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                <title>denial - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>ईरान की कूटनीतिक पहल: आईएईए निरीक्षकों को मंज़ूरी देने से किया इनकार, अमेरिकी उपराष्ट्रपति के बयान का किया खंड़न</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के उस दावे को खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया था कि ईरान आईएईए निरीक्षकों की वापसी पर सहमत हो गया है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि स्विट्जरलैंड वार्ता में मिसाइल क्षमता पर कोई चर्चा नहीं हुई। हालांकि, अमेरिका ने 60 दिनों के लिए प्रतिबंधों में ढील दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/irans-diplomatic-initiative-to-deny-approval-to-iaea-inspectors-contradicts/article-157884"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/iran.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के उस बयान का खंडन किया है कि उसने अंतरराष्ट्रीय परमाणु निरीक्षकों (आईएईए) को देश में आने पर सहमति दे दी है। वेंस ने दावा किया था कि अमेरिका और ईरान के बीच जारी विवाद को खत्म करने के लिए अंतिम समझौते पर पहुंचने के लिए हुई बातचीत के पहले दौर के बाद ईरान ने इस आशय की सहमति दी है। स्विट्जरलैंड के रिसॉर्ट बर्गेनस्टॉक में हुई बातचीत दोनों पक्षों के बीच एक अहम कूटनीतिक पहल थी।</p>
<p>बातचीत के बाद वेंस ने कहा कि निरीक्षकों की वापसी को लेकर आईएईए के साथ बातचीत आज ही शुरू हो सकती है। उन्होंने इस बैठक को भविष्य की प्रगति के लिए बहुत अच्छा नींव करार दिया था। ईरान के विदेश मंत्रालय ने हालांकि, इस दावे को तुरंत खारिज कर दिया। ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि स्विट्जरलैंड में अमेरिका के साथ बातचीत में ईरान की मिसाइल क्षमताओं पर कोई चर्चा नहीं हुई है और उसने परमाणु संयंत्रों का निरीक्षण करने के लिए आईएईए के निरीक्षकों को अनुमति देने से इनकार कर दिया।</p>
<p>प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने कहा कि ईरान ने परमाणु निरीक्षणों को लेकर कोई नया वादा नहीं किया है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के परमाणु निरीक्षकों के साथ कोई भी सहयोग, ईरान की संसद और सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद द्वारा बनाए गए मौजूदा कानूनी एवं संस्थागत संरचनाओं के अंतर्गत सख्ती से जारी रहेगा। निरीक्षण को लेकर यह मतभेद अमेरिका, ईरान, कतर और पाकिस्तान से जुड़ी व्यापक कूटनीतिक गतिविधियों के बीच सामने आया है।</p>
<p>मध्यस्थता करने वाले देशों ने एक संयुक्त बयान में कहा था कि बातचीत के शुरुआती दौर के बाद अमेरिका और ईरान दोनों ही 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए एक योजना पर सहमत हो गए हैं। कूटनीतिक घटनाक्रम के साथ-साथ अमेरिका ने अपनी नीति में एक बड़ा बदलाव करते हुए ईरान पर लगे प्रतिबंधों में कुछ समय के लिए ढील दी है। अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने 60 दिनों के लिए प्रतिबंधों में छूट दी है जिससे ईरान दशकों में पहली बार अमेरिकी डॉलर में तेल बेच सकेगा।</p>
<p>इस छूट से लंबे समय से चले आ रहे अमेरिकी प्रतिबंधों में कुछ समय के लिए छूट मिली है जिससे 21 अगस्त तक ईरान के लिए कच्चा तेल और पेट्रोकेमिकल का निर्यात, बिक्री एवं परिवहन करना संभव हो गया है। इससे ईरानी तेल को सीधे अमेरिका में आयात करने की भी इजाज़त मिली है और उन अंतर्राष्ट्रीय बैंकिंग, इंश्योरेंस एवं नौवहन चैनलों तक पहुंच फिर से बहाल हुई है जिन पर पहले बहुत ज़्यादा पाबंदियां थीं।</p>
<p>अमेरिकी वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि ईरान से प्राप्त वादों के बदले प्रतिबंधों में ढील दी गई। इन वादों में रणनीतिक तौर पर अहम होर्मुज़ जलडमरूमध्य की सुरक्षा बनाए रखना और आईएईए निरीक्षकों की वापसी की इजाज़त देना शामिल है। उन्होंने अहम समुद्री रास्ते को फिर से खोलना और परमाणु पारदर्शिता को समझौते की मुख्य शर्तें कहा। उपराष्ट्रपति वेंस ने यह भी संकेत दिया कि बातचीत परमाणु मुद्दे से आगे बढ़कर क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताओं तक भी हुई जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की संभावित व्यवस्था और क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए समन्वय तंत्र जैसे विषय शामिल थे।</p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सोशल मीडिया पर कहा कि ईरान मुख्य हथियारों के निरीक्षण की इजाज़त देने पर सहमत हो जाएगा। हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने इस बात को सख्ती से खारिज कर दिया और दोहराया कि निरीक्षण के लिए किसी नई व्यवस्था पर सहमति नहीं बनी है। गौरतलब है कि ईरान और दुनिया की बड़ी शक्तियां अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, रूस और चीन के बीच 2015 में हुए परमाणु समझौते हुआ था। 2015 के इस समझौते के तहत आईएईए को ईरान के परमाणु संयंत्रों का निरीक्षण करने की इजाज़त थी लेकिन 2018 में राष्ट्रपति ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान अमेरिका ने इसे खराब समझौता बताते हुए खुद को इससे अलग कर लिया।</p>
<p>फरवरी 2026 में इज़रायल और अमेरिका के साथ हुए 12 दिनों के टकराव के दौरान ईरान के परमाणु ठिकानों पर सैन्य हमले हुए। इसके बाद ईरान ने आईएईए निरीक्षकों की पहुंच पर रोक लगा दी और बाद में एजेंसी ने देश से अपने बाकी कर्मचारियों को वापस बुला लिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 18:35:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>राष्ट्रपति पेजेशकियान ने दिया इस्तीफा: ईरान ने किया ख़बरों का खंडन, राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा- ईरानी राष्ट्र एकजुटता और प्रतिरोध के मार्ग से नहीं हटेगा पीछे</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान ने राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान के इस्तीफे की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है। 'ईरान इंटरनेशनल' ने दावा किया था कि राष्ट्रपति ने आईआरजीसी (IRGC) के बढ़ते हस्तक्षेप के विरोध में इस्तीफा दे दिया है। ईरानी अधिकारियों ने इसे झूठा बताते हुए राष्ट्रपति की प्रतिबद्धता दोहराई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/president-pezeshkian-resigned-iran-denied-the-news-presidents-office-said/article-155584"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/iranian-president-masoud-pezeshkian.webp" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान ने राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के इस्तीफा देने की खबरों का खंडन किया है। एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने रविवार को मीडिया की उन ख़बरों का खंडन किया, जिनमें दावा किया गया था कि मसूद पेज़ेशकियान ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है। राष्ट्रपति कार्यालय में संचार मामलों के उप-प्रमुख सैयद मेहदी तबातबाई ने 'एक्स' पर लिखा, "राष्ट्रपति पेज़ेशकियान लोगों की सेवा करने से पीछे नहीं हटेंगे, ठीक वैसे ही जैसे ईरानी राष्ट्र एकजुटता और प्रतिरोध के मार्ग से पीछे नहीं हटेगा।"</p>
<p>यह टिप्पणी तब आई जब लंदन स्थित मीडिया संस्थान 'ईरान इंटरनेशनल' ने दिन में पहले यह रिपोर्ट दी थी कि पेज़ेशकियान ने सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के कार्यालय में अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया है। रिपोर्ट में एक अधिकारी का हवाला देते हुए आरोप लगाया गया कि उस पत्र में 'इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स' (आईआरजीसी) की आलोचना की गई थी। रिपोर्ट के अनुसार आईआरजीसी ने प्रभावी रूप से सरकार के बड़े हिस्सों पर नियंत्रण कर लिया है और राष्ट्रपति तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्णय लेने की प्रक्रियाओं से दरकिनार कर दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 11:32:00 +0530</pubDate>
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                <title>अवैध संबंध से इंकार पर महिला से मारपीट, एसपी से की जांच की मांग </title>
                                    <description><![CDATA[ पीड़िता ने कहा कि टोडारायसिंह पुलिस से न्याय की उम्मीद नहीं है, मामले की जांच किसी निष्पक्ष अधिकारी से कराई जाएं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/tonk/tonk-news--woman-assaulted-for-denial-of-illicit-relationship--demand-for-investigation-from-sp/article-8791"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/mahila-marpeet.jpg" alt=""></a><br /><p>टोंक। एक बेसहारा महिला ने मोबाइल फोन पर बात कर अवैध संबंध पर मजबूर करने की बात नहीं मानने पर दुकान व घर में घुस कर मारपीट करने का एक व्यक्ति पर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर मामले की जांच जिले के किसी अन्य अधिकारी से कराने की मांग की है। पीड़िता निवासी खेडूल्या थाना टोडारायसिंह ने पुलिस अधीक्षक को दिए ज्ञापन में बताया कि  उसके गांव खेडूल्या में 13 अप्रैल को शाम 7 बजे के करीब मोहन पुत्र अर्जुनलाल बैरवा ग्राम खेडूलया बिना वजह गाली बकते हुए परचूनी दुकान व घर में घुस गया और सरिये से वार कर लहुलुहान कर दिया और पैर पकड़ कर घसीटने लगा। जिस पर बनवारी लाल भागकर आया तो उसकी पीठ पर मार दिया। मारपीट का वजह यह थी कि पीड़िता के औलाद नहीं थी, इसलिए मोहन पीछा करता और अवैध संबंध बनाने के लिए मजबूर करता था। जिसकी रिपोर्ट पुलिस थाना टोडारायसिंह में दर्ज कराई गई है। 25 अप्रैल को मोहन ने गंदे इशारे करते हुए अवैध संबंध में बनाने की धमकी भी दी और मेरे से अवैध संबंध बनाने के लिए मोबाइल पर बार-बार बात कर दबाव डालता है। पीड़िता ने कहा कि टोडारायसिंह पुलिस से न्याय की उम्मीद नहीं है, मामले की जांच किसी निष्पक्ष अधिकारी से कराई जाएं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>टोंक</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 Apr 2022 15:57:14 +0530</pubDate>
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