों नहीं बोलते। भजनलाल या तो जनता के लिए काम करें या फिर कुर्सी छोड़े। इन्होंने 6 महीने में कोई काम नहीं किया। हमारी योजनाएं बंद कर औचक निरीक्षण करने शुरू कर दिए। औचक निरीक्षण करने से जनता का पेट नही भरता। ईआरसीपी पर झूठ फैलाने वाले गजेंद्र शेखावत अब इस मामले पर बोलने की जगह विदेशों में घूमने लग रहे हैं। महिलाओं को भर्ती में 50 प्रतिशत आरक्षण देने का सिर्फ बयान दिया है। इससे पहले मोदी ने भी महिलाओं को आरक्षण के लिए बयान दिया, लेकिन लागू करने में तो अगले चुनाव हो जाएंगे। मोदी सरकार साल डेढ़ साल से ज्यादा नही चलेगी। डोटासरा ने कहा कि भजनलाल जांच कराकर बेईमान को पकड़े, लेकिन राजस्थान में फर्जी डिग्री बेचने वालों पर कोई कार्यवाही नहीं कर रहे। यूजीसी ने जांच शुरू कर दी तो भजनलाल सरकार कार्यवाही क्यों नहीं कर रही। प्रदेश का बच्चा बच्चा कह रहा है कि ये भजनलाल सरकार पता नहीं कैसे चल रही है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर भजनलाल सरकार की पर्ची बदलनी है। बेरोजगार किरोड़ीलाल और दूसरे नेताओं से उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार बनने के बाद उनकी मांगों के लिए वे उछलकूद करेंगे। अब तो कांग्रेस को ही विपक्ष की भूमिका निभानी पड़ेगी। सीएम को विधायकों की चिट्ठियां मिल रही हैं। सीएम बताएं कि उन चिट्ठियों पर क्या कार्यवाही करने जा रहे हैं। सीएम कह रहे हैं कि भर्तियां बहुत आ रही हैं, चिंता मत करो। दावा करता हूं कि भजनलाल सरकार एक भी भर्ती नहीं कर पायेगी। हमारे समय लाई गई योजनाओं से एक भी अच्छी योजना ये नहीं दे पाएंगे। मोदी और शाह ही नीट परीक्षा लीक होने से नहीं रोक पा रहे तो भजनलाल की तो बिसात ही क्या है। लोग इनको गांव में नहीं घुसने दे रहे, क्योंकि लोग पूछ रहे हैं कि हमारा 25 लाख का स्वास्थ्य बीमा को 5 लाख का क्यों कर दिया। मंत्रियो के बीच नूरा कुश्ती को तो पहले नियंत्रित कर लो। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के नेतृत्व में कांग्रेस विधानसभा में सरकार की नाक में नकेल डाल देगी। मंत्रियों की बुद्धि पर तरस आता है। शिक्षा मंत्री शिक्षा की जगह सारी फालतू बातें करते हैं। पानी का मंत्री पानी की बात नहीं करता। आज लोग प्रदेश भर में बिजली पानी के लिए त्राहि त्राहि कर रहे हैं। भजनलाल सरकार पहले लोगों को बिजली पानी तो दे दो।</p>
<p>डोटासरा ने दावा किया कि भजनलाल सरकार कोर्ट के माध्यम से एमबीसी आरक्षण को खत्म करना चाह रही है। हमारी मांग है कि नीट परीक्षा निरस्त कर सीबीआई जांच कराई जाए। हमारी सरकार में रीट परीक्षा की जांच कराने को लेकर इन्होंने सीबीआई जांच की मांग की तो अब जांच करा लो। नीट परीक्षा में राजस्थान के पौने दो लाख बच्चों का भविष्य खराब हुआ है। इन बच्चों की आवाज भाजपा क्यों नहीं उठाती। राजस्थान में सरकार बदलते ही बड़े बड़े टटलू पैदा हो गए। जनता ने भजनलाल सरकार को काम करने के लिए भेजा है। काम नहीं करोगे तो लोग जनता सबक सिखा देगी।</p>
<p>प्रदर्शन में पूर्व विधायक भीमराज भाटी, कृष्णा पूनिया,प्रदेश संगठन महासचिव ललित तूनवाल,प्रदेश प्रवक्ता स्वर्णिम चतुर्वेदी, महिला कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष राखी गौतम, पूर्व मंत्री ममता भूपेश, शकुंतला रावत, प्रताप सिंह खाचरियावास, विधायक पीतराम काला, जयपुर जिलाध्यक्ष आरआर  तिवाड़ी, पूर्व विधायक जीआर खटाना, गंगा देवी, गोपाल मीणा,प्रत्याशी लोकसभा जयपुर ग्रामीण प्रत्याशी अनिल चौपड़ा, विधायक रफीक खान, घनश्याम मेहर, हकीम अली, प्रशांत शर्मा, विकास चौधरी, डूंगर राम गेदर आदि  मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Jun 2024 13:27:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>NEET Paper में अनियमितता की सीबीआई जांच पर विचार, काउंसलिंग पर रोक नहीं : Supreme Court</title>
                                    <description><![CDATA[शीर्ष अदालत के समक्ष एनटीए ने कहा था कि केवल 1563 उम्मीदवारों के लिए पुन: परीक्षा 23 जून और परिणाम 30 जून 2024 को घोषित किए जाएंगे। परिणाम के बाद काउंसलिंग छह जुलाई से शुरू की जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/supreme-court-considering-cbi-investigation-into-irregularities-in-neet-paper/article-82189"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/supreme-court--3.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने एक बार फिर कहा कि पांच मई को हुई राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट यूजी) 2024 में अनियमितता के आरोपों की केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच की मांग वाली याचिकाओं पर वह विचार करेगा,  लेकिन मेडिकल की स्नातक कोर्स में दाखिले के लिए छह जुलाई से प्रस्तावित काउंसलिंग पर इस स्तर पर रोक नहीं लगाएगा।</p>
<p>शीर्ष अदालत ने नीट यूजी 2024 विवाद से संबंधित विभिन्न उच्च न्यायालयों में लंबित कार्यवाहियों पर रोक लगा दी। </p>
<p>न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति एस वी एन भट्टी की अवकाशकालीन पीठ ने कहा कि केंद्र सरकार और परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) का पक्ष जानने के बाद अदालत आगे कोई फैसला लेगी।</p>
<p>पीठ ने कहा कि केंद्र सरकार और एनटीए को आठ जुलाई को याचिकाओं पर जवाब देने दें।</p>
<p>शीर्ष अदालत ने नीट विवाद से संबंधित तमाम याचिकाओं पर अगली सुनवाई के लिए आठ जुलाई की तारीख मुकर्रर की है।</p>
<p>पीठ ने सीबीआई से जांच की मांग को लेकर दायर याचिकाओं पर केंद्र सरकार और एनटीए से जवाब देने को कहा। याचिकाकर्ताओं के एक वकील ने काउंसलिंग पर रोक लगाने की मांग पर पीठ ने स्पष्ट करते हुए कहा कि काउंसलिंग पर कोई रोक नहीं है। यदि अंतिम सुनवाई के बाद परीक्षा होती है तो काउंसलिंग भी होगी।</p>
<p>अवकाशकालीन पीठ ने लखनऊ की एक छात्रा के मामले का भी जिक्र किया। पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता  ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के समक्ष शुरू में दावा किया था कि उसे एनटीए से फटी हुई ओएमआर शीट मिली थी, लेकिन बाद में पता चला कि उसने गलत पंजीकरण संख्या का इस्तेमाल किया था। इसके बाद उसने उच्च न्यायालय से अपनी याचिका वापस ले ली थी।</p>
<p>एनटीए की ओर से पेश वकील कनु अग्रवाल की गुहार पर अवकाशकालीन पीठ ने परीक्षा एजेंसी की याचिका पर उन मामलों की कार्यवाही पर रोक लगा दी, जो (नीट यूजी 2024 के संबंध में)  विभिन्न उच्च न्यायालयों के समक्ष लंबित है। एनटीए ने उन मामलों को शीर्ष अदालत के समक्ष स्थानांतरित करने की याचिका दायर की थी।</p>
<p>शीर्ष अदालत ने मेघालय के कुछ विद्यार्थियों की याचिका पर एनटीए और केंद्र को नोटिस भी जारी किया, जिन्होंने दलील दी थी कि पांच मई को उनकी परीक्षा शुरू होने में लगभग 40 मिनट की देरी हुई थी और उन्हें 23 जून को दोबारा परीक्षा में शामिल होने का मौका दिया जाना चाहिए।</p>
<p>नीट यूजी 2024 के परिणाम चार जून को घोषित किए गए थे। देश भर में कई जगहों पर परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किये गए हैं। परीक्षा के प्रश्न पत्र सार्वजनिक होने के मामले में बिहार, गुजरात आदि राज्यों में अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए थे।</p>
<p>शीर्ष अदालत ने देर से प्रश्नपत्र मिलने के बदले अतिरिक्त अंक (ग्रेस माक्र्स) पाने वाले 1563 विद्यार्थियों को 23 जून को दोबारा परीक्षा देने का विकल्प देने के केंद्र सरकार के प्रस्ताव को 13 जून को मंजूर किया था। </p>
<p>शीर्ष अदालत के समक्ष एनटीए ने यह भी कहा था कि क्षतिपूर्ति अंक पाने वाले 1563 विद्यार्थियों में जो दोबारा परीक्षा में शामिल होने का विकल्प अपनाएंगे, उन्हें इस परीक्षा में प्राप्तांक वाले अंक पत्र जारी किए जाएंगे। इसके साथ ही यह भी कहा था कि क्षतिपूर्ति अंक पाने वाले जो विद्यार्थी निर्धारित तारीख पर दोबारा होने वाली परीक्षा में शामिल नहीं होंगे, उन्हें पहले दिए गए 'क्षतिपूर्ति अंक' काटकर अंक पत्र जारी किए जाएंगे। इस प्रकार से नई रैंकिंग के साथ परीक्षा परिणाम जारी किए जाएंगे।</p>
<p>अवकाशकालीन पीठ ने 13 जून को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की दलीलों पर विचार के बाद 1563 विद्यार्थियों के दोबारा परीक्षा आयोजित कर परिणाम घोषित करने अनुमति दी थी, लेकिन स्पष्ट किया कि नामांकन से संबंधित काउंसलिंग प्रक्रिया जारी रहेगी।</p>
<p>शीर्ष अदालत के समक्ष एनटीए ने कहा था कि केवल 1563 उम्मीदवारों के लिए पुन: परीक्षा 23 जून और परिणाम 30 जून 2024 को घोषित किए जाएंगे। परिणाम के बाद काउंसलिंग छह जुलाई से शुरू की जाएगी।</p>
<p>उच्चतम न्यायालय ने अगले दिन 14 जून को नीट यूजी 2024 से संबंधित  विभिन्न उच्च न्यायालयों में लंबित याचिकाओं की जांच के लिए उन्हें अपने पास स्थानांतरित करने का फैसला किया था।</p>
<p>गौरतलब है कि इस बार नीट में करीब 24 लाख विद्यार्थी शामिल हुए थे। सफल घोषित कई परीक्षार्थियों के अंकों में बढ़ोतरी के आरोप लगाते हुए कई याचिकाओं में कहा गया था कि अनियमितता की वजह से रिकॉर्ड 67 उम्मीदवारों ने शीर्ष रैंक हासिल की है। इनमें एक ही परीक्षा केंद्र के छह उम्मीदवार शामिल हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Jun 2024 16:54:15 +0530</pubDate>
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                <title>NEET Paper Leak Conflict : सीबीआई जांच की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का केंद्र को नोटिस</title>
                                    <description><![CDATA[न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की अवकाशकालीन पीठ ने हितेन सिंह कश्यप की याचिका पर आयोजित करने वाली संस्था राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को दो सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हुए कहा कि वह इस मामले में आठ जुलाई को अगली सुनवाई करेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/neet-paper-leak-conflict-supreme-court-notice-to-center-on/article-81597"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/supreme-court2.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने मेडिकल स्नातक स्तर की पढ़ाई के लिए पांच मई को आयोजित की गई राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट यूजी) 2024 के प्रश्नपत्र कथित तौर पर संबंधित परीक्षा के दौरान सार्वजनिक होने के मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच की मांग वाली याचिका पर शुक्रवार को केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया।</p>
<p>न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की अवकाशकालीन पीठ ने हितेन सिंह कश्यप की याचिका पर आयोजित करने वाली संस्था राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को दो सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हुए कहा कि वह इस मामले में आठ जुलाई को अगली सुनवाई करेगी।</p>
<p>याचिकाकर्ता के एक अधिवक्ता ने सीबीआई जांच पर जोर दिया तो पीठ ने कहा कि मामले में एक पक्षीय आदेश नहीं दिया जा सकता है। एनटीए की ओर से जवाब दाखिल करने पर याचिका पर विचार किया जाएगा। एक अन्य अधिवक्ता ने कहा कि यह 24 लाख छात्रों के भविष्य का सवाल है।  इस पर पीठ ने कहा कि वह इसके प्रति सचेत है। मामले पर विचार के लिए जुलाई की तारीख तय की गई है।</p>
<p>एक अधिवक्ता ने दलील देते हुए कहा कि कोटा में 40 से अधिक छात्रों ने आत्महत्या कर ली तो पीठ ने उनसे कहा कि अनावश्यक भावनात्मक दलील न दी जाए, क्योंकि ऐसी घटनाएं नीट यूजी परिणामों से संबंधित नहीं हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Jun 2024 20:19:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सलमान ने CBI जांच की मांग संबंधित याचिका से नाम हटाने का किया आग्रह</title>
                                    <description><![CDATA[याचिका में दावा किया गया कि सलमान आरोपी की हिरासत में मौत के लिए जिम्मेदार थे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/salman-requested-to-remove-his-name-from-the-petition-demanding/article-79090"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/salman-khan-35-year-in-industry.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान ने मुंबई में अपने आवास पर हुई फायरिंग मामले से जुड़े घटनाक्रम में एक आरोपी की हिरासत में मौत की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराये जाने की मांग से संबंधित याचिका में अपना नाम हटाने का आग्रह किया है।</p><p>न्यायमूर्ति एनआर बोरकर और न्यायमूर्ति सोमशेखर सुंदरेसन की अवकाशकालीन पीठ के समक्ष याचिका की सुनवाई के दौरान अभिनेता के वकील आबाद पोंडा ने आरोपी अनुज थापन की मां रीता देवी की ओर से सीबीआई जांच की मांग को लेकर दायर याचिका में प्रतिवादी के रूप में अभिनेता का नाम हटाने की मांग की। </p><p>थापन का शव मुंबई क्राइम ब्रांच लॉकअप में लटका हुआ पाया गया था जहां उसे रखा गया था। रीता देवी ने अपनी याचिका में दावा किया कि उनके बेटे को हिरासत में प्रताड़ति किया गया, जिससे उसकी मौत हो गई।</p><p>संबंधित मामले में बहस के दौरान पोंडा ने दावा किया कि सलमान के खिलाफ कोई आरोप नहीं था फिर भी याचिका में उनका नाम डालकर उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया गया। याचिका में दावा किया गया कि वह (सलमान) आरोपी की हिरासत में मौत के लिए जिम्मेदार थे।</p><p>दूसरी ओर रीता देवी के वकील ने कहा कि वह अभिनेता के खिलाफ कोई निर्देश की मांग नहीं कर रहे हैं और प्रतिवादी के रूप में उनका नाम हटाने पर सहमत हैं। अदालत ने रीता देवी से राज्य सीआईडी को प्रतिवादी के रूप में जोड़ने के लिए कहा क्योंकि वह हिरासत में मौत की जांच कर रही है। </p><p>पुलिस ने कहा कि उच्च न्यायालय के 15 मई के निर्देश के अनुसार उस थाने के सीसीटीवी फुटेज को संरक्षित कर लिया गया है जहां थापन को रखा गया था। इसके साथ ही थाने और संबंधित पुलिस अधिकारियों के कॉल डेटा रिकॉर्ड (सीडीआर) भी संरक्षित किए गए हैं।</p><p>न्यायालय ने थापन की पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर भी राज्य सरकार से सवाल किया था और कहा था कि शव परीक्षण रिपोर्ट में थापन की गर्दन पर चोट के निशान का चित्र शामिल नहीं किया गया। यह भी पूछा कि क्या कोई अन्य चोट के निशान थे। थापन का शव एक मई को क्रॉफर्ड मार्केट में क्राइम ब्रांच के लॉक-अप के शौचालय में लटका हुआ पाया गया था। पुलिस ने दावा किया कि उसने इसके के लिए बेडशीट का इस्तेमाल किया। अदालत ने कहा कि रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि थापन की मृत्यु दम घुटने से हुई। </p><p>न्यायमूर्ति बोरकर ने टिप्पणी की कि यह गला घोंटने के कारण भी हो सकता है। इसके बाद राज्य सरकार के अधिवक्ता जयेश याग्निक ने पीठ को एक पूरक रिपोर्ट दिखाई जिसमें थापन के शरीर पर चोट के निशानों का उल्लेख था। याग्निक ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट अधूरी नहीं थी।</p><p>न्यायाधीशों ने अभियोजन पक्ष से मृतक की मां को रिपोर्ट पढऩे की अनुमति देने को कहा। अदालत के सवाल पर याग्निक ने कहा कि एक मजिस्ट्रेट कथित हिरासत में मौत की जांच कर रहे हैं और अभी जांच जारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 May 2024 17:45:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>ऑर्गन ट्रांसप्लांट मामले में हनुमान बेनीवाल ने उठाई सीबीआई जांच की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[ट्रांसप्लांट में फर्जी एनओसी से जुड़े मामले को लेकर अब आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल ने सरकार से सीबीआई जांच की मांग रखी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/hanuman-beniwal-raised-demand-for-cbi-investigation-in-organ-transplant/article-77251"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-05/0521_hanuman_bainiwal.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। ट्रांसप्लांट में फर्जी एनओसी से जुड़े मामले को लेकर अब आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल ने सरकार से सीबीआई जांच की मांग रखी है।</p>
<p>बेनीवाल ने अपने सोशल मीड़िया अकाउंट पर लिखा कि प्रदेश में फर्जी एनओसी से किडनी ट्रांसप्लांट से जुड़ा मामला अत्यंत गंभीर है। इस पूरे मामले ने राजस्थान को शर्मसार किया है। इस मामले में स्टेट की कोई एजेंसी स्वतंत्र रूप से जांच इसलिए नही कर सकती, क्योंकि इसमें रसूखदार लोग शामिल हो सकते हैं, इसलिए इस मामले को सीबीआई को दे दिया जाना चाहिए। कई रसूखदारों का प्रभाव पूर्ववती और वर्तमान दोनों सरकारों में है। इसलिए इस प्रकरण में जो भी दोषी है या किसी की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज होना चाहिए और पूरे मामले की जांच उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में करवाने अथवा सीबीआई से करवाई जानी चाहिए। पूरे मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए। सरकार इस मामले में यह नहीं सोचे कि चंद लोगों के त्यागपत्र लेकर मामले में इतिश्री कर लेंगे। सरकार ने इस मामले को दबाने या किसी को बचाने का प्रयास किया तो राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी सड़क पर आंदोलन करेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 May 2024 16:13:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ब्रज चौरासी में अवैध खनन और संत विजय दास की आत्मदाह का मामला : भाजपा की कमेटी पहुंची भरतपुर, साधुओं ने की सीबीआई जांच की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[बीजेपी  राष्ट्रीय महामंत्री अरूण सिंह के नेतृत्व मे  सांसद स्वामी सुमेधानंद सरस्वती , पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद  सत्यपाल सिंह , उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक एवं सांसद  बृजलाल यादव ने घटनास्थल का मौका मुआयना किया और ग्रामीणों से बातचीत भी की ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bharatpur/case-of-illegal-mining-and-self-immolation-of-sant-vijay-das-in-braj-chaurasi-bjp-committee-reached-bharatpur--sadhus-demanded-cbi-investigation/article-16003"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/94.jpg" alt=""></a><br /><p> भरतपुर। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भरतपुर मे अवैध खनन को रोकने के लिए चल रहे आंदोलन मे संत विजयदास के द्वारा आत्मदाह किये जाने पर शोक व्यक्त किया और एक उच्च स्तरीय समिति को घटनास्थल पर मौका मुआयना कर संपूर्ण रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये।  जिस पर रविवार को भरतपुर के पसोपा गांव मे उच्च स्तरीय समिति ने राष्ट्रीय महामंत्री अरूण सिंह के नेतृत्व मे  सांसद स्वामी सुमेधानंद सरस्वती , पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद  सत्यपाल सिंह , उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक एवं सांसद  बृजलाल यादव ने घटनास्थल का मौका मुआयना किया और ग्रामीणों से बातचीत भी की ।</p>
<p><br />घटनास्थल पर मिली जानकारी को संज्ञान मे लिया । मामले मे साधु संतो ने यह मांग की है कि संपूर्ण मामले की सीबीआई जांच हो। भाजपा की उच्च स्तरीय समिति ग्राम पासोपा भरतपुर  आदिबद्री मंदिर, फिर भरतपुर और शाम को सबसे लास्ट में मान मंदिर बरसाना(मथुरा) गयी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>भरतपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 Jul 2022 17:55:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हाईकोर्ट ने रीट भर्ती पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच से किया इंकार</title>
                                    <description><![CDATA[हाईकोर्ट ने रीट भर्ती पेपर लीक को लेकर मामले की जांच सीबीआई से कराने से इंकार किया है। अदालत ने एसओजी को जांच की प्रगति रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/high-court-refused-to-cbi-investigation-of-reet-case/article-4923"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/46546546546574.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। हाईकोर्ट ने रीट भर्ती पेपर लीक को लेकर मामले की जांच सीबीआई से कराने से इंकार किया है। अदालत ने एसओजी को जांच की प्रगति रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए है। याचिका में मामले की जांच सीबीआई से कराने मांग की गई थी।</p>
<p>कोर्ट ने एबीवीपी की याचिका पर आदेश दिए है। कोर्ट ने कहा कि  मामले की जांच सीबीआई को देने का कोई कारण नहीं है। एसओजी मामले में निष्पक्षता से जांच करे।<br />  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 24 Feb 2022 15:22:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>कांग्रेस सरकार के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर बनाने की कोशिश कर रही है भाजपा : डोटासरा</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर विपक्ष में रहते हुए विफल रहने का आरोप लगाया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%B8-%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%96%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%AB-%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A7%E0%A5%80-%E0%A4%B2%E0%A4%B9%E0%A4%B0-%E0%A4%AC%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%B6-%E0%A4%95%E0%A4%B0-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A5%88-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%AA%E0%A4%BE---%E0%A4%A1%E0%A5%8B%E0%A4%9F%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%BE/article-4425"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/46545456465.jpg" alt=""></a><br /><p>सीकर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर विपक्ष में रहते हुए विफल रहने का आरोप लगाया है। डोटासरा ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस सरकार के सुशासन के कारण इनके पास कोई मुद्दा नहीं होने के कारण यह अध्यापक पात्रता परीक्षा (रीट) पेपर लीक मुद्दे को लेकर सरकार के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर बनाने की कोशिश कर रही है। डोटासरा ने कहा कि विपक्ष भाजपा एक भी मुद्दे पर सरकार को घेर नहीं सकी है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा के नेता बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर के राजनीति करने में लगे है। भाजपा राज्य में विपक्ष की भूमिका में असफल रहने और सरकार के खिलाफ कोई मुद्दा नहीं बनाने के कारण परेशान है और वह अब रीट मामले को तूल देकर मुद्दा बना रही है और राज्य में अच्छी सरकार के खिलाफ कैसे माहौल बनाया जाये। इसके प्रयास किये जा रहे है। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार के समय जब परीक्षाओं के पेपर आउट हुए तब निर्णय लेते, लेकिन उस समय न तो इन्होंने राज्य की किसी तरीके की एजेंसी से जांच कराई और न ही मामले को सीबीआई को दिया। अगर उस समय पेपर आउट के बढ़ते मामलों पर कुछ किया जाता, तो अब यह नहीं होता।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इसके बावजूद सरकार ने पेपर लीक मामले का पता चलते ही मामले की जांच एसओजी को दे दी और वह इस मामले में काम कर रही है। लेकिन विपक्ष अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए एवं मोदी का राजस्थान के लिए जीरो बजट तथा भाजपा आपस में बंटी हुई हैं, इसे छुपाना तथा राज्य सरकार के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर उत्पन्न करने के लिए इस तरह के प्रयास किये जा रहे हैं। डोटासरा ने कहा कि उन्होंने पहले ही कहा था कि इस मामले में किसी व्यक्ति विशेष के बारे में जानकारी है, तो विधानसभा में नियम प्रक्रिया बनी हुई है, नोटिस दे। उन्होंने कहा कि अच्छी सरकार के खिलाफ कैसे माहोल बनाया जाये तथा भाजपा के लोग आलाकमान में अपने नंबर बढ़ाने के प्रयास कर रहे हैं और इसके कारण इस मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहे है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि राज्य में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार ने सुशासन  दिया, कोरोनाकाल एवं लाखों परीक्षार्थियों के शामिल होने वाली रीट परीक्षा में बेहतर व्यवस्था की गई और इससे जनता में एक अच्छा संदेश  गया। इस संदेश को कैसे धूमिल किया जाये, भाजपा इसका प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि पहले तो षडयंत्र रचकर राज्य सरकार को गिराने का  प्रयास किया गया और अब दूसरा काम रीट मामले को लेकर किया जा रहा है ताकि राज्य में सत्ता विरोधी लहर बन जाये  और इनकी सत्ता बन जाये।</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि आरएसएस के खिलाफ बोले तो, अनर्गल बयान एवं आरोप लगाओं और जांच करो, यह सब प्रयास किये जाते हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का एक ही एजेंडा है, जो उनके खिलाफ बोला उनके खिलाफ केन्द्रीय एजेसियों का दुरुपयोग करके डराने एवं धमकाने का काम किया गया, लेकिन हम इसके लिए भी तैयार है। उन्होंने कहा कि डोटासरा के खिलाफ आलपिन की नोंक जितना आरोप भी साबित कर दे तो पहले कही  वह ही बात है। उन्होंने कहा कि राज्य में लगभग 80 प्रतिशत बजट घोषणाओं को पूर्ण कर लिया गया हैं और केन्द्र सरकार के राज्य के 14 हजार करोड़ नहीं देने के बावजूद राज्य सरकार अच्छा काम कर रही है, जबकि केन्द्र ने बजट में राज्य को कुछ नहीं दिया।<br />  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 13 Feb 2022 15:22:06 +0530</pubDate>
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