<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/animal/tag-19355" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>animal - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/19355/rss</link>
                <description>animal RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अब हर आवारा पशु की होगी पहचान : यूनिक आईडी से होगी ट्रैकिंग, जानें इस पहल से क्या बदलेगा</title>
                                    <description><![CDATA[आवारा पशुओं की समस्या से निपटने के लिए केंद्र सरकार की बड़ी पहल—हर कुत्ते, गाय व अन्य पशु को मिलेगी यूनिक आईडी। डिजिटल रजिस्ट्रेशन से पहचान, लोकेशन और स्वास्थ्य पर नजर रखी जाएगी। इससे रेबीज वैक्सीनेशन, इलाज और शेल्टर प्रबंधन बेहतर होगा। सटीक डेटा से बजट उपयोग सुधरेगा और मानव-पशु संघर्ष व दुर्घटनाएं घटेंगी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/now-every-stray-animal-will-be-identified-through-unique-id/article-151646"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)-(4)17.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">जयपुर। शहरों में बढ़ती आवारा पशुओं की समस्या से निपटने के लिए केन्द्र सरकार ने पहली बार एक संगठित और तकनीकी पहल शुरू की है। इसके तहत हर आवारा कुत्ते, गाय और अन्य पशुओं को यूनिक आईडी दी जाएगी, जिससे उनकी पहचान, लोकेशन और स्वास्थ्य की निगरानी संभव होगी। नगर निकायों के पास आवारा पशुओं का कोई सटीक आंकड़ा नहीं होता था, जिससे योजनाएं अनुमान के आधार पर बनती थीं। नई व्यवस्था में इन पशुओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत होगा। इससे रेबीज वैक्सीनेशन, इलाज और शेल्टर होम जैसी योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू किया जाएगा। सरकार का मानना है कि सटीक डेटा मिलने से बजट का सही उपयोग होगा और मानव पशु संघर्ष की घटनाओं में कमी आएगी। </span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">क्या बदलेगा इस पहल से</span></strong></p>
<ul>
<li class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">पहली बार आवारा पशुओं का सटीक डेटा</span></li>
<li class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">बीमार पशुओं का समय पर इलाज</span></li>
<li class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">शहरों में दुर्घटनाओं और हमलों में कमी</span></li>
<li class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">पशु कल्याण और शहरी प्रबंधन में सुधार</span></li>
</ul>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">योजना के प्रमुख बिंदु</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">योजना<span>               </span>आवारा पशुओं को यूनिक आईडी</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">उद्देश्य<span>                </span>पहचान, ट्रैकिंग और देखभाल</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">शामिल <span> </span>पशु<span>       </span>कुत्ते, गाय, भैंस आदि</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">लाभ<span>                 </span>बेहतर प्लानिंग, बजट उपयोग, कम संघर्ष</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">जिम्मेदारी<span>          </span>नगर निगम, पशुपालन विभाग, एनजीओ</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/now-every-stray-animal-will-be-identified-through-unique-id/article-151646</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/now-every-stray-animal-will-be-identified-through-unique-id/article-151646</guid>
                <pubDate>Sat, 25 Apr 2026 10:34:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/111200-x-600-px%29-%284%2917.png"                         length="1757887"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रेगिस्तानी जहाज की संख्या घटी : कोटा में रह गए 1862, अब बीमा बनेगा संबल, अस्तित्व खतरे में </title>
                                    <description><![CDATA[पूर्व में एक ऊंट का बीमा करने का प्रावधान था। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-number-of-desert-ship-decreased--1862-left-in-kota--now-insurance-will-be-the-support/article-127006"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/copy-of-news-(3)9.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। रेगिस्तानी जहाज के रूप में पहचाने वाले राज्य पशु ऊंट का खेती व दैनिक कामकाज में कम उपयोग से अब इनका अस्तित्व खतरे में है। प्रतिवर्ष इनकी संख्या में कमी हो रही है। इस पर ऊंट संवर्धन को प्रोत्साहन देने के लिए राज्य सरकार ने मंगला पशु बीमा योजना में महत्वपूर्ण निर्णय लिया। योजना में अब प्रत्येक उष्ट्र पालक के 10 ऊंटों का नि:शुल्क बीमा किया जाएगा। इससे बीमारी, हादसे, प्राकृतिक आपदा में इनकी मृत्यु पर पशुपालकों को संबल मिल सके। बीते दो दशक में पूरे प्रदेश में खेती कार्य में ट्रैक्टर का प्रयोग बढ़ने, साधन में दुपहिया, चार पहिया वाहनों के अधिक उपयोग से आम आदमी के दैनिक जीवन में अब ऊंट का महत्व बहुत कम रह गया है। इससे इनकी संख्या हर वर्ष कम हो रही है। कोटा जिले की बात की जाए तो यहां पर ऊंट की संख्या घटकर केवल 1862 ही रह गई है। इसी तरह की स्थिति संभाग के अन्य जिलों की है।</p>
<p><strong>पहले एक ही ऊंट का था प्रावधान</strong><br />पशुपालन विभाग मंगला पशु बीमा योजना में अब पशुपालकों के अधिकतम 10 ऊंटों का नि:शुल्क बीमा करेगा। पूर्व में एक ऊंट का बीमा करने का प्रावधान था। योजना में बीमारी, हादसे, प्राकृतिक आपदा से बीमित ऊंट के मरने पर अधिकतम 40 हजार रुपए बीमा राशि देने का प्रावधान है। पशुपालन विभाग के अधिकारियों के अनुसार ऊंट न केवल राजस्थान की संस्कृति का हिस्सा हैं, बल्कि रेगिस्तानी इलाकों में पर्यावरण संतुलन और जीवनशैली का अहम हिस्सा भी हैं। सरकार द्वारा दिया गया यह बीमा संरक्षण इनकी नस्ल को बचाने में सहायक होगा। ऊंटों का भविष्य सुरक्षित करना राज्य की सांस्कृतिक धरोहर को संजोने जैसा है। मंगला पशु बीमा योजना में यह बदलाव ऊंट पालकों और प्रदेश दोनों के लिए संजीवनी साबित हो सकता है। </p>
<p><strong>पिछले दो दशक में भारी गिरावट</strong><br />खेती और दैनिक जीवन में इनके उपयोग में लगातार कमी के कारण ऊंटों की संख्या प्रतिवर्ष घट रही है। इस पर चिंतित राज्य सरकार ने मंगला पशु बीमा योजना में अहम बदलाव करते हुए प्रत्येक उष्ट्र पालक के 10 ऊंटों का नि:शुल्क बीमा करने का निर्णय लिया है। सरकारी फैसले के तहत अब ऊंटों की बीमारी, हादसे या प्राकृतिक आपदा से मृत्यु होने की स्थिति में पशुपालकों को आर्थिक संबल मिलेगा। इससे न केवल ऊंट पालकों को राहत मिलेगी बल्कि इस विलुप्तप्राय पशु के संरक्षण की दिशा में भी यह योजना मददगार साबित होगी। जानकारों के अनुसार, पिछले 20 सालों में खेती में ट्रैक्टर और आधुनिक साधनों का प्रयोग बढ़ा है। वहीं, आम जनजीवन में दुपहिया और चारपहिया वाहनों की उपलब्धता के कारण ऊंट की उपयोगिता बहुत कम रह गई। इसी वजह से ग्रामीण इलाकों में ऊंटों की संख्या हर वर्ष घट रही है।</p>
<p><strong>फैक्ट फाइल</strong><br />-1992 की पशुगणना में प्रदेश में थे 7.5 लाख ऊंट <br />- 2012 तक यह घटकर 3.25 लाख ही रह गई <br />- 2019 की गणना में संख्या और घटकर 2.1 लाख हुई<br />- 2019 की गणना में कोटा में 1862 ऊंट की संख्या दर्ज</p>
<p><strong>इनका कहना</strong><br />पहले ऊंट खेत जोतने, अनाज ढोने और यात्रा के लिए सबसे जरूरी साथी थे। अब उनकी जरूरत कम हो गई है। सरकार का यह बीमा फैसला हमारे लिए सहारा है। अगर ऊंट की मृत्यु होती है तो हमें नुकसान की भरपाई मिल सकेगी।<br /><strong>-रामलाल, ऊंट पालक</strong><br /> <br /> ऊंट संवर्धन को प्रोत्साहन देने के लिए राज्य सरकार ने मंगला पशु बीमा योजना में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब प्रत्येक उष्ट्र पालक के 10 ऊंटों का नि:शुल्क बीमा किया जाएगा। इससे पशुपालकों को संबल मिल सकेगा।<br /><strong>-डॉ. अनिल कुमार, वरिष्ठ पशु चिकित्सक </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-number-of-desert-ship-decreased--1862-left-in-kota--now-insurance-will-be-the-support/article-127006</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-number-of-desert-ship-decreased--1862-left-in-kota--now-insurance-will-be-the-support/article-127006</guid>
                <pubDate>Tue, 16 Sep 2025 15:21:44 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-09/copy-of-news-%283%299.png"                         length="684020"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पशुपालकों को अब हर महीने मिलेगी मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना की राशि : कुमावत</title>
                                    <description><![CDATA[कुमावत ने गुजरात बॉर्डर से सटे चार दुग्ध संघों उदयपुर, बांसवाड़ा, रानीवाड़ा जालौर व बाड़मेर को सुदृढ़ करने के लिए अलग से पॉलिसी बनाने के साथ ही दुग्ध संघों के दुग्ध उत्पादक पशुपालकों के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/animal-owners-will-now-get-the-amount-of-chief-ministers/article-119040"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/rtroer-(1).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पशुपालन, डेयरी, गोपालन एवं देवस्थान विभाग के केबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि प्रदेश के दुग्ध उत्पादकों को आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबंल योजना के तहत अब हर महीने भुगतान मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत अटके हुए भुगतान को जल्द से जल्द जारी करने के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। शासन सचिवालय में विभागीय योजनाओं की समीक्षा के लिए सोमवार को आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कुमावत ने बताया कि साल 2024-25 के लिए इस योजना में राज्य सरकार की ओर से 600 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया था, जिसे संशोधित कर 500 करोड़ रुपए किया गया और राज्य सरकार ने 468.32 करोड़ रुपए जारी कर दिए हैं।</p>
<p>इसमें से महज 12.27 करोड़ रुपए कोषागार जयपुर में भुगतान के लिए लंबित है और शेष 19.41 करोड़ रुपए का भुगतान ईआरपी सॉफ्टवेयर में प्रविष्ठि के बाद कोषागार जयपुर को कर दिया जाएगा। इस योजना में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए राज्य सरकार ने 650 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, इसमें से 164 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है तथा 122.27 करोड़ रुपए के स्वीकृति आदेश जारी किए जा चुके हैं। इसके बाद इसी सप्ताह दुग्ध उत्पादक पशुपालकों को जनवरी, फरवरी व मार्च 2025 तक का भुगतान हो जाएगा।</p>
<p>अप्रेल, मई व जून माह का भुगतान भी जुलाई के अंत तक कर दिया जाएगा और जुलाई माह से हर महीने इसका भुगतान शुरू हो जाएगा। कुमावत ने बताया कि पन्नाधाय बाल गोपाल योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्रदेश के 66 हजार स्कूलों में मिड डे मील के तहत दिए जा रहे मिल्क पाउडर की सप्लाई का ऑर्डर आरसीडीएफ को प्राप्त हो गया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024-25 में इन स्कूलों के लिए 7800 मीट्रिक टन मिल्क पाउडर की आपूर्ति की गई थी, जबकि इस बार पहले चरण में 3700 मीट्रिक टन पाउडर की आपूर्ति की जाएगी। इससे प्रदेश के 60 लाख विद्यार्थियों को लाभ होगा।</p>
<p><strong>भर्ती की प्रक्रिया जल्द से जल्द शुरू करने के निर्देश </strong><br />कुमावत ने आरसीडीएफ व डेयरी संघों में कुल 504 विभिन्न पदों के लिए प्रस्तावित भर्ती की प्रक्रिया जल्द से जल्द शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्थान सहकारी भर्ती बोर्ड के जरिए जुलाई के प्रथम पखवाड़े से ऑनलाइन आवेदन लेने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी। इसके अलावा नवगठित दुग्ध संघ जैसलमेर, राजसमंद व बारां के लिए 106 नए पद सृजित करने व घाटे से उभर चुके 9 अन्य दुग्ध संघों के लिए 390 पदों के लिए भी नई भर्ती के अनुमोदन के लिए वित्त विभाग को प्रस्ताव भेजा जाएगा।</p>
<p><strong>अंतरराज्यीय चार दुग्ध संघ होंगे सुदृढ़</strong><br />कुमावत ने गुजरात बॉर्डर से सटे चार दुग्ध संघों उदयपुर, बांसवाड़ा, रानीवाड़ा जालौर व बाड़मेर को सुदृढ़ करने के लिए अलग से पॉलिसी बनाने के साथ ही दुग्ध संघों के दुग्ध उत्पादक पशुपालकों के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई जाएगी। इसके तहत इन दुग्ध संघों के प्रोसेसिंग प्लांटस को अपग्रेड किया जाएगा। उन्होंने बताया कि डेयरी संघों का मुनाफा कैसे बढ़े इसके लिए डेयरी विभाग आने वाले समय में कई नवाचार करेगा। इसी के तहत गुजरात की बनास डेयरी में 4 से 6 जुलाई तक तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/animal-owners-will-now-get-the-amount-of-chief-ministers/article-119040</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/animal-owners-will-now-get-the-amount-of-chief-ministers/article-119040</guid>
                <pubDate>Tue, 01 Jul 2025 11:01:01 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-07/rtroer-%281%29.png"                         length="549173"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एनिमल एक्सचेंज कार्यक्रम : भेड़िए का जोड़ा आज लेकर जयपुर पहुंचेगी वन विभाग की टीम, भेड़ियों के जीनपूल में किया जाएगा बदलाव</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेडए) से अनुमति मिलने के बाद जयपुर स्थित नाहरगढ बायोलॉजिकल पार्क और मैसूर के चामरेंद्र जूलोजिकल पार्क के बीच एनिमल एक्सचेंज कार्यक्रम पूरा हुआ है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/animal-exchange-program-will-reach-jaipur-with-a-pair-of/article-106493"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/6622-copy62.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। नाहरगढ बायोलॉजिकल पार्क से कर्नाटक के मैसूर स्थित चामरेंद्र जूलोजिकल पार्क गई वन विभाग की टीम आज रात करीब 8 बजे तक जयपुर पहुंच जाएगी। टीम अपने साथ मैसूर से भेड़िए का एक जोड़ा साथ ला रही है, ताकि यहां भेड़ियों के जीनपूल में बदलाव किया जा सकें। वहीं नाहरगढ बायोलॉजिकल उद्यान से भी एक भेड़िए का जोड़ा चामरेंद्र जूलोजिकल पार्क को दिया गया है। ऐसा होने से दोनों जगहों पर इस प्रजाति के जीनपूल में परिवर्तन देखने को मिलेगा। </p>
<p>गौरतलब है कि केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेडए) से अनुमति मिलने के बाद जयपुर स्थित नाहरगढ बायोलॉजिकल पार्क और मैसूर के चामरेंद्र जूलोजिकल पार्क के बीच एनिमल एक्सचेंज कार्यक्रम पूरा हुआ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/animal-exchange-program-will-reach-jaipur-with-a-pair-of/article-106493</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/animal-exchange-program-will-reach-jaipur-with-a-pair-of/article-106493</guid>
                <pubDate>Wed, 05 Mar 2025 14:39:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-03/6622-copy62.jpg"                         length="241260"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बैंक ऑफ महाराष्‍ट्र ने रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान को भेंट की एनिमल एम्ब्युलेन्स </title>
                                    <description><![CDATA[बैंक ऑफ महाराष्ट्र की महाप्रबंधक संतोष दुलार, अंचल प्रबन्धक ओंकार कुमार व उप अंचल प्रबन्धक श्री विशाल वर्मा व अन्य बैंक कर्मी उपस्थित थे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/bank-of-maharashtra-gifts-animal-ambulance-to-ranthambore-national/article-93244"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/6633-copy46.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने सामाजिक उत्तरदायित्वों को निभाते हुए अरण्य भवन जयपुर में आयोजित समारोह के दौरान रणथंभौर नेशनल पार्क को एनिमल रेसक्यू एम्ब्युलेन्स भेंट की। इस एम्ब्युलेन्स का उपयोग रणथंभौर टाइगर रिजर्व में जंगली जानवरों के परिवहन, सुरक्षा व निगरानी संबंधी कार्यों में होगा। आरटीसीए के सहयोग से टाइगर संरक्षण की दिशा में बैंक का यह महत्वपूर्ण कदम है। इस अवसर पर राज्य के वन व पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव, वन, पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन विभाग अपर्णा अरोड़ा, पीसीसीएफ व सीडब्ल्यूएलडब्ल्यू पवन कुमार उपाध्याय, सीसीएफ व कार्यकारी निदेशक, राजस्थान बाघ संरक्षण फाउंडेशन अनूप केआर, बैंक ऑफ महाराष्ट्र की महाप्रबंधक संतोष दुलार, अंचल प्रबन्धक ओंकार कुमार व उप अंचल प्रबन्धक श्री विशाल वर्मा व अन्य बैंक कर्मी उपस्थित थे।</p>
<p>वन मंत्री ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र की पहल की सराहना की एवं बैंक के इस योगदान को सामाजिक हित में माना। पीसीसीएफ पवन उपाध्याय ने इसे भारत सरकार के टाइगर संरक्षण अभियान के पक्ष में एक कदम कहा। बैंक ऑफ महाराष्ट्र की महाप्रबंधक संतोष दुलार ने कहा कि बैंक व्यवसाय वृद्धि के साथ साथ अपने सामाजिक उतरदायित्वों के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रहा है तथा सभी सामाजिक योजनाओं का सफल कार्यान्वन कर रहा है। अंचल प्रबन्धक ओंकार कुमार ने  इस अवसर पर वन विभाग कर्मचारियों के लिए सैलरी स्कीम की पेशकश की एवं कहा कि विभाग की सभी बैंकिंग आवश्यकताओं को  पूर्ण करने के लिए बैंक हमेशा तत्पर है। उप अंचल प्रबन्धक  विशाल वर्मा ने सभी आगंतुकों का धन्यवाद यापन किया।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/bank-of-maharashtra-gifts-animal-ambulance-to-ranthambore-national/article-93244</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/bank-of-maharashtra-gifts-animal-ambulance-to-ranthambore-national/article-93244</guid>
                <pubDate>Wed, 16 Oct 2024 18:01:16 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-10/6633-copy46.jpg"                         length="394649"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भवन तैयार, लैब टेस्टिंग उपकरणों का इंतजार</title>
                                    <description><![CDATA[पशुपालन विभाग के अधिकारियों के अनुसार इस प्रयोगशाला भवन में एक साथ छह लैब संचालित की जाएगी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-building-is-ready--waiting-for-lab-testing-equipment/article-85837"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/63.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। अपने पशुओं को उत्तम गुणवत्ता का आहार खिलाने के लिए पशुपालकों को अभी और इंतजार करना पड़ेगा। कोटा जिला मुख्यालय पर मोखापाड़ा में स्थित बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालय में पशु पोषाहार जांच प्रयोगशाला भवन का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन अभी तक भवन में लैब टेस्टिंग उपकरण नहीं लग पाए हैं। जिससे जिले के पशुपालकों को पशु आहार की जांच कराने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पौष्टिक पोषाहार नहीं मिलने से पशुओं की दूध उत्पादन क्षमता प्रभावित हो जाती है। जिससे पशुपालकों को नुकसान उठाना पड़ता है। पशु पोषाहार जांच प्रयोगशाला भवन बनने के बाद पशुपालकों को जल्द इसके शुरू होने की उम्मीद थी, लेकिन मामला अधर में लटका हुआ है।  </p>
<p><strong>पहले टैंडर में हुई गड़बड़ी, अब दुबारा होगा</strong><br />पशुपालन विभाग के अधिकारियों के अनुसार इस प्रयोगशाला भवन में एक साथ छह लैब संचालित की जाएगी। ऐसे में इसके लिए पूर्व में जयपुर स्थित पशुपालन निदेशालय की ओर से लैब टेस्टिंग उपकरण के लिए टैंडर किए गए थे। टैंडर में कुछ उपकरणों के शामिल नहीं होने से उसकों निरस्त करना पड़ गया, जिससे उसके टैंडर का मामला अटक गया। अब निदेशालय की ओर से दुबारा टैंडर करने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इसमें कुछ समय लगने की संभावना जताई जा रही है। यदि पूर्व में टैंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी नहीं होती तो अब तक लैब में टेस्टिंग उपकरण इंस्टाल हो जाते और प्रयोगशाला का संचालन शुरू हो सकता था।</p>
<p><strong>कोटा जिले में पशुओं की संख्या</strong><br />गाय         216343<br />भैंस          240628<br />भेड़          22434<br />बकरी       137387<br />घोड़ा        534<br />सूअर       6619<br />ऊंट         1862<br />बंदर        286</p>
<p><strong>25 लाख की लागत से बना है भवन</strong><br />कोटा संभागीय मुख्यालय होने के कारण यहां छह लैब की पशु पोषाहार जांच प्रयोगशाला स्वीकृत की थी। प्रयोगशाला भवन निर्माण के लिए 25 लाख का बजट मंजूर किया गया था। बजट मिलते ही मोखापाड़ा स्थित पशु चिकित्सालय परिसर में प्रयोगशाला भवन का निर्माण शुरू कर दिया गया था। करीब दो माह पहले भवन का निर्माण पूरा हो चुका है। भवन बनने के बाद लैब के लिए टैस्टिंग उपकरण नहीं लग पाए हैं। जिससे अभी तक प्रयोगशाला शुरू नहीं हो पाई है। प्रयोगशाला शुरू होने के बाद यहां पर पशु आहार से सम्बंधित सभी तरह की जांच हो सकेगी। जिसका फायदा पशुपालकों को मिल सकेगा।</p>
<p><strong>प्रयोगशाला से यह होगा फायदा</strong><br />जानकारी के अनुसार दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए कई पशु आहार विक्रेता अपने चारे में प्रोटीन, कैल्शियम व अन्य तत्व की अच्छी मात्रा बताते हैं। जबकि लगातार ऐसे पशु चारे के उपयोग से कई बार दुधारु पशुओं पर वितरित असर पड़ता है। कई पशुओं को उस विशेष ब्रांड का चारा नहीं मिलता है तो पशु बीमार होने लगता है। अब प्रयोगशाला में पशु आहार की जांच होने से पशुपालक को पता चल सकेगा कि पशु चारा पौष्टिक है या नहीं। यहां कोई भी पशुपालक या व्यापारी तूड़ा, कड़बी, छानी, लूम, बांट, काकड़ा, खल, चूरी व अन्य सभी प्रकार के पशु आहार की जांच करवा सकेंगे। </p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />दुग्ध उत्पादन से काफी संख्या में पशुपालकों की आजीविका चलती है। दुग्ध उत्पादन अच्छे पशु आहार पर निर्भर रहता है। अभी पशु आहार की जांच की पर्याप्त सुविधा नहीं मिल रही है। जिससे पशुओं की दूध उत्पादन क्षमता पर प्रभाव पड़ता है। यहां जल्द पशु आहार जांच प्रयोगशाला शुरू होनी चाहिए।<br /><strong>- रामकेस धाबाई, पशुपालक </strong></p>
<p>कोटा संभागीय मुख्यालय पर पशु आहार जांच प्रयोगशाला का निर्माण पूरा हो चुका है। इसमें 25 लाख की लागत आई है। लैब टेस्टिंग उपकरणों का टैंडर जयपुर निदेशालय के स्तर पर होता है। टैंडर होने के बाद ही प्रयोगशाला में उपकरण लग पाएंगे। इसके बाद संचालन शुरू हो जाएगा।<br /><strong>- डॉ. लक्ष्मण, उप निदेशक, पशुपालन विभाग कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-building-is-ready--waiting-for-lab-testing-equipment/article-85837</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-building-is-ready--waiting-for-lab-testing-equipment/article-85837</guid>
                <pubDate>Thu, 25 Jul 2024 16:32:32 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-07/63.png"                         length="499376"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सारसला-बिरज की पीलिया खाळ बनी काल </title>
                                    <description><![CDATA[जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन से खाळ का स्थाई निस्तारण करने की मांग की है ताकि आमजन को राहत मिल सके। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/jaundice-of-sarasala-biraj-becomes-khal/article-72063"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-03/transfer-(3)4.jpg" alt=""></a><br /><p>अरनेठा। अरनेठा क्षेत्र के ग्राम सारसला का पीलिया खाळ पिछले सात सालों से आमजन एवं जानवरों के लिए काल बना हुआ है। इस गहरी खाळ में गिरने से एक महिला और पुरुष की जान जा चुकी है। यहीं नहीं 20 गोवंश की भी इसमें गिरने से मौत हो चुकी है। बारिश के समय पानी आबादी बस्ती के घरों के आसपास आ जाता है और उनके कच्चे मकान भी ढह जाते हैं । पानी आने से सारसला से बिरज,समदपुरिया, नौताडा गांव का संपर्क टूट जाता है। ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन से इस खाळ पर पुल निर्माण की मांग की है। ग्रामीण चंद्र प्रकाश गुर्जर ने बताया आजादी के बाद से ही गांव में यह समस्या चल रही है लेकिन पिछले 7 वर्ष में कुछ ज्यादा ही समस्या खड़ी हो गई है। आमजन एवं मवेशी बारिश के समय में बुरी तरह परेशान हो जाते हैं। सारसला से बिरज,समदपुरिया, नौताडा गांव का संपर्क टूट जाता है। अभी तक 20 गोवंश की इस खाळ में गिरने से मौत हो चुकी है।  एक महिला और एक पुरुष को यह पुलिया खाळ निगल गया है। खाळ के नजदीक 50 घरों की बस्ती है जिसमें बैरवा और बंजारा समाज के लोग रहते हैं। बारिश के समय पानी उनके घरों के आसपास आ जाता है और उनके कच्चे मकान भी ढह जाते हैं । जनहानि की पूरी संभावना बनी रहती है। जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन से खाळ का स्थाई निस्तारण करने की मांग की है ताकि आमजन को राहत मिल सके। </p>
<p>पीलिया खाळ की हमारे गांव में बहुत बड़ी समस्या हो गई हैं। सबसे ज्यादा जानवरों का नुकसान है। खाळ में जानवर फंस जाते हैं और मर जाते हैं । पानी आने के बाद तो आवागमन भी बंद हो जाता है। गांव का संपर्क टूट जाता है। बच्चे स्कूल भी नहीं जा पाते समस्या शुरू से ही चल रही है। बीच में ढोल दबा दिए थे लेकिन ढोल छोटे होने के कारण उनसे भी समस्या ठीक प्रकार से सुलझ नहीं पाई है।<br /><strong> - लेखराज बैरवा, सारसला</strong></p>
<p>परिवार सहित हर वर्ष बिरज चौथ माता के दर्शन लाभ के लिए जाते हैं । सारसला के खाळ की समस्या  है । ग्रामीण और मवेशी बुरी तरह बारिश के समय में परेशान होते हैं पढ़ने वाले बच्चों को भी दिक्कत रहती है। इसका स्थाई समाधान होना चाहिए।<br /><strong>- बनवारी सुमन ,अणदपूरा</strong></p>
<p>सरसाला - बिरज की पीलिया खाळ वाली पुलिया बनाने को लेकर पहले से ही प्रयास जारी हैं। इस संबंध में विधायक और लोकसभा अध्यक्ष से भेंट कर समस्या अवगत कराऊंगी। <br /><strong>- राधा मीणा ,सरपंच ग्राम पंचायत सारसला</strong></p>
<p>देश को आजाद हुए 75 वर्ष हो गए हैं । गांव में तब से इस प्रकार की समस्याएं चली आ रही है। मुझे चौथ माता के दर्शन के दौरान ग्रामीणों ने सड़क के बारे में बताया था सड़क का निर्माण करवा दिया है। इन्होंने पुलिया की बात मुझे अब बताई है। इसकी जानकारी ली जा रही है। करीब एक करोड़ के आसपास का खर्चा आएगा । अभी हमारी सरकार हैं। जैसे ही पुल निर्माण की प्रस्ताव मांगे जाएंगे। सारसला की पीलिया खाळ की बात को प्रमुखता के साथ भेजा जाएगा।<br /><strong>- चंद्रकांता मेघवाल, पूर्व विधायक केशवराय पाटन </strong></p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />इस मामले की जानकारी एएईएन अनुज मीणा से ले लेते हैं। फिर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। <br /><strong>- इंद्रजीत मीणा, एसई सार्वजिक निर्माण विभाग बूंदी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/jaundice-of-sarasala-biraj-becomes-khal/article-72063</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/jaundice-of-sarasala-biraj-becomes-khal/article-72063</guid>
                <pubDate>Thu, 07 Mar 2024 18:28:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-03/transfer-%283%294.jpg"                         length="63589"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>‘बहादुर’ हुआ घायल</title>
                                    <description><![CDATA[ माना जा रहा है कि लेपर्ड बहादुर का किसी अन्य लेपर्ड के साथ टेरेटरी को लेकर संघर्ष हुआ होगा, जिसमें वह घायल हो गया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/bahadur-got-injured/article-71739"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-03/transfer2.jpg" alt=""></a><br /><p>ब्यूरो/नवज्योति, जयपुर। झालाना लेपर्ड रिजर्व में लेपर्ड्स को देख पर्यटक रोमांचित हो जाते हैं। इस बीच सफारी के दौरान पर्यटकों को नर लेपर्ड ‘बहादुर’ दिखाई दिया। इसकी एक आंख के पास घाव दिखाई दे रहा है। लेपर्ड का ये फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसे रविवार का बताया जा रहा है। इसके बाद वन विभाग के अधिकारियों ने इसकी प्रॉपर मॉनिटरिंग के लिए टीम को निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि झालाना में लेपर्ड्स के बीच आए दिन टेरेटरी को लेकर संघर्ष के मामले सामने आते रहते हैं। इस दौरान कई बार लेपर्ड्स घायल भी हो जाते हैं। माना जा रहा है कि लेपर्ड बहादुर का किसी अन्य लेपर्ड के साथ टेरेटरी को लेकर संघर्ष हुआ होगा, जिसमें वह घायल हो गया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/bahadur-got-injured/article-71739</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/bahadur-got-injured/article-71739</guid>
                <pubDate>Mon, 04 Mar 2024 09:59:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-03/transfer2.jpg"                         length="40142"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हाल-ए-पशु चिकित्सालय: नि:शुल्क दवा हो रही हवा</title>
                                    <description><![CDATA[पशुपालकों ने बताया कि सर्दी के सीजन में पशुओं में मौसमी बीमारियां बढ़ रही है, लेकिन पशु अस्पतालों में जरूरी दवाएं तक नहीं है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/hall-e-veterinary-hospital--free-medicine-is-available/article-67482"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/hal-e-pashu.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। सरकार ने भले ही पशुओं के लिए नि:शुल्क दवा वितरण योजना लागू कर रखी है, लेकिन हकीकत में पशुपालकों को इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिले के पशु अस्पतालों में कुछ समय से दवाओं का टोटा बना हुआ है। यहां पर पर्याप्त मात्रा में दवा की सप्लाई नहीं हो रही है। जिससे जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित पशु चिकित्सालय पर अधिकांश दवाएं खत्म हो गई है। पशुपालकों ने बताया कि सर्दी के सीजन में पशुओं में मौसमी बीमारियां बढ़ रही है, लेकिन पशु अस्पतालों में जरूरी दवाएं तक नहीं है। ऐसे में पशुपालकों को निजी मेडिकल स्टोर से पशुओं की दवा महंगे दामों पर खरीदनी  पड़ रही है।</p>
<p><strong>फैक्ट फाइल</strong><br />- जिले में पशु चिकित्सा इकाइयां     180 <br />- प्रथम श्रेणी के पशु चिकित्सालय    16 <br />- पशु चिकित्सालय                       36 <br />- पशु चिकित्सा उप केंद्र                 124 <br />- मोबाइल यूनिट संचालित             3 </p>
<p><strong>इन दवाइयों की किल्लत</strong><br />पशुपालकों का कहना है कि पशु चिकित्सालयों में पशुओं के लिए अधिकांश दवा नहीं मिलती है। पशुओं के लिए पशु चिकित्सालय में दस्त, पेट के कीड़ों, बुखार, भूख न लगने की दवा, दूध की कमी की दवा मिलनी चाहिए, लेकिन यह दवाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। एंटी रेबीज, एन्टोबायोटिक एनालजीन जैसी दवाएं भी पशु चिकित्सालयों में नहीं हैं। बाजार में इनके मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। इस समय पशुओं पर मौसमी बीमारियों के संक्रमण से उबारने के लिए कोई पुख्ता प्रबंध नहीं हैं। </p>
<p><strong>अस्पतालों से निराश लौट रहे पशुपालक   </strong><br />कैथून क्षेत्र के पशुपालक भवानीशंकर गुर्जर, श्योजीराम मीणा ने बताया कि नि:शुल्क इलाज की आस में बीमार पशु को लेकर अस्पताल आ रहे हैं लेकिन वहां चिकित्सक दवाएं नहीं होने के नाम से टरका देते हैं। मजबूरी में बाजार से दवाएं खरीदनी पड़ रही है। दवाई नहीं होने के कारण पशुओं का भी इलाज नहीं हो रहा है। ऐसे में पशु चिकित्सा व्यवस्था फेल हो रही है। पशु अस्पतालों में दवाइयों का टोटा बना हुआ है। सर्दी के मौसम में अक्सर पशुओं को बुखार व नाक से पानी आने की शिकायत रहती है। पशुपालक अपने पशुओं को पशु चिकित्सालयों में तो लेकर जा रहे हैं, लेकिन परामर्श के अलावा उनको कुछ नहीं मिल रहा है।</p>
<p><strong>इनका कहना</strong><br />पशु चिकित्सालय में दस्त, पेट के कीड़ों, बुखार, भूख न लगने की दवा, दूध की कमी की दवा मिलनी चाहिए, लेकिन यह दवाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। एंटी रेबीज, एन्टोबायोटिक एनालजीन जैसी दवाएं भी पशु चिकित्सालयों में नहीं हैं। ऐसे में बाजार में इनके मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। <br /><strong>- भवानीशंकर गुर्जर, पशुपालक</strong></p>
<p>राजकीय पशु चिकित्सालयों में दवाइयों का स्टॉक कम आया है। मुख्यालय में टेंडर प्रक्रिया में देरी होने की वजह से दिक्कतें आई हैं। पशुपालन विभाग ने दवाइयों की आपात खरीद की अनुमति दी है। पशु अस्पतालों से डिमांड मांगी गई है, जिन दवाओं की कमी है उनकी सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के हिसाब से खरीद कर व्यवस्था कराई जाएगी।<br /><strong>- डॉ. अनिल कुमार, नोडल अधिकारी पशुपालन विभाग</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/hall-e-veterinary-hospital--free-medicine-is-available/article-67482</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/hall-e-veterinary-hospital--free-medicine-is-available/article-67482</guid>
                <pubDate>Fri, 19 Jan 2024 19:08:45 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-01/hal-e-pashu.jpg"                         length="203784"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - पशुओं को सर्दी से बचाएगी पशुपालन विभाग की फौज</title>
                                    <description><![CDATA[इस सम्बंध में 20 दिसम्बर को दैनिक नवज्योति ने सर्दी से पशुओं के बीमार होने और दूध उत्पादन कम होने के सम्बंध में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। इसके बाद पशुपालन विभाग हरकत में आया और चिकित्सा टीमें गठित की। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---army-of-animal-husbandry-department-will-save-animals-from-winter/article-65008"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/mmd-(4).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। सर्दी के तीखे तेवर बढ़ने के साथ ही पशुपालन विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। सर्दी से पशुओं के बीमार होने की संभावनाओं को देखते हुए  चिकित्सा टीमें तैयार की गई, जो सूचना मिलने पर तुरन्त मौके पर पहुंचकर बीमार पशुओं का उपचार करेगी। विभाग का मानना है कि पशुओं की सर्वाधिक मौतें सर्द ऋतु में सर्दी लगने के कारण होती है। ऐसे में पशुओं को सर्दी से बचाने के उपाय करने के साथ-साथ बीमार होने पर पशु को समय पर उपचार मिलना भी जरूरी होता है। यदि बीमार पशु को समय रहते उपचार मिल जाए तो उसको मरने से बचाया जा सकता है। </p>
<p><strong>नवज्योति ने उठाया मामला तो हरकत में आया विभाग</strong><br />सर्दी का असर अब आमजन के साथ-साथ पशुधन पर भी देखने को मिल रहा है। अधिक सर्दी के कारण जहां पशुओं में दूध की मात्रा घट रही है, वहीं पशु बीमार भी पड़ रहे हैं। पिछले करीब एक सप्ताह से सर्दी में बढ़ोतरी हो रही है। सर्दी से पशु भी प्रभावित होने लगे हैं। ऐसे में इसका प्रभाव दूध उत्पादन पर हो रहा है। इस सम्बंध में 20 दिसम्बर को दैनिक नवज्योति ने सर्दी से पशुओं के बीमार होने और दूध उत्पादन कम होने के सम्बंध में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। इसके बाद पशुपालन विभाग हरकत में आया और चिकित्सा टीमें गठित की। </p>
<p><strong>कर्तव्य पालन में नहीं बरतें कोताही</strong><br />कोटा जिले में संचालित सभी 180 पशु चिकित्सा इकाइयों में पर्याप्त मात्रा में दवाओं का भंडारण कराया जा रहा है। साथ ही वहां तैनात स्टाफ को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे अपने कर्तव्य पालन में कतई कोताही नहीं बरतें। कोटा में पशुपालन विभाग का एक बहुद्देशीय पशु चिकित्सालय मोखापाड़ा में स्थित है। इसके अलावा 16 प्रथम श्रेणी के पशु चिकित्सालय संचालित हैं। 36 पशु चिकित्सालय, 124 पशु चिकित्सा उप केंद्र तथा 3 मोबाइल यूनिट भी संचालित हैं।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />पशु को सर्दी से बचाने के लिए भरपेट चारा, दाना-पानी आदि खिलाएं। पशु को बांधने के स्थान पर उसे अनुकूल वातावरण दें, ताकि वह बीमार न पड़े। यदि फिर भी पशु बीमार हो जाए तो उपचार कराने में लापरवाही नहीं बरतें। तत्काल पशु को पशु चिकित्सालय लेकर आए। यहां दवाओं का पर्याप्त स्टॉक है और पर्याप्त स्टाफ भी है।<br /><strong>-डॉॅ. गिरिश सालफले, उपनिदेशक पशुपालन विभाग कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---army-of-animal-husbandry-department-will-save-animals-from-winter/article-65008</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---army-of-animal-husbandry-department-will-save-animals-from-winter/article-65008</guid>
                <pubDate>Mon, 25 Dec 2023 13:12:07 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-12/mmd-%284%29.png"                         length="577453"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एनिमल का बॉक्स ऑफिस पर जलवा बरकरार, 500 करोड़ की कमाई की</title>
                                    <description><![CDATA[फिल्म एनिमल 01 दिसंबर को रिलीज हुयी है। दर्शको को फिल्म एनिमल बेहद पसंद आ रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/animal-continues-to-dominate-the-box-office-earns-rs-500-crore/article-64371"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/animal-box-office-collection.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता रणबीर कपूर की फिल्म एनिमल ने 500 करोड़ की कमाई कर ली है। संदीप रेड्डी वांगा निर्देशित एनिमल में रणबीर कपूर,अनिल कपूर, रश्मिका मंदाना, बॉबी देओल और तृप्ति डिमरी जैसे कलाकार प्रमुख भूमिका में हैं। फिल्म एनिमल 01 दिसंबर को रिलीज हुयी है। दर्शको को फिल्म एनिमल बेहद पसंद आ रही है। एनिमल ने सात दिनों में 338 करोड़ की शानदार कमाई की थी। एनिमल का बॉक्स ऑफिस पर जलवा बरकरार है। वर्ल्डवाइड एनिमल ने 800 करोड़ की कमाई कर ली है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/animal-continues-to-dominate-the-box-office-earns-rs-500-crore/article-64371</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/animal-continues-to-dominate-the-box-office-earns-rs-500-crore/article-64371</guid>
                <pubDate>Sun, 17 Dec 2023 13:17:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-12/animal-box-office-collection.png"                         length="475649"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एनिमल ने वर्ल्डवाइड 717.46 करोड़ की कमाई की</title>
                                    <description><![CDATA[दुनिया भर में एनिमल की कमाई 717 करोड़ रुपये से अधिक हो गयी है। फिल्म एनिमल ने सनी देओल की फिल्म गदर-2 के रिकॉर्ड को भी पीछे कर दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/animal-earned-rs-71746-crore-worldwide/article-63932"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-11/animal-movie.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। बॉलीवुड के रॉकस्टार रणबीर कपूर की फिल्म एनिमल ने वर्ल्डवाइड 717.46 करोड़ की कमाई कर ली है। संदीप रेड्डी वांगा निर्देशित एनिमल में रणबीर कपूर,अनिल कपूर, रश्मिका मंदाना, बॉबी देओल और तृप्ति डिमरी जैसे कलाकार प्रमुख भूमिका में हैं। फिल्म एनिमल 01 दिसंबर को रिलीज हुयी है। फिल्म एनिमल ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा दिया है। एनिमल का बॉक्स ऑफिस पर जलवा बरकरार है।एनिमल में रणबीर कपूर और बॉबी देओल की एक्टिंग दर्शको के द्वारा काफी पसंद की जा रही है।</p>
<p>दुनिया भर में एनिमल की कमाई 717 करोड़ रुपये से अधिक हो गयी है। फिल्म एनिमल ने सनी देओल की फिल्म गदर-2 के रिकॉर्ड को भी पीछे कर दिया है। गदर-2 ने पूरी दुनिया भर में 691.08 करोड़ का लाइफटाइम कलेक्शन किया था।व्लर्डवाइड क्लेकशन के मामले में फिल्म एनिमल 2023 की तीसरी सबसे ज्यादा कमाने वाली हिंदी फिल्म बन गई है। 1148 करोड़ के साथ जवान पहले नंबर पर है। इसके अलावा पठान 1050 करोड़ के साथ दूसरे नंबर पर है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/animal-earned-rs-71746-crore-worldwide/article-63932</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/animal-earned-rs-71746-crore-worldwide/article-63932</guid>
                <pubDate>Mon, 11 Dec 2023 15:16:40 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-11/animal-movie.png"                         length="305216"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        